UdaipurBlog
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पहाड़ियों पर बादलों का डेरा, फतहसागर की लहरों पर गिरती फुहारें और चेहरे पर हरियाली अमावस्या का चिर-परिचित उल्लास... बुधवार को बारिश ने उल्लास बढ़ा दिया। सुबह मूसलाधार के चलते मेले की शुरुआत धीमी रही, लेकिन शाम ढलते ही शहर फतहसागर की पाल और सहेलियों की बाड़ी की ओर उमड़ पड़ा। किसी के हाथ में रंग-बिरंगा छाता था तो कोई रेनकोट पहनकर भीगते हुए मेले का रोमांच जीने पहुंचा था।काले किवाड़ से शुरू हुआ मेले का कारवां फतहसागर ओवरफ्लो, पाल और देवाली होते हुए सहेलियों की बाड़ी तक सतरंगी छटा बिखेरता रहा। बरसती बूंदों के बीच झूलों की रफ्तार थमी नहीं और गरमा-गरम भुट्टे, चाट पकौड़ी के ठेलों पर मेलार्थियों की टोलियां डटी रहीं। मेले में इस बार राजस्थान और अन्य राज्यों से आए व्यापारियों की करीब 850 दुकानें सजी हैं। खिलौने, कपड़े, मनिहारी और पारंपरिक सजावटी सामान से सजे बाजार में दिनभर खरीदारी का दौर चला। सहेलियों की बाड़ी के बाहर नजारा ऐसा था मानो मेलार्थियों के रंग-बिरंगे छातों का अलग ही मेला सजा हो।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर 15 अगस्त को गांधी ग्राउंड में जिला स्तरीय समारोह होगा। इसको लेकर पुलिस ने शहरभर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड से लेकर होटल-धर्मशालाओं तक चेकिंग की जा रही है। गांधी ग्राउंड में सीआईडी और डॉग स्क्वाड सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।कार्यक्रम को लेकर गांधी ग्राउंड में आमजन के लिए प्रवेश बंद कर दिया है। यहां सुरक्षा गार्ड लगा दिए हैं। इसके अलावा घुड़सवार पुलिस आस-पास गश्त कर रही है। शहर में दिन के साथ रात्रि गश्त भी बढ़ा दी गई है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर पुलिस बल संदिग्ध लोगों पर नजर रखे हुए हैं। बिना नंबर और गहरे काले कांच वाले हर वाहनों की जांच की जा रही हैं।
राजस्थान यूथ कॉन्क्लेव 2026 में Fintech, युवा कौशल विकास, वित्तीय स्वावलंबन और स्टार्टअप्स पर फोकस रहेगा। 13 अगस्त को जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित होने वाले इस कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में युवा स्टार्टअप्स और उद्यमियों के साथ संवाद के साथ विभिन्न MoU, DBT एवं अन्य पहलों की शुरुआत भी होगी।
मानसून की मेहरबानी से निखरी लेकसिटी की खूबसूरती और स्वतंत्रता दिवस से जन्माष्टमी तक आ रहे 'लॉन्ग वीकेंड' ने पर्यटन कारोबार में नई जान फूंक दी है। 15 अगस्त और रक्षाबंधन की छुट्टियों के कारण सैलानियों ने उदयपुर में 'मिनी वैकेशन' का प्लान तैयार कर लिया है। झीलों में पानी की आवक और अरावली की हरियाली के बीच गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली से पर्यटक उमड़ने की उम्मीद है। शहर के होटल, रिसॉर्ट्स और होम स्टे में एडवांस बुकिंग की रफ्तार तेज हो चुकी है। होटल कारोबारियों के अनुसार छुट्टियों की लंबी श्रृंखला के कारण इस बार पर्यटकों के ठहरने की अवधि भी बढ़ी है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी के कारण पड़ोसी राज्य गुजरात से बड़ी संख्या में सैलानी उदयपुर का रुख कर रहे हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के अन्य जिलों से भी लोग स्वतंत्रता दिवस का वीकेंड बिताने लेकसिटी आ रहे है। होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि 15 अगस्त के वीकेंड के साथ ही रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के आसपास भी बुकिंग्स मिल रही है।
शहर में गुरुवार को दिनभर मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिले। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और बीच-बीच में टुकड़ों में फुहारें गिरती रहीं। दिन में कुछ समय के लिए धूप भी खिली। हालांकि, देर रात 10:30 बजे शहरभर में मध्यम से तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। बीते 24 घंटों में शहर के अधिकतम तापमान में 1.7 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 29.6 डिग्री पर पहुंच गया। यह बुधवार को 27.9 डिग्री था। न्यूनतम तापमान बिना किसी बदलाव के 22.0 डिग्री पर बना रहा।
एमबी अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में बन रही क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) का काम करीब 10 माह से पिछड़ा हुआ है। इसे अक्टूबर 2025 में पूरा होना था। अब कलेक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और अस्पताल प्रशासन को नई डेडलाइन के तहत अक्टूबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधूरे प्रोजेक्ट का खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है। ओपीडी की छत से लगातार पानी टपक रहा है। निर्माण का मलबा और गंदगी भी फैली है। डॉक्टरों के बैठने की जगह को टिनशेड से घेरकर सुरक्षित किया है। लेकिन जांच केंद्र और दवा वितरण काउंटरों के पास दिनभर पानी टपकता रहता है। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन निशा व्यास ने बताया कि सीसीयू के निर्माण कार्य में तेजी लाई है। नई समय सीमा में काम पूरा कर लिया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस और वीकेंड पर लेकसिटी घूमने आने वाले पर्यटकों के सामने पर्यटन स्थलों को लेकर अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। शहर के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल खुले मिलेंगे, जबकि पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के बागोर की हवेली और शिल्पग्राम पर्यटकों के लिए बंद रहेंगे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब दूसरे विभागों के पर्यटन स्थल स्वतंत्रता दिवस पर पर्यटकों के लिए खोले जा रहे हैं, तो बागोर की हवेली और शिल्पग्राम को क्यों बंद रखा जा रहा। लेकसिटी में हर वीकेंड पर औसतन 15 से 20 हजार पर्यटक घूमने आते हैं। ओल्ड सिटी में घूमने आने वाले पर्यटक बागोर की हवेली में अक्सर जाते हैं। ग्रामीण कला-संस्कृति देखने के लिए शिल्पग्राम पर्यटक जाते हैं। यहां अलग-अलग राज्यों के दल को प्रस्तुति देते हुए देखा जा सकता है। लेकिन, इस अजीब फैसले से कला, संगीत और संस्कृति प्रेमी पर्यटकों को इस बार मायूसी उठानी पड़ेगी।
नगरीय निकायों के वार्डों की लॉटरी 17 अगस्त 2026 को होगी। जिला मुख्यालय पर स्थान व समय तय कर विधानसभा सदस्यों, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को इसकी सूचना दी जाएगी।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जिला देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। एक ओर हर घर तिरंगा अभियान के तहत तिरंगा यात्राओं और जागरूकता कार्यक्रमों ने राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया, वहीं विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर देश के विभाजन की त्रासदी में अपनों को खोने और विस्थापन का दर्द झेलने वालों की स्मृतियों को नमन किया गया। अब शनिवार को जिले में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह, उमंग और गरिमापूर्ण माहौल में मनाया जाएगा। संभाग मुख्यालय पर मुख्य समारोह गांधी ग्राउंड में होगा, जहां जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ध्वजारोहण करेंगे। जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल के निर्देशन में स्वतंत्रता दिवस समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली। अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि गांधी ग्राउंड में मुख्य समारोह सुबह ठीक 9 बजे शुरू होगा। मंत्री बाबूलाल खराड़ी ध्वजारोहण कर मार्च पास्ट की सलामी लेंगे। इसके बाद पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी और स्काउट की टुकड़ियां मार्च पास्ट करेंगी।
उदयपुर संभाग में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और जलाशयों में पानी की आवक तेजी से जारी है। ऐसे वक्त में जल संसाधन विभाग को बांधों और एनिकटों की मरम्मत की सुध आई है। विभाग ने ऐन बारिश के मौसम में बांधों के जीर्णोद्धार और पानी निकासी से जुड़े तीन बड़े कामों के लिए ई-निविदा (टेंडर) जारी की है।जो काम भीषण गर्मी के दौरान आराम से पूरे किए जा सकते थे, उनके टेंडर अब बारिश के बीच निकाले जा रहे हैं। ऐसे में उफनते जलाशयों के बीच निर्माण व मरम्मत कार्य समय पर पूरा करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती रहेगा। तीनों प्रोजेक्ट्स की तय अवधि में वर्षा ऋतु शामिल है। ऐसे में लबालब जलाशयों और तेज बहाव के बीच जीर्णोद्धार का काम कराना तकनीकी रूप से आसान नहीं होगा। बड़ा सवाल यह है कि यदि विभाग यह कसरत गर्मी के महीनों में कर लेता, तो मानसून से पहले काम पूरा हो जाता और जनता को बारिश में इसका सीधा लाभ मिलता।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार रात 10:30 बजे विशेष विमान से उदयपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डबोक एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सहकारिता मंत्री गौतम दक, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सांसद सीपी जोशी, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, उदयलाल डांगी, शांता मीणा और प्रताप भील ने भी गृहमंत्री का स्वागत किया। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली और सलूंबर जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर जोशी भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। एयरपोर्ट से अमित शाह सीधे सुखाड़िया सर्कल स्थित गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। वही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कई मंत्री भी सर्किट हाउस में ही रुक रहे हैं।केन्द्रीय मंत्री शाह रविवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ हेलिकॉप्टर से चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा जाएंगे। वहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।
उदयपुर में बारिश को लेकर आज मौसम साफ रहने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 19 अगस्त से एक बार फिर बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती है। उदयपुर की औसत बारिश की बात करें तो बारिश नहीं होने की वजह से माइनस का आंकड़ा बढ़ता जा रहा था, लेकिन 12 अगस्त को एक दिन हुई तेज बारिश ने इस नंबर को आधा कवर करते हुए 38 प्रतिशत माइनस से घटकर सीधे 18 प्रतिशत आ गया है। उदयपुर जिले में 15 अगस्त 2026 तक 414.3 मिलीमीटर बारिश के मुकाबले 338.6 मिलीमीटर बारिश हुई यानि की 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है। उदयपुर में मानसून सीजन (जून-सितंबर) में 653 मिमी यानी 65.3 सेमी बारिश अनुमानित होती है। इससे पहले उदयपुर में 10 अगस्त 2026 तक 233 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। वैसे उदयपुर की जो नॉर्मल बारिश की रेंज है उसके अनुसार इस तारीख तक यहां पर 378 मिलीमीटर बारिश हो जानी थी। यानि उदयपुर में इस दिन तक 38 मिलीमीटर बारिश कम हुई थी।
राजस्थान को हरा-भरा बनाने के लिए चलाए जा रहे हरियालो राजस्थान अभियान को अब स्कूलों से जोड़कर व्यापक रूप देने की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने अभियान के प्रभावी रि यान्वयन के लिए पंचायत स्तर पर हर शनिवार सघन अभियान चलाकर वृक्षारोपण महोत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। यानी अब स्कूलों में शनिवार सिर्फपढ़ाई और सहशैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हरियाली बढ़ाने का दिन भी बनेगा। शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक विद्यार्थी और स्टाफ सदस्य को आवंटित लक्ष्य के अनुरूप विद्यालय परिसर और ग्राम पंचायत क्षेत्र में पौधरोपण करवाया जाएगा। इसका उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों की निगरानी और उनके संरक्षण को भी सुनिश्चित करना है।
अमृत योजना 2.0 के तहत सीवरेज लाइन बिछाने के नाम पर खोदी गई सड़कों की उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) और नगर निगम को मानसून के बीच याद आई है। सालभर तक शहरवासियों को गड्डों में हिचकोले खिलाने के बाद अब दोनों विभाग बारिश के बीच 8.03 करोड़ रुपए खर्च कर 18.08 किमी सड़कों की मरम्मत करवाने जा रहे हैं। तकनीकी रूप से गीली सतह पर डामर की पकड़ टिकना नामुमकिन है, फिर भी नगर निगम ने वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है और यूडीए 18 अगस्त तक करने जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि बारिश में डामर बह गया तो जिम्मेदार कौन होगा ? ठेकेदार पर रिकवरी होगी या फिर सरकारी खजाने से दोबारा जनता का पैसा फूंका जाएगा?
15 अगस्त और वीकेंड एक साथ आने से लेकसिटी में पर्यटन का जबरदस्त बूम देखने को मिला। शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के साथ छुट्टी का फायदा उठाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक उदयपुर पहुंचे। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुबह से ही पर्यटकों की भीड़ जुटने लगी। दोपहर बाद पर्यटन स्थलों और हिल एरिया की ओर जाने वाली सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। कई जगह जाम के हालात बने और पर्यटकों को कुछ दूरी तय करने में भी काफी समय लगा। सज्जनगढ़ किला, फतहसागर झील, सहेलियों की बाड़ी, गुलाब बाग, बायोलॉजिकल पार्क, बागोर की हवेली और रायता हिल्स सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिनभर पर्यटकों की आवाजाही बनी रही। बारिश के मौसम में पहाड़ियों और झीलों का बदला स्वरूप पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है। शहर के आसपास के हिल एरिया में हरियाली देखने और मानसून का आनंद लेने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
आज के दौर में मामूली सिरदर्द हो या जोड़ों का दर्द, आम इंसान तुरंत पेनकिलर या एंटीबायोटिक लेने का आदी हो चुका है। लेकिन, एलोपैथिक दवाइयों के इस तात्कालिक प्रभाव और दवाइयों की आदत (पिल डिपेंडेंसी) के बीच अब एक बड़ा सामाजिक बदलाव भी देखने को मिल रहा है।बार-बार होने वाली बीमारियों और एलोपैथी के साइड इफेक्ट्स से परेशान मरीज अब रोग को जड़ से खत्म करने के लिए आयुर्वेद की शरण में जा रहे हैं। चरक जयंती पर उदयपुर जिले के सरकारी आयुर्वेद चिकित्सालयों के चौंकाने वाले आंकड़े इसी रुझान पर मुहर लगा रहे हैं। साइटिका, सर्वाइकल, माइग्रेन, मोटापा, आर्थराइटिस, डिप्रेशन और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों में एलोपैथिक गोलियां केवल लक्षणों को दबाती हैं, बीमारी को खत्म नहीं करतीं। इसके विपरीत, महर्षि चरक द्वारा रचित चरक संहिता के सिद्धांत शरीर का शोधन कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर देते हैं। यही कारण है कि मरीज जिंदगी भर गोलियां खाने के बजाय पंचकर्म जैसी प्राकृतिक शोधन प्रक्रियाओं को चुन रहे हैं।
शहर में सोमवार को दिनभर बादलों का डेरा रहा। अपराह्न करीब तीन बजे कई इलाकों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई। हालांकि यह कहीं भी ज्यादा नहीं टिकी। कहीं 10 तो कहीं 20 मिनट बूंदाबांदी के बाद धूप खिल गई और उमस सताने लगी। इस बीच अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया।मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा के अनुसार उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में 20 अगस्त के करीब एक बार फिर से अच्छी वर्षा की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों को अब बिजली की किल्लत और भारी-भरकम बिलों से जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर प्लेट्स) लगाने की तैयारी कर ली है।जल्द ही प्रत्येक जिले में इसकी शुरुआत की जाएगी। योजना के पहले चरण में शहरी क्षेत्रों के सीनियर सेकेंडरी और बड़े स्कूलों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद अन्य स्कूलों को आगे के चरणों में शामिल करेंगे।
शहर में पहुंची 18 इलेक्ट्रिक सिटी बसें मंगलवार से सड़कों पर दौड़ेंगी। मुख्यमंत्री मंगलवार शाम 4 बजे जयपुर से पीएम-ई-बस सेवा उद्घाटन कर वर्चुअल झंडी दिखाएंगे। उदयपुर समेत प्रदेश के पांच शहरों में इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत होगी। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड की ओर से 17 अगस्त को जारी आदेश में उदयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर और अलवर के नगर निगम आयुक्तों एवं प्रशासकों को अपने-अपने शहरों और डिपो में उद्घाटन कार्यक्रम की आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे उदयपुर के डिपो में खड़ी ई-बस के सड़क पर दौड़ेगी। धोल की पाटी डिपो में खड़ी 18 बसें, टेस्टिंग पूरीः उदयपुर में पीएम-ईबस सेवा के तहत पहुंची 18 इलेक्ट्रिक बसें धोल की पाटी डिपो में हैं। बसों के संचालन के लिए चालक और कंडक्टर की नियुक्ति की जा चुकी है। तकनीकी और संचालन संबंधी टेस्टिंग भी हो चुकी है। शुरुआती चरण में शहर के 10 प्रमुख रूटों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों तक चलाने की योजना है।
निकाय चुनाव की आचार संहिता से पहले पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव हुआ है। गृह विभाग ने 57 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) और महानिदेशक ने 24 उपअधीक्षक (डीएसपी) को प्रदेश में इधर-उधर कर दिया। साथ ही जिले में पुलिस अधीक्षक ने 6 पुलिस निरीक्षक (सीआई) और एक उपनिरीक्षक (एसआई) के तबादले कर दिए। गत 18 जून को डीएसपी से पदोन्नत होकर एएसपी बने अब्दुल रहमान को जिले में जीआरपी से त्वरित अनुसंधान सैल में लगाया है। दूसरी ओर डीएसपी में बांसवाड़ा के कुशलगढ़ से महिपाल सिंह को जीआरपी उदयपुर में और बांसवाड़ा से ही गोपाल लाल को पीटीएस मोरवानिया में भेजा है। एसपी ने पिछले साल अक्टूबर से खाली डीएसटी प्रभारी के पद पर सीआई भरत योगी को लगाया है। अभी वह सुखेर थाने में हैं। सुखेर में किसी और सीआई को नहीं लगाया है। वहां तैनात एसआई अमर सिंह को थानाधिकारी का चार्ज दिया है। सीआई हुकम सिंह को कानोड़ से अंबामाता थाने में लगाया है। गत 29 जुलाई को अंबामाता में तैनात सीआई दलपत सिंह का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। तब से सीआई का पद खाली था।
मानसून की बारिश से उदयपुर की प्रमुख झीलों में पानी की स्थिति बेहतर हुई है, लेकिन जिले के छोटे और मझले बांध अब भी खाली हैं। 20 अगस्त की जल संसाधन 13 विभाग की रिपोर्ट के अनुसार उदयसागर में 21 फीट 4 इंच पानी है और यह 79.47% भर चुका है। फतहसागर 72.38% और पिछोला 70% भरा है। वहीं कोटड़ा क्षेत्र का साबरमती बांध पूरा भर चुका है और 15 अगस्त से ओवरफ्लो चल रहा है। मानसी वाकल में 54% और आकोदड़ा में महज 8% पानी है। सीसारमा नदी में 50.43 क्यूसेक और नांदेश्वर चैनल में 25 क्यूसेक आवक बनी हुई है। इससे पिछोला झील में लगातार आवक जारी है। जिससे झील का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है।