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TRE 3 वाले साथियों एक बार बोल दिया है आप लोगों को 15 मार्च के पहले खुशखबरी मिल जाएगी
परेशान मत होइए आप लोग।

टेंशन फ्री रहिए
सख्तीः निरीक्षण प्रतिवेदनों में फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर एसीएस का आदेश
*✍️ बिहार में संविदा कर्मियों के स्कूल निरीक्षण पर रोक*
डीईओ, डीपीओ समेत छह अधिकारी ही लेंगे स्कूलों का जायजा
*इन अधिकारियों को निरीक्षण की जिम्मेदारी*
विभाग ने कहा है कि अब जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, अपर जिला कार्यक्रम समन्वयक (बीईपी) और सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (बीईपी) ही विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। ये सभी पदाधिकारी प्रत्येक माह में कम-से-कम 25 विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे। विभाग ने यह भी कहा है कि पदाधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट जांच में गलत पायी गयी तो संबंधित पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग के कार्यालयों में संविदा पर नियुक्त तथा बाहरी स्रोत (आउटसोर्स) से कार्यरत कर्मी अब स्कूलों का निरीक्षण नहीं करेंगे। इन सभी को निरीक्षण कार्य से मुक्त कर दिया गया है। इनके द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा करने के कारण विभाग ने यह फैसला किया है। विभाग ने साफ किया है कि अब स्कूलों के निरीक्षण का कार्य जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) समेत छह अधिकारी ही करेंगे।
इसको लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) डॉ. एस सिद्धार्थ ने गुरुवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि निरीक्षण की गुणवत्ता तथा उपयोगिता बढ़ाने के लिए इसमें बदलाव किया गया है। अपने पत्र में भी उन्होंने इसका जिक्र किया है कि जिला शिक्षा कार्यालयों में संविदा अथवा आउटसोर्स के पदाधिकारियों-कर्मियों से प्राप्त निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा में यह पाया गया कि वे लगभग फर्जी हैं।
स्थानीय जांच में उनकी निरीक्षण रिपोर्ट और स्थल की स्थिति में काफी भिन्नता पायी गयी है। साथ ही उनके द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में भी सचेतता और संवेदनशीलता की कमी पायी गयी है। इसलिए इन सभी को निरीक्षण कार्य से मुक्त किया जाता है। जिलों को साफ किया गया है कि किन विद्यालयों का निरीक्षण किया जाना है, इसका निर्धारण अपर मुख्य सचिव (एसीएस) करेंगे। निरीक्षण के एक दिन पहले रात नौ बजे मोबाईल पर उस विद्यालय की सूचना संबंधित पदाधिकारी को दी जाएगी। निरीक्षण के बाद वह अपनी रिपोर्ट ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
सूचना गोपनीय रखी जाएगीः विभाग ने यह भी कहा है कि संबंधित पदाधिकारी निरीक्षण की सूचना को पूर्ण रूप से गोपनीय रखेंगे। निरीक्षण के दिन विद्यालय के किसी भी शिक्षक अथवा शिक्षा विभाग के किसी भी पदाधिकारी-कर्मी को बिना बताये वे विद्यालय की ओर प्रस्थान करेंगे। सभी निरीक्षण औचक होंगे। यदि किसी कारण, जैसे अस्वस्थता आदि को लेकर पदाधिकारी निरीक्षण नहीं करेंगे तो इसकी तत्काल सूचना वह विभाग के अपर सचिव को देंगे। फिर अगली तिथि और निरीक्षण वाले विद्यालय की जानकारी उन्हें एसीएस कार्यालय से मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पठन-पाठन, शिक्षकों-बच्चों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन और आधारभूत संरचना आदि को देखेंगे।

*जिलों को भेजा गया है फॉर्मेट*
शिक्षा विभाग ने स्कूलों के निरीक्षण को लेकर सभी जिलों को एक फॉरमेट भी जारी किया है। निरीक्षण करने के बाद इसी फॉरमेट में पदाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट देनी है। इसमें हर एक कार्य के लिए अलग-अलग कॉलम बनाया गया है, जिनमें स्कूल से संबंधित जानकारी देनी है।
*👉 9 मार्च को TRE 3 के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलना लगभग तय।*
*👉 सभी जिलों के DEO लगातार कर रहे हैं काम।*
*👉 डाउटफुल वालों को तथा जिनका जिला अलॉट अभी तक नहीं हुआ है उन्हें करना पड़ सकता है थोड़ा इंतजार।*
*👉 CTET 82 का नोटिस जारी न होंने के कारण अभी इन अभ्यर्थियों को करना पड़ेगा इंतजार परंतु घबराने की बात नहीं है पदस्थापन पत्र सबको साथ ही मिलेगा*
*👉 उम्मीद है 9 मार्च को सिर्फ कॉउंसलिंग मे सफल अभ्यर्थियों को बांटा जाएगा नियुक्ति पत्र।*
*👉 नियुक्ति पत्र मिलने के बाद ट्रेनिंग के लिए करना पड़ सकता है थोड़ा इंतजार।*
*👉 9 मार्च को पटना ले गाँधी मैदान से नितीश कुमार कर सकते हैं TRE 4 की घोषणा।*
शिक्षा विभाग
*रिकाउंसिलिंग शेड्यूल जारी न होने से परेशान है अभ्यर्थी, शिक्षा विभाग सो रहा है कुंभकर्णी नींद*

जहां एक तरफ प्रदेश में मुख्यमंत्री बिहार की जनता को राहत पहुंचाने के लिए लाखों की संख्या में रोजगार देकर लोगों का भला करना चाहते हैं वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के मुख्यालय में बैठे आला अधिकारी सरकार की छवि को धूमिल करने में कोई कौर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शिक्षा विभाग में TRE 3 शिक्षक भर्ती को आए लगभग 1 साल से अधिक का समय हो गया है परंतु अभी तक भर्ती पूर्ण नहीं हो पाई है। लाखों की संख्या में चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों को आज भी मानसिक तनाव से गुजरना पड़ रहा है। TRE 3 में चाहे पेपर की बात हो चाहे काउंसिलिंग की बात हो सभी की तारीख को बार बार बदली गई जिससे अभ्यर्थी मानसिक रूप से तनाव में आ गए है। काउंसिलिंग के बाद भी अभी तक जिन अभ्यर्थियों को डाउटफुल की श्रेणी में रखा गया था उनकी काउंसिलिंग का रिशेड्यूल अभी तक जारी नहीं हुआ है। कुछ चयनित अभ्यर्थी को अभी तक जिले का आवंटन भी नहीं हुआ है। जिससे साफ प्रतीत हो रहा है कि आला अधिकारी सरकार की छवि को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

Tre 3 में डाउटफुल वाले अभ्यर्थियों और जिनकी काउंसिलिंग छूटी हुई है अभी तक उनका काउंसिलिंग शेड्यूल जारी न अभ्यर्थी मानसिक तनाव का शिकार हो रहे है लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण शिक्षक अभ्यर्थियों का विश्वास माननीय मुख्यमंत्री जी के ऊपर कमजोर पड़ता जा रहा है। आखिर ये बात शिक्षा विभाग के अधिकारियों को क्यों नहीं समझ आ रही है ये बात समझ के परे है। कहीं ऐसा तो नहीं है कि सरकार की छवि को जानबूझकर धूमिल करने के लिए ऐसा तो नहीं किया जा रहा है ये एक बहुत बड़ा सवाल है। यदि जल्द से जल्द शिक्षा विभाग अभ्यर्थियों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयास नहीं करता है तो ये नाराजगी शिक्षक अभ्यर्थी आने वाले चुनाव में साधने का प्रयास करेंगे।
जिस हिसाब से शिक्षा विभाग द्वारा काउंसिलिंग की डेट निर्धारित की गई है ना

उससे साफ प्रतीत हो रहा है कि भर्ती चुनाव की भेंट चढ़ जाएगी 😡

Re काउंसिलिंग के लिए इतना लंबा समय लेना आखिर करना क्या चाहते है
लगभग 10000 लोगों की काउंसिलिंग के लिए इतनी लंबी डेट देना
हद हो गई है😡😡😡
Forwarded from Rohit Das
New Doc 03-04-2025 18.40.pdf
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शिक्षा विभाग अपडेट

1. आदरणीय मुख्यमंत्री जी के विशेष दखल के कारण TRE4 होगी। पर अभी वर्तमान में सभी नियुक्ति के बाद, रिक्तियों के आधार पर। ये शायद अंतिम बहाली होगी।

2. HM और HT को 100% गृह जिला देने की सहमति। 18 मार्च को फाइनल कॉउंसलिंग है, उसके एक सप्ताह के अंदर जिला अलॉट कर दिया जाएगा। मूल वेतन 38000 और 42000 लगभग कन्फर्म। अंतिम मीटिंग के बाद पब्लिक में जारी होगा, या बाद में मुख्यमंत्रीजी घोषणा करेंगें।

3. BEO की बहाली डिपार्टमेंटल लेने पर जोर। वर्तमान में कार्यरत शिक्षक कर सकेंगे आवेदन अगर वो स्नातक हैं चाहे वो कोई भी संवर्ग और प्रशिक्षण किये हो। अनुभव कितना हो, इस बात पर मंथन।

परीक्षा 3 चरणों मे लेने पर भी मंथन। pt, mains और इंटरव्यू। अभी जो वेतन है उससे छेड़छाड़ नही।

4. 31 मार्च तक मैक्सिमम लोगो का ट्रांसफर होगा, जिन्होंने आवेदन किया है।

5. नई ट्रांसफर नीति पर काम जारी है। सभी सक्षमता के तुरंत बाद सभी विशिष्ट शिक्षकों का ट्रांसफर।

6. आगे इस बात पर जोर की विद्यालय में एक अनुपात में सभी संवर्ग के शिक्षक का पदस्थापना हो।

7. स्थानीय नियोजित शिक्षकों का भी ट्रांसफर पर मंथन।

8. हर मिडिल स्कूल में कंप्यूटर की व्यवस्था जल्द। क्रय का जिम्मा HM को मिलेगा।

9. विद्यालय से ही एक शिक्षक कंप्यूटर शिक्षक के लिए नामित होंगे, उन्हें प्रशिक्षण में भेजा जाएगा।

10. TRE3 का जल्द ही विद्यालय जोइनिंग और फेज वाइज इंडक्शन ट्रेनिंग होगा।

11. नए सत्र में हर शिक्षक को एक डायरी और बच्चों को किट और पुस्तक दिया जाएगा। शिक्षकों को टैब देने पर भी विचार झारखंड की तरह। पर कोई निर्णय नही लिया जा सका।