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Teri Zulfein (Acoustic)
Obbhontorin
जो छीन लिया मेरा लिखना,
तो कहाँ मैं अपने जज़्बात पिरो पाऊँगी?
जो छीन ली मेरी कलम,
तो कहाँ मैं खुद को ढूंढ पाऊँगी?
अब इस कलम के आगे ना मैं किसी को ला पाऊँगी,
ये मेरा गुरूर है, इसे ना मैं अब तोड़ पाऊँगी।
मेरी हर कहानी को समझाने का ये शस्त्र है,
इसको ना मैं अब भूल पाऊँगी।
जो भूली इस कला के वरदान को,
तो कहाँ मैं कलाकार कहला पाऊँगी?
❤️🙌
तो कहाँ मैं अपने जज़्बात पिरो पाऊँगी?
जो छीन ली मेरी कलम,
तो कहाँ मैं खुद को ढूंढ पाऊँगी?
अब इस कलम के आगे ना मैं किसी को ला पाऊँगी,
ये मेरा गुरूर है, इसे ना मैं अब तोड़ पाऊँगी।
मेरी हर कहानी को समझाने का ये शस्त्र है,
इसको ना मैं अब भूल पाऊँगी।
जो भूली इस कला के वरदान को,
तो कहाँ मैं कलाकार कहला पाऊँगी?
❤️🙌
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Muhabbat khayalon ki ek haseen duniya hai, aur khawabon ki ek azeem numaish