प्रदेश में वन विकास, पौधरोपण, जल संरक्षण और एनीकट निर्माण के नाम पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपए की गुणवत्ता जांचने वाली वन विभाग की मूल्यांकन टीम खुद अस्थायी व्यवस्था के आईसीयू में है। उदयपुर संभाग में हालात ये हैं कि जिस टीम पर 6 जिलों की निगरानी का जिम्मा है, वहां डेढ़ साल से रेंजर-एसीएफ - जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी पद खाली हैं। ऐसे में करोड़ों के विकास कार्यों के भौतिक सत्यापन और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।चौंकाने वाला पहलू यह है कि टीम में रेंजर का अतिरिक्त चार्ज वनरक्षक संजय जोशी को दिया गया है, जो तकनीकी रूप से इतने बड़े स्तर के मूल्यांकन के लिए अधिकृत नहीं हो सकते। टीम में शामिल अधिकांश कर्मचारी उन्हीं वन मंडलों से प्रतिनियुक्ति पर आए वनरक्षक हैं, - जिनके काम की उन्हें जांच करनी है। - यानी जो काम कर रहे हैं, उन्हीं के साथी उस काम की कमियां ढूंढ रहे हैं।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित नीट यूजी-2026 की रजिस्ट्रेशन फीस रिफंड प्रक्रिया में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। परीक्षा में शामिल हुए 20 लाख विद्यार्थियों में से 8.54 लाख छात्रों ने 14 जुलाई की समय सीमा बीतने के बाद भी बैंक अकाउंट डिटेल्स को रिकन्फर्म या अपडेट नहीं किया है। इस लापरवाही के चलते इन लाखों छात्रों की फीस का रिफंड अटक गया है। दूसरी ओर, एनटीए ने सजगता दिखाते हुए 11.46 लाख विद्यार्थियों के लिए 161 करोड़ की रिफंड प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभिन्न श्रेणियों के विद्यार्थियों की औसत रजिस्ट्रेशन फीस 1400 रुपए मानकर यह गणना की गई है। भारी संख्या में छात्रों द्वारा बैंक विवरण न दिए जाने को असामान्य माना जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि एनटीए ने छात्रहित में बैंक डिटेल्स अपडेट करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी है।
वन विभाग इस मानसून में जिले के 4000 हेक्टेयर वन क्षेत्र में ट्रेंच (खाइयों) के जरिए 129 करोड़ लीटर वर्षा जल का संग्रहण करेगा। इसके लिए वनमंडल उदयपुर, उत्तर और वन्यजीव क्षेत्र में 80 साइटों पर काम पूरे किए गए हैं। वर्षा जल के संग्रहण से भूजल रिचार्ज बढ़ेगा, जमीन में नमी बनी रहेगी और पौधों की वृद्धि को भी मदद मिलेगी। डीएफओ मुकेश सैनी ने बताया कि प्रत्येक साइट पर ट्रेंच बनाकर मानसून में बहकर जाने वाले पानी को रोका जाएगा। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर पत्थरों के कच्चे एनीकट भी बनाए जा रहे हैं, ताकि पानी की रफ्तार कम हो, मिट्टी का कटाव रुके और अधिक से अधिक पानी जमीन में समा सके।
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) ने यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। निगम ने उदयपुर डिपो की 144 बसों में अत्याधुनिक एआईएस-140 प्रमाणित 'व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस' (वीएलटीडी) और 12-12 पैनिक बटन लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रोजेक्ट पर 9.90 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।रोडवेज की नई बसों में यह तकनीक पहले से मौजूद है, लेकिन पुरानी बसों को अपडेट किया जा रहा है। आगार प्रबंधक हेमंत शर्मा के अनुसार, उदयपुर डिपो की सभी बसों में यह डिवाइस सिस्टम लग चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक जिले में कोई गंभीर शिकायत सामने नहीं आई है। अधिकांश पैनिक बटन यात्री जानकारी के अभाव में गलती से दबा देते हैं।
शहर में सड़कों और फुटपाथों पर जीवन बसर कर रहे घुमंतु और अर्द्ध-घुमंतु परिवारों (गाडोलिया लोहार और कालबेलिया समाज) के पुनर्वास के नाम पर एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। नगर निगम और उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने हाल ही में शहर के विभिन्न इलाकों में सर्वे करवाकर 120 बेघर परिवारों की सूची तैयार की है। अब इन्हें सरकार की ओर से पक्के आवास या जमीन देने की तैयारी है। वर्ष 2010 के तत्कालीन नगर विकास प्रन्यास (अब यूडीए) के भूखंड आवंटन रिकॉर्ड से मिलान किया तो चौंकाने वाली खामी सामने आई। नए सर्वे में शामिल 15 ऐसे लोगों के नाम मिले, जिन्हें 16 साल पहले ही सरकार पुनर्वास योजना के तहत भूखंड आवंटित कर चुकी थी। इसके बावजूद नए सर्वे में इन्हें फिर बेघर और भूमिहीन मान लिया गया। सबसे बड़ी बात यह रही कि सर्वे के दौरान घर-घर जाकर आधार कार्ड, आय और अन्य जानकारी तो जुटाई गई, लेकिन विभागों ने अपने ही पुराने भूखंड आवंटन रिकॉर्ड का मिलान नहीं किया। जबकि सरकारी नियम के अनुसार एक व्यक्ति को पुनर्वास योजना में एक बार ही भूखंड का लाभ दिया जा सकता है।
प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब तक उम्मीद से धीमी रही है। जल संसाधन विभाग के 1 जून से 16 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 112.75 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि तक औसतन 123.13 मिमी बारिश होती है। यानी राज्य में सामान्य से 8.43 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। हालांकि मौसम विभाग इसे अभी भी नॉर्मल मान रहा है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले तस्वीर काफी कमजोर है। 16 जुलाई 2025 तक प्रदेश में 256.77 मिमी बारिश हुई थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा आधे से भी कम है।
संभाग में शनिवार रात से हाईवे पर सफर करना महंगा होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजना कार्यान्वयन इकाई (उदयपुर) ने 5 प्रमुख टोल प्लाजा पर टैक्स बढ़ा दिया है। इनमें एनएच-14, एनएच-76, एनएच-58 (विस्तार), एनएच-158 (विस्तार) व एनएच 48 (पुराना एनएच-8) शामिल हैं। नई दरें रात 12 बजे से लागू होंगी। टोल टैक्स में 5 से 20 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। मासिक पास में 20 से 30 रु. का इजाफा किया गया है। इससे निजी व व्यावसायिक, दोनों तरह के वाहनों का खर्च बढ़ेगा। लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से जून 2026 की जिला रैंकिंग जारी कर दी गई है, जिसमें उदयपुर जिले की रैंकिंग सुधरी है। मई में 27वें स्थान पर रहने वाला उदयपुर जून में 5 अंकों के सुधार के साथ 22वें पायदान पर पहुंच गया है। उदयपुर का इस माह का कुल स्कोर 25 रहा। हालांकि, जिले के कुछ ब्लॉक अभी भी पिछड़े हुए हैं, जबकि झाड़ोल ब्लॉक ने टॉप-10 में जगह बनाकर प्रदेश स्तर पर पहचान बनाई है। उदयपुर जिले के भीतर ब्लॉकवार प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला है। जहां झाड़ोल ब्लॉक ने 42.78 अंकों के साथ प्रदेश में 7वां स्थान प्राप्त किया है, वहीं जिले के 4 ब्लॉक ऐसे भी हैं जिनका स्कोर शून्य रहा है।
झीलों की नगरी उदयपुर की प्रमुख झीलों को स्वच्छ, जीवंत और दीर्घकाल तक संरक्षित रखने की दिशा में यूडीए (उदयपुर विकास प्राधिकरण) ने बड़ी पहल की है। फतहसागर, उदयसागर और लखावली झील में फ्लोटिंग असेंबली सहित इंटीग्रेटेड लेक वाटर सर्कुलेशन सिस्टम स्थापित करने के लिए 3 करोड़ 57 लाख 91 हजार रुपए का ओपन टेंडर जारी किया गया है। परियोजना का उद्देश्य झीलों में जल प्रवाह को बेहतर बनाना, पानी की गुणवत्ता सुधारना और दीर्घकालीन जल संरक्षण को मजबूत करना है। परियोजना पूरी होने के बाद तीनों झीलों में जल परिसंचरण बेहतर होगा, जिससे पानी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी। शहर की झीलों में जल संरक्षण के लिहाज से यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्योंकि, झीलों में पानी की गुणवत्ता बनाए रखना लगातार बड़ी चुनौती रहा है। वाटर सर्कुलेशन सिस्टम के जरिये पानी में घुलित ऑक्सीजन (डिसॉल्व्ड ऑक्सीजन) का स्तर बढ़ेगा, जिससे जल का प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बढ़ती संख्या के बीच दिलचस्प तथ्य यह है कि सबसे ज्यादा बिजली कार नहीं, बल्कि ई-रिक्शा और ई-ऑटो खर्च कर रहे हैं। प्रदेश में फिलहाल करीब 4.9 लाख ईवी हैं, जिन्हें चार्ज करने के लिए सालाना 82.23 करोड़ यूनिट बिजली की जरूरत पड़ रही है। यह प्रदेश की कुल बिजली खपत का करीब एक फीसदी है। इसमें तिपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 44.63 करोड़ यूनिट यानी 54.3% है। दूसरी ओर, एक इलेक्ट्रिक बस या ट्रक को सालभर चलाने के लिए औसतन 1.32 लाख यूनिट बिजली चाहिए, जिस पर 8 रुपए प्रति यूनिट की दर से करीब 10.56 लाख रुपए खर्च आते हैं। केंद्र सरकार के EV30@30 (विजन-2030) के तहत अगले पांच वर्षों में ईवी की संख्या 5 से 32 गुना तक बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में बिजली उत्पादन, वितरण और चार्जिंग नेटवर्क पर दबाव भी तेजी से बढेगा। केंद्र सरकार की ऊर्जा पर विशेषज्ञ समिति की हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 1.7 करोड़ के पार पहुंच सकती है। इनके लिए बिजली की मांग 5 से 32 गुना तक बढ़ने का अनुमान है।
अब तक टैक्स बकाया होने के बावजूद बिना रोक-टोक चल रहे बीएच सीरीज के वाहनों पर परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। विभाग ने बकाया टैक्स की वसूली के लिए अभियान चलाया है। नोटिस जारी होने के 15 दिन के भीतर टैक्स जमा नहीं कराने वालों के वाहन जब्त करने के साथ नियमानुसार पेनल्टी भी लगाई जाएगी। यह कार्रवाई केवल बीएच सीरीज ही नहीं, बल्कि सभी श्रेणी के बकायादार वाहनों पर लागू होगी। परिवहन विभाग के अनुसार कई वाहन मालिक समय पर मोटर वाहन टैक्स जमा नहीं करा रहे हैं। विशेष रूप से बीएच सीरीज के कुछ वाहनों में निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी अगली किस्त का टैक्स जमा नहीं कराया गया है। इसे देखते हुए विभाग ने जिलेभर में बकायादार वाहनों की सूची तैयार कर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
नीट पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन सोमवार को संसद तक पहुंच गया। पिछले 14 साल में पहली बार प्रदर्शनकारियों की भीड़ संसद के दरवाजे तक पहुंची है। इससे पहले, 2012 में निर्भया कांड के विरोध में इस इलाके में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, झड़पों में 5 आईपीएस समेत 118 पुलिसकर्मी और 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए। 70 लोग हिरासत में लिए गए। वहीं, सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी अस्पताल में भर्ती हैं। एक हजार से ज्यादा को चोटें आईं। सुरक्षा बलों के 15-20 वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक नई दिल्ली जिले में इंटरनेट बंद रहा। सोमवार को संसद के रेलभवन के करीब वाले दरवाजे पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी पहुंच गए। संसद के सभी दरवाजे लॉक कर दिए गए। करीब एक घंटे प्रवेश व निकासी बंद रही। वहीं, छत्तीसगढ़, हरियाणा, तेलंगाना, बंगाल, गुजरात, यूपी और केरल समेत कई राज्यों में सीजेपी के समर्थन में प्रदर्शन हुए।
शहर में सोमवार को मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिले। सुबह से ही तीखी गर्मी और तपन का माहौल बना हुआ था, जिससे लोग बेहाल थे। हालांकि, दोपहर बाद करीब तीन बजे शहर के विभिन्न हिस्सों में अचानक मौसम बदला और हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। आसमान में बादल छाए रहे। कुछ देर तक रुक-रुक कर फुहारें गिरीं। ऐसा लगा कि तेज बारिश होगी, लेकिन नहीं हुई। बूंदाबांदी ने गर्मी से राहत तो दी लेकिन हवा नहीं चलने से उमस बढ़ गई। रविवार को अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री था, वहीं सोमवार को इसमें 1.8 डिग्री की कमी आई और यह 29.7 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री पर ही स्थिर रहा।
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) उदयपुर से चार नए रूटों पर बस शुरू करने जा रहा है। इनमें उदयपुर से भीनमाल (जालोर) और मनासा (मध्यप्रदेश) के लिए बस मंगलवार से शुरू होगी, जबकि नीमच और निंबाहेड़ा के लिए बसों का संचालन बुधवार से किया जाएगा। आगार प्रबंधक हेमंत शर्मा ने बताया कि चारों बसें 3 बाय 2 सीटर श्रेणी की हैं। इन नई सेवाओं से विशेष रूप से मध्यप्रदेश से आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। वहीं, उदयपुर से जालोर जाने वाले यात्रियों को भी शाम के समय पहली बार नियमित बस सेवा उपलब्ध होगी। नई बस सेवाएं शुरू होने से राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही जालोर, नीमच, मनासा और निंबाहेड़ा रूट पर नियमित एवं सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध होने से दैनिक यात्रियों और अन्य यात्रियों को भी लाभ मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें आधी होने का फायदा तेल कंपनियां आम उपभोक्ताओं को देने के बजाय बड़े औद्योगिक घरानों को बांट रही हैं। राजस्थान में आम आदमी को जिस डीजल के लिए रिटेल पेट्रोल पंपों पर 98.52 प्रति लीटर (उदयपुर का औसत भाव) चुकाने पड़ रहे हैं, वही डीजल बड़ी फैक्ट्रियों को उनके निजी कंज्यूमर पंप पर 94 प्रति लीटर में मिल रहा है। यानी टैक्स चुकाने वाला आम उपभोक्ता, करोड़पति उद्यमियों के मुकाबले करीब साढ़े चार रुपए प्रति लीटर महंगा डीजल खरीदने को मजबूर है। उदयपुर संभाग सहित पूरे प्रदेश के ट्रांसपोर्टर्स, किसानों व मध्यम वर्ग में इस विसंगति को लेकर आक्रोश है। व्यापार का नियम है कि थोक में सामान हमेशा सस्ता मिलता है, लेकिन तेल कंपनियों ने क्रूड के उतार-चढ़ाव में ऐसा दोहरा मापदंड अपनाया है कि पिसना आम आदमी को ही पड़ रहा है। प्रदेश में वैट की मार पहले ही ज्यादा है, ऊपर से इस नीति ने जनता की कमर तोड़ दी है।
प्रदेश सरकार की ओर से हाईकोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक इस साल सितंबर में नगर निकाय और अक्टूबर में पंचायत चुनाव होंगे। संभव है कि इसकी तैयारी भी प्रशासन ने शुरू कर दी होगी। ऐसे में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में भी छात्रसंघ चुनाव टल सकता है। क्योंकि, पिछले साल भी सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा पेश कर नगर निकाय एवं पंचायत चुनाव की तैयारियों के कारण छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने की जानकारी दी थी। चूंकि पिछले 16 साल में 11 बार हुए छात्रसंघ चुनाव जून से अगस्त के बीच हुए हैं। अगस्त बाद छात्रसंघ चुनाव कभी नहीं हुए। यानी लगातार चौथे साल छात्रसंघ चुनाव टलना तय हैं।
हरियाली अमावस्या मेले में अब एक माह बचा है। पहले दिन 21 अगस्त को मेला सभी लोगों के लिए होगा, जबकि 22 अगस्त का दिन सिर्फ महिलाओं के लिए रहेगा। मेले में दो दिन के लिए लगने अस्थायी दुकानों की मंगलवार को नीलामी शुरू हुई। पहले दिन निगम की 800 में से 225 दुकानों के लिए बोलीदाता मिले। इससे निगम को 9.13 लाख रुपए की राजस्व आय हुई। अब बुधवार को 575 दुकानों के लिए बोलियां लगेंगी। दुकानों का कुल आंकड़ा 650 तक पहुंचने की संभावना है। आयुक्त ने बताया कि बुधवार को भी सहेलियों की बाड़ी स्थित मेला कार्यालय में दुकानों की नीलामी होगी। नीलामी में भाग लेने वालों को आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा।
शहर में सिटी स्टेशन से कलक्टर बंगले तक प्रस्तावित 137 करोड़ रुपए की एलिवेटेड रोड निर्माण की प्लानिंग अब सवालों के घेरे में है। इस परियोजना के रास्ते में आने वाले पेड़, बिजली के पोल और नाले की शिफ्टिंग को मूल प्रोजेक्ट में शामिल ही नहीं किया गया। इसका खमियाजा अब नगर निगम को अलग-अलग मदों में अतिरिक्त खर्च उठाकर भुगतना पड़ रहा है। पेड़ और पोल की शिफ्टिंग के बाद अब उदियापोल नाले को शिफ्ट करने के लिए निगम ने 72 लाख रुपए का अलग टेंडर जारी कर वर्कऑर्डर दे दिया है। वर्कऑर्डर मिलते ही ठेकेदार फर्म ने मानसून की शुरुआत में ही उदियापोल चौराहे के पास बीच सड़क बुलडोजर चला खुदाई शुरू कर दी। सड़क पर गड्ढे खोदकर नाला शिफ्टिंग का काम शुरू होने से अब बारिश होने पर यहां यातायात व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार नाला शिफ्टिंग के काम में डेढ़ से दो माह का समय लगेगा। इस दौरान उदियापोल मार्ग पर दो माह तक एकतरफा यातायात चलाया जाएगा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने देशभर के होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबे और बैंक्वेट हॉल के लिए नए आदेश जारी किए हैं। 20 जुलाई को जारी आदेश के तहत इन प्रतिष्ठानों को प्रदूषण क्षमता के आधार पर रेड, ऑरेंज, ग्रीन और व्हाइट कैटेगरी में बांटा गया है। प्रदूषण क्षमता तय करने के लिए कमरों की संख्या, बैठक क्षमता और क्षेत्रफल को पैमाना बनाया गया है। इन्हें लागू करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजा गया है। इसका सीधा असर उदयपुर के 800 होटल व 1000 रेस्टोरेंट-ढाबों पर पड़ेगा। पर्यावरण मंत्रालय पहले ही 'व्हाइट कैटेगरी' को स्थापना (सीटीई) और संचालन (सीटीओ) की अनुमति से छूट दे चुका है। नए नियमों के बाद व्हाइट कैटेगरी के छोटे होटल, क्लाउड किचन, ढाबे, भोजनालय और 1000 वर्गमीटर तक के बैंक्वेट हॉल संचालकों को कागजी औपचारिकताओं से बड़ी राहत मिलेगी।
आखिरकार ब्रेक के बाद मानसून ने तीखे तेवर दिखाए हैं। बुधवार को भीलवाड़ा और बदनौर में 8.8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। 24 घंटे में 15 जिलों बारां, झालवाड़ से टोंक-पाली तक जोरदार बारिश हुई। हालांकि औसत के अभी भी 19 फीसदी बारिश कम हुई है। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश होने से बढ़े जलस्तर के कारण कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ने से बांध का एक गेट खोलकर 426 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बारिश के बाद करीब 7 डिग्री तक पारा गिरा। बीते साल के मुकाबले 165 मिमी कम बारिश मानसून एंट्री के बाद कम बारिश - होने से प्रदेश औसत बारिश से करीब 19 फीसदी पीछे है। 22 जुलाई तक औसत बारिश का आंकड़ा 158.13 मिमी है और अभी तक 127.86 मिमी बरसात हुई है। वहीं बीते साल 323.63 मिमी पानी बरस चुका था। ऐसे में - बीते साल के मुकाबले 165 मिमी - बारिश कम हुई है।
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। अब 1 लाख रुपए या उससे अधिक की साइबर ठगी होने और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने पर स्वतः ई-जीरो एफआईआर दर्ज हो जाएगी। इसके बाद पुलिस शिकायतकर्ता के थाने पहुंचने या हस्ताक्षर का इंतजार किए बिना बैंक खाते फ्रीज कराने, राशि होल्ड कराने और डिजिटल साक्ष्य जुटाने जैसी कानूनी कार्रवाई तुरंत शुरू कर देगी। यह नई व्यवस्था गुरुवार से उदयपुर समेत पूरे प्रदेश में लागू हो गई है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने इस संबंध में सभी पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को निर्देश जारी किए हैं। पहले यह सुविधा केवल 5 लाख रुपए या उससे अधिक की साइबर ठगी के मामलों में मिलती थी। लेकिन, अब सीमा घटाकर 1 लाख रुपए कर दी गई है। इससे ज्यादा लोगों को तुरंत कानूनी मदद मिल सकेगी। नई व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, साइबर हेल्पलाइन 1930 और सीसीटीएनएस सिस्टम को आपस में जोड़ा गया है।