प्राचीन इतिहास में पोल के बारे में?
Anonymous Poll
56%
अधिकांश ने फर्जी वोट दिया है
20%
इनमें कोई भी 70+ नहीं है
13%
कट ऑफ 65 से 70 रहेगी
11%
70 + से ऊपर वोट करने वाले फर्जी लोग हैं
पिछले विज्ञापनों में हाई कट ऑफ का कारण था कि पेपर आउट होते थे जिसका प्रमाण है विज्ञापन 50 में चयनित ही पुनः विज्ञापन 51 के पेपर बेचते STF द्वारा पकड़े गए हैं। अब जबकि पेपर आउट नहीं हो सका है तो हाई कट ऑफ का प्रश्न ही नहीं उठता है। प्राचीन इतिहास का पेपर पिछले सभी पेपरों से कठिन रहा है और ऐसे में जो 75 के ऊपर पोल पर वोट कर रहे हैं उन्हें सीरियसली नहीं लेना चाहिए। मैंने आयोग को 7 प्रश्नों पर आपत्ति भेजी है और यह प्रश्न सही होते हैं तो 70 वाले 63 पर आ जाएंगे। आयोग ने चालुक्य राजाओं का क्रम स्पष्टतः गलत दिया है। बागोर सही उत्तर है। कुल मिलाकर कट ऑफ हाई नहीं जाएगी।
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ऊपर आयोग ने यही तो पूछा है तो जो साक्ष्य हैं उनमें बागोर स्पष्टतः सबसे बड़ा मध्यपाषाण कालीन स्थल बताया गया है।
आयोग ने खीमसर को उत्तर माना है। चलिए फिर गूगल भी कर लेते हैं। गूगल का परिणाम नीचे देख लीजिए।
अरे ये क्या गूगल तो खीमसर को ही सही उत्तर बता रहा है। बागोर के बारे में बताया है कि यह सबसे छोटा स्थल है। स्वयं पढ़ लीजिए।
ये क्या हुआ? खीमसर ही सही उत्तर है।
खीमसर तो एक पर्यटक स्थल है और अपने होटलों के लिए प्रसिद्ध है। खीमसर कोई पुरातत्विक स्थल भी नहीं है और आयोग के अनुसार यही सबसे बड़ा मध्यपाषाण कालीन स्थल है।
वाह रे आयोग,
वाह रे तेरे पेपर बनाने वाले।
वाह रे आयोग,
वाह रे तेरे पेपर बनाने वाले।
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पद्म पुराण के आधार पर अपरार्क ने सती प्रथा की निंदा की है।
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पोल में फर्जी वोट करने वालों से कहना है अपना वोट हटा लें। कहीं ऐसा न हो कि भविष्य में अँधेरे के सिवाय कुछ न रह जाए। जय श्री कृष्ण!
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कितने लोग चाहते हैं कि फर्जी वोट करने वाले आजीवन बेरोजगार रह जाएँ वह इस पोस्ट को लाइक करें। फर्जी लोग तत्काल हमारे चैनल से भाग जाएँ।
जय श्री कृष्ण!
जय श्री कृष्ण!
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