UdaipurBlog
437 subscribers
7.08K photos
454 videos
3 files
172 links
Download Telegram
शहर की राह आसान करने के लिए बन रहे टू-लेन एलिवेटेड रोड के बीच नए-नए अवरोध सामने आ रहे हैं। यही प्रोजेक्ट में देरी का कारण भी बनेंगे। ताजा अवरोध टाउनहॉल रोड पर आया है, जहां पिलर के लिए खोदे गए दो फाउंडेशन में पानी भर गया है। ऐसे में 3-4 दिनों से मशीन लगाकर पानी को बाहर निकाला जा रहा है। टाउनहॉल रोड निचला क्षेत्र होने के कारण यहां सालभर पानी का रिसाव रहता है। पास ही में निगम की टाउन पार्किंग में भी यही हाल रहता है। ऐसे में पिलर का काम अटका हुआ है। पानी खत्म होने के बाद फाउंडेशन को कंक्रीट से मजबूत बनाया जाएगा, ताकि पानी नहीं आ सके। फिर पिलर लगाने का काम शुरू किया जाएगा। दूसरी ओर, अब तक सिर्फ 30 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है, जबकि इसे जनवरी 2027 तक पूरा करना है। यानी 7 माह में 70 प्रतिशत काम करना चुनौती है। बता दें कि अब तक उदियापोल, सूरजपोल रोड, टाउनहॉल रोड, कलेक्ट्री रोड पर 60 पिलर लगाए जा चुके हैं। रेलवे स्टेशन रोड से बंशीपान भंडार तक बन रहे एलिवेटेड रोड का काम 14 दिसंबर, 2024 को शुरू हुआ था। 136.89 करोड़ में बनाई जा रही यह रोड 12 मीटर चौड़ी होगी। इसका एक हिस्सा एमबी हॉस्पिटल रोड पर भी उतरेगा।
भीषण गर्मी के बीच बार-बार ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती से परेशान उदयपुर के उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। अजमेर विद्युत वितरण निगम (एवीवीएनएल) के उदयपुर वृत्त में लंबे समय से बने स्टाफ संकट को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, डिस्कॉम में रिक्त तकनीकी पदों के आधे से अधिक पदों पर इसी वर्ष भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वर्तमान में शहर (नॉन-टीएसपी) और ग्रामीण (टीएसपी) क्षेत्रों को मिलाकर कुल 1,652 स्वीकृत तकनीकी पदों में से 539 पद रिक्त हैं, जो कुल पदों का 32.62 प्रतिशत है। लाइनमैन और तकनीकी सहायकों की कमी के कारण ट्रांसफार्मर जलने या लाइनों में फॉल्ट आने पर मरम्मत में औसतन 1 से 3 घंटे तक लग जाते हैं। वहीं, जेईएन के 18 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। नई भर्ती के बाद फील्ड में स्टाफ की उपलब्धता बढ़ने से फॉल्ट सुधार का समय घटकर आधे से एक घंटे तक रह जाने की उम्मीद है। इससे न केवल बिजली व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि अघोषित कटौती की समस्या में भी कमी आएगी।
स्वायत्त शासन विभाग (डीएलबी) ने प्रदेश के नगर निगम, नगर परिषद और पालिका क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों की वार्षिक लाइसेंस फीस से जुड़ा आदेश एक माह में ही बदल दिया है। निदेशक जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर ने 24 जून, बुधवार को संशोधित आदेश जारी किया है। इसके तहत अब होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और ब्यूटी पार्लर के लिए नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इसके साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई और भारी जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
श्रम विभाग के नए आदेश उदयपुर सहित प्रदेश में शुरू होने वाले नाइट बाजारों को लेकर पेंच फंसा दिया है। अब नाइट बाजार में पंजीकृत दुकानों और वाणिज्यिक संस्थानों को अनुमति तभी मिलेगी, जब वहां 10 कर्मचारियों का पंजीकरण हो। जबकि कई रेस्टोरेंट और दुकानों में केवल 4 से 5 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। ऐसे में उन्हें अनुमति कैसे मिलेगी?
झीलों के शहर की एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए अकासा एयर ने उदयपुर को अपने नेटवर्क घरेलू में शामिल करने की घोषणा की है।एयरलाइन 15 अक्टूबर से उदयपुर-मुंबई और उदयपुर-बेंगलुरु के बीच प्रतिदिन सीधी उड़ान शुरू करेगी। इन दोनों रूटों पर यात्रा के लिए टिकटों की बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। उदयपुर को अपने नेटवर्क में शामिल करने का निर्णय यहां पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए लिया गया है। अक्टूबर से टूरिस्ट सीजन की शुरुआत भी हो जाएगी। फिर नवंबर से वेडिंग सीजन चलेगा। दोनों फ्लाइट्स की शुरुआत से राजस्थान के इस प्रमुख पर्यटन शहर की देश के दो बड़े महानगरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होगी। पर्यटन और होटल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि नई उड़ानों से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।
शहर में शुक्रवार को दिनभर तीखी गर्मी के बाद शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ली। शाम करीब 4 बजे घने काले बादल उमड़ आए। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। हालांकि यह कहीं 10 तो कहीं 15 मिनट ही रही। बारिश से गर्मी में थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन इसके बाद उमस से बेचैन कर दिया। अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज की गई। यह 37.1 डिग्री रह गया। इसके उलट न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री बढ़कर 26.4 तक पहुंच गया। कृषि विशेषज्ञ का कहना है कि इस बारिश खेतों में नमी आने से खरीफ की बुवाई का काम शुरू किया जा सकेगा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा ने बताया कि उदयपुर में वास्तविक मानसून आने में 4 से 5 दिन और लग सकते हैं।
कमेटी के जरिए भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (आरएमसीटीए) ने इसका कड़ा विरोध किया है। डॉक्टरों का आरोप है कि इससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी। वे अब इस मामले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। सरकार ने रिम्स की कार्यक्षमता बढ़ाने और एनएमसी के नियम पूरे करने के लिए एक स्क्रीनिंग कमेटी बनाई है। इस तीन सदस्यीय कमेटी में डॉ. दीपक माहेश्वरी, डॉ. अजीत सिंह शक्तावत और डॉ. मोहनीश ग्रोवर शामिल हैं। यह कमेटी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (ग्रुप-2) के चिकित्सा अधिकारियों (प्रिंसिपल व सीनियर स्पेशियलिस्ट) की स्क्रीनिंग करेगी। इन्हें लेटरल एंट्री के जरिये फैकल्टी के रूप में नियुक्त किया जाना है।
नए सत्र के लिए सरकारी स्कूल 29 जून से खुलने जा रहे हैं, लेकिन प्रदेश के लाखों नौनिहालों को मिलने वाले मिड-डे-मील (पोषाहार) पर इस बार बड़ा संकट मंडरा रहा है। सरकार ने पिछले साल दिसंबर 2025 से लेकर अब (जून 2026) तक स्कूलों को भोजन पकाने की (कन्वर्जन) राशि जारी नहीं की है। करीब 7 महीनों के इस लंबे बकाया के कारण अकेले उदयपुर जिले में ही 1 करोड़ रुपए से अधिक की उधारी चल रही है। उधार राशन के भरोसे बच्चों का पेट भर रहे शिक्षक अब अपनी जेब से खर्च कर परेशान हो चुके हैं, जिससे नए सत्र में बच्चों के ठहराव और नामांकन दोनों पर विपरीत असर पड़ना तय माना जा रहा है। उदयपुर जिले के 2977 सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत करीब 2 लाख 64 हजार बच्चे और नए पुनर्गठित जिला सलुंबर के 945 विद्यालयों के करीब 1 लाख बच्चे इस योजना से जुड़े हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब बच्चों को दोपहर में गर्म और पौष्टिक भोजन देकर उनका स्कूलों में ठहराव बढ़ाना है, लेकिन बजट के अभाव में पूरी व्यवस्था गड़बड़ा रही है।
सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए सुखद खबर आई है। मानसून की दस्तक से ठीक पहले यहां घड़ियालों की सफल ब्रीडिंग हुई है और कुनबे में 22 नन्हे मेहमान आए हैं। तीन से चार दिन पहले अंडों से बाहर आए अंगूठे के आकार के ये छोटे घड़ियाल इस समय पर्यटकों के लिए आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बने हुए हैं। बायो पार्क में लगातार तीसरे साल घड़ियालों की ब्रीडिंग हुई है। हालांकि पिछले दो वर्षों में उच्च मृत्यु दर के कारण बच्चों को बचाना मुश्किल रहा था, लेकिन इस बार वन विभाग ने पुराने अनुभवों से सीख लेते हुए सुरक्षा के खास इंतजाम किए हैं। इन बच्चों को चील-कौवों और अन्य संभावित खतरों से बचाने के लिए उनके एनक्लोजर को विशेष मैट से पूरी तरह कर कर दिया गया है। अभी चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। वन विभाग का मानना है कि इस बार की गई एक्स्ट्रा केयर से बच्चों के जीवित रहने की संभावना सबसे अधिक है। फिलहाल पर्यटक इन्हें डिस्प्ले एरिया में सुरक्षित देख सकते हैं।
अरावली की पहाड़ियों पर मखमली हरियाली की चादर, छलकती झीलें और बादलों की अठखेलियां। मानसून की दस्तक के साथ ही लेकसिटी उदयपुर की प्राकृतिक सुंदरता कुछ ही दिनों में फिर चरम पर होगी। इसी अद्भुत सौंदर्य के साथ उदयपुर का पर्यटन उद्योग नए उत्साह और उमंग के साथ नए सीजन के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। होटल और रिसॉर्ट इंडस्ट्री ने पर्यटकों के सफर को और अधिक यादगार बनाने के लिए विशेष मानसून रणनीतियां और बेहद आकर्षक डील्स लॉन्च की हैं। होटल और रिसॉर्ट सेक्टर ने इस खूबसूरत सीजन को पर्यटकों के लिए खास बनाने के लिए मानसून ब्लिस नाम से विशेष पैकेजों की घोषणा की है। ये ऑफर्स 1 जुलाई से 31 अगस्त तक लागू रहेंगे। इस बार पैकेजों को वीक डेज यानी सोमवार से शुक्रवार और वीकेंड (शनिवार-रविवार) के आधार पर डिजाइन किया गया है, ताकि बजट और प्रीमियम दोनों तरह के सैलानी अपनी सुविधा के अनुसार लेकसिटी के मौसम का लुत्फ उठा सकें। इन पैकेजों में मुख्य रूप से 2 नाइट स्टे का विकल्प दिया जा रहा है, लेकिन यदि पर्यटक रुकने का प्लान आगे बढ़ाते हैं तो तीसरी नाइट पर 40 प्रतिशत तक का भारी डिस्काउंट भी दिया जा रहा है।
शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल ठोकर चौराहा इन दिनों बदहाली का शिकार है। मादड़ी औद्योगिक क्षेत्र, आयड़, प्रतापनगर और सेवाश्रम को जोड़ने वाले इस चौराहे पर एक के बाद एक विभागों की खुदाई, अधूरे कार्य और अव्यवस्थित यातायात ने लोगों का सफर मुश्किल कर दिया है। हजारों वाहन रोज यहां से गुजरते हैं, लेकिन सड़कें सिकुड़ चुकी है, मोड़ अव्यवस्थित है और पैदल यात्रियों तक के लिए सुरक्षित रास्ता नहीं बचा है। बरसात शुरू होने से पहले भी हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में समस्या और विकराल होने की आशंका है।
शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने बलीचा प्रतापनगर 4 लेन बायपास पर पुलियाओं की चौड़ाई बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। इस परियोजना के तहत आयड़ नदी पर बने मौजूदा 2 लेन पुल की जगह नया 4 लेन हाई लेवल ब्रिज बनाया जाएगा। साथ ही सवीना पुलिस थाने के पास स्टेट हाईवे 32 के ओवरब्रिज का विस्तार कर उसे भी 4 लेन में विकसित किया जाएगा। वर्तमान में यहां सड़क संकरी होने के कारण यह हिस्सा बड़ा एक्सीडेंटल जोन बना हुआ है। इस पूरी परियोजना पर 53.43 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद सोमवार से प्रदेशभर के सरकारी स्कूल खुल गए हैं। इसके साथ ही मानसून भी आने को तैयार है, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने छात्र-छात्राओं और स्कूली स्टाफ की सुरक्षा को लेकर निर्देश जारी किए हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक सीताराम जाट और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विद्यार्थियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए हिदायत दी गई है कि किसी भी हाल में बच्चों को जर्जर, असुरक्षित या छत टपकने वाले कमरों में नहीं बैठाया जाए। ऐसे जर्जर भवनों को तुरंत बांस, रस्सी या खतरे का निशान लगाकर बैरीकेड ताकि बच्चे वहां न जा सके।
मेवाड़ में मानसून की दस्तक कभी भी हो सकती है, पर उससे पहले विद्युत तंत्र को सुरक्षित बनाने के लिए होने वाला बिजली निगम का प्री-मानसून मेंटिनेंस तय समय पर पूरा नहीं हो पाया। पेड़ों की छंटाई, झुके खंभों को सीधा करना, जर्जर ट्रांसफॉर्मर स्ट्रक्चर की मरम्मत, ढीले कंडक्टर और क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलने जैसे अहम कार्य अभी तक 50 प्रतिशत ही हो सके है। ऐसे में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाता है तो शहरवासियों को बिजली गुल होने और फॉल्ट की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। हर साल मई और जून में बिजली निगम मानसून पूर्व विशेष अभियान चलाकर पूरे शहर के विद्युत नेटवर्क की जांच और मरम्मत की जाती है। इसका उद्देश्य तेज हवा, बारिश और पेड़ों की टहनियों से होने वाले फॉल्ट को पहले ही रोकना होता है। इस बार अभियान देर से शुरू हुआ, जिससे कार्य की गति शुरुआत से ही प्रभावित रही। परिणामस्वरूप शहर के कई इलाकों में अभी भी लाइनों से सटी पेड़ों की शाखाएं नहीं हटाई है। कई स्थानों पर झुके खंभे और कमजोर ट्रांसफॉर्मर स्ट्रक्चर भी मरम्मत की प्रतीक्षा में है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में नरमी के बावजूद उपभोक्ता की रसोई में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेल अब भी महंगे बने हुए है। व्यापारियों का कहना है कि खाद्य तेलों की कीमतें क्रूड ऑयल से ही तय नहीं होती, बल्कि पैकिंग सामग्री, परिवहन लागत, डॉलर की मजबूती, आयात शुल्क और अंतरराष्ट्रीय नीतियां भी इस पर प्रभाव डालती है। तेल कारोबारियों के अनुसार बोतल, ढक्कन, प्लास्टिक जार और पाउच जैसे पैकिंग मैटेरियल पेट्रोलियम आधारित प्लास्टिक से तैयार होते हैं। रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया में तनाव के दौरान लागत 40 से 60 प्रतिशत तक बढ़ गई। अब क्रूड ऑयल में कुछ नरमी आई है, पर पैकिंग सामग्री की कीमतें पहले के स्तर पर नहीं लौटी है। उस समय बढ़े ट्रक और टैंकर किराए भी कम नहीं हुए।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल (E20) मिलाने का काम अभी प्रयोग के तौर पर है। इस व्यवस्था का देश और वाहनों पर क्या असर हो रहा है, इसका मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके नतीजे अगले साल तक साफ हो जाएंगे। यह तथ्य ऐसे समय आया है जब पुरानी गाड़ियों के मालिकों को चिंता है कि E20 पेट्रोल से वाहनों का परफॉर्मेंस खराब हो सकता है।अदालत में सरकार का पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने कहा कि E20 पेट्रोल से इंजन या गाड़ी के पार्ट्स को नुकसान होने का कोई पक्का वैज्ञानिक सबूत नहीं है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल का आयात घटाना, प्रदूषण कम करना और एथेनॉल बनाने वाले किसानों और कंपनियों को बढ़ावा देना है। अटॉर्नी जनरल की यह दलील कर्नाटक हाई कोर्ट के एक आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आई। हाई कोर्ट ने सरकारी तेल कंपनियों को एक निजी एथेनॉल फैक्ट्री का कोटा बढ़ाने पर फिर से विचार करने को कहा था। इस आदेश के खिलाफ कंपनियां सुप्रीम कोर्ट गईं। कंपनियों की दलील थी कि एथेनॉल सप्लाई के सभी कॉन्ट्रैक्ट अक्टूबर 2025 में ही फाइनल हो चुके हैं।
पुलिस महानिदेशक विभाग ने मंगलवार रात को एक आदेश जारी कर प्रदेश के 100 पुलिस निरीक्षकों (सीआई) के तबादले कर दिये। 14 सीआई को उदयपुर रेंज में इधर-उधर किया है। इनमें से 8 सीआई को रेंज में लगाया है और 6 सीआई को रेंज से बाहर भेजा है। यह तबादले पुलिस निरीक्षकों के खुद के आग्रह पर किए गए हैं।

उदयपुर रेंज में ये आएः दीप सिंह को जोधपुर रेंज से, प्रवीण राजपुरोहित को एटीएस/एसओजी से, मिठूलाल मेघवाल एवं गेहरी लाल गुर्जर को पीटीएस खैरवाड़ा से, दलबीर सिंह एवं सुखवीर सिंह को आयुक्तालय जयपुर से, हिमांशु सिंह राजावत को सीआईडी सीबी से तथा भीम सेन कौशिक को सीआईडी सीबी (सतर्कता शाखा) से स्थानांतरित कर उदयपुर रेंज में पदस्थापित किया गया है।

इन्हें बाहर भेजाः उदयपुर रेंज से तुलसीराम और मोहन सिंह को अजमेर रेंज, हरीसिंह मीना को कोटा रेंज, चम्पाराम मेघवाल को आयुक्तालय जोधपुर, संगीता बंजारा का सीआईडी सीबी व उर्मिला कुमारी का एसओजी, जयपुर में लगाया गया है।
सहेली मार्ग को 'आदर्श यातायात जोन' बनाने की शुरुआत अब पूरे शहर के लिए मॉडल बनने जा रही है। सहेली मार्ग पर शुरू किए गए ट्रैफिक सुधार अभियान के बाद पुलिस ने अब शहर के प्रत्येक थाना क्षेत्र में एक-एक प्रमुख सड़क को आदर्श यातायात मार्ग के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इन मार्गों पर यातायात व्यवस्था, पार्किंग, अतिक्रमण, सड़क सुरक्षा और पर्यटकों की सुगम आवाजाही को प्राथमिकता देते हुए समन्वित अभियान चलाया जाएगा।
लेकसिटी की ऐतिहासिक विरासत, पारंपरिक स्थापत्य और सदियों पुराने जायके को दुनिया के सामने लाने के लिए नगर निगम, स्मार्ट सिटी और पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयासों से हेरिटेज वॉक को नए सिरे से शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। दो बार के विफल टेंडर के बाद, तीसरे प्रयास में वेंडर का चयन कर लिया है। टेंडर की टेक्निकल और फाइनेंशियल प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी है और अब सिर्फ अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। यह हेरिटेज वॉक अगस्त के पहले या दूसरे हफ्ते तक धरातल पर उतर जाएगी। योजना के अनुसार, हेरिटेज वॉक की शुरुआत जगदीश चौक स्थित लाइब्रेरी से होगी। इस पूरी वॉक में करीब 2 से 2.5 किमी की दूरी कवर होगी और इसे पूरा करने में 2 से 3 घंटे का समय लगेगा। इसके लिए अनुबंधित वेंडर ही पर्यटकों के लिए विशेष गाइड नियुक्त करेगा। यह रूट जगदीश चौक से शुरू होकर चांदपोल, गढ़ियादेवरा और अंदरुनी शहर के वॉल सिटी एरिया से होते हुए गुजरेगी।
जोधपुर हाईकोर्ट और प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग के कड़े आदेशों के बाद उदयपुर के चारों मैनुअल वाहन फिटनेस सेंटर्स को बंद करने का जो खमियाजा एक महीने से स्थानीय वाहन मालिक भुगत रहे थे, वह संकट अब पूरी तरह खत्म होने जा रहा है। मादड़ी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक पुराने फिटनेस सेंटर को अपग्रेड कर नया हाईटेक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) पूरी तरह बनाकर तैयार कर दिया गया है। इस सेंटर पर प्रतिदिन औसत 90 वाहनों की फिटनेस जांच करने की क्षमता है। सेंटर शुरू करने की अनुमति के लिए प्रादेशिक परिवहन कार्यालय उदयपुर में आदेवन कर दिया गया है। अब विभागीय जांच पड़ताल के बाद मुख्यालय जयपुर से इस सेंटर को शुरू कराने की अनुमति मिलने की प्रक्रिया अगले सप्ताह तक पूरी होने की उम्मीद है।
लेकसिटी में इस बार जुलाई का मौसम बारिश और उमस, दोनों का मिश्रण रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, महीने के पहले दो सप्ताह में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और पूरे मेवाड़ में अच्छी बारिश होगी। इसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। जुलाई में औसत अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री, न्यूनतम 24.9 डिग्री और कुल औसत वर्षा 235.6 मिमी रहने का अनुमान है। बारिश के बावजूद दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे जाने की संभावना कम है। ऐसे में लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। बुधवार को भी दिनभर तेज धूप रही। कुछ समय बादल छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई। अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री और न्यूनतम 26.5 डिग्री दर्ज किया गया।
जुलाई का महीना देश में राहत की सौगात लेकर आया है। पहले ही दिन एक साथ पांच अच्छी खबरों ने महंगाई से जूझ रहे आम आदमी को राहत दी है। अमरीका-ईरान संघर्ष थमने के बाद फारस की खाड़ी से कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ी है, जिससे वैश्विक बाजार में दबाव कम हुआ है। तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के साथ 5 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर के दाम घटा दिए। नायरा ने पेट्रोल-डीजल सस्ता कर दिया है, जबकि एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में कटौती से हवाई यात्रा भी कुछ सस्ती होने की उम्मीद है। अब 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर व पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत का इंतजार है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार इसमें समय लगेगा। विपणन कंपनियां वैश्विक कीमतों में गिरावट के स्थायी होने, पुराने महंगे स्टॉक की खपत और हाल के महीनों में हुए नुकसान की भरपाई के बाद ही उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने पर विचार करेंगी।