मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) द्वारा नीट यूजी-2026 के तहत ऑल इंडिया 15% कोटा एमबीबीएस और बीडीएस काउंसलिंग के प्रथम चरण की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बुधवार, 5 अगस्त से प्रारंभ कर दी गई है। प्राथमिक चरण में देशभर के 11.21 लाख क्वालिफाइड अभ्यर्थियों की नजर 450 मेडिकल संस्थानों की 63,159 सरकारी एमबीबीएस सीटों पर रहेगी।एमसीसी ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 56 पेजों की विस्तृत काउंसलिंग गाइड भी जारी की है। इस गाइड में ऑथेंटिकेशन, एप्लीकेशन फॉर्म, क्वालिफिकेशन विवरण, डॉक्यूमेंट अपलोड और फाइनल सबमिट सहित 7 प्रमुख चरणों को फ्लो-चार्ट व स्क्रीनशॉट के माध्यम से दर्शाया गया है। रजिस्ट्रेशन एवं फीस भुगतान 12 अगस्त तक होगा, जबकि चॉइस फिलिंग 6 से 13 अगस्त के मध्य की जा सकेगी। सीट आवंटन का परिणाम 17 अगस्त को जारी होगा और चयनित विद्यार्थियों को 18 से 22 अगस्त 2026 तक आवंटित कॉलेजों में रिपोर्टिंग व ज्वॉइनिंग करनी होगी।
452 एमसीएफटी भर भराव क्षमता वाली पिछोला झील में 70 नावों और 41 जेटियों का संचालन झील संरक्षण की दृष्टि से उचित नहीं है। नावों और जेटियों की संख्या नियंत्रित करने के साथ सड़क मार्ग से जुड़ी होटलों को नाव संचालन की अनुमति नहीं की ही नाव संचालन की स्वीकृति दी जानी चाहिए। झील संरक्षण एवं विकास समिति की ओर से मांगे सुझावों के तहत झील विकास प्राधिकरण के पूर्व सदस्य तेजशंकर पालीवाल ने ये सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि पिछोला झील में ठेकेदार व निजी होटलों की करीब 70 नावें और 41 जेटियां है। झील की क्षमता को देखते हुए इनकी संख्या सीमित की जानी चाहिए। पालीवाल ने सुझाव दिया कि दूध तलाई पर नगर निगम की दो जेटियों से भी नावों का संचालन किया जाए। नावों के संचालन के लिए मार्ग निर्धारित हो तथा चप्पू वाली नावों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा और बैटरी से चलने वाली प्रदूषण एवं शोर रहित नावों को बढ़ावा दें, हाई स्पीड बोट का उपयोग आपातकाल में ही किया जाए।
लेकसिटी में शुक्रवार को दिनभर मौसम सुहाना बना रहा। आसमान में दिनभर बादलों का डेरा रहा और चलने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी व उमस से काफी राहत दिलाई। हालांकि बादल छाए रहने के बावजूद बारिश न होने से शहरवासियों के चेहरों पर खुशी कुछ सीमित ही नजर आई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री और न्यूनतम 23.3 डिग्री दर्ज किया गया।
झीलों की नगरी में मानसून की बेरुखी लगातार जारी है। शहर में शनिवार का पूरा दिन सूखा बीत गया। हालांकि दिन भर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन एक बूंद भी नहीं बरसी। दिन का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री और रात का 24.1 डिग्री दर्ज किया गया। उमस और गर्मी से शहरवासी दिनभर बेहाल नजर आए। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा के अनुसार, उत्तर-पूर्वी राजस्थान में अगले दो से तीन दिनों तक वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि, मेवाड़ समेत दक्षिणी राजस्थान और हाड़ौती क्षेत्र में आगामी 5 दिनों के दौरान केवल खंड वर्षा (रिमझिम या छिटपुट बारिश) ही देखने को मिल सकती है।
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (आरएसआरटीसी) वित्तीय वर्ष 2026-27 में अपने बेड़े का कायाकल्प करने जा रहा है। आम यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और आरामदायक बनाने के लिए निगम 200 नई बीएस-6 सुपर एक्सप्रेस ब्लू लाइन बसें सड़कों पर उतारने की तैयारी में है। बसों की बॉडी तैयार (फैब्रिकेशन) करने के लिए निगम ने करीब 34 करोड़ रुपए का ई-टेंडर जारी किया है। नई बसें पूरी तरह रैटल-प्रूफ, डस्ट-प्रूफ और लीक-प्रूफ होंगी। यानी सफर के दौरान शोर नहीं होगा, धूल अंदर नहीं आएगी और बारिश में छत से पानी टपकने की समस्या पूरी तरह खत्म होगी। महिलाओं और आम यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर बस में 5 मेगापिक्सल के दो सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें 1 टीबी स्टोरेज वाला एमएनवीआर सिस्टम होगा, जो 15 दिनों तक का वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखेगा।
झीलों की नगरी में देशी-विदेशी पर्यटकों को प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, इतिहास, वास्तुकला और पारंपरिक जीवनशैली को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। नगर निगम नए कलेवर में हैरिटेज वॉक फिर शुरू कर रहा है। इसका शुभारंभ रविवार को जगदीश मंदिर के पास नगर निगम हैरिटेज हाउस (पूर्व पुस्तकालय भवन) से सुबह 11 बजे किया जाएगा। शुभारंभउदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, संभागीय आयुक्त एवं नगर निगम प्रशासक प्रज्ञा केवलरमानी तथा नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना करेंगे।
प्रदेश में रविवार को मानसून सक्रिय रहा। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई। सबसे अधिक बारिश चूरू और करौली में 11.5 मिमी दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में भी दोपहर तक रिमझिम बारिश का दौर चला। बारिश का यह दौर आगे भी जारी रहेगा। पिछले कुछ दिनों से लगातार सक्रिय रहे मानसून के कारण अब कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंच गया है। रविवार को 12 जिले ऐसे रहे जिनमें 1 जून से 9 अगस्त तक की अवधि में होने वाली सामान्य बारिश से अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। राजधानी जयपुर अभी सामान्य बारिश से 20 प्रतिशत पीछे है। मौसम विभाग के अनुसार अभी आने वाले दिनों में बारिश का यह दौर जारी रहेगा। विभाग ने 37 जिलों में अगले 3 दिन बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़ करौली, कोटा और सवाई माधोपुर में तेज बारिश होने के आसार हैं।
नवरत्न कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में सीवरेज की वर्षों पुरानी समस्या अब दूर होने की उम्मीद जगी है। उदयपुर विकास प्राधिकरण ने भुवाणा स्थित नवरत्न कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में सीवरेज नेटवर्क विकसित करने के लिए 96.67 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की है। योजना के तहत करीब 45.45 किलोमीटर लंबा सीवरेज नेटवर्क बिछाया जाएगा और आवासीय व व्यावसायिक परिसरों को जोड़ने के लिए 7000 हाउस कनेक्शन किए जाएंगे। सीवरेज नेटवर्क तैयार होने के बाद इसके 10 वर्ष तक संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी भी इसी परियोजना में शामिल की गई है। वर्तमान में क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था नहीं होने से भवनों और कॉम्प्लेक्स से निकलने वाला गंदा पानी खाली भूखंडों व खातेदारी भूमि में फैल रहा है।
स्मार्ट सिटी में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही जहां पर्यटन कारोबार के लिए अच्छी खबर है, वहीं अंदरूनी शहर के बाशिंदों के लिए वीकेंड अब जाम और अव्यवस्था का पर्याय बनता जा रहा है। शुक्रवार शाम से रविवार शाम तक चांदपोल, ब्रह्मपोल, अम्बापोल, जाड़ा गणेशजी चौक, जगदीश चौक और गणगौर घाट के आसपास यातायात दबाव इतना बढ़ जाता है कि सामान्य आवाजाही तक मुश्किल हो जाती है। स्थिति बिगड़ने पर मेडिकल इमरजेंसी या किसी गंभीर स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन सकता है। पूर्व में पुलिस की यातायात योजना में अंदरूनी शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए ब्रह्मपोल, नागा नगरी और अमराई में वन-वे व्यवस्था लागू करने की बात सामने आई थी। इसके तहत सुबह 10 से रात 8 बजे तक चारपहिया वाहनों के लिए एकतरफा यातायात चलाने की योजना थी। लेकिन, वर्तमान स्थिति में योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वीकेंड पर पर्यटकों का दबाव बढ़ने से समस्या कई गुना बढ़ जाती है।
निर्माण से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की गठित न उच्च स्तरीय समिति की उदयपुर बैठक का कड़वा ग सच यही है कि जब तक माइनिंग और रियल एस्टेट की के लिए अरावली की एक समान परिभाषा लागू नहीं के होगी, तब तक 97 फीसदी अरावली का संरक्षण वी महज कागजी दावा रहेगा। बैठक में 100 मीटर के वाली नई परिभाषा और संरक्षण के दावों पर मंथन गे तो हुआ, लेकिन जमीनी हकीकत ऐसी बैठकों से व्थ बिल्कुल उलट है। नीतिगत विसंगति का सीधा बई फायदा रियल एस्टेट माफिया उठा रहा है। शहरों री (यूडीएच) में कड़े हिल बायलॉज लागू होने के डर के से बिल्डरों ने ग्रामीण इलाकों का रुख कर लिया है। अरावली की सुरक्षा के नाम पर तय की जा रही 100 मीटर की ऊंचाई वाली परिभाषा खुद अरावली त के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गई है। इस परिभाषा के तहत केवल 100 मीटर से ऊंचे शिखरों को संरक्षण के दायरे में लाया जा रहा है, जिससे उससे जुड़ी छोटी पहाड़ियां कानूनी सुरक्षा से बाहर हो जाती हैं। माइनिंग और रियल एस्टेट कारोबारी इसी तकनीकी खामी का फायदा उठाकर छोटी पहाड़ियों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर रहे हैं।
करीब आधा सावन बीत चुका और रंगत पर है। शहर की झीलें, धुंध में लिपटी अरावली की पहाड़ियां और चारों ओर फैली हरियाली देशभर के पर्यटकों को खींच ला रही है। ऐसे में अगस्त पर्यटन उद्योग के लिए वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है।अब स्वतंत्रता दिवस (2 दिन की छुट्टी) और रक्षाबंधन (3 दिन लगातार छुट्टियां) के रूप में बैक-टू-बैक लंबे वीकेंड्स मिल रहे हैं। इस वजह से शहर के प्रमुख होटलों और रिसॉर्ट्स में अभी से 70 प्रतिशत तक एडवांस बुकिंग दर्ज की जा चुकी है, जिसके इस सप्ताह के अंत तक शत-प्रतिशत होने के पूरे आसार हैं।
सिटी रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने की योजना फिलहाल ठप है। पुनर्विकास का काम पिछले 2 महीनों से बंद पड़ा है। मौके पर एक भी मजदूर काम नहीं कर रहा। स्टेशन परिसर की सुरक्षा के लिए केवल सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। लिफ्ट और एस्केलेटर के करोड़ों रुपए के कलपुर्जे व अन्य निर्माण सामग्री ढंककर रखी हुई है। काम रुकने से यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई है। लिफ्ट और एस्केलेटर बंद होने से रोजाना हजारों यात्रियों को लंबा पैदल सफर करना पड़ रहा है। एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर जाने में वरिष्ठ नागरिक, बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। प्लेटफॉर्म पर तेज धूप और बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त पैसेंजर शेड भी नहीं हैं। सर्कुलेटिंग एरिया में निर्माण के चलते पार्किंग व्यवस्था भी चरमरा गई है। सभी प्लेटफॉर्म पर अधूरे पिलर के बेस से लोहे के सरिये बाहर निकले हैं। इनसे यात्रियों को गंभीर चोट लगने का खतरा है। विशेष अवसर या त्योहार पर अचानक बढ़ने वाली भीड़ के लिए पर्याप्त प्रतीक्षालय भी उपलब्ध नहीं हैं। चर्चा है कि काम करने वाली एजेंसी ने काम छोड़ दिया है।
शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2025-26 और सत्र 2026-27 के शाला दर्पण आंकड़ों के विश्लेषण में उदयपुर जिले के सरकारी स्कूलों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। नए पुनर्गठित जिले के 16 ब्लॉकों का कुल नामांकन 3,46,626 से बढ़कर 3,56,518 हो गया है। यानी एक वर्ष में जिले में 9,892 नए विद्यार्थियों (+2.85%) का इजाफा दर्ज किया गया है। दिलचस्प यह है कि इस वर्ष कुल वृद्धि में लड़कों की संख्या का योगदान लड़कियों से अधिक रहा है। जहां छात्रों के नामांकन में 5,464 (+3.18%) की बढ़ोतरी हुई है, वहीं छात्राओं के नामांकन में 4,428 (+2.53%) की वृद्धि हुई है।
राज्य सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 183 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारियों के तबादले किए हैं। इनमें से उदयपुर और सलुंबर जिले में 14 आरएएस अफसरों के ट्रांसफर किए गए हैं। हरिसिंह देवल को नया नगर निगम उपायुक्त बनाया गया है। वहीं आरएएस महावीर खराड़ी जनजाति विभाग में अतिरिक्त आयुक्त बनकर उदयपुर आए हैं। 2 महीने पहले आरएएस अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट में जिनका नाम आया था। उनमें से कुछ को 2 महीने में ही बदल दिया है।झाड़ोल के उपखंड अधिकारी कपिल कुमार कोठारी को भी बदल दिया है, इसी ब्लॉक में पिछले दिनों सीएम ने रात में रुकतर जनसुनवाई की थी।इनमें नगर निगम के उपायुक्त डा. नरेश सोनी, लोक सेवाएं के सहायक निदेशक हेमराज गुर्जर और गिर्वा में सहायक कलक्टर निलेश कुमार कलाल शामिल हैं। इनका तबादला दो महीने बाद ही वापस हो गया है। यूडीए में आए रमेशचंद्र बहेड़िया का भी वापस तबादला हो गया है।
हरियाली अमावस्या से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को 20 मिनट की मूसलाधार पानी बरसा। दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच दोपहर करीब ढाई बजे मौसम का मिजाज अचानक बदला। हिरणमगरी, भुवाणा, चित्रकूट नगर और प्रतापनगर-देबारी क्षेत्र में मेघगर्जना व 20 मिनट तक मूसलाधार बारिश हुई। राहत की आकाशीय बिजली की चमक के साथ 15 से बात यह रही कि कहीं से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। इसके बाद अपराह्न पौने चार बजे पूरे शहर में मध्यम दर्जे की बारिश का दौर शुरू हुआ और देर रात तक फुहार चलती रही। शहर में 6, स्वरूपसागर 2, उदयसागर 37 और देवास (प्रथम) क्षेत्र में 9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि इसके बावजूद बीते 24 घंटे में दिन का पारा करीब 5 डिग्री उछलकर 32.9 डिग्री पर जा पहुंचा। दूसरी तरफ न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री लुढ़ककर 23.4 डिग्री रह गया। गत 9 अगस्त को यह क्रमशः 32 और 25.5 डिग्री था।
नगर निगम से जारी उदयपुर लेक (बोटिंग, जेटी एंड लेक रिसोर्स मैनेजमेंट) रेगुलेशन-2026 के नए ड्राफ्ट ने प्रशासनिक, कानूनी और पर्यावरणीय गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। देश का पहला रामसर वेटलैंड सिटी बनने की दौड़ में शामिल उदयपुर की झीलों के संरक्षण के बजाय इस नीति पर व्यावसायिक विस्तार को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। वर्तमान में पिछोला, फतहसागर और अन्य जलाशयों में 163 नावें दौड़ रही हैं। इस नीति के खिलाफ एडवोकेट भाग्यश्री पंचोली और झील संरक्षण समिति के डॉ. अनिल मेहता ने निगम प्रशासन को कानूनी व वैज्ञानिक आपत्तियों का विस्तृत प्रतिवेदन भेजकर तीखा विरोध दर्ज कराया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुभाष पांडे बनाम मध्य प्रदेश राज्य मामले में तय नजीर के तहत रामसर साइट्स और पेयजल स्रोतों में क्रूज या अनियंत्रित मोटर बोट संचालन पूरी तरह असंवैधानिक है। बिना किसी हाइड्रोलॉजिस्ट या लिम्नोलॉजिस्ट की वैज्ञानिक रिपोर्ट के, केवल काल्पनिक कैरीइंग कैपेसिटी के आधार पर नई जेटियां और नावें बढ़ाना राजस्थान लेक डवलपमेंट एक्ट-2015 की मूल भावना का उल्लंघन है।
मेला आज से शुरू होगा। हरियाली अमावस्या का दो पहला दिन सभी के लिए होगा। दूसरा दिन सिर्फ महिलाओं के लिए। फतहसागर की पाल और सहेलियों की बाड़ी पर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मेले में शहर और आस पास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग मेले में शामिल होंगे। ऐसे में मेले को लेकर 12 और 13 अगस्त को यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि ड्रोन और वॉच टावरों पर दूरबीन से मेला क्षेत्र पर पुलिस की नजर रहेगी। सादे कपड़ों में भी पुलिस बल तैनात रहेगा। ताकि, चोरी और स्नेचिंग जैसी वारदातें रोकी जा सकें। एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि दो दिवसीय मेले में चोर-उचक्कों से आमजन की सुरक्षा के लिए माकूल व्यवस्था की गई है। 400 से ज्यादा पुलिस जवान मेले में तैनात रहेंगे। इनके साथ शहर और ग्रामीण थानों के थानाधिकारी भी ड्यूटी देंगे। आलाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। अपराधियों की धरपकड़ के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी गश्त करेंगे। इसके अलावा ड्रोन से मेले के पूरे क्षेत्र पर निगरानी रखी जाएगी। फतहसागर पाल, सहेलियों की बाड़ी, यूआईटी पुलिया और सुखाड़िया सर्किल पर वॉच टावर लगाए गए है।
सज्जनगढ़ सेंचुरी स्थित लायन सफारी की एशियाटिक शेरनी सुनैना के गंभीर बीमार की रिपोर्ट ने वन्यजीव सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुनैना किसी जंगली कीट से नहीं, बल्कि गाय-भैंस और कुत्तों में पाए जाने वाले परजीवी चिचड़ों (टिक्स) से एलिंकियोसिस बीमारी की चपेट में आ गई।लायन सफारी की दीवार से सटाकर कई लोगों ने अवैध पशु बाड़े बना रखे हैं। माना जा रहा है कि यहीं से ये परजीवी संक्रमण सफारी के भीतर पहुंचा। सुनैना गत 24 मई को बीमार हो गई। उसके शरीर का तापमान 106.3 डिग्री पहुंच गया। डॉक्टरों ने तुरंत फ्लूड्स, एंटीबायोटिक्स व एंटीपायरेटिक दवाएं दीं। 27 मई को आरडीडीसी से आई ब्लड रिपोर्ट में किडनी और लिवर डैमेज की पुष्टि हुई। अब आईवीआरआई (बरेली) भेजे गए सीरम सैंपल की आरटी-पीसीआर जांच में एर्लिकियोसिस पाया गया।
लेकसिटी के जल प्रबंधन इतिहास में संभवतः यह पहला मौका है जब शहर की दो प्रमुख झीलें-पिछोला और फतहसागर ओवरफ्लो होना तो दूर, इनके भरे बिना ही उदयसागर झील के दो गेट 1-1 फीट खोलने पड़े हैं। 24 फीट भराव क्षमता वाली उदयसागर का जलस्तर तीन दिन से जारी बारिश के बाद बुधवार को 21 फीट 6 इंच पर पहुंच गया। इसे देखते हुए प्रशासन ने दोपहर में दोनों गेट खोलकर 256 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू कर दी।अमूमन व्यवस्था और जल चक्र यह रहे हैं कि पहले मदार व देवास से पानी फतहसागर-पिछोला आता है। इनके छलकने के बाद पानी आयड़ नदी से होकर उदयसागर पहुंचता है। लेकिन इस बार उदयसागर में मानसून से पहले ही पर्याप्त पानी मौजूद था। गत 25 जुलाई को इसका जलस्तर 19.9 फीट था, जो 1 अगस्त को 20.6 फीट हुआ और हाल ही की तेज बारिश से 21.6 फीट तक पहुंच गया।
हरियाली अमावस्या बुधवार को शहर के लिए सीजन की पहली तेज बारिश लेकर आई। पहाड़ियों पर धुंध की चादर और झीलों में उठती लहरों के बीच मौसम खुशनुमा हो गया। शाम 5 बजे तक शहर में 31 मिमी पानी बरसा। झाड़ोल में सर्वाधिक 123 मिमी (4.8 इंच), कोटड़ा 103 (4 इंच से ज्यादा), देवास (प्रथम) 65, गोगुंदा 48, वल्लभनगर 45, मदार 40, बागोलिया 30, स्वरूपसागर 26 और नाई क्षेत्र में 23 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अधिकतम पारा 5 डिग्री लुढ़ककर अगस्त के 12 दिन में पहली बार 27.9 डिग्री रह गया। इस महीने इसका औसत 30.5 है। न्यूनतम तापमान भी 1.4 डिग्री गिरकर 22 डिग्री पर सिमट आया।
पहाड़ियों पर बादलों का डेरा, फतहसागर की लहरों पर गिरती फुहारें और चेहरे पर हरियाली अमावस्या का चिर-परिचित उल्लास... बुधवार को बारिश ने उल्लास बढ़ा दिया। सुबह मूसलाधार के चलते मेले की शुरुआत धीमी रही, लेकिन शाम ढलते ही शहर फतहसागर की पाल और सहेलियों की बाड़ी की ओर उमड़ पड़ा। किसी के हाथ में रंग-बिरंगा छाता था तो कोई रेनकोट पहनकर भीगते हुए मेले का रोमांच जीने पहुंचा था।काले किवाड़ से शुरू हुआ मेले का कारवां फतहसागर ओवरफ्लो, पाल और देवाली होते हुए सहेलियों की बाड़ी तक सतरंगी छटा बिखेरता रहा। बरसती बूंदों के बीच झूलों की रफ्तार थमी नहीं और गरमा-गरम भुट्टे, चाट पकौड़ी के ठेलों पर मेलार्थियों की टोलियां डटी रहीं। मेले में इस बार राजस्थान और अन्य राज्यों से आए व्यापारियों की करीब 850 दुकानें सजी हैं। खिलौने, कपड़े, मनिहारी और पारंपरिक सजावटी सामान से सजे बाजार में दिनभर खरीदारी का दौर चला। सहेलियों की बाड़ी के बाहर नजारा ऐसा था मानो मेलार्थियों के रंग-बिरंगे छातों का अलग ही मेला सजा हो।