असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षार्थी ग्रुप
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आयोग ने कॉलेज वाइज सीटें नहीं बताई। बतानी चाहिए थी जिससे कैंडिडेट डिसाइड कर सके कि उसे किस कैटैगरी में फॉर्म भरना है।
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फॉर्म भरने के लिए आपको निश्चित रूप से सहायता की आवश्यकता होगी क्योंकि एक छोटी सी गलती आपको आज ही दौड़ से बाहर कर सकती है। सबसे बड़ा प्रश्न आपको किस वर्ग में फॉर्म भरना चाहिए। इसी प्रकार के अन्य प्रश्नों में उचित सलाह हेतु आप हमें नीचे दिए मेल पर संपर्क कर सकते हैं। मेल के साथ अपना परिचय पत्र आधार कार्ड अवश्य भेजें जिससे पता रहे आप एक गंभीर छात्र हैं।
मेल करने वाले सभी छात्रों को एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया जाएगा। फर्जी लोगों को ग्रुप से बाहर रखने के लिए फीस ली जाएगी क्योंकि फीस लेने पर केवल गंभीर छात्र ही जुड़ेंगे।
advt52aspirant@gmail.com
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अब हम फीस लेंगे तो फिर कुछ मूर्ख आलोचना करने आ जाएंगे मानो सरकार तो फ्री में फॉर्म भरवा रही है। सरकार भी तो भारी भरकम फीस ले रही है और बदले में क्या दे रही है? विज्ञापन संख्या 51 का समापन हुए बिना विज्ञापन संख्या 52 जारी कर दिया गया है। जो 51 में सेलेक्ट हो जाते वह 52 क्यों भरते। ऊपर से नेगेटिव मार्किंग थोप दी है। खुद प्रश्नों के गलत उत्तर देंगे ऊपर से नेगेटिव मार्किंग रहेगी। 40 नंबर के इंटरव्यू की भला क्या तुक है? जब रिटेन एग्जाम ही मापदंड है तो इंटरव्यू के भारांक को कम करना चाहिए था। पहले मिनिमम 13 दिए जाने का नियम था लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं है। यह बहुत सोच विचारकर आगे बढ़ने का समय है। जो भी आपको यूट्यूब पर पढ़ा रहे हैं उन्हें तो तत्काल छोड़ दीजिए। उन्हें केवल अपना चैनल चलाना है और जो चयनित चैनल चला रहे हैं वह भ्रष्टाचार से चयनित हैं तो उनमें योग्यता नाम की कोई चीज नहीं है। 51 पहली बार ईमानदारी से हुआ था किंतु उसे भी सरकार ने कोर्ट में उलझा दिया है।
यह बड़ा निर्णायक समय है।
फीस ₹ 500/-
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विज्ञापन का अर्थ गर्भधारण से होता है अगर गर्भधारण करने में सावधानी रखी जाए तो आगे परिणाम सुखद होते हैं अन्यथा बाद को आयोग के बाहर भीड़ लगते हैं और कोर्ट में जाकर वकील को लाखों रुपया खर्च करते हैं।
एक सही सलाह जीवन बदल सकती है और यह वही जानता है जो पहले गलती कर चुका होता है और जिसने अभी तक कोई गलती नहीं की है उसके लिए सलाह बहुत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि बहुत संभव है वह गलती करने की प्रक्रिया में हो।
हमारा लक्ष्य न यूट्यूब चैनल चलाना और न रुपया कामना है किंतुफ्री की सलाह को सम्मान नहीं दिया जाता है और अनेक फालतू लोग जुड़कर समय को बर्बाद करते हैं इसलिए फीस को रखना मजबूरी है ताकि केवल गंभीर छात्र ही जुड़े और परामर्श लें।
गंभीर छात्रों को परामर्श प्रदान करने हेतु हमने एक प्राइवेट टेलीग्राम चैनल बनाया है। परामर्श फीस रुपया 500 रखी गई है। जैसे आप चिकित्सक से परामर्श लेते हैं तो उसे फीस देते हैं नौकरी करते हैं तो सरकार से सैलरी लेते हैं, अभी कोई नौकरी नहीं मिली फिर भी आवेदन के लिए आपको रुपया 2000 देना पड़ रहा है तो डॉक्टर होने के नाते हम फीस क्यों न लें? नीचे दिए गए ईमेल पर अपना संक्षिप्त परिचय और आधार कार्ड भेज दीजिए जिससे हम आपको टेलीग्राम चैनल से जोड़ सकें। आप ईमेल पर अपनी टेलीग्राम आईडी भी बताएँ जिससे आपसे सीधी बात की जा सके।
सरकार ने विज्ञापन संख्या 51 के लिए रुपया 2000 फीस ली लेकिन कोई नौकरी नहीं दी। अब विज्ञापन संख्या 52 के लिए भी सरकार को रुपया 2000 फीस चाहिए और डॉक्टर होने के नाते हम कोई फीस न लें यह बात कोई समझ नहीं आती इसलिए हम फीस अवश्य लेंगे।
फीस देने का यह अर्थ कतई नहीं है कि आप हमसे 24 घंटे सलाह लेते रहें। केवल कुछ प्रश्नों पर ही सलाह दी जाएगी बाकी चीजें जो हमें महत्वपूर्ण लगेंगी हम अपनी ओर से आपको स्वयं बता देंगे जो परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण होंगी। ध्यान रहे विज्ञापन संख्या 52 में नेगेटिव मार्किंग है इसलिए हम जो सलाह देंगे वह बहुत महत्वपूर्ण होगी।
advt52aspirant@gmail.com
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advt52aspirant@gmail.com
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★जब सरकार रुपया 2000 फीस ले रही है और बदले में कुछ नहीं दे रही है केवल फॉर्म भरना है और हम अपने अनुभव की कोई फीस न लें यह बहुत गलत होगा।
★फीस ₹500 रहेगी ताकि अधिकतम छात्र परामर्श ले सकें।
★फीस रखना एक मजबूरी भी है ताकि अनावश्यक लोगों से वार्ता में समय नष्ट न किया जाए और केवल गंभीर छात्र ही जुड़ें।
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फॉर्म भरने में अभी जल्दबाजी मत करिए।
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पहले अमावस को बीतने दीजिए।
उसके बाद ही कुछ अच्छा काम करिएगा।
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11 सितम्बर को अमावस्या है। यह चीजें बहुत महत्व रखती हैं।
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असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 52 के संबंध में एक फेसबुक ग्रुप बनाया गया है। अनावश्यक लोगों को ग्रुप से दूर रखने के उद्देश्य से फीस रुपया 1000 निर्धारित की गई है जिससे केवल गंभीर छात्र ग्रुप से जुड़ सकें। रेल में कोई स्लीपर में सफर करता है तो कोई एसी सेकंड क्लास में करता है तो कोई एसी फर्स्ट क्लास में करता है। सेकंड क्लास और फर्स्ट क्लास में ज्यादा अंतर नहीं होता है। सेकंड क्लास में परदे लगे होते हैं और फर्स्ट क्लास में एक अलग कोच होता है जिसमें आप दरवाजा बंद कर सकते हैं। तो सभी की अपनी-अपनी सोच होती है। जिन्हें फीस अनावश्यक लगती है वह हमारे ग्रुप से दूर रहेंगे क्योंकि मुफ्त का तमाशा देखने के लिए भीड़ इकट्ठा हो जाती है जिससे गंभीर छात्रों का बहुत नुकसान होता है। फालतू लोग ग्रुप से दूर रहें इसलिए फीस लेना मजबूरी हो जाती है।
इच्छुक छात्र जो हमारे फेसबुक ग्रुप से जुड़ना चाहते हैं नीचे दिए गए क्यूआर कोड पर फीस भेजकर ग्रुप से जुड़ने के लिए रिक्वेस्ट भेज सकते हैं।
ग्रुप का लिंक नीचे दिया गया है।
जय श्री कृष्ण!
नोट - सरकार तो केवल फॉर्म भरवाने के लिए ₹2000 फीस ले रही है जबकि मैं तो डॉक्टरेट उपाधि धारक हूँ तो मैं अपनी बहुमूल्य सलाह की फीस क्यों नहीं लूँगा?
★मैंने उत्तर प्रदेश पीसीएस का पाँच बार मेंस लिखा है
★ मैंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में वर्ष 2013 में राजकीय डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर पद हेतु मात्र एक सीट के सापेक्ष हजारों छात्रों में लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करके इंटरव्यू दिया था। मेरा इंटरव्यू बहुत अच्छा हुआ था। इंटरव्यू के लिए केवल तीन छात्र बुलाए गए थे उनमें से एक छात्र इंटरव्यू के बाद रोते हुए मुझसे बोला था कि वह इंटरव्यू में कुछ बता नहीं पाया इसलिए चयन आपका ही होगा। उसी शाम को घोषित रिजल्ट में उसी धूर्त का नाम था। जब मैंने लोक सेवा आयोग से अपने इंटरव्यू के मार्क्स की जानकारी आरटीआई के माध्यम से माँगी तो लोक सेवा आयोग ने नंबर दिखाने से मना कर दिया। मैंने फिर दूसरी आरटीआई भेजी किंतु आयोग ने तब भी मार्क्स नहीं दिखाया।
फिर एक दिन उस धूर्त का फोन आया और उसने मुझसे कहा कि आरटीआई लगाने से कुछ नहीं होता है चयन के लिए खर्चा करना पड़ता है और आज वह धूर्त उपसचिव बनकर बैठा हुआ है।
★मैंने विज्ञापन संख्या 46 में भी इंटरव्यू दिया था जिसमें लिखित परीक्षा में मेरे 84 प्रश्न ठीक थे और मुझे इंटरव्यू में अधिकतम 27/30 मार्क्स मिले थे किंतु भ्रष्टाचार के चलते कहानी कुछ और हो गई।
तो जो मूर्ख यह पूछते हैं क्या करते हो उन मूर्खों को बता दें कि हमारी योग्यता में कोई कमी नहीं है। हम तो भ्रष्टाचार के शिकार हुए हैं।
★हमारे पास ज्ञान है अनुभव है जो हम दूसरों को दे सकते हैं। जो भ्रष्टाचार से चयनित होते हैं वह उस बंजर जमीन की तरह होते हैं जिनके पास दूसरों को देने के लिए कुछ नहीं होता है।
हमारे पढ़ाए हुए छात्र आज उत्तर प्रदेश पुलिस में डीएसपी की वर्दी पहन कर घूम रहे हैं और यह हमारे लिए बड़े गौरव की बात है।
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फीस भेजने के बाद उसका स्क्रीनशॉट नीचे दिए गए मेल पर भेज दें जिससे आपको फेसबुक ग्रुप से जोड़ा जा सके।
advt52aspirant@gmail.com
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क्यू आर कोड को स्कैन करके फीस ₹1000/- भेजें और उसका स्क्रीनशॉट advt52aspirant@gmail.com पर भेज दें। उसके पश्चात् ही परामर्श देना संभव हो सकेगा।
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कृपया इस तथ्य को समझें कि मुफ्त का तमाशा देखने के लिए भीड़ इकट्ठा हो जाती है किंतु जैसे ही फीस ली जाती है तमाशबीन भागने लगते हैं।

★मैं, डॉ. सुनील
लखनऊ विश्वविद्यालय (कैंपस) से

बी. ए. (प्रथम श्रेणी),

एम. ए. (प्रथम श्रेणी एवं टॉपर)

और डॉक्टरेट उपाधि धारक हूँ।

★ यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण हूँ।

★पाँच बार पीसीएस मेंस लिखा हूँ।

★दो बार असिस्टेंट प्रोफेसर का इंटरव्यू दिया हूँ।

★विज्ञापन संख्या 51 में भी इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई किया हूँ।


मैं कोई तमाशा नहीं दिखा रहा हूँ।
मेरे समय की बहुत कीमत है।
आपसे फीस लेकर मैं आपको भीड़ से अलग कर रहा हूँ और अगर इतनी छोटी सी बात आपकी समझ में नहीं आती है तो आप परामर्श के पात्र भी नहीं हैं।

ध्यान रहे एक सही सलाह पूरे जीवन को बदल देती है और फिर यह तो परीक्षा है जिसके ऊपर आपका पूरा जीवन टिका हुआ है।

जय श्री कृष्ण!
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बहुत संभव है हमारी तरह आपमें से कुछ पीएचडी के साथ नेट क्वालीफाई होंगे किंतु एक चीज जो हमारे भीतर है वह अद्भुत संयोग अत्यंत दुर्लभ है और वह है जहाँ एक ओर हम पीएचडी हैं तो दूसरी ओर धुरंधर बॉक्सर भी हैं जिसका प्रमाण हमने नीचे दिया हुआ है। और एक बात डिस्ट्रिक्ट लेवल पर हमने स्वर्ण पदक जीता था और यह हमने जूनियर वर्ग में होते हुए सीनियर लेवल पर खेलकर जीता था अर्थात अगर हमने जूनियर लेवल पर राज्य स्तरीय बॉक्सिंग खेली होती तो हमने उसमें भी गोल्ड मेडल जीता होता। बॉक्सिंग और पीएचडी नेट का एक साथ अद्भुत संयोग अत्यंत दुर्लभ है।
नोट - यह बात हमने उनके लिए लिखी है जो मेल पर हमारे बारे में जानना चाहते हैं।
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