Electrical engineering student
17 subscribers
9 photos
3 files
3 links
ITI THEORY
Download Telegram
Q-1. बिजली का करंट कब झटका देता है और कब चिपका देता है?
Ans.-
प्रश्न पूछने के लिए धन्‍यवाद| मैं इसका सीधी भाषा में उत्तर देना चाहूंगा क्यूँकि बहुत से महानुभाव तकनीकी के क्षेत्र से नहीं आते होंगे मेरा ऎसा मानना है| सामान्य रूप से आपने अक्सर घर या कार्य क्षेत्र में कभी न कभी किसी विद्युत यंत्र या फिर विद्युत आपूर्ति तार या किसी ऎसी वस्तु को छुआ होगा और तुरंत ही आपने पाया होगा कि आप उससे छूट गए हैं| उसके बाद आपने शायद भगवान का धन्यवाद दिया होगा, परंतु भगवान से जरूरी बात आप सिर्फ इसीलिये छूट गए क्यूँकि वह प्रत्यवर्ती धारा थी ना कि दिष्ट धारा|
अब आप सोच रहे होंगे कि प्रत्यवर्ती धारा तथा दिष्ट धारा क्या होती है| चलिये आपको आसान भाषा में समझाता हूँ|
प्रत्यवर्ती धारा (ए. सी, अल्टरनेटिंग करंट) : घरों में आने वाली आपूर्ति प्रत्यवर्ती धारा होती है| जिससे आप अपने पंखे, रेफ्रिजरेटर, कूलर, टेलीविजन इत्यादि चलाते हैं|अब जैसे कि नाम से ही ज्ञात हो रहा है, अल्टरनेटिंग मतलब कुछ बदलाव, जी हाँ घर में आने वाली प्रत्यवर्ती धारा एक चक्र के रूप में चलती है जिसे आप कुछ यूं समझ सकते हैं|



जैसा की आप ऊपर दिए गए चित्र में देख सकते हैं कि कुछ चक्र आपको दिखाई पड़ रहे होंगे, यह प्रत्यवर्ती धारा द्वारा बनाया गया ग्राफ़ है, इसका एक अर्ध चक्र अधिकतम धनात्मक जाने के पश्चात् शून्य की ओर बढ़ता है, बस यही वह समय है जब आप अपने शरीर को झटके के साथ हटा लेते हो|इसके बाद पुनः यह चक्र अपने ऋणात्मक मान को प्राप्त करने के लिए जाता है, फिर पुनः यह शून्य की ओर बढ़ जाता है| इस प्रकार निरंतर यह चक्र चलता रहता है|धनात्मक, फिर ऋणात्मक |इसीलिए इसे प्रत्यवर्ती धारा कहते हैं, क्यूँकि इसका चक्र इसी प्रकार चलता रहता है बदल बदल कर|
दूसरे प्रकार की धारा होती है दिष्ट धारा|
दिष्ट धारा(डी. सी, डाइरेक्ट करंट) : इस प्रकार की धारा के सम्पर्क में आने के बाद आप यकीन मानिए कभी छूट नहीं पाएंगे, क्यूँकि इस प्रकार की धारा में कोई चक्र नहीं होता जो किसी भी बिंदु पर शून्य हो जाए, बस एक निरंतर सीधी रेखा होती है, जिसमें यदि आप चिपक गए तो छूटना नामुमकिन है|
इसे कुछ इस प्रकार से समझा जा सकता है|



जैसा की आप ऊपर दिए गए चित्र में देख सकते हैं, चलने वाली धारा एकदम सीधी रेखा में चल रही है कोई भी बदलाव नहीं है, यही दिष्ट धारा (डी. सी) धारा है| इसका वास्तविक मान प्रत्यवर्ती धारा के अपेक्षा कम से कम ३०० गुना अधिक होता है, जबकि इसका वास्तविक दिखने वाला मान आपको ५०-८० भी दिख सकता है, यदि आपको अगली बार कोई रेटिंग्‍स ५०-१०० वोल्ट्‍स (डी. सी) देखने को मिले तो इसे डी. सी जानकर हल्के में ना लें, यह आपको अपने साथ चिपकाने के लिए पर्याप्त है|.......
Q.2.रेलवे इंजन एक ही तार से बिजली लेकर कैसे चलता है, जबकि घर के उपकरणों को चलाने के लिए बिजली के दो तार लगाए जाते हैं ?
Ans-
Q-4.ट्रांसफार्मर की रेटिंग KVA में क्यों होती है KW में क्यों  नहीं होती?
Ans-
: केवीए का मतलब वोल्टेज होता है,के डब्ल्यू का मतलब पावर होता है शक्ति कहते हैं | और ट्रांसफार्मर हमेशा वोल्टेज निर्धारित करता है

ट्रांसफार्मर एक ऐसी डिवाइस है जिसका इस्तेमाल वोल्टेज और करंट को कम या ज्यादा करने के लिए किया जाता है. इसलिए इसका इस्तेमाल हर जगह किया जाता है छोटे से छोटे उपकरण और बड़े पावर स्टेशन में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. ट्रांसफार्मर की रेटिंग KVA क्यों होती है.और KW में क्यों नहीं. जाने से पहले आपको पता होना चाहिए कि KVA और KW क्या होता है.

असल में ट्रांसफार्मर की पावर रेटिंग VA में बताई जाती है. इसमें K को किलो के लिए लगाया जाता है. जैसे कि किसी वस्तु का भार ग्राम में बताया जाता है. लेकिन अगर वह वस्तु 1 किलो से ज्यादा भारी हो तो उसे किलोग्राम में बताया जाता है. इसी प्रकार ट्रांसफार्मर की रेटिंग को VA में बताया जाता है.

VA = Voltage X Current (Ampere)
W = Voltage X Current (Ampere) X Cos Θ (Power Factor)

Watt में Power Factor) आता है जोकि निर्भर करता है ट्रांसफार्मर से जुड़े Load के ऊपर.जैसा लोड होगा वैसा ही पावर फैक्टर होगा.
लोड तीन प्रकार के होते हैं

Resistive (Unity Power Factor)

Inductive (Lagging Power Factor)

Capacitive (Leading Power Factor)

जब किसी कंपनी द्वारा ट्रांसफार्मर को बनाया जाता है तो उन्हें नहीं पता होता कि इस ट्रांसफार्मर पर किस प्रकार का लोड लगाया जाएगा .क्योंकि ऊपर बताए गए सभी लोड का पावर फैक्टर अलग-अलग होता है. उन्हें सिर्फ ट्रांसफार्मर की आउटपुट वोल्टेज और करंट का पता होता है. इसीलिए ट्रांसफार्मर की पावर रेटिंग VA में बताई जाती है.
इसके अलावा एक और भी कारण होता है. आपको पता ही होगा कि ट्रांसफार्मर में दो प्रकार के Losses होते हैं.
1.Iron Loss (Core Loss) – यह लो ट्रांसफार्मर की कोर के अंदर होता है. यह यह Loss ट्रांसफार्मर में से Follow होने वाली वोल्टेज पर निर्भर करता है. लेकिन ट्रांसफार्मर का इनपुट और आउटपुट वोल्टेज Fix होता है इसीलिए इसमें Core Loss भी Fix होता है.
2. Copper Loss – जो कॉपर लॉस होता है वह ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग में होता है. ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग में से जो करंट Follow होता है.उस करंट की वजह से Heat बनती है. उस Heat को ही हम कोपर लॉस बोलते हैं.तो जो यह कोपर लॉस है वह पूरी तरह करेंट पर निर्भर करता है.
तो जो ट्रांसफार्मर के दोनों Loss हैं वह Volatge और करंट पर निर्भर करते हैं . इसीलिए ट्रांसफार्मर का रेटिंग VA में होता है.
Q.1 निम्न में से उपयोग के आधार पर विभेदी युक्ति है-
Anonymous Quiz
69%
टांग वाइस leg vice
0%
पिक -अप सडासी
31%
निहाई Anvil
0%
चौरस सडासी
1. ट्रांसफार्मर किस सिद्धांत पर कार्य करता है -

A :- अन्योन्य प्रेरण
B :- स्वप्रेरण
C :- ओम के नियम
D :- फ्लेमिंग के नियम



2. ट्रांसफार्मर में जिस वाइंडिंग को इनपुट स्त्रोत से संयोजित किया जाता है वह कहलाती है -

A :- प्राइमरी वाइंडिंग
B :- सेकेंडरी वाइंडिंग
C :- फील्ड वाइंडिंग
D :- कोर वाइंडिंग


3. ट्रांसफार्मर कौन सी विद्युत धारा पर कार्य करता है -

A :- प्रत्यावर्ती धारा
B :- दिष्टधारा
C :- दोनों
D :- इनमे से कोई नही



4. ट्रांसफार्मर की दक्षता -

A :- 70% से 78%
B :- 50%
C :- 50% से 80%
D :- 90% से 98%



5. ट्रांसफॉर्मर की क्रोड बनी होती है -

A :- लोहे की
B :- एल्युमिनियम की
C :- सिलिकॉन स्टील की
D :- चुम्बक की



6. जो ट्रांसफार्मर इनपुट वोल्टेज को घटाकर कम आउटपुट वोल्टेज प्रदान करता है, वह कहलाता है -

A :- उच्चायक
B :- अपचायक
C :- दोनों
D :- इनमे से कोई नही



7. निम्न में कौनसा ट्रांसफॉर्मर का भाग नही है -

A :- ब्रीदर
B :- कंजर्वेटर
C :- आर्मेचर
D :- क्रोड


8. ट्रांसफार्मर की दक्षता का सूत्र -

A :- इनपुट/आउटपुट × 100
B:- आउटपुट/इनपुट × 100
C :- आउटपुट/इनपुट +100
D :- इनपुट/आउटपुट × 70



9. ट्रांसफॉर्मर में भंवर धारा हानि रोकने का उपाय -

A :- लेमिनेटेड कोर
B :- लोह कोरे
C :- ऑटो वाइंडिंग
D :- ये सभी



10. किस प्रकार के संयोजन में न्यूट्रल पॉइंट की जरुरत नही होती -

A :- स्टार
B :- ऑटो
C :- प्राइमरी
D :- डेल्टा


11. सिलिका जैल कहाँ भरा होता है -

A :- ब्रीदर में
B :- कंजर्वेटर में
C :- कोर में
D :- वाइंडिंग में



12. एक वाइंडिंग वाला ट्रांसफॉर्मर -

A :- स्टेप उप ट्रांसफॉर्मर
B :- स्टेप डाउन ट्रांसफॉमर
C :- ऑटो ट्रांसफॉमर
D :- इनमे से कोई नही



13. ट्रांसफार्मर की रेटिंग -

A :- KW
B :- KVA
C :- KA
D :- KM


14. ट्रांसफॉर्मर किस प्रकार की मशीन है -

A :- घूर्णन
B :- चल
C :- स्थैतिक
D :- ये सभी



15 . क्रोड की संरचना के आधार पर ट्रांसफार्मर कितने प्रकार के होते हैं -

A :- 1
B :- 2
C :- 3
D :- 4



16. Stepup ट्रांसफॉर्मर में आउटपुट धारा -

A :- बढ़ती है
B :- घटती है
C :- बराबर होती है
D :- ये सभी



17. यदि प्राइमरी वाइंडिंग में सेकेंडरी वाइंडिंग से अधिक लपेटे हैं तो वह कौनसा ट्रांसफार्मर होगा -

A :- stepup
B :- stepdown
C :- auto
D :- इनमे से कोई नहीं



18. Stepup ट्रांसफॉर्मर में ........ बढ़ता है -

A :- वोल्टेज
B :- धारा
C :- पॉवर
D :- ये सभी



19. कंजरवेटर टैंक में क्या भरा होता है -

A :- सिलिका जैल
B :- हवा
C :- पानी
D :- तेल



20. नमी सोखने के बाद सिलिका जैल का रंग कैसा हो जाता है -

A :- गुलाबी
B:- नीला
C :- काला
D :- हरा
https://youtu.be/DPVjUvbrPlw
प्रेरण मोटर की तुल्यकाल गति
Anonymous Quiz
11%
Ns=pf
58%
Ns=120f/p
26%
Ns=120p/f
5%
Ns=fp/120
चालन (running)के समय प्रेरण मोटर का रोटर परिपथ होता है-
Anonymous Quiz
12%
सैदव खुला
59%
सैदव बंद
24%
कभी खुला कभी बंद
6%
उपरोक्त में से कोई नहीं।
INDUCTION MOTOR QUESTION ANSWER


प्रश्न 1. इंडक्शन मोटरों का नाम इंडक्शन मोटर क्यों पड़ा?


 उत्तर - क्योंकि ये इंडक्शन के सिद्धांत पर काम करता  हैं।


प्रश्न 2. मोटर की स्पीड किन-किन बातों पर निर्भर करती है?

 उत्तर - फ्रीक्वेंसी और पोलों की संख्या पर।


प्रश्न 3. सिंक्रोनस-स्पीड और असली स्पीड (Rated Speed) से आप क्या समझते हैं? कौन सी स्पीड अधिक होती है?

उत्तर - रोटेटिंग मैगनेटिक फील्ड की स्पीड को सिंक्रोनस स्पीड कहते हैं और जिस स्पीड पर रोटर घूमता है वह असली स्पीड कहलाती है। सिंक्रोनस स्पीड अधिक होती है।


प्रश्न 4. स्लिप से आप क्या समझते हैं?

उत्तर – सिंक्रोनस स्पीड और असली स्पीड के अंतर को स्लिप कहते है


प्रश्न 5. जब स्लिप एक हो जाए तो क्या होगा?

 उत्तर - यह अवस्था मोटर स्टार्ट होने की है।


 प्रश्न 6. यदि पोलों की संख्या दुगुनी कर दी जाए तो क्या होगा?

 उत्तर - स्पीड आधी हो जाएगी।


प्रश्न 7. एक 10 H.P. 3 फेज डेल्टा कनेक्टिड मोटर के मेन स्विच पर कितने एम्पियर का फ्यूज लगेगा?

उत्तर – एच.पी. के 3 गुने के बराबर लगता है।


प्रश्न 8. स्टार में एक मोटर डेल्टा में वोल्टेज का कौन सा भाग लेती है?

उत्तर – 58%


प्रश्न 9. स्लिपरिंग मोटर कहाँ-कहाँ काम में लाई जाती है?

 उत्तर - जहाँ अच्छा स्टार्टिंग टार्क चाहिए।


प्रश्न10. अधिक H.P. की मोटर को स्टार्ट करने के लिए स्टार-डेल्टा स्टार्टर क्यों लगाते हैं?

उत्तर - अधिक स्टार्टिंग करंट और लाइन वोल्टेज के Disturbance से बचने के लिए।

-सप्लाई वोल्टता की  गिरावट को रोकने के लिए 


प्रश्न11. ए.सी. मोटरों के लिए स्टार्टरों के नाम तथाजिन H.P.तक लगते हैं नाम बताओ।

उत्तर - 1 डायरेक्ट आन लाइन स्टार्टर 5 H.P. तक।

1.     स्टार डेल्टा स्टार्टर - 15 H.P. तक।

2.     आटो ट्रांसफार्मर स्टार्टर - 25 H.P. तक।

3.      रेजिस्टैंस टाइप स्टार्टर - केवल स्लिपरिंग मोटरों के लिए।


प्रश्न 12. स्टार डेल्टा स्टार्टर शुरू में मोटर को कितना करंट और वोल्टेज भेजता है?


उत्तर – पूरे वोल्टेज का 59% और डाइरेक्ट स्टार्टिंग करंट का 1/3 हिस्सा।
👉 *JVVNL नई भर्ती 2020, योग्यता और पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर ऑफिशल नोटिस जारी*

*https://skresult.com/rajasthan-jvvnl-recruitment-2020/*

☝️ *कनिष्ठ विद्युत निरीक्षक और हेल्पर के पद हेतु योग्यता, सिलेबस और सिलेक्शन प्रोसेस को लेकर नोटिस जारी हुआ*
1540 पद पर बिजली घर मे भर्ती प्रक्रिया शुरू सितंबर अगल सप्ताह में जारी होगी
Forwarded from Rajasthan All Exams
🔰RSMSSB NEW CALENDAR
Ꭻᴏɪɴ ➛
@RAJASTHAN_POLICE_EXAM.....