Mazagon Dock Shipbuilders Limited has taken control of Sri Lanka’s Colombo Dockyard with a 51% stake, marking India’s first overseas shipyard acquisition worth $26.8 million.
India’s defence PSU under the Ministry of Defence confirmed that Colombo Dockyard PLC, Sri Lanka’s largest shipbuilding and repair facility, is now its subsidiary after the deal was completed in April 2026.
The move aligns with India’s Maritime Amrit Kaal Vision 2047 and expands its footprint beyond domestic naval manufacturing.
Located at the strategically critical Port of Colombo, the dockyard has been operational since 1974 and serves both civilian and defence shipbuilding needs.
The integration signals a deeper operational and strategic alignment between the two entities.
The move comes at a time when Sri Lanka’s maritime assets have been at the center of geopolitical contestation, particularly with China’s growing footprint in ports like Hambantota.
India’s defence PSU under the Ministry of Defence confirmed that Colombo Dockyard PLC, Sri Lanka’s largest shipbuilding and repair facility, is now its subsidiary after the deal was completed in April 2026.
The move aligns with India’s Maritime Amrit Kaal Vision 2047 and expands its footprint beyond domestic naval manufacturing.
Located at the strategically critical Port of Colombo, the dockyard has been operational since 1974 and serves both civilian and defence shipbuilding needs.
The integration signals a deeper operational and strategic alignment between the two entities.
The move comes at a time when Sri Lanka’s maritime assets have been at the center of geopolitical contestation, particularly with China’s growing footprint in ports like Hambantota.
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ईरान अमेरिका इजराइल के युद्ध में अब मज़ा आ रहा है
आपको लगेगा कि ये कैसी अजीब सी बात कर रहा हूँ मैं.
सुनिए.
लड़ाई हो रही है इजराइल और ईरान की... बीच में कूदा अमेरिका. अब उधर से अमेरिका कूदा है, तो दूसरे पक्ष से भी चीन रूस कूदेंगे ही.
यह बात सब जानते हैं.... कि चाहे मिसाइल हों, ManPad हों, Global Positioning सिस्टम हों, या अन्य हथियार हों... यह सब चीन ही भेज रहा है ईरान को.
वरना ईरान इतना लम्बा टिक ही नहीं पाता इस युद्ध में.
अब अमेरिकी Intelligence यानी सीआईए की एक रिपोर्ट आई है कि चीन ही ईरान को जमकर हथियार भेज रहा है...... कमाल की बात यह है कि यह हथियार जहाज से नहीं भेजे जा रहे... क्यूंकि होरमुज़ बंद है... और उसके परे अमेरिका सहित दूसरे देशों की नेवी तैनात है.
जाहिर है... चीन वहां से हथियार नहीं भेजेगा.
फिर कहाँ से भेज रहा है?
CPEC के रास्ते पाकिस्तान होते हुए चीन हथियार भेज रहा है ईरान को..... और यही हथियार अमेरिका के Bases और GCC के देशों पर हमले करने के काम आ रहे हैं.
अमेरिका के एयरक्राफ्ट करियर्स पर जो हमले हुए थे.... बताया जा raha है वह चीन की मिसाइल्स से हुए थे.... यह तो अच्छा रहा कि सारे हमले Intercept कर लिए गए.
खैर.... बात करते हैं पाकिस्तान की
यह वही पाकिस्तान है, जो इन दिनों शान्ति का कबूतर बना घूम रहा है. ट्रम्प की आँखों का तारा बना हुआ है.... Peace Talks करवा रहा है.
वहीं ट्रम्प को जब यह खबर लगी... तो उन्होंने चीन को धमकी दे दी..... 50% Tariff और बुरे परिणामो की धमकी दी.... लेकिन ट्रम्प ने पाकिस्तान को कुछ नहीं कहा.... कहेंगे भी नहीं.... कह भी नहीं सकते.
जबकि पिछले Term में ट्रम्प खुलेआम पाकिस्तान को दिए गए Funds के लिए पुरानी सरकारों को कोसते थे...... लेकिन अब चुप्पी लगा कर बैठे हैं.
और यह सब हुआ है Operation सिन्दूर के बाद..... नूर खान बेस और कैराना हिल्स पर हमले के बाद ट्रम्प के सुर बदल गए हैं.... कुछ तो जबरदस्त ठोका था भारत ने वहां.
उधर पाकिस्तान के दोनों हाथों में लड्डू हैं...... ईरान को हथियार supply करने के लिए पैसे पक्का मिल rahe होंगे चीन से... उधर सऊदी में अपनी सेना उतारने के बदले में 5 बिलियन USD भी मिलने जा रहे हैं...... मतलब दोनों तरफ से पैसे पकड़ रखें हैं... और दोनों तरफ के क्लाइंट्स को मस्त सर्विस दी जा रही है.... आम भाषा में इसी को दलाली बोलते हैं
आपको लगेगा कि ये कैसी अजीब सी बात कर रहा हूँ मैं.
सुनिए.
लड़ाई हो रही है इजराइल और ईरान की... बीच में कूदा अमेरिका. अब उधर से अमेरिका कूदा है, तो दूसरे पक्ष से भी चीन रूस कूदेंगे ही.
यह बात सब जानते हैं.... कि चाहे मिसाइल हों, ManPad हों, Global Positioning सिस्टम हों, या अन्य हथियार हों... यह सब चीन ही भेज रहा है ईरान को.
वरना ईरान इतना लम्बा टिक ही नहीं पाता इस युद्ध में.
अब अमेरिकी Intelligence यानी सीआईए की एक रिपोर्ट आई है कि चीन ही ईरान को जमकर हथियार भेज रहा है...... कमाल की बात यह है कि यह हथियार जहाज से नहीं भेजे जा रहे... क्यूंकि होरमुज़ बंद है... और उसके परे अमेरिका सहित दूसरे देशों की नेवी तैनात है.
जाहिर है... चीन वहां से हथियार नहीं भेजेगा.
फिर कहाँ से भेज रहा है?
CPEC के रास्ते पाकिस्तान होते हुए चीन हथियार भेज रहा है ईरान को..... और यही हथियार अमेरिका के Bases और GCC के देशों पर हमले करने के काम आ रहे हैं.
अमेरिका के एयरक्राफ्ट करियर्स पर जो हमले हुए थे.... बताया जा raha है वह चीन की मिसाइल्स से हुए थे.... यह तो अच्छा रहा कि सारे हमले Intercept कर लिए गए.
खैर.... बात करते हैं पाकिस्तान की
यह वही पाकिस्तान है, जो इन दिनों शान्ति का कबूतर बना घूम रहा है. ट्रम्प की आँखों का तारा बना हुआ है.... Peace Talks करवा रहा है.
वहीं ट्रम्प को जब यह खबर लगी... तो उन्होंने चीन को धमकी दे दी..... 50% Tariff और बुरे परिणामो की धमकी दी.... लेकिन ट्रम्प ने पाकिस्तान को कुछ नहीं कहा.... कहेंगे भी नहीं.... कह भी नहीं सकते.
जबकि पिछले Term में ट्रम्प खुलेआम पाकिस्तान को दिए गए Funds के लिए पुरानी सरकारों को कोसते थे...... लेकिन अब चुप्पी लगा कर बैठे हैं.
और यह सब हुआ है Operation सिन्दूर के बाद..... नूर खान बेस और कैराना हिल्स पर हमले के बाद ट्रम्प के सुर बदल गए हैं.... कुछ तो जबरदस्त ठोका था भारत ने वहां.
उधर पाकिस्तान के दोनों हाथों में लड्डू हैं...... ईरान को हथियार supply करने के लिए पैसे पक्का मिल rahe होंगे चीन से... उधर सऊदी में अपनी सेना उतारने के बदले में 5 बिलियन USD भी मिलने जा रहे हैं...... मतलब दोनों तरफ से पैसे पकड़ रखें हैं... और दोनों तरफ के क्लाइंट्स को मस्त सर्विस दी जा रही है.... आम भाषा में इसी को दलाली बोलते हैं
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मोदी विरोधी एक टोली है जो भाजपा का विरोध करती है, जबकि हिमंता विस्वा सरमा की वाहवाही मे मदमस्त है...
मोदी विरोधी की दूसरी टोली है जो भाजपा का विरोध करती है, जबकि योगी आदित्यनाथ जी की जय-जयकार मे लीन है
खैर, हम ठहरे भक्त मंडली, जो हिमंता जी के लिए भी जय जयकार कर रहे हैं, योगीजी के लिए भी, क्योंकि हम मोदी/शाह समेत समस्त भाजपा सेना की महत्ता को समझते हैं।
हमें पता है कि न हिमंता अकेले पर्याप्त हैं, न योगी, न मोदी, न शाह।
हमें सबकी आवश्यकता है, क्योंकि सबके अपने दायित्व हैं, सबके अपने रोल हैं
केवल मोदी/शाह के नाम पर पिछवाड़ा धधकाए घुम रहे इन मकोड़ों को उनकी सोंच का वास्तविक आईना दिखा दो तो इनके पिछवाड़े मे आग लग जाती है...!!
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मोदी विरोधी की दूसरी टोली है जो भाजपा का विरोध करती है, जबकि योगी आदित्यनाथ जी की जय-जयकार मे लीन है
खैर, हम ठहरे भक्त मंडली, जो हिमंता जी के लिए भी जय जयकार कर रहे हैं, योगीजी के लिए भी, क्योंकि हम मोदी/शाह समेत समस्त भाजपा सेना की महत्ता को समझते हैं।
हमें पता है कि न हिमंता अकेले पर्याप्त हैं, न योगी, न मोदी, न शाह।
हमें सबकी आवश्यकता है, क्योंकि सबके अपने दायित्व हैं, सबके अपने रोल हैं
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US President Donald Trump directs US Navy to block all vessels entering or exiting the Strait of Hormuz, effective immediately, reports CNBC.
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ट्रम्प ने अब अपना Trump Card चल दिया है..... और 100% चांस हैं इसके Fail होने के.
स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ को अब अमेरिकी नेवी Block करेगी..... किसी भी जहाज को यहाँ से हों कर गुजरने नहीं देगी. और कोई जहाज ईरान को Toll टैक्स दे कर आया.. तो उस पर हमला भी करेगी अमेरिकी नेवी.
अब इससे होगा क्या?
जंग और चलेगी... तेल की कीमत बढ़ेगी.... जो भी देश खाड़ी के तेल पर निर्भर हैं... वहां हाहाकार मचेगा... वहीं GCC के देशों का भट्टा बैठ जाएगा.
चीन और भारत पर भी Impact होगा..... लेकिन दोनों ही देश पहले ही अपना Oil Supply को Diversify कर चुके हैं.... तो असर थोड़ा कम होगा.
समस्या होगी GCC के देशों को.... जिनका Export होरमुज़ से ही होता है..... उनके सामने विकराल समस्या होगी...... अगर वह False Fleet का उपयोग करेंगे, या ईरान को Toll दे कर अपने जहाज निकलवाएंगे... तो अमेरिका वाले उन पर हमला करेंगे...... और सामान्य स्थिति में इरान वाले उन पर हमला करेंगे..... ऐसे में होरमुज़ से Traffic एकदम ख़त्म हो जाएगा.
अमेरिका ने यह कदम इसलिए उठाया है, कि इससे ईरान को नुकसान होगा.... लेकिन इसका नुकसान GCC सहित कई अन्य देशों को होने जा रहा है.
इसका नुकसान अमेरिका को भी होगा... अमेरिकी Oil कंपनियों के अधिकांश CEO ने कहा है कि होरमुज़ को बंद करने से Energy Crisis और बढ़ेगा..... पहले ईरान ने होरमुज़ Block कर रखी थी... अब अमेरिका करेगा.
कुल मिलाकर अमेरिकी सरकार की कम अक़्ली इसी से दिख रही है..... कि एक रास्ता जो खुला था... पहले इन्होने बेवजह का युद्ध करके उसे बंद करवाया.... और अब इनकी शर्ते ईरान नहीं मान रहा... तो अब यह भी उसी रास्ते को block करेंगे...... Block तो करेंगे ही... साथ ही जो जहाज बेचारे जैसे तैसे निकलेंगे.. उन पर हमला भी करेंगे.
इससे बड़ी बेवकूफी, जाहिलियत मैंने तो अपनी जिंदगी में नहीं देखी.
स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ को अब अमेरिकी नेवी Block करेगी..... किसी भी जहाज को यहाँ से हों कर गुजरने नहीं देगी. और कोई जहाज ईरान को Toll टैक्स दे कर आया.. तो उस पर हमला भी करेगी अमेरिकी नेवी.
अब इससे होगा क्या?
जंग और चलेगी... तेल की कीमत बढ़ेगी.... जो भी देश खाड़ी के तेल पर निर्भर हैं... वहां हाहाकार मचेगा... वहीं GCC के देशों का भट्टा बैठ जाएगा.
चीन और भारत पर भी Impact होगा..... लेकिन दोनों ही देश पहले ही अपना Oil Supply को Diversify कर चुके हैं.... तो असर थोड़ा कम होगा.
समस्या होगी GCC के देशों को.... जिनका Export होरमुज़ से ही होता है..... उनके सामने विकराल समस्या होगी...... अगर वह False Fleet का उपयोग करेंगे, या ईरान को Toll दे कर अपने जहाज निकलवाएंगे... तो अमेरिका वाले उन पर हमला करेंगे...... और सामान्य स्थिति में इरान वाले उन पर हमला करेंगे..... ऐसे में होरमुज़ से Traffic एकदम ख़त्म हो जाएगा.
अमेरिका ने यह कदम इसलिए उठाया है, कि इससे ईरान को नुकसान होगा.... लेकिन इसका नुकसान GCC सहित कई अन्य देशों को होने जा रहा है.
इसका नुकसान अमेरिका को भी होगा... अमेरिकी Oil कंपनियों के अधिकांश CEO ने कहा है कि होरमुज़ को बंद करने से Energy Crisis और बढ़ेगा..... पहले ईरान ने होरमुज़ Block कर रखी थी... अब अमेरिका करेगा.
कुल मिलाकर अमेरिकी सरकार की कम अक़्ली इसी से दिख रही है..... कि एक रास्ता जो खुला था... पहले इन्होने बेवजह का युद्ध करके उसे बंद करवाया.... और अब इनकी शर्ते ईरान नहीं मान रहा... तो अब यह भी उसी रास्ते को block करेंगे...... Block तो करेंगे ही... साथ ही जो जहाज बेचारे जैसे तैसे निकलेंगे.. उन पर हमला भी करेंगे.
इससे बड़ी बेवकूफी, जाहिलियत मैंने तो अपनी जिंदगी में नहीं देखी.
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