कट्टर झट्टर लोगों की एक और थ्योरी थी..... भाजपा सवर्ण विरोधी है.... सवर्णों को दबाती है जी.... आगे नहीं बढ़ने देती.
फिर किसी ने भाजपा द्वारा बनाये गए सवर्ण CM की list दे दी
उत्तर प्रदेश - योगी आदित्यनाथ - ठाकुर सवर्ण
राजस्थान - भजनलाल शर्मा - ब्राह्मण सवर्ण
असम - हिमंत सरमा - ब्राह्मण सवर्ण
महाराष्ट्र - देवेन्द्र फडणवीस - ब्राह्मण सवर्ण
गोवा - प्रमोद सावंत - मराठा सवर्ण
दिल्ली - रेखा गुप्ता - बनिया सवर्ण
उत्तराखंड - पुष्कर सिंह धामी - राजपूत सवर्ण
पश्चिम बंगाल - शुभेन्दु अधिकारी - ब्राह्मण सवर्ण
List देख कर कट्टर झट्टर तनिक सकुचाये... और फिर बेशर्मी से बोले.... अरे इनमे से सिर्फ हिमांता, शुभेन्दु और योगी जी सवर्ण हैं... बाकि तो सब पर्ची वाले CM हैं....इन सबसे मोदी और शाह चिढ़ते हैं... ये सब रिमोट controlled CM हैं.
अच्छा जी.... एक बात बताओ.... अब असली और नकली सवर्ण का सर्टिफिकेट भी आप लोग देंगे क्या?
जो आपको अच्छा लगे वही सच्चा सवर्ण है... बाकि सब फर्जी हैं.
और दूसरी बात.... मोदी शाह जिससे चिढ़ते हैं... उसे CM क्यों बनाते हैं?
2017 से हर दूसरे महीने ऐसा प्रचार योगी जी के विरुद्ध किया जाता है... कि मोदी शाह उनसे चिढ़ते हैं... कभी कोई कहता है कि दो Deputy CM बनाये गए हैज योगी जी को नियंत्रण में रखने के लिए... फिर कोई कहता है कि सुनील बंसल को ले आये योगी जी को रोकने के लिए... कोई कहता था कि मुख्य सचिव को दिल्ली से मोदी ने भेजा योगी को रोकने के लिए.
ऐसी ऐसी मनोहर कहानियां ये लोग सुनाते हैं.... और एक आभासी लड़ाई के बहाने अपनी frustration निकालते हैं.
भगवान करे.. मोदी और शाह मुझ से भी चिढ़ने लगें... इस बहाने CM ही बन जाऊंगा कहीं का.
फिर किसी ने भाजपा द्वारा बनाये गए सवर्ण CM की list दे दी
उत्तर प्रदेश - योगी आदित्यनाथ - ठाकुर सवर्ण
राजस्थान - भजनलाल शर्मा - ब्राह्मण सवर्ण
असम - हिमंत सरमा - ब्राह्मण सवर्ण
महाराष्ट्र - देवेन्द्र फडणवीस - ब्राह्मण सवर्ण
गोवा - प्रमोद सावंत - मराठा सवर्ण
दिल्ली - रेखा गुप्ता - बनिया सवर्ण
उत्तराखंड - पुष्कर सिंह धामी - राजपूत सवर्ण
पश्चिम बंगाल - शुभेन्दु अधिकारी - ब्राह्मण सवर्ण
List देख कर कट्टर झट्टर तनिक सकुचाये... और फिर बेशर्मी से बोले.... अरे इनमे से सिर्फ हिमांता, शुभेन्दु और योगी जी सवर्ण हैं... बाकि तो सब पर्ची वाले CM हैं....इन सबसे मोदी और शाह चिढ़ते हैं... ये सब रिमोट controlled CM हैं.
अच्छा जी.... एक बात बताओ.... अब असली और नकली सवर्ण का सर्टिफिकेट भी आप लोग देंगे क्या?
जो आपको अच्छा लगे वही सच्चा सवर्ण है... बाकि सब फर्जी हैं.
और दूसरी बात.... मोदी शाह जिससे चिढ़ते हैं... उसे CM क्यों बनाते हैं?
2017 से हर दूसरे महीने ऐसा प्रचार योगी जी के विरुद्ध किया जाता है... कि मोदी शाह उनसे चिढ़ते हैं... कभी कोई कहता है कि दो Deputy CM बनाये गए हैज योगी जी को नियंत्रण में रखने के लिए... फिर कोई कहता है कि सुनील बंसल को ले आये योगी जी को रोकने के लिए... कोई कहता था कि मुख्य सचिव को दिल्ली से मोदी ने भेजा योगी को रोकने के लिए.
ऐसी ऐसी मनोहर कहानियां ये लोग सुनाते हैं.... और एक आभासी लड़ाई के बहाने अपनी frustration निकालते हैं.
भगवान करे.. मोदी और शाह मुझ से भी चिढ़ने लगें... इस बहाने CM ही बन जाऊंगा कहीं का.
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मोदी जी अब तो बंगाल में शपथ ग्रहण भी हो गया, कब बढ़ेगा डीजल पेट्रोल का दाम??
हम लोग सच में मेंटली तैयार हैं। दो चार रुपया ही सही, अब बढ़ा दिजिये। वरना दिमाग में चुल्ल बनी रहेगी कि कब बढ़ेगा।
हम लोग सच में मेंटली तैयार हैं। दो चार रुपया ही सही, अब बढ़ा दिजिये। वरना दिमाग में चुल्ल बनी रहेगी कि कब बढ़ेगा।
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काले कारनामों पर टीएमसी सरकार द्वारा चढ़ाई गई सफेदी को खुरचने का काम शपथ समारोह के समापन के बाद से ही शुरू कर दिया गया है...
बीएसएफ को 500 एकड़ जमीन और पश्चिम बंगाल के बोर्डर पर तार बाड लगाने के आदेश के बाद सबसे पहले कुंडली खंगालनी शुरू हुई है ममता बानो के पुत्र/भाईपो (कहने को भतीजा) अभिषेक बनर्जी की...केंद्रीय जांच एजेंसियो के रडार पर अभिषेक बैनर्जी तब से था जब से बांग्लादेश के कुख्यात आतंकवादी और जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) का प्रमुख सलाहुद्दीन अहमद वर्ष 2014 में बांग्लादेश की जेल से फरार होकर पश्चिम बंगाल में आया था जहां अभिषेक बैनर्जी ने उसे संरक्षण दिया था...सलाउद्दीन अहमद तभी से पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में स्लीपर सेल्स को सक्रिय करने का कार्य कर रहा था जिसकी भनक भारतीय सुरक्षा एजेंसी को थी मगर टीएमसी की सरकार की वजह से केंद्रीय एजेंसियां बैक फुट पर थी...
पिछले 13 वर्षों में शुभेंदु अधिकारी अपने 4 करीबियों को खो चुके है...2013 में प्रदीप झा, 2018 में अपने बॉडीगार्ड सुब्रत , 2021 में ड्राइवर पुलक और 2026 में पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या का प्रतिशोध शुभेंदु दा किस रूप में लेंगे , यह तो वही जाने मगर मैं इतना आश्वस्त अवश्य हूं कि टीएमसी के हर एक नेता और हर एक गुंडे के दुर्दिन शुरू हो चुके है...
सबसे अहम ये है कि कल बांग्लादेश के पत्रकार शोएब चौधरी ने अपने ट्वीट में कनेक्शन बिटवीन JMB एंड अभिषेक बैनर्जी लिखकर टीएमसी दल में हाहाकार मचा दिया है...बाकी सब आनंद है... सब बढ़िया है...
बीएसएफ को 500 एकड़ जमीन और पश्चिम बंगाल के बोर्डर पर तार बाड लगाने के आदेश के बाद सबसे पहले कुंडली खंगालनी शुरू हुई है ममता बानो के पुत्र/भाईपो (कहने को भतीजा) अभिषेक बनर्जी की...केंद्रीय जांच एजेंसियो के रडार पर अभिषेक बैनर्जी तब से था जब से बांग्लादेश के कुख्यात आतंकवादी और जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) का प्रमुख सलाहुद्दीन अहमद वर्ष 2014 में बांग्लादेश की जेल से फरार होकर पश्चिम बंगाल में आया था जहां अभिषेक बैनर्जी ने उसे संरक्षण दिया था...सलाउद्दीन अहमद तभी से पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में स्लीपर सेल्स को सक्रिय करने का कार्य कर रहा था जिसकी भनक भारतीय सुरक्षा एजेंसी को थी मगर टीएमसी की सरकार की वजह से केंद्रीय एजेंसियां बैक फुट पर थी...
पिछले 13 वर्षों में शुभेंदु अधिकारी अपने 4 करीबियों को खो चुके है...2013 में प्रदीप झा, 2018 में अपने बॉडीगार्ड सुब्रत , 2021 में ड्राइवर पुलक और 2026 में पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या का प्रतिशोध शुभेंदु दा किस रूप में लेंगे , यह तो वही जाने मगर मैं इतना आश्वस्त अवश्य हूं कि टीएमसी के हर एक नेता और हर एक गुंडे के दुर्दिन शुरू हो चुके है...
सबसे अहम ये है कि कल बांग्लादेश के पत्रकार शोएब चौधरी ने अपने ट्वीट में कनेक्शन बिटवीन JMB एंड अभिषेक बैनर्जी लिखकर टीएमसी दल में हाहाकार मचा दिया है...बाकी सब आनंद है... सब बढ़िया है...
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इस समय रोंदू विंग (RW) का एक ही ध्येय है...... Views बढ़ाओ और पैसा कमाओ.... उसके लिए वो हर तरह का उल जुलूल काण्ड करते हैं... कुछ भी छापते है... ताकि कट्टर झट्टर भेड़े उनके Channel, फेसबुक, ट्विटर पर आएं... और Impressions बढ़ें..... अंत में सब कुछ पैसे पर आ कर ठहरता है...... विचारधारा, धर्म, हिंदुत्व... सब कहने की बातें होती हैं.
अब इन्ही को देख लीजिये.... जयपुर डायलॉग वाले महाशय.... पिछले महीने यह आरएसएस को कोस रहे थे.... कि आरएसएस वाले जय भीम रैली निकाल रहे हैं.....आरएसएस धर्म के विरुद्ध है जी.
आज यही लिख रहे हैं कि आरएसएस के कारण ही भाजपा बंगाल जीती है.
दोनों ही Posts में विरोधाभास देखिये..... और कमाल की बात है.... दोनों ही post में RW की भेड़ों के विचार आपको अलग अलग मिलेंगे.... पहले में आरएसएस को गाली दे रहे हैं, दूसरे में आरएसएस की बढ़ाई कर रहे हैं.
ना ना... यह मत कहना कि RW वाले जो अच्छा है उसका समर्थन करते हैं और जो बुरा होता है उसका विरोध...... यह भेड़े ज्यादातर Fake News या आधी अधूरी बातों पर ही हल्ला करते हैं.... और खुद तो नकारात्मक हैं ही... आस पड़ोस वालों को भी नकारात्मक करते हैं.
हाँ.....यह बात और है कि चुनावों में इनका जोर नहीं चलता..... और रिजल्ट इनके विपरीत आते हैं..... और कमाल की बात यह है कि उसका श्रेय भी यही लेते हैं 😂😂
अब इन्ही को देख लीजिये.... जयपुर डायलॉग वाले महाशय.... पिछले महीने यह आरएसएस को कोस रहे थे.... कि आरएसएस वाले जय भीम रैली निकाल रहे हैं.....आरएसएस धर्म के विरुद्ध है जी.
आज यही लिख रहे हैं कि आरएसएस के कारण ही भाजपा बंगाल जीती है.
दोनों ही Posts में विरोधाभास देखिये..... और कमाल की बात है.... दोनों ही post में RW की भेड़ों के विचार आपको अलग अलग मिलेंगे.... पहले में आरएसएस को गाली दे रहे हैं, दूसरे में आरएसएस की बढ़ाई कर रहे हैं.
ना ना... यह मत कहना कि RW वाले जो अच्छा है उसका समर्थन करते हैं और जो बुरा होता है उसका विरोध...... यह भेड़े ज्यादातर Fake News या आधी अधूरी बातों पर ही हल्ला करते हैं.... और खुद तो नकारात्मक हैं ही... आस पड़ोस वालों को भी नकारात्मक करते हैं.
हाँ.....यह बात और है कि चुनावों में इनका जोर नहीं चलता..... और रिजल्ट इनके विपरीत आते हैं..... और कमाल की बात यह है कि उसका श्रेय भी यही लेते हैं 😂😂
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अजीत भारती पिछले कुछ महीने से केंद्र सरकार पर हमले करता है...... हर बात पर बाल की खाल निकाल कर कोसना ही उसका एकमात्र काम है.
लेकिन वह उत्तरप्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ नहीं बोलता.... जबकि अजीत भारती के गुरु यति नरसिम्हानंद तो योगी जी के परम शत्रु हैं.
क्या कारण है... जानते हैं??
हर महीने उत्तरप्रदेश जनसम्पर्क विभाग से मोटा पैसा मिलता है अजीत भारती को.... अब जिससे पैसा मिले, उस पर तो इंसान चिल्लायेगा नहीं ना 😂😂
इनकी सारी विचारधारा और सारा धर्म... सिर्फ और सिर्फ पैसा है.
कल को केंद्र सरकार दिलीप मण्डल की जगह इन्हे बैठा दे.. फिर देखिएगा कैसी रफूगिरी करेंगे ये महोदय 🤣🤣
सब पैसे का खेल है बाबू भईया..... और हमारी मासूम RW की भेड़े इस खेल को समझ नहीं पाती.... इसका मुझे दुःख बहुत दुःख रहता है 😁
लेकिन वह उत्तरप्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ नहीं बोलता.... जबकि अजीत भारती के गुरु यति नरसिम्हानंद तो योगी जी के परम शत्रु हैं.
क्या कारण है... जानते हैं??
हर महीने उत्तरप्रदेश जनसम्पर्क विभाग से मोटा पैसा मिलता है अजीत भारती को.... अब जिससे पैसा मिले, उस पर तो इंसान चिल्लायेगा नहीं ना 😂😂
इनकी सारी विचारधारा और सारा धर्म... सिर्फ और सिर्फ पैसा है.
कल को केंद्र सरकार दिलीप मण्डल की जगह इन्हे बैठा दे.. फिर देखिएगा कैसी रफूगिरी करेंगे ये महोदय 🤣🤣
सब पैसे का खेल है बाबू भईया..... और हमारी मासूम RW की भेड़े इस खेल को समझ नहीं पाती.... इसका मुझे दुःख बहुत दुःख रहता है 😁
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मेरे विचार इस मामले में बहुत स्पष्ट हैं मैं ऐसी किसी भी व्यवस्था का विरोध करता हूं जो पहले से ही यह तय कर दे कौन उच्च है, कौन नीच या कौन शोषित वंचित पीड़ित है और शोषक, फिर चाहे वो वर्ण व्यवस्था हो या आरक्षण व्यवस्था
लेकिन समस्या यह है कि जो लोग वर्ण व्यवस्था में ऊपर है वो चाहते हैं वर्ण व्यवस्था वाला गौरव तो रहे लेकिन आरक्षण न रहे।
जो लोग आरक्षण का लाभ ले रहे हैं वो चाहते हैं वर्ण व्यवस्था तो खत्म हो जाए लेकिन आरक्षण का लाभ सदा सर्वदा मिलता रहे चाहे आरक्षण का लाभ लेकर कोई परिवार कितना भी आर्थिक सामाजिक रूप से सशक्त क्यों न हो जाए।
अपना यह मानना है कि जन्म से न तो कोई शोषित पीड़ित वंचित हो सकता है न उच्च हो सकता है।
एक दलित आइएस को पीढी दर पीढ़ी आरक्षण देते रहो और 25 हजार की प्राइवेट नौकरी वाले को ब्राह्मण को शोषक बताकर सरकारी सहायता से बाहर रखो वो भी गलत है
और किस फलानी जाति में पैदा होने से तुम उच्चे हो और शास्त्र, शस्त्र का अधिकार बस तुम्हीं ही हो। फलाना व्यक्ति सिर्फ वोट के समय हिन्दू बन जाए बाकि समय छोटी जाति का रहे वो भी गलत है।
अवनीश त्रिपाठी
लेकिन समस्या यह है कि जो लोग वर्ण व्यवस्था में ऊपर है वो चाहते हैं वर्ण व्यवस्था वाला गौरव तो रहे लेकिन आरक्षण न रहे।
जो लोग आरक्षण का लाभ ले रहे हैं वो चाहते हैं वर्ण व्यवस्था तो खत्म हो जाए लेकिन आरक्षण का लाभ सदा सर्वदा मिलता रहे चाहे आरक्षण का लाभ लेकर कोई परिवार कितना भी आर्थिक सामाजिक रूप से सशक्त क्यों न हो जाए।
अपना यह मानना है कि जन्म से न तो कोई शोषित पीड़ित वंचित हो सकता है न उच्च हो सकता है।
एक दलित आइएस को पीढी दर पीढ़ी आरक्षण देते रहो और 25 हजार की प्राइवेट नौकरी वाले को ब्राह्मण को शोषक बताकर सरकारी सहायता से बाहर रखो वो भी गलत है
और किस फलानी जाति में पैदा होने से तुम उच्चे हो और शास्त्र, शस्त्र का अधिकार बस तुम्हीं ही हो। फलाना व्यक्ति सिर्फ वोट के समय हिन्दू बन जाए बाकि समय छोटी जाति का रहे वो भी गलत है।
अवनीश त्रिपाठी
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American Computer software Giant Adobe on Friday announced the opening of a new office in Noida, marking its seventh office in India and third in Uttar Pradesh. The new campus is located in Noida Sector 129 and brings together more than 700 employees across engineering and customer-focused roles, in what the company described as a significant investment in local talent.
According to the company, the new office has been designed as a modern, AI-ready workplace focused on collaboration and creativity. “The new Adobe office represents our focus on creating an environment where people can do their best work,” said Swati Rustagi, who is currently Head of Employee Experience at Adobe India.
Adobe, which began operations in India in 1997 as an engineering R&D centre, now has more than 8,000 employees in the country, making India its largest workforce outside the US. The company said its India teams contribute to more than a third of its innovation.
According to the company, the new office has been designed as a modern, AI-ready workplace focused on collaboration and creativity. “The new Adobe office represents our focus on creating an environment where people can do their best work,” said Swati Rustagi, who is currently Head of Employee Experience at Adobe India.
Adobe, which began operations in India in 1997 as an engineering R&D centre, now has more than 8,000 employees in the country, making India its largest workforce outside the US. The company said its India teams contribute to more than a third of its innovation.
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पिछले दो दिनों में यह दो Fake News आई.
और कमाल की बात है... दोनों ही खबरों की headline पढ़ कर UGC पीढ़ीत कट्टर शोर मचाना शुरू कर दिए..... सारे सर्टिफिकेट cancel कर दिए 😂
इनसे कुछ कहो तो कहते हैं कि Fake News पर रोक क्यों नहीं लगाती सरकार..... कोई इनसे पूछो की तुम ही लोग हर बार Fake News के झाँसे में क्यों आते हो?
मतलब कोई इनके दरवाजे पर केले का छिलका रख दे... तो इन्हे फिसलना ही है.
और रही बात सरकार की... तो जिस दिन कोई कड़ा कानून आएगा... तब Fake News बनाने वाला, और उसे नमक मिर्च लगा कर फैलाने वाले.. सब अंदर जाएंगे..... और उनमे पहला नंबर तुम्हारा ही होगा.
और कमाल की बात है... दोनों ही खबरों की headline पढ़ कर UGC पीढ़ीत कट्टर शोर मचाना शुरू कर दिए..... सारे सर्टिफिकेट cancel कर दिए 😂
इनसे कुछ कहो तो कहते हैं कि Fake News पर रोक क्यों नहीं लगाती सरकार..... कोई इनसे पूछो की तुम ही लोग हर बार Fake News के झाँसे में क्यों आते हो?
मतलब कोई इनके दरवाजे पर केले का छिलका रख दे... तो इन्हे फिसलना ही है.
और रही बात सरकार की... तो जिस दिन कोई कड़ा कानून आएगा... तब Fake News बनाने वाला, और उसे नमक मिर्च लगा कर फैलाने वाले.. सब अंदर जाएंगे..... और उनमे पहला नंबर तुम्हारा ही होगा.
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जो राजपूत बाबर की तोप के सामने खड़े रहे वो पत्थरों से क्या डरेंगे ?
मुगल पत्थरबाजों को राजपूतों ने गिरा गिरा कर मारा ।
यूपी के एक शहर में बवाल हो गया । साठा चौरासी के राजपूत जो सिसौदिया वंश के होते हैं और राणा प्रताप के सीधे वंशज हैं, महाराणा प्रताप की जयंती पर शोभा यात्रा निकाल रहे थे । बाबर के पूतों को लगा कि बाबर के इलाके से ये शोभा यात्रा कैसे निकल जाएगी ? इन लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी । जिसके बाद अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला ।
सबसे पहले तो अगर आप वीडियो में देखेंगे तो एक चीज साफ है कि छतों से लगातार पत्थर बरस रहे थे लेकिन कोई भी राजपूत युवक पीछे नहीं हटा । पत्थर चल रहे थे, सड़कों पर गिर रहे थे और सारे वहीं पर इकट्ठे थे एक भी इधर उधर नहीं भागा । मुझे इतिहास का वो दृश्य याद आ गया जब खानवा की जंग में बाबर की तोपें आग उगल रही थीं और इसके बावजूद भी कोई राजपूत मैदान छोड़ने को तैयार नहीं था जबकि उनके पास तोपों के सामने तलवारें ही थीं ।
राणा सांगा सबसे आगे जाकर लड़ रहे थे । इन मूर्ख जिहादियों को ये गुमान हो गया था कि राजपूत पत्थरबाजी से डर कर भाग जाएंगे 🤣
वीडियो की दूसरी बड़ी बात ये है कि राजपूत लड़के सीधे बिना किसी मदद के छत पर चढ़ गए और इसके बाद छत पर चढ़कर मुगल पत्थरबाजों की जो कुटाई की है वो कड़ी निंदा के योग्य है 🤣 मुस्लिम ट्विटर हैंडल्स से गुहार लगाई जा रही है... अरफा जानम रो रही है... इंसाफ की भीख मांगी जा रही है... लेकिन इन लोगों ने आज तक हिंदू तीज त्यौहारों पर होने वाली पत्थरबाजी पर कभी ना कोई वीडियो बनाया ना कोई ट्वीट किया । आज जब इनकी कायदे से रगड़ाई हुई है तो पत्थरबाजों के लिए दुआ मांग रहे हैं ।
मित्रों... थोड़े लिखे को ज्यादा समझना और जिनके पास भी वीडियो है... नीचे कॉमेंट बॉक्स में पोस्ट कर देना ताकी लोग देख सकें । शोभा यात्राएं निकालने वाले सभी हिंदुओं को इन तस्वीरों से सबक लेना चाहिए और इस तरह की यात्राएं निकालने से पहले छतों पर कूद कर चढ़ने और फिर कुटाई सिंकाई का अभ्यास पहले ही कर लेना चाहिए ताकी मुगलिया पत्थरबाजी की रवायत बंद हो ।
सरकार से निवेदन है कि ऐसे वीर देश की संपत्ति है इसलिए इन वीरों को सीधे सेना में सरकारी नौकरी देकर बॉर्डर पर भेजा जाए । ऐसी वीरों को कोई भी दंड देना सीधे तौर पर देश की एकता और अखंडता से खिलवाड़ होगा और पत्थरबाजों के घरों पर फौरन बुलडोजर की व्यवस्था की जाए ।
साभार -दिलीप पाण्डेय
#NSB
मुगल पत्थरबाजों को राजपूतों ने गिरा गिरा कर मारा ।
यूपी के एक शहर में बवाल हो गया । साठा चौरासी के राजपूत जो सिसौदिया वंश के होते हैं और राणा प्रताप के सीधे वंशज हैं, महाराणा प्रताप की जयंती पर शोभा यात्रा निकाल रहे थे । बाबर के पूतों को लगा कि बाबर के इलाके से ये शोभा यात्रा कैसे निकल जाएगी ? इन लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी । जिसके बाद अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला ।
सबसे पहले तो अगर आप वीडियो में देखेंगे तो एक चीज साफ है कि छतों से लगातार पत्थर बरस रहे थे लेकिन कोई भी राजपूत युवक पीछे नहीं हटा । पत्थर चल रहे थे, सड़कों पर गिर रहे थे और सारे वहीं पर इकट्ठे थे एक भी इधर उधर नहीं भागा । मुझे इतिहास का वो दृश्य याद आ गया जब खानवा की जंग में बाबर की तोपें आग उगल रही थीं और इसके बावजूद भी कोई राजपूत मैदान छोड़ने को तैयार नहीं था जबकि उनके पास तोपों के सामने तलवारें ही थीं ।
राणा सांगा सबसे आगे जाकर लड़ रहे थे । इन मूर्ख जिहादियों को ये गुमान हो गया था कि राजपूत पत्थरबाजी से डर कर भाग जाएंगे 🤣
वीडियो की दूसरी बड़ी बात ये है कि राजपूत लड़के सीधे बिना किसी मदद के छत पर चढ़ गए और इसके बाद छत पर चढ़कर मुगल पत्थरबाजों की जो कुटाई की है वो कड़ी निंदा के योग्य है 🤣 मुस्लिम ट्विटर हैंडल्स से गुहार लगाई जा रही है... अरफा जानम रो रही है... इंसाफ की भीख मांगी जा रही है... लेकिन इन लोगों ने आज तक हिंदू तीज त्यौहारों पर होने वाली पत्थरबाजी पर कभी ना कोई वीडियो बनाया ना कोई ट्वीट किया । आज जब इनकी कायदे से रगड़ाई हुई है तो पत्थरबाजों के लिए दुआ मांग रहे हैं ।
मित्रों... थोड़े लिखे को ज्यादा समझना और जिनके पास भी वीडियो है... नीचे कॉमेंट बॉक्स में पोस्ट कर देना ताकी लोग देख सकें । शोभा यात्राएं निकालने वाले सभी हिंदुओं को इन तस्वीरों से सबक लेना चाहिए और इस तरह की यात्राएं निकालने से पहले छतों पर कूद कर चढ़ने और फिर कुटाई सिंकाई का अभ्यास पहले ही कर लेना चाहिए ताकी मुगलिया पत्थरबाजी की रवायत बंद हो ।
सरकार से निवेदन है कि ऐसे वीर देश की संपत्ति है इसलिए इन वीरों को सीधे सेना में सरकारी नौकरी देकर बॉर्डर पर भेजा जाए । ऐसी वीरों को कोई भी दंड देना सीधे तौर पर देश की एकता और अखंडता से खिलवाड़ होगा और पत्थरबाजों के घरों पर फौरन बुलडोजर की व्यवस्था की जाए ।
साभार -दिलीप पाण्डेय
#NSB
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