जून से 30 जून तक देशभर में चलेगा "खेत बचाओ अभियान"
एक जून से शुरू हो रहे महीनेभर चलने वाले “खेत बचाओ अभियान” को प्रभावी और परिणामकारी बनाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री ChouhanShivraj ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का फोकस खेत को बचाने, लागत को संतुलित करने और किसान को सही समय पर सही मार्गदर्शन देने पर होना चाहिए
उन्होंने कहा कि यह अभियान ऊपर से नीचे तक नहीं, बल्कि पंचायत से लेकर राज्य और केंद्र तक साझी भागीदारी के मॉडल पर चलेगा
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने सबसे महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में इस बात पर बल दिया कि रासायनिक उर्वरकों, विशेषकर असंतुलित उपयोग को कम करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य होगा
किसानों को मृदा परीक्षण आधारित, संतुलित और सही मात्रा में खाद तथा अन्य कृषि इनपुट के उपयोग के बारे में जागरूक करने, हरी खाद, जैविक और जैव-उत्पादों के उपयोग को बढ़ाने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) के प्रदर्शन आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है
एक जून से शुरू हो रहे महीनेभर चलने वाले “खेत बचाओ अभियान” को प्रभावी और परिणामकारी बनाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री ChouhanShivraj ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का फोकस खेत को बचाने, लागत को संतुलित करने और किसान को सही समय पर सही मार्गदर्शन देने पर होना चाहिए
उन्होंने कहा कि यह अभियान ऊपर से नीचे तक नहीं, बल्कि पंचायत से लेकर राज्य और केंद्र तक साझी भागीदारी के मॉडल पर चलेगा
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने सबसे महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में इस बात पर बल दिया कि रासायनिक उर्वरकों, विशेषकर असंतुलित उपयोग को कम करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य होगा
किसानों को मृदा परीक्षण आधारित, संतुलित और सही मात्रा में खाद तथा अन्य कृषि इनपुट के उपयोग के बारे में जागरूक करने, हरी खाद, जैविक और जैव-उत्पादों के उपयोग को बढ़ाने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) के प्रदर्शन आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है
💠आईआईएमसी ने भारतीय मीडिया में एआई क्षमताओं को विकसित करने के लिए मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में एआई अकादमी का शुभारंभ किया
💠सूचना एवं प्रसारण सचिव ने कहा- एआई गति और रचनात्मकता को बढ़ा सकता है, लेकिन एआई युग में मानवीय निर्णय, सटीकता और संपादकीय जिम्मेदारी केंद्रीय भूमिका निभाती रहनी चाहिए
💠दीक्षांत समारोह 23 शहरों के 110 से अधिक समाचार कक्षों और मीडिया पेशेवरों के लिए एआई कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन का प्रतीक
💠सूचना एवं प्रसारण सचिव ने कहा- एआई गति और रचनात्मकता को बढ़ा सकता है, लेकिन एआई युग में मानवीय निर्णय, सटीकता और संपादकीय जिम्मेदारी केंद्रीय भूमिका निभाती रहनी चाहिए
💠दीक्षांत समारोह 23 शहरों के 110 से अधिक समाचार कक्षों और मीडिया पेशेवरों के लिए एआई कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन का प्रतीक
विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026
(#WorldNoTobaccoDay)
Theme: "Unmasking the appeal – countering nicotine and tobacco addiction."
इस दिवस को मनाने की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा साल 1987 में की गई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान और जानलेवा बीमारियों के प्रति जागरूक करना है।
तंबाकू के कारण कैंसर, फेफड़ों की बीमारी, दिल का दौरा और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं।
हर साल वैश्विक स्तर पर लाखों लोग तंबाकू और धूम्रपान के दुष्प्रभावों के कारण अपनी जान गंवाते हैं।
'विश्व तंबाकू निषेध दिवस' हमें याद दिलाता है कि एक स्वस्थ, तंबाकू-मुक्त जीवन चुनकर ही हम अपने और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित रख सकते हैं।
(#WorldNoTobaccoDay)
Theme: "Unmasking the appeal – countering nicotine and tobacco addiction."
इस दिवस को मनाने की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा साल 1987 में की गई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान और जानलेवा बीमारियों के प्रति जागरूक करना है।
तंबाकू के कारण कैंसर, फेफड़ों की बीमारी, दिल का दौरा और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं।
हर साल वैश्विक स्तर पर लाखों लोग तंबाकू और धूम्रपान के दुष्प्रभावों के कारण अपनी जान गंवाते हैं।
'विश्व तंबाकू निषेध दिवस' हमें याद दिलाता है कि एक स्वस्थ, तंबाकू-मुक्त जीवन चुनकर ही हम अपने और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित रख सकते हैं।
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम ने 31 मई 2026 को भारतीय नौसेना के 27वें नौसेना प्रमुख के रूप में कार्यभार ग्रहण किया ।
उन्होंने एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, पीवीएसएम, एवीएसएम, एनएम का स्थान लिया, जो 41 वर्षों की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।
उन्होंने एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, पीवीएसएम, एवीएसएम, एनएम का स्थान लिया, जो 41 वर्षों की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।
डेयरी सेक्टर की रीढ़ और देश को पोषण देने वाली हमारी महिला किसानों को नमन!
इस बार 1 जून को मनाया जाने वाला विश्व दुग्ध दिवस, 'महिला किसानों का सम्मान' थीम पर आधारित है। संयुक्त राष्ट्र के FAO द्वारा 2001 में शुरू हुआ यह सफर आज भारत को दुनिया का लगभग एक-चौथाई दूध उत्पादक बना चुका है, जिसमें गुजरात शीर्ष पर है।
विश्व दुग्ध दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!
इस बार 1 जून को मनाया जाने वाला विश्व दुग्ध दिवस, 'महिला किसानों का सम्मान' थीम पर आधारित है। संयुक्त राष्ट्र के FAO द्वारा 2001 में शुरू हुआ यह सफर आज भारत को दुनिया का लगभग एक-चौथाई दूध उत्पादक बना चुका है, जिसमें गुजरात शीर्ष पर है।
विश्व दुग्ध दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!
महान स्वतंत्रता सेनानी, भारत के छठे राष्ट्रपति डॉ. नीलम संजीव रेड्डी बहुत कम उम्र में गांधीजी के विचारों से प्रभावित होकर देश की आज़ादी की लड़ाई में कूद पड़े थे। उन्होंने 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान जेल की सज़ा भी काटी। भाषा के आधार पर जब 1956 में आंध्र प्रदेश राज्य का गठन हुआ, तो नीलम संजीव रेड्डी को वहाँ का पहला मुख्यमंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ।
वह दो बार लोकसभा के स्पीकर चुने गए।
वे 25 जुलाई 1977 को भारत के छठे राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए और उन्होंने 1982 तक इस पद को सुशोभित किया।
पुण्यतिथि पर सादर नमन
वह दो बार लोकसभा के स्पीकर चुने गए।
वे 25 जुलाई 1977 को भारत के छठे राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए और उन्होंने 1982 तक इस पद को सुशोभित किया।
पुण्यतिथि पर सादर नमन
बहुपक्षीय अभ्यास प्रगति 2026
1. आयोजन और स्थान: बहुपक्षीय अभ्यास 'प्रगति 2026' का पहला संस्करण मेघालय के उमरोई सैन्य स्टेशन में 72 घंटे के गहन परीक्षण अभ्यास के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
2. प्रगति (PRAGATI) का पूर्ण नाम: हिंद महासागर क्षेत्र में विकास और परिवर्तन के लिए क्षेत्रीय सेनाओं की साझेदारी (Partnership of Regional Armies for Growth and Transformation in the Indian Ocean Region)।
3. प्रतिभागी देश: इस अभ्यास में भारत के साथ कुल 13 मित्र देशों ने भाग लिया, जिनमें भूटान, कंबोडिया, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका, वियतनाम, इंडोनेशिया और लाओस शामिल हैं।
4. सैन्य उपस्थिति: इस कार्यक्रम में इन देशों के 400 से अधिक सैनिक, 13 मित्र देशों के छह उप प्रमुख और 40 से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हुए। भारतीय सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने सभी गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी की।
5. मुख्य उद्देश्य: इस अभ्यास का प्राथमिक लक्ष्य अर्ध-पहाड़ी और जंगली इलाकों में आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए संयुक्त कौशल विकसित करना, आपसी विश्वास बढ़ाना और सैन्य अंतर-संचालनीयता को मजबूत करना था।
6. स्वदेशी रक्षा प्रदर्शनी: अभ्यास के दौरान भारतीय सेना ने फिक्की (FICCI) के सहयोग से स्वदेशी रक्षा उपकरणों की एक प्रदर्शनी भी लगाई। इसका उद्देश्य 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत भारत की रक्षा निर्माण क्षमताओं और डिजाइन को प्रदर्शित करना तथा रक्षा निर्यात को बढ़ावा देना था।
7. द्विपक्षीय बैठकें: समापन के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने भागीदार देशों के प्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक द्विपक्षीय बैठकें कीं ताकि क्षेत्रीय सैन्य संबंधों को और अधिक मजबूत किया जा सके
1. आयोजन और स्थान: बहुपक्षीय अभ्यास 'प्रगति 2026' का पहला संस्करण मेघालय के उमरोई सैन्य स्टेशन में 72 घंटे के गहन परीक्षण अभ्यास के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
2. प्रगति (PRAGATI) का पूर्ण नाम: हिंद महासागर क्षेत्र में विकास और परिवर्तन के लिए क्षेत्रीय सेनाओं की साझेदारी (Partnership of Regional Armies for Growth and Transformation in the Indian Ocean Region)।
3. प्रतिभागी देश: इस अभ्यास में भारत के साथ कुल 13 मित्र देशों ने भाग लिया, जिनमें भूटान, कंबोडिया, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका, वियतनाम, इंडोनेशिया और लाओस शामिल हैं।
4. सैन्य उपस्थिति: इस कार्यक्रम में इन देशों के 400 से अधिक सैनिक, 13 मित्र देशों के छह उप प्रमुख और 40 से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हुए। भारतीय सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने सभी गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी की।
5. मुख्य उद्देश्य: इस अभ्यास का प्राथमिक लक्ष्य अर्ध-पहाड़ी और जंगली इलाकों में आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए संयुक्त कौशल विकसित करना, आपसी विश्वास बढ़ाना और सैन्य अंतर-संचालनीयता को मजबूत करना था।
6. स्वदेशी रक्षा प्रदर्शनी: अभ्यास के दौरान भारतीय सेना ने फिक्की (FICCI) के सहयोग से स्वदेशी रक्षा उपकरणों की एक प्रदर्शनी भी लगाई। इसका उद्देश्य 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत भारत की रक्षा निर्माण क्षमताओं और डिजाइन को प्रदर्शित करना तथा रक्षा निर्यात को बढ़ावा देना था।
7. द्विपक्षीय बैठकें: समापन के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने भागीदार देशों के प्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक द्विपक्षीय बैठकें कीं ताकि क्षेत्रीय सैन्य संबंधों को और अधिक मजबूत किया जा सके
राष्ट्रीय खरीफ कॉन्फ्रेंस 2026
1. ऐतिहासिक बैठक और स्थान: देश के इतिहास में पहली बार 22 राज्यों के कृषि मंत्री एक साथ एक मंच पर जुटे। यह दो दिवसीय राष्ट्रीय खरीफ कॉन्फ्रेंस 28 और 29 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित कृषि अनुसंधान के प्रमुख केंद्र 'पूसा' परिसर में आयोजित की गई।
2. मुख्य नेतृत्व: इस सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की। उनकी पहल पर कृषि आत्मनिर्भरता का रोडमैप तैयार किया गया है।
3. खेत बचाओ अभियान: श्री शिवराज सिंह चौहान ने पूसा सम्मेलन में 'धरती बचाओ, देश बचाओ' के नारे के साथ राष्ट्रीय 'खेत बचाओ अभियान' का आगाज़ किया। इसका उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना है।
4. प्राकृतिक खेती का संकल्प: कॉन्फ्रेंस की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि मंत्रियों ने केवल नीतिगत चर्चा ही नहीं की, बल्कि श्री शिवराज सिंह की अपील पर राज्यों के कृषि मंत्रियों ने अपने निजी खेतों में भी प्राकृतिक खेती के प्रयोग का संकल्प लिया, ताकि वे किसानों के सामने उदाहरण पेश कर सकें।
5. मुख्य चर्चा के विषय: बैठक में खरीफ फसलों की तैयारी, दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भरता, उर्वरकों का संतुलित उपयोग, प्राकृतिक खेती और किसानों की आय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर गहन मंथन हुआ।
6. कृषि परिवर्तन का खाका: केंद्र, राज्य और वैज्ञानिकों ने एक साथ मिलकर खरीफ सीजन से पहले कृषि परिवर्तन का एक राष्ट्रीय खाका तैयार किया है। इसका मुख्य विजन 'बड़ा पद नहीं, बड़ा संकल्प चाहिए' रखा गया है।
1. ऐतिहासिक बैठक और स्थान: देश के इतिहास में पहली बार 22 राज्यों के कृषि मंत्री एक साथ एक मंच पर जुटे। यह दो दिवसीय राष्ट्रीय खरीफ कॉन्फ्रेंस 28 और 29 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित कृषि अनुसंधान के प्रमुख केंद्र 'पूसा' परिसर में आयोजित की गई।
2. मुख्य नेतृत्व: इस सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की। उनकी पहल पर कृषि आत्मनिर्भरता का रोडमैप तैयार किया गया है।
3. खेत बचाओ अभियान: श्री शिवराज सिंह चौहान ने पूसा सम्मेलन में 'धरती बचाओ, देश बचाओ' के नारे के साथ राष्ट्रीय 'खेत बचाओ अभियान' का आगाज़ किया। इसका उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना है।
4. प्राकृतिक खेती का संकल्प: कॉन्फ्रेंस की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि मंत्रियों ने केवल नीतिगत चर्चा ही नहीं की, बल्कि श्री शिवराज सिंह की अपील पर राज्यों के कृषि मंत्रियों ने अपने निजी खेतों में भी प्राकृतिक खेती के प्रयोग का संकल्प लिया, ताकि वे किसानों के सामने उदाहरण पेश कर सकें।
5. मुख्य चर्चा के विषय: बैठक में खरीफ फसलों की तैयारी, दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भरता, उर्वरकों का संतुलित उपयोग, प्राकृतिक खेती और किसानों की आय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर गहन मंथन हुआ।
6. कृषि परिवर्तन का खाका: केंद्र, राज्य और वैज्ञानिकों ने एक साथ मिलकर खरीफ सीजन से पहले कृषि परिवर्तन का एक राष्ट्रीय खाका तैयार किया है। इसका मुख्य विजन 'बड़ा पद नहीं, बड़ा संकल्प चाहिए' रखा गया है।
भारत, 11 जून से नई दिल्ली में दो दिन के 13वें ब्रिक्स शहरीकरण मंच की मेजबानी करेगा। शहरीकरण मंच का विषय 'जनता के लिए शहर : समावेशी और लचीले शहरी भविष्य के लिए ब्रिक्स सहयोग' होगा।
आवास और शहरी मामलों के मंत्री mlkhattar ने कहा कि यह भारत के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है जो शहरों की योजना, शासन और विकास में जनता को महत्व देता है।
इस वर्ष 13वें ब्रिक्स शहरीकरण मंच के साथ, भारत चौथी बार इसकी मेजबानी कर रहा
आवास और शहरी मामलों के मंत्री mlkhattar ने कहा कि यह भारत के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है जो शहरों की योजना, शासन और विकास में जनता को महत्व देता है।
इस वर्ष 13वें ब्रिक्स शहरीकरण मंच के साथ, भारत चौथी बार इसकी मेजबानी कर रहा
✴️भारत और ऑस्ट्रेलिया भावी प्रौद्योगिकी अनुसंधान में रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देंगे।
✴️मलेशिया 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों में शामिल हुआ।
✴️मलेशिया 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों में शामिल हुआ।
पीएम स्वनिधि की मुख्य उपलब्धियाँ
(PM SVANidhi: Prime Minister Street Vendor's AtmaNirbhar Nidhi)
1 करोड़ पांच लाख से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए।
योजना के अंतर्गत ₹17,800 करोड़ से अधिक वितरित किए गए।
34 लाख 81 हज़ार महिला रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाया गया।
स्वनिधि से समृद्धि के अंतर्गत 50 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर परिवारों की सामाजिक-आर्थिक प्रोफ़ाइल तैयार की गई।
केंद्र सरकार की आठ कल्याणकारी योजनाओं केअंतर्गत 1 करोड़ 52 लाख से अधिक कल्याणकारी योजनाओं की स्वीकृति में सहायता की गई।
(PM SVANidhi: Prime Minister Street Vendor's AtmaNirbhar Nidhi)
1 करोड़ पांच लाख से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए।
योजना के अंतर्गत ₹17,800 करोड़ से अधिक वितरित किए गए।
34 लाख 81 हज़ार महिला रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाया गया।
स्वनिधि से समृद्धि के अंतर्गत 50 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर परिवारों की सामाजिक-आर्थिक प्रोफ़ाइल तैयार की गई।
केंद्र सरकार की आठ कल्याणकारी योजनाओं केअंतर्गत 1 करोड़ 52 लाख से अधिक कल्याणकारी योजनाओं की स्वीकृति में सहायता की गई।
22वीं एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत की सफलता
1. मुख्य उपलब्धि: भारतीय टीम ने 22वीं एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक जीते हैं
2. स्वर्ण पदकों की संख्या: इन 19 पदकों में 10 स्वर्ण पदक (Gold Medals) शामिल हैं
3. प्रधानमंत्री की बधाई: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस शानदार उपलब्धि पर भारतीय टीम को हार्दिक बधाई दी है
1. मुख्य उपलब्धि: भारतीय टीम ने 22वीं एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक जीते हैं
2. स्वर्ण पदकों की संख्या: इन 19 पदकों में 10 स्वर्ण पदक (Gold Medals) शामिल हैं
3. प्रधानमंत्री की बधाई: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस शानदार उपलब्धि पर भारतीय टीम को हार्दिक बधाई दी है
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ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (CWG) की दूसरी बैठक
1. आयोजन और स्थान: भारत 4-5 जून, 2026 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (CWG) की दूसरी बैठक की मेजबानी करेगा।
2. घोषणा: इस बैठक की घोषणा संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की।
3. तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्र: इस बैठक के लिए तीन मुख्य प्राथमिकता क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं:
- रचनात्मक अर्थव्यवस्था एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
- विरासत संरक्षण
- संस्कृति एवं सतत विकास
4. ब्रिक्स 2026 का विषय (Theme): यह दो-दिवसीय बैठक भारत के ब्रिक्स 2026 के मुख्य विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण" के अनुरूप आयोजित की जाएगी।
5. उद्देश्य: इस बैठक का लक्ष्य सांस्कृतिक सहयोग पर व्यवस्थित बहुपक्षीय संवाद को बढ़ावा देना और मित्र देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है।
6. मुख्य उपस्थिति: प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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1. आयोजन और स्थान: भारत 4-5 जून, 2026 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (CWG) की दूसरी बैठक की मेजबानी करेगा।
2. घोषणा: इस बैठक की घोषणा संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की।
3. तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्र: इस बैठक के लिए तीन मुख्य प्राथमिकता क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं:
- रचनात्मक अर्थव्यवस्था एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
- विरासत संरक्षण
- संस्कृति एवं सतत विकास
4. ब्रिक्स 2026 का विषय (Theme): यह दो-दिवसीय बैठक भारत के ब्रिक्स 2026 के मुख्य विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण" के अनुरूप आयोजित की जाएगी।
5. उद्देश्य: इस बैठक का लक्ष्य सांस्कृतिक सहयोग पर व्यवस्थित बहुपक्षीय संवाद को बढ़ावा देना और मित्र देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है।
6. मुख्य उपस्थिति: प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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बायोपीएसएफ (BioPSF) 2026 संगोष्ठी-सह-कार्यशाला
1. आयोजन: रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत स्वायत्त संस्थान, कीटनाशक सूत्रीकरण प्रौद्योगिकी संस्थान (IPFT), गुरुग्राम ने 'बायोपीएसएफ 2026' का आयोजन किया।
2. स्थान और अवसर: यह दो दिवसीय संगोष्ठी आईपीएफटी के 36वें स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (NASC), नई दिल्ली में आयोजित की गई।
3. मुख्य विषय (Theme): बायोपीएसएफ 2026 का विषय "फसल सुरक्षा, पोषण और मृदा स्वास्थ्य के लिए स्मार्ट और दीर्घकालिक कार्यनीतियां" रखा गया है।
4. फोकस क्षेत्र: इस कार्यक्रम का केंद्र बिंदु अगली पीढ़ी के बायो-इनपुट जैसे बायो-आधारित कीटनाशक, शक्ति वर्धक (स्टिमुलेंट) और उर्वरक हैं।
5. उद्देश्य: इसका लक्ष्य जैव-आधारित कृषि इनपुट के विकास, विनियमन और व्यवसायीकरण को बढ़ावा देना है ताकि पर्यावरण पर रसायनों के प्रभाव को कम किया जा सके और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूती मिले।
1. आयोजन: रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत स्वायत्त संस्थान, कीटनाशक सूत्रीकरण प्रौद्योगिकी संस्थान (IPFT), गुरुग्राम ने 'बायोपीएसएफ 2026' का आयोजन किया।
2. स्थान और अवसर: यह दो दिवसीय संगोष्ठी आईपीएफटी के 36वें स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (NASC), नई दिल्ली में आयोजित की गई।
3. मुख्य विषय (Theme): बायोपीएसएफ 2026 का विषय "फसल सुरक्षा, पोषण और मृदा स्वास्थ्य के लिए स्मार्ट और दीर्घकालिक कार्यनीतियां" रखा गया है।
4. फोकस क्षेत्र: इस कार्यक्रम का केंद्र बिंदु अगली पीढ़ी के बायो-इनपुट जैसे बायो-आधारित कीटनाशक, शक्ति वर्धक (स्टिमुलेंट) और उर्वरक हैं।
5. उद्देश्य: इसका लक्ष्य जैव-आधारित कृषि इनपुट के विकास, विनियमन और व्यवसायीकरण को बढ़ावा देना है ताकि पर्यावरण पर रसायनों के प्रभाव को कम किया जा सके और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूती मिले।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारतीय वायु सेना ने अत्याधुनिक रुद्र एम-II वायु-से-सतह मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने स्वदेशी रुद्र एम-II वायु-से-सतह मिसाइल का हवाई प्लेटफॉर्म से सफल उड़ान परीक्षण किया। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों और महत्वपूर्ण प्रक्षेप पथ पर किए गए इन परीक्षणों ने मिसाइल की सटीकता, विश्वसनीयता तथा इसकी सभी प्रमुख उपप्रणालियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रमाणित किया।
प्रक्षेपित की गईं सभी मिसाइलों ने पूर्वनिर्धारित लक्ष्यों पर अत्यंत सटीकता के साथ प्रहार किया। चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) द्वारा तैनात उन्नत ट्रैकिंग एवं रेंज उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों ने पुष्टि हुई कि परीक्षण के सभी निर्धारित उद्देश्य सफलतापूर्वक और पूर्ण रूप से हासिल कर लिए गए।
रुद्रम-II को स्वदेशी रूप से हैदराबाद स्थित इमारत अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जो डीआरडीओ की नोडल प्रयोगशाला है। इसने रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, शस्त्र अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान और आईटीआर जैसी अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं के सहयोग से यह कार्य किया है। विकास सह उत्पादन साझेदारों (डीसीपीपी) के साथ-साथ, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, क्षेत्रीय सैन्य विमानन योग्यता केंद्र, मिसाइल प्रणाली गुणवत्ता आश्वासन एजेंसी और कई अन्य उद्योगों ने भी इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रुद्रम-II के सफल परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योग जगत के सभी सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन परीक्षणों ने भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती परिपक्वता, विश्वसनीयता और क्षमता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्नत हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगी और हमारी रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने स्वदेशी रुद्र एम-II वायु-से-सतह मिसाइल का हवाई प्लेटफॉर्म से सफल उड़ान परीक्षण किया। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों और महत्वपूर्ण प्रक्षेप पथ पर किए गए इन परीक्षणों ने मिसाइल की सटीकता, विश्वसनीयता तथा इसकी सभी प्रमुख उपप्रणालियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रमाणित किया।
प्रक्षेपित की गईं सभी मिसाइलों ने पूर्वनिर्धारित लक्ष्यों पर अत्यंत सटीकता के साथ प्रहार किया। चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) द्वारा तैनात उन्नत ट्रैकिंग एवं रेंज उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों ने पुष्टि हुई कि परीक्षण के सभी निर्धारित उद्देश्य सफलतापूर्वक और पूर्ण रूप से हासिल कर लिए गए।
रुद्रम-II को स्वदेशी रूप से हैदराबाद स्थित इमारत अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जो डीआरडीओ की नोडल प्रयोगशाला है। इसने रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, शस्त्र अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान और आईटीआर जैसी अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं के सहयोग से यह कार्य किया है। विकास सह उत्पादन साझेदारों (डीसीपीपी) के साथ-साथ, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, क्षेत्रीय सैन्य विमानन योग्यता केंद्र, मिसाइल प्रणाली गुणवत्ता आश्वासन एजेंसी और कई अन्य उद्योगों ने भी इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रुद्रम-II के सफल परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योग जगत के सभी सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन परीक्षणों ने भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती परिपक्वता, विश्वसनीयता और क्षमता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्नत हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगी और हमारी रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मिशन "सेनेहजोरी" असम मूगा सिल्क यूएसपी
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री (एमडीओएनईआर) श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने असम के माननीय मुख्यमंत्री के साथ मिलकर मिशन "सेनेहजोरी" असम मूगा सिल्क यूएसपी का शुभारंभ किया। यह एक व्यापक क्लस्टर-आधारित पहल है। इसका उद्देश्य असम के अद्वितीय मूगा रेशम क्षेत्र को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी, उच्च मूल्य वाले लक्जरी वस्त्र इकोसिस्टम में परिवर्तित करना है।
मुगा रेशम को दुनिया का एकमात्र प्राकृतिक रूप से सुनहरा रेशम और भारत का पहला जीआई-टैग प्राप्त रेशम माना जाता है। यह असम में लगभग 2.6 लाख रेशम पालकों और बुनकरों के परिवारों को आजीविका प्रदान करता है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री (एमडीओएनईआर) श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने असम के माननीय मुख्यमंत्री के साथ मिलकर मिशन "सेनेहजोरी" असम मूगा सिल्क यूएसपी का शुभारंभ किया। यह एक व्यापक क्लस्टर-आधारित पहल है। इसका उद्देश्य असम के अद्वितीय मूगा रेशम क्षेत्र को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी, उच्च मूल्य वाले लक्जरी वस्त्र इकोसिस्टम में परिवर्तित करना है।
मुगा रेशम को दुनिया का एकमात्र प्राकृतिक रूप से सुनहरा रेशम और भारत का पहला जीआई-टैग प्राप्त रेशम माना जाता है। यह असम में लगभग 2.6 लाख रेशम पालकों और बुनकरों के परिवारों को आजीविका प्रदान करता है।