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ट्रम्प ने अब अपना Trump Card चल दिया है..... और 100% चांस हैं इसके Fail होने के.
स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ को अब अमेरिकी नेवी Block करेगी..... किसी भी जहाज को यहाँ से हों कर गुजरने नहीं देगी. और कोई जहाज ईरान को Toll टैक्स दे कर आया.. तो उस पर हमला भी करेगी अमेरिकी नेवी.
अब इससे होगा क्या?
जंग और चलेगी... तेल की कीमत बढ़ेगी.... जो भी देश खाड़ी के तेल पर निर्भर हैं... वहां हाहाकार मचेगा... वहीं GCC के देशों का भट्टा बैठ जाएगा.
चीन और भारत पर भी Impact होगा..... लेकिन दोनों ही देश पहले ही अपना Oil Supply को Diversify कर चुके हैं.... तो असर थोड़ा कम होगा.
समस्या होगी GCC के देशों को.... जिनका Export होरमुज़ से ही होता है..... उनके सामने विकराल समस्या होगी...... अगर वह False Fleet का उपयोग करेंगे, या ईरान को Toll दे कर अपने जहाज निकलवाएंगे... तो अमेरिका वाले उन पर हमला करेंगे...... और सामान्य स्थिति में इरान वाले उन पर हमला करेंगे..... ऐसे में होरमुज़ से Traffic एकदम ख़त्म हो जाएगा.
अमेरिका ने यह कदम इसलिए उठाया है, कि इससे ईरान को नुकसान होगा.... लेकिन इसका नुकसान GCC सहित कई अन्य देशों को होने जा रहा है.
इसका नुकसान अमेरिका को भी होगा... अमेरिकी Oil कंपनियों के अधिकांश CEO ने कहा है कि होरमुज़ को बंद करने से Energy Crisis और बढ़ेगा..... पहले ईरान ने होरमुज़ Block कर रखी थी... अब अमेरिका करेगा.
कुल मिलाकर अमेरिकी सरकार की कम अक़्ली इसी से दिख रही है..... कि एक रास्ता जो खुला था... पहले इन्होने बेवजह का युद्ध करके उसे बंद करवाया.... और अब इनकी शर्ते ईरान नहीं मान रहा... तो अब यह भी उसी रास्ते को block करेंगे...... Block तो करेंगे ही... साथ ही जो जहाज बेचारे जैसे तैसे निकलेंगे.. उन पर हमला भी करेंगे.
इससे बड़ी बेवकूफी, जाहिलियत मैंने तो अपनी जिंदगी में नहीं देखी.
स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ को अब अमेरिकी नेवी Block करेगी..... किसी भी जहाज को यहाँ से हों कर गुजरने नहीं देगी. और कोई जहाज ईरान को Toll टैक्स दे कर आया.. तो उस पर हमला भी करेगी अमेरिकी नेवी.
अब इससे होगा क्या?
जंग और चलेगी... तेल की कीमत बढ़ेगी.... जो भी देश खाड़ी के तेल पर निर्भर हैं... वहां हाहाकार मचेगा... वहीं GCC के देशों का भट्टा बैठ जाएगा.
चीन और भारत पर भी Impact होगा..... लेकिन दोनों ही देश पहले ही अपना Oil Supply को Diversify कर चुके हैं.... तो असर थोड़ा कम होगा.
समस्या होगी GCC के देशों को.... जिनका Export होरमुज़ से ही होता है..... उनके सामने विकराल समस्या होगी...... अगर वह False Fleet का उपयोग करेंगे, या ईरान को Toll दे कर अपने जहाज निकलवाएंगे... तो अमेरिका वाले उन पर हमला करेंगे...... और सामान्य स्थिति में इरान वाले उन पर हमला करेंगे..... ऐसे में होरमुज़ से Traffic एकदम ख़त्म हो जाएगा.
अमेरिका ने यह कदम इसलिए उठाया है, कि इससे ईरान को नुकसान होगा.... लेकिन इसका नुकसान GCC सहित कई अन्य देशों को होने जा रहा है.
इसका नुकसान अमेरिका को भी होगा... अमेरिकी Oil कंपनियों के अधिकांश CEO ने कहा है कि होरमुज़ को बंद करने से Energy Crisis और बढ़ेगा..... पहले ईरान ने होरमुज़ Block कर रखी थी... अब अमेरिका करेगा.
कुल मिलाकर अमेरिकी सरकार की कम अक़्ली इसी से दिख रही है..... कि एक रास्ता जो खुला था... पहले इन्होने बेवजह का युद्ध करके उसे बंद करवाया.... और अब इनकी शर्ते ईरान नहीं मान रहा... तो अब यह भी उसी रास्ते को block करेंगे...... Block तो करेंगे ही... साथ ही जो जहाज बेचारे जैसे तैसे निकलेंगे.. उन पर हमला भी करेंगे.
इससे बड़ी बेवकूफी, जाहिलियत मैंने तो अपनी जिंदगी में नहीं देखी.
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जब-जब जातीय समीकरण की बात होती है तो भारत के कुछेक दिग्गज नेताओं में लालू जादो का भी नाम आता है जिन्होंने 1990 से लेकर 2005 तक बिहार में निर्बाध शासन किया.
भले ही उसके शासनकाल में बिहार की शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई, सड़कों ने गड्ढों का रूप ले लिया, अपहरण और रंगदारी एक उद्योग बन गया, अस्पताल आदि सिर्फ नाम के बचे रह गए, बिजनेस-व्यापार ठप हो गए, हाईकोर्ट द्वारा बिहार की स्थिति पर चिंता जताते हुए उसे जंगलराज तक कहा जाने लगा..
लेकिन, फिर भी लालू के मजबूत MY समीकरण एवं चुनावों में खुलेआम गुंडागर्दी का ऐसा तांडव था कि बिहार में सत्ता परिवर्तन एक सपना सा ही लगता था.
उस समय बिहार के चुनावों में उतने तो वोट नहीं पड़ते होंगे जितनी गोलियाँ चल जाया करती थी.
बूथ लूटना, विपक्षी को वोट मिलने की आशंका होने पर बैलेट बॉक्स में स्याही डाल देना आदि तो बेहद आम थे.
कहीं कहीं तो स्याही नहीं मिलने पर बैलेट बॉक्स में खिचड़ी या मतदान कर्मियों के लिए लाए गए खाने की दाल और सब्जी ही डाल दी जाती थी ताकि सारे वोट कैंसिल करवाये जा सकें.
स्थिति ऐसी थी कि... उस समय बिहार में जिस भी सरकारी कर्मचारी की मतदान में ड्यूटी लग जाती थी उनके घरवाले राम-राम जपना शुरू कर देते थे कि मतदान का जो हो सो हो..
कम से कम, हमारे लोग मतदान करवा कर सही सलामत घर वापस आ जाएं.
ऐसे में बिहार में सत्ता परिवर्तन एक सपना सा लगता था और लोग कहते थे कि ये तो संभव ही नहीं है.
लेकिन, फिर आया 2005 का साल और उस समय मुख्य चुनाव आयुक्त थे टी.एस. कृष्णमूर्ति.
उन्होंने बिहार चुनाव को एक चैलेंज की तरह लिया और बिहार में केंद्रीय बल जो भरा सो भरा ही.
खुद भी बिहार में कैम्प करके बैठ गए.
इस बारे में एक दिलचस्प घटना ये है कि उसी चुनाव के दौरान उन्हें खबर मिली कि फलाने बूथ पर कुछ हंगामा हो रहा है.
ये सुनते ही कृष्णमूर्ति साहब तुरत हेलीकॉप्टर से वहाँ पहुँचे और हेलीकॉप्टर बंद होने से पहले ही उससे कूद पड़े और बूथ तक दौड़ लगा दी.
बूथ पर वाकई हंगामा हो रहा था जो सत्ताधारी दल के एक नेता जी कर रहे थे.
ये देखते ही कृष्णमूर्ति साहब ने खुद उसे कॉलर से पकड़ा और केंद्रीय बलों के हवाले कर दिया.
खैर, जो भी हो..
इसके बाद बिहार में जो सत्ता परिवर्तन हुई तो आज 25 साल बाद तक राजद बिहार की सत्ता में वापसी नहीं कर पाई है.
कहने का मतलब ये है कि.... ऐसा नहीं है कि अगर आपके पास गुंडातत्व है और आप रंगबाजी जानते हैं तो आपको हराया ही नहीं जा सकता है.
अगर जनता और सरकार चाह ले तो फिर कोई गुंडातत्व काम नहीं आता है.
इसका उदाहरण हम बिहार और कश्मीर दोनों जगह देख चुके हैं.
इसीलिए, अगर गुंडातत्व और कैरम कमिटी के बल ही दीदी सत्ता में वापसी का सपना संजोए बैठी है अथवा भाजपा खेमे में थोड़ी निराशा है तो मुझे नहीं लगता है कि ये कोई ऐसी समस्या है जिसका कोई निदान ही न हो.
खबर है कि, इस बार बंगाल चुनाव को सुधारने हेतु 3,82,000 अर्धसैनिक बलों की तैनाती है सो है ही.
इसके अलावा हर बूथ और उसके आसपास निगरानी हेतु लगभग 2,00,000 CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं जिसमें बूथ के अंदर से लेकर बाहर और आसपास की निगरानी की जा सके.
इसमें सिर्फ आप वोट किसे दे रहे हैं... वो छोड़कर बाकी सब कुछ निगरानी में रहेंगे.
इन 2 लाख cctv से एकसाथ 80 हजार से भी ज्यादा बूथों की निगरानी की जाएगी.
निगरानी हेतु बंगाल में एक हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसे सैकड़ों आब्जर्बर और माइक्रोआब्जर्बर 24x7 देखते रहेंगे.
साथ ही साथ... ऐसी व्यवस्था की गई है कि किसी भी बूथ में गड़बड़ी की खबर मिलते ही केंद्रीय बल अधिकतम 15 मिनट में उस बूथ तक पहुँच पाएँ.
अरे हाँ... पिछले बंगाल चुनाव से सबक लेते हुए इस बार केंद्रीय सुरक्षा बल सिर्फ चुनाव भर ही बंगाल में पदस्थापित नहीं रहेंगे बल्कि चुनाव के बाद भी अगले 3 महीने तक वहीं जमे रहेंगे ताकि कोई वोटर्स को तंग न कर सके.
शायद, केंद्रीय बलों द्वारा भी हर गली और हर मुहल्ले में इस बारे प्रचार किया जा रहा है कि आपलोग निर्भीक होकर मतदान करें क्योंकि आपकी सुरक्षा के लिए हम हैं और आगे भी रहेंगे.
इसीलिए, इस बार बंगाल में कुछ ऐसा हो सकता है... जो बंगाल समेत पूरे देश को चौंका दे.
और हाँ, मैं अपनी बात फिर दुहरा रहा हूँ कि..
बंगाल में भाजपा जीत नहीं रही है.
बल्कि, दीदी हार रही है.
जय महाकाल...!!!
- कुमार सतीश
भले ही उसके शासनकाल में बिहार की शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई, सड़कों ने गड्ढों का रूप ले लिया, अपहरण और रंगदारी एक उद्योग बन गया, अस्पताल आदि सिर्फ नाम के बचे रह गए, बिजनेस-व्यापार ठप हो गए, हाईकोर्ट द्वारा बिहार की स्थिति पर चिंता जताते हुए उसे जंगलराज तक कहा जाने लगा..
लेकिन, फिर भी लालू के मजबूत MY समीकरण एवं चुनावों में खुलेआम गुंडागर्दी का ऐसा तांडव था कि बिहार में सत्ता परिवर्तन एक सपना सा ही लगता था.
उस समय बिहार के चुनावों में उतने तो वोट नहीं पड़ते होंगे जितनी गोलियाँ चल जाया करती थी.
बूथ लूटना, विपक्षी को वोट मिलने की आशंका होने पर बैलेट बॉक्स में स्याही डाल देना आदि तो बेहद आम थे.
कहीं कहीं तो स्याही नहीं मिलने पर बैलेट बॉक्स में खिचड़ी या मतदान कर्मियों के लिए लाए गए खाने की दाल और सब्जी ही डाल दी जाती थी ताकि सारे वोट कैंसिल करवाये जा सकें.
स्थिति ऐसी थी कि... उस समय बिहार में जिस भी सरकारी कर्मचारी की मतदान में ड्यूटी लग जाती थी उनके घरवाले राम-राम जपना शुरू कर देते थे कि मतदान का जो हो सो हो..
कम से कम, हमारे लोग मतदान करवा कर सही सलामत घर वापस आ जाएं.
ऐसे में बिहार में सत्ता परिवर्तन एक सपना सा लगता था और लोग कहते थे कि ये तो संभव ही नहीं है.
लेकिन, फिर आया 2005 का साल और उस समय मुख्य चुनाव आयुक्त थे टी.एस. कृष्णमूर्ति.
उन्होंने बिहार चुनाव को एक चैलेंज की तरह लिया और बिहार में केंद्रीय बल जो भरा सो भरा ही.
खुद भी बिहार में कैम्प करके बैठ गए.
इस बारे में एक दिलचस्प घटना ये है कि उसी चुनाव के दौरान उन्हें खबर मिली कि फलाने बूथ पर कुछ हंगामा हो रहा है.
ये सुनते ही कृष्णमूर्ति साहब तुरत हेलीकॉप्टर से वहाँ पहुँचे और हेलीकॉप्टर बंद होने से पहले ही उससे कूद पड़े और बूथ तक दौड़ लगा दी.
बूथ पर वाकई हंगामा हो रहा था जो सत्ताधारी दल के एक नेता जी कर रहे थे.
ये देखते ही कृष्णमूर्ति साहब ने खुद उसे कॉलर से पकड़ा और केंद्रीय बलों के हवाले कर दिया.
खैर, जो भी हो..
इसके बाद बिहार में जो सत्ता परिवर्तन हुई तो आज 25 साल बाद तक राजद बिहार की सत्ता में वापसी नहीं कर पाई है.
कहने का मतलब ये है कि.... ऐसा नहीं है कि अगर आपके पास गुंडातत्व है और आप रंगबाजी जानते हैं तो आपको हराया ही नहीं जा सकता है.
अगर जनता और सरकार चाह ले तो फिर कोई गुंडातत्व काम नहीं आता है.
इसका उदाहरण हम बिहार और कश्मीर दोनों जगह देख चुके हैं.
इसीलिए, अगर गुंडातत्व और कैरम कमिटी के बल ही दीदी सत्ता में वापसी का सपना संजोए बैठी है अथवा भाजपा खेमे में थोड़ी निराशा है तो मुझे नहीं लगता है कि ये कोई ऐसी समस्या है जिसका कोई निदान ही न हो.
खबर है कि, इस बार बंगाल चुनाव को सुधारने हेतु 3,82,000 अर्धसैनिक बलों की तैनाती है सो है ही.
इसके अलावा हर बूथ और उसके आसपास निगरानी हेतु लगभग 2,00,000 CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं जिसमें बूथ के अंदर से लेकर बाहर और आसपास की निगरानी की जा सके.
इसमें सिर्फ आप वोट किसे दे रहे हैं... वो छोड़कर बाकी सब कुछ निगरानी में रहेंगे.
इन 2 लाख cctv से एकसाथ 80 हजार से भी ज्यादा बूथों की निगरानी की जाएगी.
निगरानी हेतु बंगाल में एक हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसे सैकड़ों आब्जर्बर और माइक्रोआब्जर्बर 24x7 देखते रहेंगे.
साथ ही साथ... ऐसी व्यवस्था की गई है कि किसी भी बूथ में गड़बड़ी की खबर मिलते ही केंद्रीय बल अधिकतम 15 मिनट में उस बूथ तक पहुँच पाएँ.
अरे हाँ... पिछले बंगाल चुनाव से सबक लेते हुए इस बार केंद्रीय सुरक्षा बल सिर्फ चुनाव भर ही बंगाल में पदस्थापित नहीं रहेंगे बल्कि चुनाव के बाद भी अगले 3 महीने तक वहीं जमे रहेंगे ताकि कोई वोटर्स को तंग न कर सके.
शायद, केंद्रीय बलों द्वारा भी हर गली और हर मुहल्ले में इस बारे प्रचार किया जा रहा है कि आपलोग निर्भीक होकर मतदान करें क्योंकि आपकी सुरक्षा के लिए हम हैं और आगे भी रहेंगे.
इसीलिए, इस बार बंगाल में कुछ ऐसा हो सकता है... जो बंगाल समेत पूरे देश को चौंका दे.
और हाँ, मैं अपनी बात फिर दुहरा रहा हूँ कि..
बंगाल में भाजपा जीत नहीं रही है.
बल्कि, दीदी हार रही है.
जय महाकाल...!!!
- कुमार सतीश
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पाकिस्तान की नेवी के एक जहाज पर अरब सागर में हमला हुआ है. इसमें कम से कम तीन पाकिस्तानी नौसेना कर्मियों की मौत हुई है. बलूचिस्तान पोस्ट ने बताया है कि रविवार को जिवानी खाड़ी के पास पाकिस्तान के एक नौसैनिक जहाज को निशाना बनाकर उड़ा दिया गया. इस हमले ने ध्यान खींचा है क्योंकि क्योंकि यह पहली बार है, जब बलूचिस्तान के पास के समुद्री क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाया गया है. पाकिस्तानी आर्मी और सरकार के लिए यह खासतौर से चिंता बढ़ाने वाला है क्योंकि अटैक रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण ग्वादर पोर्ट के पास हुआ है.
स्थानीय मीडिया के अनुसार, ग्वादर के पास समुद्र में पाकिस्तान नौसेना की एक नाव पर हमला हुआ. खुले समुद्र में इस तरह की घटना पहली बार हुई है. इसमें पाकिस्तानी नौसेना के तीन जवान मारे गए हैं. अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. स्थानीय एक्सपर्ट मान रहे हैं कि इसके पीछे बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही गुट हो सकते हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह छेड़ रखा है.
स्थानीय मीडिया के अनुसार, ग्वादर के पास समुद्र में पाकिस्तान नौसेना की एक नाव पर हमला हुआ. खुले समुद्र में इस तरह की घटना पहली बार हुई है. इसमें पाकिस्तानी नौसेना के तीन जवान मारे गए हैं. अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. स्थानीय एक्सपर्ट मान रहे हैं कि इसके पीछे बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही गुट हो सकते हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह छेड़ रखा है.
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मोहिंदर सिंह रंधावा.... एक ऐसे नायक, ऐसी महान शख्शियत.... जिन्हे भुला दिया गया..... जबकि उनका योगदान अतुलनीय है 🙏🙏
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6-7 years later, if someone makes a film on the Nashik TCS case, it will be dismissed as “propaganda.”
When the truth is uncomfortable, it is easier to label it than to confront it.
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रिलायंस की जामनगर वाली Refinery दुनिया में एकमात्र ऐसी refinery है..... जो इस समय इन देशों से लिए गए क्रूड Oil को refine कर रही है.
अमेरिका
रूस
ईरान
वेनेज़ुएला
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दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे... जिसका इतने सालों से इंतजार हो रहा था.... उसका कल उद्घाटन प्रधानमंत्री जी करने वाले हैं.
वीडियो देख कर तो लग रहा है एक बेहद शानदार एक्सप्रेसवे बना है..... और जल्दी ही हम भी इस पर सफर करेंगे 😁
वीडियो देख कर तो लग रहा है एक बेहद शानदार एक्सप्रेसवे बना है..... और जल्दी ही हम भी इस पर सफर करेंगे 😁
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