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📢 सरकार ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप छात्रवृत्ति सहायता को मजबूत किया है, डीबीटी के जरिए आधार-लिंक्ड बैंक खातों में पैसे का आसान और तेज ट्रांसफर सुनिश्चित हुआ

📢 **महत्वपूर्ण समाचार: अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना में सुधार**

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को मजबूत किया है। इस योजना के तहत वित्तीय सहायता का बजट वर्ष 2023-24 में 5,400 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंचेगा।

इस योजना के माध्यम से छात्रों को उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुसार आर्थिक सहायता मिलेगी। केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली लागू की है, जिसके अंतर्गत छात्रवृत्ति राशि सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता और तेज़ी सुनिश्चित हुई है।

राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी की गई केंद्रीय सहायता वर्ष 2023-24 में 5,475.43 करोड़ रुपये और 2025-26 में 6,186.95 करोड़ रुपये रही है। छात्रवृत्ति वितरण में देरी को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा की जा रही है।

सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा में समान पहुंच सुनिश्चित करना और अनुसूचित जाति के छात्रों को उनकी शैक्षणिक आकांक्षाओं को पूरा करने में सहयोग देना है।

🌟 यह पहल सामाजिक न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है!
📢 वित्तीय बाधाओं से शोध पूरा करने तक: जानिए कैसे एनएफएससी मदद ने तरुण कुमार की शैक्षणिक यात्रा को मजबूत किया

📰 **तरुण कुमार की शैक्षणिक यात्रा: एनएफएससी से मिली मदद की कहानी**

🚀 सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप योजना (एनएफएससी) ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या निवासी 35 वर्षीय शोधार्थी तरुण कुमार की शैक्षणिक यात्रा को मजबूती दी है।

💰 आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले शोधार्थियों के लिए उच्च शिक्षा में शिक्षण शुल्क, आवास और दैनिक खर्च एक बड़ी चुनौती होती है। तरुण ने भी इन समस्याओं का सामना किया, लेकिन 2017 में एनएफएससी से सहयोग मिलना शुरू हुआ, जिसने उनकी यात्रा में बदलाव लाया।

फेलोशिप और मकान किराया भत्ता (एचआरए) के माध्यम से तरुण को जरूरी शैक्षणिक खर्चों में मदद मिली, जिससे उनका आर्थिक बोझ कम हुआ और उन्हें अपनी पीएचडी पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिला।

📚 समय पर मिली इस सहायता से तरुण का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने अपने शोध लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

🌟 उनकी कहानी यह दर्शाती है कि किस तरह समावेशी शैक्षणिक सहायता वंचित छात्रों को आर्थिक और सामाजिक बाधाओं को पार करने में मदद कर सकती है, और यह उच्च शिक्षा और शोध की दुनिया में महत्वपूर्ण योगदान का आधार बन सकती है।

📈 अंततः, तरुण ने अपने परिवार के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की और अब उनका स्थिर भविष्य की ओर बढ़ने का सपना साकार हुआ है।

इससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे कार्यक्रमों की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है। 💪📖
📢 आर्थिक तंगी से सामूहिक उद्यमिता तक: एनबीसीएफडीसी माइक्रो फाइनेंस सहायता ने बीना और उनार्वु स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) को एक सफल कैटरिंग उद्यम स्थापित करने में कैसे मदद की

📰 **समाचार संक्षेप**:

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा साझा की गई एक रिपोर्ट में केरल की उनार्वु स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की सदस्य बीना की प्रेरक कहानी का जिक्र किया गया है। उन्होंने एनबीसीएफडीसी की सूक्ष्म वित्त सहायता से एक सफल कैटरिंग उद्यम स्थापित किया।

🔹 **आर्थिक चुनौतियाँ**: बीना और उनके समूह ने आर्थिक तंगी के कारण कैटरिंग व्यवसाय शुरू करने में कई कठिनाइयों का सामना किया। पूंजी की कमी के कारण वे आवश्यक उपकरण और कच्चा माल नहीं खरीद पा रही थीं।

🔹 **वित्तीय सहायता**: 2021 में उन्हें एनबीसीएफडीसी द्वारा 5 लाख रुपये की सूक्ष्म वित्त सहायता मिली। इस मदद ने समूह को अपने कैटरिंग व्यवसाय को स्थापित करने में सहायता दी।

🔹 **सफलता की कहानी**: वर्ष 2022 में कैटरिंग इकाई की स्थापना के बाद, समूह की वार्षिक आय 1,20,050 रुपये से बढ़कर 4,19,564 रुपये हो गई। इससे समूह के सदस्यों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ, जिससे वे अपने परिवारों की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर पाए।

🔹 **महिला उद्यमिता का महत्व**: इस उद्यम ने समूह की महिलाओं को सशक्त बनाते हुए आत्मनिर्भरता के स्तर को बढ़ाने में मदद की है। यह सफलता सशक्त संस्थागत वित्तीय सहायता के माध्यम से महिला-नेतृत्व वाले समूहों को आर्थिक बाधाओं से उबरने का एक सफल उदाहरण है।

यह कहानी दिखाती है कि सामूहिक प्रयास और सही दिशा में वित्तीय सहायता कैसे महिलाओं को सशक्त बना सकती है और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती है। 💪🌺
📢 डीडीडब्ल्यूएस ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत क्षमता निर्माण के लिए कई हितधारकों के साथ परामर्श पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की

🚰 **जल शक्ति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन** 🚰

जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत डीडीडब्ल्यूएस ने "जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0" के तहत क्षमता निर्माण पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, ग्रामीण WASH भागीदारों और प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

🗣️ **कार्यशाला का उद्देश्य:**
- ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और फील्ड-स्तर के कर्मचारियों के लिए तैयार किए गए क्षमता निर्माण मॉड्यूल की समीक्षा और चर्चा करना।
- मॉड्यूल की सामग्री और पढ़ाने के तरीकों को सुधारना।

🛠️ **महत्वपूर्ण बिंदु:**
- कार्यक्रम के उद्घाटन में, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अतिरिक्त सचिव श्री कमल किशोर सोन ने टिकाऊ जल सेवा वितरण पर जोर दिया।
- उन्होंने ग्राम पंचायतों को जल आपूर्ति प्रणालियों के प्रबंधन के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल देने की आवश्यकता को बताया।
- क्षमता निर्माण का फोकस व्यावहारिक और एप्लीकेशन-आधारित होना चाहिए।

💡 **सुझाव और चर्चा:**
- प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण मॉड्यूल की प्रासंगिकता और सुधार के सुझावों पर चर्चा की।
- कार्यशाला के अंत में सभी ने क्षमता-निर्माण की व्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

इस कार्यशाला से मिली जानकारी और सुझावों का उपयोग जेजेएम 2.0 के तहत प्रशिक्षण मॉड्यूल को और बेहतर बनाने तथा कार्यान्वयन की क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

👏 जल जीवन मिशन के इस प्रयास से ग्रामीण जल आपूर्ति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद है!
📢 स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने और नवाचार को प्रोत्साहन हेतु डीपीआईआईटी ने फोनपे और शेल इंडिया के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए

📢 **महत्वपूर्ण जानकारी स्टार्टअप इकोसिस्टम से संबंधित**

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के डीपीआईआईटी ने 19 अगस्त 2026 को फोनपे और शेल इंडिया के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स को सशक्त बनाना और नवाचार को बढ़ावा देना है।

💡 **फायदे:**
1. **फोनपे**: स्टार्टअप्स को पेमेंट गेटवे, इंडस ऐपस्टोर, और विशेष ऑनबोर्डिंग जैसी सेवाएं मिलेगी। इसके अलावा, फिनटेक और व्यवसाय विकास पर मास्टरक्लास व वेबिनार आयोजित किए जाएंगे।

2. **शेल इंडिया**: यह ऊर्जा और जलवायु-तकनीक में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, संपर्क के अवसर और शेल ई4 स्मार्ट एनर्जी ट्रैक में भाग लेने के मौके प्रदान करेगा।

👥 **उद्देश्य**: इन पहलों का लक्ष्य एक सुदृढ़ और आत्मनिर्भर स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण करना है, जो उद्योग में नवाचार और विकास को बढ़ावा देगा।

युवा उद्यमियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है! 🚀
📢 ब्रिक्स महासागर और ध्रुवीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्य समूह की 8वीं बैठक

🌍 **ब्रिक्स महासागर और ध्रुवीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्य समूह की 8वीं बैठक**

🔹 **तिथि और स्थान:** भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 12-14 अगस्त, 2026 को गोवा में आयोजित हुई।
🔹 **उद्घाटन:** एनसीपीओआर के निदेशक डॉ. थंबन मेलोथ द्वारा किया गया।
🔹 **उपस्थित:** ब्राजील, चीन, मिस्र, भारत, इंडोनेशिया, रूस, दक्षिण अफ्रीका और यूएई के वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिक।
🔹 **भारतीय प्रतिनिधिमंडल:** पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी, नेतृत्व डॉ. संदीप कुमार मुखोपाध्याय ने किया।

🔍 इस बैठक का मुख्य उद्देश्य महासागर और ध्रुवीय अनुसंधान में सहयोग को बढ़ाना था। चर्चा के दौरान तटीय शहरों की सुरक्षा, महासागरीय सूचना सेवाओं का विकास, संयुक्त ध्रुवीय शोध और नए शोधकर्ताओं के लिए अवसरों पर ज़ोर दिया गया।

🤝 **मुख्य संकल्प:**
- तटीय सुदृढ़ता को बढ़ाना।
- अंटार्कटिका में समावेशी भागीदारी।
- युवा शोधकर्ताओं के लिए क्षमता निर्माण।
- अंतर्राष्ट्रीय ध्रुवीय वर्ष - 5 के लिए महत्तवपूर्ण लक्ष्य निर्धारित करना।

💬 **डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार तुम्मला की टिप्पणी:** बैठक ने महासागर और ध्रुवीय विज्ञान में वैज्ञानिक सहयोग को मजबूती प्रदान की। सदस्य देशों को बैठक के परिणामों को ठोस कार्यों में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

🤗 इस बैठक ने ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत साझेदारी और सहयोगात्मक प्रयासों की प्रतिबद्धता को दोहराया।

**#ब्रिक्स #पृथ्वीविज्ञान #सहयोग**
📢 पटना में "कृषि जन कल्याण संवाद" में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सहभागिता

📢 कृषि मंत्रालय की विशेष बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की आय को बढ़ाने में मदद करेगी, विशेषकर तीन बीघे के मॉडल में, जहाँ प्रति परिवार आय 2 लाख रुपये तक पहुँच सकती है।

शिवराज जी ने कृषि अनुसंधान के सफल प्रयोगों का भी जिक्र किया और कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर किसानों के उत्पादों की नई पहचान बनाने का कार्य करेंगे। उनका मानना है कि कृषि की सफलता के लिए किसानों के बीच रहकर और उन्हें समझना ज़रूरी है।

इस संवाद में बिहार के कृषि मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों समेत प्रगतिशील किसान भी शामिल थे। 🌾💪
📢 केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने उच्च स्तरीय द्विपक्षीय और व्यावसायिक बैठकों के माध्यम से भारत-सिंगापुर आर्थिक साझेदारी को मजबूत किया

📢 **भारत-सिंगापुर आर्थिक साझेदारी को मजबूती**

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 20 अगस्त 2026 को सिंगापुर में उच्च स्तरीय द्विपक्षीय और व्यावसायिक बैठकों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने सिंगापुर के प्रधानमंत्री श्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की और चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय एवं व्यावसायिक गोलमेज बैठक में हिस्सा लिया।

📝 **मुख्य बिंदु:**
- गोलमेज बैठकों ने व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी में भारत-सिंगापुर के बीच सहयोग को मजबूत करने का मंच प्रदान किया।
- श्री गोयल ने कई जी2बी (गवर्नमेंट-टू-बिज़नेस) बैठकें की, जिसमें एग्री-एक्सपोर्ट, फिनटेक और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की गई।
- उन्होंने एपीडा-फेयरप्राइस पहल का दौरा किया, जो कृषि व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- शाम को, उन्होंने INSEAD एशिया कैंपस में भारत-सिंगापुर बिजनेस फोरम में भाग लिया और बिजनेस कम्युनिटी के साथ एक इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किया।

🤝 इस आयोजन ने द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती और सहयोग के नए अवसरों को तलाशने की भारत की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया।

🌍 भारत की ओर से बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल थे। सिंगापुर की ओर से भी उच्च स्तर के मंत्री इस बैठक में मौजूद थे।

इस प्रकार, यह यात्रा भारत-सिंगापुर आर्थिक संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हुई।
📢 जल शक्ति मंत्रालय ने सुजलाम भारत डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के अंतर्गत डेटा साझा करने, अंतरसंचालनीयता और हितधारकों की पहुँच संबंधी नीति जारी की

🚰 **जल शक्ति मंत्रालय द्वारा नई नीति का ऐलान** 🚰

जल शक्ति मंत्रालय ने सुजलाम भारत डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के तहत एक नई नीति जारी की है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण पेयजल डेटा का साझा और प्रबंधन करना है।💧

इस नीति का लक्ष्य है:
- राज्यों, केन्द्र शासित प्रदेशों और स्थानीय शासन संस्थाओं के बीच डेटा को सुरक्षित और प्रभावी रूप से साझा करना।
- डेटा साझा करने के लिए एक फेडरेटेड और अंतरसंचालनीय ढांचा तैयार करना।
- ग्रामीण पेयजल क्षेत्र की बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना और सेवा-उन्मुख पेयजल आपूर्ति को सुनिश्चित करना।

यह नीति जल स्रोतों के स्थिरता एवं जीवन-चक्र प्रबंधन पर भी ध्यान केंद्रित करती है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संबंधित सेवाओं को और अधिक जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।🌍

यह विकास भारतीय ग्रामीण पेयजल क्षेत्र में नवाचार और प्रगति का प्रतीक है।
📢 जुलाई 2026 माह के लिए प्रमुख उद्योगों के सूचकांक के अनंतिम अनुमान और आधार वर्ष 2022-23 के साथ जून 2026 माह के लिए अंतिम सूचकांक

📊 **जुलाई 2026 के लिए प्रमुख उद्योगों के सूचकांक का अनंतिम अनुमान** 📈

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने जुलाई 2026 के लिए प्रमुख उद्योगों के सूचकांक (ICI) का अनंतिम अनुमान जारी किया है, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 5.4% दर्ज की गई है। यह जून 2026 में 6.0% की वृद्धि से थोड़ी कम है।

🔍 **मुख्य बिंदु:**
- लौह अयस्क में 29.5%, सीमेंट में 13.1%, बिजली में 9%, कोयला में 7.6%, इस्पात में 2.9% और रिफाइनरी उत्पादों में 2.7% की वृद्धि।
- प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और उर्वरकों में नकारात्मक वृद्धि देखी गई।
- अप्रैल-जुलाई 2026 के लिए संचयी वृद्धि दर 4.3% है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 1.5% थी।

📊 **जून 2026 का संशोधित आंकड़ा:**
जून 2026 के लिए अंतिम सूचकांक को 120.7 कर दिया गया है, जिससे वार्षिक वृद्धि दर 6.0% तक पहुँच गई है।

📅 **प्रकाशन अनुसूची:**
अगस्त 2026 का अनंतिम सूचकांक 21 सितंबर 2026 को जारी किया जाएगा।

यह डेटा UPSC छात्रों के लिए महत्त्वपूर्ण है, खासकर आर्थिक विकास और औद्योगिक रुझानों के संदर्भ में। 🌟
📢 प्रधानमंत्री ने जाम्बिया के राष्ट्रपति के रूप में दोबारा निर्वाचित होने पर महामहिम राष्ट्रपति हाकाइंडे हिचिलेमा को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाम्बिया के राष्ट्रपति हाकाइंडे हिचिलेमा को पुन: निर्वाचित होने पर बधाई दी है। उन्होंने बताया कि भारत जाम्बिया के साथ अपनी बहुआयामी साझेदारी को बहुत महत्व देता है। मोदी ने हिचिलेमा के नेतृत्व में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की इच्छाशक्ति व्यक्त की है। इस संबंध में उन्होंने एक संदेश में लिखा कि वे मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं। यह सूचना 20 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी की गई थी। 🇮🇳🤝🇿🇲
📢 असम के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की

🔹 **असम के मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से मुलाकात** 🔹

आज, 20 अगस्त 2026 को, असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।

यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई है। इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और राज्य के विकास से जुड़ी योजनाओं पर विचार-विमर्श करना था।

मुलाकात की यह जानकारी सोशल मीडिया पर भी साझा की गई है।

💼 यह मुलाकात असम और केंद्र सरकार के बीच संबंधों को और मजबूत करने में सहायक साबित हो सकती है।

#असम #प्रधानमंत्री #मुख्यमंत्री
📢 केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पुणे में आयोजित डिजिटल ब्रिक्स फोरम और एक्स्पो में प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत किया

📢 **डिजिटल ब्रिक्स फोरम और एक्स्पो का आयोजन पुणे में**

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पुणे में हुए 12वीं ब्रिक्स संचार मंत्रियों की बैठक में प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत किया। इस बैठक में विभिन्न ब्रिक्स देशों के मंत्री, उद्योग, शिक्षाविद और स्टार्टअप शामिल हुए। यह मंच 2021 से चल रहा है और डिजिटल सामरिकता पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है।

🔍 **मुख्य चर्चाएं:**
1. **साइबर सुरक्षा और भरोसेमंद आईसीटी** - इस चर्चा में डिजिटल बदलाव के सुरक्षा पहलुओं पर विचार किया गया, जिसमें बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया।
2. **स्थायी डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र** - सभी के लिए कनेक्टिविटी, ऊर्जा-कुशल इंफ्रास्ट्रक्चर और नए तकनीकी समाधान जैसे सैटेलाइट सिस्टम की भूमिका पर चर्चा हुई।

🗨️ केंद्रीय संचार राज्य मंत्री ने कहा कि भारत अब डिजिटल पहचान और बुनियादी ढांचे को लेकर नई कहानी पेश कर रहा है, जो खुला और इंटर-संचालित है।

🚀 **डिजिटल ब्रिक्स फोरम एक्स्पो** - इस एक्स्पो का उद्देश्य भारतीय और ब्रिक्स स्टार्टअप्स के नवाचारों को प्रदर्शित करना था।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रिभोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें भारत की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया गया।

📅 अगली बैठक 21 अगस्त 2026 को होगी।

यह फोरम न केवल तकनीकी संवाद बल्कि सांस्कृतिक मेल-मिलाप का भी एक शानदार उदाहरण है!
📢 प्रधानमंत्री ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता और सतत विकास पर एक लेख साझा किया

📰 **प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा महत्वपूर्ण समाचार**

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव द्वारा लिखित एक लेख साझा किया है, जिसमें भारत की BRICS अध्यक्षता का विवरण दिया गया है।

📅 **तिथि:** 20 अगस्त 2026
🇮🇳 **मुख्य बिंदु:**
- भारत की BRICS अध्यक्षता जन-केंद्रित जलवायु कार्रवाई के माध्यम से सतत विकास को आगे बढ़ा रही है।
- लेख में सतत जीवनशैली, वनीकरण, चक्रीय अर्थव्यवस्था और समुदाय-आधारित अनुकूलन पर खास ध्यान देने का उल्लेख है।
- इसके अलावा, भारत की उत्सर्जन तीव्रता को कम करने और गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने की दिशा में प्रगति को भी रेखांकित किया गया है।

इससे स्पष्ट होता है कि भारत इस दिशा में सक्रियता से कदम उठा रहा है और वैश्विक जलवायु पहल में अपनी भूमिका निभा रहा है। 🌍

यह जानकारी UPSC छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है और जलवायु के मामले में वर्तमान वैश्विक दृष्टिकोण को समझने में मददगार होगी।
📢 प्रधानमंत्री ने भारत सरकार के सचिवों के साथ तीसरी उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की

🇮🇳 **प्रधानमंत्री ने सचिवों के साथ तीसरी उच्चस्तरीय बैठक की** 🇮🇳

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत सरकार के सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर चर्चा की गई। उन्होंने सचिवों से आग्रह किया कि वे देश के भविष्य को कैसे आकार देना है, इस पर गहन विचार करें।

🌐 **डेटा का महत्व**: प्रधानमंत्री ने डेटा को एक राष्ट्रीय संपत्ति और संसाधन के रूप में देखना जरूरी बताया। उन्होंने डेटा की बेहतर अंतःप्रचालनीयता और उपयोग पर जोर दिया।

🧠 **मानसिकता में बदलाव**: अलग-अलग विभागों में काम करने की प्रवृत्ति को केवल संगठनात्मक समस्या नहीं, बल्कि मानसिकता का मुद्दा कहकर इसे सुलझाने का सुझाव दिया।

🤝 **सामूहिक प्रयास की आवश्यकता**: कोविड-19 और पश्चिम एशिया संकट के दौरान की गई समन्वित कार्रवाइयों का उदाहरण देते हुए, उन्होंने टीम भावना और अनौपचारिक संवाद को बढ़ावा देने की बात कही।

📊 **नई नीतियों के लिए सहभागिता**: प्रधानमंत्री ने सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच अधिक सहयोग की आवश्यकता बतायी। इससे नए और रचनात्मक विचार उभर सकते हैं।

🛡️ **रक्षा क्षेत्र का सुदृढ़ीकरण**: उन्होंने भारत के रक्षा उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और इस क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ाने का आग्रह किया।

🚢 **समुद्री अवसंरचना पर ध्यान**: उन्होंने समुद्री क्षेत्र को मजबूती देने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता ज्ञापित की।

**दीर्घकालिक दृष्टिकोण**: जटिल चुनौतियों का समाधान, बेहतर समन्वय और सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए बैठक समाप्त की गई।

सचिवों ने क्षेत्रवार प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। ✍️
📢 जापान के रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की

🇮🇳 प्रधानमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है कि जापान के रक्षा मंत्री श्री शिंजिरो कोइजुमी ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।

🗣️ इस बैठक में, प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई 2026 में जापान की प्रधानमंत्री सुश्री सानाए ताकाइची की भारत यात्रा के दौरान हुई चर्चा को याद किया। उन्होंने भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग के महत्व पर जोर दिया और 'मेक इन इंडिया' के तहत जापानी कंपनियों और भारतीय स्टार्ट-अप्स के बीच साझेदारी के अवसरों पर भी बात की।

🌏 मोदी ने भारत-जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में दोनों देशों के रक्षा सहयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

📝 रक्षा मंत्री कोइजुमी ने भारत के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में प्राथमिकताओं और प्रगति पर जानकारी साझा की, तथा संबंधों को और मजबूत करने की जापान सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

यह सहयोग दोनों देशों के बीच भविष्य की रक्षा रणनीतियों को निर्धारित करने में संवेदनशील है।
📢 केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने आज नई दिल्ली में आयोजित सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसपीएमसीआईएल) के 21वें पुरस्कार समारोह में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया

💼 **वित्त मंत्रालय का अपडेट** 💰

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने आज नई दिल्ली में सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसपीएमसीआईएल) के 21वें पुरस्कार समारोह में वर्चुअल रूप से भाग लिया। इस अवसर पर, उन्होंने एसपीएमसीआईएल की भूमिका को उजागर किया, जो सुरक्षित मुद्रा, सिक्के, पासपोर्ट और अन्य संप्रभु उत्पादों का उत्पादन करती है। 🏅

श्रीमती अनु पी. मथाई ने बताया कि कर्मचारियों की निष्ठा, ईमानदारी और नवाचार एसपीएमसीआईएल की सफलता के मुख्य स्तंभ हैं। श्री अमित सिंगला ने बताया कि कॉरपोरेशन ने दो दशकों तक भारत की वित्तीय बुनियाद को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण सेवा की है। 💪

श्री विजय रंजन सिंह ने एसपीएमसीआईएल की उत्पादकता, गुणवत्ता और कॉरपोरेट गवर्नेंस में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और नवाचार ने इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद की है। 👏

इस समारोह में विभिन्न इकाइयों को उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। विशेष रूप से, नर्मदापुरम स्थित सिक्योरिटी पेपर मिल को सीएमडी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 🌟

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जहां सभी भागीदारों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया। इस पुरस्कार समारोह ने एसपीएमसीआईएल की उत्कृष्टता और राष्ट्र सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। 🇮🇳

💡 **यह समारोह भारत की वित्तीय और संप्रभु शक्ति को आगे बढ़ाने में एसपीएमसीआईएल के योगदान की एक महत्वपूर्ण गवाही है।**
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📢 दिल्ली मास्टर प्लान 2047: विकसित दिल्ली और विकसित भारत 2047 के लिए एक रोडमैप

📢 **दिल्ली मास्टर प्लान 2047: विकसित दिल्ली और भारत का रोडमैप** 🌆

केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने *दिल्ली मास्टर प्लान 2047* (एमपीडी-2047) का लोकार्पण किया। इस योजना का उद्देश्य दिल्ली की बढ़ती आवास जरूरतों को पूरा करना है, जिसमें **40 लाख नए किफायती आवासों** का विकास शामिल है।

🛤️ **मुख्य विशेषताएं:**
- **ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट** नीति के अंतर्गत सार्वजनिक परिवहन को मज़बूत किया जाएगा, जिससे बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि पुराने इलाकों का सुनियोजित विकास किया जा सके।
- अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के लिए **किफायती और सम्मानजनक आवास** की योजना बनाई गई है।
- **लैंड पूलिंग नीति** का कार्यान्वयन करके लगभग 12 लाख नए घरों का निर्माण किया जाएगा।

🏙️ **आर्थिक और औद्योगिक विकास:**
- व्यावसायिक केंद्रों के पुनर्विकास के लिए **इंसेंटिव** और **लचीले जोनिंग** की अनुमति दी जाएगी।
- नवाचार और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के लिए को-वर्किंग स्पेस और डेटा सेंटर्स की स्थापना की जाएगी।

🌊 **विरासत और पर्यावरण संरक्षण:**
- 1,500 हेरिटेज संपत्तियों का संरक्षण किया जाएगा और उनके लिए सांस्कृतिक संसाधन प्रबंधन योजनाएँ बनाई जाएँगी।
- यमुना नदी के फ्लडplain के संरक्षण के लिए 13 प्रमुख पुनर्स्थापन परियोजनाएँ चलाई जाएँगी।

🎓 **शिक्षा और बुनियादी ढाँचा:**
- नरेला को एक विश्वस्तरीय शिक्षा हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें 138 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है।
- द्वारका को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए औद्योगिक पार्क और डेटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

🚌 **यातायात में सुधार:**
- एकीकृत परिवहन प्रणालियों के लिए **यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी** का गठन।
- शहर के विभिन्न हिस्सों और आसपास के राज्यों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब बनेंगे।

इस योजना का मुख्य लक्ष्य एक समावेशी, टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी राजधानी बनाना है जो 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण का प्रतीक बने।
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📢 इंडियाएआई मिशन ने भारत के एआई-अनुकूल डेटा इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एआईकोष विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया

📰 **आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा इकोसिस्टम पर कार्यशाला** 📰

नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में इंडियाएआई मिशन के तहत एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सरकार, उद्योग, शिक्षा और स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों ने भारत के एआई-अनुकूल डेटा इकोसिस्टम को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

🔹 **मुख्य बिंदु:**
- कार्यशाला का उद्घाटन डॉ. सौरभ गर्ग ने किया, जिन्होंने डेटा के जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया।
- इंडियाएआई मिशन के सीईओ, श्री सौरभ विजय ने बताया कि डेटा भारत की सॉवरेन एआई लक्ष्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- विभिन्न विशेषज्ञों ने बड़े पैमाने पर एआई डेटा के उपयोग, डेटा साझाकरण के कानूनी पहलू, और निजता की सुरक्षा पर चर्चा की।

🔹 **महत्वपूर्ण संबोधन:**
- श्री नंद कुमारम (नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीज़न) ने डेटा के उपयोग पर व्याख्यान दिया।
- सुश्री तनुश्री देब बर्मा (यूआईडीएआई) ने डिजिटल सार्वजनिक भलाई के लिए डेटा के उपयोग पर अपनी राय साझा की।

🔹 **गोलमेज चर्चा:**
प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा क्षेत्रों संबंधी डेटा के अवसरों और चुनौतियों पर विचार किया।

🔹 **समझौते पर हस्ताक्षर:**
इंडियाएआई, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन और अन्य संस्थानों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर आपसी सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया।

🔹 **भविष्य की दिशा:**
डेटा इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिसमें डेटा आदान-प्रदान की क्षमताएं विकसित करना शामिल है।

👉 इस कार्यशाला का उद्देश्य भारत के एआई नवाचार को आगे बढ़ाना और डेटा के द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सुधार लाना है।
📢 ग्लोबल डिजिटल कैपेसिटी बिल्डिंग अलायंस: सरकारी क्षमता के लिए एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म बनाना

**📢 ग्लोबल डिजिटल कैपेसिटी बिल्डिंग अलायंस: एक नई पहल**

भारत सरकार के कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन (CBC) द्वारा स्थापित 'ग्लोबल डिजिटल कैपेसिटी बिल्डिंग अलायंस' (GDCBA) आज छह महीने पूरे कर चुका है। यह अलायंस भारत के क्षमता निर्माण के प्रयासों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' के दौरान इसकी शुरुआत हुई, और यह अब एक अंतरराष्ट्रीय सहयोग का मंच बन चुका है।

**🗂️ अलायंस के उद्देश्य:**
1. सार्वजनिक क्षेत्र में संस्थागत क्षमता को मजबूत करना।
2. डेटा और सभी सबूतों पर आधारित निर्णय लेने में मदद करना।
3. गवर्नेंस के लिए वैश्विक प्रैक्टिस का समुदाय बनाना।
4. जानकारी, केस स्टडी और प्रैक्टिकल गाइडेंस का संग्रह तैयार करना।

**🌏 वैश्विक नेटवर्क और साझेदारी:**
GDCBA ने ब्राज़ील, श्रीलंका और मॉरिशस सहित 10 देशों में अपनी पहुँच बढ़ाई है, और 250 से अधिक सरकारी अधिकारियों ने इस अलायंस में भाग लिया है। इसके साझेदारों में गेट्स फ़ाउंडेशन, वर्ल्ड बैंक, UNICEF और अन्य प्रमुख संस्थाएँ शामिल हैं।

**👥 गतिविधियाँ:**
इस अलायंस ने लाइव वर्कशॉप, राउंडटेबल और पैनल समिट के माध्यम से अधिकारियों को अनुभव साझा करने का अवसर दिया है।

**🔮 भविष्य की दिशा:**
अगले चरण में GDCBA तकनीकी कार्य समूह, पॉलिसी फोरम और ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से अपनी गतिविधियों को और बढ़ाएगा। एक सालाना समिट और 'स्टेट ऑफ़ कैपेसिटी बिल्डिंग रिपोर्ट' की योजना भी बनाई गई है।

** लक्ष्य:**
समावेशिता बढ़ाना, गवर्नेंस को मज़बूत करना और नागरिकों का जीवन बेहतर बनाना इस अलायंस की प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं। यह 'सबका कल्याण, सबकी खुशी' के सिद्धांत के तहत वैश्विक स्तर पर सरकारी अधिकारियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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