असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा, कट ऑफ पोल में वोटिंग
Anonymous Quiz
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गलत वोट किया था, क्षमाप्रार्थी हूँ।
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मेरे इष्टदेव की सौगंध सही वोट किया था।
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पीजीटी परीक्षा अगस्त में
अब इनकी किसी तिथि का कोई भरोसा नहीं रह गया है। बार बार पढ़ाई की एक जैसी मानसिकता बनाना कठिन होता है। जय श्री कृष्ण!
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असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षार्थी ग्रुप
असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा, कट ऑफ पोल में वोटिंग
इस पोल में केवल 15 लोगों ने कहा कि उन्होंने सही वोट दिया था। इसका यह अर्थ हुआ बाकी सभी ने फर्जी वोट दिया है। बस स्वीकार करने में शर्म लग रही है। जय श्री कृष्ण!
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अर्थात आयोग ने सरकार की नजरों में अपना विश्वास खो दिया है। यह अच्छी बात है कि भर्ती प्रक्रिया की निगरानी सरकार स्वयं अपने कारिंदों के माध्यम से कर रही है। कुछ प्रश्न अभी भी अनुत्तरित हैं जैसे क्या सच में जो पेपर आउट हुआ था वह नकली था किंतु नकली पेपर के कोई क्यों रुपये देगा? विभिन्न विषयों में जो गलत उत्तर दिए गए हैं अगर उनको निस्तारित किए बिना रिजल्ट आता है तो भर्ती कोर्ट में चली जाएगी। कुल मिलाकर सरकार की पहल सराहनीय है।
जय श्री कृष्ण!
जय श्री कृष्ण!
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मेरा विचार है अगर STF के एडिशनल एसपी को निगरानी टीम में रखा गया है तो जरूर बैजनाथ पाल गिरोह ने कुछ ऐसी गड़बड़ी की है जिसे कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान पकड़े जाने की संभावना है।
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न्यूज पेपर में बताया गया था कि पेपर नहीं फँसने पर सादा कॉपी जमा करने को कहा गया था।
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कहीं इन्हीं सादा कॉपी को पकड़ने के लिए तो निगरानी टीम नहीं बनाई गई है?
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कुल मिलाकर निगरानी टीम बनने का अर्थ है आयोग पर सरकार का विश्वास नहीं रह गया है और यह ठीक भी है क्योंकि पिछले सभी विज्ञापनों में आयोग ने जमकर भ्रष्टाचार किया है
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जिसका प्रमाण है वर्तमान पेपर को बेचने वाले पूर्व विज्ञापनों से चयनित हैं।
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निगरानी समिति की देखरेख में कॉपी चेक होने का अर्थ है न्यूज पेपर में जिस मास्टर माइंड की आयोग के भीतर होने की बात प्रकाशित हुई थी, वह पकड़ से बाहर है।
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अगर आपको चैनल पसंद नहीं है तो आप चैनल को UNSUBSCRIBE कर सकते हैं। पसंद भी नहीं है फिर भी जुड़े हुए हैं यह तो गलत है। जिन्हें चैनल पसंद है केवल वही लोग जुड़ें।
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541 से 537 सब्सक्राइबर रह गए हैं।
100 बहुत होते हैं। मेरे लिए तो कोई सब्सक्राइबर न भी रहे तो भी कोई बात नहीं है। मुझे तो अपने विचार लिखने भर से मतलब है। बाकी तो व्यूज से पता चल रहा है कितने लोगों ने व्यू किया है।
100 बहुत होते हैं। मेरे लिए तो कोई सब्सक्राइबर न भी रहे तो भी कोई बात नहीं है। मुझे तो अपने विचार लिखने भर से मतलब है। बाकी तो व्यूज से पता चल रहा है कितने लोगों ने व्यू किया है।
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