For LDC EXAM
DAY - 28
...
बहुव्रीहि समास
गजानन - गज के समान मुख है जिसका (गणेश)
लंबोदर - लंबा है उदर (पेट) जिनका (गणेश)
नीलकंठ - नीला है कंठ जिनका (शिव)
चक्रधर - चक्र धारण करने वाले (विष्णु)
पीतांबर - पीले हैं अंबर (वस्त्र) जिनके (कृष्ण)
चतुर्भुज - चार हैं भुजाएं जिनकी (विष्णु)
गिरिधर - गिरि (पहाड़) को धारण करने वाले (कृष्ण)
चक्रपाणि - चक्र है पानी (हाथ) में जिसके (विष्णु)
षडानन - छह हैं आनन (मुख) जिसके (कार्तिकेय)
दिगंबर - दिशाएं ही हैं वस्त्र जिसके (शिव)
चंद्रशेखर - चंद्रमा है शिखर (मस्तक) पर जिनके (शिव)
त्रिलोचन - तीन हैं लोचन (आंखें) जिनके (शिव)
मधुसूदन - मधु नामक दैत्य को मारने वाले (कृष्ण)
शूलपाणि - शूल (त्रिशूल) है हाथ में जिसके (शिव)
शेषशायी - शेषनाग पर शयन करने वाले (विष्णु)
मुरारी - मुर दैत्य का अरि (शत्रु) (कृष्ण)
जगन्नाथ - जगत के नाथ हैं जो (कृष्ण)
पंचानन - पांच हैं आनन (मुख) जिसके (शिव)
हनुमान - हनु (ठुड्डी) है मान (लंबी) जिनकी (हनुमान)
त्रिनेत्र - तीन हैं नेत्र जिनके (शिव)
दशानन - दस हैं आनन (मुख) जिसके (रावण)
कंसाहारी - कंस का अरि (शत्रु) (कृष्ण)
मकरध्वज - मकर है ध्वज पर जिसके (कामदेव)
कामदेव - जो काम (इच्छा) का देवता है
मेघनाद - मेघ के समान नाद (आवाज़) है जिसका (रावण का पुत्र)
भानुकुलभूषण - भानु (सूर्य) के कुल के भूषण (राम)
बारहसिंगा - बारह सींग हैं जिसके (मृग विशेष)
सिंहवाहिनी - सिंह है वाहन जिसका (दुर्गा)
पतझड़ - झड़ते हैं पत्ते जिस ऋतु में (बसंत)
श्वेतांबर - श्वेत (सफेद) है अंबर (वस्त्र) जिनका (सरस्वती)
नीललोहित - नीला-लाल है रंग जिनका (शिव)
महावीर - महान वीर है जो (हनुमान)
मनसिज - मन में उत्पन्न होने वाला (कामदेव)
हिमसुता - हिम की सुता (पुत्री) (पार्वती)
सुखदाता - सुख देने वाला जो (ईश्वर)
दुखभंजन - दुखों का भंजन (नाश) करने वाला (ईश्वर)
DAY - 28
...
समास
बहुव्रीहि समास
गजानन - गज के समान मुख है जिसका (गणेश)
लंबोदर - लंबा है उदर (पेट) जिनका (गणेश)
नीलकंठ - नीला है कंठ जिनका (शिव)
चक्रधर - चक्र धारण करने वाले (विष्णु)
पीतांबर - पीले हैं अंबर (वस्त्र) जिनके (कृष्ण)
चतुर्भुज - चार हैं भुजाएं जिनकी (विष्णु)
गिरिधर - गिरि (पहाड़) को धारण करने वाले (कृष्ण)
चक्रपाणि - चक्र है पानी (हाथ) में जिसके (विष्णु)
षडानन - छह हैं आनन (मुख) जिसके (कार्तिकेय)
दिगंबर - दिशाएं ही हैं वस्त्र जिसके (शिव)
चंद्रशेखर - चंद्रमा है शिखर (मस्तक) पर जिनके (शिव)
त्रिलोचन - तीन हैं लोचन (आंखें) जिनके (शिव)
मधुसूदन - मधु नामक दैत्य को मारने वाले (कृष्ण)
शूलपाणि - शूल (त्रिशूल) है हाथ में जिसके (शिव)
शेषशायी - शेषनाग पर शयन करने वाले (विष्णु)
मुरारी - मुर दैत्य का अरि (शत्रु) (कृष्ण)
जगन्नाथ - जगत के नाथ हैं जो (कृष्ण)
पंचानन - पांच हैं आनन (मुख) जिसके (शिव)
हनुमान - हनु (ठुड्डी) है मान (लंबी) जिनकी (हनुमान)
त्रिनेत्र - तीन हैं नेत्र जिनके (शिव)
दशानन - दस हैं आनन (मुख) जिसके (रावण)
कंसाहारी - कंस का अरि (शत्रु) (कृष्ण)
मकरध्वज - मकर है ध्वज पर जिसके (कामदेव)
कामदेव - जो काम (इच्छा) का देवता है
मेघनाद - मेघ के समान नाद (आवाज़) है जिसका (रावण का पुत्र)
भानुकुलभूषण - भानु (सूर्य) के कुल के भूषण (राम)
बारहसिंगा - बारह सींग हैं जिसके (मृग विशेष)
सिंहवाहिनी - सिंह है वाहन जिसका (दुर्गा)
पतझड़ - झड़ते हैं पत्ते जिस ऋतु में (बसंत)
श्वेतांबर - श्वेत (सफेद) है अंबर (वस्त्र) जिनका (सरस्वती)
नीललोहित - नीला-लाल है रंग जिनका (शिव)
महावीर - महान वीर है जो (हनुमान)
मनसिज - मन में उत्पन्न होने वाला (कामदेव)
हिमसुता - हिम की सुता (पुत्री) (पार्वती)
सुखदाता - सुख देने वाला जो (ईश्वर)
दुखभंजन - दुखों का भंजन (नाश) करने वाला (ईश्वर)
❤9👍1
चित्तौड़गढ़ दुर्ग के द्वारों के समीप बनी छतरियों के संदर्भ में 'गलत' मिलान चुनिए:
Anonymous Quiz
12%
पाडन पोल — देवलिया के रावत बाघ सिंह का स्मारक
17%
भैरव पोल — वीर कल्ला राठौड़ की छतरी
26%
हनुमान पोल — जयमल व पत्ता की छतरियाँ
45%
राम पोल — मेदपाट के आमेर ठिकाने के पत्ता सिसोदिया का स्मारक
चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित 'नवलखा भंडार' का निर्माण किसने करवाया था?
Anonymous Quiz
32%
महाराणा कुम्भा
34%
बनवीर
24%
महाराणा उदयसिंह
9%
चित्रांगद मौर्य
❤1
रणथंभौर दुर्ग के 'प्रवेश द्वार' को किस नाम से जाना जाता है?
Anonymous Quiz
54%
नौलखा दरवाजा
15%
हाथी पोल
18%
त्रिपोलिया पोल
12%
सूरज पोल
❤2
1578 ई. में कुम्भलगढ़ दुर्ग को जीतने वाला एकमात्र मुगल सेनानायक था?
Anonymous Quiz
14%
मानसिंह
57%
शाहबाज खां
19%
आसफ खां
11%
जलाल खां
👍1
मेहरानगढ़ में स्थित 'फूल महल' का निर्माण किसने करवाया था?
Anonymous Quiz
18%
महाराजा अभय सिंह
58%
महाराजा अजीत सिंह
18%
महाराजा मानसिंह
6%
महाराजा सूरसिंह
❤2
For LDC EXAM
DAY - 29
...
अंस – कंधा
अंश – हिस्सा
अँगना – घर का आँगन
अंगना – स्त्री
अश्व – घोङा
अस्व – पराया/धन;
अश्म – पत्थर
अन्न – अनाज
अन्य – दूसरा
अनिल – हवा
अनल – आग
अम्बु – जल
अम्ब – माता, आम
अथक – बिना थके हुए
अकथ – जो कहा न जाय
अध्ययन – पढ़ना
अध्यापन – पढ़ाना
अधम – नीच
अधर्म – पाप
अली – सखी
अलि – भौंरा
अम्बुज – कमल
अम्बुधि – सागर
असन – भोजन
आसन – बैठने की वस्तु
अणु – कण
अनु – एक उपसर्ग, पीछे
अभिराम – सुन्दर
अविराम – लगातार, निरन्तर
अपेक्षा – इच्छा, आवश्यकता, तुलना में
उपेक्षा – निरादर
अवलम्ब – सहारा
अविलम्ब – शीघ्र
अतुल – जिसकी तुलना न हो सके
अतल – तलहीन
अचर – न चलनेवाला
अनुचर – दास, नौकर
अशक्त – असमर्थ, शक्तिहीन
असक्त – विरक्त
DAY - 29
...
शब्द युग्म
अंस – कंधा
अंश – हिस्सा
अँगना – घर का आँगन
अंगना – स्त्री
अश्व – घोङा
अस्व – पराया/धन;
अश्म – पत्थर
अन्न – अनाज
अन्य – दूसरा
अनिल – हवा
अनल – आग
अम्बु – जल
अम्ब – माता, आम
अथक – बिना थके हुए
अकथ – जो कहा न जाय
अध्ययन – पढ़ना
अध्यापन – पढ़ाना
अधम – नीच
अधर्म – पाप
अली – सखी
अलि – भौंरा
अम्बुज – कमल
अम्बुधि – सागर
असन – भोजन
आसन – बैठने की वस्तु
अणु – कण
अनु – एक उपसर्ग, पीछे
अभिराम – सुन्दर
अविराम – लगातार, निरन्तर
अपेक्षा – इच्छा, आवश्यकता, तुलना में
उपेक्षा – निरादर
अवलम्ब – सहारा
अविलम्ब – शीघ्र
अतुल – जिसकी तुलना न हो सके
अतल – तलहीन
अचर – न चलनेवाला
अनुचर – दास, नौकर
अशक्त – असमर्थ, शक्तिहीन
असक्त – विरक्त
❤7👍3
FOR LDC EXAM
DAY - 30
...
अगम – दुर्लभ, अगम्य
आगम – प्राप्ति, शास्त्र
अभय – निर्भय;
उभय – दोनों
अब्ज – कमल;
अब्द – बादल, वर्ष
अरि – शत्रु;
अरी – सम्बोधन (स्त्री के लिए)
अभिज्ञ – जाननेवाला
अनभिज्ञ – अनजान
अक्ष – धुरी
यक्ष – एक देवयोनि
अवधि – काल, समय
अवधी – अवध देश की भाषा
अभिहित – कहा हुआ;
अविहित – अनुचित
अयश – अपकीर्त्ति;
अयस – लोहा
असित – काला;
अशित – भोथा
आकर – खान;
आकार – रूप
आस्तिक – ईश्वरवादी;
आस्तीक – एक मुनि
आर्ति – दुःख;
आर्त्त – चीख
अन्यान्य – दूसरा-दूसरा;
अन्योन्य – परस्पर
अभ्याश – पास;
अभ्यास – रियाज/आदत
आवास – रहने का स्थान;
आभास – झलक, संकेत
आकर – खान;
आकार – रूप, सूरत
आदि – आरम्भ, इत्यादि;
आदी – अभ्यस्त, अदरक
आरति – विरक्ति, दुःख;
आरती – धूप-दीप दिखाना
आभरण – गहना;
आमरण – मरण तक
आयत – समकोण चतुर्भुज;
आयात – बाहर से आना
आर्त – दुःखी;
आर्द्र – गीला
अनीप्सित – किसी तरह की इच्छा न होना;
अभीप्सित – वस्तु प्राप्ति की तीव्र इच्छा होना;
अनभीप्सित – तीव्र इच्छा न होना
इत्र – सुगंध;
इतर – दूसरा
इति – समाप्ति;
ईति – फसल की बाधा
DAY - 30
...
शब्द युग्म
अगम – दुर्लभ, अगम्य
आगम – प्राप्ति, शास्त्र
अभय – निर्भय;
उभय – दोनों
अब्ज – कमल;
अब्द – बादल, वर्ष
अरि – शत्रु;
अरी – सम्बोधन (स्त्री के लिए)
अभिज्ञ – जाननेवाला
अनभिज्ञ – अनजान
अक्ष – धुरी
यक्ष – एक देवयोनि
अवधि – काल, समय
अवधी – अवध देश की भाषा
अभिहित – कहा हुआ;
अविहित – अनुचित
अयश – अपकीर्त्ति;
अयस – लोहा
असित – काला;
अशित – भोथा
आकर – खान;
आकार – रूप
आस्तिक – ईश्वरवादी;
आस्तीक – एक मुनि
आर्ति – दुःख;
आर्त्त – चीख
अन्यान्य – दूसरा-दूसरा;
अन्योन्य – परस्पर
अभ्याश – पास;
अभ्यास – रियाज/आदत
आवास – रहने का स्थान;
आभास – झलक, संकेत
आकर – खान;
आकार – रूप, सूरत
आदि – आरम्भ, इत्यादि;
आदी – अभ्यस्त, अदरक
आरति – विरक्ति, दुःख;
आरती – धूप-दीप दिखाना
आभरण – गहना;
आमरण – मरण तक
आयत – समकोण चतुर्भुज;
आयात – बाहर से आना
आर्त – दुःखी;
आर्द्र – गीला
अनीप्सित – किसी तरह की इच्छा न होना;
अभीप्सित – वस्तु प्राप्ति की तीव्र इच्छा होना;
अनभीप्सित – तीव्र इच्छा न होना
इत्र – सुगंध;
इतर – दूसरा
इति – समाप्ति;
ईति – फसल की बाधा
❤5👍5
for LDC Exam
DAY - 31
....
इड़ा – पृथ्वी/नाड़ी;
ईड़ा – स्तुति
उपकार – भलाई;
अपकार – बुराई
उद्धत – उद्दण्ड;
उद्दत – तैयार
उपरक्त – भोग विलास में लीन;
उपरत – विरक्त
उपाधि – पद/ख़िताब;
उपाधी – उपद्रव
उपयुक्त – ठीक;
उपर्युक्त – ऊपर कहा हुआ
ऋत – सत्य;
ऋतु – मौसम
एतवार – रविवार;
ऐतवार – विश्वास
कुल – वंश, सब;
कूल – किनारा
कंगाल – भिखारी;
कंकाल – ठठरी
कर्म – काम;
क्रम – सिलसिला
कृपण – कंजूस;
कृपाण – कटार
कर – हाथ;
कारा – जेल
कपि – बंदर;
कपी – घिरनी
किला – गढ़;
कीला – खूँटा, गड़ा हुआ
कृति – रचना;
कृती – निपुण, पुण्यात्मा
कृत्ति – मृगचर्म;
कीर्ति – यश
कृत – किया हुआ;
क्रीत – खरीदा हुआ
DAY - 31
....
शब्द युग्म
इड़ा – पृथ्वी/नाड़ी;
ईड़ा – स्तुति
उपकार – भलाई;
अपकार – बुराई
उद्धत – उद्दण्ड;
उद्दत – तैयार
उपरक्त – भोग विलास में लीन;
उपरत – विरक्त
उपाधि – पद/ख़िताब;
उपाधी – उपद्रव
उपयुक्त – ठीक;
उपर्युक्त – ऊपर कहा हुआ
ऋत – सत्य;
ऋतु – मौसम
एतवार – रविवार;
ऐतवार – विश्वास
कुल – वंश, सब;
कूल – किनारा
कंगाल – भिखारी;
कंकाल – ठठरी
कर्म – काम;
क्रम – सिलसिला
कृपण – कंजूस;
कृपाण – कटार
कर – हाथ;
कारा – जेल
कपि – बंदर;
कपी – घिरनी
किला – गढ़;
कीला – खूँटा, गड़ा हुआ
कृति – रचना;
कृती – निपुण, पुण्यात्मा
कृत्ति – मृगचर्म;
कीर्ति – यश
कृत – किया हुआ;
क्रीत – खरीदा हुआ
❤7👍2😁1
FOR LDC EXAM
DAY - 32
...
क्रान्ति – उलटफेर;
क्लान्ति – थकावट;
कान्ति – चमक, चाँदनी
कली – अधखिला फूल;
कलि – कलियुग
करण – एक कारक, इन्द्रियाँ;
कर्ण – कान, एक नाम
कुण्डल – कान का एक आभूषण;
कुन्तल – सिर के बाल
कपीश – हनुमान, सुग्रीव;
कपिश – मटमैला
कूट – पहाड़ की चोटी, दफ्ती;
कुट – किला, घर
करकट – कूड़ा;
कर्कट – केंकड़ा
कटिबद्ध – तैयार, कमर बाँधे;
कटिबन्ध – कमरबन्द, करधनी
कृशानु – आग;
कृषाण – किसान
कटीली – तीक्ष्ण, धारदार;
कँटीली – काँटेदार
कोष – खजाना;
कोश – शब्द-संग्रह (डिक्शनरी)
कदन – हिंसा;
कदन्न – खराब अन्न
कुच – स्तन;
कूच – प्रस्थान
काश – शायद/एक घास;
कास – खाँसी
कलिल – मिश्रित;
क़लील – थोड़ा
कीश – बन्दर;
कीस – गर्भ का थैला
कुटी – झोपड़ी;
कूटी – दुती, जालसाज
कोर – किनारा;
कौर – ग्रास
खड़ा – बैठा का विलोम;
खरा – शुद्ध
खादि – खाद्य, कवच;
खादी – ख़द्दर, कटीला
कांत – पति/चन्द्रमा;
कांति – चमक
करीश – गजराज;
करीष – सूखा गोबर
कृत्तिका – एक नक्षत्र;
कृत्यका – भयंकर कार्य करनेवाली देवी
कुजन – बुरा आदमी;
कूजन – कलरव
कुनबा – परिवार;
कुनवा – खरीदनेवाला
कोड़ा – चाबुक;
कोरा – नया
केशर – कुंकुम;
केसर – सिंह की गर्दन के बाल
DAY - 32
...
शब्द युग्म
क्रान्ति – उलटफेर;
क्लान्ति – थकावट;
कान्ति – चमक, चाँदनी
कली – अधखिला फूल;
कलि – कलियुग
करण – एक कारक, इन्द्रियाँ;
कर्ण – कान, एक नाम
कुण्डल – कान का एक आभूषण;
कुन्तल – सिर के बाल
कपीश – हनुमान, सुग्रीव;
कपिश – मटमैला
कूट – पहाड़ की चोटी, दफ्ती;
कुट – किला, घर
करकट – कूड़ा;
कर्कट – केंकड़ा
कटिबद्ध – तैयार, कमर बाँधे;
कटिबन्ध – कमरबन्द, करधनी
कृशानु – आग;
कृषाण – किसान
कटीली – तीक्ष्ण, धारदार;
कँटीली – काँटेदार
कोष – खजाना;
कोश – शब्द-संग्रह (डिक्शनरी)
कदन – हिंसा;
कदन्न – खराब अन्न
कुच – स्तन;
कूच – प्रस्थान
काश – शायद/एक घास;
कास – खाँसी
कलिल – मिश्रित;
क़लील – थोड़ा
कीश – बन्दर;
कीस – गर्भ का थैला
कुटी – झोपड़ी;
कूटी – दुती, जालसाज
कोर – किनारा;
कौर – ग्रास
खड़ा – बैठा का विलोम;
खरा – शुद्ध
खादि – खाद्य, कवच;
खादी – ख़द्दर, कटीला
कांत – पति/चन्द्रमा;
कांति – चमक
करीश – गजराज;
करीष – सूखा गोबर
कृत्तिका – एक नक्षत्र;
कृत्यका – भयंकर कार्य करनेवाली देवी
कुजन – बुरा आदमी;
कूजन – कलरव
कुनबा – परिवार;
कुनवा – खरीदनेवाला
कोड़ा – चाबुक;
कोरा – नया
केशर – कुंकुम;
केसर – सिंह की गर्दन के बाल
❤3👍3
FOR LDC EXAM
DAY - 33
.........
शब्द-युग्म
खोआ – दूध का बना ठोस पदार्थ;
खोया – भूल गया, खो गया
खल – दुष्ट;
खलु – ही तो, निश्चय ही
गण – समूह;
गण्य – गिनने योग्य
गुड़ – शक्कर;
गुड़ – गम्भीर
ग्रह – सूर्य, चन्द्र आदि;
गृह – घर
गिरी – गिरना;
गिरि – पर्वत
गज – हाथी;
गज – मापक
गिरीश – हिमालय;
गिरिश – शिव
ग्रंथ – पुस्तक;
ग्रंथि – गाँठ
चिर – पुराना;
चीर – कपड़ा
चिता – लाश जलाने के लिए लकड़ियों का ढेर;
चीता – बाघ की एक जाति
चूर – कण, चूर्ण;
चूड़ – चोटी, सिर
चतुष्पद – चौपाया, जानवर;
चतुष्पथ – चौराहा
चार – चार संख्या, जासूस;
चारु – सुन्दर;
चर – नौकर, दूत, जासूस
चूत – आम का पेड़;
च्युत – गिरा हुआ, पतित
चक्रवात – बवण्डर;
चक्रवाक – चकवा पक्षी
चाष – नीलकंठ;
चास – खेत की जुताई
चरि – पशु;
चरी – चरागाह
चसक – चस्का/लत;
चषक – प्याला
चुकना – समाप्त होना;
चूकना – समय पर न करना
https://tinyurl.com/yw2yfnjt
DAY - 33
.........
शब्द-युग्म
खोआ – दूध का बना ठोस पदार्थ;
खोया – भूल गया, खो गया
खल – दुष्ट;
खलु – ही तो, निश्चय ही
गण – समूह;
गण्य – गिनने योग्य
गुड़ – शक्कर;
गुड़ – गम्भीर
ग्रह – सूर्य, चन्द्र आदि;
गृह – घर
गिरी – गिरना;
गिरि – पर्वत
गज – हाथी;
गज – मापक
गिरीश – हिमालय;
गिरिश – शिव
ग्रंथ – पुस्तक;
ग्रंथि – गाँठ
चिर – पुराना;
चीर – कपड़ा
चिता – लाश जलाने के लिए लकड़ियों का ढेर;
चीता – बाघ की एक जाति
चूर – कण, चूर्ण;
चूड़ – चोटी, सिर
चतुष्पद – चौपाया, जानवर;
चतुष्पथ – चौराहा
चार – चार संख्या, जासूस;
चारु – सुन्दर;
चर – नौकर, दूत, जासूस
चूत – आम का पेड़;
च्युत – गिरा हुआ, पतित
चक्रवात – बवण्डर;
चक्रवाक – चकवा पक्षी
चाष – नीलकंठ;
चास – खेत की जुताई
चरि – पशु;
चरी – चरागाह
चसक – चस्का/लत;
चषक – प्याला
चुकना – समाप्त होना;
चूकना – समय पर न करना
https://tinyurl.com/yw2yfnjt
❤8👍3
LDC वालो इसको रट लेना, यहां से प्रश्न छपेगा।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 🏅
📍 आयोजन:- रायपुर (छत्तीसगढ़)
♡ राजस्थान ने कुश्ती में तीन रजत व एक कांस्य सहित चार पदक जीते। 🥈🥉
रजत पदक विजेता:- 🥈
(1) अमित कुमार मीणा (125 किलोग्राम)
(2) राकेश कुमार मीना (65 किलोग्राम)
(3) दिनेश सोलंकी (60 किलोग्राम)
~ कांस्य पदक:- बलकेश कुमारी मीणा ( 68 किलोग्राम) 🥉
https://tinyurl.com/yw2yfnjt
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 🏅
📍 आयोजन:- रायपुर (छत्तीसगढ़)
♡ राजस्थान ने कुश्ती में तीन रजत व एक कांस्य सहित चार पदक जीते। 🥈🥉
रजत पदक विजेता:- 🥈
(1) अमित कुमार मीणा (125 किलोग्राम)
(2) राकेश कुमार मीना (65 किलोग्राम)
(3) दिनेश सोलंकी (60 किलोग्राम)
~ कांस्य पदक:- बलकेश कुमारी मीणा ( 68 किलोग्राम) 🥉
https://tinyurl.com/yw2yfnjt
❤5👍1
TEST - 01.pdf
1020 KB
Armaan Academy TEST SERIES
LDC 2nd PAPER
Full Syllabus Test - 01
पूरे पाठ्यक्रम पर आधारित
...
https://tinyurl.com/yw2yfnjt
LDC 2nd PAPER
Full Syllabus Test - 01
पूरे पाठ्यक्रम पर आधारित
...
https://tinyurl.com/yw2yfnjt
❤4👍1🔥1
FOR LDC EXAM
DAY - 34
.....
छत्र – छाता;
क्षत्र – क्षत्रिय
छात्र – विद्यार्थी;
क्षात्र – क्षत्रिय-संबंधी
छिपना – अप्रकट होना;
छीपना – मछली फँसाकर निकालना
जलज – कमल;
जलद – बादल
जघन्य – गर्हित, शूद्र;
जघन – नितम्ब
जगत – कुएँ का चौतरा;
जगत् – संसार
जानु – घुटना;
जानू – जाँघ
जूति – वेग;
जूती – छोटा जूता
जाया – व्यर्थ;
जाया – पत्नी
जोश – आवेश;
जोष – आराम
झल – जलन/आँच;
झल्ल – सनक
टुक – थोड़ा;
टूक – टुकड़ा
टोटा – घाटा;
टोंटा – बन्दूक का कारतूस
डीठ – दृष्टि;
ढीठ – निडर
डोर – सूत;
ढोर – मवेशी
तड़ाक – जल्दी;
तड़ाग – तालाब
तरणि – सूर्य;
तरणी – नाव;
तरुणी – युवती;
तक्र – मटठा;
तर्क – बहस
तरी – गीलापन;
तरि – नाव
तरंग – लहर;
तुरंग – घोड़ा
तनी – थोड़ा;
तनि – बंधन
तब – उसके बाद;
तव – तुम्हारा
तुला – तराजू;
तूला – कपास
तप्त – गर्म;
तृप्त – संतुष्ट
तार – धातु तंतु/टेलिग्राम;
ताड़ – एक पेड़
तोश – हिंसा;
तोष – संतोष
https://tinyurl.com/yw2yfnjt
DAY - 34
.....
शब्द युग्म
छत्र – छाता;
क्षत्र – क्षत्रिय
छात्र – विद्यार्थी;
क्षात्र – क्षत्रिय-संबंधी
छिपना – अप्रकट होना;
छीपना – मछली फँसाकर निकालना
जलज – कमल;
जलद – बादल
जघन्य – गर्हित, शूद्र;
जघन – नितम्ब
जगत – कुएँ का चौतरा;
जगत् – संसार
जानु – घुटना;
जानू – जाँघ
जूति – वेग;
जूती – छोटा जूता
जाया – व्यर्थ;
जाया – पत्नी
जोश – आवेश;
जोष – आराम
झल – जलन/आँच;
झल्ल – सनक
टुक – थोड़ा;
टूक – टुकड़ा
टोटा – घाटा;
टोंटा – बन्दूक का कारतूस
डीठ – दृष्टि;
ढीठ – निडर
डोर – सूत;
ढोर – मवेशी
तड़ाक – जल्दी;
तड़ाग – तालाब
तरणि – सूर्य;
तरणी – नाव;
तरुणी – युवती;
तक्र – मटठा;
तर्क – बहस
तरी – गीलापन;
तरि – नाव
तरंग – लहर;
तुरंग – घोड़ा
तनी – थोड़ा;
तनि – बंधन
तब – उसके बाद;
तव – तुम्हारा
तुला – तराजू;
तूला – कपास
तप्त – गर्म;
तृप्त – संतुष्ट
तार – धातु तंतु/टेलिग्राम;
ताड़ – एक पेड़
तोश – हिंसा;
तोष – संतोष
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FOR LDC EXAM
DAY - 35
.............
दूत – सन्देशवाहक;
द्यूत – जुआ
दारु – लकड़ी;
दारू – शराब
द्विप – हाथी;
द्वीप – टापू
दमन – दबाना;
दामन – आँचल, छोर
दाँत – दशन;
दात – दान, दाता
दशन – दाँत;
दंशन – दाँत से काटना
दिवा – दिन;
दीवा – दीया, दीपक
दंश – डंक, काट;
दश – दश अंक
दार – पत्नी, भार्या;
द्वार – दरवाजा
दिन – दिवस;
दीन – गरीब
दायी – देनेवाला, जबाबदेह;
दाई – नौकरानी
देव – देवता;
दैव – भाग्य
द्रव – रस, पिघला हुआ;
द्रव्य – पदार्थ
दरद् – पर्वत/किनारा;
दरद – पीड़ा/दर्द
दीवा – दीपक;
दिवा – दिन
दौर – चक्कर;
दौड़ – दौड़ना
दाई – धात्री/दासी;
दायी – देनेवाला
दह – कुंड/तालाब;
दाह – शोक/ज्वाला
धराधर – शेषनाग;
धड़ाधड़ – जल्दी से
धारि – झुण्ड;
धारी – धारण करनेवाला
धूरा – धूल;
धुरा – अक्ष
धत – लत;
धत् – दुत्कारना
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DAY - 35
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शब्द-युग्म
दूत – सन्देशवाहक;
द्यूत – जुआ
दारु – लकड़ी;
दारू – शराब
द्विप – हाथी;
द्वीप – टापू
दमन – दबाना;
दामन – आँचल, छोर
दाँत – दशन;
दात – दान, दाता
दशन – दाँत;
दंशन – दाँत से काटना
दिवा – दिन;
दीवा – दीया, दीपक
दंश – डंक, काट;
दश – दश अंक
दार – पत्नी, भार्या;
द्वार – दरवाजा
दिन – दिवस;
दीन – गरीब
दायी – देनेवाला, जबाबदेह;
दाई – नौकरानी
देव – देवता;
दैव – भाग्य
द्रव – रस, पिघला हुआ;
द्रव्य – पदार्थ
दरद् – पर्वत/किनारा;
दरद – पीड़ा/दर्द
दीवा – दीपक;
दिवा – दिन
दौर – चक्कर;
दौड़ – दौड़ना
दाई – धात्री/दासी;
दायी – देनेवाला
दह – कुंड/तालाब;
दाह – शोक/ज्वाला
धराधर – शेषनाग;
धड़ाधड़ – जल्दी से
धारि – झुण्ड;
धारी – धारण करनेवाला
धूरा – धूल;
धुरा – अक्ष
धत – लत;
धत् – दुत्कारना
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राजस्थान पुलिस SI की परीक्षा देने जा रहे सभी अनुशासित और मेहनती अभ्यर्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। 💐
✍️अपनी कलम की ताकत और तपस्या पर पूर्ण विश्वास रखें।
याद रखें, परीक्षा केवल आपके ज्ञान की नहीं, बल्कि आपके धैर्य और साहस की भी कसौटी है।
परीक्षा में पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरें और अपनी सफलता का परचम लहराएँ!
विजयी भव! 🏆🙌
✍️अपनी कलम की ताकत और तपस्या पर पूर्ण विश्वास रखें।
याद रखें, परीक्षा केवल आपके ज्ञान की नहीं, बल्कि आपके धैर्य और साहस की भी कसौटी है।
परीक्षा में पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरें और अपनी सफलता का परचम लहराएँ!
विजयी भव! 🏆🙌
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SI - 2026 (Hindi Today exam paper)
1 काल, वृत्ति, वाच्य - 8
2 लिंग, वचन - 4
3 कारक - 2
4 वाक्यांश - एक शब्द - 3
5 संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण - 6
6 क्रिया, अव्यय - 5
7 विराम - चिह्न - 5
8 संधि - 4
9 समास - 2
10 पारिभाषिक - 11
11 मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ - 12
12 शब्द - शुद्धि - 8
13 शब्द - युग्म - 4
14 पर्यायवाची - 3
15 विलोम शब्द - 3
16 वाक्य शुद्धि - 8
17 उपसर्ग एवं प्रत्यय - 4
18 तत्सम एवं तद्भव - 7
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1 काल, वृत्ति, वाच्य - 8
2 लिंग, वचन - 4
3 कारक - 2
4 वाक्यांश - एक शब्द - 3
5 संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण - 6
6 क्रिया, अव्यय - 5
7 विराम - चिह्न - 5
8 संधि - 4
9 समास - 2
10 पारिभाषिक - 11
11 मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ - 12
12 शब्द - शुद्धि - 8
13 शब्द - युग्म - 4
14 पर्यायवाची - 3
15 विलोम शब्द - 3
16 वाक्य शुद्धि - 8
17 उपसर्ग एवं प्रत्यय - 4
18 तत्सम एवं तद्भव - 7
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DAY - 36
...
निहत – मरा हुआ;
निहित – छिपा हुआ, संलग्न
नियत – निश्र्चित;
नीयत – मंशा, इरादा
निश्छल – छलरहित;
निश्र्चल – अटल
नान्दी – मंगलाचरण (नाटक का);
नंदी – शिव का बैल
निमित्त – हेतु;
नमित – झुका हुआ
नीरज – कमल;
नीरद – बादल
निर्झर – झरना;
निर्जर – देवता
निशाकर – चन्द्रमा;
निशाचर – राक्षस
नाई – तरह, समान;
नाई – हजाम
नीड़ – घोंसला, खोंता;
नीर – पानी
नगर – शहर;
नागर – चतुर व्यक्ति, शहरी
नशा – बेहोशी, मद;
निशा – रात
नाहर – सिंह;
नहर – सिंचाई के लिए निकाली गयी कृत्रिम नदी
नारी – स्त्री;
नाड़ी – नब्ज
निसान – झंडा;
निशान – चिह्न
निवृत्ति – लौटना;
निवृति – मुक्ति/शांति
नित – प्रतिदिन;
नीत – लाया हुआ
..
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DAY - 36
...
शब्द-युग्म
निहत – मरा हुआ;
निहित – छिपा हुआ, संलग्न
नियत – निश्र्चित;
नीयत – मंशा, इरादा
निश्छल – छलरहित;
निश्र्चल – अटल
नान्दी – मंगलाचरण (नाटक का);
नंदी – शिव का बैल
निमित्त – हेतु;
नमित – झुका हुआ
नीरज – कमल;
नीरद – बादल
निर्झर – झरना;
निर्जर – देवता
निशाकर – चन्द्रमा;
निशाचर – राक्षस
नाई – तरह, समान;
नाई – हजाम
नीड़ – घोंसला, खोंता;
नीर – पानी
नगर – शहर;
नागर – चतुर व्यक्ति, शहरी
नशा – बेहोशी, मद;
निशा – रात
नाहर – सिंह;
नहर – सिंचाई के लिए निकाली गयी कृत्रिम नदी
नारी – स्त्री;
नाड़ी – नब्ज
निसान – झंडा;
निशान – चिह्न
निवृत्ति – लौटना;
निवृति – मुक्ति/शांति
नित – प्रतिदिन;
नीत – लाया हुआ
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DAY - 37
...
निहार – देखकर;
नीहार – ओस-कण
नन्दी – शिव का बैल;
नान्दी – मंगलाचरण
निर्विवाद – विवाद-रहित;
निर्वाद – निन्दा
निष्कृष्ट – सारांश;
निकृष्ट – निम्न स्तरीय
नीवार – जंगली धान;
निवार – रोकना
नेती – मथानी की रस्सी;
नेति – अनन्त
नमित – झुका हुआ;
निमित्त – हेतु
परुष – कठोर;
पुरुष – मर्द, नर
प्रदीप – दीपक;
प्रतीप – उलटा, विशेष, काव्यालंकार
प्रसाद – कृपा, भोग;
प्रासाद – महल
प्रणय – प्रेम;
परिणय – विवाह
प्रबल – शक्तिशाली;
प्रवर – श्रेष्ठ, गोत्र
परिणाम – नतीजा, फल;
परिमाण – मात्रा
पास – नजदीक;
पाश – बन्धन
पीक – पान आदि का थूक;
पिक – कोयल
प्राकार – घेरा, चहारदीवारी;
प्रकार – किस्म, तरह
परिताप – दुःख, सन्ताप;
प्रताप – ऐश्र्वर्य, पराक्रम
पति – स्वामी;
पत – सम्मान, सतीत्व
पांशु – धूलि, बाल;
पशु – जानवर
परीक्षा – इम्तहान;
परिक्षा – कीचड़
प्रतिषेध – निषेध, मनाही;
प्रतिशोध – बदला
पूर – बाढ़, आधिक्य;
पुर – नगर
पार्श्र्व – बगल;
पाश – बन्धन
प्रहर – पहर (समय);
प्रहार – चोट, आघात
परवाह – चिन्ता;
प्रवाह – बहाव (नदी का)
पट्ट – तख्ता, उल्टा;
पट – कपड़ा
..
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DAY - 37
...
शब्द-युग्म
निहार – देखकर;
नीहार – ओस-कण
नन्दी – शिव का बैल;
नान्दी – मंगलाचरण
निर्विवाद – विवाद-रहित;
निर्वाद – निन्दा
निष्कृष्ट – सारांश;
निकृष्ट – निम्न स्तरीय
नीवार – जंगली धान;
निवार – रोकना
नेती – मथानी की रस्सी;
नेति – अनन्त
नमित – झुका हुआ;
निमित्त – हेतु
परुष – कठोर;
पुरुष – मर्द, नर
प्रदीप – दीपक;
प्रतीप – उलटा, विशेष, काव्यालंकार
प्रसाद – कृपा, भोग;
प्रासाद – महल
प्रणय – प्रेम;
परिणय – विवाह
प्रबल – शक्तिशाली;
प्रवर – श्रेष्ठ, गोत्र
परिणाम – नतीजा, फल;
परिमाण – मात्रा
पास – नजदीक;
पाश – बन्धन
पीक – पान आदि का थूक;
पिक – कोयल
प्राकार – घेरा, चहारदीवारी;
प्रकार – किस्म, तरह
परिताप – दुःख, सन्ताप;
प्रताप – ऐश्र्वर्य, पराक्रम
पति – स्वामी;
पत – सम्मान, सतीत्व
पांशु – धूलि, बाल;
पशु – जानवर
परीक्षा – इम्तहान;
परिक्षा – कीचड़
प्रतिषेध – निषेध, मनाही;
प्रतिशोध – बदला
पूर – बाढ़, आधिक्य;
पुर – नगर
पार्श्र्व – बगल;
पाश – बन्धन
प्रहर – पहर (समय);
प्रहार – चोट, आघात
परवाह – चिन्ता;
प्रवाह – बहाव (नदी का)
पट्ट – तख्ता, उल्टा;
पट – कपड़ा
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