*आपका जीवन साथी कौन है?*
माँ
पिता
बीवी
बेटा
पति
बेटी
दोस्त...????
बिल्कुल नहीं*
*आपका असली जीवनसाथी*
*आपका शरीर है ..*एक बार जब आपका शरीर जवाब देना बंद कर देता है तो कोई भी आपके साथ नहीं है।*
आप और आपका शरीर जन्म से लेकर मृत्यु तक एक साथ रहते हैं।*
जितना अधिक आप इसकी परवाह करते हैं, उतना ही ये आपका साथ निभाएगा।*
आप क्या खाते हो?*
*फ़िट होने के लिए आप क्या करते हैं?*
*आप तनाव से कैसे निपटते हैं?*आप कितना आराम करते हैं?*
*आपका शरीर वैसा ही जवाब देगा।*
*याद रखें कि आपका शरीर एकमात्र स्थायी पता है जहां आप रहते हैं।*
आपका शरीर आपकी संपत्ति है, जो कोई और साझा नही कर सकता ।*आपका शरीर आपकी ज़िम्मेदारी है।*इसलिये,*आप हो इस के असली जीवनसाथी।*हमेशा के लिए फिट रहिए*
*अपना ख्याल रखिए,*
*पैसा आता है और चला जाता है*रिश्तेदार और दोस्त भी स्थायी नही हैं।*आते हैं चले जाते हे याद रखिये,*कोई भी आपके अलावा आपके शरीर की मदद नहीं कर सकता है।*आप रोज करें:-*
*अच्छा भोजन - आंतों के लिए*
*अच्छे विचार - आत्मा के लिए*
*अच्छे कर्म - दुनिया के लिए*
*इसलिए स्वस्थ रहिए, फिट रहिए और मेरे साथ फोरेवर जरूर करिए अपने अतिरिक्त समय मे और जीवन भर प्रसन्न रहिए।*
😊✍🙏
माँ
पिता
बीवी
बेटा
पति
बेटी
दोस्त...????
बिल्कुल नहीं*
*आपका असली जीवनसाथी*
*आपका शरीर है ..*एक बार जब आपका शरीर जवाब देना बंद कर देता है तो कोई भी आपके साथ नहीं है।*
आप और आपका शरीर जन्म से लेकर मृत्यु तक एक साथ रहते हैं।*
जितना अधिक आप इसकी परवाह करते हैं, उतना ही ये आपका साथ निभाएगा।*
आप क्या खाते हो?*
*फ़िट होने के लिए आप क्या करते हैं?*
*आप तनाव से कैसे निपटते हैं?*आप कितना आराम करते हैं?*
*आपका शरीर वैसा ही जवाब देगा।*
*याद रखें कि आपका शरीर एकमात्र स्थायी पता है जहां आप रहते हैं।*
आपका शरीर आपकी संपत्ति है, जो कोई और साझा नही कर सकता ।*आपका शरीर आपकी ज़िम्मेदारी है।*इसलिये,*आप हो इस के असली जीवनसाथी।*हमेशा के लिए फिट रहिए*
*अपना ख्याल रखिए,*
*पैसा आता है और चला जाता है*रिश्तेदार और दोस्त भी स्थायी नही हैं।*आते हैं चले जाते हे याद रखिये,*कोई भी आपके अलावा आपके शरीर की मदद नहीं कर सकता है।*आप रोज करें:-*
*अच्छा भोजन - आंतों के लिए*
*अच्छे विचार - आत्मा के लिए*
*अच्छे कर्म - दुनिया के लिए*
*इसलिए स्वस्थ रहिए, फिट रहिए और मेरे साथ फोरेवर जरूर करिए अपने अतिरिक्त समय मे और जीवन भर प्रसन्न रहिए।*
😊✍🙏
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👉मनोहर पर्रिकर जी चले गये, सुषमा जी चली गई, जेटली जी चले गये, झुनझुनवाला चले गये…..
इन सब घटनाओं से आपने क्या सीखा, ये सब बुढापे की मौत नही गये, ये सब किसी ना किसी बीमारी से ग्रसित थे,
आप ये भी नही कह सकते कि इनके खानपान में कोई कमी होगी, 24 घंटे उत्तम स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध थी, विश्व के सब ऐशो आराम इनको उपलब्ध थे फिर आखिर क्या हुआ कि इनकी मौत समय से पहले हो गई ।*एक अत्यधिक शारारिक आराम और दूसरी अत्याधिक चिंता या अत्याधिक मानसिक थकान।*
बस इन्ही चीजों से आप अपने आप को बचाइये, जीवन में कभी कोई गंभीर व्याधि नही आयेगी।
👉 *हॉस्पिटल बिजनेस के लिये* *होता है न कि आपके स्वास्थ्य के लिये*।
👉 *किसी के लिए भी कभी भूखा प्यासा रहकर कार्य ना करें, अपने बच्चों के लिए भी नही, क्योंकि आपका शरीर स्वस्थ है तो आप हैं और आप हैं तो उनको भी सहारा दे ही सकते हैं*
👉 *इच्छाओं का अंत नही होता अतः संतुष्ट रहना भी सीखें*।
इन सब घटनाओं से आपने क्या सीखा, ये सब बुढापे की मौत नही गये, ये सब किसी ना किसी बीमारी से ग्रसित थे,
आप ये भी नही कह सकते कि इनके खानपान में कोई कमी होगी, 24 घंटे उत्तम स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध थी, विश्व के सब ऐशो आराम इनको उपलब्ध थे फिर आखिर क्या हुआ कि इनकी मौत समय से पहले हो गई ।*एक अत्यधिक शारारिक आराम और दूसरी अत्याधिक चिंता या अत्याधिक मानसिक थकान।*
बस इन्ही चीजों से आप अपने आप को बचाइये, जीवन में कभी कोई गंभीर व्याधि नही आयेगी।
👉 *हॉस्पिटल बिजनेस के लिये* *होता है न कि आपके स्वास्थ्य के लिये*।
👉 *किसी के लिए भी कभी भूखा प्यासा रहकर कार्य ना करें, अपने बच्चों के लिए भी नही, क्योंकि आपका शरीर स्वस्थ है तो आप हैं और आप हैं तो उनको भी सहारा दे ही सकते हैं*
👉 *इच्छाओं का अंत नही होता अतः संतुष्ट रहना भी सीखें*।