स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में रविवार रात कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन हो गया। इन खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण समेत कुल 39 पदक जीते। इस दौरान भारत की महिला खिलाड़ियों ने अपना दबदबा कायम किया और स्वर्ण पदक जीतने के मामले में पुरुषों से आगे रहीं। इन खेलों में भारत के खाते में आए कुल 13 स्वर्ण पदकों में से आठ महिला खिलाड़ियों ने जीते हैं, जबकि शेष पांच स्वर्ण पदक पुरुषों ने हासिल किए। सबसे खास बात यह है कि भारत की बेटियों ने ये स्वर्ण पदक वेटलिफ्टिंग, मुक्केबाजी और जूडो जैसे पावर गेम में जीते हैं। भारतीय मुक्केबाजी दल में सात महिला खिलाड़ी शामिल थीं और उनमें से छह ने यहां पदक जीते हैं। महिला मुक्केबाजों का यह कॉमनवेल्थ गेम्स के किसी एक संस्करण में रेकॉर्ड प्रदर्शन है। भारत के लिए साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, जैस्मीन लंबोरिया, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि लवलीना बारगोहेन ने रजत पदक हासिल किया। भारतीयों ने मुक्केबाजी में 7 स्वर्ग और तीन रामेत कुल स्वर्ग और तीन रामेत कुल 10 पदक अपने नाम किए।
हर साल सावन के पहले ही सोमवार को गुलाबबाग में लगने वाला पारंपरिक सखिया मेला विवादों में घिर गया। निगम ने शेरवाली फाटक पर ताला जड़कर व्यापारियों और वाहनों की एंट्री रोक दी। गेट पर होमगार्ड तैनात कर दिए और अंदर नहीं जाने दिया। समोर बाग रोड पर दुकानें लगाने की हिदायत से गुस्साए व्यापारियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। भाजपा और कांग्रेस पदाधिकारी भी आ पहुंचे। कांग्रेसजनों ने भी निगम के फैसले का विरोध किया। आयुक्त से बात कर एतराज जताया। व्यापारियों के गंदगी नहीं फैलाने और जनप्रतिनिधियों की दखल के बाद निगम को फैसला बदलना पड़ा और गेट खोल दिए गए। सावन के सभी सोमवार को गुलाबबाग में यह मेला लगता आया है। इस साल यह 3, 10, 17 और 24 अगस्त को लगाया जा रहा है। मेले में छोटे व्यापारी खाद्य पदार्थों, खिलौनों समेत अन्य दुकानें लगाते है। गंदगी भी फैलती है। ऐसे में निगम ने दुकानें लगाने और वाहनों के प्रवेश के पर रोक लगा दी। सुबह 9 बजे निगम सीआई मांगीलाल डांगी होमगार्ड जाब्ते के साथ गुलाबबाग पहुंचे और शेर वाली फाटक पर ताला जड़ दिया। व्यापारियों को अंदर दुकानें लगाने से रोक दिया। इस पर दुकानदारों और निगम प्रशासन के बीच तीखी बहस हो गई।
युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए स्वायत्त शासन विभाग की अंबेडकर ई-लाइब्रेरी योजना के तहत उदयपुर नगर निगम क्षेत्र में 2 ई-पब्लिक लाइब्रेरी आवंटित की गई हैं। पुस्तकालयाध्यक्ष राव भगवत सिंह ने बताया कि उदयपुर संभाग के 7 जिलों (उदयपुर, सलूम्बर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़) के कुल 23 नगरीय निकायों को शामिल किया गया है। राज्य स्तर पर एससी के विद्यार्थियों और युवाओं को आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के लिए 193 नगरीय निकायों में 200 ई-लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 31 अगस्त को इनका लोकार्पण करेंगे।
आखिरकार वही हुआ, जो भास्कर ने बताया था। गत 28 जुलाई को ही खबर प्रकाशित कर बता दिया था कि 15 अगस्त से पहले ई-बसें उदयपुर पहुंचेंगी। सोमवार को 9 ई-बसें उदयपुर पहुंच गई। इन्हें तीतरड़ी स्थित ई-बस डिपो पर खड़ा किया गया है। शनिवार से सोमवार तक के बीच 3-3 बसें यहां पहुंची हैं। 4 दिनों में 11 बसें और 10 से 12 दिनों में बकाया 30 बसें भी उदयपुर पहुंच जाएंगी। अभी आई 9 बसें 12 मीटर की हैं। इसमें 60 यात्री सफर कर सकते हैं। जल्द इन बसों का ट्रायल शुरू किया जाएगा। फिर निकाय चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले इनका संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए निगम ने 21 रूट भी तय कर लिए हैं।
सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने सोमवार को लोकसभा में उदयपुर के जनजातीय क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के लिए नए रेल मार्गों का सर्वे करवाने का आग्रह किया है। ऐसे चार रेल मार्ग आदिवासी अंचल से जुड़े हुए हैं, जिनमें से 3 का सीधा जुड़ाव उदयपुर से संभव है। सांसद रावत ने कहा कि उदयपुर लोकसभा क्षेत्र में रेल सुविधाओं का विस्तार हुआ है। यह क्षेत्र दक्षिण राजस्थान का जनजाति बहुल और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने से अधिकांश भाग आज भी रेल संपर्क से कटा है, जिससे आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, व्यापार तथा औद्योगिक विकास प्रभावित होता है। सांसद ने विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप उपर्युक्त सभी प्रस्तावित रेल मार्गों के सर्वे को प्राथमिकता प्रदान करने का आग्रह किया, जिससे जनजातीय क्षेत्र के समग्र सामाजिक, आर्थिक एवं औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके।
शहर में हाईकोर्ट बेंच की 45 साल से लंबित मांग एक बार फिर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सामने उठी। रविवार को प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री से मुलाकात कर हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति और बार एसोसिएशन ने मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने भी मांग पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए जल्द प्रगति सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। बार अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने बताया कि देर शाम प्रतिनिधिमंडल आरसीए में मुख्यमंत्री से मिला। बलीचा में कोर्ट की नए भवन के लिए बजट पास करने, कोर्ट परिसर में पार्किंग, टॉयलेट और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। सीएम ने कलेक्टर को जल्द जरूरी व्यवस्थाओं के निर्देश दिए। संघर्ष समिति महासचिव रामकृपा शर्मा, कोषाध्यक्ष मनीष शर्मा, सत्येंद्र पाल सिंह छाबड़ा, महासचिव लोकेश गुर्जर, उपाध्यक्ष महेंद्र मेनारिया, सचिव आशीष कुमार कोठारी और धर्मेंद्र सोनी मौजूद थे।
उदयपुर से पश्चिम बंगाल और कोलकाता की तरफ यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने ट्रेन संख्या 20971/20972 (उदयपुर सिटी - शालीमार - उदयपुर सिटी) की साप्ताहिक सेवा को अब द्वि-साप्ताहिक (हफ्ते में 2 दिन) करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से उदयपुर से कोलकाता मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को सोमवार को एक अतिरिक्त ट्रेन सेवा का विकल्प मिलेगा। यह अतिरिक्त सेवा सोमवार को उदयपुर सिटी से रवाना होगी, जबकि वापसी में शालीमार से शुरू होकर सोमवार शाम लगभग 19:50 बजे उदयपुर पहुंचेगी।
शहर में मंगलवार को दिनभर बादलों की आवाजाही रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। सूरज और बादलों की लुकछिपी चलती रही। कई बार घने बादल छाए, लेकिन तेज हवा इन्हें बहा ले गई। बारिश नहीं होने से दिनभर तपिश के साथ उमस का असर बना रहा। अधिकतम तापमान 30.3 और न्यूनतम 25.0 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा के अनुसार अभी दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक कम दबाव (लो प्रेशर) का क्षेत्र सक्रिय है, जबकि पूर्वी भारत में भारी बारिश के आसार हैं। इसके प्रभाव से अगले 4-5 दिन उत्तर-पूर्वी राजस्थान में रुक-रुक कर खंड वर्षा की स्थिति बनी रहेगी। इस दरमियान उदयपुर में बादल छाए रहेंगे, तापमान स्थिर रहेगा। शहर के कुछ हिस्सों में हल्की खंड वर्षा हो सकती है।
थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआइ-2379 मंगलवार को तेज टर्बुलेंस (हवा के दबाव और गति में अचानक बदलाव से झटके) की चपेट में आ गई। उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया, जिससे यात्रियों और केबिन क्रू में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 11 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य घायल हो गए। विमान में 132 यात्री सवार थे। हादसे के कारण विमान की सीलिंग को भी नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर मेडिकल और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को अलर्ट कर दिया गया। पायलट ने सूझबूझ विमान नियंत्रण लिखा और सुबह करीब पत्र बजे विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा। घायलों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद एयर इंडिया ने बताया कि उड़ान के दौरान अचानक टर्बुलेंस और अपड्राफ्ट-डाउनड्राफ्ट की स्थिति बनने से विमान की ऊंचाई में अस्थायी बदलाव आया। हालांकि उड़ान सुरक्षित रही और सभी यात्री सुरक्षित हैं। घटना की जांच एयर इंडिया और डीजीसीए करेंगे, ताकि टर्बुलेंस की तीव्रता और ऊंचाई में आए अचानक बदलाव के कारणों का पता लगाया जा सके।
सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के इको सेंसेटिव जोन में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई शुरू होने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा है। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना में यूडीए ने डीए ने व्यावसायिक संपत्तियों को नोटिस जारी किए थे। अब अधिकांश संपत्ति मालिक अपने जवाब सौंप चुके हैं। इसके बाद प्राधिकरण ने कई मामलों में अंतिम अवसर देते हुए स्वामित्व, निर्माण की तिथि, स्वीकृतियों और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद 2017 के बाद हुए निर्माणों और बाद में किए गए अतिरिक्त निर्माणों पर हाईकोर्ट के आदेशों एवं नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं वर्ष 2017 से पहले के निर्माणों की स्थिति का अलग-अलग आधार पर परीक्षण किया जा रहा है।
नगर निगम की ओर से भूपालपुरा स्थित बंशी पान रोड से 4 लाइसेंसी स्ट्रीट वेंडर्स को हटाने की कार्रवाई पर जिला न्यायालय ने रोक लगा दी है। अपर जिला न्यायाधीश क्रमांक-4 जितेंद्र गोयल ने आदेश दिया है कि अंतरिम स्थायी निषेधाज्ञा आवेदन का निस्तारण होने तक निगम ठेला संचालकों के व्यवसाय में कोई बाधा नहीं डालेगा और मौके पर यथास्थिति बनाए रखेगा। इससे पहले सिविल न्यायाधीश ने ठेला संचालकों की अंतरिम राहत की मांग खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ उन्होंने जिला न्यायालय में अपील की थी।अलीपुरा निवासी ईश्वरलाल, कृष्णपुरा निवासी विनोद दया, बोहरा गणेशजी निवासी राकेश कुमार और कृष्णपुरा निवासी गोविंद ने निगम के खिलाफ कोर्ट में निषेधाज्ञा का प्रार्थना पत्र पेश किया। इसमें बताया कि वे सभी 40-50 सालों से बंशीपान-भोपालपुरा मार्ग नाश्ते के ठेले लगाते हैं। एक भी ठेला सड़क पर नहीं है। निगम ने उन्हें वेंडिंग प्रमाण पत्र (लाइसेंस) जारी किए हुए हैं।
राजस्थान के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य की 11 प्रमुख परियोजनाओं के लिए 642 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इसके तहत ऐतिहासिक व सांस्कृतिक मार्गों के पुनरुद्धार और सौंदर्याकरण से जुड़ी विरासत पथ परियोजना में उदयपुर को भी शामिल किया गया है।लोकसभा में उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने स्थायी, ग्रामीण, होमस्टे, एमआईसीई, साहसिक, चिकित्सा-आरोग्य और ईको-टूरिज्म के लिए राष्ट्रीय रणनीतियां राज्यों को भेजी हैं। साथ ही विवाह, क्रूज व आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
राजस्थान में आज 21 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। अलवर, कोटपूतली-बहरोड़ में गुरुवार सुबह से बरसात हो रही है। जगह-जगह पानी भरने से लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, 7 अगस्त से उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका है। विभाग के अनुसार राज्य में 10 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहेगा।बुधवार (5 अगस्त) को भरतपुर संभाग के अलावा जयपुर संभाग के जिलों में भी 3 इंच तक पानी बरसा। वहीं, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों के कुछ इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई।पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा बरसात अलवर के गोविंदगढ़ में 72 एमएम (मिलीमीटर) दर्ज की गई। कोटा में अच्छी बरसात के लिए 4 साल बाद गढ़े भैरूजी को निकालने और पूजा की परंपरा निभाई गई।राजस्थान में इस सीजन में अब तक सामान्य से 17 फीसदी कम बारिश हुई है। राज्य के 245 बांध अब भी खाली हैं।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज और एमबी अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों, बुजुर्गों और उनके परिजनों के लिए राहत की खबर है। अब विशाल अस्पताल परिसर में एक विभाग से दूसरे विभाग तक जाने के लिए पैदल नहीं भटकना पड़ेगा। कॉलेज प्रशासन ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत परिसर में सशुल्क ई-रिक्शा सेवा शुरू करने और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है।
झीलों की नगरी उदयपुर में जल निकायों के संरक्षण और विकास के बड़े-बड़े दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। झील संरक्षण की सबसे महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समिति में पिछले छह वर्षों से जमीनी स्तर पर काम करने वाले किसी भी विशेषज्ञ या सामाजिक कार्यकर्ता को सदस्य नहीं बनाया गया है। आलम यह है कि झीलों की सेहत से जुड़े तमाम फैसले अब सिर्फ सरकारी दफ्तरों की चारदीवारी तक सीमित होकर रह गए हैं। कानून में प्रावधान, फिर भी अनदेखी राजस्थान झील संरक्षण एवं विकास अधिनियम-2015 की धारा-25 के अनुसार, जिला स्तरीय समिति में राज्य सरकार को पर्यावरण, जल विज्ञान और झील संरक्षण क्षेत्र के दो विशेषज्ञ सदस्यों को 3 वर्ष के कार्यकाल के लिए नामित करना होता है। इसका मकसद योजनाओं में विषय-विशेषज्ञों की व्यावहारिक राय शामिल करना था। हालांकि, अधिनियम लागू होने के बाद से अब तक केवल एक बार ही सामाजिक कार्यकर्ता तेज शंकर पालीवाल को सदस्य बनाया गया। उनके बाद से यह पद खाली पड़ा है। स्वतंत्र विशेषज्ञों की जगह पूर्व अधिकारियों को तरजीह समिति की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जिले में सड़क संपर्क को बड़ा फैसला किया है। वर्ष 2026-27 के बजट के तहत जिले में 79.58 करोड़ की लागत से 151 सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन कार्यों के जरिये जिले में 247.94 किमी लंबे सड़क नेटवर्क का निर्माण होगा। जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों को इस योजना में शामिल किया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। उपमुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गांव, कस्बे और शहर को बेहतर सड़क सुविधाओं से जोड़ना है। 68 मिसिंग लिंक और 83 सड़कें होंगी दुरुस्त स्वीकृत कार्यों में 68 मिसिंग लिंक सड़कें शामिल हैं, जिनके बनने से वर्षों से अधूरे पड़े संपर्क पूरे होंगे। वहीं 83 नॉन-पैचेबल सड़कों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों की पहुंच बेहतर होगी, बल्कि किसानों को मंडियों तक पहुंचने, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचने और पर्यटन स्थलों तक आवाजाही में भी सुविधा मिलेगी।
जिले में मानसून की रफ्तार अभी भी सामान्य से पीछे है। अब तक जिले में 206.18 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 360.63 मिमी होनी थी। इस तरह जिले में वर्षा 42.83 प्रतिशत कम रही है और इसे डेफिसिट श्रेणी में रखा गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 378.35 मिमी बारिश हुई थी। हालांकि कई प्रमुख बांधों-झीलों में जलभराव की स्थिति सुधरी है। उदयसागर झील 74.05%, फतहसागर 71.65%, स्वरूप सागर 65.67%, साबरमती 66.76%, माही वाकल (मानसी वाकल) 54.32% तथा वल्लभनगर बांध 53.39% क्षमता तक भर चुके हैं। वहीं, सागवाड़ा की पाल बांध क्षमता के साथ 100% भर गया है। लेकिन, कुछ की स्थिति कमजोर बनी हुई है। बागोलिया बांध केवल 2.93%, आकोदड़ा 7.60%, खरताणा 3.07%, भट्ट 7.37%, सालेरा 2.81% और फीला 6.55% क्षमता तक ही भर पाए हैं। बता दें कि जिले में कुल 36 बांध-झीलें हैं। इनमें 4.25 एमक्यूएम से अधिक क्षमता वाले (मध्यम एवं बड़े बांध) 15 और 4.25 एमक्यूएम से कम क्षमता वाले (लघु बांध) 21 बांध हैं।
अंबावगढ़ में हिल पॉलिसी की धज्जियां उड़ाते हुए पहाड़ी काटने के मामले में नगर निगम की लापरवाही अब साफ नजर आ रही है। दो माह पहले शहर के अंबावगढ़ में कटनी शुरू हुई पहाड़ी को नगर निगम भी नहीं बचा पाया। निगम की अनदेखी के चलते दो प्लॉट मालिकों ने आधी से ज्यादा पहाड़ी को काट दिया है। खास बात यह है कि दैनिक भास्कर ने गत 15 जून को अवैध रूप से पहाड़ी कटने का खुलासा किया था। तब निगम ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ पोकलेन मशीन की चाबी जब्त की थी। उसे भी छोड़ दिया गया। लेकिन, इसके बाद न एफआईआर दर्ज कराई, न जुर्माना लगाया और न ही भवन निर्माण की स्वीकृति निरस्त की। नतीजा यह हुआ कि दो माह में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा काट दिया गया। अब वहां मकान निर्माण की तैयारी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि यह निगम की अनदेखी है या मिलीभगत ?
शहर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से पिछले 6 माह से बंद डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण अब फिर शुरू होने जा रहा है। 10 अगस्त से 2 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से नियमित कचरा उठाया जाएगा। इसके लिए निगम ने सेनटेन लाइफ एजेंसी को ठेका दिया है। खास बात यह है कि कचरा संग्रहण से निगम को पिछली बार से तीन गुना ज्यादा राजस्व मिलेगा। निगम को अब तक मासिक 7 लाख आय होती थी, जो अब बढ़कर 15 से 20 लाख हो जाएगी। इसकी वजह यह है कि एजेंसी निगम को शुल्क का आधा हिस्सा देगी। हालांकि, इसका असर प्रतिष्ठानों पर नहीं होगा, क्योंकि शुल्क पहले से तय दरों के अनुसार ही ही वसूला जाएगा।
कभी वर्षा जल से लबालब भरने वाला रूपसागर तालाब आज अपनी पहचान खोता जा रहा है। तालाब का प्राकृतिक कैचमेंट एरिया धीरे-धीरे भूमाफिया की भेंट चढ़ गया। प्रशासनिक ढिलाई के कारण कैचमेंट पर कॉलोनियां बस गई, तालाब पेटे तक में निर्माण हो गए, लेकिन समय पर न तो सीमांकन हुआ और न ही अतिक्रमण हटाए गए। नतीजा यह है कि अब रूपसागर में बारिश का पानी कम और सीवरेज ज्यादा पहुंच रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बरसात नहीं होने के बावजूद तालाब लगातार भरा हुआ है, क्योंकि इसमें दिन-रात गंदा पानी गिर रहा है। तालाब में जमा सीवरेज अब सड़ने लगा है। पानी से उठ रही दुर्गंध ने आसपास रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में रूपसागर की पहचान एक ऐतिहासिक जलाशय नहीं, बल्कि शहर के सबसे बड़े गंदे सीवरेज कुंड के रूप में रह जाएगी।
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) द्वारा नीट यूजी-2026 के तहत ऑल इंडिया 15% कोटा एमबीबीएस और बीडीएस काउंसलिंग के प्रथम चरण की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बुधवार, 5 अगस्त से प्रारंभ कर दी गई है। प्राथमिक चरण में देशभर के 11.21 लाख क्वालिफाइड अभ्यर्थियों की नजर 450 मेडिकल संस्थानों की 63,159 सरकारी एमबीबीएस सीटों पर रहेगी।एमसीसी ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 56 पेजों की विस्तृत काउंसलिंग गाइड भी जारी की है। इस गाइड में ऑथेंटिकेशन, एप्लीकेशन फॉर्म, क्वालिफिकेशन विवरण, डॉक्यूमेंट अपलोड और फाइनल सबमिट सहित 7 प्रमुख चरणों को फ्लो-चार्ट व स्क्रीनशॉट के माध्यम से दर्शाया गया है। रजिस्ट्रेशन एवं फीस भुगतान 12 अगस्त तक होगा, जबकि चॉइस फिलिंग 6 से 13 अगस्त के मध्य की जा सकेगी। सीट आवंटन का परिणाम 17 अगस्त को जारी होगा और चयनित विद्यार्थियों को 18 से 22 अगस्त 2026 तक आवंटित कॉलेजों में रिपोर्टिंग व ज्वॉइनिंग करनी होगी।