इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बढ़ती संख्या के बीच दिलचस्प तथ्य यह है कि सबसे ज्यादा बिजली कार नहीं, बल्कि ई-रिक्शा और ई-ऑटो खर्च कर रहे हैं। प्रदेश में फिलहाल करीब 4.9 लाख ईवी हैं, जिन्हें चार्ज करने के लिए सालाना 82.23 करोड़ यूनिट बिजली की जरूरत पड़ रही है। यह प्रदेश की कुल बिजली खपत का करीब एक फीसदी है। इसमें तिपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 44.63 करोड़ यूनिट यानी 54.3% है। दूसरी ओर, एक इलेक्ट्रिक बस या ट्रक को सालभर चलाने के लिए औसतन 1.32 लाख यूनिट बिजली चाहिए, जिस पर 8 रुपए प्रति यूनिट की दर से करीब 10.56 लाख रुपए खर्च आते हैं। केंद्र सरकार के EV30@30 (विजन-2030) के तहत अगले पांच वर्षों में ईवी की संख्या 5 से 32 गुना तक बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में बिजली उत्पादन, वितरण और चार्जिंग नेटवर्क पर दबाव भी तेजी से बढेगा। केंद्र सरकार की ऊर्जा पर विशेषज्ञ समिति की हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 1.7 करोड़ के पार पहुंच सकती है। इनके लिए बिजली की मांग 5 से 32 गुना तक बढ़ने का अनुमान है।
अब तक टैक्स बकाया होने के बावजूद बिना रोक-टोक चल रहे बीएच सीरीज के वाहनों पर परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। विभाग ने बकाया टैक्स की वसूली के लिए अभियान चलाया है। नोटिस जारी होने के 15 दिन के भीतर टैक्स जमा नहीं कराने वालों के वाहन जब्त करने के साथ नियमानुसार पेनल्टी भी लगाई जाएगी। यह कार्रवाई केवल बीएच सीरीज ही नहीं, बल्कि सभी श्रेणी के बकायादार वाहनों पर लागू होगी। परिवहन विभाग के अनुसार कई वाहन मालिक समय पर मोटर वाहन टैक्स जमा नहीं करा रहे हैं। विशेष रूप से बीएच सीरीज के कुछ वाहनों में निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी अगली किस्त का टैक्स जमा नहीं कराया गया है। इसे देखते हुए विभाग ने जिलेभर में बकायादार वाहनों की सूची तैयार कर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
नीट पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन सोमवार को संसद तक पहुंच गया। पिछले 14 साल में पहली बार प्रदर्शनकारियों की भीड़ संसद के दरवाजे तक पहुंची है। इससे पहले, 2012 में निर्भया कांड के विरोध में इस इलाके में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, झड़पों में 5 आईपीएस समेत 118 पुलिसकर्मी और 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए। 70 लोग हिरासत में लिए गए। वहीं, सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी अस्पताल में भर्ती हैं। एक हजार से ज्यादा को चोटें आईं। सुरक्षा बलों के 15-20 वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक नई दिल्ली जिले में इंटरनेट बंद रहा। सोमवार को संसद के रेलभवन के करीब वाले दरवाजे पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी पहुंच गए। संसद के सभी दरवाजे लॉक कर दिए गए। करीब एक घंटे प्रवेश व निकासी बंद रही। वहीं, छत्तीसगढ़, हरियाणा, तेलंगाना, बंगाल, गुजरात, यूपी और केरल समेत कई राज्यों में सीजेपी के समर्थन में प्रदर्शन हुए।
शहर में सोमवार को मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिले। सुबह से ही तीखी गर्मी और तपन का माहौल बना हुआ था, जिससे लोग बेहाल थे। हालांकि, दोपहर बाद करीब तीन बजे शहर के विभिन्न हिस्सों में अचानक मौसम बदला और हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। आसमान में बादल छाए रहे। कुछ देर तक रुक-रुक कर फुहारें गिरीं। ऐसा लगा कि तेज बारिश होगी, लेकिन नहीं हुई। बूंदाबांदी ने गर्मी से राहत तो दी लेकिन हवा नहीं चलने से उमस बढ़ गई। रविवार को अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री था, वहीं सोमवार को इसमें 1.8 डिग्री की कमी आई और यह 29.7 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री पर ही स्थिर रहा।
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) उदयपुर से चार नए रूटों पर बस शुरू करने जा रहा है। इनमें उदयपुर से भीनमाल (जालोर) और मनासा (मध्यप्रदेश) के लिए बस मंगलवार से शुरू होगी, जबकि नीमच और निंबाहेड़ा के लिए बसों का संचालन बुधवार से किया जाएगा। आगार प्रबंधक हेमंत शर्मा ने बताया कि चारों बसें 3 बाय 2 सीटर श्रेणी की हैं। इन नई सेवाओं से विशेष रूप से मध्यप्रदेश से आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। वहीं, उदयपुर से जालोर जाने वाले यात्रियों को भी शाम के समय पहली बार नियमित बस सेवा उपलब्ध होगी। नई बस सेवाएं शुरू होने से राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही जालोर, नीमच, मनासा और निंबाहेड़ा रूट पर नियमित एवं सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध होने से दैनिक यात्रियों और अन्य यात्रियों को भी लाभ मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें आधी होने का फायदा तेल कंपनियां आम उपभोक्ताओं को देने के बजाय बड़े औद्योगिक घरानों को बांट रही हैं। राजस्थान में आम आदमी को जिस डीजल के लिए रिटेल पेट्रोल पंपों पर 98.52 प्रति लीटर (उदयपुर का औसत भाव) चुकाने पड़ रहे हैं, वही डीजल बड़ी फैक्ट्रियों को उनके निजी कंज्यूमर पंप पर 94 प्रति लीटर में मिल रहा है। यानी टैक्स चुकाने वाला आम उपभोक्ता, करोड़पति उद्यमियों के मुकाबले करीब साढ़े चार रुपए प्रति लीटर महंगा डीजल खरीदने को मजबूर है। उदयपुर संभाग सहित पूरे प्रदेश के ट्रांसपोर्टर्स, किसानों व मध्यम वर्ग में इस विसंगति को लेकर आक्रोश है। व्यापार का नियम है कि थोक में सामान हमेशा सस्ता मिलता है, लेकिन तेल कंपनियों ने क्रूड के उतार-चढ़ाव में ऐसा दोहरा मापदंड अपनाया है कि पिसना आम आदमी को ही पड़ रहा है। प्रदेश में वैट की मार पहले ही ज्यादा है, ऊपर से इस नीति ने जनता की कमर तोड़ दी है।
प्रदेश सरकार की ओर से हाईकोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक इस साल सितंबर में नगर निकाय और अक्टूबर में पंचायत चुनाव होंगे। संभव है कि इसकी तैयारी भी प्रशासन ने शुरू कर दी होगी। ऐसे में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में भी छात्रसंघ चुनाव टल सकता है। क्योंकि, पिछले साल भी सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा पेश कर नगर निकाय एवं पंचायत चुनाव की तैयारियों के कारण छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने की जानकारी दी थी। चूंकि पिछले 16 साल में 11 बार हुए छात्रसंघ चुनाव जून से अगस्त के बीच हुए हैं। अगस्त बाद छात्रसंघ चुनाव कभी नहीं हुए। यानी लगातार चौथे साल छात्रसंघ चुनाव टलना तय हैं।
हरियाली अमावस्या मेले में अब एक माह बचा है। पहले दिन 21 अगस्त को मेला सभी लोगों के लिए होगा, जबकि 22 अगस्त का दिन सिर्फ महिलाओं के लिए रहेगा। मेले में दो दिन के लिए लगने अस्थायी दुकानों की मंगलवार को नीलामी शुरू हुई। पहले दिन निगम की 800 में से 225 दुकानों के लिए बोलीदाता मिले। इससे निगम को 9.13 लाख रुपए की राजस्व आय हुई। अब बुधवार को 575 दुकानों के लिए बोलियां लगेंगी। दुकानों का कुल आंकड़ा 650 तक पहुंचने की संभावना है। आयुक्त ने बताया कि बुधवार को भी सहेलियों की बाड़ी स्थित मेला कार्यालय में दुकानों की नीलामी होगी। नीलामी में भाग लेने वालों को आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा।
शहर में सिटी स्टेशन से कलक्टर बंगले तक प्रस्तावित 137 करोड़ रुपए की एलिवेटेड रोड निर्माण की प्लानिंग अब सवालों के घेरे में है। इस परियोजना के रास्ते में आने वाले पेड़, बिजली के पोल और नाले की शिफ्टिंग को मूल प्रोजेक्ट में शामिल ही नहीं किया गया। इसका खमियाजा अब नगर निगम को अलग-अलग मदों में अतिरिक्त खर्च उठाकर भुगतना पड़ रहा है। पेड़ और पोल की शिफ्टिंग के बाद अब उदियापोल नाले को शिफ्ट करने के लिए निगम ने 72 लाख रुपए का अलग टेंडर जारी कर वर्कऑर्डर दे दिया है। वर्कऑर्डर मिलते ही ठेकेदार फर्म ने मानसून की शुरुआत में ही उदियापोल चौराहे के पास बीच सड़क बुलडोजर चला खुदाई शुरू कर दी। सड़क पर गड्ढे खोदकर नाला शिफ्टिंग का काम शुरू होने से अब बारिश होने पर यहां यातायात व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार नाला शिफ्टिंग के काम में डेढ़ से दो माह का समय लगेगा। इस दौरान उदियापोल मार्ग पर दो माह तक एकतरफा यातायात चलाया जाएगा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने देशभर के होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबे और बैंक्वेट हॉल के लिए नए आदेश जारी किए हैं। 20 जुलाई को जारी आदेश के तहत इन प्रतिष्ठानों को प्रदूषण क्षमता के आधार पर रेड, ऑरेंज, ग्रीन और व्हाइट कैटेगरी में बांटा गया है। प्रदूषण क्षमता तय करने के लिए कमरों की संख्या, बैठक क्षमता और क्षेत्रफल को पैमाना बनाया गया है। इन्हें लागू करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजा गया है। इसका सीधा असर उदयपुर के 800 होटल व 1000 रेस्टोरेंट-ढाबों पर पड़ेगा। पर्यावरण मंत्रालय पहले ही 'व्हाइट कैटेगरी' को स्थापना (सीटीई) और संचालन (सीटीओ) की अनुमति से छूट दे चुका है। नए नियमों के बाद व्हाइट कैटेगरी के छोटे होटल, क्लाउड किचन, ढाबे, भोजनालय और 1000 वर्गमीटर तक के बैंक्वेट हॉल संचालकों को कागजी औपचारिकताओं से बड़ी राहत मिलेगी।
आखिरकार ब्रेक के बाद मानसून ने तीखे तेवर दिखाए हैं। बुधवार को भीलवाड़ा और बदनौर में 8.8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। 24 घंटे में 15 जिलों बारां, झालवाड़ से टोंक-पाली तक जोरदार बारिश हुई। हालांकि औसत के अभी भी 19 फीसदी बारिश कम हुई है। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश होने से बढ़े जलस्तर के कारण कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ने से बांध का एक गेट खोलकर 426 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बारिश के बाद करीब 7 डिग्री तक पारा गिरा। बीते साल के मुकाबले 165 मिमी कम बारिश मानसून एंट्री के बाद कम बारिश - होने से प्रदेश औसत बारिश से करीब 19 फीसदी पीछे है। 22 जुलाई तक औसत बारिश का आंकड़ा 158.13 मिमी है और अभी तक 127.86 मिमी बरसात हुई है। वहीं बीते साल 323.63 मिमी पानी बरस चुका था। ऐसे में - बीते साल के मुकाबले 165 मिमी - बारिश कम हुई है।
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। अब 1 लाख रुपए या उससे अधिक की साइबर ठगी होने और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने पर स्वतः ई-जीरो एफआईआर दर्ज हो जाएगी। इसके बाद पुलिस शिकायतकर्ता के थाने पहुंचने या हस्ताक्षर का इंतजार किए बिना बैंक खाते फ्रीज कराने, राशि होल्ड कराने और डिजिटल साक्ष्य जुटाने जैसी कानूनी कार्रवाई तुरंत शुरू कर देगी। यह नई व्यवस्था गुरुवार से उदयपुर समेत पूरे प्रदेश में लागू हो गई है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने इस संबंध में सभी पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को निर्देश जारी किए हैं। पहले यह सुविधा केवल 5 लाख रुपए या उससे अधिक की साइबर ठगी के मामलों में मिलती थी। लेकिन, अब सीमा घटाकर 1 लाख रुपए कर दी गई है। इससे ज्यादा लोगों को तुरंत कानूनी मदद मिल सकेगी। नई व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, साइबर हेल्पलाइन 1930 और सीसीटीएनएस सिस्टम को आपस में जोड़ा गया है।
मेवाड़ में मानसून पूरे शबाब पर है। लगातार हो रही झमाझम बारिश से क्षेत्र के बांधों और तालाबों में पानी की आवक तेज हो गई है, जिससे जलाशयों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। खेतों पर बरसी इस अमृत वर्षा ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है और खरीफ फसलों के लिए यह बारिश बेहद लाभकारी साबित हो रही है। बारिश के चलते कई स्थानों पर नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे निचले इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, तेज बारिश और खराब मौसम के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी मेवाड़ के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
गुजरात और महाराष्ट्र हो रही बारिश के बीच पश्चिम रेलवे के घोलवड़ और उमरगाम रोड स्टेशनों के बीच बने ब्रिज नंबर 203 पर पानी खतरे के निशान तक पहुंच गया है। पटरियों पर भारी जलभराव के कारण रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से ट्रेनों का मूवमेंट पूरी तरह रोक दिया है।इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बंद होने का सबसे बड़ा और सीधा असर राजस्थान से मुंबई जाने वाले रेल यात्रियों पर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित उदयपुर से बांद्रा (मुंबई) के बीच चलने वाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस हुई है, जिसे रेलवे ने दोनों दिशाओं से रद्द कर दिया है। उदयपुर से मुंबई जाने और वहां से लौटने वाले लोगों के लिए फिलहाल इस रूट पर यात्रा का कोई दूसरा रेल विकल्प नहीं बचा है। इसके अलावा अजमेर और जयपुर से मुंबई की तरफ जाने वाली प्रमुख ट्रेनों के रूट को भी बीच रास्ते में ही खत्म कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
लेकसिटी में यातायात व्यवस्था सुधारने और प्रमुख मार्गों को विकसित करने के लिए यूडीए ने कई कार्यों को गति देने की तैयारी की है। ठोकर चौराहे के विस्तार के लिए वन विभाग की जमीन का मामला सुलझ गया है।यूडीए ने चौराहे के विस्तार में आ रही वन विभाग की 150 फीट जमीन मुआवजा देकर ले ली है। अब चौराहे को चौड़ा करने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। शोभागपुरा में डेढ़ माह में आकर्षक चौराहा तैयार होगा। इन विकास कार्यों की प्रगति को लेकर उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना एवं अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने विकास कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
शहर सहित जिलेभर में शुक्रवार को मानसून ने जमकर मेहरबानी दिखाई। सीजन की पहली तेज बारिश ने पूरे शहर को तर कर दिया। गुरुवार देर शाम शुरू हुई बूंदाबांदी रातभर चली। शुक्रवार तड़के 4:15 बजे बादलों की तेज गर्जना के साथ मूसलाधार का दौर चला। सुबह 8 बजे तक शहर में 48 मिमी (करीब 2 इंच) पानी बरसा। सड़कों पर पानी बह निकला और मौसम सुहाना हो गया। झीलों के प्रमुख कैचमेंट एरिया नाई में 66 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इससे सीसारमा नदी में तेज बहाव शुरू हो गया और पिछोला झील की ओर पानी तेजी से बढ़ने लगा है। दूसरी ओर गोमती-खरका नदी के जरिए पानी आने से जयसमंद झील के जलस्तर में भी रातभर में 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि जिले व शहर का कोई भी प्रमुख बांध या झील अभी कम बारिश के कारण ओवरफ्लो की स्थिति में नहीं पहुंचा है, लेकिन जिस रफ्तार से कैचमेंट से पानी आ रहा है, उससे झीलों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।बिजली गिरने से भूपालपुरा क्षेत्र में कोठारी भवन के पीछे मकान की छत का एक कोना क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घर के इलेक्ट्रॉनिक व बिजली उपकरणों को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) अभियान उदयपुर जिले में अब भी अधूरा है। केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत 1 अप्रेल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लगाना अनिवार्य है, लेकिन जिले में अब भी बड़ी संख्या में वाहन पुराने नंबर प्लेट के साथ दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग ने कई बार वाहन मालिकों से समय रहते एचएसआरपी लगवाने की अपील की, लेकिन इसका असर नहीं दिखा। जिले में ऐसे लाखों वाहन है जिनका पंजीकरण 1 अप्रेल 2019 से पहले हुआ था। इनमें दोपहिया, कार, जीप, टैक्सी, ट्रैक्टर और व्यावसायिक वाहन शामिल है। सामान्य नंबर प्लेट को आसानी से हटाया या बदला जा सकता है, जबकि एचएसआरपी टेंपर-पूफ एल्युमिनियम प्लेट होती है। इसमें क्रोमियम आधारित होलोग्राम, यूनिक लेजर कोड, नॉन-रिमूवेबल स्नैप लॉक और वाहन का डिजिटल रिकॉर्ड जुड़ा होता है। इससे चोरी के वाहन, फर्जी नंबर प्लेट और अपराध में प्रयुक्त वाहनों की पहचान तेज और सटीक हो जाती है।
कभी स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करने वाले उदयपुर में अब कचरा प्रबंधन व्यवस्था पिछड़ती जा रही है। जिन व्यवस्थाओं के दम पर शहर ने स्वच्छता के क्षेत्र में पहचान बनाई थी, उन्हीं व्यवस्थाओं में अब खामियां सामने आ रही है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था के बावजूद शहर में गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग संग्रहण अब तक प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पाया है। दूसरी ओर, सड़कों और खुले स्थानों को डंपिंग पॉइंट की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर के पॉश इलाकों में शामिल भुवाणा और नवरत्न कॉम्प्लेक्स के लोग कचरा प्रबंधन की अव्यवस्था से सबसे अधिक परेशान है। भुवाणा क्षेत्र में गुरुवार को सड़क किनारे कचरा खाली किया गया। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद यही कचरा भीगकर सड़ने लगा और पूरे क्षेत्र में दुर्गध फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई और सड़क से गुजरना मुश्किल हो गया।
जिले में बारिश का दौर जारी है। शनिवार दोपहर शहर में करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश से कलेक्ट्रेट, अस्पताल रोड, शास्त्री सर्किल और 100 फीट रोड सहित निचले इलाकों में जलभराव हो गया। दूसरी तरफ जलस्रोतों में भी आवक का श्रीगणेश हुआ है। जिले में बीते 24 घंटों के दौरान औसतन 39 मिमी बारिश दर्ज की गई है। कैचमेंट के नाई क्षेत्र में तेज बारिश के बाद सीसारमा नदी में 1.4 फीट, जबकि नांदेश्वर चैनल पर 10 इंच (पौन फीट से ज्यादा) बहाव शुरू हो गया। इससे पिछोला झील में आवक होने लगी है। बीते 24 घंटे में शहर में 3, मदार कैचमेंट में 9, देवास 8, नाई 5 और स्वरूपसागर क्षेत्र में 3 मिमी पानी बरसा। इस बारिश से उमस धुल गई है।
उदयपुर जिले में बिजली चोरी अब छिपकर नहीं, बल्कि खुलेआम हो रही है। बिजली विभाग ने एक माह में 25 बिजली चोरों को पकड़ा और उन पर 8 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना भी लगाया। हालांकि एक भी आरोपी ने जुर्माना जमा नहीं कराया। अब विभाग ने सभी के खिलाफ बिजली चोरी निरोधक थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। चौंकाने वाली बात यह है कि 25 आरोपियों में 16 ऐसे हैं, जिन्होंने कनेक्शन तक नहीं लिया। ये सीधे लाइन से अवैध कनेक्शन जोड़कर बिजली का उपयोग करते रहे। सबसे ज्यादा 15 मामले अकेले वल्लभनगर क्षेत्र से सामने आए हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में बिजली चोरी का नेटवर्क विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।
उदयपुर मानसून के साथ लेकसिटी उदयपुर का प्राकृतिक सौंदर्य अपने पूरे शबाब पर है। शहर के आसपास की पहाड़ियां हरियाली से आच्छादित हो गई हैं और विभिन्न स्थानों पर झरने बहने शुरू हो गए हैं। बारिश के बाद बदले मौसम और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के लिए पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है। इसे देखते हुए पर्यटन उद्योग भी अगस्त के दो लंबे वीकेंड की तैयारियों में जुट गया है। दरअसल, अगस्त में स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के अवसर पर लगातार छुट्टियां मिलने जा रही हैं। इसी को देखते हुए पर्यटन कारोबारियों को अच्छे व्यापार की उम्मीद है। होटल और रिसॉर्ट संचालकों ने इसके लिए विशेष पैकेज लॉन्च कर दिए हैं। पर्यटकों ने अभी से एडवांस बुकिंग कराना शुरू कर दिया है। पर्यटन व्यवसायियों का मानना है कि मानसून सीजन और लंबे वीकेंड का संयोजन उदयपुर में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। पर्यटन इंडस्ट्री के अनुसार, वर्तमान में वीकेंड पर रिसॉर्ट और विला की ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत तक पहुंच रही है। गौरतलब है कि जून महीने में रिकॉर्ड 1.43 लाख पर्यटक उदयपुर घूमने पहुंचे थे।