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प्रथम छत्तीसगढ़ी कहानी ‘सुरही गइया’ के कहानीकार कौन हैं? https://youtu.be/dJeNvMmTKWw
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छत्तीसगढ़ जनमन - मार्च 2022 -
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♥️ छत्तीसगढ़ में मौर्य एवं सातवाहन काल -

मौर्य काल -

मौर्य काल (323 ई.पू. – 184 ई.पू.) के दौरान यह छत्तीसगढ़ का क्षेत्र मौर्यवंशी शासकों के अधीन था। मौर्य सम्राट अशोक ने दक्षिण कोशल की राजधानी श्रावस्ती में स्तूप का निर्माण करवाया था।

मौर्य काल के दो अभिलेख सरगुजा जिले से प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के रामगढ़ के निकट कबरा पहाड़ और सिंहनपुर की गुफाओं सीताबोंगरा और जोगीमारा से प्राप्त मौर्यकालीन अभिलेख ब्राह्मी लिपि में हैं। इस अभिलेख में सुतनुका नामक देवदासी एवं उसके प्रेमी देवदत्त का उल्लेख है। इन गुफाओं में सांस्कृतिक आयोजन के मंचन के लिए रंगशाला (नाट्यशाला) बनाए गए थे। सीताबोंगरा की नाट्यशाला भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशाला मानी जाती है।

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के तुरतुरिया से बौद्ध भिक्षुणियों का एक विहार मिला है। इस विहार में भगवान बुद्ध की एक विशाल प्रतिमा आज भी विद्यमान है। मौर्यकालीन आहत सिक्के (Punch - Marked Coins) मुख्यतः अकलतरा , ठठारी , बार एवं बिलासपुर से प्राप्त हुए हैं।

इनके अलावे छत्तीसगढ़ में मिट्टी के परकोटों वाले अनेक गढ़ मिले हैं , जिनका संबंध मौर्य सम्राट अशोक के अभिलेख में उल्लिखित आटविक राज्य से जोड़ा जाता है। आटविकों की अपनी सामाजिक व्यवस्था थी, जिसके अवशेष को आज भी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के आदिवासियों की सामाजिक व्यवस्था में देखा जा सकता है।

सातवाहन काल -

मौर्य साम्राज्य के पतन के पश्चात् दक्षिण भारत में सातवाहन राज्य की स्थापना हुई। दक्षिण कोशल (वर्तमान छत्तीसगढ़) का अधिकांश क्षेत्र सातवाहनों के प्रभाव क्षेत्र के अधीन था। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपने यात्रा विवरण 'सी-यू-की' में दक्षिण कोशल में सातवाहनों के राज्य का उल्लेख किया है। उसके अनुसार दक्षिण कोशल (वर्तमान छत्तीसगढ़) की राजधानी के निकट एक पर्वत पर सातवाहन राजा ने एक सुरंग खुदवाकर प्रसिद्ध बौद्ध दार्शनिक के लिए एक पाँचमंजिला भव्य संघाराम बनवाया। ह्वेनत्सांग के कथन की पुष्टि ऋष्यतीर्थ (सक्ती के निकट, बिलासपुर जिला, छत्तीसगढ़) से प्राप्त शिलालेख से भी होती है, जिसमें सातवाहन राजा कुमार वरदत्त का उल्लेख है।

सातवाहन नरेश अपीलक की एकमात्र मुद्रा छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले के बालपुर के निकट महानदी से प्राप्त हुई है। अपीलक के मुद्रा की प्राप्ति से इस काल में यहाँ तत्कालीन सातवाहन के अधिकार की पुष्टि होती है।

सातवाहन काल में भारत का व्यापार रोम से होता था । रोम के सोने के सिक्के बिलासपुर और चकरबेढ़ा से प्राप्त हुए हैं। इससे सिद्ध होता है कि उन दिनों बिलासपुर काफी समृद्ध था।
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🔥 छत्तीसगढ़ के प्रमुख व्यक्तित्व -

➥ *स्वामी आत्मानंद जी -*
https://youtu.be/r3Tey3epDu4

➥ शहीद वीर नारायण सिंह -
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➥ फुलबासन बाई यादव (पद्मश्री) -
https://youtu.be/FydlNL9SQlw

➥ सुंदरलाल शर्मा (छत्तीसगढ़ के गाँधी) -
https://youtu.be/0p9qASoTYtU

➥ खूबचंद बघेल (स्वतंत्रता सेनानी) -
https://youtu.be/uLS-jo7VC_g

➥ संत गुरु घासीदास बाबा -
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➥ भूपेश बघेल (मुख्यमंत्री) -
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➥ सत्यनारायण बाबा (कोसमनारा) -
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➥ तीजन बाई (पद्मविभूषण) -
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