Bihar Naman GS (An Institute for UPSC and BPSC), Patna✌️
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🟢 Bihar Naman GS – UPSC & BPSC की सम्पूर्ण तैयारी का भरोसेमंद नाम
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जानकारी - - -

1. 72 वीं BPSC में 1000+ पोस्ट

2. 26 July 2026 को Prelims

3. September 2nd Week में PT Result

4. November Last Week में Mains..

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Bihar Naman GS (An Institute for UPSC and BPSC), Patna✌️
जानकारी - - - 1. 72 वीं BPSC में 1000+ पोस्ट 2. 26 July 2026 को Prelims 3. September 2nd Week में PT Result 4. November Last Week में Mains.. ✌️
Mains को मत छोड़िए, 3 घन्टा Mains और 5 घंटा PT को दीजिए ना आपका PT रूकेगा ना Mains 🙂
बाकी का समय आप अपने हिसाब से MCQs प्रैक्टिस और Mains Writing में ईस्तेमाल कर सकते हैं 🙂
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BET Exam के लिए अंतिम ड्राफ़्ट तैयार हो गया है. यह पहले जैसे प्रावधानों के अनुरूप ही था. आपलोग तैयार रहिए
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पता नहीं यार, यह चुनाव आयोग का संदेश है या धमकी. किताबों में तो लिखा है कि यह एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है किन्तु यह तो संविधान से अधिक प्रतीत हो रहा है.
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Vvi for 71th mains ✌️
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प्रणाम बिहार 🙏

अगर जीवन में सच में कुछ बनना चाहते हो तो पहले आराम छोड़ो…
घर की छाँव छोड़ो, माँ का दुलार छोड़ो, बाप की छत छोड़ो।

जब सिर पर छत नहीं होगी — तब तुम आसमान नापना सीखोगे।
जब पेट में आग लगेगी — तब तुम खुद रोटी सेंकना सीखोगे।
जब जेब खाली होगी — तब तुम दुनिया में खुद को टटोलोगे।

यही सत्य है — यही तुमको मजबूत बनाएगी।

Gautama Buddha राजमहल छोड़कर निकले — तब उन्हें ज्ञान मिला।
Alexander the Great अपने देश से बाहर निकला — तब विश्व विजेता बना।
राम ने वनबास काटा - तब देवता बने, पुरुषोत्तम बने।
अनिल अग्रवाल बिहार से बाहर निकले - तब मेटल किंग बने।

और मूर्खों, तुम्हें लगता है घर में रहकर आसमान नाप लोगे..!

याद रखो, अगर तुम्हारा जन्म मानव में हुआ है तो तुम्हारा जरूर कोई उद्देश्य होगा, उसे पहचानो, घर से बाहर निकलो और तलाश करो खुद को.. स्वयं को, 'मैं' को!

इसलिए निकलो…
टूटो…
लड़ो…
और तब मत रुको,
जब तक तुम्हारा खुद का नाम तुम्हारी पहचान न बन जाए! 🔥

याद रखना मेरी बात.
बाप के हिस्से से जागीर मिलती है जमीर नहीं!

Santosh Kashyap
Bihar Naman GS
Patna

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भारत और तुर्किये के बीच विदेश कार्यालय परामर्श (FoC) का 12वां दौर 8 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
इस बैठक की अध्यक्षता भारत की ओर से सचिव (पश्चिम) श्री सिबी जॉर्ज और तुर्किये की ओर से उप विदेश मंत्री सुश्री बेरिस एकिन्ची ने की। इससे पहले इस परामर्श का पिछला दौर जून 2022 में अंकारा में आयोजित हुआ था।
मुख्य बिंदु:
द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा:
दोनों देशों ने आपसी संबंधों की वर्तमान स्थिति का व्यापक मूल्यांकन किया।
चर्चा के प्रमुख क्षेत्र:
व्यापार और निवेश
पर्यटन
प्रौद्योगिकी एवं नवाचार
ऊर्जा
शिक्षा एवं सांस्कृतिक सहयोग
जन-से-जन संपर्क
सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग
वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दे:
दोनों पक्षों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

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भारत का दुर्भाग्य है या अंधविश्वास का बोझ — कहना कठिन है।

हाल ही की घटना है—नर्मदा नदी में 11,000 लीटर दूध यह कहकर बहा दिया गया कि यह “माँ नर्मदा” को अर्पित है। आस्था हर व्यक्ति का अधिकार है, और उसका सम्मान भी होना चाहिए। परंतु जब आस्था का रूप ऐसा हो जाए कि वह विवेक से दूर चला जाए, तब प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
नदी के अथाह जल में मिलकर यह दूध अंततः केवल पानी में परिवर्तित हो जाता है। न तो इससे किसी को प्रत्यक्ष लाभ होता है, न ही समाज का कोई भला होता है। उल्टा, इतनी बड़ी मात्रा में दूध का नदी में प्रवाह जलीय जीवन और पारिस्थितिकी संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
दूसरी ओर, यही भारत है जहाँ कई स्थानों पर बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील में दूध का नाम मात्र रह जाता है—20 लीटर पानी में 1 लीटर दूध मिलाकर 21 लीटर “दूध” के नाम पर बच्चों को परोसा जाता है। एक तरफ अंध-आस्था में संसाधनों की बर्बादी, और दूसरी तरफ बुनियादी पोषण के लिए तरसते बच्चे—यह विरोधाभास भीतर तक झकझोर देता है।
प्रश्न आस्था का नहीं, उसके स्वरूप का है। यदि वही दूध किसी जरूरतमंद बच्चे के हिस्से आ जाए, तो शायद “पुण्य” का अर्थ और भी सार्थक हो जाए।
आस्था तब तक सुंदर है, जब तक वह मानवता और संवेदनशीलता के साथ खड़ी हो; जैसे ही वह तर्क और सामाजिक जिम्मेदारी से दूर जाती है, वह अंधविश्वास में बदल जाती है।
सोचने की जरूरत है—क्या भगवान को प्रसन्न करने का मार्ग संसाधनों की बर्बादी है, या जरूरतमंद की मदद?
शायद उत्तर हमारे भीतर ही कहीं छिपा है, बस उसे जगाने की जरूरत है, ढूंढने की नहीं ।

Santosh Kashyap
Bihar Naman GS
Patna

नोट: यह मेरा निजी विचार है। मैं किसी की धार्मिक आस्था पर प्रश्न नहीं उठा रहा बस तार्किक रूप से अपना विचार संप्रेषित कर रहा हूं।
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