🌹 اسلامی معلومات عامہ 🌹
2.86K subscribers
69.6K photos
227 videos
257 files
8.82K links
یہاں روزانہ اسلامی تاریخ اور بزرگانِ دین و علمائے ربانیین کی تاریخ ولادت و تاریخ وفات اور دینی باتیں (فوٹو،پوسٹ) تاریخ اور مہینے کی مناسبت سے مع کتابوں کی لِنکس بھیجی جاتی ہیں
طالب دعا 🤲
محمد جمال الدین خان قادری رضوی عفی عنہ
🆔 @Muhammad_Jamaluddin_Khan
Download Telegram
🌹 اسلامی معلومات عامہ 🌹
21-11-1443 ᴴ | 22-06-2022 ᴱ ▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
22-11-1443 ᴴ | 23-06-2022 ᴱ
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
2👍1
Forwarded from 🌹 اسلامی معلومات عامہ 🌹 (محمد جمال الدين خان قادری)
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
1👍1
🌹 اسلامی معلومات عامہ 🌹
22-11-1443 ᴴ | 23-06-2022 ᴱ ▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
22-11-1443 ᴴ | 23-06-2022 ᴱ
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
1👍1
Forwarded from 🌹 اسلامی معلومات عامہ 🌹 (محمد جمال الدين خان قادری)
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
2👍1
#कौनशेख_महमूद__आफंदी ? 💔

हज़रत शेख महमूद आफंदी नक्शबंदी अलैहिर्रहमा जिनका नाम दुनिया के 100 मशहूर मुस्लिम सख्शियत में शुमार किया जाता है आप अज़ीम सूफी ए बा शरा जो तुर्की के राष्ट्रपति तय्यब एर्डोगोंन के पीरो मुर्शिद भी हैं आप ऐसी अज़ीम शख्शियत के मालिक थे की आप तुर्की नहीं बलकी दुनिया के हर जगह पर अपनी छाप छोड़ रखी थी ,

आपके हर दुनिया के गोशे में मुरीद हैं आप एक मोअतबर ए आलिम ए दींन साहिबे तक़वा बुजुर्ग हैं आपने उस तुर्की में इस्लाम की तब्लीग की जहाँ कमाल पाशा जैसे यहूदी ने इस्लाम पर पाबन्दी लगा देने में कोई कसर ना छोड़ी थी आपने वहां इस्लाम का परचम बलन्द फ़रमाया आपने !

आपकी विलादत 1929 में मेयानु टावन नामक गांव में पैदा हुवे राफ्ज़ो सूबे की बस्ती थी आपके वालिद का नाम अली अफांदी और दादा का नाम मुस्तफा अफांदी है और उनके वालिदा का नाम फातिमा हनीफा आफंदी है जो सुन्नी साहिउल अक़ीदा मुसलाम रहे और सिलसिले ए नक्शबंदिया के एक रौशन चिराग रहें !

आपकी तक़वे तहारत की कसम अहले तुर्की अरबो आज़म इंडिया पाक बर्तानिया के बड़े बड़े आलिमे रब्बानी खाते हैं आपने खिलाफत ए उस्मानिया के खत्म होने के बाद बदबख्त यहूदी कमाल पाशा के तमाम मज़हबी कामों को रोकने के बावजूद आपने हिफ्ज़े क़ुरआन को अपने वालीदेन के साय में महज़ 6 साल में मुकम्मल कर लिया !

आप बचपन से ही सारे ए इख़्तेदार के पासदार और रूहानी अमानतदार के अमीन रहे फर्ज़ो वाजिब के मज़बूत थे अल्लाह ने ऐसा कुवत ए हाफ़िज़ा अता फ़रमाया था जो एक बार सुन लेते पढ़ लेते थे वो ज़हनो दिल पर नक्श हो जाती थी आपके कुवत ए हाफ़िज़ा को देख कर लोग हैरान कुन रहते और माँ अपने बच्चो का नाम महमूद आपके नाम पर रखते !
💐💐💐💐💐

आपने अपनी मज़ीद तालीम के लिए कम उमरी में ही केशरी का सफर फ़रमाया जहाँ आपने शेख अहमद
हुज़्ज़ा आफंदी से अरबी औ फ़ारसी अदब की तालीम हासिल की एक साल केशरी में तालीम हासिल करने के बाद अपने वतन वापस आ गए और वहां आपने मशहूर कारी ए क़ुरआन मुहम्मद रबी हुज़्ज़ा आफंदी से इल्म ए किरत हासिल की !

हज़रत शेख महमूद आफंदी ने इल्मे बलागा इल्मुल कलाम इल्मे तफ़्सीर इल्मे हदीस फ़िक़्ह उसूले फ़िक़्ह उसूले हदीस उसूल ए तफ़्सीर और दीगर इस्लामी किताबे मदरसा सुलेमानिया में अल्लामा फ़ैज़ी आफंदी से हासिल की आपने महज़ 16 की साल की उम्र में तमाम औ उलूम औ फुनूँन में महरात ए ताअम्मा हासिल कर ली और उसी साल आपकी शादी जोहरा हनीम से हुई अल्लाह इन जोड़े से तीन औलादे अता फ़रमाई जिनसे अहमद अब्दुल्लाह फातिमा हैं !

हज़रत शेख महमूद अफांदी ने 1952 में फौजी मुआलिजीमत् इख्तियार की और मुआलिजीमत के दौरान उनकि मुलाकात उनके रूहानी पीरो मुर्शिद हज़रत शेख अली हैदर नक्शबंदी अलैहिर्रहमा से मुलाकात हुई !

हज़रत शेख महमूद अफांदी ने अपनी फरागत के बाद तालीम का सिलसिला ज़ारी रखा और अपने गांव में दींन औ तालीम फैलाने लगे उस कमाल पाशा के पुरफ़ितन दौर में जब आपके दो खुलफ़ा शहीद किये गए फिर आपने हालात के तनाज़ुल से शहर का रुख किया जहाँ एक कदीम मस्जिद थी वहां 40 साल दींन ए मतीन की खिदमत इल्म औ तदरीस का सिलसिला ज़ारी रखा !

तकरीबन 18 साल कमाल पाशा के पुरफ़ितन दौर में आपके पीछे कोई नमाज़ पढ़ने वाला ना था 18 साल बाद अल्लाह का करम हुआ आहिश्ता आहिश्ता लोग आने लगे और आपसे फैज़ ए याब होने लगे आपके और खुलफ़ा के इखलाश के मेहनत का नतीजा है की आपने उस पुरफ़ितन दौर में तुर्की में लोगों तक तालीम पहुंचाई मस्जिदे भरी जब मरदूद कमाल पाशा ने नमाज़ अज़ान क़ुरआन सब पर पाबन्दी लगा दी थी उस पुरफ़ितन दौर में आपने खुद इल्म सीखा और दींन औ तब्लीग की बच्चों इल्म ए दींन सिखाया !
💐💐💐💐💐

हज़रत शेख महमूद आफंदी ने अपने तलबा को दींन ए तालीम देने में जो मेहनतों मशकत्तें उठाई उसका मिस्ल आज तक कहीं ना मिलता आपने अपने तलबा को उँगलियों के इशारों से सरफनो के गर्दान पढें और हज़ नमाज़ के मसाइल भी हाथों के इशारों से पढ़ाई छुप छुप के घर घर जाके दींन मतीन को फरोग दिया अब तुर्की में जो मज़हबी दींन औ तालीम तब्लीग की बेहतरीन काम जो दिख रहा हालात सही होने के बाद ये आपके और आपके खुलफ़ा के मेहनत का नतीज़ यूँ समझ लें आपने अहले तुर्क में इस्लाम फिर ज़िंदा कर दिया !
💐💐💐💐💐

आपने बातिल बदमज़हब का रद्द किया और सरकार आला हज़रत के तालीम को रसूल अल्लाह और सहाबा के तलीम का पैरोकार बताया और बार हा कहा इमाम अहमद रज़ा हिंदी हमारे इमाम है और उनके फ़रज़न्द सारे हमारे इमाम है आपको सरकार ताजुश्शरीअह से बड़ी निस्बत महब्बत थी आप उनको अपना इमाम कहते और उनसे मिलने पर अपनी अकीदत पेश करते उनके दादा के लिए अल्लाह तबारक वा तआला अपने महबूब बन्दों के मरतबे दुनिया में ही बलंद औ बाला कर देता आज ये अज़ीम रौशन तारा अहले सुन्नत का टूट गया !
2👍1