स्वयं निर्माण योजना
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🌿 प्राकृतिक सब्जी बीज किट – वर्षा ऋतु विशेष 🌧️
Prakritik Sampada प्रस्तुत करता है – एक घर, एक बगिया

🎁 इस किट में आपको 38+ देसी सब्जियों के बीज मिलेंगे, जिनमें शामिल हैं:

पकचोई, फूल गोभी, पत्ता गोभी, पालक, लाल चौलाई भाजी, हरी चौलाई भाजी, नोनिया भाजी, धनिया, अमाड़ी, भरता वाला बैंगन, भरवा कांटे वाला बैंगन, टमाटर, ऊपर की ओर लगने वाली सूर्या मिर्ची, चेरी टमाटर, पपीता, लाल भिन्डी, हरी भिन्डी, सफेद मक्का, पीली पॉपकॉर्न मक्का, लाल मक्का, बेल वाली लोबिया, ग्वार फली, देसी सहजन, बहु वर्षीय अरहर, गिलकी, तोरई, करेला, झुमका तोरई, लौकी, छोटा कद्दू, खीरा, कौंच, सफेद सेम, बहु वर्षीय बोनी सेम, चिचिंडा, फूट, ककोड़ा, पेठा, लाल प्याज, पालक पत्ता मूली जैसी अनेक प्रकार की देशज सब्जियाँ।

🌱 ये बीज पूरी तरह देसी व पारंपरिक हैं, जो आपकी रसोई को शुद्ध, स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर बनाएंगे।

⚠️ बीजों की अंकुरण क्षमता मौसम, क्षेत्रीय परिस्थितियों और रोपण विधि पर निर्भर करती है।

📦 मूल्य: ₹399 प्रति किट
📮 All India Delivery Available
📞 संपर्क करें: 9772828072 (WhatsApp/Call)

🛒 घर की छत, गार्डन या खेत में लगाएं प्राकृतिक सब्जियाँ – और बनाएं अपना भोजन शुद्ध और भरोसेमंद।

प्राकृतिक संपदा – देसी बीजों की एक विश्वसनीय पहल
🌿 जीवनदाता, जीवन बचाएं

📅 29 जून 2025
📍 जयपुर
समय: 11:00 AM

आदरणीय सेवा मित्रों

पेशेंट दिव्या पारीक, ब्लड ग्रुप B+, हेतु 5 यूनिट रक्त की आवश्यकता है।
वे रुंगटा हॉस्पिटल, जयपुर में एडमिट हैं।

11 वर्षीय इस बच्ची के हृदय में छेद था, जिसकी बायपास सर्जरी सफलतापूर्वक हो चुकी है।
परिवार विजयनगर के पास चापानेरी गांव से हैं। तीन परिजन रक्तदान के लिए उपलब्ध हैं।

अब इन्हें किसी भी ब्लड ग्रुप के 2-3 सेवाभावी रक्तदाताओं की अत्यंत आवश्यकता है।

संपर्क करें: 8946920828
🙏 मदद करें दोस्तों

❤️ रक्तदान सबसे बड़ा उपहार
🌿 प्राकृतिक सब्जी बीज किट – वर्षा ऋतु विशेष 🌧️
Prakritik Sampada प्रस्तुत करता है – एक घर, एक बगिया 🏡

🎁 इस खास किट में आपको मिलेंगे 38+ देशज सब्जियों के बीज, जिनमें शामिल हैं:

🥬 पकचोई
🥦 फूल गोभी
🥗 पत्ता गोभी
🌿 पालक
🍀 लाल चौलाई भाजी
🌱 हरी चौलाई भाजी
🌿 नोनिया भाजी
🌿 धनिया
🌿 अमाड़ी
🍆 भरता वाला बैंगन
🍆 भरवा कांटे वाला बैंगन
🍅 टमाटर
🌶️ ऊपर की ओर लगने वाली सूर्या मिर्ची
🍅 चेरी टमाटर
🍈 पपीता
🟥 लाल भिन्डी
🟩 हरी भिन्डी
🌽 सफेद मक्का
🌽 पीली पॉपकॉर्न मक्का
🌽 लाल मक्का
🫘 बेल वाली लोबिया
🫘 ग्वार फली
🌳 देसी सहजन
🌿 बहु वर्षीय अरहर
🥒 गिलकी
🥒 तोरई
🥒 करेला
🥒 झुमका तोरई
🎃 लौकी
🎃 छोटा कद्दू
🥒 खीरा
🌿 कौंच
🫘 सफेद सेम
🫘 बहु वर्षीय बोनी सेम
🥒 चिचिंडा
🎃 फूट
🥒 ककोड़ा
🎃 पेठा
🧅 लाल प्याज
🥬 पालक पत्ता मूली

🌱 ये सभी बीज पूरी तरह देसी व पारंपरिक हैं –
आपकी रसोई को बनाएँगे शुद्ध, स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर।

⚠️ बीजों की अंकुरण क्षमता मौसम, क्षेत्रीय परिस्थितियों और रोपण विधि पर निर्भर करती है।

📦 मूल्य: ₹399 प्रति किट
📮 All India Delivery Available
📞 संपर्क करें: 9772828072 (WhatsApp / Call)

🛒 छत हो, गार्डन हो या खेत –
अब उगाइए अपनी खुद की प्राकृतिक सब्जियाँ और बनाइए भोजन शुद्ध और भरोसेमंद।

🌿 प्राकृतिक संपदा – देसी बीजों की एक विश्वसनीय पहल।
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(सेवा और समर्पण)
सेवा का आरंभ अपने घर से

जो अपने घर में स्नेह नहीं दे सकता, वह बाहर सेवा का ढोंग ही कर सकता है। सेवा की पहली पाठशाला हमारा घर है — माता-पिता, दादी-दादा, छोटे भाई-बहन, सब हमारे पहले सहयात्री हैं।
बूढ़ी माँ के पाँव दबाना, थके पिता को पानी देना, भाई-बहन के काम में हाथ बँटाना — यही तो सेवा है जो हमें भीतर से माँजती है। बाहर की सेवा तभी सच्ची होती है जब वह घर से निकली हो, वरना वह केवल दिखावा है।

🌿 घर की सेवा, अंतर की साधना
(सेवा का संदेश)
(हम भारत के प्रहरी)
🇮🇳स्वदेशी अपनाओ, आत्मबल बढ़ाओ

विदेशी वस्तुओं की चकाचौंध में हम अपने देश के श्रम और स्वाभिमान को भूल जाते हैं। हर वह वस्तु जो भारत में बनी है, उसमें किसी न किसी भारतीय का पसीना और परिश्रम जुड़ा है। जब हम स्वदेशी अपनाते हैं, तो हम सिर्फ सामान नहीं खरीदते — हम किसी का रोजगार, किसी किसान की फसल, किसी दस्तकार की आशा को चुनते हैं। यह केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की ओर एक मजबूत कदम है।

🌿हर खरीद बने देशसेवा
📘(अपना देश, अपनी शान)
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*🫶 खुला संवाद, गहरा संबंध*

पति-पत्नी के रिश्ते की मिठास पारदर्शिता से बढ़ती है। जब दोनों एक-दूसरे से बिना झिझक अपने विचार, भावनाएं और चिंताएं साझा करते हैं, तब विश्वास और अपनापन गहरा होता है। पारदर्शिता का मतलब है – न कुछ छुपाना, न दिखावा करना। यह आदत छोटे-छोटे मतभेदों को बड़े विवाद बनने से रोकती है और रिश्ते में स्थायित्व लाती है। सच्चा दांपत्य वहीं है जहाँ दिल और वचन दोनों साफ हों।

*🕯️ सच में छिपा समर्पण*
2
*🌿 शरीर पंच तत्वों का मेल*

प्रकृति के पाँच तत्व—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—मानव शरीर की रचना के मूल आधार हैं। शरीर की हड्डियाँ और मांस पृथ्वी तत्व से, रक्त और अन्य द्रव्य जल से, जठराग्नि और ऊष्मा अग्नि से, श्वास वायु से, और चेतना आकाश तत्व से जुड़ी होती है। इन तत्वों का संतुलन ही अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। योग, प्राणायाम और आयुर्वेद इन पंच तत्वों को संतुलित करने के माध्यम हैं। जब ये तत्व संतुलित होते हैं, तो शरीर और मन दोनों में शांति और ऊर्जा बनी रहती है। इसीलिए मानव शरीर को 'मिट्टी का पुतला' नहीं, प्रकृति का जीवंत प्रतिबिंब कहा गया है।

*🌿 पंच तत्वों से बना शरीर*
🌿 प्राकृतिक सब्जी बीज किट – वर्षा ऋतु विशेष 🌧️
Prakritik Sampada प्रस्तुत करता है – एक घर, एक बगिया 🏡

🎁 इस खास किट में आपको मिलेंगे 38+ देशज सब्जियों के बीज, जिनमें शामिल हैं:

🥬 पकचोई
🥦 फूल गोभी
🥗 पत्ता गोभी
🌿 पालक
🍀 लाल चौलाई भाजी
🌱 हरी चौलाई भाजी
🌿 नोनिया भाजी
🌿 धनिया
🌿 अमाड़ी
🍆 भरता वाला बैंगन
🍆 भरवा कांटे वाला बैंगन
🍅 टमाटर
🌶️ ऊपर की ओर लगने वाली सूर्या मिर्ची
🍅 चेरी टमाटर
🍈 पपीता
🟥 लाल भिन्डी
🟩 हरी भिन्डी
🌽 सफेद मक्का
🌽 पीली पॉपकॉर्न मक्का
🌽 लाल मक्का
🫘 बेल वाली लोबिया
🫘 ग्वार फली
🌳 देसी सहजन
🌿 बहु वर्षीय अरहर
🥒 गिलकी
🥒 तोरई
🥒 करेला
🥒 झुमका तोरई
🎃 लौकी
🎃 छोटा कद्दू
🥒 खीरा
🌿 कौंच
🫘 सफेद सेम
🫘 बहु वर्षीय बोनी सेम
🥒 चिचिंडा
🎃 फूट
🥒 ककोड़ा
🎃 पेठा
🧅 लाल प्याज
🥬 पालक पत्ता मूली

🌱 ये सभी बीज पूरी तरह देसी व पारंपरिक हैं –
आपकी रसोई को बनाएँगे शुद्ध, स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर।

⚠️ बीजों की अंकुरण क्षमता मौसम, क्षेत्रीय परिस्थितियों और रोपण विधि पर निर्भर करती है।

📦 मूल्य: ₹399 प्रति किट
📮 All India Delivery Available
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मात्र कुछ किट शेष / Only Few Kits Left
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🥛 *भाद्रपद मास में दही-छाछ वर्जित क्यों?*

भाद्रपद (भादो) माह वर्षा ऋतु का अंतिम चरण होता है। इस समय वातावरण में आर्द्रता अधिक और पाचन अग्नि कमजोर रहती है।
दही और छाछ में कफवर्धक गुण होते हैं, जो इस मौसम में शरीर में बलगम, त्वचा रोग और पाचन संबंधी समस्याएँ उत्पन्न कर सकते हैं।

वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो वर्षा ऋतु में हवा में नमी और जीवाणुओं की अधिकता रहती है। दही में बैक्टीरिया की संख्या सामान्य से अधिक सक्रिय हो जाती है, जिससे संक्रमण, एलर्जी और पेट की गड़बड़ियाँ बढ़ने का खतरा रहता है।

इसीलिए भाद्रपद मास में दही-छाछ का सेवन निषिद्ध माना गया है। यह केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संरक्षण हेतु वैज्ञानिक नियम भी है।

🌿 *स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धर्म*
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🌕 *शरद पूर्णिमा की दिव्यता*

शरद पूर्णिमा की रात शांति, प्रकाश और ऊर्जा से भरी होती है। यह वह क्षण है जब चंद्रमा अपनी पूर्ण ज्योति के साथ पृथ्वी पर अमृत बरसाता है। परंपरा है कि इस रात में मन को निर्मल रखकर ध्यान या प्रार्थना की जाए, जिससे आत्मा में शीतलता और संतुलन उत्पन्न होता है। यह रात केवल उत्सव नहीं, आत्मिक शुद्धि का अवसर भी है। चाँदनी में बैठकर मौन साधना करना जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता भर देता है। आज की रात, अपनी आत्मा को चंद्र की शीतलता से जोड़िए।

🌿 *चाँदनी में शांति खोजो*
🌸 *दीपावली की पावन शुभकामनाएँ*

*दीपावली सिर्फ दीपों का त्योहार नहीं,* यह *मन के अंधकार को मिटाने का अवसर* है। जब हम भीतर के द्वार खोलते हैं, तब असली रोशनी प्रकट होती है। *प्रेम, क्षमा और आभार के दीप* ही जीवन को प्रकाशित करते हैं। इस बार दीये घर में नहीं, *दिल में जलाइए।*

🌼 *भीतर की रोशनी जगाओ*
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🌿 *आयुर्वेद जीवन का विज्ञान*

आयुर्वेद सिर्फ बीमारी की दवा नहीं,
ये *जीवन जीने की कला* है।
यह सिखाता है कि कब क्या खाना,
कैसे रहना और *मन को कैसे शांत रखना* है।
जब दिनचर्या प्रकृति के साथ चलती है,
तो स्वास्थ्य *स्वाभाविक रूप से* बना रहता है।

🌸 *प्रकृति संग रहो, स्वस्थ रहो*
Forwarded from Sw Atmo Prabodh
01 Sukh-Dukh ka karan- Man, EDS-1B, 41.mp3
18.7 MB
आनंद के सूत्र-01
🌿 *प्रकृति से मिलने वाली प्रेरणा*

प्रकृति सिखाती है कि हर कठिनाई के बाद एक नया मौसम आता है। पेड़ गिरकर भी फिर से उगते हैं, सूरज हर दिन नई शुरुआत करता है। जब हम प्रकृति को देखते हैं, तो धैर्य, संतुलन और सादगी अपने आप सीख लेते हैं। *प्रकृति मौन है, पर हर पल सिखाती है।*

🌸 *धरती सबसे बड़ी गुरु है*
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🌿 *प्रकृति के संग सच्ची शांति*

प्रकृति के पास बैठना मन को सबसे गहरी शांति देता है। पत्तों की सरसराहट, पक्षियों की चहचहाहट और हवा की नरमी भीतर की बेचैनी को मिटा देती है। *थोड़ा समय पेड़ों, मिट्टी और आसमान के साथ बिताओ*, तनाव खुद-ब-खुद दूर हो जाएगा। प्रकृति में मौन भी बोलता है।

🌸 *प्रकृति संग मन का संतुलन*
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