राज कैसे पहुँच गए ग़ैरों तक ?
मशवरे तो हमने अपनों से किए थे !!
मशवरे तो हमने अपनों से किए थे !!
होगी तेरी जीत, तुझे अब चलना होगा,
पत्थर जैसे दिलों पर भी असर करना होगा।
प्यार दे उन सबको, जिन्हें प्यार की चाह है,
नफ़रत के हर चेहरे पर वार करना होगा।
हालातों का दोष किसी और को क्या देना,
अपनी ही कमियों को पहले परखना होगा।
पत्थर जैसे दिलों पर भी असर करना होगा।
प्यार दे उन सबको, जिन्हें प्यार की चाह है,
नफ़रत के हर चेहरे पर वार करना होगा।
हालातों का दोष किसी और को क्या देना,
अपनी ही कमियों को पहले परखना होगा।
उठे हैं हाथ जो दिल से किसी दरवेश की ख़ातिर,
वही दुआ हर इक मुश्किल को आसान बनाती है।
सुख़न का ये सिला है या करम है मेरे मौला का,
ग़ज़ल हर शब मेरे तकिए पे आकर मुस्कुराती है।
चमन में जब उतरती है बहारों की हसीं रुत भी,
हवा भी झूमकर तब ज़िंदगी के गीत गाती है।
भैरव
वही दुआ हर इक मुश्किल को आसान बनाती है।
सुख़न का ये सिला है या करम है मेरे मौला का,
ग़ज़ल हर शब मेरे तकिए पे आकर मुस्कुराती है।
चमन में जब उतरती है बहारों की हसीं रुत भी,
हवा भी झूमकर तब ज़िंदगी के गीत गाती है।
भैरव
कदमों के निशाँ अब भी सलामत हैं,
इस राह ने तुझको कहाँ भुलाया है।
दर्पण
इस राह ने तुझको कहाँ भुलाया है।
दर्पण
*रिश्ते निभाने के हुनर सीखिए जनाब*
*धोखे का क्या है, पूरी दुनिया देती है.*
*धोखे का क्या है, पूरी दुनिया देती है.*
"हमने छोड़ दिया उसे मनाना,
अब उसे फर्क पड़े… इतना भी हक़ नहीं रहा…"
अब उसे फर्क पड़े… इतना भी हक़ नहीं रहा…"
जो दगा देते थे सदा हमको,
याद करते वो नेकियाँ मेरी।
Bhairav
याद करते वो नेकियाँ मेरी।
Bhairav
रोता है मन हरपल पर आँखों से आंसू नहीं आते
दर्द है सीने में समंदर जितना, होठो पर नहीं आते
मुस्कुराहटो के पीछे छीपाये है सारे जखम मेने
किसी हकीम को भी अब वो नज़र नहीं आते
सिख लिया जीना तेरे वगैरह भी ओ ज़ालिम मेने
बस तन्हाईयों में खुद को रोते हम रोक नहीं पाते
दर्द है सीने में समंदर जितना, होठो पर नहीं आते
मुस्कुराहटो के पीछे छीपाये है सारे जखम मेने
किसी हकीम को भी अब वो नज़र नहीं आते
सिख लिया जीना तेरे वगैरह भी ओ ज़ालिम मेने
बस तन्हाईयों में खुद को रोते हम रोक नहीं पाते
ए खुदा हम कहां वाकिफ थे छल और फरेब से…!
हमें तो लगता था जो जैसा दिखता है वैसा ही होगा..!!
हमें तो लगता था जो जैसा दिखता है वैसा ही होगा..!!
मैं उसको भा गया हूँ ये मेरा मसला नहीं है...
उसका इलाज़ कीजिए उसकी पसन्द बहुत बुरी है...
उसका इलाज़ कीजिए उसकी पसन्द बहुत बुरी है...
मेरे होते हुए जब तुझको फ़िक्र नहीं थी....
मेरे ना होने से तुझे क्या फर्क पड़ेगा🥺
Bhairav
मेरे ना होने से तुझे क्या फर्क पड़ेगा🥺
Bhairav
मैं अपनी ही नज़र में गिर गया था,
मेरी आवाज़ क्यों ऊँची हुई थी।
खुली रह गईं आख़िर वो निगाहें,
मेरे आने में कुछ देरी हुई थी।
मेरी आवाज़ क्यों ऊँची हुई थी।
खुली रह गईं आख़िर वो निगाहें,
मेरे आने में कुछ देरी हुई थी।
परिंदा सा नाजुक दिल मेरा
कमबख्त दरिंदों की बस्ती में उलझ गया..💔
कमबख्त दरिंदों की बस्ती में उलझ गया..💔
सूखे पत्तों की तरह बिखरे हुए थे हम,
किसी ने समेटा भी तो... सिर्फ़ जलाने के लिए।
हम तो हवाओं से भी रिश्ते निभा लेते,
पर लोग मिले ही थे हमें आज़माने के लिए।
हर बार दिल ने ही कीमत चुकाई है यहाँ,
लोग आते रहे बस दिल दुखाने के लिए।
जिसे चाहा था हमने खुद से भी बढ़कर,
वो ही मिला हमें कहानी बनाने के लिए।
अब ख़ामोशी ही बेहतर लगती है “वफ़ा” से,
कौन जीता है यहाँ किसी को निभाने के लिए…
किसी ने समेटा भी तो... सिर्फ़ जलाने के लिए।
हम तो हवाओं से भी रिश्ते निभा लेते,
पर लोग मिले ही थे हमें आज़माने के लिए।
हर बार दिल ने ही कीमत चुकाई है यहाँ,
लोग आते रहे बस दिल दुखाने के लिए।
जिसे चाहा था हमने खुद से भी बढ़कर,
वो ही मिला हमें कहानी बनाने के लिए।
अब ख़ामोशी ही बेहतर लगती है “वफ़ा” से,
कौन जीता है यहाँ किसी को निभाने के लिए…
""ओर जो चाहकर भी पूरी ना हो सकी...
उन अधूरी ख्वाहिशों में एक तेरा नाम भी है...!
उन अधूरी ख्वाहिशों में एक तेरा नाम भी है...!
ऐसे ही ये सांवला रंग .....पसंद नहीं आया हमें,
पसंद बनाने के लिए बहुत चाय पिलाई गई थी।
दर्पण
पसंद बनाने के लिए बहुत चाय पिलाई गई थी।
दर्पण
सँवला गई धूप भी वक्त के सामने
खराबी तो शहर में है इंसा में नहीं क्या
खराबी तो शहर में है इंसा में नहीं क्या
तुम बिन नहीं लगता अब दिल हमारा ।
काश मेरे जैसा ही हाल होता तुम्हारा ।।
काश मेरे जैसा ही हाल होता तुम्हारा ।।
बड़े महंगे होते हैं। सांवले रंग वालें ।
ये हर किसी की पसंद नहीं बनते... See more
ये हर किसी की पसंद नहीं बनते... See more
काश वो लौट आए किसी बहाने से
काश वो मान जाए मेरे मनाने से
काश वो समझ जाए मेरे समझाने से
काश वो लौट आए किसी बहाने से
काश वो मान जाए मेरे मनाने से
काश वो समझ जाए मेरे समझाने से
काश वो लौट आए किसी बहाने से