🌹 اسلامی معلومات عامہ 🌹
30-02-1445 ᴴ | 17-09-2023 ᴱ ▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
01-03-1445 ᴴ | 18-09-2023 ᴱ
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Forwarded from 🌹 اسلامی معلومات عامہ 🌹 (محمد جمال الدين خان قادری)
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Forwarded from Abde Mustafa Organisation
एक सहा़बिया का त़लाक़ माँगना - मनघड़त क़िस्सा
सही मुस्लिम शरीफ़ का हवाला दे कर ये वाक़िया बयान किया जाता है कि एक सहाबिया रात भर अपने शौहर के लिए पानी ले कर खड़ी रहीं और जब सुब्ह शौहर ने देखा तो ख़ुश हो कर इनाम मांगने का हुक्म दिया, बीवी ने इनाम में तलाक़ मांगी और वजह ये बताई कि मैं आपके साथ कई सालों से हूँ और आपको कभी सर में दर्द तक नहीं हुआ और मैंने सुना है कि जिसे तकलीफ़ ना पहुंचे उस का ईमान कमज़ोर होता है, फिर वो दोनों अपना मुआमला ले कर बारगाहे रिसालत ﷺ में जाने लगे तो रास्ते में सहाबी गिर गए और पांव में चोट लग गई, बीवी ने कहा कि अब फ़ैसला हो गया है और वो वापस आ गए (यानी अब तुम्हें तकलीफ़ पहुंची है तो साबित हो गया कि ईमान कमज़ोर नहीं)
ये क़िस्सा सोशल मीडिया पर बहुत आम किया गया है हत्ता कि एक बार तो एक मुफ़्ती साहिब ने भी मुझ से बयान किया (अगरचे उन्होंने ये बता दिया कि मुस्लिम शरीफ़ के हवाले के साथ उन्हें कहीं से मिला है), कुछ लोगों ने इसे रिकार्ड कर के यूट्यूब पर डाल दिया है और उन वीडियोज़ को देखने वालों की तादाद लाखों में है!
ये वाक़िया मुस्लिम शरीफ़ में कहीं नहीं मिला, कई तलाश करने वालों ने इसे तलाश किया लेकिन ऐसी कोई रिवायत सही मुस्लिम में नहीं है, ये क़िस्सा मन घड़त है जो किसी ने ग़लत हवाला लिख कर आम किया है, जो लोग इसे बयान करते हैं उन पर लाज़िम है कि इस का हवाला दें वर्ना ऐसी बे असल बातों को नबिय्ये करीम ﷺ के ज़माना ए मुबारका और आपके सहाबा ए किराम की तरफ़ मंसूब करने से तौबा करें।
अ़ब्दे मुस्तफ़ा
सही मुस्लिम शरीफ़ का हवाला दे कर ये वाक़िया बयान किया जाता है कि एक सहाबिया रात भर अपने शौहर के लिए पानी ले कर खड़ी रहीं और जब सुब्ह शौहर ने देखा तो ख़ुश हो कर इनाम मांगने का हुक्म दिया, बीवी ने इनाम में तलाक़ मांगी और वजह ये बताई कि मैं आपके साथ कई सालों से हूँ और आपको कभी सर में दर्द तक नहीं हुआ और मैंने सुना है कि जिसे तकलीफ़ ना पहुंचे उस का ईमान कमज़ोर होता है, फिर वो दोनों अपना मुआमला ले कर बारगाहे रिसालत ﷺ में जाने लगे तो रास्ते में सहाबी गिर गए और पांव में चोट लग गई, बीवी ने कहा कि अब फ़ैसला हो गया है और वो वापस आ गए (यानी अब तुम्हें तकलीफ़ पहुंची है तो साबित हो गया कि ईमान कमज़ोर नहीं)
ये क़िस्सा सोशल मीडिया पर बहुत आम किया गया है हत्ता कि एक बार तो एक मुफ़्ती साहिब ने भी मुझ से बयान किया (अगरचे उन्होंने ये बता दिया कि मुस्लिम शरीफ़ के हवाले के साथ उन्हें कहीं से मिला है), कुछ लोगों ने इसे रिकार्ड कर के यूट्यूब पर डाल दिया है और उन वीडियोज़ को देखने वालों की तादाद लाखों में है!
ये वाक़िया मुस्लिम शरीफ़ में कहीं नहीं मिला, कई तलाश करने वालों ने इसे तलाश किया लेकिन ऐसी कोई रिवायत सही मुस्लिम में नहीं है, ये क़िस्सा मन घड़त है जो किसी ने ग़लत हवाला लिख कर आम किया है, जो लोग इसे बयान करते हैं उन पर लाज़िम है कि इस का हवाला दें वर्ना ऐसी बे असल बातों को नबिय्ये करीम ﷺ के ज़माना ए मुबारका और आपके सहाबा ए किराम की तरफ़ मंसूब करने से तौबा करें।
अ़ब्दे मुस्तफ़ा
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