डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए नगर निगम की ओर से ठेका कंपनियों को 55 ऑटो दिए गए है, जिसके एवज में निगम 10 हजार रुपए प्रति ऑटो का मासिक किराया ले रहा है। लेकिन ठेका कंपनियों की ओर से निगम के ऑटो की सार संभाल नहीं की जा रही और खराब होने पर उन्हें यार्ड या अन्य स्थानों पर खड़ा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का ठेका क्लीन इंडिया, सुप्रीम कंस्ट्रक्शन और नागेन्द्र राय एंड कम्पनी को दे रखा है। निगम के 55 ऑटो इन फर्मों को उपलब्ध कराए गए है। इनमें 30 ऑटो सुप्रीम कंस्ट्रक्शन और 25 ऑटो क्लीन इंडिया को दिए गए है। इसकी एवज में संबंधित फर्मों को प्रति ऑटो प्रतिमाह 10 हजार रुपए नगर निगम को देने है। ठेका फर्म को ऑटो का रखरखाव भी करना है।
रेलवे स्टेशन और रेल परिसरों में गंदगी फैलाने या स्वच्छता प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर अब यात्रियों को अधिक जुर्माना देना होगा। रेल मंत्रालय ने शास्ति की अधिकतम राशि 500 से बढ़ाकर 1000 रुपए कर दी है। नए नियम 24 अगस्त को जारी अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होते ही लागू हो गए। अधिकारियों ने बताया कि शास्ति नहीं चुकाने पर संबंधित व्यक्ति को सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां 2000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। रेलवे की ओर से यह कदम ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। कई यात्री कचरा स्टेशन पर यहां-वहां फेंक देते हैं।
राजस्थान में वनों के साथ गैर-वन भूमि पर खड़े पेड़ों की सुरक्षा के लिए लाए जा रहे राजस्थान वृक्ष संरक्षण बिल 2026 का ड्राफ्ट ही सवालों के घेरे में आ गया है। पेड़ों को बचाने के लिए बनाए जा रहे इस प्रस्तावित कानून में पेड़ों की पहचान और प्रजातियों की सूची तैयार करने में ऐसी तकनीकी विसंगतियां सामने आई हैं, जो कानून लागू होने के बाद वन विभाग के फील्ड स्टाफ से लेकर आम लोगों तक के लिए बड़ा भ्रम पैदा कर सकती हैं। सबसे गंभीर सवाल यह है कि ड्राफ्ट में पेड़ों के वैज्ञानिक नाम तक नहीं दिए गए हैं। वहीं सूची में ऐसी प्रजाति का नाम भी शामिल है, जिसके अस्तित्व को लेकर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। सेवानिवृत्त सीसीएफ राहुल भटनागर के अनुसार, सरकारी सूची में केवल स्थानीय नामों के आधार पर वृक्षों को शामिल किया गया है। राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में एक ही पेड़ को अलग-अलग स्थानीय नामों से जाना जाता है। ऐसे में वैज्ञानिक नाम के बिना किसी पेड़ की सही पहचान करना मुश्किल होगा। इसका सीधा असर अनुमति, कटाई और कानूनी कार्रवाई के मामलों पर पड़ेगा।
नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस ने उदयपुर के सभी 80 वार्डो में प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सूची में पार्टी ने पुराने अनुभव, युवा चेहरों, महिलाओं और विभिन्न राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं का संतुलन साधने की कोशिश की है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष की पत्नी डॉ. पूनम कुंवर राठौड़, पूर्व मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास की बहू डॉ. हितांशी शर्मा, पूर्व पार्षद अरुण टांक, यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन केलावत सहित कई चर्चित चेहरों को मैदान में उतारा गया है। सात पूर्व पार्षदों, पूर्व सरपंचों और दूसरे दल से कांग्रेस में आए नेता को भी टिकट मिला है।
'अन्नपूर्णा की धरती' कहते हो, जहां गोदाम अनाज से भरे है और हम दुनिया के सबसे बड़े खाद्यान्न उत्पादक देशों में शामिल हैं। लेकिन सवाल अब भी बना हुआ है, क्या देश में हर मां व बच्चे की थाली पोषण से भरपूर है? राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (एनएफएचएस-6) के आंकड़े इसी विरोधाभास की तस्वीर पेश करते है। कुपोषण के कई संकेतकों में सुधार हुआ है, लेकिन देश अभी उस स्थिति से दूर है, जहां हर बच्चा पर्याप्त व संतुलित पोषण पा रहा हो। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में उम्र के हिसाब से कम लंबाई यानी। स्टंटिंग 35.5% से घटकर 29.3% हो गई है। गंभीर रूप से दुबले यानी सीवियर वेस्टिंग वाले बच्चों का आंकड़ा 7.7% से घटकर 5.2% हुआ है। लेकिन उम्र के हिसाब से कम वजन यानी अंडरवेट बच्चे 32.1% से घटकर सिर्फ 31.8% हुआ है। यानी देश में आज भी हर तीन में से एक बच्चा उम्र के हिसाब से पर्याप्त वजन वाला नहीं है।
खेड़ा सर्किल से सवीना जाने वाला मुख्य मार्ग लंबे समय से क्षतिग्रस्त होने के कारण बदहाल पड़ा है, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। सवीना, तीतरड़ी और सेक्टर 14 को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग से रोजाना सैकड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं। दिनभर उड़ती धूल और रात के समय कई बार रोड लाइट बंद रहने से स्थिति बेहद भयावह हो जाती है। दोपहिया वाहन चालक सड़क के गड्डों के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। विशेषकर खेड़ा सर्किल से सवीना और सवीना से खेड़ा सर्किल दोनों तरफ का मार्ग ज्यादा खराब है, जहां थोड़ी-थोड़ी दूरी पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं।प्रशासन से नई सड़क के निर्माण के लिए कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। क्षेत्रवासियों ने जनहित में इस मार्ग का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है।
आगामी त्योहारी सीजन में रेल यात्रियों की सुविधा और अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने उदयपुर सिटी-योगनगरी ऋषिकेश-उदयपुर सिटी साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा के फेरों में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इस ट्रेन की संचालन अवधि में 7 ट्रिप (फेरों) का विस्तार किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार गाड़ी संख्या 09609 (उदयपुर सिटी जनसंपर्क ऋषिकेश): उदयपुर सिटी से यह ट्रेन 14 अक्टूबर 2026 से 24 नवंबर 2026 तक (कुल 07 ट्रिप) विस्तारित अवधि के साथ संचालित होगी। गाड़ी संख्या 09610 (योगनगरी ऋषिकेश उदयपुर सिटी): योग नगरी ऋषिकेश से यह ट्रेन 15 अक्टूबर 2026 से 25 नवंबर 2026 तक (कुल 07 ट्रिप) बढ़ाई गई अवधि के अनुसार सेवा प्रदान करेगी। रेलवे प्रशासन के इस फैसले से त्योहारों पर घर जाने वाले और धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी होगी।
नगर निगम चुनाव में इस बार राजनीति का नया रंग देखने को मिल रहा है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों ने युवा पीढ़ी (जेन-जी) पर बड़ा दांव खेला है। निकाय चुनाव में कुल 8 युवा प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं, जिससे कई वाडों में मुकाबला काफी रोचक और दिलचस्प हो गया है। इन युवा प्रत्याशियों में जहां एक तरफ 26 साल की इंटीरियर डिजाइनर और राष्ट्र सेविका समिति की शिक्षिका हैं, वहीं दूसरी तरफ 23 साल की लॉ स्टूडेंट (कानून की पढ़ाई कर रही युवती) भी चुनावी जंग में अपना भाग्य आजमा रही हैं। भाजपा-कांग्रेस के अलावा बीएपी से 2 और सीपीएम से 1 युवा प्रत्याशी मैदान में रहेंगे। वहीं 8 जेन-जी युवाओं ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (4 सितंबर) और नंदोत्सव (5 सितंबर) को लेकर शहर के कृष्ण मंदिरों में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन और आरती के समय में बदलाव किया गया है। जन्माष्टमी पर 4 सितंबर को जगदीश मंदिर में मंगला आरती तय समय से आधा घंटे पहले होगी, वहीं इस्कॉन गंगू कुंड में पूरे दिन दर्शन खुले रहेंगे। सुरक्षा व भीड़ नियंत्रण के लिए जगदीश मंदिर में श्रद्धालु मुख्य द्वार से प्रवेश कर पीछे के द्वार से बाहर निकलेंगे। इस्कॉन आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग आयड़ रोड स्थित सत्यम गार्डन में रहेगी। उधर, तीतरड़ी क्षेत्र के आजाद विहार स्थित वृंदावन धाम में जन्माष्टमी महोत्सव की शुरुआत 4 सितंबर को संध्या आरती के बाद शाम 6 बजे होगी। रात 12 बजे तक हरिनाम संकीर्तन चलेगा। आश्रम प्रबंधन अध्यक्ष रामगोपाल शर्मा ने बताया कि मथुरा और वृंदावन क्षेत्र से आए कलाकार विशेष प्रस्तुतियां देंगे। रात 12 बजे आश्रम पीठाधीश्वर कृष्णानंद महाराज ठाकुरजी का महाभिषेक कर महाआरती करेंगे। इसके बाद भक्त नंदोत्सव मनाएंगे।
इलेक्ट्रिक वाहन अभी भी पेट्रोल-डीजल वाहनों के मुकाबले हर मामले में सस्ते नहीं हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ईवी का सबसे बड़ा बदलाव उनकी रेंज और कीमत के गणित में आया है। नई पीढ़ी के इलेक्ट्रिक स्कूटर एक बार चार्ज करने पर 200 से 300 किलोमीटर तक चलने का दावा कर रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिक कारों की रेंज भी शुरुआती मॉडलों के मुकाबले काफी बढ़ी है। यानी अब ईवी खरीदने वाले ग्राहक के सामने सबसे बड़ी चिंता एक बार चार्ज करने पर कितनी दूर जाएंगे, धीरे-धीरे कम हो रही है। पहली पीढ़ी के ईवी में सीमित रेंज और ज्यादा कीमत बड़ी चुनौती थी। अब बैटरी तकनीक, सॉफ्टवेयर और वाहन की दक्षता में सुधार से कंपनियां कम बैटरी क्षमता में भी ज्यादा दूरी निकाल पा रही हैं।
सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों के लिए काउंटरों पर कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बजट घोषणा पर अमल के तहत प्रदेशभर के अस्पतालों में 225 नए दवा वितरण केंद्र (डीडीसी) खोलने और इतने ही नए फार्मासिस्ट (एल-10) के पदों के सृजन की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की है। अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन), चिकित्सा शिक्षा विभाग लोकेश कुमार सहल ने यह स्वीकृति जारी की है।
उत्तर पश्चिम रेलवे में चल रहे दोहरीकरण और तकनीकी ब्लॉक के कारण सितंबर-अक्टूबर में उदयपुर रूट की 8 ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। सीपीआरओ अमित सुदर्शन के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए यह कदम उठाया है। जोनल रेलवे कमेटी सदस्य ओम पालीवाल ने बताया कि जिन यात्रियों के टिकट बुक हैं, उन्हें एसएमएस से सूचना दी जा रही है।
उदयपुर से जुड़ी 4 प्रमुख ट्रेनें -
उदयपुर-चंडीगढ़-उदयपुर : 23 सितंबर से 15 अक्टूबर तक चंडीगढ़ के बजाय अंबाला तक चलेगी।
उदयपुर-मदार एक्सप्रेसः 8 अक्टूबर को रद्द रहेगी। 9 से 11 अक्टूबर तक मदार के बजाय अजमेर तक जाएगी और उदयपुर से 1:30 घंटे देरी से रवाना होगी।
जयपुर-उदयपुर सिटीः 9 से 11 अक्टूबर तक जयपुर से 2 घंटे देरी से चलेगी। उदयपुर सिटी की जगह प्रतापनगर स्टेशन तक आएगी।
उदयपुर-ऋषिकेश एक्सप्रेस : 10 अक्टूबर को भीलवाड़ा-मोखमपुरा के बीच 40 मिनट रोककर (रेगुलेट) चलाई जाएगी।
उदयपुर से जुड़ी 4 प्रमुख ट्रेनें -
उदयपुर-चंडीगढ़-उदयपुर : 23 सितंबर से 15 अक्टूबर तक चंडीगढ़ के बजाय अंबाला तक चलेगी।
उदयपुर-मदार एक्सप्रेसः 8 अक्टूबर को रद्द रहेगी। 9 से 11 अक्टूबर तक मदार के बजाय अजमेर तक जाएगी और उदयपुर से 1:30 घंटे देरी से रवाना होगी।
जयपुर-उदयपुर सिटीः 9 से 11 अक्टूबर तक जयपुर से 2 घंटे देरी से चलेगी। उदयपुर सिटी की जगह प्रतापनगर स्टेशन तक आएगी।
उदयपुर-ऋषिकेश एक्सप्रेस : 10 अक्टूबर को भीलवाड़ा-मोखमपुरा के बीच 40 मिनट रोककर (रेगुलेट) चलाई जाएगी।
देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस प्रवेश के लिए ऑल इंडिया 15% कोटा काउंसलिंग के राउंड-2 की प्रक्रिया 3 सितंबर से शुरू होगी। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी), नई दिल्ली के अनुसार नए अभ्यर्थी 3 से 8 सितंबर तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे और सीट आवंटन का अंतिम परिणाम 11 सितंबर को जारी होगा। राउंड-1 में रजिस्ट्रेशन करा चुके विद्यार्थियों को दोबारा पंजीकरण शुल्क नहीं देना होगा, लेकिन उन्हें नए सिरे से फ्रेश चॉइस फिलिंग करनी होगी। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने पहली बार शामिल हो रहे विद्यार्थियों को रजिस्ट्रेशन से पहले एमसीसी का इनफॉर्मेशन बुलेटिन और एफएक्यू ध्यान से पढ़ने की सलाह दी है। सफल अभ्यर्थियों को 12 से 18 सितंबर के बीच आवंटित कॉलेज में रिपोर्टिंग कर ज्वॉइनिंग पूरी करनी होगी।
उदयपुर का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वितीय कार्यालय (सीएमएचओ-2 ऑफिस) 1 अक्टूबर से पेपरलेस (डिजिटल) होने जा रहा है। यह राजस्थान स्वास्थ्य विभाग का पहला सरकारी दफ्तर होगा जो पूरी तरह डिजिटली होगा। यहां फाइलें ऑनलाइन चलेंगी, आगंतुकों के आवेदन ई-मेल से लिए जाएंगे और उच्च अधिकारियों के आदेश सीधे राज्य सरकार के राजकाज पोर्टल के सर्वर पर सुरक्षित रहेंगे।सीएमएचओ डॉ. एमएस राठौड़ के अनुसार कार्यालय में कुल 8 कर्मचारी हैं। सीमित कार्यबल और फील्ड में 1-2 बाबुओं के भरोसे चलने वाली व्यवस्था को गति देने के लिए पारंपरिक फाइल सिस्टम को खत्म कर डिजिटल रूट अपनाने का फैसला किया। नई व्यवस्था के तहत अधिकारियों के ई-साइन लागू होने से भौतिक हस्ताक्षर के लिए फाइल रोकने की जरूरत नहीं रहेगी। क्यूआर कोड आधारित रसीद व्यवस्था से आम नागरिकों को आवेदन जमा करने की रसीद मोबाइल पर ही मिल सकेगी।
नगर निगम चुनाव में गुरुवार को दोपहर 3 बजे तक 52 दावेदारों द्वारा नामांकन वापस लेने से मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान कुल 333 प्रत्याशियों ने 379 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। संवीक्षा के दौरान इनमें से 74 नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए थे। इसके बाद 272 वैध नामांकन बचे थे। अब 52 नाम वापसी के बाद 220 प्रत्याशी मैदान में हैं। वार्ड 80 से भाजपा के बागी सुनील शर्मा (निर्दलीय) ने नामांकन वापस लेकर पार्टी को राहत दी है, जबकि वार्ड 60 से भाजपा के बागी कमलेश मेहता की पत्नी खुशबू मेहता चुनाव लड़ेंगे और उन्होंने नाम वापस नहीं लिया है। वार्ड 12 में भाजपा के बागी यशवंत सांवरिया को भी पार्टी पदाधिकारी नहीं मना सके और वे चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। वहीं, कांग्रेस ने अल्पसंख्यक व सवीना पकिट्स में निर्दलीयों का नामांकन वापस कराकर मुस्लिम कोर वोट बैंक का तीन-चार हिस्सों में होने वाला तिहरा विभाजन काफी हद तक रोक लिया है।
जन्माष्टमी के तीन दिन के वीकेंड पर उदयपुर पर्यटकों की पसंदीदा डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। एक सर्च रिपोर्ट के अनुसार जन्माष्टमी वीकेंड के लिए देश में सबसे ज्यादा सर्च किए गए डेस्टिनेशन में उदयपुर दूसरे स्थान पर है। पहले नंबर पर गोवा और तीसरे पर मुंबई रहा। रिपोर्ट के मुताबिक 1 मई से 31 जुलाई के बीच जन्माष्टमी वीकेंड के लिए की गई होटल सर्च में उदयपुर ने दूसरा स्थान हासिल किया है। इस बार जन्माष्टमी के मौके पर तीन दिन का वीकेंड मिलने से पर्यटकों का रुझान शॉर्ट ट्रिप की ओर बढ़ा है। उदयपुर की झीलें, मेवाड़ के ऐतिहासिक महल व हेरिटेज पहचान पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। यही वजह है कि लेकसिटी ने पर्यटन के क्षेत्र में विशेष स्थान बनाया है।
उदयपुर में पार्षद का चुनाव लड़ रहे BJP और कांग्रेस के करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या काफी ज्यादा है। दोनों दलों के कुल 38 प्रत्याशी करोड़पति हैं। इनमें सबसे ज्यादा अमीर भाजपा उम्मीदवार उदयपुर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष यशवंत आंचलिया हैं, जो वार्ड 53 से चुनाव लड़ रहे हैं।उदयपुर में नगर निगम चुनाव में दोनों पार्टियों के कुल 38 करोड़पति उम्मीदवारों में से भाजपा के 26 और कांग्रेस के 12 उम्मीदवार है। वहीं, वार्ड नंबर 66 से कांग्रेस प्रत्याशी सत्येंद्र चौधरी की घोषित संपत्ति दोनों दलों के करोड़पति उम्मीदवारों में सबसे कम है, उनके शपथ पत्र के अनुसार, 25 हजार रुपए ही कुल संपत्ति उनके नाम है। वहीं शैक्षणिक योग्यता की बात की जाए तो 44 उम्मीदवार हायर एजुकेटेड हैं। इनमें पीएचडी धारी से लेकर सीए तक चुनावी मैदान में हैं। वहीं शैक्षणिक योग्यता की बात की जाए तो 44 उम्मीदवार हायर एजुकेटेड हैं। इनमें पीएचडी धारी से लेकर सीए तक चुनावी मैदान में हैं। नगर निगम के 80 वार्डों के लिए नामांकन के दौरान उम्मीदवारों ने शपथ पत्र में अपनी संपत्ति और शैक्षणिक योग्यता की जानकारी दी है।
शहर में ई-बस सेवा धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगी है। शहर के लिए स्वीकृत 50 ई-बसों में से 35 का आरटीओ में पंजीयन पूरा हो चुका और 12 बसें फिलहाल सड़कों पर दौड़ रही है। पंजीकृत 23 बसें भी जल्द सेवा में शामिल की जाएंगी। शेष 15 बसों के आने के बाद शहर को 50 ई-बसों का बेड़ा मिल जाएगा। बसों की संख्या बढ़ने के साथ यह भी तय किया जाएगा कि किस रूट पर कितनी बसें चलें और किन मार्गों पर फेरों की संख्या बढ़ाई जाए। फिलहाल आचार संहिता लागू होने से ई-बसों को निर्धारित 10 रूट पर ही चलेगी। इन रूट पर यात्रीभार का आकलन कर ज्यादा भीड़ वाले मार्गों पर अतिरिक्त बसे लगाई जाएंगी। लंबे रूट पर यात्रियों को एकतरफा यात्रा में परेशानी नहीं हो, इसके लिए दोनों छोर से एक साथ बसें रवाना करने की व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद यूटीसीएल की बोर्ड बैठक में नए रूट और मौजूदा मागों में बदलाव को लेकर फैसला होगा।
रेलवे ने उदयपुर-असारवा वंदेभारत ट्रेन का विस्तार सूरत तक कर दिया, पर अपराह्न के समय से यात्रियों का वहां होने वाला खर्च अतिरिक्त होगा। जानकारों का मानना है कि ट्रेन को सुबह के समय रवाना किया जाए तो एक दिन का होटल और अन्य खर्च बच सकता है। मेवाड़ के बड़ी संख्या में लोग सूरत से जुड़े हैं। इनमें कपड़ा व्यवसायियों की संख्या सबसे ज्यादा है। वंदेभारत ट्रेन के सूरत जाने का समय उदयपुर से अपराह्न 3:35 बजे का है। यह रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी। ऐसे में सूरत पहुंचते ही व्यापारियों और यात्रियों को वहां होटल, गेस्ट हाउस या धर्मशाला में ठहरने की व्यवस्था करनी होगी। वही यात्री अगर वंदेभारत से ही लौटना चाहता है तो अगले दिन सूरत में काम करना होगा। तीसरे दिन सुबह 6:10 बजे की ट्रेन पकड़कर दोपहर 1.40 बजे उदयपुर पहुंच पाएगा। इस तरह यात्रियों पर दो दिन तक होटल में ठहरने का अतिरिक्त खर्च पड़ेगा।
जगदीश मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर व अस्थल मंदिर में 4 और 5 सितंबर को जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। इसके चलते वॉलसिटी के जगदीश चौक, सूरजपोल सहित करीबी इलाकों में 2 दिन यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। इन मार्गों में दोपहर से रात तक वाहनों का प्रवेश निषेध रहेगा। आपातकालीन सेवाओं के लिए व्यवस्था लागू नहीं होगी।
जगदीश मंदिर -
जगदीश चौक में 4 सितंबर को दोपहर 12 बजे से रात तक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। चांदपोल, रंगनिवास, हाथीपोल और घंटाघर मार्ग से जगदीश चौक तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। 5 सितंबर को भी यही व्यवस्था रहेगी।
श्रीनाथजी मंदिर -
4 सितंबर को श्रीनाथजी मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए दोपहर 3 बजे से खेरादीवाड़ा, कांजी का हाटा रोड, रावजी का हाटा लिंक रोड से श्रीनाथजी मंदिर तक वाहन नहीं आ-जा सकेंगे। 5 को भी यही व्यवस्था रहेगी।
अस्थल मंदिर -
5 सितंबर को सूरजपोल स्थित अस्थल मंदिर में आयोजन होंगे। इसके चलते दोपहर 3 बजे से कार्यक्रम खत्म होने तक सूरजपोल कंट्रोल रूम, आरएमवी रोड, अमल का कांटा, धानमंडी, मुखर्जी चौक व तेलियों की माता मंदिर से अस्थल मंदिर तक ट्रैफिक बंद रहेगा।
जगदीश मंदिर -
जगदीश चौक में 4 सितंबर को दोपहर 12 बजे से रात तक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। चांदपोल, रंगनिवास, हाथीपोल और घंटाघर मार्ग से जगदीश चौक तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। 5 सितंबर को भी यही व्यवस्था रहेगी।
श्रीनाथजी मंदिर -
4 सितंबर को श्रीनाथजी मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए दोपहर 3 बजे से खेरादीवाड़ा, कांजी का हाटा रोड, रावजी का हाटा लिंक रोड से श्रीनाथजी मंदिर तक वाहन नहीं आ-जा सकेंगे। 5 को भी यही व्यवस्था रहेगी।
अस्थल मंदिर -
5 सितंबर को सूरजपोल स्थित अस्थल मंदिर में आयोजन होंगे। इसके चलते दोपहर 3 बजे से कार्यक्रम खत्म होने तक सूरजपोल कंट्रोल रूम, आरएमवी रोड, अमल का कांटा, धानमंडी, मुखर्जी चौक व तेलियों की माता मंदिर से अस्थल मंदिर तक ट्रैफिक बंद रहेगा।
उदयपुर संभाग में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के 20 से अधिक मामले सामने आने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए विभाग ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक विशेष सर्वे टीमें मैदान में उतारने का फैसला किया है। ये टीमें घर-घर जाकर सर्दी, खांसी और जुकाम से पीड़ित मरीजों को चिह्नित करेंगी। संदिग्ध पाए जाने पर मरीजों की तुरंत एच1एन1 जांच करवाई जाएगी और मौके पर ही जरूरी दवाइयां देकर नजदीकी सरकारी अस्पताल को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।एमबी अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए अलग से स्वाइन फ्लू वार्ड और आईसीयू आरक्षित कर दिया गया है। वर्तमान में यहां 4 मरीजों का उपचार चल रहा है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन के अनुसार, मरीजों की संख्या बढ़ने पर तत्काल बेडों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।