देश की स्वाधीनता और स्वधर्म की रक्षा के लिए जनजातियों में प्राण फूंक कर मिशनरियों और अंग्रेजों के विरुद्ध आजीवन संघर्ष कर बलिदान देने वाले भगवान बिरसा मुंडा को उनकी 150वीं जयंती पर कोटिश: नमन्...
#जनजातीय_गौरव_दिवस की शुभकामनाएं
#BhagwanBirsaMunda #BirsaMunda
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हिन्दू हृदय सम्राट, भारतीय संस्कृति के संवाहक, श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख स्तम्भ, सनातन व हिंदुत्व के संरक्षण में अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले, कुशल नेतृत्वकर्ता, सभी कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत व मार्गदर्शक, विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अध्यक्ष परमपूज्य अशोक सिंघल जी की पुण्यतिथि पर कोटि कोटि नमन ।
#AshokSinghal
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#AshokSinghal
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विश्व हिंदू परिषद के सोशल मीडिया विभाग की द्विदिवसीय अखिल भारतीय बैठक अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार व पूज्य सुधांशु जी महाराज के पाथेय के साथ आज दिल्ली में संपन्न हुई।
https://x.com/VHPDigital/status/1992603490766774299
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विश्व हिंदू परिषद के सोशल मीडिया विभाग की द्विदिवसीय अखिल भारतीय बैठक अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार व पूज्य सुधांशु जी महाराज के पाथेय के साथ आज दिल्ली में संपन्न हुई।
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हिंदू धर्म की रक्षार्थ 350 वर्ष पूर्व आज ही के दिन दिल्ली के चांदनी चौक में महान् संत व धर्म योद्धा श्री गुरु तेग बहादुर जी ने अपना बलिदान दिया था।
धर्मांध व क्रूर मुगल शासक औरंगजेब ने चुनौती दी थी कि मुसलमान हो जाओ या मृत्यु स्वीकार करो।
गुरुजी ने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण दिए पर धर्म नहीं छोड़ा।
वे हिंद की चादर थे। उनके बलिदान दिवस पर विश्व हिंदू परिषद समेत समग्र राष्ट्र द्वारा कृतज्ञता पूर्वक उन्हें कोटि कोटि नमन्
: श्री आलोक कुमार, अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद
#GuruTegBahadur
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धर्मांध व क्रूर मुगल शासक औरंगजेब ने चुनौती दी थी कि मुसलमान हो जाओ या मृत्यु स्वीकार करो।
गुरुजी ने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण दिए पर धर्म नहीं छोड़ा।
वे हिंद की चादर थे। उनके बलिदान दिवस पर विश्व हिंदू परिषद समेत समग्र राष्ट्र द्वारा कृतज्ञता पूर्वक उन्हें कोटि कोटि नमन्
: श्री आलोक कुमार, अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद
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देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा में अपने अदम्य साहस से इतिहास रचने वाले महान सेनानायक लाचित बरफुकन को जयंती पर शत-शत नमन।
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आज का दिन कैलेंडर पर लिखी मात्र एक तारीख नहीं, अपितु एक नए कालचक्र का उद्गम है।
एक ऐतिहासिक नए युग के शुभारंभ का प्रतीक है। धर्म की पुनर्स्थापना का पावन दिवस है। 497 वर्षों के सतत् धर्म संघर्ष के बाद सनातन की विजय और भारत के पुनरोदय का प्रतीक है।
आज उन सभी वीरों, बलिदानियों, पूज्य संतों, योद्धाओं तथा धर्म रक्षकों को प्रणाम कर कृतज्ञता व्यक्त करने का भी दिन है जिनके निरंतर संघर्ष के फलस्वरूप ही श्री राम जन्म भूमि पर यह धर्म ध्वजा लहराई है ।
#Ayodhya #ayodhyarammandir #rammandir
https://x.com/VHPDigital/status/1993281458216354144
एक ऐतिहासिक नए युग के शुभारंभ का प्रतीक है। धर्म की पुनर्स्थापना का पावन दिवस है। 497 वर्षों के सतत् धर्म संघर्ष के बाद सनातन की विजय और भारत के पुनरोदय का प्रतीक है।
आज उन सभी वीरों, बलिदानियों, पूज्य संतों, योद्धाओं तथा धर्म रक्षकों को प्रणाम कर कृतज्ञता व्यक्त करने का भी दिन है जिनके निरंतर संघर्ष के फलस्वरूप ही श्री राम जन्म भूमि पर यह धर्म ध्वजा लहराई है ।
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आज का दिन कैलेंडर पर लिखी मात्र एक तारीख नहीं, अपितु एक नए कालचक्र का उद्गम है।
एक ऐतिहासिक नए युग के शुभारंभ का प्रतीक है। धर्म की पुनर्स्थापना का पावन दिवस है। 497 वर्षों के सतत् धर्म संघर्ष के बाद सनातन की विजय और भारत के पुनरोदय का प्रतीक है।
आज उन…
एक ऐतिहासिक नए युग के शुभारंभ का प्रतीक है। धर्म की पुनर्स्थापना का पावन दिवस है। 497 वर्षों के सतत् धर्म संघर्ष के बाद सनातन की विजय और भारत के पुनरोदय का प्रतीक है।
आज उन…
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प्रेस वक्तव्य:
आतंक के सरगना बनने की होड लगी है मदनियों में; सर्वोच्च न्यायालय स्वत: संज्ञान ले: डॉ सुरेन्द्र जैन
नई दिल्ली। नवंबर 30, 2025। कल भोपाल में जमीयत प्रमुख मौलाना मदनी द्वारा दिए गए कट्टरपंथी वक्तव्य की विश्व हिंदू परिषद ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग की है। अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि बड़े मदनी हों या छोटे मदनी, दोनों में मुस्लिम समाज को भड़काने की होड़ लगी है। दोनों जुटे हैं कि कौन पहले लादेन या बगदादी बनता है।
उन्होंने कहा कि चांदनी चौक में जिस प्रकार का बम विस्फोट किया गया, पूरे देश में आतंकवादी घटनाएं करने की तैयारी पूरे देश में चल रही थी। एक पूरी यूनिवर्सिटी को जिस प्रकार से आतंकवादियों का अड्डा बना दिया गया था, केवल मदरसों में पढ़े हुए नहीं, सरकारी कॉलेज में पढ़े हुए डॉक्टर भी इस आतंकवादी गिरोह के सरगना बनकर खड़े हो गए।
क्या इनको किसी भी तरीके से कोई डिफेंड कर सकता है? उनको डिफेंड करने के साथ-साथ ये दोनों मौलाना इस होड़ में लगे हैं कि भारतीय संविधान, न्यायपालिका, प्रशासन, हिंदू समाज और देश की समस्त व्यवस्थाओं के खिलाफ मुस्लिम समाज को कैसे भड़काया जा सके!
डॉ जैन ने कहा कि क्या ये मौलाना नहीं जानते कि कहीं रोटियों पर थूक लगाया जा रहा है, कहीं लव जिहाद के नाम पर हिन्दू बहनों से बलात्कार कर उनके टुकड़े किए जा रहे हैं! कल ही एक मामले में कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया है। ऐसे सब मामलों पर पर्दा डालने के लिए ही शायद इन्होंने मुस्लिम समाज को भड़काने का यह मार्ग अपनाया है।
उन्होंने चेताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विरोध में जिस प्रकार का वक्तव्य इन्होंने दिया है वह घोर आपत्तिजनक है। कब तक बाबरी मस्जिद का रोना रोते रहोगे? यह ध्यान कर लेना कि बाबर और बाबरी के नाम पर कोई अवशेष अब भारत की जनता स्वीकार नहीं करेगी! मुस्लिम समाज का बाबर से क्या लेना देना? उस विदेशी दुष्ट के नाम पर आप बार-बार मुस्लिम समाज को भड़काना चाहते हैं? चाहे वक़्फ़ बोर्ड का मामला हो या ट्रिपल तलक का, सब देश हित में उठाए गए संसदीय कदम ही तो हैं! वक्त बोर्ड और हलाल सर्टिफिकेशन के ऊपर जो पूरे देश में वातावरण बन रहा है और उसके नाम पर तुमने जो लूट मचा रखी थी, वह सामने आ गई तो बौखला गए? उस पैसे का उपयोग आतंकवादियों का केस लड़ने, हिंदुओं पर हमला करने वाले लोगों की सुरक्षा और उनको बचाने के लिए कर रहे थे! इसी की परेशानी है आपको? ये भाषण घोर आपत्तिजनक और देश के विरुद्ध खुली बगावत का ऐलान है जिसको कदापि स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मैं माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अपील करूंगा स्वत: संज्ञान लें और इन राष्ट्रविरोधी वक्तव्यो के ऊपर लगाम लगाएं और इन लोगों को इनकी सही जगह बताएं! हम इनके भाषणों का अध्ययन करेंगे, जो कानूनी कार्यवाही करनी है वह भी करेंगे लेकिन ध्यान कर लेना कि तुम मुस्लिम समाज को बर्बादी की ओर ले जा रहे हो! किसी भी प्रकार से इस बगावत को सहन नहीं किया जाएगा। हर स्तर पर इसका मुकाबला किया जाएगा।
जारी कर्ता:
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता
विश्व हिंदू परिषद
https://x.com/VHPDigital/status/1995066486176825688
आतंक के सरगना बनने की होड लगी है मदनियों में; सर्वोच्च न्यायालय स्वत: संज्ञान ले: डॉ सुरेन्द्र जैन
नई दिल्ली। नवंबर 30, 2025। कल भोपाल में जमीयत प्रमुख मौलाना मदनी द्वारा दिए गए कट्टरपंथी वक्तव्य की विश्व हिंदू परिषद ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग की है। अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि बड़े मदनी हों या छोटे मदनी, दोनों में मुस्लिम समाज को भड़काने की होड़ लगी है। दोनों जुटे हैं कि कौन पहले लादेन या बगदादी बनता है।
उन्होंने कहा कि चांदनी चौक में जिस प्रकार का बम विस्फोट किया गया, पूरे देश में आतंकवादी घटनाएं करने की तैयारी पूरे देश में चल रही थी। एक पूरी यूनिवर्सिटी को जिस प्रकार से आतंकवादियों का अड्डा बना दिया गया था, केवल मदरसों में पढ़े हुए नहीं, सरकारी कॉलेज में पढ़े हुए डॉक्टर भी इस आतंकवादी गिरोह के सरगना बनकर खड़े हो गए।
क्या इनको किसी भी तरीके से कोई डिफेंड कर सकता है? उनको डिफेंड करने के साथ-साथ ये दोनों मौलाना इस होड़ में लगे हैं कि भारतीय संविधान, न्यायपालिका, प्रशासन, हिंदू समाज और देश की समस्त व्यवस्थाओं के खिलाफ मुस्लिम समाज को कैसे भड़काया जा सके!
डॉ जैन ने कहा कि क्या ये मौलाना नहीं जानते कि कहीं रोटियों पर थूक लगाया जा रहा है, कहीं लव जिहाद के नाम पर हिन्दू बहनों से बलात्कार कर उनके टुकड़े किए जा रहे हैं! कल ही एक मामले में कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया है। ऐसे सब मामलों पर पर्दा डालने के लिए ही शायद इन्होंने मुस्लिम समाज को भड़काने का यह मार्ग अपनाया है।
उन्होंने चेताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विरोध में जिस प्रकार का वक्तव्य इन्होंने दिया है वह घोर आपत्तिजनक है। कब तक बाबरी मस्जिद का रोना रोते रहोगे? यह ध्यान कर लेना कि बाबर और बाबरी के नाम पर कोई अवशेष अब भारत की जनता स्वीकार नहीं करेगी! मुस्लिम समाज का बाबर से क्या लेना देना? उस विदेशी दुष्ट के नाम पर आप बार-बार मुस्लिम समाज को भड़काना चाहते हैं? चाहे वक़्फ़ बोर्ड का मामला हो या ट्रिपल तलक का, सब देश हित में उठाए गए संसदीय कदम ही तो हैं! वक्त बोर्ड और हलाल सर्टिफिकेशन के ऊपर जो पूरे देश में वातावरण बन रहा है और उसके नाम पर तुमने जो लूट मचा रखी थी, वह सामने आ गई तो बौखला गए? उस पैसे का उपयोग आतंकवादियों का केस लड़ने, हिंदुओं पर हमला करने वाले लोगों की सुरक्षा और उनको बचाने के लिए कर रहे थे! इसी की परेशानी है आपको? ये भाषण घोर आपत्तिजनक और देश के विरुद्ध खुली बगावत का ऐलान है जिसको कदापि स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मैं माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अपील करूंगा स्वत: संज्ञान लें और इन राष्ट्रविरोधी वक्तव्यो के ऊपर लगाम लगाएं और इन लोगों को इनकी सही जगह बताएं! हम इनके भाषणों का अध्ययन करेंगे, जो कानूनी कार्यवाही करनी है वह भी करेंगे लेकिन ध्यान कर लेना कि तुम मुस्लिम समाज को बर्बादी की ओर ले जा रहे हो! किसी भी प्रकार से इस बगावत को सहन नहीं किया जाएगा। हर स्तर पर इसका मुकाबला किया जाएगा।
जारी कर्ता:
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता
विश्व हिंदू परिषद
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आतंक के सरगना बनने की होड लगी है मदनियों में; सर्वोच्च न्यायालय स्वत: संज्ञान ले: डॉ सुरेन्द्र जैन
नई दिल्ली। नवंबर 30, 2025। कल भोपाल में जमीयत प्रमुख मौलाना मदनी द्वारा दिए गए कट्टरपंथी वक्तव्य की विश्व हिंदू परिषद ने कड़े शब्दों में निंदा…
आतंक के सरगना बनने की होड लगी है मदनियों में; सर्वोच्च न्यायालय स्वत: संज्ञान ले: डॉ सुरेन्द्र जैन
नई दिल्ली। नवंबर 30, 2025। कल भोपाल में जमीयत प्रमुख मौलाना मदनी द्वारा दिए गए कट्टरपंथी वक्तव्य की विश्व हिंदू परिषद ने कड़े शब्दों में निंदा…
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भगवान श्री कृष्ण के धर्म रक्षा हेतु संघर्ष के संदेश का अनुसरण करते हुए, हिन्दू समाज ने, आज ही के दिन सन् 1992 की पावन गीता जयंती पर, श्रीराम जन्मभूमि पर बने बाबरी ढांचे नामक कलंक को सदा के लिए समाप्त कर दिया।
हिंदू समाज के शौर्य को नमन्...!!
#GeetaJayanti की हार्दिक शुभकामनाएँ!
#ShauryaDiwas
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हिंदू समाज के शौर्य को नमन्...!!
#GeetaJayanti की हार्दिक शुभकामनाएँ!
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भारत के प्रथम राष्ट्रपति, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं संविधान सभा के अध्यक्ष, ‘भारतरत्न’ डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी का आदर्श जीवन, विनम्रता और राष्ट्रसेवा की भावना हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी का आदर्श जीवन, विनम्रता और राष्ट्रसेवा की भावना हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।
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लोककल्याण के अधिष्ठाता भगवान विष्णु के अवतार, त्रिदेव स्वरूप भगवान श्री दत्तात्रेय जी की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं!
https://x.com/vhpdigital/status/1996424389752189046?s=46
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प्रेस वक्तव्य:
वन्देमातरम का विरोध देश द्रोही मानसिकता का परिचायक: विहिप
नई दिल्ली। दिसंबर 4, 2025। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने आज कहा है कि मजहब की आड़ में वन्देमातरम का विरोध करने वाले लोगों को अपनी इस देश द्रोही मानसिकता से बाहर आना चाहिए। इसी अलगाववादी मानसिकता ने भारत के सांप्रदायिक विभाजन की नींव रखी थी। अब इसे कदापि स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के रचयिता श्रद्धेय बंकिम चंद्र चटर्जी को संपूर्ण राष्ट्र कृतज्ञता ज्ञापित करता है। गत डेढ़ सौ वर्षों से यह गीत लगातार राष्ट्रीय चेतना का केंद्र रहा है। वंदे मातरम् का यह उद्घोष ही आबाल-वृद्ध सभी व्यक्तियों में प्रेरणा देने का काम आज तक निरंतर कर रहा है। बंग भंग आंदोलन में केवल बंगाल ही नहीं, संपूर्ण देश इस उदघोष के साथ एकजुट हो गया था। हिंदू - मुसलमान मिलकर लड़ रहे थे लेकिन इस आंदोलन का केंद्र बिंदु वंदे मातरम् ही था जिसे 1907 तक सब मिलकर गाते रहे।
डॉ जैन ने कहा कि अंग्रेज बंग भंग आंदोलन की सफलता से परेशान थे। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम भेद पैदा करने के लिए मुस्लिम नेतृत्व में ऐसे व्यक्तियों को छांटा जो अंग्रेजों की आवाज में अपना स्वर मिला सकें। इसीलिए, जब 1907 में उन्होंने वन्दे मातरम् का प्रतिबंध लगाया तब 1908 में पहली बार कांग्रेस में कुछ मुस्लिम नेताओं ने, जो पहले वंदे मातरम् का गान करने में संकोच नहीं करते थे, विरोध करना शुरू कर दिया। मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए तत्कालीन कांग्रेसी नेतृत्व झुक गया और उन्होंने मां भारती को समर्पित इस गीत का विभाजन कर दिया।
दुर्भाग्य से उस दिन के बाद से ही गुलामी की मानसिकता में जकड़े कुछ लोग उन्हीं के इशारे पर काम करते हुए वंदे मातरम् का विरोध करते रहे और कुछ लोग इस विरोध को स्वर देते रहे।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् आज भी संपूर्ण भारत की प्रेरणा का केंद्र है। आज भी वही लोग विरोध कर रहे हैं जो अंग्रेजों की औपनिवेशिक मानसिकता से ग्रसित हैं और वही लोग उनका साथ दे रहे हैं जो तुष्टीकरण की राजनीति के अंतर्गत ये सोचते हैं कि वंदे मातरम् का विरोध करके उनको मुस्लिम वोट बैंक प्राप्त होगा। आज जिस तरह का तीव्र विरोध मुस्लिम नेतृत्व के कुछ लोग कर रहे हैं, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
विश्व हिंदू परिषद यह मानती है कि वंदेमातरम का विरोध देश विरोध से कम नहीं है। इसलिए, हम सब मिलकर ब्रिटिश औपनिवेशिक गुलामी से बाहर निकल कर राष्ट्र की चेतना व एकात्मकता के इस मंत्र 'वंदे मातरम्' के उदघोष और गीत का गायन कर एक नए सबल भारत के निर्माण में अपना अपना योगदान दें।
जारी कर्ता:
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता
विश्व हिंदू परिषद
https://x.com/VHPDigital/status/1996503756033417353
वन्देमातरम का विरोध देश द्रोही मानसिकता का परिचायक: विहिप
नई दिल्ली। दिसंबर 4, 2025। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने आज कहा है कि मजहब की आड़ में वन्देमातरम का विरोध करने वाले लोगों को अपनी इस देश द्रोही मानसिकता से बाहर आना चाहिए। इसी अलगाववादी मानसिकता ने भारत के सांप्रदायिक विभाजन की नींव रखी थी। अब इसे कदापि स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के रचयिता श्रद्धेय बंकिम चंद्र चटर्जी को संपूर्ण राष्ट्र कृतज्ञता ज्ञापित करता है। गत डेढ़ सौ वर्षों से यह गीत लगातार राष्ट्रीय चेतना का केंद्र रहा है। वंदे मातरम् का यह उद्घोष ही आबाल-वृद्ध सभी व्यक्तियों में प्रेरणा देने का काम आज तक निरंतर कर रहा है। बंग भंग आंदोलन में केवल बंगाल ही नहीं, संपूर्ण देश इस उदघोष के साथ एकजुट हो गया था। हिंदू - मुसलमान मिलकर लड़ रहे थे लेकिन इस आंदोलन का केंद्र बिंदु वंदे मातरम् ही था जिसे 1907 तक सब मिलकर गाते रहे।
डॉ जैन ने कहा कि अंग्रेज बंग भंग आंदोलन की सफलता से परेशान थे। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम भेद पैदा करने के लिए मुस्लिम नेतृत्व में ऐसे व्यक्तियों को छांटा जो अंग्रेजों की आवाज में अपना स्वर मिला सकें। इसीलिए, जब 1907 में उन्होंने वन्दे मातरम् का प्रतिबंध लगाया तब 1908 में पहली बार कांग्रेस में कुछ मुस्लिम नेताओं ने, जो पहले वंदे मातरम् का गान करने में संकोच नहीं करते थे, विरोध करना शुरू कर दिया। मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए तत्कालीन कांग्रेसी नेतृत्व झुक गया और उन्होंने मां भारती को समर्पित इस गीत का विभाजन कर दिया।
दुर्भाग्य से उस दिन के बाद से ही गुलामी की मानसिकता में जकड़े कुछ लोग उन्हीं के इशारे पर काम करते हुए वंदे मातरम् का विरोध करते रहे और कुछ लोग इस विरोध को स्वर देते रहे।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् आज भी संपूर्ण भारत की प्रेरणा का केंद्र है। आज भी वही लोग विरोध कर रहे हैं जो अंग्रेजों की औपनिवेशिक मानसिकता से ग्रसित हैं और वही लोग उनका साथ दे रहे हैं जो तुष्टीकरण की राजनीति के अंतर्गत ये सोचते हैं कि वंदे मातरम् का विरोध करके उनको मुस्लिम वोट बैंक प्राप्त होगा। आज जिस तरह का तीव्र विरोध मुस्लिम नेतृत्व के कुछ लोग कर रहे हैं, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
विश्व हिंदू परिषद यह मानती है कि वंदेमातरम का विरोध देश विरोध से कम नहीं है। इसलिए, हम सब मिलकर ब्रिटिश औपनिवेशिक गुलामी से बाहर निकल कर राष्ट्र की चेतना व एकात्मकता के इस मंत्र 'वंदे मातरम्' के उदघोष और गीत का गायन कर एक नए सबल भारत के निर्माण में अपना अपना योगदान दें।
जारी कर्ता:
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता
विश्व हिंदू परिषद
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वन्देमातरम का विरोध देश द्रोही मानसिकता का परिचायक: विहिप
नई दिल्ली। दिसंबर 4, 2025। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने आज कहा है कि मजहब की आड़ में वन्देमातरम का विरोध करने वाले लोगों को अपनी इस देश द्रोही…
वन्देमातरम का विरोध देश द्रोही मानसिकता का परिचायक: विहिप
नई दिल्ली। दिसंबर 4, 2025। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने आज कहा है कि मजहब की आड़ में वन्देमातरम का विरोध करने वाले लोगों को अपनी इस देश द्रोही…
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