जैसा हमने पहले कहा है कि आप लोग हाईकोर्ट में जाइए। सुप्रीम कोर्ट की जिम्मेदारी हमारे ऊपर छोड़ दीजिए। हम आपसे बिना एक पैसा दिए सुप्रीम कोर्ट में इस केस को कर देंगे। हाई कोर्ट में कोई मेहनत नहीं है इलाहाबाद में एक अच्छे वकील से मिलकर बात कर लीजिए। सरकार ने एक सेकंड में आपको फेल छात्रों के बराबर लाकर खड़ा कर दिया है। हमने एक वीडियो में कहा था कि अगर आयोग नहीं जाओगे तो परीक्षा देने इलाहाबाद तो जाना पड़ेगा। तब तो घर से बाहर निकलोगे। अब एकजुट होकर इलाहाबाद हाई कोर्ट का रास्ता पकड़िए क्योंकि यह सरकार की मनमर्जी है। जब सरकार ने निगरानी समिति की देखरेख में परीक्षा परिणाम को घोषित करवाया है तो वह उस परीक्षा परिणाम को कैसे रद्द कर सकती है। आप सभी एक दूसरे से संपर्क करिए और एक समूह में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका कर दीजिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का जो भी परिणाम रहेगा उसके आगे सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को हम देख लेंगे। लोग सुप्रीम कोर्ट के वकील की फीस से डरते हैं क्योंकि यहाँ वकीलों की फीस लाखों में होती है। उसकी आप चिंता मत करिए जो भी होगा सुप्रीम कोर्ट में हम करेंगे।
साक्षात्कार की कॉल बड़ी मुश्किल से मिलती है किंतु बड़े अफसोस की बात है कि परीक्षा में पास हुए छात्रों ने इसके महत्व को नहीं समझा और फेल छात्रों को ऊधम काटने की अनुमति दे दी। हमने अपने वीडियो में कहा है कि भीड़ की सुनी जाती है अकेले की कोई नहीं सुनता। फेल गैंग भीड़ लेकर आयोग जाता रहा और पास हुए छात्र चुपचाप बैठकर तमाशा देखते रहे।
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