UdaipurBlog
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सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क की लायन सफारी में रविवार को मातम छा गया। करीब तीन महीने से बीमारी से जूझ रही साढ़े पांच वर्ष की शेरनी सुनैना ने दम तोड़ दिया। सुबह से ही उसकी हालत नाजुक थी। वन विभाग के कर्मचारी और चिकित्सक उसकी लगातार निगरानी कर रहे थे, लेकिन दोपहर को सुनैना को मृत पाया गया। उसकी मौत के साथ ही लायन सफारी में उसका साथी सम्राट अब अकेला रह गया है। सुनैना और सम्राट को जुलाई 2024 मैं गुजरात के शक्करबाग जू से उदयपुर लाया गया था। दोनों करीब दो साल से लायन सफारी का हिस्सा थे और साथ रह रहे थे। बीमारी के दौरान सुनैना को लायन सफारी के होल्डिंग एरिया में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया था।
रोडवेज ने 2026-27 में 3×2 सुपर एक्सप्रेस ब्लू लाइन बसों को किराये पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रोडवेज ने डीजल से चलने वाली बीएस-6 श्रेणी की कुल 241 नई बसों के लिए डिपो वार जरूरत तय की है। ये बसें किलोमीटर के आधार पर संचालित होंगी। निगम की ओर से 19 अगस्त को निविदा जारी की गई है। ऑनलाइन आवेदन 6 सितंबर शाम 6 बजे तक किए जा सकेंगे और तकनीकी निविदा 8 सितंबर को खोली जाएगी। विनिविदारक असार प्रदेश के 32 डिपो में बसें दी जाएंगी। इनमें उदयपुर और नागौर डिपो को सर्वाधिक 15-15 बसें मिलेंगी। इसके अलावा 10-10 बसों वाले 12 डिपो हैं, जबकि कई डिपो को 5 और 6 बसें दी जाएंगी। निगम ने स्पष्ट किया है कि किसी डिपो की आवश्यकता के अनुसार 5 से कम बसों की पेशकश स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस बार रक्षाबंधन पर बहनों के लिए राहत की बड़ी खबर है। ऐसा अवसर आ रहा है, जब रक्षाबंधन पर्व भद्रा के व्यवधान से पूरी तरह मुक्त रहेगा। 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन सूर्योदय से पूर्व ही भद्रा समाप्त हो जाएगी, जिससे प्रातःकाल का संपूर्ण समय और पूरा दिन रक्षा-सूत्र बांधने के लिए अत्यंत शुभ रहेगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. लता श्रीमाली के मुताबिक, पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होगी और 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी। चूंकि 27 अगस्त को दिनभर भद्रा का प्रभाव रहेगा और 28 अगस्त को उदया तिथि में पूर्णिमा मिल रही है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार 28 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाना शास्त्रसम्मत है। इस दिन चंद्रमा कुंभराशि और शतभिषा नक्षत्र में रहेगा। सुबह 07:26 बजे के बाद सुकर्मा योग तथा बव व बालव करण का शुभसंयोग बनेगा।
नगर निगम के 80 वाडों के सियासी संग्राम के लिए बिसात बिछ चुकी है, लेकिन असल सिरदर्द दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के संगठन के लिए खड़ा हो गया है। वार्डों में चुनावी दावेदारी जताने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही के कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।भाजपा की ओर से जहां 575 से अधिक उम्मीदवारों ने फॉर्म भरकर टिकट की दावेदारी ठोकी है, वहीं कांग्रेस में भी करीब 500 कार्यकर्ताओं ने दौड़ शुरू की है। ऐसे में हर वार्ड में औसतन 6 से 7 दावेदारों की मौजूदगी ने दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व की टेंशन बढ़ा दी है। चुनावी गणित यह इशारा कर रहा है कि स्थानीय स्तर पर सर्वसम्मति बनाना लगभग असंभव साबित हो रहा है। ऐसे में भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी स्क्रूटनी के बाद 300 से अधिक संभावित नामों का पैनल जयपुर स्थित प्रदेश कार्यालय भेजने की तैयारी कर रहे हैं। यदि छंटनी के दौरान बगावत या विवाद के आसार दिखे, तो सभी 575 दावेदारों की सूची जयपुर भेजने का विकल्प भी खुला रखा गया है। दूसरी ओर, कांग्रेस भी 300 नामों की सूची अपनी प्रदेश कमेटी (पीसीसी) को भेजेगी।
उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में धौलपुर-बीना रेलखंड स्थित वीरांगना लक्ष्मीबाई जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर तकनीकी कार्य के चलते उदयपुर सिटी-खजुराहो-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस निर्धारित अवधि में आंशिक रूप से रद्द रहेगी।उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि खजुराहो-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस 21 नवंबर से 30 दिसंबर तक खजुराहो के बजाय दतिया से रवाना होगी। इस अवधि में ट्रेन खजुराहो से दतिया के बीच रद्द रहेगी। वहीं, उदयपुर सिटी-खजुराहो एक्सप्रेस 19 नवंबर से 28 दिसंबर तक उदयपुर सिटी से चलकर केवल दतिया तक ही जाएगी। इस दौरान दतिया से खजुराहो के बीच रेलसेवा आंशिक रूप से रद्द रहेगी। यात्रियों को यात्रा से पहले संशोधित समय-सारिणी की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
शहर में खाली पड़े निजी भूखंडों में जमा कचरे और झाड़-झंखाड़ को लेकर नगर निगम ने अब सख्ती शुरू कर दी है। स्वच्छ शहर और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर निगम ने अलग-अलग इलाकों में ऐसे भूखंडों को चिन्हित कर सफाई कराई, जहां लंबे समय से गंदगी का ढेर लगा था। कई भूखंडों में झाड़-झंखाड़ उग आए थे और आसपास के लोग भी उनमें कचरा डाल रहे थे। निगम ने पहले संबंधित मालिकों को भूखंड साफ कराने की हिदायत दी, लेकिन ध्यान नहीं देने पर निगम की टीम खुद मौके पर पहुंची।
वल्लभनगर क्षेत्र में नए सेटलमेंट की त्रुटि सुधारने के नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में की गई कार्रवाई सवालों के घेरे में है। वल्लभनगर-सालेरा कलां मार्ग पर राणाकुई क्षेत्र में एक महिला खातेदार की जमीन की कमी-पूर्ति के लिए पटवारी ने सड़क किनारे स्थित बिलानाम जमीन उसके नाम कर दी। बदले में खातेदार की निजी जमीन बिलानाम की।रिपोर्ट के मुताबिक गोटीपा निवासी रमा देवल ने 4 मई 2023 को उपखंड अधिकारी वल्लभनगर की अदालत में प्रार्थना पत्र पेश किया था। इसमें नवीन सेटलमेंट के दौरान पुरानी आराजी का क्षेत्रफल कम होने की बात कहते हुए कमी की पूर्ति का अनुरोध किया गया। 13 मई को तहसीलदार ने पटवारी को रिपोर्ट के लिए निर्देश दिए। पटवारी ने 15 मई को मौका पर्चा और रिपोर्ट तैयार की और 16 मई को तहसीलदार के समक्ष रिपोर्ट पेश कर दी। इसी दिन तहसीलदार ने जवाब तैयार करके एसडीओ को भेज दिया। इसके बाद 23 मई को एसडीओ ने प्रकरण का निस्तारण कर 0.1050 हेक्टेयर जमीन की पूर्ति कर दी।
2013 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी खजान सिंह ने सोमवार को उदयपुर संभागीय आयुक्त का पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करते ही नए संभागीय आयुक्त पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत में आईएएस खजान सिंह ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि संभाग में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार सभी प्रशासनिक तैयारियां समय पर पूरी की जाएंगी। प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि संभाग के सभी जिलों में त्रिस्तरीय जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा, ताकि गांवों व दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो सके। उन्होंने अधिकारियों को जनसुनवाई की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए।पदभार ग्रहण के दौरान उदयपुर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल और अतिरिक्त संभागीय आयुक्त सीआर देवासी सहित संभाग स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर उनका स्वागत किया।
उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट, डबोक पर हवाई यात्रियों की आवाजाही में रिकॉर्ड इजाफा दर्ज किया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जारी वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में यहां 3 लाख 15 हजार 996 अतिरिक्त यात्री बढ़े हैं। इस दौरान कुल यात्री ट्रैफिक 15 लाख 03 हजार 535 से छलांग लगाकर 18 लाख 19 हजार 531 पर पहुंच गया है। यह करीब 21 प्रतिशत की सीधी ग्रोथ दर्शाता है। यात्री संख्या में आए इस बड़े उछाल के बूते उदयपुर एयरपोर्ट की नेशनल रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। देश के टॉप 50 सबसे व्यस्त हवाई अड्डों की सूची में उदयपुर 34वें पायदान से सुधरकर अब 33वें स्थान पर पहुंच गया है। महज पिछले एक साल (वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2025-26) के मुकाबले यात्रियों की संख्या 16 लाख 50 हजार 607 से बढ़कर 18.19 लाख से अधिक हो गई। यानी एक साल में 1 लाख 68 हजार 924 नए यात्री जुड़े, जो 10.2 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी है। इस ग्रोथ के पीछे लेकसिटी का विंटर टूरिज्म, हेरिटेज डेस्टिनेशन और डेस्टिनेशन वेडिंग्स मुख्य वजह हैं। इस मामले में भूपाल-सूरज जैसे शहरों को पीछे छोड़ दिया है।
दवाओं पर भारी छूट का प्रचार करने वाले दवा कारोबारी अब राजस्थान फार्मेसी काउंसिल के निशाने पर हैं। काउंसिल ने मेडिकल स्टोर के प्रमुख स्थानों पर दवाओं पर भारी छूट के बोर्ड लगाने और सोशल मीडिया पर छूट व रियायत का प्रचार करने पर आपत्ति जताई है। काउंसिल ने इसे फार्मेसी एक्ट 1948 और फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 के प्रावधानों के विपरीत बताते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। कार्रवाई होने पर संबंधित फार्मासिस्ट का पंजीकरण निलंबित या रद्द किया जा सकता है और मेडिकल स्टोर को डिफॉल्टर घोषित किया जा सकता है। काउंसिल की सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि मरीजों और उपभोक्ताओं को दवा खरीदने के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से मेडिकल स्टोर संचालक परिसर में प्रमुख स्थानों पर छूट के बोर्ड लगा रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए होटल-रिसॉर्ट को सरकारी जमीन आवंटन के नियम बदल दिए हैं। राजस्थान औद्योगिक क्षेत्र आवंटन (संशोधन) नियम, 2026 के तहत जिला कलेक्टर की ओर से चिह्नित और आरक्षित जमीन उन्हीं पर्यटन परियोजनाओं को मिलेगी, जिनमें तीन साल में कम से कम 50 करोड़ रुपए का नया निवेश होगा। आवंटित जमीन की न्यूनतम कीमत संबंधित क्षेत्र की डीएलसी आधारित कृषि भूमि के बाजार मूल्य की दोगुनी होगी। सालाना लीज रेंट मूल्य का 7.5% होगा। विस्तार के लिए 10% से ज्यादा अतिरिक्त जमीन लेने पर कृषि भूमि के बाजार मूल्य की चार गुना कीमत देनी होगी। 50 करोड़ निवेश पर होटल के लिए 9 हजार वर्गमीटर जमीन मिलेगी। हर अतिरिक्त 5 करोड़ निवेश पर एक हजार वर्गमीटर जमीन बढ़ेगी। अधिकतम सीमा 20 हजार वर्गमीटर तय की गई है।
नगर निगम का दायरा बढ़ना शहर की जरूरत है, न कि शामिल हुए क्षेत्रों की मजबूरी। ऐसे में उपनगरीय क्षेत्रों का विकास हो तो वहां नियम कायदे थोपकर लोगों की आम जीवनचर्या प्रभावित नहीं की जानी चाहिए। उपनगरीय क्षेत्रों में विकास सुनियोजित और दूरदृष्टि को लेकर हो, जिसमें न वर्तमान की जीवनशैली प्रभावित हो न विकास की गति रुके। साथ ही शहर में सफाई, सुरक्षा और यातायात पर विशेष कार्य किया जाना चाहिए। यह विचार राजस्थान पत्रिका के जनप्रहरी अभियान के तहत बुधवार को आयोजित परिचर्चा में उभरकर आए। आयोजन मंगलम फन स्क्वॉयर स्थित राजस्थान पत्रिका कार्यालय में हुआ। अभियान से जुड़े जनप्रहरियों ने निकाय चुनाव से पहले शहर के मुद्दों पर अपनी बात रखी।
महंगाई की मार शहर के लोगों की रोजमर्रा की चाय-कॉफी पर भी पड़ने लगी है। चीनी के बढ़ते दामों के बीच उदयपुर में कई जगह चाय और कॉफी के भाव बढ़ गए है। पांच रुपए वाली चाय अब 8 रुपए और 10 रुपए वाली चाय 14 रुपए में मिल रही है। वहीं 15 रुपए की कॉफी के लिए अब 20 रुपए चुकाने पड़ रहे है। चीनी के दाम में तेजी को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है। 20 जुलाई को चीनी का औसत खुदरा भाव 48 रुपए प्रति किलो था, जो अगस्त में बढ़कर करीब 55 से 60 रुपए किलो तक पहुंच गया। यानी एक किलो पर करीब 7 से 12 रुपए तक का अंतर आया है। इसका असर चाय-कॉफी की लागत पर पड़ा है।
ई20 यानी 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विरोध के बीच सरकार ने नए विकल्प पर मंथन शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो अप्रैल 2023 के पहले बनीं गाड़ियों के लिए सरकार फिर से ई10 पेट्रोल ला सकती है। इसे एक्सपी 95, स्पीड, पावर 95 जैसे हाई ऑक्टेन (प्रीमियम) पेट्रोल के साथ लाने का विचार है। इस पर सरकारी तेल कंपनियों के साथ चर्चा चल रही है। नए विकल्प से पेट्रोल पंपों पर अलग से नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं करना पड़ेगा। गुरुवार को बीपीसीएल के चेयरमैन संजय खन्ना ने भी स्पष्ट किया है कि ई10 पेट्रोल फिर से लाने पर विचार चल रहा है।
नगर निगम ने ई-बसों का संचालन शुरू कर दिया है, लेकिन अभी सिर्फ 12 बसें ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। धोल की पाटी स्थित डिपो में 26 बसें 10 दिन से खड़ी हैं। निगम का कहना है कि 1-2 दिन में 14 और बसें शुरू कर दी जाएंगी। वहीं, 20-25 दिन में 12 मीटर की 5 ई-बसें भी उदयपुर पहुंचेंगी। सवाल यह है कि जब बसों का रजिस्ट्रेशन 4-5 दिन में हो सकता है तो इसमें इतनी देरी क्यों? आचार संहिता लगने से एक दिन पहले 18 अगस्त को संचालन शुरू किया गया था। सभी 38 बसों का रजिस्ट्रेशन नहीं होने से 12 बसें ही चल पाईं। आठ दिन बाद भी बची बसों का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। 14 बसें 1-2 दिन में चलाने की बात है, लेकिन 12 बसें फिर भी बिना रजिस्ट्रेशन डिपो में रहेंगी। अगले माह आने वाली 12 मीटर की 5 बसों के रजिस्ट्रेशन में भी समय लगेगा, इसलिए इनके अक्टूबर तक चलने की संभावना है।
संभाग में इस बार मानसून की धीमी रफ्तार के कारण जलभराव कम होने से मच्छर और कीट जनित बीमारियों में गिरावट आई है। पिछले साल 31 दिसंबर, 2025 तक मलेरिया, डेंगू और स्क्रब टायफस के 2,566 मरीज सामने आए थे, वहीं इस साल (1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक) यह आंकड़ा घटकर केवल 289 रह गया है। यानी संभाग में मौसमी बीमारियों के मामलों में 2,277 की सीधी कमी दर्ज की गई है। मच्छर जनित रोगों मिली राहत के बीच स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के मामले सामने आने पर चिकित्सा विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभाग में अब तक लिए गए 361 सैंपल्स में से 15 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्थिति को देखते हुए महाराणा भूपाल (एमबी) अस्पताल में 10 बेड का अलग आइसोलेशन आईसीयू शुरू कर दिया गया है।
उदयपुर के सरकारी स्कूलों में वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर प्राध्यापकों के कुल 1456 पद रिक्त हैं। इससे 11 वीं और 12वीं के बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। लेकिन, अब इस संकट को दूर करने के लिए राजस्थान सरकार ने विद्या संबल योजना का पिटारा खोल दिया है। 1 सितंबर से गेस्ट फैकल्टी प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। सरकार ने आदेशों में संशोधन करते हुए कहा है कि सेवानिवृत्ति वाले व्याख्याताओं को प्राथमिकता मिलेगी। पहले चरण में व्याख्याताओं के ही पद भरे जाएंगे। वहीं, दूसरे चरण में सरकार के निर्देश पर 10वीं के पद भरे जा सकेंगे। इधर, भास्कर ने उदयपुर जिले के आंकड़ों का विश्लेषण किया तो पता चला कि शिक्षकों की अंचलों में है। देवला ब्लॉक में सर्वाधिक 341 पद रिक्त हैं, जहां मुख्य विषयों के शिक्षक न होने से पढ़ाई राम भरोसे है। दूसरी ओर झाड़ोल 224 रिक्त पदों के 2 साथ दूसरे और कोटड़ा 198 पदों के साथ तीसरे स्थान पर है।
नगर निगम चुनाव के तहत नामांकन के दूसरे दिन शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर सियासी सरगर्मियों का केंद्र बना रहा। सुबह 10:30 से दोपहर 3 बजे तक चली प्रक्रिया में 27 उम्मीदवारों ने 33 पर्चे दाखिल किए। कांग्रेस से 14 उम्मीदवारों ने ताल ठोकी। इनमें से वार्ड 12 से 3 दावेदारों ने कांग्रेस के साथ निर्दलीय पर्चा भी भरा है। इसके साथ ही दो दिनों में 29 अभ्यर्थियों के 35 नामांकन जमा हो चुके हैं। मेयर पद के दावेदार भाजपा के पूर्व शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट के वार्ड 45 से नामांकन जमा कराने के बाद अब पूर्व डिप्टी मेयर महेंद्र सिंह शेखावत ने वार्ड 75 से पर्चा दाखिल किया है। पुख्ता सूत्रों के अनुसार भाजपा में मेयर पद के दावेदार सहकारिता प्रकोष्ठ प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद सामर वार्ड 51 से, पूर्व डिप्टी मेयर पारस सिंघवी वार्ड 24 से, पूर्व जिला उपाध्यक्ष अतुल चंडालिया वार्ड - 78 से, सर्राफा एसोसिएशन अध्यक्ष यशवंत आंचलिया वार्ड 53 से, वरिष्ठ भाजपा नेता आकाश वागरेचा वार्ड 5 से सोमवार को नामांकन दाखिल करेंगे।
मेवाड़ के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। राजस्थान रोडवेज अपने बेड़े का विस्तार करते हुए प्रदेश में नई 2×2 डीलक्स बीएस-6 बसें शामिल करने जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा उदयपुर और राजसमंद डिपो को मिलेगा, जिन्हें 4-4 नई बसें आवंटित की गई हैं। इन आधुनिक और आरामदायक डीजल बसों के आने से उदयपुर से लंबी दूरी का सफर तय करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।रोडवेज प्रशासन ने वर्ष 2026-27 के तहत प्रदेश के 18 डिपो के लिए कुल 50 पूरी तरह से निर्मित बसें किलोमीटर स्कीम पर किराए पर लेने का टेंडर जारी कर दिया है।
फुलवारी की नाल सेंचुरी में लगातार सामने आ रहे वन कटाई के मामलों ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में वनकर्मियों पर हुए हमले और दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने कोटड़ा की तीन रेंज और एसीएफ वन्यजीव कार्यालय को वाहन तो उपलब्ध कराकर गश्त मजबूत की है। लेकिन इसके बावजूद जंगलों में अवैध कटाई का सिलसिला थम नहीं रहा। दूसरी ओर, उदयपुर और सलूंबर जिले की कई वन रेंज आज भी पर्याप्त संसाधनों के अभाव में काम कर रही हैं। वर्तमान में उदयपुर जिले की सात रेंज ऐसी हैं, जहां सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं हैं। इन क्षेत्रों में गश्त, निगरानी और कार्रवाई के लिए वनकर्मियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए नगर निगम की ओर से ठेका कंपनियों को 55 ऑटो दिए गए है, जिसके एवज में निगम 10 हजार रुपए प्रति ऑटो का मासिक किराया ले रहा है। लेकिन ठेका कंपनियों की ओर से निगम के ऑटो की सार संभाल नहीं की जा रही और खराब होने पर उन्हें यार्ड या अन्य स्थानों पर खड़ा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का ठेका क्लीन इंडिया, सुप्रीम कंस्ट्रक्शन और नागेन्द्र राय एंड कम्पनी को दे रखा है। निगम के 55 ऑटो इन फर्मों को उपलब्ध कराए गए है। इनमें 30 ऑटो सुप्रीम कंस्ट्रक्शन और 25 ऑटो क्लीन इंडिया को दिए गए है। इसकी एवज में संबंधित फर्मों को प्रति ऑटो प्रतिमाह 10 हजार रुपए नगर निगम को देने है। ठेका फर्म को ऑटो का रखरखाव भी करना है।