"इश्क़ के बाज़ार में, हुस्न का मेला रह गया,
भीड़ तो लाखों की थी, मगर दिल अकेला रह गया..
'दिखावा करने वाले ले गए मोहब्बत सारी,
सिद्दत से चाहने वाला हर शख़्स अकेला रह गया.."
भीड़ तो लाखों की थी, मगर दिल अकेला रह गया..
'दिखावा करने वाले ले गए मोहब्बत सारी,
सिद्दत से चाहने वाला हर शख़्स अकेला रह गया.."
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तुम झूठ बोलते गए, सच पता होते हुए भी मैं खामोश रही,
मेरी वही खामोशी धीरे-धीरे मेरी बर्बादी बनती गई।
तुम जीतते रहे बातों से , मैं हारती रही अपने भरोसे से ,
पल - पल अंदर ही अंदर मैं टूट के बिखरती रही ।
कोशिश की तुम्हे तुम्हारी गलती का एहसास दिलाने की,
सब्र रखा धिरे धिरे ही सही तुम एक दिन समझोंगे सही ।
अंत में तुमने मुझे गलत साबित कर ही दिया ,
मेरे प्यार को मेरी ही जिंदगी की गलती बना ही दिया ।
#Poetry girl
मेरी वही खामोशी धीरे-धीरे मेरी बर्बादी बनती गई।
तुम जीतते रहे बातों से , मैं हारती रही अपने भरोसे से ,
पल - पल अंदर ही अंदर मैं टूट के बिखरती रही ।
कोशिश की तुम्हे तुम्हारी गलती का एहसास दिलाने की,
सब्र रखा धिरे धिरे ही सही तुम एक दिन समझोंगे सही ।
अंत में तुमने मुझे गलत साबित कर ही दिया ,
मेरे प्यार को मेरी ही जिंदगी की गलती बना ही दिया ।
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