क्योंकि अब यह सब के लिए निशुल्क है और हम सभी इस पर प्रैक्टिस कर सकते हैं मैं प्रोग्रामर वाले ग्रुप में इस मैसेज को शेयर करने की कोशिश कर रहा था लेकिन नहीं हुआ क्या कोई रिस्ट्रिक्शन है वहां
I request all to pls once go through it and if any difficulty or issue pls share
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जैसा कि हम सभी जानते हैं, देश की सुरक्षा के लिए हमारी सेनाएं पूर्ण समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में इंटरनेट और साइबर स्पेस के बढ़ते दायरे तथा लगभग प्रत्येक उद्योग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) डिवाइस, इंडस्ट्रियल कंट्रोल सिस्टम आदि में साइबर तकनीक के गहन उपयोग के कारण, अब युद्ध केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि साइबर युद्ध (Cyber Warfare) के रूप में भी लड़ा जा रहा है, जो अपने आप में अत्यंत घातक है।
इसी क्रम में, देश की सभी सुरक्षा एजेंसियों, राज्य सरकारों एवं विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के अधिकारियों को इस प्रकार की चुनौतियों से निपटने हेतु भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशन में, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गुजरात (National Defence University), जो राष्ट्रीय सुरक्षा के सभी पहलुओं पर कार्यरत है, तथा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (National Security Council Secretariat) द्वारा संयुक्त रूप से, इंडियन एवियशन अकैडमी, नई दिल्ली में 21 जुलाई से 1 अगस्त तक एक साइबर युद्ध अभ्यास (Cyber Warfare Public Mock Drill) आयोजित किया गया।
राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग का प्रतिनिधित्व करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के पहले सप्ताह में हमें क्लाइंट हार्डनिंग, सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (SOC), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन साइबर सिक्योरिटी सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया।
दूसरे सप्ताह में, सभी प्रतिभागियों को 10-10 के समूह में विभाजित कर, उनकी ब्लू टीम बनाई गई और सैकड़ों वर्चुअल मशीनों के माध्यम से आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर की रक्षा करने हेतु, इंडियन आर्मी की प्रशिक्षित रेड टीम के साथ रियल-टाइम साइबर अटैक-डिफेंस अभ्यास कराया गया। यह लाइव फायर एक्सरसाइज लगातार 5 दिनों तक चली, जिसमें विभिन्न टीमों ने अपनी तकनीकी क्षमता के अनुसार अपने-अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का बचाव किया।
इस दौरान समानांतर रूप से कैप्चर द फ्लैग (CTF) इवेंट भी आयोजित हुआ, जिसमें जटिल साइबर सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करना था।
मेरे दल को प्राप्त सबसे कठिन कार्यों में से एक था — एक रैनसमवेयर एक्सीक्यूटेबल द्वारा एन्क्रिप्ट किए गए सिस्टम डेटा की डिक्रिप्शन कुंजी निकालना। इसके लिए मैंने मैलवेयर विश्लेषण एवं रिवर्स इंजीनियरिंग कर, सोर्स कोड और विभिन्न टूल्स (Kali Linux, Python आदि) की मदद से की-जनरेशन प्रक्रिया को सिम्युलेट किया और प्रत्येक सिस्टम के लिए अलग-अलग उत्पन्न होने वाली कुंजी सफलतापूर्वक प्राप्त की।
लगभग 3-4 रातों तक केवल 2 घंटे की नींद लेकर, टीम के साथ सभी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए, जिसके परिणामस्वरूप *हमारी टीम ने देशभर में तृतीय स्थान प्राप्त किया।*
मेरी टीम में सीबीआई, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर, डीआरडीओ, इंडियन एयर फोर्स जैसी देश की प्रतिष्ठित एजेंसीज के सदस्य शामिल थे
*मुख्य अतिथि Sh T.V. Ravi Chandran IPS भारत के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (Team NSA Ajit Doval Sir) द्वारा हमें कांस्य पदक प्रदान किए गए।*
इसी क्रम में, देश की सभी सुरक्षा एजेंसियों, राज्य सरकारों एवं विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के अधिकारियों को इस प्रकार की चुनौतियों से निपटने हेतु भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशन में, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गुजरात (National Defence University), जो राष्ट्रीय सुरक्षा के सभी पहलुओं पर कार्यरत है, तथा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (National Security Council Secretariat) द्वारा संयुक्त रूप से, इंडियन एवियशन अकैडमी, नई दिल्ली में 21 जुलाई से 1 अगस्त तक एक साइबर युद्ध अभ्यास (Cyber Warfare Public Mock Drill) आयोजित किया गया।
राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग का प्रतिनिधित्व करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के पहले सप्ताह में हमें क्लाइंट हार्डनिंग, सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (SOC), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन साइबर सिक्योरिटी सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया।
दूसरे सप्ताह में, सभी प्रतिभागियों को 10-10 के समूह में विभाजित कर, उनकी ब्लू टीम बनाई गई और सैकड़ों वर्चुअल मशीनों के माध्यम से आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर की रक्षा करने हेतु, इंडियन आर्मी की प्रशिक्षित रेड टीम के साथ रियल-टाइम साइबर अटैक-डिफेंस अभ्यास कराया गया। यह लाइव फायर एक्सरसाइज लगातार 5 दिनों तक चली, जिसमें विभिन्न टीमों ने अपनी तकनीकी क्षमता के अनुसार अपने-अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का बचाव किया।
इस दौरान समानांतर रूप से कैप्चर द फ्लैग (CTF) इवेंट भी आयोजित हुआ, जिसमें जटिल साइबर सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करना था।
मेरे दल को प्राप्त सबसे कठिन कार्यों में से एक था — एक रैनसमवेयर एक्सीक्यूटेबल द्वारा एन्क्रिप्ट किए गए सिस्टम डेटा की डिक्रिप्शन कुंजी निकालना। इसके लिए मैंने मैलवेयर विश्लेषण एवं रिवर्स इंजीनियरिंग कर, सोर्स कोड और विभिन्न टूल्स (Kali Linux, Python आदि) की मदद से की-जनरेशन प्रक्रिया को सिम्युलेट किया और प्रत्येक सिस्टम के लिए अलग-अलग उत्पन्न होने वाली कुंजी सफलतापूर्वक प्राप्त की।
लगभग 3-4 रातों तक केवल 2 घंटे की नींद लेकर, टीम के साथ सभी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए, जिसके परिणामस्वरूप *हमारी टीम ने देशभर में तृतीय स्थान प्राप्त किया।*
मेरी टीम में सीबीआई, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर, डीआरडीओ, इंडियन एयर फोर्स जैसी देश की प्रतिष्ठित एजेंसीज के सदस्य शामिल थे
*मुख्य अतिथि Sh T.V. Ravi Chandran IPS भारत के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (Team NSA Ajit Doval Sir) द्वारा हमें कांस्य पदक प्रदान किए गए।*
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🎯 Certified Ethical Hacker (CEH v13) – Second Time!
Grateful to my Department DOIT&C Government of Rajasthan for providing continuous opportunities for knowledge enhancement and skill development in the field of Cyber Security.
Continuous learning is the real key to staying ahead in this ever-evolving digital world 🔐💻
#CEH #CyberSecurity #DoITC #ContinuousLearning #Gratitude #skilldevelopment
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11 AM or 11 PM doesn’t matter… when you love your work. Just keep it real, positive & politics-free - State Data Center, Jaipur