शहर में ई-बस सेवा धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगी है। शहर के लिए स्वीकृत 50 ई-बसों में से 35 का आरटीओ में पंजीयन पूरा हो चुका और 12 बसें फिलहाल सड़कों पर दौड़ रही है। पंजीकृत 23 बसें भी जल्द सेवा में शामिल की जाएंगी। शेष 15 बसों के आने के बाद शहर को 50 ई-बसों का बेड़ा मिल जाएगा। बसों की संख्या बढ़ने के साथ यह भी तय किया जाएगा कि किस रूट पर कितनी बसें चलें और किन मार्गों पर फेरों की संख्या बढ़ाई जाए। फिलहाल आचार संहिता लागू होने से ई-बसों को निर्धारित 10 रूट पर ही चलेगी। इन रूट पर यात्रीभार का आकलन कर ज्यादा भीड़ वाले मार्गों पर अतिरिक्त बसे लगाई जाएंगी। लंबे रूट पर यात्रियों को एकतरफा यात्रा में परेशानी नहीं हो, इसके लिए दोनों छोर से एक साथ बसें रवाना करने की व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद यूटीसीएल की बोर्ड बैठक में नए रूट और मौजूदा मागों में बदलाव को लेकर फैसला होगा।
रेलवे ने उदयपुर-असारवा वंदेभारत ट्रेन का विस्तार सूरत तक कर दिया, पर अपराह्न के समय से यात्रियों का वहां होने वाला खर्च अतिरिक्त होगा। जानकारों का मानना है कि ट्रेन को सुबह के समय रवाना किया जाए तो एक दिन का होटल और अन्य खर्च बच सकता है। मेवाड़ के बड़ी संख्या में लोग सूरत से जुड़े हैं। इनमें कपड़ा व्यवसायियों की संख्या सबसे ज्यादा है। वंदेभारत ट्रेन के सूरत जाने का समय उदयपुर से अपराह्न 3:35 बजे का है। यह रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी। ऐसे में सूरत पहुंचते ही व्यापारियों और यात्रियों को वहां होटल, गेस्ट हाउस या धर्मशाला में ठहरने की व्यवस्था करनी होगी। वही यात्री अगर वंदेभारत से ही लौटना चाहता है तो अगले दिन सूरत में काम करना होगा। तीसरे दिन सुबह 6:10 बजे की ट्रेन पकड़कर दोपहर 1.40 बजे उदयपुर पहुंच पाएगा। इस तरह यात्रियों पर दो दिन तक होटल में ठहरने का अतिरिक्त खर्च पड़ेगा।
जगदीश मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर व अस्थल मंदिर में 4 और 5 सितंबर को जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। इसके चलते वॉलसिटी के जगदीश चौक, सूरजपोल सहित करीबी इलाकों में 2 दिन यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। इन मार्गों में दोपहर से रात तक वाहनों का प्रवेश निषेध रहेगा। आपातकालीन सेवाओं के लिए व्यवस्था लागू नहीं होगी।
जगदीश मंदिर -
जगदीश चौक में 4 सितंबर को दोपहर 12 बजे से रात तक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। चांदपोल, रंगनिवास, हाथीपोल और घंटाघर मार्ग से जगदीश चौक तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। 5 सितंबर को भी यही व्यवस्था रहेगी।
श्रीनाथजी मंदिर -
4 सितंबर को श्रीनाथजी मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए दोपहर 3 बजे से खेरादीवाड़ा, कांजी का हाटा रोड, रावजी का हाटा लिंक रोड से श्रीनाथजी मंदिर तक वाहन नहीं आ-जा सकेंगे। 5 को भी यही व्यवस्था रहेगी।
अस्थल मंदिर -
5 सितंबर को सूरजपोल स्थित अस्थल मंदिर में आयोजन होंगे। इसके चलते दोपहर 3 बजे से कार्यक्रम खत्म होने तक सूरजपोल कंट्रोल रूम, आरएमवी रोड, अमल का कांटा, धानमंडी, मुखर्जी चौक व तेलियों की माता मंदिर से अस्थल मंदिर तक ट्रैफिक बंद रहेगा।
जगदीश मंदिर -
जगदीश चौक में 4 सितंबर को दोपहर 12 बजे से रात तक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। चांदपोल, रंगनिवास, हाथीपोल और घंटाघर मार्ग से जगदीश चौक तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। 5 सितंबर को भी यही व्यवस्था रहेगी।
श्रीनाथजी मंदिर -
4 सितंबर को श्रीनाथजी मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए दोपहर 3 बजे से खेरादीवाड़ा, कांजी का हाटा रोड, रावजी का हाटा लिंक रोड से श्रीनाथजी मंदिर तक वाहन नहीं आ-जा सकेंगे। 5 को भी यही व्यवस्था रहेगी।
अस्थल मंदिर -
5 सितंबर को सूरजपोल स्थित अस्थल मंदिर में आयोजन होंगे। इसके चलते दोपहर 3 बजे से कार्यक्रम खत्म होने तक सूरजपोल कंट्रोल रूम, आरएमवी रोड, अमल का कांटा, धानमंडी, मुखर्जी चौक व तेलियों की माता मंदिर से अस्थल मंदिर तक ट्रैफिक बंद रहेगा।
उदयपुर संभाग में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के 20 से अधिक मामले सामने आने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए विभाग ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक विशेष सर्वे टीमें मैदान में उतारने का फैसला किया है। ये टीमें घर-घर जाकर सर्दी, खांसी और जुकाम से पीड़ित मरीजों को चिह्नित करेंगी। संदिग्ध पाए जाने पर मरीजों की तुरंत एच1एन1 जांच करवाई जाएगी और मौके पर ही जरूरी दवाइयां देकर नजदीकी सरकारी अस्पताल को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।एमबी अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए अलग से स्वाइन फ्लू वार्ड और आईसीयू आरक्षित कर दिया गया है। वर्तमान में यहां 4 मरीजों का उपचार चल रहा है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन के अनुसार, मरीजों की संख्या बढ़ने पर तत्काल बेडों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
जिले के छोटे-मंझले बांधों और तालाबों का नियंत्रण पंचायती राज संस्थाओं से वापस जल संसाधन विभाग के पास आते ही उनकी दशा सुधारने की तैयारी शुरू हो गई है। गत वर्ष ये बांध पंचायतों से वापस विभाग को मिले थे। प्रदेश सरकार द्वारा पहले चरण में घोषित 200 बांधों के बजट में उदयपुर को स्थान नहीं मिलने के बाद, अब विभाग ने उदयपुर जिले के 64 बांध-तालाबों की मरम्मत करवाने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा है। जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता मनीष नायक के अनुसार गिर्वा डिविजन की ऐतिहासिक बड़ी झील सहित 15 प्रमुख बांधों-तालाबों की मरम्मत का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जा चुका है। विभाग को बजट के दूसरे चरण (सेकंड फेज) में वित्तीय स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। पंचायतों के पास तकनीकी टीम न होने से बड़ी झील का गेट पूरी तरह नहीं खुल पा रहा था और मदार बांधों की मानसून पूर्व मेंटेनेंस अटकती थी, जो अब दुरुस्त हो सकेगी।
सैलानियों की बढ़ती आवाजाही और बेहतर परपुर सुविधाओं को बढ़तीजावाजा खोस्तार उदयपुर ने रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजा है। एसोसिएशन अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि प्रमुख रूटों पर सीधी रेल सेवा मिलने से पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।जोनल रेलवे सलाहकार समिति सदस्य ओम पालीवाल के अनुसार शहर की बढ़ती इकोनॉमी और टूरिज्म को देखते हुए दिल्ली के लिए वंदे भारत और मुंबई के लिए वाया अहमदाबाद सीधी ट्रेन समय की आवश्यकता है। यह पत्र एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव कोठारी, उपाध्यक्ष उषा शर्मा, सचिव विकास पोरवाल और कोषाध्यक्ष जॉय सुवालका सहित कार्यकारिणी से चर्चा के बाद भेजा गया है।
नगर निगम चुनाव को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा शनिवार को शहर में रोड शो करेंगे। एक किमी लंबे रोड शो की शुरुआत शाम 4 बजे सूरजपोल से होगी। सीएम पहले सूरजपोल स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद रथ पर सवार होकर बैंक तिराहे तक आमजन का अभिवादन स्वीकार करेंगे। रोड शो में भाजपा के सभी 80 प्रत्याशी, उनके संयोजक और प्रभारी भी मौजूद रहेंगे। रोड शो को नगर निगम चुनाव में शक्ति प्रदर्शन के तौर पर तैयार किया है। पूरे मार्ग को झंडे, पोस्टर से सजाया है। विभिन्न समाज-संगठनों की ओर से 31 स्थानों पर स्वागत होगा।
जन्माष्टमी पर तीन दिन के लंबे वीकेंड के चलते लेकसिटी में पर्यटकों की जबरदस्त आवाजाही देखने को मिल रही है। शनिवार को तड़के से ही देश-दुनिया से आए पर्यटकों की चहल-पहल से शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल गुलजार हो उठे। हालांकि, वाहनों की आवाजाही अचानक बढने से ओल्ड सिटी और आसपास के इलाकों में यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई, जिससे पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय बाशिंदों को भी कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार सुबह से ही शहर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों पर सैलानियों का पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढ़ने के साथ ही दूध तलाई, गुलाब बाग और सिटी पैलेस रोड पर वाहनों की संख्या में भारी इजाफा हुआ। संकरी सड़कों वाले ओल्ड सिटी क्षेत्र में स्थानीय और पर्यटक वाहनों का दबाव एक साथ बढ़ने से यातायात रेंगता नजर आया। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। तीन दिन की छुट्टी का एक दिन शेष रहने से रविवार को भी पर्यटकों की भारी आवक की संभावना है। ऐसे में दूध तलाई, ओल्ड सिटी और प्रमुख पर्यटन स्थलों के आसपास यातायात प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव रहेगा।
संभाग के सबसे बड़े आरएनटी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एमबी अस्पताल में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर चिकित्सा विभाग की चिंताओं को बढ़ा दिया है। पिछले 35 दिनों (अगस्त के 31 और सितंबर के शुरुआती 4 दिन) में अकेले उदयपुर जिले में 48 और नवगठित सलूंबर जिले में 6 पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से स्वाइन फ्लू मरीजों की पहचान और रोकथाम के लिए अलग से ओपीडी शुरू नहीं की गई है, जबकि राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि मामले आते ही पृथक ओपीडी संचालित की जाए। अलग ओपीडी काउंटर नहीं होने से स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज भी सामान्य ओपीडी में ही कतार में लग रहे हैं। इससे अस्पताल आने वाले अन्य मरीजों और उनके परिजनों में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। सवाल पर एमबी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन का कहना है कि फिलहाल मरीजों की संख्या सामान्य स्थिति में है। आवश्यकता पड़ने पर जल्द ही पृथक ओपीडी शुरू कर दी जाएगी। दूसरी तरफ सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि सोमवार को सभी नर्सिंग कॉलेजों के साथ बैठक कर विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाएगा।
उदयपुर के मीरा रेस्टोरेंट में टूरिस्ट के खाने में कॉकरोच निकला। टूरिस्ट ने इसकी शिकायत की तो रेस्टोरेंट संचालक और स्टाफ ने उसके साथ मारपीट की। घटना धानमंडी थाना क्षेत्र में देहलीगेट चौराहा की शनिवार रात करीब 10:30 बजे की है। इस दौरान मौके पर एक पुलिसकर्मी भी मौजूद था, लेकिन वह मारपीट करने वालों को रोक नहीं पाया।टूरिस्ट के चेहरे और सिर पर गंभीर चोट आई। उसे इलाज के लिए एमबी हॉस्पिटल ले जाया गया। दोनों पक्ष ने एक-दूसरे पर क्रॉस एफआईआर करवाई है।थानाधिकारी गजवीर सिंह ने बताया- खाने में कॉकरोच दिखने पर विवाद हुआ था। इसमें टूरिस्ट जयेश पटेल (35) घायल हुआ है। मामले में जांच जारी है। मामले में संचालक रामचंद्र साहू को पुलिस ने कस्टडी में ले रखा है। पूछताछ की जा रही है।
शहर की आबोहवा छह साल में इस अगस्त जितनी जहरीली कभी नहीं रही। एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2021 से 2025 तक शहर की हवा ज्यादातर दिन मॉडरेट यानी सामान्य श्रेणी में दर्ज हुई थी। पिछले साल अगस्त में पूरे 31 दिन सामान्य रहे, 2023 और 2024 में भी 90 फीसदी से ज्यादा दिन मॉडरेट में गुजरे। पर, बीते अगस्त ने रुझान पूरी तरह तोड़ दिया। यही नहीं सितम्बर के पहले सप्ताह में भी हवा गुणवत्ता खराब बनी हुई है। आमतौर पर दिवाली के आसपास प्रदूषण का जो स्तर होता है, वह इन दिनों है।इस साल के अगस्त के 31 दिनों में से 23 दिन खराब और सात दिन सीधे हानिकारक श्रेणी में रहे है। यानी हर तीसरा दिन ऐसा रहा, जब सांस लेना सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हुआ। इसके उलट, अच्छी श्रेणी का एक भी दिन बीते अगस्त में दर्ज नहीं हुआ, जबकि 2024 में तीन और 2022 में एक दिन इस श्रेणी में मिला था। 2021 में भी 25 दिन खराब श्रेणी में रहे थे, लेकिन उस साल एक भी दिन हानिकारक स्तर तक नहीं पहुंचा था। जबकि इस साल सात दिन इस निशान को पार कर गए।
सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के आसपास इको-सेंसिटिव जोन में निर्माण के मामले दायर याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर यूडीए को अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी तरह स्वतंत्र कर दिया। न्यायाधीश समीर जैन ने निर्णय में कहा कि पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र में सिर्फ पुरानी जमीन संबंधी मंजूरी, होटल-रिसॉर्ट का पहले से संचालित होना, निर्माण में करोड़ों रुपए लग जाना या आवेदन पर समय पर फैसला नहीं होने से मिलने वाली डीम्ड परमिशन के आधार पर नया निर्माण वैध नहीं माना जा सकता। पहले निर्माण कर लेना और बाद में मंजूरी की उम्मीद करना कानून में संरक्षण का आधार नहीं बन सकता। हाईकोर्ट ने संबंधित निर्माणों को लेकर उदयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से सीलिंग और ध्वस्तीकरण संबंधी कार्रवाई में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने यह निर्णय दुर्गा शंकर उर्फ दुर्गेश बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य के खिलाफ दायर रिट पर दिया। न्यायालय ने इसी विषय से संबंधित अन्य याचिकाओं को भी शामिल कर सुनवाई की थी।
पिछोला झील में बिना बारिश सीवरेज का गंदा पानी पहुंचने का मामला सामने आया है। रविवार सुबह करीब 10 बजे राम मंदिर, राम घाट के पास एसडब्ल्यूडी (स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज) की मौजूदा पाइपलाइन से तेज गति से गंदा पानी सीधे पिछोला झील में गिरता दिखाई दिया। पानी में मल भी स्पष्ट नजर आया। इससे प्रथम दृष्टया आशंका है कि ड्रेनेज लाइन में कहीं से सीवरेज का कनेक्शन जुड़ा हुआ है। राम मंदिर के पास घाट पर ही एक अन्य एसडब्ल्यूडी आउटलेट पाइप से भी सीवरेज का पानी झील में मिलते हुए पाया गया।
शहर में ई-बस सेवा शुरू होने के महज 19 दिन में तस्वीर बदलने लगी है। अब निगम के बेड़े में कुल 38 ई-बसें आ गई हैं। इनमें से 35 का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। फिलहाल 26 बसें 10 रूटों पर दौड़ रही हैं। अब 9 सितंबर से 9 और बसें और सड़कों पर उतारी जाएंगी। इससे शहर में एक होने साथ 35 ई-बसों का संचालन लगेगा। इतना ही नहीं, इसी महीने 2 मीटर वाली 5 और 12 मीटर की 5 ई-बसें और आएंगी। इसके बाद निगम के बेड़े में 43 बसें हो जाएगी।दरअसल, 18 अगस्त को 33 ई-बसों के साथ सेवा शुरू करने की तैयारी थी। लेकिन, रजिस्ट्रेशन नहीं होने से 21 बसें सड़क पर नहीं उतर सकीं और सिर्फ 12 बसों से संचालन शुरू हुआ। ई-बस सेवा शुरू करने के लिए 18 अगस्त को 33 बसें तैयार थीं। लेकिन, रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण 21 बसों को संचालन में नहीं लिया जा सका। ऐसे में शुरुआत 12 बसों से ही करनी पड़ी। इसके बाद निगम के बेड़े में 5 और बसें शामिल हुईं। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ 26 बसों को 10 रूटों पर चलाया जा रहा है। अब 35 बसें रजिस्टर्ड हो चुकी हैं।
नगर निगम चुनाव से पहले वार्ड-12 में वार्डवासियों ने मतदान के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। स्थानीय लोगों ने बैनर और पोस्टर लगाकर चुनाव में वोट नहीं डालने की घोषणा की है। वार्डवासियों का कहना है कि लंबे समय से सड़क, अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और बिजली जैसी मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन इनके समाधान को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। चुनाव से ठीक पहले सामने आए इस विरोध से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की चिंता बढ़ सकती है।
आरबीआइ ने दुकानदारों और मर्चेंट्स के लिए यूपीआइ सेवा के लिए री-केवाइसी प्रक्रिया पूरी करने की डेडलाइन 15 सितंबर 2026 तय की है। इस तारीख तक छोटे कारोबारियों का सत्यापन पूरा नहीं हो पाया तो उनके क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रभावित हो सकते हैं। एग्रीगेटर और फिनटेक कंपनियों का कहना है कि लाखों छोटे कारोबारियों का सत्यापन अभी बाकी है, इसीलिए री-केवाइसी की समयसीमा बढ़ाने की मांग की गई थी।
अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस के मौके पर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी हुई है। तीन से दस लाख तक आबादी वाले शहरों के लिए दी गई रैंकिंग में उदयपुर ने 200 में 187.5 अंक हासिल कर 8वां स्थान प्राप्त किया है। उदयपुर का स्कोर नोएडा और मुरादाबाद के बराबर है। पिछले साल उदयपुर का स्कोर 176.4 और रैंक 15वीं थी। इस साल स्कोर में 11.1 अंक का सुधार और रैंक में सात स्थान की उछाल शहर के लिए बड़ी उपलब्धि है। निर्धारित करना चाहिए। पर्यटक जनरेटर, सड़क की धूल और झील वाहन, होटल-रेस्टोरेंट, डीजल किनारे होने वाली आतिशबाजी आदि सबका संयुक्त प्रभाव मापा जाना चाहिए। झीलों के ऊपर और आसपास का एयरशेड भी उसके पारिस्थितिक क्षेत्र का हिस्सा है। वायु मंडल से आने वाले प्रदूषक और उनके जल में पहुंचने की प्रक्रिया पर भी निगरानी होनी चाहिए।
उदयपुर जिले की नगर पालिका वल्लभनगर, भींडर और फतहनगर-सनवाड़ में आज सुबह मतदान शुरू हो गया। सुबह सबसे पहले वोट डालने के लक्ष्य के साथ कई मतदाता मतदान केंद्र पर पहुंच गए। कई महिला मतदाताओं में भी उत्साह था।उदयपुर की इन तीन निकायों के कुल 70 वार्डों के लिए मतदान होगा। इसमें कुल 39 हजार 957 मतदाता है। नगरपालिका वल्लभनगर में 20 वार्डों के 67, भीण्डर में 25 वार्ड में 58 और नगरपालिका फतहनगर-सनवाड़ में 25 वार्डों में 65 प्रत्याशी मैदान में है।
उदयपुर के सबसे बिजी देहलीगेट चौराहे पर रेस्टोरेंट के सामने लगी अवैध पार्किंग को हटवा दिया गया है। चौराहे पर मीरा, दया और बावर्ची नाम से तीन प्रमुख रेस्टोरेंट हैं। इसमें खाना खाने आने वाले लोगों के टू और फोर व्हीलर वाहन सामने ही पार्क कराए जाते हैं। ऐसे में आने-जाने वालों को कम जगह मिलने से रोज ट्रैफिक जाम के हालत बनते थे।शाम के समय स्थिति और विकट हो जाती है। रेस्टोरेंट संचालकों ने अवैध पार्किंग का अड्डा बना दिया था। जबकि निर्देश हैं कि ग्राहकों की पार्किंग तैयबिया स्कूल के पास या फिर बैंक तिराहा पर कराई जाए। धानमंडी पुलिस ने अब रेस्टोरेंट संचालकों को चेतावनी दी है। साथ ही दिन में गश्त के दौरान नजर रखी जा रही है।
वार्डों के सीमांकन में घर और बिल्डिंग के दो फाड़ किए नगर निगम चुनाव में वार्डों के सीमांकन में ऐसी ऐसी खामियां सामने आई हैं, जिससे लोग चौंक जा रहे हैं।ताजा मामला न्यू फ्लोरा स्थित उदय टावर्स कॉम्पलेक्स का है। यहां ए-बी-सी तीन बिल्डिंग्स के 77 फ्लैट्स में रहने वाले निवासी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वे किस वार्ड की सीमा में आते हैं। दरअसल, महज 3 फीट की दूरी पर आमने-सामने स्थित फ्लैट्स को दो अलग-अलग वार्डों में बांट दिया गया है।इस कारण से लोग भी असमंजस में है कि भविष्य में काम कराने के लिए किस वार्ड के पार्षद के पास जाएंगे, यह तय करना मुश्किल हो रहा है। तकरीबन 25-26 लोगों के नाम वार्ड 75 में डाल दिए गए हैं, तो 20-22 लोग वार्ड 78 का हिस्सा बना दिए गए हैं। इससे कई समस्याएं सामने आ रही हैं, जैसे बीएलओ के लिए एक ही फ्लोर पर दो अलग-अलग वार्डों की पर्चियां बांटना सिरदर्द बन चुका है। इसके साथ ही कहां जाएं वोट डालने? चुनाव के दिन परिवार और पड़ोसियों को अलग-अलग पोलिंग बूथों पर जाना पड़ेगा।