ईरान और अमरीका के बीच युद्ध विराम की घोषणा के बाद भले ही वैश्विक स्तर पर राहत की सांस - ली जा रही हो, लेकिन राजस्थान के औद्योगिक गलियारों में अभी रौनक लौटने में लंबा वक्त लगेगा। आर्थिक विशेषज्ञों और उद्योगपतियों का मानना है कि युद्ध से उपजे संकट के कारण पटरी से उतरी राज्य की इंडस्ट्री को सामान्य स्थिति में आने में कम से कम 6 माह का समय लगेगा। युद्ध के कारण सबसे ज्यादा मार उदयपुर और आस-पास के क्षेत्रों की रीढ़ माने जाने वाले मार्बल, क्वार्ट्ज और ग्रेनाइट के साथ-साथ फार्मा, जिंक, फर्टिलाइजर और सोपस्टोन उद्योगों पर पड़ी है।
महाराणा भूपाल (एमबी) अस्पताल परिसर में संचालित टीबी क्लीनिक आज खुद संक्रमण का एक भयानक केंद्र बन चुका है। यहां रोजाना 40 से 50 नए टीबी मरीज ओपीडी में इलाज और दवा लेने पहुंचते हैं, लेकिन हवा के जरिए फैलने वाली इस बेहद घातक और संक्रामक बीमारी के केंद्र पर संक्रमण रोकने के बुनियादी सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह नदारद हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि क्लीनिक में न तो हवा को शुद्ध करने वाले हेपा फिल्टर लगे हैं और न ही बैक्टीरिया को खत्म करने वाली यूवी-सी रेज मशीनें। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ-साथ हर वक्त ड्यूटी पर तैनात दो सीनियर डॉक्टर, जिला टीबी अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ भी हाई रिस्क पर हैं।
सरकारें करोड़ों रुपए खर्च कर 'पेड़ लगाओ-पर्यावरण बचाओ' का संदेश दे रही हैं, लेकिन शहर के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) परिसर में वर्षों पुराने हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया। सुंदरेश्वर मंदिर व सुंदरेश्वर बावड़ी के आसपास बड़े पेड़ काटे जाने से मॉर्निंग वॉकर्स, स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश है।स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर और बावड़ी के आसपास 8 से 10 बड़े पेड़ काटे गए हैं। इनमें वर्षों पुराना बरगद, चंदन तथा औषधीय गुणों वाला अडूसा समेत अन्य पेड़ शामिल हैं। लोगों का कहना है कि मंदिर के पास स्थित विशाल बरगद की छांव में श्रद्धालु और मॉर्निंग वॉकर्स वर्षों से विश्राम करते थे, जो अब खत्म हो चुकी है। मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि विश्वविद्यालय परिसर में इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक कैसे नहीं लगी। फार्म क्षेत्र में वर्षों पुराने पेड़ काट दिए गए, जबकि परिसर में अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं।
दक्षिण राजस्थान में चंदन की खेती और संरक्षण को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की पहल अब जमीन पर उतरने लगी है। कर्नाटक के चिक्कमगलुरू से 6 हजार चंदन के पौधे उदयपुर पहुंच चुके हैं। तीन दिन की यात्रा के बाद पहुंचे इन पौधों को स्थानीय वातावरण के अनुकूल बनाने के लिए नर्सरी में रखा गया है। इसके बाद सप्ताह के आखिर में पौधारोपण शुरू किया जाएगा। उप वन संरक्षक (डीएफओ) मुकेश सैनी ने बताया कि पौधों को तीन-चार दिन तक नर्सरी में सुरक्षित रखा जाएगा। कालका माता क्षेत्र में पहले से प्राकृतिक रूप से चंदन के पेड़ मौजूद हैं, इसलिए यहां 20 से 22 हेक्टेयर क्षेत्र में चंदन वन विकसित किया जाएगा। परियोजना के लिए 50 लाख का बजट प्रस्तावित है। इससे ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ट्रैक, आकर्षक प्रवेश द्वार और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पौधों की बेहतर वृद्धि के लिए लैंटाना जैसी हानिकारक झाड़ियों को भी हटाया जा रहा है।
शोभागपुरा (यूनिवर्सिटी-मेवाड़ सर्किल 100 फीट रोड के बीच) में 35 फीट ऊंचे आर्किटेक्ट्स टॉवर का निर्माण मंगलवार को शुरू होगा। दावा किया जा रहा है कि यह विश्व का पहला ऐसा सार्वजनिक स्मारक होगा, जो किसी नगरों और सभ्यताओं को बसाने वाले शिल्पियों के सम्मान में बन रहा है। यह पूरा प्रोजेक्ट मेवाड़ के महान आचार्य मंडन की स्मृति को समर्पित रहेगा। प्रोजेक्ट डायरेक्टर आर्किटेक्ट सुनील लड्डा के अनुसार इस समकालीन लैंडमार्क की आधिकारिक शुरुआत के बाद इसे जल्द ही आमजन और वैश्विक पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
शहर के 50 से ज्यादा इलाकों में मंगलवार को अलग-अलग समय पर बिजली बंद रहेगी। बिजली विभाग ने इसका शेड्यूल जारी किया है। सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तकः जी ब्लॉक, एफ ब्लॉक, इंद्रप्रस्थ ए, इंद्रप्रस्थ बी, करधर कॉम्प्लेक्स, नेला रोड, मिराज मॉर्निंग, होलिडे होम, एल-आई ब्लॉक, एफसीआई, आदिनाथ नगर आदि। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक हर्ष नगर, राता खेत, न्यू गुलशन नगर, डूंगरपुर हाउस, पुर्बिया कॉलोनी, कालबेलिया कॉलोनी, सीसारमा गांव, बुझड़ा रोड, सीता माता मंदिर, अरिहंत नगर, सीसारमा मेन रोड, सज्जन नगर ए ब्लॉक, सज्जन नगर कच्ची बस्ती, गांधीनगर डी ब्लॉक, धोली मगरी, मस्तान पिया कॉलोनी, सज्जन नगर ओड बस्ती, रानी रोड, राजीव गांधी पार्क, सोलर वेधशाला, शिल्पग्राम, छोटा हवाला, आरजे 27 होटल, आजाद नगर, गुलशन नगर, रामपुरा, श्रीनगर कॉलोनी, अंबाबाड़ी, आदर्श रिसॉर्ट के पीछे, कर्मचारी कॉलोनी, होटल रमाडा के आसपास का एरिया, बड़ा हवाला, सज्जनगढ़ रोड, भीलू राणा कॉलोनी, पुलिस क्वार्टर, अहमद हुसैन कॉलोनी, लाल मगरी, सज्जनगढ़ मेन रोड, काली मगरी, गांधीनगर, रजा कॉलोनी, मल्ला तलाई आदि।सुबह 10 से शाम 5 बजे तक एलकेबी कॉम्प्लेक्स, गवरी चौक।
शहर में मंगलवार को बीते 24 घंटों के दौरान बादलों ने पूरी तरह से तरसाया। इस दौरान ० एमएम बारिश दर्ज की गई। सुबह के समय बूंदाबांदी से अच्छी बारिश की उम्मीद जरूर जगी थी, लेकिन बाद में दिनभर उमस और तपिश ने आमजन को परेशान किया। अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री बढ़त के साथ 33 डिग्री हो गया। न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री उछलकर 24.9 डिग्री पर जा पहुंचा। वहीं बीते 24 घंटों में सेई बांध पर 13 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा केवल ओगणा में मामूली 2 एमएम वर्षा हुई, जबकि सेई, देवास, स्वरूपसागर, उदयसागर सहित अन्य सभी प्रमुख जलस्रोतों व वर्षा केंद्रों पर शाम 5 बजे तक बारिश का आंकड़ा पूरी तरह शून्य रहा।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (एसएसएच) में मुफ्त दवाइयों के लिए मरीज रोज भारी प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही का शिकार हो रहे हैं। अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित दवा वितरण केंद्र (डीडीसी) के बाहर सुबह से दोपहर तक मरीजों की लंबी और अनियंत्रित कतारें लग रही हैं। इस अव्यवस्था का सबसे क्रूर चेहरा तब सामने आता है जब कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से पीड़ित बेबस मरीज, जो कीमो और रेडियोथैरेपी के असहनीय दर्द के बाद ठीक से खड़े भी नहीं हो पाते, वे भी नाक में नली (राइल्स ट्यूब) लगे होने के बावजूद घंटों कतारों में धक्के खाने को मजबूर हैं।अस्पताल प्रशासन तीन दिन में नए काउंटर शुरू करने का दावा कर रहा है, लेकिन धरातल लचर सिस्टम ने मरीजों की पीड़ा को कई गुना बढ़ा दिया है। फर्स्ट फ्लोर पर कमरे खाली, डीडीसी बढ़ाने का आदेश भी हो चुका, फिर मरीजों को भीड़ में क्यों पिस रहे? जबकि सरकार की बजट घोषणा के तहत उदयपुर के संबद्ध अस्पतालों में 29 नए काउंटर (एमबी में 18, जनाना-सेटेलाइट में 3-3, एसएसबी-टीबी में 2-2) बढ़ने हैं।
अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दाम अब 6 माह के निचले स्तर पर पहुंच चुके हैं। इंडियन बास्केट का कच्चा तेल 68.69 डॉलर/बैरल तक आ गया है। यह युद्ध के दौरान बने 157 डॉलर के शिखर से करीब 56% कम है। इसके बावजूद आम आदमी को पेट्रोल-डीजल के खुदरा दामों में कोई राहत नहीं मिली है। डीएएम कैपिटल के मुताबिक मौजूदा कीमत पर तेल कंपनियां पेट्रोल पर 10.5 और डीजल पर 11 रुपए प्रति लीटर तक मार्जिन कमा रही हैं। कच्चे तेल के दाम 1 जून के बाद से 87 डॉलर से नीचे हैं। इस रेट पर तेल कंपनियां ब्रेक ईवन (न नफा, न नुकसान) में रहती हैं। यानी कंपनियां पूरे 36 दिन से मुनाफे में ही हैं।ईरान-अमेरिका युद्ध 27 फरवरी से शुरू र हुआ था। पूरे मार्च सहित शुरुआती 40 दिन । ये चरम पर था। तेल के दाम भी इसी दौरान डीं सबसे ज्यादा बढ़े। 8 अप्रैल को पहला युद्ध र विराम लागू होने के बाद बेतहाशा बढ़ोतरी बो का दौर थम गया। इसके बाद कच्चे तेल के ' दाम 115 डॉलर से नीचे रहे। सबसे तेज बढ़ोतरी के दिनों में भी तेल कंपनियों के चौथी तिमाही (जनवरी से मार्च 2026) के नतीजे नकारात्मक नहीं आए।
राजस्थान में खनन और औद्योगिक गतिविधियों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए एक अनोखी शुरुआत की गई है। राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन समिति-04 (सेक कमेटी-4), उदयपुर ने पर्यावरण स्वीकृति (ईसी) देने के नियमों में एक नई जनहितैषी शर्त जोड़ी है। इसके तहत परियोजना क्षेत्र के आसपास रहने वाले किसानों को उनकी खुद की जमीन पर लगाने के लिए फलदार पौधे मुफ्त दिए जाएंगे। इस नई शर्त के तहत प्रभावित क्षेत्रों के हर किसान परिवार को 5 फलदार पौधे मुफ्त मिलेंगे। पौधों की जीवितता सुनिश्चित करने के लिए सरकार किसानों को इनाम भी देगी। हर जीवित पौधे पर 3 साल तक 100 रुपए प्रति पौधा प्रतिवर्ष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस योजना को इसी मानसून सत्र से लागू कर दिया गया है।
पुलिस महानिदेशक ने सोमवार को एक और मंगलवार को दो आदेश जारी कर प्रदेश के 262 सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) और 206 हेडकांस्टेबलों के तबादले कर दिए। इनमें से 6 एएसआई को उदयपुर जिले से इधर-उधर किया है। उसमें से भी सिर्फ एक एएसआई को भीलवाड़ा से उदयपुर में लगाया है। जबकि, 5 को दूसरे जिलों में भेज दिया है।हेडकांस्टेबल में 6 को उदयपुर से बाहर भेजा है और एक को भी यहां नहीं लगाया है। इनमें उदयपुर से कुसुमलता को कोटपूतली-बहरोड, सुखाराम को जोधपुर आयुक्तालय, संजीव शर्मा को जयपुर ग्रामीण, हनुमानाराम को बाड़मेर, जय सिंह को बीकानेर और श्रवण कुमार को डीडवाना-कुचामन भेजा है।
जगदीश मंदिर से भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा आषाढ़ी बीज पर 16 जुलाई को निकाली जाएगी। इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। श्री जगन्नाथ रथ यात्रा समिति ने इस बार धार्मिक माहौल को और भव्य बनाने के लिए 11 हजार ध्वजा-पताकाएं तैयार करवाई हैं। इनका वितरण जगदीश चौक स्थित कार्यालय से विभिन्न समाजों, संगठनों और श्रद्धालुओं को किया जा रहा है। इच्छुक श्रद्धालु अपने घरों, छतों, मोहल्लों और मंदिरों पर लगाने के लिए इन्हें वहां से प्राप्त कर सकते हैं। समिति के प्रवक्ता राजेंद्र सेन ने बताया कि ध्वजा-पताकाओं के वितरण के लिए विशेष व्यवस्था की है। इसकी जिम्मेदारी लोकेश वैष्णव, दिलीप तंबोली, राजेश चावला, लाला वैष्णव, केसर सिंह, कैलाश जीनगर और चंद्रेश दीक्षित की टीम संभाल रही है। संयोजक दिनेश मकवाना ने बताया कि इस बार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित विभिन्न झांकियां रथ यात्रा का मुख्य आकर्षण रहेंगी। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सभी झांकियों का पंजीयन अनिवार्य किया गया है। जिन समाजों और संगठनों ने झांकियां लाने की सहमति दी है, उन्हें 12 जुलाई तक पंजीकरण कराना होगा। इसके बिना किसी भी झांकी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
सुखाड़िया सर्कल के बाद अब शहर के लोग एक और स्थान पर पैडल बोटिंग का लुत्फ ले सकेंगे। यूडीए की ओर से शहर के सबसिटी सेंटर स्थित अटल पार्क का करीब 3.25 करोड़ की लागत से सौंदर्गीकरण करवाया जा रहा है। परियोजना का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। तय समय के अनुसार दिवाली से पहले इसका उद्घाटन संभव है। इसे अक्टूबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। पार्क के विकसित होने के बाद यह क्षेत्र न केवल मॉर्निंग वॉक और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि परिवारों और पर्यटकों के लिए भी नया आकर्षण होगा।अटल पार्क करीब 1.38 लाख वर्गफीट (करीब 13,750 वर्गमीटर) क्षेत्र में फैला है। वर्षों से पार्क अविकसित था, लेकिन अब इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। परियोजना की बड़ी विशेषता करीब 27 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल का कृत्रिम पॉन्ड है, जहां सुखाड़िया सर्कल की तर्ज पर पैडल बोटिंग शुरू की जाएगी। इससे शहरवासियों को एक नया मनोरंजन स्थल मिलेगा।
शहर में शुक्रवार को कई इलाकों में बिजली बंद रहेगी। इस दौरान अलग-अलग समय पर सप्लाई प्रभावित रहेगी।
सुबह 10 से शाम 5 बजे : डीपीएस स्कूल, महिला थाना, सरकारी क्वार्टर, लुहाड़िया हॉस्पिटल के सामने, फॉरेंसिक लैब, एंबिएंस होटल, मारुति विहार, श्रीजी विहार, आशीर्वाद नगर, सेरेमनी रिसॉर्ट, माधव विहार, खनिज नगर, बिजासन नगर, रूप नगर, गरीब नवाज कॉलोनी, मैग्नस हॉस्पिटल, सांची ग्लोरिया, सांची एनक्लेव, आर्ची पैराडाइस, गैलेक्सी अपार्टमेंट, सिल्वर अपार्टमेंट, प्रगति नगर, देवांश होटल, न्यू अर्थ हॉस्पिटल, बालाजी विहार।
सुबह 9 से शाम 5 बजे : शिकारबाड़ी होटल, शिकारबाड़ी ए, बी, सी ब्लॉक, इंद्र रेजीडेंसी, गोवर्धन सागर, सुरों का फला, बीजेपी कार्यालय, ओम बन्ना मंदिर आदि।
सुबह 10 से शाम 4 बजे : हर्ष नगर, राता खेत, न्यू गुलशन नगर, डूंगरपुर हाउस, पुर्बिया कॉलोनी, कालबेलिया कॉलोनी, सीसारमा गांव, बुझड़ा रोड, सीतामाता मंदिर, अरिहंत नगर, सीसारमा मेन रोड आदि।
सुबह 10 से शाम 5 बजे : डीपीएस स्कूल, महिला थाना, सरकारी क्वार्टर, लुहाड़िया हॉस्पिटल के सामने, फॉरेंसिक लैब, एंबिएंस होटल, मारुति विहार, श्रीजी विहार, आशीर्वाद नगर, सेरेमनी रिसॉर्ट, माधव विहार, खनिज नगर, बिजासन नगर, रूप नगर, गरीब नवाज कॉलोनी, मैग्नस हॉस्पिटल, सांची ग्लोरिया, सांची एनक्लेव, आर्ची पैराडाइस, गैलेक्सी अपार्टमेंट, सिल्वर अपार्टमेंट, प्रगति नगर, देवांश होटल, न्यू अर्थ हॉस्पिटल, बालाजी विहार।
सुबह 9 से शाम 5 बजे : शिकारबाड़ी होटल, शिकारबाड़ी ए, बी, सी ब्लॉक, इंद्र रेजीडेंसी, गोवर्धन सागर, सुरों का फला, बीजेपी कार्यालय, ओम बन्ना मंदिर आदि।
सुबह 10 से शाम 4 बजे : हर्ष नगर, राता खेत, न्यू गुलशन नगर, डूंगरपुर हाउस, पुर्बिया कॉलोनी, कालबेलिया कॉलोनी, सीसारमा गांव, बुझड़ा रोड, सीतामाता मंदिर, अरिहंत नगर, सीसारमा मेन रोड आदि।
झीलों की नगरी उदयपुर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। ट्रैवल पोर्टल ट्रैवल एंड लीजर के वर्ड्स बेस्ट अवॉर्ड-2026 में उदयपुर को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों की सूची में 12वां और एशिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों में 8वां स्थान मिला है। यह रैंकिंग दुनियाभर के पर्यटकों के रिव्यू और अनुभव के आधार पर तैयार की गई है। जारी सूची में उदयपुर को 89.91 अंक मिले हैं। भारत के अन्य शहरों में जयपुर 89.00 अंकों के साथ दुनिया में 16वें और एशिया में 10वें स्थान पर रहा, जबकि मुंबई 88.56 अंकों के साथ दुनिया में 21वें और एशिया में 12वें स्थान पर है।
20 फीसदी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कोई इसे इंजन का 'दुश्मन' बता रहा है, तो कोई इसे पर्यावरण का 'मित्र'। आखिर इस नए ईंधन की हकीकत क्या है? क्या वाकई यह आपकी गाड़ी को नुकसान पहुंचा रहा है या रखरखाव की कमी भारी पड़ रही है? आइए, एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट और तकनीकी तथ्यों से समझते हैं ई-20 का सच।सोशल मीडिया पर दावा है कि ई-20 पेट्रोल में पानी की एक बूंद गिरते ही पूरी टंकी का पेट्रोल पानी बज्र जाएगा और इंजन सीज (खराब) हो जाएगा।एक्सपर्ट्स ने इसे सिरे से खारिज किया है। जब तक पेट्रोल टैंक में सीधा बाल्टी भरकर पानी न डाला जाए, तब तक मामूली नमी से पूरा पेट्रोल खराब नहीं होता। एथेनॉल भी पेट्रोल की तरह ही अत्यधिक ज्वलनशील है, इसलिए डरने की जरूरत नहीं है।
प्रदेश में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए खान एवं भूविज्ञान विभाग ने अपने ऑनलाइन सिस्टम को हाईटेक कर दिया है। निदेशालय ने पुराना सिस्टम बदलते हुए नया सॉफ्टवेयर संस्करण ई-रवन्ना 2.1 लागू किया है। निदेशक महावीर प्रसाद मीणा ने सभी अधीक्षण खनि अभियंताओं को आदेश जारी कर इसे तुरंत सभी तुलायंत्रों (वे-ब्रिज) पर इंस्टॉल करने के निर्देश दिए हैं। इसे सेवा प्रदाता फर्म सीएसएम टेक्नोलॉजी ने विकसित किया है।
जिले की कानून व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक कार्यकुशलता को नई धार देने के लिए एसपी डॉ. अमृता दुहन ने शुक्रवार, 10 जुलाई को पुलिस महकमे में बहुत बड़ा फेरबदल किया है। उन्होंने जारी अलग अलग आदेशों के तहत जिले के 272 पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए हैं। इस जंबो सूची में 24 सहायक उप निरीक्षक (एएसआई), 36 हेड कांस्टेबल और 214 पुलिस कांस्टेबल शामिल हैं। यह फेरबदल जिले में ही किया गया है। यानी किसी भी कर्मचारी को जिले से बाहर नहीं भेजा गया है, बल्कि आंतरिक थानों, चौकियों, पुलिस लाइन और यातायात शाखा के समीकरणों को सुधारा गया है। एसपी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से अपने नए पदस्थापन पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं।
सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के ईको सेंसिटिव जोन में पर्यावरणीय मानकों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) दीपेंद्रसिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित ईको सेंसिटिव जोन मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और विभिन्न विभागों के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। एडीएम दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ईको सेंसिटिव जोन में निर्धारित पर्यावरणीय मानकों और नियमों की किसी भी स्तर पर अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण व जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए सभी विभाग बेहतर तालमेल के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में उप वन संरक्षक यादवेंद्रसिंह चुंडावत ने पिछले निर्णयों की पालना रिपोर्ट और वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण कार्यों का प्रस्तुतीकरण दिया। साथ ही कमेटी में नए सदस्यों के मनोनयन की प्रक्रिया और संरक्षण को प्रभावी बनाने के सुझावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
आदिवासी अंचल उदयपुर जिले में झाड़ोल-फलासिया क्षेत्र के किसान पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ते हुए जर्मनी के प्रसिद्ध औषधीय पौधे कैमोमाइल की जैविक खेती कर रहे हैं। तीन वर्ष पहले शुरू हुई यह पहल आज न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि आदिवासी क्षेत्र को औषधीय खेती की नई पहचान भी दिला रही है। झाड़ोल क्षेत्र के सड़ा सिगरी और तुरगढ़ गांव के करीब 15 किसानों ने इस खेती की शुरुआत की थी। देश में यूपी में पिछले 20 साल से कैमोमाइल की खेती की जा रही है। एक बीघा में 200 किलो सूखे फूलों का उत्पादन होता है, जिसे 500 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीदा जाता है। फसल में फूल लगने के दौरान हर तीन दिन में फूलों को तोड़कर सूखा दिया जाता है। अक्टूबर में नर्सरी में बुवाई कर दी जाती है। फरवरी से अप्रैल तक फूल तोड़कर सुखाए जाते हैं। जून-जुलाई माह में फूलों की प्रोसेसिंग की जाती है। इसके बाद इन्हें हर्बल चाय बनाने वाली कंपनियों को भेजा जाता है।
परिवहन विभाग और ट्रांसपोर्टरों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। व्यावसायिक व भारी मालवाहक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) अनिवार्य किए जाने और ई-डिटेक्शन सिस्टम से जारी त्रुटिपूर्ण चालानों के विरोध में प्रदेशभर के ट्रांसपोर्टरों ने सोमवार से चक्का जाम का ऐलान किया है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि 10 जून से वीएलटीडी अनिवार्य होने के बावजूद विभाग ने अभी तक इसकी एसओपी और अधिकृत कंपनियों की सूची जारी नहीं की है। इससे पुराने वाहनों के नेशनल परमिट और फिटनेस नवीनीकरण अटक हैं। कहा गए हैं तथा कई वाहन संचालन से बाहर हो गए रविवार को उदयपुर ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन की बैठक में आंदोलन का समर्थन किया गया। पूर्व विधिक सलाहकार नरेंद्र सिंह शेखावत ने कि एसओपी जारी होने तक दंडात्मक कार्रवाई रोकी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उदयपुर में फिटनेस सेंटर बंद होने से वाहन मालिकों को जांच के लिए अजमेर और जयपुर जाना पड़ रहा है। चक्का जाम के तहत सोमवार से ट्रांसपोर्ट नगर गेट पर टेंट लगाकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। लोडिंग पूरी तरह बंद रखी जाएगी।