Bhajan Diary (भजन डायरी)
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भजन डायरी के इस चैनल पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है 🙏
यहाँ आपको भजन लिरिक्स, ऑडियो वीडियो, भक्ति स्टेटस आदि मिलेंगे।
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।।श्री हरि।।

चुलबुली शुभकामनाएं😃

*खूबसूरत विचार रखने वालों को रूप चौदस की हार्दिक शुभकामनाएं😊*

*और गंदा अभद्र बुरा बोलने वालों को नरक चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनाएं😁*
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*जींदगी वन-डे मैच की तरह है,*
*जिसमें रन तो बढ़ रहे है*
*पर ओवर घट रहे है*
*मतलब धन तो बढ़ रहा है*
*पर उम्र घट रही है।*
*इसलिए हर दिन कुछ न कुछ पूण्य के*
*चौके छक्के लगायें...*
*ताकि ऊपर बैठा एम्पायर हमें*
*खुशियों की ट्रॉफी दे ....!*
ओम शान्ति
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*🌺🪷 श्री अच्युताष्टकम 🌼🚩*

अच्युतं केशवं रामनारायणं

कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्।

श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं

जानकीनायकं रामचन्द्रं भजे।।1।।



अच्युतं केशवं सत्यभामाधवं

माधवं श्रीधरमं राधिकाराधितम्।

इन्दिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरं

देवकीनन्दनं नन्दजं सन्दधे।।2।।



विष्णवे जिष्णवे शंखिने चक्रिणे

रुक्मिणीरागिणे जानकीजानये।

वल्लवीवल्लभायार्चितायात्मने

कंसविध्वंसिने वंशिने ते नम:।।3।।



कृष्ण गोविन्द हे राम नारायण

श्रीपते वासुदेवाजित श्रीनिधे।

अच्युतानन्त हे माधवाधोक्षज

द्वारकानायक द्रौपदीरक्षक।।4।।



राक्षसक्षोभित: सीतया शोभितो

दण्डकारण्यभूपुण्यताकारण:।

लक्ष्मणेनान्वितो वानरै: सेवितो-

Sगस्त्यसम्पूजितो राघव: पातु माम्।।5।।



धेनुकारिष्टकानिष्टकृद्द्वेषिहा

केशिहा कंसहृद्वंशिकावादक:।

पूतनाकोपक: सूरजाखेलनो

बालगोपालक: पातु मां सर्वदा।।6।।



विद्युदुद्योतवत्प्रस्फुरद्वाससं

प्रावृडम्भोदवत्प्रोल्लसद्विग्रहम्।

वन्यया मालया शोभितोर:स्थलं

लोहितांघ्रिद्वयं वारिजाक्षं भजे।।7।।



कुंचितै: कुन्तलैर्भ्राजमानाननं

रत्नमौलिं लसत्कुण्डलं गण्डयो:।

हारकेयूरकं कंकणप्रोज्ज्वलं

किंकिणीमंजुलं श्यामलं तं भजे।।8।।



अच्युतस्याष्टकं य: पठेदिष्टदं

प्रेमत: प्रत्यहं पूरुष: सस्पृहम्।

वृत्तत: सुन्दरं कर्तृविश्वम्भर-

स्तस्य वश्यो हरिर्जायते सत्वरम्।।9।।



*इतिश्रीमच्छंकराचार्यकृतमच्युताष्टकं सम्पूर्णम्।*
Photo from Shekhar Mourya
*🌴०४ नवंबर २०२२ शुक्रवार 🌴*
*//कार्तिकशुक्लपक्ष एकादशी२०७९//*
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*👉आज.............................*
*🥀देवोत्थान एकादशी🥀* है
‼️
*ऋषि चिंतन*
‼️
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*🌹सम्पत्तिवान बनने के लिए🌹*
*〰️श्रमशील बनिए〰️*
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👉 यह विचार करना ही चाहिए कि *"धन"* आखिर है क्या ? *"मानवी बल" और "बुद्धि बल" का विभिन्न प्रयोजनों में प्रयोग करने से जो उपलब्धियाँ होती हैं, उन्हें "संपत्ति" कहा जा सकता है ।* धन की सही परिभाषा यही है । अर्थशास्त्र का आरंभ यहीं से होता है । जुआ, सट्टा, लॉटरी, ब्याज, उत्तराधिकार, गड़ा खजाना आदि के रूप में बिना श्रम की संपत्ति कई लोग प्राप्त कर लेते हैं, पर उसे अपवाद कहा जाना चाहिए । इस प्रकार की संपदा के प्रति औचित्य की मान्यता बदली जानी चाहिए, अन्यथा विडंबना बनी रहेगी । *आज नहीं तो कल वह दिन आकर ही रहेगा, जब अर्थशास्त्र का शुद्ध अध्यात्म सम्मत सिद्धांत ही मान्य होगा ।* शारीरिक और मानसिक श्रम का उचित मूल्य ही लोग धन के रूप में प्राप्त कर सकेंगे ।
👉 *अधिक धन उपार्जित करके अधिक सुख-साधन प्राप्त करने की इच्छा हो तो अपनी शारीरिक और मानसिक दक्षता बढ़ाई जानी चाहिए ।* इस दृष्टि से जो जितना आगे बढ़ेगा, वह उतना धन प्राप्त करेगा ।अपना दुर्भाग्य यह है कि हम श्रम से जी चुराने की प्रकृति अपनाते हैं और आरामतलबी से समय गुजारना चाहते हैं । *"श्रम" की अप्रतिष्ठा हमारा सामाजिक दोष है ।* हरामखोरों को बड़ा आदमी और भाग्यवान कहा जाता है । श्रमजीवी अभागे और अछूत माने जाते हैं ।यह प्रवृत्ति बदली जानी चाहिए । *संपन्नता को खरीदने के लिए "श्रम-दक्षता" विकसित की जानी चाहिए ।*
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// *अध्यात्मवाद ही क्यों ?* //पृष्ठ-१०
*🥀पं.श्रीराम शर्मा आचार्य🥀*
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गांठ बांध लीजिए
*🪢 फ्लैट न लेकर जमीन खरीदो, और उस पर अपना घर बनाओ! वरना आपकी संतानों का भविष्य पिंजरे के पंछी की तरह हो जाएगा*
*🪢 नयी युवा पीढ़ी को कम से कम तीन संतानों को जन्म देने के लिए प्रेरित करें !*
*🪢 गांव से नाता जोड़ कर रखें ! और गांव की पैतृक सम्पत्ति, और वहां के लोगों से नाता, जोड़कर रखें !*
*🪢 अपनी संतानों को अपने धर्म की शिक्षा अवश्य दें, और उनके मानसिक व शारीरिक विकास पर अवश्य ध्यान दें !*
*🪢 किसी भी और आतंकवादी प्रवृत्ति के व्यक्ति से सामान लेने-देने, व्यवहार करने से यथासंभव बचें !*
*🪢 घर में बागवानी करने की आदत डालें,(और यदि पर्याप्त जगह है,तो देशी गाय पालें।*
*🔖 होली, दीपावली,विजयादशमी, नवरात्रि, मकर संक्रांति, जन्माष्टमी, राम नवमी, आदि जितने भी त्यौहार आयें, उन्हें आफिस/कार्य से छुट्टी लेकर सपरिवार मनाये।*
*🪢 !(हो सके तो पैदल, व परिवार के साथ )*
🪢 *प्रात: काल 5-5:30 बजे उठ जाएं, और रात्रि को 10 बजे तक सोने का नियम बनाएं ! सोने से पहले आधा गिलास पानी अवश्य पिये (हार्ट अटैक की संभावना घटती है)*
*🪢 यदि आपकी कोई एक संतान पढ़ाई में असक्षम है, तो उसको कोई भी हुनर (Skill) वाला ज्ञान जरूर दें !*
*🪢 आपकी प्रत्येक संतान को कम से कम तीन फोन नंबर स्मरण होने चाहिए, और आपको भी!*
*🪢 जब भी परिवार व समाज के किसी कार्यक्रम में जाएं, तो अपनी संतानों को भी ले जाएं ! इससे उनका मानसिक विकास सशक्त होगा !*
*🪢 परिवार के साथ मिल बैठकर भोजन करने का प्रयास करें, और भोजन करते समय मोबाइल फोन और टीवी बंद कर लें !*
*🪢 अपनी संतानों को बालीवुड की कचरा फिल्मों से बचाएं, और प्रेरणादायक फिल्में दिखाएं !*
*🪢 जंक फूड और फास्ट फूड से बचें !*
*🪢 सांयकाल के समय कम से कम 10 मिनट भक्ति संगीत सुने, बजाएं !*
*🪢 दिखावे के चक्कर में पड़कर, व्यर्थ का खर्चा न करें !*
*🪢 दो किलोमीटर तक जाना हो, तो पैदल जाएं, या साईकिल का प्रयोग करें !*
*🪢 अपनी संतानों के मन में किसी भी प्रकार के नशे (गुटखा, तंबाखू, बीड़ी, सिगरेट, दारू...) के विरुद्ध चेतना उत्पन्न करें,तथा उसे विकसित करें !*
*🪢 सदैव सात्विक भोजन ग्रहण करें, अपने भोजन का ईश्वर को भोग लगा कर प्रसाद ग्रहण करें ! !*
*🪢 अपने आंगन में तुलसी का पौधा अवश्य लगायें, व नित्य प्रति दिन पूजा, दीपदान अवश्य करें !*
*🪢 अपने घर पर एक हथियार अवश्य रखें, ओर उसे चलाने का निरन्तर हवा में अकेले प्रयास करते रहें, ताकि विपत्ति के समय प्रयोग कर सकें ! जैसे-लाठी,हॉकी,गुप्ती, तलवार,भाला,त्रिशूल व बंदूक/पिस्तौल लाइसेंस के साथ !*
*🪢 घर में पुत्र का जन्म हो या कन्या का, खुशी बराबरी से मनाएँ ! दोनों जरूरी है ! अगर बेटियाँ नहीं होगी तो परिवार व समाज को आगे बढाने वाली बहुएँ कहाँ से आएगी और बेटे नहीं होंगे तो परिवार समाज व देश की रक्षा कौन करेगा !*

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पौराणिक मान्यता के अनुसार वैकुंठ चतुर्दशी पर भगवान भोलेनाथ सृष्टि का कार्यभार भगवान विष्णु को सौंपकर कैलाश की यात्रा पर निकल पड़ते हैं। प्राचीन नगरी उज्जयिनी यानी उज्जैन में इस पर्व को इसी मान्यता के अनुसार मनाया जाता है। इस अवसर पर भगवान भोलेनाथ महाकाल की सुंदर यात्रा गोपाल मंदिर पंहुचती है। पालकी से भगवान भोलेनाथ उतर कर श्री हरि को तुलसी भेंट करते हैं और श्री हरि उन्हें बदले में बिल्वपत्र देते हैं। इस सुंदर प्रसंग को हरि हर मिलन के नाम से जाना जाता है।

दूसरे शब्दों में इस दिन वैकुंठ चतुर्दशी पर हरिहर मिलन सवारी निकाली जाती है। जो अलग-अलग स्थानों, शहरों के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पर पहुंचती है। वैकुंठ चतुर्दशी पर भक्तजनों का तांता लग जाता है।

ठाठ-बाठ से भगवान शिव पालकी में सवार होकर आतिशबाजियों के बीच भगवान भगवान विष्णु जी के अवतार श्रीकृष्ण से मिलने पहुंचते हैं।

कार्तिक शुक्ल पक्ष की मध्यव्यापिनी चतुर्दशी 2 व 3 नवंबर को है। वैकुंठ चतुर्दशी पर भगवन शिवजी श्रीहरि से खुद मिलने जाते हैं। माना जाता है कि भगवान शिव चार महीने के लिए सृष्टि का भार भगवान विष्णु को सौंप कर हिमालय पर्वत पर चले जाएंगे।

प्रति वैकुंठ चतुर्दशी पर हरिहर मिलन होता है। भगवान शिव व विष्णु जी मिलते हैं एवं जो सत्ता भगवान शिव के पास है, वह विष्णु भगवान को इसी दिन सौंपते हैं। इस परंपरा को देखने के लिए मंदिरों में वैकुंठ चतुर्दशी पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ जुटती है।

देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक भगवान विष्णु पाताल लोक में राजा बलि के यहां विश्राम करने जाते हैं, इसीलिए इन दिनों में शुभ कार्य नहीं होते। उस समय सत्ता शिव के पास होती है और वैकुंठ चतुर्दशी के दिन भगवान शिव यह सत्ता विष्णु को सौंप कर कैलाश पर्वत पर तपस्या के लिए लौट जाते हैं। जब सत्ता भगवान विष्णु जी के पास आती है तो संसार के कार्य शुरू हो जाते हैं। इसी दिन को वैकुंठ चतुर्दशी या हरि-हर मिलन कहा जाता है।



जय श्री हरिहर🙏
*प्रातः वंदन* 🙏🏽
*पाजो वतन*
*रिश्तों में मिठास रखने के लिए*
*सिर्फ एक ही शर्त है*
*दिल इस्तेमाल करे दिमाग नहीं*
*अच्छा होना उतना मुश्किल नही*
*जितना उसको साबित करना होता है*
*परीक्षा हमेशा अकेले में होती हैं*
*लेकिन उसका परिणाम सबके सामने होता है*
*इसलिए कोई भी कर्म करने से पहले*
*परिणाम का जरूर विचार करें*
*अगर दो बातें हम अपने अंदर पैदा करलें तो*
*हम सब के प्यारे बन जायें*
*एक तो चुप रहना और*
*दूसरा माफ करना क्योंकि*
*चुप रहने से बड़ा कोई जवाब नहीं*
*और माफ कर देनेसे बड़ी कोई सजा नहीं*

🌻 *सुप्रभात* 🌻
Jay shri ram🙏🙏
शुभ एकादशी
🙏🙏
Photo from Shekhar Mourya