सत्यवीर तेजाजी महाराज की जय।
तेजादशमी, रामदेवजी जयंती और खेजड़ली दिवस के अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएँ।
विस्तृत एवं अमूर्त चर्चाओं से कोई सार्थक परिणाम प्राप्त नहीं होता।
विद्यार्थियों को प्रभावी परिणाम चाहिए।
हम केवल उन प्रयासों पर केंद्रित हैं, जिनके परिणाम आपके सामने स्पष्ट रूप से प्रकट होते हैं।
अरविंद शर्मा (दौसा)
तेजादशमी, रामदेवजी जयंती और खेजड़ली दिवस के अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएँ।
विस्तृत एवं अमूर्त चर्चाओं से कोई सार्थक परिणाम प्राप्त नहीं होता।
विद्यार्थियों को प्रभावी परिणाम चाहिए।
हम केवल उन प्रयासों पर केंद्रित हैं, जिनके परिणाम आपके सामने स्पष्ट रूप से प्रकट होते हैं।
अरविंद शर्मा (दौसा)
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Forwarded from Aakash Saini
RPSC चेयरमैन के स्टेटमेंट को गलत intrepret करके मिसगाइड किया जा रहा है कि निकट भविष्य में लेक्चरर के पेपर का स्तर ईजी किया जाएगा ।
कल हुए SI के पेपर में RPSC ने फिर कठिनता की सारी हदें पार की है , हो सकता है ज्ञानी महात्माओं को लेक्चरर के पेपर की तरह ये पेपर ईजी लगे लेकिन पेपर में बहुत सारे प्रश्न बहुत ज्यादा घटिया किस्म के थे ।
केवल लेक्चरर की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को अभी से तैयार हो जाना चाहिए ,चेयरमैन का क्लियर स्टैंड है हमें योग्य स्टूडेंट चाहिए, उन्हें हिंदी ,अंग्रेजी, Geo,हिस्ट्री जैसे बड़े सब्जेक्ट में तो 1 गुना स्टूडेंट इस बार भी मिल जाएंगे ।
इस शांति काल में बिना किसी की बातों में आए ग्रेड 1 के जीके को स्ट्रांग करने पर जोर दे देना चाहिए ।
कल हुए SI के पेपर में RPSC ने फिर कठिनता की सारी हदें पार की है , हो सकता है ज्ञानी महात्माओं को लेक्चरर के पेपर की तरह ये पेपर ईजी लगे लेकिन पेपर में बहुत सारे प्रश्न बहुत ज्यादा घटिया किस्म के थे ।
केवल लेक्चरर की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को अभी से तैयार हो जाना चाहिए ,चेयरमैन का क्लियर स्टैंड है हमें योग्य स्टूडेंट चाहिए, उन्हें हिंदी ,अंग्रेजी, Geo,हिस्ट्री जैसे बड़े सब्जेक्ट में तो 1 गुना स्टूडेंट इस बार भी मिल जाएंगे ।
इस शांति काल में बिना किसी की बातों में आए ग्रेड 1 के जीके को स्ट्रांग करने पर जोर दे देना चाहिए ।
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सहयोगियों, SI परीक्षा के संबंध में उठाए गए मज़ाक और बनाई गई रीलों का क्रम जारी है, हालांकि यह घटना अत्यंत दुखद प्रकृति की है। इसकी गंभीरता के प्रति शायद ही किसी का ध्यान जा रहा हो।
RPSC द्वारा बेरोजगार युवाओं के साथ जो अन्याय किया गया है, वह एक साधारण चूक नहीं, बल्कि इस बोर्ड की प्रतिकृति पर लगा गया एक गहरा कलंक है।
वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया ने पहले ही अनेक मेहनती उम्मीदवारों के मानसिक और शारीरिक संतुलन को बिगड़ दिया था; वर्षों तक की अनिश्चितता और प्रतीक्षा ने उनकी कमर पहले ही झुका दी थी।
उम्मीदवारों ने अपने घर की जिम्मेदारियाँ, नौकरियाँ, स्वस्थ जीवनशैली और अपनी युवावस्था के अनमोल वर्षों को अध्ययन में खर्च कर दिया।
जब उन्हें यह आशा थी कि अब न्याय का समय आया है और उनकी पाँच वर्षों की तपस्या का परिणाम OMR शीट पर दर्ज होकर उनके भविष्य को दिशा देगा, तब यह विषादपूर्ण परिस्थिति उत्पन्न हुई।
चूँकि यह भर्ती वर्ष 2021 की थी, उस समय RPSC का वर्तमान प्रारूप (Pattern) उपलब्ध नहीं था, इसलिए कम से कम इस बात को ध्यान में रखना चाहिए था।
RPSC द्वारा बेरोजगार युवाओं के साथ जो अन्याय किया गया है, वह एक साधारण चूक नहीं, बल्कि इस बोर्ड की प्रतिकृति पर लगा गया एक गहरा कलंक है।
वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया ने पहले ही अनेक मेहनती उम्मीदवारों के मानसिक और शारीरिक संतुलन को बिगड़ दिया था; वर्षों तक की अनिश्चितता और प्रतीक्षा ने उनकी कमर पहले ही झुका दी थी।
उम्मीदवारों ने अपने घर की जिम्मेदारियाँ, नौकरियाँ, स्वस्थ जीवनशैली और अपनी युवावस्था के अनमोल वर्षों को अध्ययन में खर्च कर दिया।
जब उन्हें यह आशा थी कि अब न्याय का समय आया है और उनकी पाँच वर्षों की तपस्या का परिणाम OMR शीट पर दर्ज होकर उनके भविष्य को दिशा देगा, तब यह विषादपूर्ण परिस्थिति उत्पन्न हुई।
चूँकि यह भर्ती वर्ष 2021 की थी, उस समय RPSC का वर्तमान प्रारूप (Pattern) उपलब्ध नहीं था, इसलिए कम से कम इस बात को ध्यान में रखना चाहिए था।
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भूगोल विषय असिस्टेंट प्रोफेसर 2025 रिजल्ट जारी