*🔷🔶🔷🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🔷🔶🔷*
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪10*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
💖 अब आइये , मैं आपके सामने तबलीगी जमाअत की तज़ाद बेइमानियों और ऊट - पटांग दावों की चन्द मिसालें पेश करूं , ताकि उनकी सही तस्वीर उभर कर सामने आ जाये । किसी भी तबलीगी जमाअत वाले से पूछिये कि यह तरीकये तबलीग़ जो आपने अख्तियार किया है वह किसका है ? फौरन जवाब मिलेगा कि यह तरीकये तबलीग सहाब - ए - किराम का है , लेकिन मौलवी इल्यास की भी सुनिये । आपने *( मौलवी इल्यास ने )* फ़रमाया
💖 “ इस तबलीग का तरीका भी मुझ पर ख्वाब में मुन्कशिफ हुआ । *( मल्फूज़ाते इल्यास )*
💖 मौलवी इल्यास लिखते हैं कि हक तआला अगर किसी से काम को नहीं लेना चाहते , तो चाहे अम्बिया भी कितनी कोशिश कर लें , तब भी ज़र्रा नहीं हिल सकता और करा लेना चाहे तो तुम जैसे ज़ईफ से भी वह काम ले लें , जो अम्बिया से भी न हो सके । *( मकातीबे इल्यास )*
💖 अल अमान वल हफ़ीज़। कारकुनों में गुस्ताखिये रसूल का कैसा मकरूह जज्बा पैदा किया जा रहा है । और यह कोई इत्तेफाकी जुमला नहीं है । मौलवी इल्यास के शैखुल इस्लाम मौलवी हुसैन अहमद मदनी *( अजोध्यावासी )* ने भी यही बात कही है । “ पैगम्बर को अमल की वजह से फजीलत नहीं । अमल में तो बाज़ उम्मती पैग़म्बर से भी बढ़ जाते है ।
📗 *( रिसाला मदीना , बिजनौर , जुलाई १६५८ )*
♻️ इसी सिलसिले के दो और हवाले मुलाहिजा फ़रमायें , ताकि आपको यह मालूम हो सके कि तबलीगी जमाअत के अफराद मौलवी इल्यास को नबी का दरजा देते हैं या इससे कुछ कम ।
1️⃣ आपने *( मौलवी इल्यास ने )* फ़रमाया कि अल्लाह का इरशाद है " कुनतुम खैरा उम्मतिन उखरिजत लिन्नासि तअमुरूना बिल मारूफ़ि व तनहौना अनिल मुनकरे । कि तफ्सीर ख्वाब में अल्का हुई कि तुम मिस्ले अम्बिया के लोगों के वास्ते जाहिर किये गये हो । " *( मल्फूज़ाते इल्यास )*
2️⃣ एक बार फ़रमाया *( मौलवी इल्यास )* ने कि ख्वाब नुबुव्वत का छियालिस्वां हिस्सा है । बाज़ को ख़्वाब में ऐसी तरक्की होती है कि रियाज़त व मुजाहदे से नहीं होती , क्योंकि उनको ख़्वाब में उलूमे सहीहा अल्का होते हैं , जो नुबुव्वत का हिस्सा है , फिर तरक्की क्यों न हो , इल्म से मारिफत बढ़ती है और मारिफ़त से कुर्ब बढ़ता हैं इसीलिये इरशाद है " कुल रब्बे ज़िदनी इल्मा । " फिर फ़रमाया आजकल ख्वाब में मुझ पर उलूमे सहीहा *( सही )* का अल्का होता है , इसलिये कोशिश करो कि मुझे नींद ज्यादा आये । *( मल्फूज़ाते इल्यास )*
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 14/15)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/C0YwYhVaA7Q16df9Fvk8TJ
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪10*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
💖 अब आइये , मैं आपके सामने तबलीगी जमाअत की तज़ाद बेइमानियों और ऊट - पटांग दावों की चन्द मिसालें पेश करूं , ताकि उनकी सही तस्वीर उभर कर सामने आ जाये । किसी भी तबलीगी जमाअत वाले से पूछिये कि यह तरीकये तबलीग़ जो आपने अख्तियार किया है वह किसका है ? फौरन जवाब मिलेगा कि यह तरीकये तबलीग सहाब - ए - किराम का है , लेकिन मौलवी इल्यास की भी सुनिये । आपने *( मौलवी इल्यास ने )* फ़रमाया
💖 “ इस तबलीग का तरीका भी मुझ पर ख्वाब में मुन्कशिफ हुआ । *( मल्फूज़ाते इल्यास )*
💖 मौलवी इल्यास लिखते हैं कि हक तआला अगर किसी से काम को नहीं लेना चाहते , तो चाहे अम्बिया भी कितनी कोशिश कर लें , तब भी ज़र्रा नहीं हिल सकता और करा लेना चाहे तो तुम जैसे ज़ईफ से भी वह काम ले लें , जो अम्बिया से भी न हो सके । *( मकातीबे इल्यास )*
💖 अल अमान वल हफ़ीज़। कारकुनों में गुस्ताखिये रसूल का कैसा मकरूह जज्बा पैदा किया जा रहा है । और यह कोई इत्तेफाकी जुमला नहीं है । मौलवी इल्यास के शैखुल इस्लाम मौलवी हुसैन अहमद मदनी *( अजोध्यावासी )* ने भी यही बात कही है । “ पैगम्बर को अमल की वजह से फजीलत नहीं । अमल में तो बाज़ उम्मती पैग़म्बर से भी बढ़ जाते है ।
📗 *( रिसाला मदीना , बिजनौर , जुलाई १६५८ )*
♻️ इसी सिलसिले के दो और हवाले मुलाहिजा फ़रमायें , ताकि आपको यह मालूम हो सके कि तबलीगी जमाअत के अफराद मौलवी इल्यास को नबी का दरजा देते हैं या इससे कुछ कम ।
1️⃣ आपने *( मौलवी इल्यास ने )* फ़रमाया कि अल्लाह का इरशाद है " कुनतुम खैरा उम्मतिन उखरिजत लिन्नासि तअमुरूना बिल मारूफ़ि व तनहौना अनिल मुनकरे । कि तफ्सीर ख्वाब में अल्का हुई कि तुम मिस्ले अम्बिया के लोगों के वास्ते जाहिर किये गये हो । " *( मल्फूज़ाते इल्यास )*
2️⃣ एक बार फ़रमाया *( मौलवी इल्यास )* ने कि ख्वाब नुबुव्वत का छियालिस्वां हिस्सा है । बाज़ को ख़्वाब में ऐसी तरक्की होती है कि रियाज़त व मुजाहदे से नहीं होती , क्योंकि उनको ख़्वाब में उलूमे सहीहा अल्का होते हैं , जो नुबुव्वत का हिस्सा है , फिर तरक्की क्यों न हो , इल्म से मारिफत बढ़ती है और मारिफ़त से कुर्ब बढ़ता हैं इसीलिये इरशाद है " कुल रब्बे ज़िदनी इल्मा । " फिर फ़रमाया आजकल ख्वाब में मुझ पर उलूमे सहीहा *( सही )* का अल्का होता है , इसलिये कोशिश करो कि मुझे नींद ज्यादा आये । *( मल्फूज़ाते इल्यास )*
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 14/15)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/C0YwYhVaA7Q16df9Fvk8TJ
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
WhatsApp.com
🌟9⃣Dєєиι Tαℓєєм Gяoυρ🌟
WhatsApp Group Invite
*🔷🔶🔷🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🔷🔶🔷*
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪11*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
⭕ बात दरअस्ल यह है कि ईसाईयों ने मुसलमानों को सल्बी जंगों के ज़रिये ख़त्म करने की कोशिश की , लेकिन जब वह नाकाम रहा तो उसने मन्सूबा बनाया कि मुसलमानों से मुकाबला करने की सूरत में सिर्फ यही है कि मुसलमानों से जज़्ब - ए - जिहाद और जज़्ब - ए - इश्के रसूल खत्म कर दिया जाये ।
⭕ ज़ाहिर है कि अंग्रेज़ बराहे रास्त मुसलमानों से इन जज़्बों को खत्म करने की अपील नहीं कर सकता था । इसलिये इसने जहाँ मिर्जा गुलाम अहमद कादियानी और परवेज़ को इस्तेमाल किया वहीं कुछ और लोगों को भी उसने अपना आला - ए - कार बनाया , और वह कौन लोग थे ? उनकी निशानदेही हम खुद नहीं करते , बल्कि बिला तब्सेरा कुछ हवाले पेश करते हैं ताकि कारेईन खुद फैसला करे कि अंग्रेज़ ने किसको आला - ए - कार बनाया ।
⭕ *मौलवी रशीद अहमद गंगोही लिखते हैं :-*
👉 “ बाज़ के सरों पर मौत खेल रही थी उन्होंने कम्पनी ( अंग्रेज़ ) के आफियत के ज़माने को कदर की निगाह से देखा और रहमदिल गवर्नमेंट के सामने बग़ावत का आलम कायम किया। " *( तकिरतुर्रशीद )*
♻️ यही रशीद अहमद गंगोही जिनको बानी - ए - तबलीगी जमाअत कुतुबे इरशाद या मुजद्दिद कहते हैं , एक और जगह लिखते हैं कि :-
♻️ " जब मैं हकीकत में सरकार *( ब्रिटिश गवर्नमेंट )* का फरमा बरदार हूँ तो इन झूठों से मेरा बाल भी बाका न होगा । और अगर मारा भी गया तो सरकार मालिक है , उसे इख़्तियार है जो चाहे करे । " *( तज़्किरतुर्रशीद )*
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 15/16)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/EkVYFUIf0J2IIYOIKVa4cF
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪11*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
⭕ बात दरअस्ल यह है कि ईसाईयों ने मुसलमानों को सल्बी जंगों के ज़रिये ख़त्म करने की कोशिश की , लेकिन जब वह नाकाम रहा तो उसने मन्सूबा बनाया कि मुसलमानों से मुकाबला करने की सूरत में सिर्फ यही है कि मुसलमानों से जज़्ब - ए - जिहाद और जज़्ब - ए - इश्के रसूल खत्म कर दिया जाये ।
⭕ ज़ाहिर है कि अंग्रेज़ बराहे रास्त मुसलमानों से इन जज़्बों को खत्म करने की अपील नहीं कर सकता था । इसलिये इसने जहाँ मिर्जा गुलाम अहमद कादियानी और परवेज़ को इस्तेमाल किया वहीं कुछ और लोगों को भी उसने अपना आला - ए - कार बनाया , और वह कौन लोग थे ? उनकी निशानदेही हम खुद नहीं करते , बल्कि बिला तब्सेरा कुछ हवाले पेश करते हैं ताकि कारेईन खुद फैसला करे कि अंग्रेज़ ने किसको आला - ए - कार बनाया ।
⭕ *मौलवी रशीद अहमद गंगोही लिखते हैं :-*
👉 “ बाज़ के सरों पर मौत खेल रही थी उन्होंने कम्पनी ( अंग्रेज़ ) के आफियत के ज़माने को कदर की निगाह से देखा और रहमदिल गवर्नमेंट के सामने बग़ावत का आलम कायम किया। " *( तकिरतुर्रशीद )*
♻️ यही रशीद अहमद गंगोही जिनको बानी - ए - तबलीगी जमाअत कुतुबे इरशाद या मुजद्दिद कहते हैं , एक और जगह लिखते हैं कि :-
♻️ " जब मैं हकीकत में सरकार *( ब्रिटिश गवर्नमेंट )* का फरमा बरदार हूँ तो इन झूठों से मेरा बाल भी बाका न होगा । और अगर मारा भी गया तो सरकार मालिक है , उसे इख़्तियार है जो चाहे करे । " *( तज़्किरतुर्रशीद )*
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 15/16)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/EkVYFUIf0J2IIYOIKVa4cF
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
WhatsApp.com
🌟2⃣Dєєиι Tαℓєєм Gяουρ🌟
WhatsApp Group Invite
*🔷🔶🔷🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🔷🔶🔷*
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪12*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🟢 मौलवी शब्बीर अहमद उस्मानी लिखते हैं कि* “ देखिये ! मौलवी अशरफ़ अली थानवी हमारे और आपके मोसल्लम बुजुर्ग और पेशवा हैं । उनके मुतअल्लिक बाज़ लोगों को यह कहते हुए सुना गया कि उनको छ : सौ ( 600 / - ) रुपया माहवार हुकूमत ( अंग्रेज़ ) की जानिब से दिये जाते थे । *📗 ( मकालमतुस्सदरैन )*
🟢 मौलवी थानवी के भाई महकमये सी० आई० डी० में बड़े ओहदेदार आखिर तक रहे उनका नाम मज़हर अली था ।
📗 *( मक्तूबाते शैख , जिल्द - २ )*
🟢 " मौलाना हिफ्जुर्रहमान सिवहारवी नाज़िमे जमीयतुल उलमा - ए - हिन्द ने कहा कि इल्यास साहब की तबलीगी हरकत को इब्तिदा में हुकूमत ( अंग्रेज़ ) की जानिब से बजरिये हाजी रशीद अहमद से कुछ रुपया मिलता था । *📗 ( मकालतुस्सदरैन )*
🟢 कारेईन खुद फैसला फरमा लें , कि अंग्रेज़ का एजेन्ट कौन था ? हम सिर्फ इतना अर्ज़ करेंगे कि जब अल्लाह व उसके रसूल ने फ़रमाया कि इसाई तुम्हारे खैर ख़्वाह नहीं हो सकते । तो किसी भी मौलवी साहब के कहने पर हम अंग्रेज़ को मुसलमान का खैर ख्वाह या रहम दिल नहीं कह सकते । रहा यह सवाल कि वह अपने एजेन्टों के हक में रहम दिल था या नहीं तो इसका फैसला एजेन्टों ने अपनी किताबों में कर दिया है । अंग्रेज़ को भला क्या ज़रूरत है कि वह तबलीगे इस्लाम कि लिये फण्ड दें । उसने तो उल्टा मुजाहिदीने इस्लाम को जुल्म व सितम का निशाना बनाया । अल्लामा फज्ले हक खैराबादी , मौलवी फज्ल रसूल बदायूनी , मौलाना लुत्फुल्लाह अलीगढ़ी , मुफ्ती इनायत अहमद काकोरवी , मौलाना अहमदुल्लाह मदरसी , मुफ्ती अब्दुल करीम दरिया बादी ( रहमतुल्लाह अलैहिम अजमईन ) यह सारे अंग्रेजों की जारेहीयत , सफ्फाकी और दरिन्दगी के निशाना बन चुके हैं ।
🟢 यह तो खैर वाजेह हकीकत है कि अंग्रेज़ इस्लाम के लिये फण्ड फराहम नहीं कर सकता । लेकिन सवाल यह है कि क्या मौलवी इल्यास का मक़सद भी तबलीग़ था ? हम खुद अगर इस पर राय जनी करें तो बात जानिबदाराना कहलायेगी , इसलिये इस मसले पर इल्यास साहब ही रौशनी डालें तो बेहतर होगा । चलिये उन्हीं की ही राय सुन लीजिये , कहते हैं कि :-
🟢" ज़हीरुल हसन मेरा मुद्दोआ कोई पाता नहीं , लोग समझते हैं कि यह *( तबलीगी जमाअत )* तहरीके सलात है । मैं कसम से कहता हूँ कि यह हरगिज़ तहरीके सलात *( नमाज़ )* नहीं है । बड़े हसरत से फरमाया कि मियां जहीरुल - हसन ! एक नई कौम पैदा करनी है । " *📗 ( दीनी दावत )*
🟢 क्यों पैदा करनी है ? क्या अंग्रेज़ इसी गरज़ से माली इआनत *( मदद )* नहीं करता था ?
🟢 अब तक हम ने जो कुछ लिखा है उसको तस्दीक के लिये हम तबलीगी जमाअत के घर के भेदी की शहादत पेश करते हैं । ताकि भोले - भाले मुसलमानों को यह कहकर टाला न जा सके कि लिखने वाले तबलीगी जमाअत के दुश्मन हैं , उनका काम ही मुखालिफ़त करना है ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 16/17)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/EkVYFUIf0J2IIYOIKVa4cF
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪12*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🟢 मौलवी शब्बीर अहमद उस्मानी लिखते हैं कि* “ देखिये ! मौलवी अशरफ़ अली थानवी हमारे और आपके मोसल्लम बुजुर्ग और पेशवा हैं । उनके मुतअल्लिक बाज़ लोगों को यह कहते हुए सुना गया कि उनको छ : सौ ( 600 / - ) रुपया माहवार हुकूमत ( अंग्रेज़ ) की जानिब से दिये जाते थे । *📗 ( मकालमतुस्सदरैन )*
🟢 मौलवी थानवी के भाई महकमये सी० आई० डी० में बड़े ओहदेदार आखिर तक रहे उनका नाम मज़हर अली था ।
📗 *( मक्तूबाते शैख , जिल्द - २ )*
🟢 " मौलाना हिफ्जुर्रहमान सिवहारवी नाज़िमे जमीयतुल उलमा - ए - हिन्द ने कहा कि इल्यास साहब की तबलीगी हरकत को इब्तिदा में हुकूमत ( अंग्रेज़ ) की जानिब से बजरिये हाजी रशीद अहमद से कुछ रुपया मिलता था । *📗 ( मकालतुस्सदरैन )*
🟢 कारेईन खुद फैसला फरमा लें , कि अंग्रेज़ का एजेन्ट कौन था ? हम सिर्फ इतना अर्ज़ करेंगे कि जब अल्लाह व उसके रसूल ने फ़रमाया कि इसाई तुम्हारे खैर ख़्वाह नहीं हो सकते । तो किसी भी मौलवी साहब के कहने पर हम अंग्रेज़ को मुसलमान का खैर ख्वाह या रहम दिल नहीं कह सकते । रहा यह सवाल कि वह अपने एजेन्टों के हक में रहम दिल था या नहीं तो इसका फैसला एजेन्टों ने अपनी किताबों में कर दिया है । अंग्रेज़ को भला क्या ज़रूरत है कि वह तबलीगे इस्लाम कि लिये फण्ड दें । उसने तो उल्टा मुजाहिदीने इस्लाम को जुल्म व सितम का निशाना बनाया । अल्लामा फज्ले हक खैराबादी , मौलवी फज्ल रसूल बदायूनी , मौलाना लुत्फुल्लाह अलीगढ़ी , मुफ्ती इनायत अहमद काकोरवी , मौलाना अहमदुल्लाह मदरसी , मुफ्ती अब्दुल करीम दरिया बादी ( रहमतुल्लाह अलैहिम अजमईन ) यह सारे अंग्रेजों की जारेहीयत , सफ्फाकी और दरिन्दगी के निशाना बन चुके हैं ।
🟢 यह तो खैर वाजेह हकीकत है कि अंग्रेज़ इस्लाम के लिये फण्ड फराहम नहीं कर सकता । लेकिन सवाल यह है कि क्या मौलवी इल्यास का मक़सद भी तबलीग़ था ? हम खुद अगर इस पर राय जनी करें तो बात जानिबदाराना कहलायेगी , इसलिये इस मसले पर इल्यास साहब ही रौशनी डालें तो बेहतर होगा । चलिये उन्हीं की ही राय सुन लीजिये , कहते हैं कि :-
🟢" ज़हीरुल हसन मेरा मुद्दोआ कोई पाता नहीं , लोग समझते हैं कि यह *( तबलीगी जमाअत )* तहरीके सलात है । मैं कसम से कहता हूँ कि यह हरगिज़ तहरीके सलात *( नमाज़ )* नहीं है । बड़े हसरत से फरमाया कि मियां जहीरुल - हसन ! एक नई कौम पैदा करनी है । " *📗 ( दीनी दावत )*
🟢 क्यों पैदा करनी है ? क्या अंग्रेज़ इसी गरज़ से माली इआनत *( मदद )* नहीं करता था ?
🟢 अब तक हम ने जो कुछ लिखा है उसको तस्दीक के लिये हम तबलीगी जमाअत के घर के भेदी की शहादत पेश करते हैं । ताकि भोले - भाले मुसलमानों को यह कहकर टाला न जा सके कि लिखने वाले तबलीगी जमाअत के दुश्मन हैं , उनका काम ही मुखालिफ़त करना है ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 16/17)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/EkVYFUIf0J2IIYOIKVa4cF
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
WhatsApp.com
🌟2⃣Dєєиι Tαℓєєм Gяουρ🌟
WhatsApp Group Invite
*🔷🔶🔷🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🔷🔶🔷*
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪13*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
🔳 मौलवी अब्दुर्रहीम शाह साहब जो कि काफ़ी अर्से से तबलीगी जमाअत का काम कर रहे थे , जब उन्होंने देखा कि तबलीगी जमाअत वाले उलमा की कदर नहीं करते और खुद जाहिल होने के बावजूद दर्स देने लगते हैं तो उन्होंने तबलीगी जमाअत से किनारा कशी इख्तियार कर ली और एक किताब बनाम *“ उसूले दावत व तबलीग "* लिखी , जिसमें साफ - साफ लिखा कि : " गौर का मकाम है कि कोई शख्स बगैर सनद के कम्पाउन्डर तक नहीं बन सकता , मगर लोगों *( तबलीगी जमाअत वालों ने )* दीन को इतना आसान बना दिया है कि जिसका जो चाहे वाअज व तकरीर करने खड़ा हो जाये । किसी सनद की ज़रूरत नहीं । ऐसे ही मौके पर यह मिसाल खूब सादिक़ आती है कि " नीम हकीम खतरे जान , नीम मुल्ला ख़तरये ईमान । ”
📗 *( उसूले दावत व तबलीग )*
🔳 आखिर में एक गलत फहमी का एजाला और कर दूँ कि बाज़ सीधे - सीधे मुसलमान इस उलझन का शिकार हुये हैं कि तबलीगी जमाअत वाले बड़े पक्के नमाज़ी हैं । उन्हें कैसे गुमराह करार दिया जाये । इसका जवाब उन्हीं के अशरफ़ अली थानवी की ज़बानी सुनिये , जिनकी तालीम को आम करने के लिये , मौलवी इल्यास ने तबलीगी जमाअत बनाई । लीजिये जवाब हाज़िर है ।
🔳 " जब मौलवी अशरफ अली थानवी ने शिबली नौमानी को काफिर करार दिया तो मौलवी अब्दुल माजिद दरियाबादी ने अशरफ अली को खत लिखा कि “ शिबली तो बड़े नमाज़ी परहेज़गार और तहज्जुद गुज़ार हैं । " इस पर अशरफ अली थानवी ने जवाब दिया कि - " बद - दीन आदमी अगर दीन की बातें भी करता है तो उसमें जुलमत लिपटी हुई होती है । "
📗 *( कमालाते अशरफीया )*
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 18/19)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/EkVYFUIf0J2IIYOIKVa4cF
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪13*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
🔳 मौलवी अब्दुर्रहीम शाह साहब जो कि काफ़ी अर्से से तबलीगी जमाअत का काम कर रहे थे , जब उन्होंने देखा कि तबलीगी जमाअत वाले उलमा की कदर नहीं करते और खुद जाहिल होने के बावजूद दर्स देने लगते हैं तो उन्होंने तबलीगी जमाअत से किनारा कशी इख्तियार कर ली और एक किताब बनाम *“ उसूले दावत व तबलीग "* लिखी , जिसमें साफ - साफ लिखा कि : " गौर का मकाम है कि कोई शख्स बगैर सनद के कम्पाउन्डर तक नहीं बन सकता , मगर लोगों *( तबलीगी जमाअत वालों ने )* दीन को इतना आसान बना दिया है कि जिसका जो चाहे वाअज व तकरीर करने खड़ा हो जाये । किसी सनद की ज़रूरत नहीं । ऐसे ही मौके पर यह मिसाल खूब सादिक़ आती है कि " नीम हकीम खतरे जान , नीम मुल्ला ख़तरये ईमान । ”
📗 *( उसूले दावत व तबलीग )*
🔳 आखिर में एक गलत फहमी का एजाला और कर दूँ कि बाज़ सीधे - सीधे मुसलमान इस उलझन का शिकार हुये हैं कि तबलीगी जमाअत वाले बड़े पक्के नमाज़ी हैं । उन्हें कैसे गुमराह करार दिया जाये । इसका जवाब उन्हीं के अशरफ़ अली थानवी की ज़बानी सुनिये , जिनकी तालीम को आम करने के लिये , मौलवी इल्यास ने तबलीगी जमाअत बनाई । लीजिये जवाब हाज़िर है ।
🔳 " जब मौलवी अशरफ अली थानवी ने शिबली नौमानी को काफिर करार दिया तो मौलवी अब्दुल माजिद दरियाबादी ने अशरफ अली को खत लिखा कि “ शिबली तो बड़े नमाज़ी परहेज़गार और तहज्जुद गुज़ार हैं । " इस पर अशरफ अली थानवी ने जवाब दिया कि - " बद - दीन आदमी अगर दीन की बातें भी करता है तो उसमें जुलमत लिपटी हुई होती है । "
📗 *( कमालाते अशरफीया )*
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 18/19)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/EkVYFUIf0J2IIYOIKVa4cF
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
WhatsApp.com
🌟2⃣Dєєиι Tαℓєєм Gяουρ🌟
WhatsApp Group Invite
*🔷🔶🔷🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🔷🔶🔷*
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪14*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
🔘 कादियानी भी दावा करते हैं कि दुनिया भर में सबसे ज्यादा तबलीग हम करते हैं , लेकिन उनके अकाइद के बिना पर उनको दुनिया के सारे मुसलमान काफिर करार देते हैं ।
🔘 तबलीगी जमाअत का हकीकी रूप बिल्कुल बेनकाब होकर आपके सामने आ चुका है । अब आप से हमारी दरख्वास्त है कि आप फैसला करें कि हक पर कौन है ? रोज़ महशर कोई किसी के काम न आयेगा । वहाँ तो हर उम्मती नफ्सी - नफ़्सी पुकारता हुआ , बारगाहे रिसालत मआब में पहुँचेगा ।
🔘 तबलीगी जमाअत वाले या सादगी से उनके दाम में फंसने वाले भोले - भाले सोच लें कि आज अगर उन्होंने इस जमाअत का साथ दिया जिसके अकाबेरीन हुजूरे अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की शान में गुस्ताखियां की हैं , तो कल मैदाने महशर में कमली वाले आका सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सामने क्या मुँह लेकर जायेंगे ? लेकिन हां ! अभी तो तौबा का दरवाज़ा खुला हुआ है , बेहतरी इसी में है कि गुस्ताखाने रसूल के गिरोह से निकल कर गुलामाने रसूल की सफ़ में शामिल हो जाया जाये ।
◼️आज ले उनकी पनाह , आज मदद मांग उनसे !
◼️फिर ना मानेंगे क्यामत में , अगर मान गया ! !
⚠️ *नोट : -* यहाँ तक का मज़मून *मौलाना शाह तुराबुल हक साहब का है* . और उसके आगे का मज़मून इदारा - ए - शरईया , सुलतानगंज , पटना नम्बर - ६ ; से शाया करदा पोस्टर से माखूज़ हैं ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 19/20)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/C0YwYhVaA7Q16df9Fvk8TJ
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪14*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
🔘 कादियानी भी दावा करते हैं कि दुनिया भर में सबसे ज्यादा तबलीग हम करते हैं , लेकिन उनके अकाइद के बिना पर उनको दुनिया के सारे मुसलमान काफिर करार देते हैं ।
🔘 तबलीगी जमाअत का हकीकी रूप बिल्कुल बेनकाब होकर आपके सामने आ चुका है । अब आप से हमारी दरख्वास्त है कि आप फैसला करें कि हक पर कौन है ? रोज़ महशर कोई किसी के काम न आयेगा । वहाँ तो हर उम्मती नफ्सी - नफ़्सी पुकारता हुआ , बारगाहे रिसालत मआब में पहुँचेगा ।
🔘 तबलीगी जमाअत वाले या सादगी से उनके दाम में फंसने वाले भोले - भाले सोच लें कि आज अगर उन्होंने इस जमाअत का साथ दिया जिसके अकाबेरीन हुजूरे अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की शान में गुस्ताखियां की हैं , तो कल मैदाने महशर में कमली वाले आका सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सामने क्या मुँह लेकर जायेंगे ? लेकिन हां ! अभी तो तौबा का दरवाज़ा खुला हुआ है , बेहतरी इसी में है कि गुस्ताखाने रसूल के गिरोह से निकल कर गुलामाने रसूल की सफ़ में शामिल हो जाया जाये ।
◼️आज ले उनकी पनाह , आज मदद मांग उनसे !
◼️फिर ना मानेंगे क्यामत में , अगर मान गया ! !
⚠️ *नोट : -* यहाँ तक का मज़मून *मौलाना शाह तुराबुल हक साहब का है* . और उसके आगे का मज़मून इदारा - ए - शरईया , सुलतानगंज , पटना नम्बर - ६ ; से शाया करदा पोस्टर से माखूज़ हैं ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 19/20)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/C0YwYhVaA7Q16df9Fvk8TJ
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
WhatsApp.com
🌟9⃣Dєєиι Tαℓєєм Gяoυρ🌟
WhatsApp Group Invite
*🔷🔶🔷🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🔷🔶🔷*
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪15*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🟠 मुसलमानों को तबलीगी जमाअत से क्यों अलग रहना चाहिये ?*
*💭 एक बुनियादी सवाल*
💬 कोई भी गैरतमन्द इंसान किसी ऐसी तहरीक को हरगिज़ कुबूल नहीं कर सकता , जिससे ईमान व अक़ीदे के जज़्बे को ठेस पहुँचती हो । वे अमल रहना यकीनन बदनसीबी की बात है , लेकिन अमल के नाम पर बद - अकीदा बनकर आख़िरत का इतना बड़ा नुकसान है जिसकी तलाफ़ी ना मुम्किन है ।
💬 जैल में तबलीगी जमाअत के मोतबर किताबों के हवाले से यह साबित किया गया है कि वह दीन के नाम पर मुसलमानों को बेदीन बनाने वाली एक निहायत चालाक जमाअत है । कलिमा और नमाज़ के नाम पर मुसलमानों को अपने रसूल की तरफ से बद - अक़ीदा बनाना और औलिया अल्लाह की अज़मत घटाना और मज़हबे अहले सुन्नत को मिटा कर दुनिया में वहाबीयत फैलाना , तबलीगी जमाअत का बुनियादी नस्बुल ऐन है । चिल्ला , गश्त और चलत - फिरत का तरीका उन्होंने इसी लिये निकाला है कि हक़ परस्त मुसलमानों का ज़ेहन तब्दील करने के लिये , सफर की हालत में उन्हें तन्हाई और एतमाद के लम्हे मयस्सर आ सकें ।
💬 हम अपने दीनी भाईयों से ईमान की सलामती की ख्वाहिश की बुनियादों पर मुख्लेसाना इल्तेमास करते हैं कि वह तबलीगी जमाअत की आवाज़ पर कदम उठाने से पहले एक बार इंसाफ की नज़र से हमारी इस तहरीर का मुताअला फरमा लें , जिससे तबलीगी जमाअत से अलग रहने की माकूल वजूहात ब्यान की गईं हैं । हो सकता है कि हमारी बात आपके दिल में उतर जायें और मज़हबे अहले सुन्नत के ख़िलाफ़ आप वक़्त के सबसे बड़े फ़ितने से होशियार हो जायें । तबलीगी जमाअत की इस धोंस में हरगिज़ ना आईयेगा कि उसके साथ बड़े - बड़े इन्जीनियर डॉक्टर , प्रोफेसर और लखपती व करोड़पती ताजिर हैं ।
💬 हमारा दावा तो यह है कि तबलीगी जमाअत के साथ नज्द के बादशाह अमीर फैसल *(व उनके जानशीन वगैरह)* हैं । पूरी नजदी हुकूमत है , और नजद के रेयाल पर उनका सारा कारोबार चल रहा है । ताकि जिस तरह नदी कौम ने मक्के और मदीने में बड़े - बड़े सहाबा और अहले बैत के मज़ारात और रसूले पाक की यादगार में बनाई हुई मस्जिदों तोड़ कर खन्डहर बना दिया है ।
◽हिन्दुस्तान में भी ख़्वाजा और साबिर , महबूब और मख्दूम , शहीद और कुतुब के मज़ारों के साथ वहीं खेल खेला जाये , और इस तरह शैतान की वह साज़िश कामयाब हो जाये कि रूए ज़मीन पर खुदा के महबूब बन्दों की कोई निशानी बाकी न रहे ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 20/21)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/EkVYFUIf0J2IIYOIKVa4cF
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪15*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🟠 मुसलमानों को तबलीगी जमाअत से क्यों अलग रहना चाहिये ?*
*💭 एक बुनियादी सवाल*
💬 कोई भी गैरतमन्द इंसान किसी ऐसी तहरीक को हरगिज़ कुबूल नहीं कर सकता , जिससे ईमान व अक़ीदे के जज़्बे को ठेस पहुँचती हो । वे अमल रहना यकीनन बदनसीबी की बात है , लेकिन अमल के नाम पर बद - अकीदा बनकर आख़िरत का इतना बड़ा नुकसान है जिसकी तलाफ़ी ना मुम्किन है ।
💬 जैल में तबलीगी जमाअत के मोतबर किताबों के हवाले से यह साबित किया गया है कि वह दीन के नाम पर मुसलमानों को बेदीन बनाने वाली एक निहायत चालाक जमाअत है । कलिमा और नमाज़ के नाम पर मुसलमानों को अपने रसूल की तरफ से बद - अक़ीदा बनाना और औलिया अल्लाह की अज़मत घटाना और मज़हबे अहले सुन्नत को मिटा कर दुनिया में वहाबीयत फैलाना , तबलीगी जमाअत का बुनियादी नस्बुल ऐन है । चिल्ला , गश्त और चलत - फिरत का तरीका उन्होंने इसी लिये निकाला है कि हक़ परस्त मुसलमानों का ज़ेहन तब्दील करने के लिये , सफर की हालत में उन्हें तन्हाई और एतमाद के लम्हे मयस्सर आ सकें ।
💬 हम अपने दीनी भाईयों से ईमान की सलामती की ख्वाहिश की बुनियादों पर मुख्लेसाना इल्तेमास करते हैं कि वह तबलीगी जमाअत की आवाज़ पर कदम उठाने से पहले एक बार इंसाफ की नज़र से हमारी इस तहरीर का मुताअला फरमा लें , जिससे तबलीगी जमाअत से अलग रहने की माकूल वजूहात ब्यान की गईं हैं । हो सकता है कि हमारी बात आपके दिल में उतर जायें और मज़हबे अहले सुन्नत के ख़िलाफ़ आप वक़्त के सबसे बड़े फ़ितने से होशियार हो जायें । तबलीगी जमाअत की इस धोंस में हरगिज़ ना आईयेगा कि उसके साथ बड़े - बड़े इन्जीनियर डॉक्टर , प्रोफेसर और लखपती व करोड़पती ताजिर हैं ।
💬 हमारा दावा तो यह है कि तबलीगी जमाअत के साथ नज्द के बादशाह अमीर फैसल *(व उनके जानशीन वगैरह)* हैं । पूरी नजदी हुकूमत है , और नजद के रेयाल पर उनका सारा कारोबार चल रहा है । ताकि जिस तरह नदी कौम ने मक्के और मदीने में बड़े - बड़े सहाबा और अहले बैत के मज़ारात और रसूले पाक की यादगार में बनाई हुई मस्जिदों तोड़ कर खन्डहर बना दिया है ।
◽हिन्दुस्तान में भी ख़्वाजा और साबिर , महबूब और मख्दूम , शहीद और कुतुब के मज़ारों के साथ वहीं खेल खेला जाये , और इस तरह शैतान की वह साज़िश कामयाब हो जाये कि रूए ज़मीन पर खुदा के महबूब बन्दों की कोई निशानी बाकी न रहे ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 20/21)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/EkVYFUIf0J2IIYOIKVa4cF
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
WhatsApp.com
🌟2⃣Dєєиι Tαℓєєм Gяουρ🌟
WhatsApp Group Invite
*🔷🔶🔷🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🔷🔶🔷*
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪16*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*⚫ तबलीगी जमाअत की तहरीक कुरआन व हदीस के खिलाफ है मौलाना इल्यास के खलीफा व मोतमद मौलाना एहतेशामुल हसन साहब का ऐलान*
⭕ तबलीगी जमाअत के सिलसिले में हमारी यह राय शायद किसी गलत जज्बे पर मबनी समझी जाये , लेकिन इसे क्या कहियेगा कि मौलाना ऐहतशामुल हसन जो मौलवी इल्यास के बरादरे निस्वती और उनके खलीफा - ए - अव्वल और उनके मोतमदे खुसूसी हैं , खुद उनका ब्यान है :
⭕ *“ निजामुद्दीन की मौजूदा तबलीग* मेरे इल्म व फ़हम के मुताबिक न कुरआन व हदीस के मुताबिक है और न हजरत मुजद्दिदे अलिफ़ सानी और हज़रत शाह वलीयुल्लाह मुहद्दिस देहलवी और उलमा - ए - हक के मसलक के मुताबिक़ है ।
*📘(उसूले दावत व तबलीग का आखिरी टाइटिल पेज)*
⭕ अब आप ही इंसाफ व ईमान को दरम्यान में रख कर फैसला कीजिये कि जब बस्ती निजामुद्दीन की मौजूदा तबलीग कुरआन व हदीस के भी खिलाफ है , उलमा - ए - हक़ के मसलक के भी खिलाफ है तो इतनी दिलेरी के साथ मुसलमानों को एक गुनाह की दावत क्यों दी जा रही है । आखिर एक गैर इस्लामी फेअल के लिये क्यों इनका कीमती वक्त उनके पसीने की कमाई और उनकी सलाहियतों का दिन दहाड़े खून किया जा रहा है ।
*⭕ मौसूफ का ऐतराफ़ कि मौजूदा तबलीगी तहरीक एक बिदअत व गुमराही है । इसके बाद लिखते हैं :-*
⭕ " मेरी अक्ल व फहम से बहुत बाला है कि जो काम हज़रत मौलाना इल्यास साहब की हयात में वसूलों की इन्तेहाई पाबन्दी के बावजूद सिर्फ बिदअते हसना की हैसियत रखता था । उसको अब इन्तेहाई बे वसूलियों के बाद दीन का एक अहम काम किस तरह करार दिया जा रहा है । अब तो मुनकरात की समूलियत के बाद बिदअते हसना भी नहीं कहा जा सकता । "
*📘 ( उसूले दावत व तबलीग का आखिरी टाइटिल पेज )*
⭕ इस ब्यान में तो मौसूफ ने तबलीगी जमाअत की बिसात ही उलट कर रख दी है । जब मौलाना इल्यास ही की जिन्दगी में यह बात तय पा गई है कि तबलीगी जमाअत की मौजूदा तहरीक सुन्नत नहीं बिदअत है , तो मुसलमानों को इतने अर्से तक क्यों धोखे में रखा गया कि यह अम्बिया का तरीका है , यह सहाबा की सुन्नत है , अब इसका हाल यह है कि यह बिदअते हसना भी नहीं रही , बल्कि बिदअते जलालत के खाने में चली गई , जिसके मुरतकिब को हदीस में जहन्नम की बशारत दी गई है । यह फैसला हमारे घर का नहीं है , बल्कि तबलीगी जमाअत के उन पुराने रहनुमाओं का है जो तबलीगी जमाअत के गुमराहियों से बेज़ार होकर अलग हो गये हैं ।
⭕ अब इंसाफ व दियानत का तकाज़ा यह है कि तबलीगी जमाअत के मौजूदा कायेदीन या तो मौलाना ऐहतशामुल हसन के इन इल्ज़ामात की सफाई पेश करें या फिर सादा लौह मुसलमानों को एक गुनाह की तरफ दावत देने का यह सिलसिला बन्द करें ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 22/23)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
────────────────⎆
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/C0YwYhVaA7Q16df9Fvk8TJ
────────────────⎆
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
────────────────⎆
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪16*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*⚫ तबलीगी जमाअत की तहरीक कुरआन व हदीस के खिलाफ है मौलाना इल्यास के खलीफा व मोतमद मौलाना एहतेशामुल हसन साहब का ऐलान*
⭕ तबलीगी जमाअत के सिलसिले में हमारी यह राय शायद किसी गलत जज्बे पर मबनी समझी जाये , लेकिन इसे क्या कहियेगा कि मौलाना ऐहतशामुल हसन जो मौलवी इल्यास के बरादरे निस्वती और उनके खलीफा - ए - अव्वल और उनके मोतमदे खुसूसी हैं , खुद उनका ब्यान है :
⭕ *“ निजामुद्दीन की मौजूदा तबलीग* मेरे इल्म व फ़हम के मुताबिक न कुरआन व हदीस के मुताबिक है और न हजरत मुजद्दिदे अलिफ़ सानी और हज़रत शाह वलीयुल्लाह मुहद्दिस देहलवी और उलमा - ए - हक के मसलक के मुताबिक़ है ।
*📘(उसूले दावत व तबलीग का आखिरी टाइटिल पेज)*
⭕ अब आप ही इंसाफ व ईमान को दरम्यान में रख कर फैसला कीजिये कि जब बस्ती निजामुद्दीन की मौजूदा तबलीग कुरआन व हदीस के भी खिलाफ है , उलमा - ए - हक़ के मसलक के भी खिलाफ है तो इतनी दिलेरी के साथ मुसलमानों को एक गुनाह की दावत क्यों दी जा रही है । आखिर एक गैर इस्लामी फेअल के लिये क्यों इनका कीमती वक्त उनके पसीने की कमाई और उनकी सलाहियतों का दिन दहाड़े खून किया जा रहा है ।
*⭕ मौसूफ का ऐतराफ़ कि मौजूदा तबलीगी तहरीक एक बिदअत व गुमराही है । इसके बाद लिखते हैं :-*
⭕ " मेरी अक्ल व फहम से बहुत बाला है कि जो काम हज़रत मौलाना इल्यास साहब की हयात में वसूलों की इन्तेहाई पाबन्दी के बावजूद सिर्फ बिदअते हसना की हैसियत रखता था । उसको अब इन्तेहाई बे वसूलियों के बाद दीन का एक अहम काम किस तरह करार दिया जा रहा है । अब तो मुनकरात की समूलियत के बाद बिदअते हसना भी नहीं कहा जा सकता । "
*📘 ( उसूले दावत व तबलीग का आखिरी टाइटिल पेज )*
⭕ इस ब्यान में तो मौसूफ ने तबलीगी जमाअत की बिसात ही उलट कर रख दी है । जब मौलाना इल्यास ही की जिन्दगी में यह बात तय पा गई है कि तबलीगी जमाअत की मौजूदा तहरीक सुन्नत नहीं बिदअत है , तो मुसलमानों को इतने अर्से तक क्यों धोखे में रखा गया कि यह अम्बिया का तरीका है , यह सहाबा की सुन्नत है , अब इसका हाल यह है कि यह बिदअते हसना भी नहीं रही , बल्कि बिदअते जलालत के खाने में चली गई , जिसके मुरतकिब को हदीस में जहन्नम की बशारत दी गई है । यह फैसला हमारे घर का नहीं है , बल्कि तबलीगी जमाअत के उन पुराने रहनुमाओं का है जो तबलीगी जमाअत के गुमराहियों से बेज़ार होकर अलग हो गये हैं ।
⭕ अब इंसाफ व दियानत का तकाज़ा यह है कि तबलीगी जमाअत के मौजूदा कायेदीन या तो मौलाना ऐहतशामुल हसन के इन इल्ज़ामात की सफाई पेश करें या फिर सादा लौह मुसलमानों को एक गुनाह की तरफ दावत देने का यह सिलसिला बन्द करें ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 22/23)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
────────────────⎆
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/C0YwYhVaA7Q16df9Fvk8TJ
────────────────⎆
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
────────────────⎆
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
WhatsApp.com
🌟9⃣Dєєиι Tαℓєєм Gяoυρ🌟
WhatsApp Group Invite
*🔷🔶🔷🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🔷🔶🔷*
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪17*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🔴 मेवात में तबलीगी जमाअत का फरेब*
◼️मौलवी अब्दुर्रहीम शाह देवबन्दी जो तबलीगी जमाअत के पुराने कारकुन हैं , उन्होंने अपनी किताब *' उसूले दावत व तबलीग '* में इन्केशाफ़ किया है कि आजकल मेवात में तबलीगी जमाअत के लोग कलिमा व नमाज़ की तबलीग के बजाये मुसलमानों को काफ़िर व मुरतद बनाने की मुहिम में मस्रुफ हैं । जैसा कि मौसूफ के अल्फाज़ यह हैं :-
◼️"हमारे मेवात वाले माशा अल्लाह अरब व अजम में मुसलमान बनाते - बनाते उक्ता गये हैं , जी भर गया , इसलिये मेवात के बाज सरगरम मुबल्लेगीन व उलमा ने मुसलमानों को काफ़िर व मुरतद बनाना शुरू कर दिया है ।"
📘 *( उसूले दावत व तबलीग , सफा - ६१ , मतबूआ अलजमीयत प्रेस दिल्ली )*
*◼️इसी किताब में दूसरी जगह फरमाते हैं :* “ मैं हैरान हूँ क्या कहूँ , कुछ समझ में नहीं आता पता नहीं कब से तबलीगी जमाअत का मरकज़ भी ईमानीयत में दाखिल हो गया है और उसका मुखालिफ काफ़िर करार पाता है । *📘 ( सफा - ६१ )*
*🔶 इसी किताब के हाशिये पर एक दूसरे तबलीगी कारकुन मौलवी नूर मुहम्मद चन्दीनी लिखते हैं :-*
◼️अगर ज़रा भी ताक़त हासिल हो जाये और जो मरकज़ न आये , तो उसको बिल्कुल मुरतद के दर्जे में समझते हैं । *📘 ( सफा - ६० )*
◼️तबलीगी जमाअत के इन पुराने कारकुनों के यह बयानात सामने रख कर फैसला कीजिये कि अपने मफ्तूहा इलाके में तबलीगी जमाअत तफ़ीक़ बैनल - मुस्लेमीन की यह जो मुहिम चला रहे हैं , क्या एक लमहा के लिये भी आप यह बर्दाश्त कर सकेंगे कि आपके महफूज़ इलाके में भी तबलीगी जमाअत दाखिल हो कर इसी तरह का फित्ना बरपा करें । अगर आप इसके लिये तैयार नहीं हैं । तो ख़तरे का शिकार होने से पहले , खतरे का संदे . बाब कीजिये ।
*◼️अपने बारे में तबलीगी जमाअत वालों का खुद इकरार कि वह बड़े सख्त वहाबी हैं !*
◼️ ज़माना - ए - हाल के फ़िर्कों में फ़िरका - ए - वहाबिया ने इस्लाम की हुरमत और अम्बिया , औलिया की अज़मत पर जिस बेदर्दी से हमला किया है , वह तारीख का एक निहायत अलमनाक वाकया है । इसी फिरक - ए - वहाबिया नज्दीया के साथ तबलीगी जमाअत के सरबराह मौलाना जकरिया शैखुल हदीस , सहारनपुर और मौलाना मन्जूर नौमानी का वह तअल्लुक मुलाहिज़ा फरमाइये , जिसे सवानेह मौलाना युसुफ कांधेलवी के मुसन्निफ के बयान के मुताबिक़ , मौलाना इल्यास के इन्तेकाल के बाद उनकी जांनशीनी के मसले पर गुफ्तगू करते हुए मौलाना मन्जूर नौमानी ने ज़ाहिर किया था कि :-
*◼️" हम बड़े सख्त वहाबी हैं ।* हमारे लिये इस बात में कोई खास कशिश न होगी कि यहां हज़रत की कब्र मुबारक है , यह मस्जिद है जिसमें हज़रत नमाज़ पढ़ते थे । "
📘 *( सवानेह मौलाना यूसुफ , सफा - १६२ )*
*🔶 मौलाना जकरिया ने इसके जवाब में फ़रमाया :-*
◼️ “ मौलवी साहब मैं खुद तुम से बड़ा वहाबी हूँ । तुम्हें मशवरा दूंगा कि हज़रत चचा जान की कब्र और हज़रत के हुजरे और दरे व दीवार की वजह से यहाँ आने की ज़रूरत नहीं । *📘 ( सफ़ा - १६३ )*
◼️अपने वहाबी होने का खुद अपनी जुबान से यह खुला हुआ इकरार मुलाहिज़ा फरमाइये । कोई दूसरा उनके बारे में कहता तो इल्ज़ाम समझा जाता । लेकिन खुद अपने इक़रार का मतलब सिवा इसके और क्या हो सकता है कि यह हज़रात हकीक़तन वहाबी हैं और उनके पास एतकाद व अमल का जो कुछ भी सरमाया है , वह मदीना का नहीं नज्द का है , और ज़ाहिर है कि इब्ने अब्दुल वहाब नदी का मज़हब जब उन्हें खुद पसन्द है तो यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि जिस तबलीगी काफ़िले की वह क्यादत कर रहे हैं , उसे वह किस तरफ़ ले जाना चाहेंगे ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 23/24/25)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/C0YwYhVaA7Q16df9Fvk8TJ
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪17*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🔴 मेवात में तबलीगी जमाअत का फरेब*
◼️मौलवी अब्दुर्रहीम शाह देवबन्दी जो तबलीगी जमाअत के पुराने कारकुन हैं , उन्होंने अपनी किताब *' उसूले दावत व तबलीग '* में इन्केशाफ़ किया है कि आजकल मेवात में तबलीगी जमाअत के लोग कलिमा व नमाज़ की तबलीग के बजाये मुसलमानों को काफ़िर व मुरतद बनाने की मुहिम में मस्रुफ हैं । जैसा कि मौसूफ के अल्फाज़ यह हैं :-
◼️"हमारे मेवात वाले माशा अल्लाह अरब व अजम में मुसलमान बनाते - बनाते उक्ता गये हैं , जी भर गया , इसलिये मेवात के बाज सरगरम मुबल्लेगीन व उलमा ने मुसलमानों को काफ़िर व मुरतद बनाना शुरू कर दिया है ।"
📘 *( उसूले दावत व तबलीग , सफा - ६१ , मतबूआ अलजमीयत प्रेस दिल्ली )*
*◼️इसी किताब में दूसरी जगह फरमाते हैं :* “ मैं हैरान हूँ क्या कहूँ , कुछ समझ में नहीं आता पता नहीं कब से तबलीगी जमाअत का मरकज़ भी ईमानीयत में दाखिल हो गया है और उसका मुखालिफ काफ़िर करार पाता है । *📘 ( सफा - ६१ )*
*🔶 इसी किताब के हाशिये पर एक दूसरे तबलीगी कारकुन मौलवी नूर मुहम्मद चन्दीनी लिखते हैं :-*
◼️अगर ज़रा भी ताक़त हासिल हो जाये और जो मरकज़ न आये , तो उसको बिल्कुल मुरतद के दर्जे में समझते हैं । *📘 ( सफा - ६० )*
◼️तबलीगी जमाअत के इन पुराने कारकुनों के यह बयानात सामने रख कर फैसला कीजिये कि अपने मफ्तूहा इलाके में तबलीगी जमाअत तफ़ीक़ बैनल - मुस्लेमीन की यह जो मुहिम चला रहे हैं , क्या एक लमहा के लिये भी आप यह बर्दाश्त कर सकेंगे कि आपके महफूज़ इलाके में भी तबलीगी जमाअत दाखिल हो कर इसी तरह का फित्ना बरपा करें । अगर आप इसके लिये तैयार नहीं हैं । तो ख़तरे का शिकार होने से पहले , खतरे का संदे . बाब कीजिये ।
*◼️अपने बारे में तबलीगी जमाअत वालों का खुद इकरार कि वह बड़े सख्त वहाबी हैं !*
◼️ ज़माना - ए - हाल के फ़िर्कों में फ़िरका - ए - वहाबिया ने इस्लाम की हुरमत और अम्बिया , औलिया की अज़मत पर जिस बेदर्दी से हमला किया है , वह तारीख का एक निहायत अलमनाक वाकया है । इसी फिरक - ए - वहाबिया नज्दीया के साथ तबलीगी जमाअत के सरबराह मौलाना जकरिया शैखुल हदीस , सहारनपुर और मौलाना मन्जूर नौमानी का वह तअल्लुक मुलाहिज़ा फरमाइये , जिसे सवानेह मौलाना युसुफ कांधेलवी के मुसन्निफ के बयान के मुताबिक़ , मौलाना इल्यास के इन्तेकाल के बाद उनकी जांनशीनी के मसले पर गुफ्तगू करते हुए मौलाना मन्जूर नौमानी ने ज़ाहिर किया था कि :-
*◼️" हम बड़े सख्त वहाबी हैं ।* हमारे लिये इस बात में कोई खास कशिश न होगी कि यहां हज़रत की कब्र मुबारक है , यह मस्जिद है जिसमें हज़रत नमाज़ पढ़ते थे । "
📘 *( सवानेह मौलाना यूसुफ , सफा - १६२ )*
*🔶 मौलाना जकरिया ने इसके जवाब में फ़रमाया :-*
◼️ “ मौलवी साहब मैं खुद तुम से बड़ा वहाबी हूँ । तुम्हें मशवरा दूंगा कि हज़रत चचा जान की कब्र और हज़रत के हुजरे और दरे व दीवार की वजह से यहाँ आने की ज़रूरत नहीं । *📘 ( सफ़ा - १६३ )*
◼️अपने वहाबी होने का खुद अपनी जुबान से यह खुला हुआ इकरार मुलाहिज़ा फरमाइये । कोई दूसरा उनके बारे में कहता तो इल्ज़ाम समझा जाता । लेकिन खुद अपने इक़रार का मतलब सिवा इसके और क्या हो सकता है कि यह हज़रात हकीक़तन वहाबी हैं और उनके पास एतकाद व अमल का जो कुछ भी सरमाया है , वह मदीना का नहीं नज्द का है , और ज़ाहिर है कि इब्ने अब्दुल वहाब नदी का मज़हब जब उन्हें खुद पसन्द है तो यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि जिस तबलीगी काफ़िले की वह क्यादत कर रहे हैं , उसे वह किस तरफ़ ले जाना चाहेंगे ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 23/24/25)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/C0YwYhVaA7Q16df9Fvk8TJ
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
WhatsApp.com
🌟9⃣Dєєиι Tαℓєєм Gяoυρ🌟
WhatsApp Group Invite
*🔷🔶🔷🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🔷🔶🔷*
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪18*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🟡 नजदी हुकूमत के साथ तबलीगी जमाअत का मुआहदा*
↪️ बात इतनी ही पर खत्म नहीं हो गयी है , बकि नज्द के वहाबी फिरके के साथ तबलीगी जमाअत का जेहनी और फिकी तअल्लुक अब एक मुआहदे के शक्ल में हमारे सामने आ गया है । जैसा कि तबलीगी जमाअत के सरबराह मौलाना अबुल हसन अली नजदी ने अपनी किताब *" मौलाना इल्यास और उनकी दीनी दावत ” में लिखा है कि १४ मार्च १६३८ ई० को बानिये तबलीग़ मौलाना इल्यास अपना एक वफ्द लेकर नज्द के दरबार में हाज़िर हुए ।* और उसके सामने तबलीगी जमाअत के अग़राज़ व मक़ासिद को पेश किया । जिस पर सुल्तान ने अपनी खुशनूदी का इजहार किया । अखीर में यह वफ्द नदी हुकूमत के शैखुल - इस्लाम के पास गया और उनके सामने मक़ासिदे तबलीग का कागज़ पेश किया । जिसकी बाबत मौलाना अबुल हसन अली नदवी ने लिखा है कि : " उन्होंने बहुत एजाज़ व इकराम के साथ और हर बात की खूब - खूब ताईद की और ज़बानी पूरी हमदर्दी व इआनत का वादा किया । "
📘 *( दीनी दावत , सफ़ा - १०१ )*
↪️ अब आप ने समझ लिया होगा कि तबलीगी जमाअत के मरकज़ में सोने और चाँदी की नहरें बह रही हैं , वह कहाँ से आती है ? यह वही नजदी हुकूमत का रेयाल है , जो मुआहदे के मुताबिक उन्हें दिया जा रहा है । ताकि हिन्दुस्तान के सादा लौह मुसलमानों का ईमान गारत करके उन्हें नजदी वहाबियों की तरह रसूले अरबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और औलिया - ए - किराम की तरफ से बद - अकीदा और गुस्ताख़ बना दिया जाये । यह नजदी हुकूमत के एजेन्ट हैं , जो कलिमा और नमाज के नाम पर सादा लौह मुसलमानों को इकट्ठा करके उनके अकीदा व ईमान का शिकार करना चाहते हैं ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 26/27)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/C0YwYhVaA7Q16df9Fvk8TJ
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪18*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🟡 नजदी हुकूमत के साथ तबलीगी जमाअत का मुआहदा*
↪️ बात इतनी ही पर खत्म नहीं हो गयी है , बकि नज्द के वहाबी फिरके के साथ तबलीगी जमाअत का जेहनी और फिकी तअल्लुक अब एक मुआहदे के शक्ल में हमारे सामने आ गया है । जैसा कि तबलीगी जमाअत के सरबराह मौलाना अबुल हसन अली नजदी ने अपनी किताब *" मौलाना इल्यास और उनकी दीनी दावत ” में लिखा है कि १४ मार्च १६३८ ई० को बानिये तबलीग़ मौलाना इल्यास अपना एक वफ्द लेकर नज्द के दरबार में हाज़िर हुए ।* और उसके सामने तबलीगी जमाअत के अग़राज़ व मक़ासिद को पेश किया । जिस पर सुल्तान ने अपनी खुशनूदी का इजहार किया । अखीर में यह वफ्द नदी हुकूमत के शैखुल - इस्लाम के पास गया और उनके सामने मक़ासिदे तबलीग का कागज़ पेश किया । जिसकी बाबत मौलाना अबुल हसन अली नदवी ने लिखा है कि : " उन्होंने बहुत एजाज़ व इकराम के साथ और हर बात की खूब - खूब ताईद की और ज़बानी पूरी हमदर्दी व इआनत का वादा किया । "
📘 *( दीनी दावत , सफ़ा - १०१ )*
↪️ अब आप ने समझ लिया होगा कि तबलीगी जमाअत के मरकज़ में सोने और चाँदी की नहरें बह रही हैं , वह कहाँ से आती है ? यह वही नजदी हुकूमत का रेयाल है , जो मुआहदे के मुताबिक उन्हें दिया जा रहा है । ताकि हिन्दुस्तान के सादा लौह मुसलमानों का ईमान गारत करके उन्हें नजदी वहाबियों की तरह रसूले अरबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और औलिया - ए - किराम की तरफ से बद - अकीदा और गुस्ताख़ बना दिया जाये । यह नजदी हुकूमत के एजेन्ट हैं , जो कलिमा और नमाज के नाम पर सादा लौह मुसलमानों को इकट्ठा करके उनके अकीदा व ईमान का शिकार करना चाहते हैं ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 26/27)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/C0YwYhVaA7Q16df9Fvk8TJ
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
WhatsApp.com
🌟9⃣Dєєиι Tαℓєєм Gяoυρ🌟
WhatsApp Group Invite
*🔷🔶🔷🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🔷🔶🔷*
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪19*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🟤 तबलीगी जमाअत अहादीस की रौशनी में*
📍 नज्द के वहाबी मजहब को दुनिया में फैला कर मुसलमानों को बद - अकीदा बनाने वालो यही वह तबलीगी जमाअत हैं जिसके मुतअल्लिक *रसूले अरबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम* ने निहायत वाजेह निशानियों के साथ *चौदह सौ ( १४०० )* बरस पहले अपनी उम्मत को खबरदार किया है कि अब तुम उनका ज़माना पाओ तो उनसे दूर रहना और उनके खिलाफ जिहाद करना । इस मज़मून की हदीस जैल में मुलाहिजा फरमायें :
*↪️ ( १ )* “ हज़रत अली रज़ि अल्लाहु अन्हु फरमाते हैं कि मैंने हुजूरे अनवर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को यह फरमाते हुए सुना है कि अखीर ज़माने में नौ उम्र और कम समझ लोगों की एक जमाअत निकलेगी , बातें वह बज़ाहिर अच्छी कहेंगे , लेकिन ईमान उनके हलक से नीचे नहीं उतरेगा । वह दीन से ऐसे निकल जायेंगे जैसे तीर शिकार से निकल जाता है । पस तुम उन्हें जहां पाना कत्ल कर देना कि क्यामत के दिन उनके कातिल के लिये बड़ा अज़ व सवाब है।
*📗(बुखारी शरीफ जिल्द - २ ,सफा १०२४)*
*↪️ ( २ )* " हज़रते शरीक इब्ने शहाब रज़ि अल्लाहु अन्हु से मनकूल है कि हुजूर ने फरमाया कि एक गिरोह निकलेगा , वह कुरआन पढ़ेंगे , लेकिन कुरआन उनके हलक के नीचे नहीं उतरेगा । वह इस्लाम से ऐसे निकल जायेंगे जैसे तीर शिकार से उनकी खास पहचान ' सर मुढ़ाना है । वह हमेशा गिरोह दर गिरोह निकलते रहेंगे । यहां तक कि उनका आखिरी दस्ता मसीहुद् - दज्जाल के साथ निकलेगा । अब तुम उनसे मिलोगे तो तबीयत और सरिश्त के लिहाज से बद - तरीन पाओगे ।
📗 *( मिश्कात शरीफ़ , पेज - ३०६ )*
↪️ *( ३ )* हज़रत अबू सईद खुदरी और हज़रते अनस बिन मालिक रज़ि अल्लाहु अन्हुमा से मिश्कात शरीफ़ में यह हदीस नक़ल की गई है कि हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इरशाद फरमाया कि मेरी उम्मत में इख़्तिलाफ़ व तफ़ीक़ का वाके होना मुक़द्दर बन चुका है । पस इस सिलसिले में एक गिरोह निकलेगा जिसकी बातें बज़ाहिर दिल फरेब व खुशनुमा होगी , लेकिन किरदार गुमराह कुन और ख़राब होगा । वह कुरआन पढ़ेंगे , लेकिन कुरआन उनके हलक के नीचे नहीं उतरेगा , वह दीन से ऐसे निकल जायेंगे जैसे तीर से शिकार निकल जाता है । फिर दीन की तरफ वापस लौटना नहीं नसीब होगा । यहां तक कि तीर अपने कमान की तरफ लौट आये । वह अपनी तबीयत और सरिश्त के लिहाज़ से बदतरीन मखलूक होंगे । वह लोगों को कुरआन और दीन की तरफ बुलायेंगे , हालांकि दीन से उनका कुभी तअल्लुक न होगा । जो उनसे क़त्ताल करेगा , वह खुदा का मुकर्रब तरीन बन्दा होगा । सहाबा ने अर्ज किया कि उनको खास पहचान क्या होगी या रसूलुल्लाह ! फ़रमाया सर मुढ़ाना ।
*📗 ( मिश्कात, सफ़ा - ३०८ )*
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 28,29)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/C0YwYhVaA7Q16df9Fvk8TJ
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪19*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🟤 तबलीगी जमाअत अहादीस की रौशनी में*
📍 नज्द के वहाबी मजहब को दुनिया में फैला कर मुसलमानों को बद - अकीदा बनाने वालो यही वह तबलीगी जमाअत हैं जिसके मुतअल्लिक *रसूले अरबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम* ने निहायत वाजेह निशानियों के साथ *चौदह सौ ( १४०० )* बरस पहले अपनी उम्मत को खबरदार किया है कि अब तुम उनका ज़माना पाओ तो उनसे दूर रहना और उनके खिलाफ जिहाद करना । इस मज़मून की हदीस जैल में मुलाहिजा फरमायें :
*↪️ ( १ )* “ हज़रत अली रज़ि अल्लाहु अन्हु फरमाते हैं कि मैंने हुजूरे अनवर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को यह फरमाते हुए सुना है कि अखीर ज़माने में नौ उम्र और कम समझ लोगों की एक जमाअत निकलेगी , बातें वह बज़ाहिर अच्छी कहेंगे , लेकिन ईमान उनके हलक से नीचे नहीं उतरेगा । वह दीन से ऐसे निकल जायेंगे जैसे तीर शिकार से निकल जाता है । पस तुम उन्हें जहां पाना कत्ल कर देना कि क्यामत के दिन उनके कातिल के लिये बड़ा अज़ व सवाब है।
*📗(बुखारी शरीफ जिल्द - २ ,सफा १०२४)*
*↪️ ( २ )* " हज़रते शरीक इब्ने शहाब रज़ि अल्लाहु अन्हु से मनकूल है कि हुजूर ने फरमाया कि एक गिरोह निकलेगा , वह कुरआन पढ़ेंगे , लेकिन कुरआन उनके हलक के नीचे नहीं उतरेगा । वह इस्लाम से ऐसे निकल जायेंगे जैसे तीर शिकार से उनकी खास पहचान ' सर मुढ़ाना है । वह हमेशा गिरोह दर गिरोह निकलते रहेंगे । यहां तक कि उनका आखिरी दस्ता मसीहुद् - दज्जाल के साथ निकलेगा । अब तुम उनसे मिलोगे तो तबीयत और सरिश्त के लिहाज से बद - तरीन पाओगे ।
📗 *( मिश्कात शरीफ़ , पेज - ३०६ )*
↪️ *( ३ )* हज़रत अबू सईद खुदरी और हज़रते अनस बिन मालिक रज़ि अल्लाहु अन्हुमा से मिश्कात शरीफ़ में यह हदीस नक़ल की गई है कि हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इरशाद फरमाया कि मेरी उम्मत में इख़्तिलाफ़ व तफ़ीक़ का वाके होना मुक़द्दर बन चुका है । पस इस सिलसिले में एक गिरोह निकलेगा जिसकी बातें बज़ाहिर दिल फरेब व खुशनुमा होगी , लेकिन किरदार गुमराह कुन और ख़राब होगा । वह कुरआन पढ़ेंगे , लेकिन कुरआन उनके हलक के नीचे नहीं उतरेगा , वह दीन से ऐसे निकल जायेंगे जैसे तीर से शिकार निकल जाता है । फिर दीन की तरफ वापस लौटना नहीं नसीब होगा । यहां तक कि तीर अपने कमान की तरफ लौट आये । वह अपनी तबीयत और सरिश्त के लिहाज़ से बदतरीन मखलूक होंगे । वह लोगों को कुरआन और दीन की तरफ बुलायेंगे , हालांकि दीन से उनका कुभी तअल्लुक न होगा । जो उनसे क़त्ताल करेगा , वह खुदा का मुकर्रब तरीन बन्दा होगा । सहाबा ने अर्ज किया कि उनको खास पहचान क्या होगी या रसूलुल्लाह ! फ़रमाया सर मुढ़ाना ।
*📗 ( मिश्कात, सफ़ा - ३०८ )*
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 28,29)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/C0YwYhVaA7Q16df9Fvk8TJ
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
WhatsApp.com
🌟9⃣Dєєиι Tαℓєєм Gяoυρ🌟
WhatsApp Group Invite
*🔷🔶🔷🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🔷🔶🔷*
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪20*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
↪️ *( ४ )* " मिश्कात शरीफ में हज़रते अबू सईद खुदरी रज़ि अल्लाहु तआला अन्हु से मनकूल है , वह कहते हैं कि हम लोग *हुजूर अनवर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम* की ख़िदमत में हाज़िर थे और हुजूर माले गनीमत तक्सीम फरमा रहे थे कि जुलख़वेसरा का नाम एक ' शख्स जो क़बीलये बनी तमीम का रहने वाला था , आया और कहा , ऐ अल्लाह के रसूल इन्साफ़ से काम लो । *हुजूर ने फ़रमाया ,* अफ़सोस तेरी जसारत पर मैं ही इंसाफ नहीं करूंगा तो और कौन इंसाफ़ करने वाला है । अगर मैं इंसाफ नहीं करता तो खाइब व ख़ासिर हो चुका होता । हज़रत उमर से जब नहीं रहा गया तो उन्होंने अर्ज़ किया कि हुजूर मुझे इजाज़त दीजिये मैं उसकी गर्दन मार दूं । हुजूर ने फ़रमाया , इसे छोड़ दो । यह अकेला नहीं है । इसके बहुत से साथी हैं , जिनकी नमाज़ों और जिनके रोज़ों को देख कर तुम अपनी अपनी नमाज़ों और रोज़ों को हकीर समझोगे । वह कुरआन पढ़ेंगे , लेकिन कुरआन उनके हलक के नीचे नहीं उतरेगा । इन सारी ज़ाहिरी खूबियों के बावजूद , वह दीन से ऐसे निकल जायेंगे , जैसे तीर शिकार से निकल जाता है । '
*📗(बुखारी शरीफ़ , जिल्द - २ ,पेज - १०२४)*
*🔵 जमीर का फैसला*
↪️ इन हालात में अब मोमिन का ज़मीर ही उसका फैसला करेगा कि रसूले पाक को खुशनूदी तबलीगी जमाअत के साथ मुनसलिक होने में है या उससे एलाहदा रहने में । सवाल उन लोगों से है जिन्हें सिर्फ खुदा व रसूल की खुशनूदी का जज्बा तबलीग की तरफ खींच कर ले जाता है । बाकी रहे वह लोग जो किसी माद्दी मुनफअत की लालच या मज़हबी शकावत के जज्बे में साथ हो गये हैं , उनकी वापसी की तवक्का नहीं की जा सकती ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 28/29/30)*
*📮पोस्ट मुकम्मल...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/EkVYFUIf0J2IIYOIKVa4cF
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
*🖊️तबलीगी जमाअत का फरेब, पोस्ट ➪20*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
↪️ *( ४ )* " मिश्कात शरीफ में हज़रते अबू सईद खुदरी रज़ि अल्लाहु तआला अन्हु से मनकूल है , वह कहते हैं कि हम लोग *हुजूर अनवर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम* की ख़िदमत में हाज़िर थे और हुजूर माले गनीमत तक्सीम फरमा रहे थे कि जुलख़वेसरा का नाम एक ' शख्स जो क़बीलये बनी तमीम का रहने वाला था , आया और कहा , ऐ अल्लाह के रसूल इन्साफ़ से काम लो । *हुजूर ने फ़रमाया ,* अफ़सोस तेरी जसारत पर मैं ही इंसाफ नहीं करूंगा तो और कौन इंसाफ़ करने वाला है । अगर मैं इंसाफ नहीं करता तो खाइब व ख़ासिर हो चुका होता । हज़रत उमर से जब नहीं रहा गया तो उन्होंने अर्ज़ किया कि हुजूर मुझे इजाज़त दीजिये मैं उसकी गर्दन मार दूं । हुजूर ने फ़रमाया , इसे छोड़ दो । यह अकेला नहीं है । इसके बहुत से साथी हैं , जिनकी नमाज़ों और जिनके रोज़ों को देख कर तुम अपनी अपनी नमाज़ों और रोज़ों को हकीर समझोगे । वह कुरआन पढ़ेंगे , लेकिन कुरआन उनके हलक के नीचे नहीं उतरेगा । इन सारी ज़ाहिरी खूबियों के बावजूद , वह दीन से ऐसे निकल जायेंगे , जैसे तीर शिकार से निकल जाता है । '
*📗(बुखारी शरीफ़ , जिल्द - २ ,पेज - १०२४)*
*🔵 जमीर का फैसला*
↪️ इन हालात में अब मोमिन का ज़मीर ही उसका फैसला करेगा कि रसूले पाक को खुशनूदी तबलीगी जमाअत के साथ मुनसलिक होने में है या उससे एलाहदा रहने में । सवाल उन लोगों से है जिन्हें सिर्फ खुदा व रसूल की खुशनूदी का जज्बा तबलीग की तरफ खींच कर ले जाता है । बाकी रहे वह लोग जो किसी माद्दी मुनफअत की लालच या मज़हबी शकावत के जज्बे में साथ हो गये हैं , उनकी वापसी की तवक्का नहीं की जा सकती ।
*📙 (तबलीगी जमाअत का फरेब, सफा: 28/29/30)*
*📮पोस्ट मुकम्मल...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/EkVYFUIf0J2IIYOIKVa4cF
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷🔶🔷
WhatsApp.com
🌟2⃣Dєєиι Tαℓєєм Gяουρ🌟
WhatsApp Group Invite
*🌹🌀🌹🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🌹🌀🌹*
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪01📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*☝🏻अकाइद का बयान (1) ☝🏻*
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 1 -* ईमान किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* अल्लाह तआला और उसके रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई तमाम बातों का यकीन करना । उन्हें दिल से हक जानना और ज़रूरियाते दीन में से किसी बात का इंकार न करना ईमान है।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 2 -* कुफ्र किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* ज़रूरियाते दीन में से किसी बात का इंकार कुफ्र है । ज़रूरियाते दीन बहुत है मसलन अल्लाह तआला को एक मानना उसे हर ऐब से पाक मानना उसके मलाइका और उसकी तमाम किताबों का मानना । कयामत , हिसाब व किताब और जन्नत व दौज़ख को हक मानना वगैराह।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 3 -* शिर्क किसे कहते है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* अल्लाह तआला की जात व सिफात में किसी को शरीक ठहराना शिर्क है । जात में शिर्क का मतलब ये है कि दो या दो से ज़्यादा खुदा माने जैसे ईसाई तीन और हिन्दू कई खुदा मानकर मुशरिक है । सिफात में शिर्क का मतलब ये है कि अल्लाह तआला की सिफत की तरह दूसरे के लिए कोई सिफत माने मसलन सुनना । यह सिफत अल्लाह तआला के लिए बगैर किसी के दिये जाती तौर पर साबित है । इस सिफ़त को किसी दूसरे के लिए जाती तौर पर मानना शिर्क है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 4 -* तकदीर किसे कहते है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* दुनिया में जो कुछ होता है और बन्दे जो कुछ भलाई बुराई करते हैं अल्लाह तआला ने उसे अपने इल्म के मुआकिफ पहले से लिख लिया है उसी को तकदीर कहते हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 5 -* मीज़ान क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* मीज़ान हक है यह एक तराजू है जिस के दो पल्ले होंगे उस पर लोगों के अच्छे बुरे आमाल तोले जाएगें । नेकियों का पल्ला अगर भारी होगा तो ऊपर उठेगा और बुराई का पल्ला नीचे बैठेगा ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 6 -* सिरात क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* यह एक पुल है जो जहन्नम के ऊपर होगा । यह बाल से ज़्यादा बारीक और तलवार से ज़्यादा तेज़ है । जन्नत का यही रास्ता है सब को इस पर चलना होगा कुफ्फार नचल सकेंगे और जहन्नम में गिर जायेंगे जबकि मुसलमान पार हो जायेंगे।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 7 -* मुअजजा और करामत किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* वह अजीबो गरीब काम जो आदतन नामुमकिन हो और नबी अपनी नुबूवत के सबूत में पेश करें । वो मुअजज़ा है जैसे मुर्दे को ज़िन्दा करना वगैरह और ऐसी अजीबो गरीब बात अगर वली से जाहिर हो तो उसे करामत कहते हैं।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 8 -* क्या तकदीर के मुताबिक काम करने पर आदमी मजबूर है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नहीं बन्दों को अल्लाह तआला ने नेकी व बदी करने पर इख्तियार दिया है वो अपने इख्तियार से जो कुछ करता है वो सब अल्लाह तआला के यहां लिखा होता।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 9 -* कब्र में मुर्दो से कौन से सवालात होते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* मुनकर नकीर कब्र में मुर्दो से तीन सवाल
*☞1 )* तेरा रब कौन है ,
*☞2 )* तेरा दीन क्या है
*☞3 )* इनके बारे में तू क्या कहता था।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 10 -* कब्र में किस किस से सवाल नहीं होता ?
*🍀👉🏻 जवाब -* हज़राते अम्बिया - ए - किराम अलैयहिमुस्सलाम से कब्र में सवाल नहीं होता । यूं ही कुछ उम्मतियों से भी न होगा । जैसे जुम्आ और रमज़ान में मरने वाले मुसलमान से सवाल नहीं होता।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 2,3)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ILCRmm9NUO2ICOEyxEcGRA
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪01📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*☝🏻अकाइद का बयान (1) ☝🏻*
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 1 -* ईमान किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* अल्लाह तआला और उसके रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई तमाम बातों का यकीन करना । उन्हें दिल से हक जानना और ज़रूरियाते दीन में से किसी बात का इंकार न करना ईमान है।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 2 -* कुफ्र किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* ज़रूरियाते दीन में से किसी बात का इंकार कुफ्र है । ज़रूरियाते दीन बहुत है मसलन अल्लाह तआला को एक मानना उसे हर ऐब से पाक मानना उसके मलाइका और उसकी तमाम किताबों का मानना । कयामत , हिसाब व किताब और जन्नत व दौज़ख को हक मानना वगैराह।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 3 -* शिर्क किसे कहते है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* अल्लाह तआला की जात व सिफात में किसी को शरीक ठहराना शिर्क है । जात में शिर्क का मतलब ये है कि दो या दो से ज़्यादा खुदा माने जैसे ईसाई तीन और हिन्दू कई खुदा मानकर मुशरिक है । सिफात में शिर्क का मतलब ये है कि अल्लाह तआला की सिफत की तरह दूसरे के लिए कोई सिफत माने मसलन सुनना । यह सिफत अल्लाह तआला के लिए बगैर किसी के दिये जाती तौर पर साबित है । इस सिफ़त को किसी दूसरे के लिए जाती तौर पर मानना शिर्क है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 4 -* तकदीर किसे कहते है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* दुनिया में जो कुछ होता है और बन्दे जो कुछ भलाई बुराई करते हैं अल्लाह तआला ने उसे अपने इल्म के मुआकिफ पहले से लिख लिया है उसी को तकदीर कहते हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 5 -* मीज़ान क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* मीज़ान हक है यह एक तराजू है जिस के दो पल्ले होंगे उस पर लोगों के अच्छे बुरे आमाल तोले जाएगें । नेकियों का पल्ला अगर भारी होगा तो ऊपर उठेगा और बुराई का पल्ला नीचे बैठेगा ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 6 -* सिरात क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* यह एक पुल है जो जहन्नम के ऊपर होगा । यह बाल से ज़्यादा बारीक और तलवार से ज़्यादा तेज़ है । जन्नत का यही रास्ता है सब को इस पर चलना होगा कुफ्फार नचल सकेंगे और जहन्नम में गिर जायेंगे जबकि मुसलमान पार हो जायेंगे।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 7 -* मुअजजा और करामत किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* वह अजीबो गरीब काम जो आदतन नामुमकिन हो और नबी अपनी नुबूवत के सबूत में पेश करें । वो मुअजज़ा है जैसे मुर्दे को ज़िन्दा करना वगैरह और ऐसी अजीबो गरीब बात अगर वली से जाहिर हो तो उसे करामत कहते हैं।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 8 -* क्या तकदीर के मुताबिक काम करने पर आदमी मजबूर है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नहीं बन्दों को अल्लाह तआला ने नेकी व बदी करने पर इख्तियार दिया है वो अपने इख्तियार से जो कुछ करता है वो सब अल्लाह तआला के यहां लिखा होता।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 9 -* कब्र में मुर्दो से कौन से सवालात होते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* मुनकर नकीर कब्र में मुर्दो से तीन सवाल
*☞1 )* तेरा रब कौन है ,
*☞2 )* तेरा दीन क्या है
*☞3 )* इनके बारे में तू क्या कहता था।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 10 -* कब्र में किस किस से सवाल नहीं होता ?
*🍀👉🏻 जवाब -* हज़राते अम्बिया - ए - किराम अलैयहिमुस्सलाम से कब्र में सवाल नहीं होता । यूं ही कुछ उम्मतियों से भी न होगा । जैसे जुम्आ और रमज़ान में मरने वाले मुसलमान से सवाल नहीं होता।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 2,3)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ILCRmm9NUO2ICOEyxEcGRA
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*🌹🌀🌹🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🌹🌀🌹*
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪02 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*☝🏻अकाइद का बयान (2) ☝🏻*
︵‿︵‿︵‿︵‿︵‿︵︵‿︵‿︵‿︵
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 11 -* मशहूर आसमानी किताबें कितनी हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* चार हैं 1 . तौरेत , 2 . जबूर , 3 . इंजील , 4 . और कुरआन शरीफ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 12 -* क्या नबीए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम नूर है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* जी हां अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम नूर हैं । अल्लाह तआला का इरशाद है قَدْ جَاءَکُمْ مِنَ اللہِ نُوْرٌوَّ کِتٰبٌ مُّبِیْنٌ हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास रदी अल्लाहु तआला अन्हु ने इस की तफसीर में फरमाया की नूर से मुराद हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम हैं और کِتٰبٌ مُّبِیْنٌ से मुराद कुरआन है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 13 -* क्या हमारे आका सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम गैब जानते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* बिला शुबहा अल्लाह तआला ने हमारे आका सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम को बेशुमार उलूमे गैबियाह अता फरमाए हैं । चुनान्चे अल्लाह तआला का इरशाद है وَمَا ھُوَ عَلَی الْغَیْبِ بِضَنِیْنْ
📖 *तरजुमा* ये नबी गैब की बातें बताने में बखील नहीं।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 14 -* क्या अल्लाह तआला के अलावा किसी और से मदद मांगना जाइज़ है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* अल्लाह तआला के नेक बन्दे भी अल्लाह तआला की अता से मदद करते हैं लिहाजा उन से मदद मांगना जाइज़ है । कुरआन पाक में रब तआला का इरशाद है । قُلْ بِفَضْلِ اللہِ وَبِرَحْمَتِہٖ فَبِذٰلِکَ فَلْیَفْرحُوْ
📖 *तरजुमा -* " बेशक अल्लाह तआला उनका मददगार है और जिब्रइल और नेक ईमान वाले और इसके बाद फरिशतें मदद करते हैं । "
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 15 -* क्या ईद मीलादुन्नबी सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम मनाना जाइज़ है ?
*🍀👉🏻 जवाब -* बिलाशुबा ईद मीलादुन्नबी सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम मनाना जाइज़ है क्योंकि रसूलल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम रब तआला की रहमत है और अल्लाह तआला का इरशाद है وَلٰکِن رَّسُوْلَ اللہِ وَخَاتَم النَّبیِّیْنَ
📖 *तरजुमा-* फरमा दीजिये लोग अल्लाह के फज़ल और उस की रहमत पर खुशी मनाएँ ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 16 -* क्या नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम हाज़िर व नाज़िर हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब -* बेशक रसूले अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम हाज़िर व नाज़िर है जैसा कि कुरआने मुकद्दस में अल्लाह तआला का इरशाद है
*📖 तरजुमा* बे शक हमने तुम्हें भेजा हाज़िर व नाज़िर और खुशी और डर सुनाता ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 17 -* क्या हमारे आका सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम के बाद कोई और नबी आ सकता है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हरगिज़ नहीं हमारे आका सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम पर नुबूवत का दरवाज़ा बन्द हो गया आप के बाद किसी नये नबी का आना नामुमकिन है । अल्लाह तआला फरमाता है قُلْ بِفَضْلِ اللہِ وَبِرَحْمَتِہٖ فَبِذٰلِکَ فَلْیَفْرحُوْ
*📖 तरजुमा* हां अल्लाह के रसूल हैं और सब नबियों के आखरी हैं । लिहाजा जो शख्स हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम के ज़माने में या हुजूर के बाद किसी को नुबूवत मिलना माने वो काफिर है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 18 -* क्या अम्बियाए किराम बाद विसाल जिन्दा हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* अम्बियाए किराम अलैहिमुस्सलाम अपनी अपनी कब्रों में इसी तरह जिन्दा हैं जिस तरह दुनिया में थे वादा ए इलाही की तसदीक के लिए एक लम्हा को उन पर मौत तारी हुई फिर बदस्तूर जिन्दा हो गयें ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 19 -* क्या कयामत के दिन कोई किसी की शफाअत करेगा ?
*🍀👉🏻 जवाब :* कयामत के दिन हुजूर - ए - अकरम हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम बाबे शफाअत खोलेंगे बाद में दीगर महबूबान बारगाहे इलाही भी शफाअत करेंगे ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 20 -* सहाबी का रूतबा क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* कोई वली कितने ही बड़े मरतबे का हो किसी सहाबी के रूतबे को नहीं पहुँचता किसी सहाबी के साथ बद अकीदगी गुमराही है । हज़रत अली रदियल्लाहु तआला अन्हु से हज़रत अमीर मुआविया रदियल्लाहु अन्हु की जंग इजतिहादी खता है जो गुनाह नहीं । इसलिए हज़रत अमीर मुआविया रदी यल्लाहु अन्हु को ज़ालिम या कोई बुरा कलमा कहना हरामो ना जाइज बल्कि राफजियत है ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 4,5)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ILCRmm9NUO2ICOEyxEcGRA
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दीनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪02 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*☝🏻अकाइद का बयान (2) ☝🏻*
︵‿︵‿︵‿︵‿︵‿︵︵‿︵‿︵‿︵
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 11 -* मशहूर आसमानी किताबें कितनी हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* चार हैं 1 . तौरेत , 2 . जबूर , 3 . इंजील , 4 . और कुरआन शरीफ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 12 -* क्या नबीए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम नूर है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* जी हां अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम नूर हैं । अल्लाह तआला का इरशाद है قَدْ جَاءَکُمْ مِنَ اللہِ نُوْرٌوَّ کِتٰبٌ مُّبِیْنٌ हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास रदी अल्लाहु तआला अन्हु ने इस की तफसीर में फरमाया की नूर से मुराद हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम हैं और کِتٰبٌ مُّبِیْنٌ से मुराद कुरआन है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 13 -* क्या हमारे आका सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम गैब जानते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* बिला शुबहा अल्लाह तआला ने हमारे आका सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम को बेशुमार उलूमे गैबियाह अता फरमाए हैं । चुनान्चे अल्लाह तआला का इरशाद है وَمَا ھُوَ عَلَی الْغَیْبِ بِضَنِیْنْ
📖 *तरजुमा* ये नबी गैब की बातें बताने में बखील नहीं।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 14 -* क्या अल्लाह तआला के अलावा किसी और से मदद मांगना जाइज़ है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* अल्लाह तआला के नेक बन्दे भी अल्लाह तआला की अता से मदद करते हैं लिहाजा उन से मदद मांगना जाइज़ है । कुरआन पाक में रब तआला का इरशाद है । قُلْ بِفَضْلِ اللہِ وَبِرَحْمَتِہٖ فَبِذٰلِکَ فَلْیَفْرحُوْ
📖 *तरजुमा -* " बेशक अल्लाह तआला उनका मददगार है और जिब्रइल और नेक ईमान वाले और इसके बाद फरिशतें मदद करते हैं । "
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 15 -* क्या ईद मीलादुन्नबी सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम मनाना जाइज़ है ?
*🍀👉🏻 जवाब -* बिलाशुबा ईद मीलादुन्नबी सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम मनाना जाइज़ है क्योंकि रसूलल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम रब तआला की रहमत है और अल्लाह तआला का इरशाद है وَلٰکِن رَّسُوْلَ اللہِ وَخَاتَم النَّبیِّیْنَ
📖 *तरजुमा-* फरमा दीजिये लोग अल्लाह के फज़ल और उस की रहमत पर खुशी मनाएँ ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 16 -* क्या नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम हाज़िर व नाज़िर हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब -* बेशक रसूले अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम हाज़िर व नाज़िर है जैसा कि कुरआने मुकद्दस में अल्लाह तआला का इरशाद है
*📖 तरजुमा* बे शक हमने तुम्हें भेजा हाज़िर व नाज़िर और खुशी और डर सुनाता ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 17 -* क्या हमारे आका सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम के बाद कोई और नबी आ सकता है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हरगिज़ नहीं हमारे आका सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम पर नुबूवत का दरवाज़ा बन्द हो गया आप के बाद किसी नये नबी का आना नामुमकिन है । अल्लाह तआला फरमाता है قُلْ بِفَضْلِ اللہِ وَبِرَحْمَتِہٖ فَبِذٰلِکَ فَلْیَفْرحُوْ
*📖 तरजुमा* हां अल्लाह के रसूल हैं और सब नबियों के आखरी हैं । लिहाजा जो शख्स हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम के ज़माने में या हुजूर के बाद किसी को नुबूवत मिलना माने वो काफिर है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 18 -* क्या अम्बियाए किराम बाद विसाल जिन्दा हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* अम्बियाए किराम अलैहिमुस्सलाम अपनी अपनी कब्रों में इसी तरह जिन्दा हैं जिस तरह दुनिया में थे वादा ए इलाही की तसदीक के लिए एक लम्हा को उन पर मौत तारी हुई फिर बदस्तूर जिन्दा हो गयें ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 19 -* क्या कयामत के दिन कोई किसी की शफाअत करेगा ?
*🍀👉🏻 जवाब :* कयामत के दिन हुजूर - ए - अकरम हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम बाबे शफाअत खोलेंगे बाद में दीगर महबूबान बारगाहे इलाही भी शफाअत करेंगे ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 20 -* सहाबी का रूतबा क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* कोई वली कितने ही बड़े मरतबे का हो किसी सहाबी के रूतबे को नहीं पहुँचता किसी सहाबी के साथ बद अकीदगी गुमराही है । हज़रत अली रदियल्लाहु तआला अन्हु से हज़रत अमीर मुआविया रदियल्लाहु अन्हु की जंग इजतिहादी खता है जो गुनाह नहीं । इसलिए हज़रत अमीर मुआविया रदी यल्लाहु अन्हु को ज़ालिम या कोई बुरा कलमा कहना हरामो ना जाइज बल्कि राफजियत है ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 4,5)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ILCRmm9NUO2ICOEyxEcGRA
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दीनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*🌹🌀🌹🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🌹🌀🌹*
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪03 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*💧 वुजू के मसाइल 💧*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 1 -* वुजू की तारीफ क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* वुजू तीन आजा 1 . चेहरा , 2 . दोनों हाथ , 3 . दोनों पैर धोने और सर के मसह करने का नाम है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 2 -* वुजू नमाज़ के लिए क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* शर्त है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 3 -* अगर किसी ने सिर्फ दिल में वुजू की नियत कर ली तो वुजू का सवाब मिलेगा या नहीं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* अगर किसी ने सिर्फ दिल में नियत की और ज़बान से अल्फाजे नियत अदा न की तो भी काफी है लिहाजा जरुर सवाब मिलने की उम्मीद है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 4 -* वुजू में कितनी बातें फर्ज़ एअतकादी है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* चार है
*☞1 .* मुंह धोना यानी तूल में शुरू सतह पेशानी से ( यानी जहां से बाल उगते हैं ) नीचे ठोडी तक और चौड़ाई में एक कान की लौ से दूसरे कान की लौ तक ।
*☞2 .* दोनों हाथ नाखुनों से कोहनियों तक धोना ,
*☞3 .* सर का मसह यानी उस के चौथाई हिस्से पर नमी का पुहंच जाना ,
*☞4 .* टखनों समेत पांव इस तरह धोना के कोई जगह सूखी न रह जाये ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 5 -* क्या आजाए वुजू को एक एक बार धोना जाइज है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* पानी की किल्लत या ठण्ड के उन या ज़रूरत की वजह से आजाए वुजू का एक एक बार धो लेना जाइज है।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 6 -* कब आज़ाए वुजू को एक एक बार धोना मकरुह तहरीमी और ऐसा करने वाला गुनहगार होगा ?
*🍀👉🏻जवाब -* जब किसी ने अपनी आदत बना ली की एक एक बार आज़ाए वुजू धोने पर एकतिफा ( यानी काफी है । ) करें तो मकरूह तहरीमी और गुनहगार होगा और बे उज़ कभी ऐसा करें तो मकरूह तंजीही है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 7 -* बे वुजू को किन कामों के लिए वुजू करना फर्ज है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नमाज़ , सजदए तिलावत , नमाजे जनाज़ा , कुरआन अज़ीम छूने के लिए वुजू करना फर्ज है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 8 -* किन कामों के लिए वुजू वाजिब है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* तवाफ - ए - काबा के लिए वुजू वाजिब है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 9 -* किन कामों के लिए वुजू करना सुन्नत है ?
*🍀🌹 जवाब :* गुस्ल जनाबत से पहले जुनुबी को खाने , पीने और अज़ान व इकामत और खुतबा जुमआ ईदैन और रोजा ए रसूल सल्लल्लाहु अलैह वसल्लम वुकूफ अरफा , सफा व मरवा के दरमियान सई के लिए वुजू कर लेना सुन्नत है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 10 -* वुजू के शुरू में बिस्मिल्लाह कहना क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* वुजू के शुरू में बिस्मिल्लाह कहना सुन्नत है ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 5,6)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ILCRmm9NUO2ICOEyxEcGRA
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दीनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪03 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*💧 वुजू के मसाइल 💧*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 1 -* वुजू की तारीफ क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* वुजू तीन आजा 1 . चेहरा , 2 . दोनों हाथ , 3 . दोनों पैर धोने और सर के मसह करने का नाम है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 2 -* वुजू नमाज़ के लिए क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* शर्त है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 3 -* अगर किसी ने सिर्फ दिल में वुजू की नियत कर ली तो वुजू का सवाब मिलेगा या नहीं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* अगर किसी ने सिर्फ दिल में नियत की और ज़बान से अल्फाजे नियत अदा न की तो भी काफी है लिहाजा जरुर सवाब मिलने की उम्मीद है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 4 -* वुजू में कितनी बातें फर्ज़ एअतकादी है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* चार है
*☞1 .* मुंह धोना यानी तूल में शुरू सतह पेशानी से ( यानी जहां से बाल उगते हैं ) नीचे ठोडी तक और चौड़ाई में एक कान की लौ से दूसरे कान की लौ तक ।
*☞2 .* दोनों हाथ नाखुनों से कोहनियों तक धोना ,
*☞3 .* सर का मसह यानी उस के चौथाई हिस्से पर नमी का पुहंच जाना ,
*☞4 .* टखनों समेत पांव इस तरह धोना के कोई जगह सूखी न रह जाये ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 5 -* क्या आजाए वुजू को एक एक बार धोना जाइज है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* पानी की किल्लत या ठण्ड के उन या ज़रूरत की वजह से आजाए वुजू का एक एक बार धो लेना जाइज है।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 6 -* कब आज़ाए वुजू को एक एक बार धोना मकरुह तहरीमी और ऐसा करने वाला गुनहगार होगा ?
*🍀👉🏻जवाब -* जब किसी ने अपनी आदत बना ली की एक एक बार आज़ाए वुजू धोने पर एकतिफा ( यानी काफी है । ) करें तो मकरूह तहरीमी और गुनहगार होगा और बे उज़ कभी ऐसा करें तो मकरूह तंजीही है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 7 -* बे वुजू को किन कामों के लिए वुजू करना फर्ज है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नमाज़ , सजदए तिलावत , नमाजे जनाज़ा , कुरआन अज़ीम छूने के लिए वुजू करना फर्ज है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 8 -* किन कामों के लिए वुजू वाजिब है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* तवाफ - ए - काबा के लिए वुजू वाजिब है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 9 -* किन कामों के लिए वुजू करना सुन्नत है ?
*🍀🌹 जवाब :* गुस्ल जनाबत से पहले जुनुबी को खाने , पीने और अज़ान व इकामत और खुतबा जुमआ ईदैन और रोजा ए रसूल सल्लल्लाहु अलैह वसल्लम वुकूफ अरफा , सफा व मरवा के दरमियान सई के लिए वुजू कर लेना सुन्नत है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 10 -* वुजू के शुरू में बिस्मिल्लाह कहना क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* वुजू के शुरू में बिस्मिल्लाह कहना सुन्नत है ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 5,6)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ILCRmm9NUO2ICOEyxEcGRA
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दीनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*🌹🌀🌹🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🌹🌀🌹*
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪04 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*💦 गुस्ल के मसाइल 💦*
︵‿︵‿︵‿︵‿︵‿︵︵‿︵‿︵‿︵
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 1 -* गुस्ल करने का तरीका क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* गुस्ल करने का तरीका यह है की दिल में नहाने का इरादा कर के पहले दोनों हाथों के गट्टों तक तीन मर्तबा धोये फिर इस्तंजा की जगह धोये चाहे निजासत लगी हो या न लगी हो फिर बदन पर अगर कहीं निजासत लगी हो तो उस को भी धोये । उस के बाद वुजू करे और कुल्ली खूब अच्छी तरह करें और नाक में पानी चढ़ायें फिर हाथ में पानी ले लेकर बदन पर हाथ फिरा - फिरा कर बदन को मलें खासकर सर्दियों में ताकी बदन का कोई हिस्सा पानी बहने से रहना जायें फिर दाहिने कन्धे पर तीन बार पानी बहायें फिर तीन बार बाये कन्धे पर बहाये फिर सर पर और पूरे बदन पर तीन मर्तबा पानी बहायें और अच्छी तरह ध्यान रखे की कहीं जर्रा बराबर खाल या रोंगटा और बाल पानी बहने से ना रह जाये ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 2 -* बाज़ लोग ना पाक तहबंद बांध कर इस ख्याल से गुस्ल करते है कि नहाने से नापाक तहबंद और बदन सब पाक हो जायेगा तो क्या इस तरह गुस्ल सही हो जायेगा?
*🍀👉🏻 जवाब :* इस तरह गुस्ल हरगिज़ नहीं होगा क्योंकि पानी डालकर तहबंद और बदन पर हाथ फिराने से तहबंद की निजासत और ज़्यादा फैलती है और सारे बदन बल्कि नहाने के बरतन तक को नापाक कर देती है इस लिए नहाने में लाज़िम है की वो पहले बदन को और उस कपड़े को जिसको पहनकर नहाए धोकर पाक करे वरना गुस्ल तो क्या होगा बल्कि उस हाथ से जिन जिन चीजो को छुएं वो भी नापाक हो जायेंगी और सारा बदन और तहबंद भी नापाक ही रह जायेगा और सारी नमाजें अकारत हो जायेंगी ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 3 -* गुस्ल में कितनी बातें फर्ज है ? *🍀👉🏻 जवाब :* गुस्ल में तीन बातें फर्ज हैं
*☞1 )* कुल्ली करना - हर पुर्ज गोशे होंठ से हलक की जड़ तक हर जगह पानी बह जायें ,
*☞2 )* नाक में पानी डालना यानी दोनों नथनों में जहां तक नर्म जगह है उस का धुलना की पानी को सूंघ कर ऊपर चढ़ायें बाल बराबर जगह भी धुलने से न रह जाये ,
*☞3 )* तमाम ज़ाहिर बदन पर पानी बह जाना यानी केसर के बालों से पांवके तलवों तक जिस्म के हर पुर्ज पर हर रोंगटे पर पानी बह जाना ।
*🌹👉🏻सवाल नम्बर 4 -* गुस्ल में कितनी और कौन - कौन सी जगह है जिनकी एहतियात मर्द व औरत हर एक पर लाज़िम हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* वो बाइस जगह हैं और वो यह हैं
*☞1 )* सर के बाल जो गुथे हुए ना हो बाल पर जड़ से नोक तक पानी बहाना ,
*☞2 )* कान में बाली वगैराह जै का धोना ,
*☞3 )* भवों के नीचे की खाल कान का हर पुरज़ा उसके सुराख का मुंह कानों के पीछे के बाल हटा कर पानी बहाना ,
*☞4 )* मुंछों और दाढ़ी के बाल का जड़ से नोक तक और उनके नीचे की खाल तक धोना ,
*☞5 )* कान का हर पुरज़ा उसके सुराख का मुंह ,
*☞6 )* ठोड़ी और गले का जोड़ ,
*☞7 )* बगलें बाजू का हर पहलू
*☞8 )* पीठ का हर ज़र्रा ,
*☞9 )* पीठ वगैराह की बलटे उठा कर धोना ,
*☞10 )* नाफ को उंगली डाल कर धोना जबकि पानी बहने में शक हो ,
*☞11 )* जिस्म का हर रोंगटा जड़ से नोक तक ,
*☞12 )* रांग और पैरो के जोड़
*☞13 )* रान और पिंडली का जोड़ जबकि बैठ कर नहायें
*☞14 )* दोनों सुरीन मिलने की जगह खासकर खड़े होकर नहाते वक्त
*☞15 )* रानों की गोलाई
*☞16 )* पिंडली की करवटें
*☞17 )* ज़कर और उनसिय्यन ( दोनों खुसिये ) के मिलने की सतहें
*☞18 )* उनसिय्यन की सतहे जेरें
*☞19 )* उनसययेन के नीचे की जगह जड़ तक
*☞20 )* जिसका खतना न हुआ हो तो अगर खाल चड़ सकती है तो चड़ाकर धोना और खाल के अन्दर पानी चड़ाना ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 6,7)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ILCRmm9NUO2ICOEyxEcGRA
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दीनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪04 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*💦 गुस्ल के मसाइल 💦*
︵‿︵‿︵‿︵‿︵‿︵︵‿︵‿︵‿︵
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 1 -* गुस्ल करने का तरीका क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* गुस्ल करने का तरीका यह है की दिल में नहाने का इरादा कर के पहले दोनों हाथों के गट्टों तक तीन मर्तबा धोये फिर इस्तंजा की जगह धोये चाहे निजासत लगी हो या न लगी हो फिर बदन पर अगर कहीं निजासत लगी हो तो उस को भी धोये । उस के बाद वुजू करे और कुल्ली खूब अच्छी तरह करें और नाक में पानी चढ़ायें फिर हाथ में पानी ले लेकर बदन पर हाथ फिरा - फिरा कर बदन को मलें खासकर सर्दियों में ताकी बदन का कोई हिस्सा पानी बहने से रहना जायें फिर दाहिने कन्धे पर तीन बार पानी बहायें फिर तीन बार बाये कन्धे पर बहाये फिर सर पर और पूरे बदन पर तीन मर्तबा पानी बहायें और अच्छी तरह ध्यान रखे की कहीं जर्रा बराबर खाल या रोंगटा और बाल पानी बहने से ना रह जाये ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 2 -* बाज़ लोग ना पाक तहबंद बांध कर इस ख्याल से गुस्ल करते है कि नहाने से नापाक तहबंद और बदन सब पाक हो जायेगा तो क्या इस तरह गुस्ल सही हो जायेगा?
*🍀👉🏻 जवाब :* इस तरह गुस्ल हरगिज़ नहीं होगा क्योंकि पानी डालकर तहबंद और बदन पर हाथ फिराने से तहबंद की निजासत और ज़्यादा फैलती है और सारे बदन बल्कि नहाने के बरतन तक को नापाक कर देती है इस लिए नहाने में लाज़िम है की वो पहले बदन को और उस कपड़े को जिसको पहनकर नहाए धोकर पाक करे वरना गुस्ल तो क्या होगा बल्कि उस हाथ से जिन जिन चीजो को छुएं वो भी नापाक हो जायेंगी और सारा बदन और तहबंद भी नापाक ही रह जायेगा और सारी नमाजें अकारत हो जायेंगी ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 3 -* गुस्ल में कितनी बातें फर्ज है ? *🍀👉🏻 जवाब :* गुस्ल में तीन बातें फर्ज हैं
*☞1 )* कुल्ली करना - हर पुर्ज गोशे होंठ से हलक की जड़ तक हर जगह पानी बह जायें ,
*☞2 )* नाक में पानी डालना यानी दोनों नथनों में जहां तक नर्म जगह है उस का धुलना की पानी को सूंघ कर ऊपर चढ़ायें बाल बराबर जगह भी धुलने से न रह जाये ,
*☞3 )* तमाम ज़ाहिर बदन पर पानी बह जाना यानी केसर के बालों से पांवके तलवों तक जिस्म के हर पुर्ज पर हर रोंगटे पर पानी बह जाना ।
*🌹👉🏻सवाल नम्बर 4 -* गुस्ल में कितनी और कौन - कौन सी जगह है जिनकी एहतियात मर्द व औरत हर एक पर लाज़िम हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* वो बाइस जगह हैं और वो यह हैं
*☞1 )* सर के बाल जो गुथे हुए ना हो बाल पर जड़ से नोक तक पानी बहाना ,
*☞2 )* कान में बाली वगैराह जै का धोना ,
*☞3 )* भवों के नीचे की खाल कान का हर पुरज़ा उसके सुराख का मुंह कानों के पीछे के बाल हटा कर पानी बहाना ,
*☞4 )* मुंछों और दाढ़ी के बाल का जड़ से नोक तक और उनके नीचे की खाल तक धोना ,
*☞5 )* कान का हर पुरज़ा उसके सुराख का मुंह ,
*☞6 )* ठोड़ी और गले का जोड़ ,
*☞7 )* बगलें बाजू का हर पहलू
*☞8 )* पीठ का हर ज़र्रा ,
*☞9 )* पीठ वगैराह की बलटे उठा कर धोना ,
*☞10 )* नाफ को उंगली डाल कर धोना जबकि पानी बहने में शक हो ,
*☞11 )* जिस्म का हर रोंगटा जड़ से नोक तक ,
*☞12 )* रांग और पैरो के जोड़
*☞13 )* रान और पिंडली का जोड़ जबकि बैठ कर नहायें
*☞14 )* दोनों सुरीन मिलने की जगह खासकर खड़े होकर नहाते वक्त
*☞15 )* रानों की गोलाई
*☞16 )* पिंडली की करवटें
*☞17 )* ज़कर और उनसिय्यन ( दोनों खुसिये ) के मिलने की सतहें
*☞18 )* उनसिय्यन की सतहे जेरें
*☞19 )* उनसययेन के नीचे की जगह जड़ तक
*☞20 )* जिसका खतना न हुआ हो तो अगर खाल चड़ सकती है तो चड़ाकर धोना और खाल के अन्दर पानी चड़ाना ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 6,7)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ILCRmm9NUO2ICOEyxEcGRA
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दीनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*🌹🌀🌹🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🌹🌀🌹*
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪05 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*💦 गुस्ल के मसाइल (2) 💦*
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 5 -* वो कौन से आज़ा है जिन की एहतियात गुस्ल में खास मर्दो पर ज़रूरी है ?
*🍀👉🏻 जवाब :*
*☞1 )* पिंडलियों की करवटे
*☞2 )* गुंथे हुए बाल को खोल कर जड़ से नोक तक धोना
*☞3 )* मुंछों के नीचे की खाल अगरचे घने हो
*☞4 )* दाढ़ी का हर बाल जड़ से नोक तक
*☞5 )* ज़कर और खुसिये के मिलने की सतह
*☞6 )* खुसिये की निचली सतह जोड़ तक
*☞7 )* खुसिये के नीचे की जगह तक
*☞8 )* जिस का खतना न हुआ हो और खाल चड़ सकती हो तो सुपारी खोल कर धोना
*☞9 )* अगर बताई गई सूरत में खाल न चड़ सकती हो तो खाल में पानी डालना ।
*🌹👉🏻सवाल नम्बर 6 -* गुस्ल में वो कोन सी जगह है जिनकी खास औरतों को एहतियात लाज़िम है ?
*🍀👉🏻 जवाब :*
*☞1 )* गुथी चोटी में हर बाल की जड़ तर करना
*☞2 )* अगर इस तरह गुथी है की बे खुले जड़े तर न होगी तो चोटी खोल कर जड़ से नोक तक तर करना
*☞3 )* ढलकी हुई पिस्तान उठा कर धोना
*☞4 )* पिस्तान व शिकम के जोड़ की तहरीर
*☞5 )* फर्जे खारिज ( यानि औरत की शर्मगाह का बाहरी हिस्सा ) का हर हिस्सा हर टुकड़ा ऊपर से नीचे तक धाएं व फर्ज दाखिल ( यानि औरत के शर्मगाह का अन्दर का हिस्सा ) के अन्दर उंगली डालकर धोना वाजिब नहीं बेहतर है
*☞6 )* गोश्त पाराए बला का हर परत
*☞7 )* गोश्त पारा जेरे की सतह जेरें
*☞8 )* इस पारा के नीचें की खाली जगह गर्ज ये की फर्ज खारिज के हर गोशे पुरजे का ख्याल लाज़िम है ।
*🌹👉🏻सवाल नम्बर 7 -* औरतों को खड़े होकर या बैठकर किस तरह नहाना चाहिये ?
*🍀👉🏻 जवाब :* औरतों को बैठकर नहाना बेहतर है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 8 -* गुस्ल किन पानियों से जाइज है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* जिन पानियों से वजू जाइज है उन से गुस्ल भी जाइज है ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 8)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ED52YbgeX7o31NpaztmJUt
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪05 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*💦 गुस्ल के मसाइल (2) 💦*
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 5 -* वो कौन से आज़ा है जिन की एहतियात गुस्ल में खास मर्दो पर ज़रूरी है ?
*🍀👉🏻 जवाब :*
*☞1 )* पिंडलियों की करवटे
*☞2 )* गुंथे हुए बाल को खोल कर जड़ से नोक तक धोना
*☞3 )* मुंछों के नीचे की खाल अगरचे घने हो
*☞4 )* दाढ़ी का हर बाल जड़ से नोक तक
*☞5 )* ज़कर और खुसिये के मिलने की सतह
*☞6 )* खुसिये की निचली सतह जोड़ तक
*☞7 )* खुसिये के नीचे की जगह तक
*☞8 )* जिस का खतना न हुआ हो और खाल चड़ सकती हो तो सुपारी खोल कर धोना
*☞9 )* अगर बताई गई सूरत में खाल न चड़ सकती हो तो खाल में पानी डालना ।
*🌹👉🏻सवाल नम्बर 6 -* गुस्ल में वो कोन सी जगह है जिनकी खास औरतों को एहतियात लाज़िम है ?
*🍀👉🏻 जवाब :*
*☞1 )* गुथी चोटी में हर बाल की जड़ तर करना
*☞2 )* अगर इस तरह गुथी है की बे खुले जड़े तर न होगी तो चोटी खोल कर जड़ से नोक तक तर करना
*☞3 )* ढलकी हुई पिस्तान उठा कर धोना
*☞4 )* पिस्तान व शिकम के जोड़ की तहरीर
*☞5 )* फर्जे खारिज ( यानि औरत की शर्मगाह का बाहरी हिस्सा ) का हर हिस्सा हर टुकड़ा ऊपर से नीचे तक धाएं व फर्ज दाखिल ( यानि औरत के शर्मगाह का अन्दर का हिस्सा ) के अन्दर उंगली डालकर धोना वाजिब नहीं बेहतर है
*☞6 )* गोश्त पाराए बला का हर परत
*☞7 )* गोश्त पारा जेरे की सतह जेरें
*☞8 )* इस पारा के नीचें की खाली जगह गर्ज ये की फर्ज खारिज के हर गोशे पुरजे का ख्याल लाज़िम है ।
*🌹👉🏻सवाल नम्बर 7 -* औरतों को खड़े होकर या बैठकर किस तरह नहाना चाहिये ?
*🍀👉🏻 जवाब :* औरतों को बैठकर नहाना बेहतर है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 8 -* गुस्ल किन पानियों से जाइज है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* जिन पानियों से वजू जाइज है उन से गुस्ल भी जाइज है ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 8)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ED52YbgeX7o31NpaztmJUt
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*🌹🌀🌹🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🌹🌀🌹*
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪06 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*💦 नमाज़ के मसाइल व फज़ाइल (1) 💦*
︵‿︵‿︵‿︵‿︵‿︵︵‿︵‿︵‿
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 1 -* मज़हबे इस्लाम में नमाज़ की क्या एहमियत है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* ईमान व सही अकाइद मुताबिक अहले सुन्नत व जमाअत के बाद नमाज़ तमाम फराइज मे अहम व अज़ीम फर्ज हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 2 -* नमाज़ किन लोगों पर फर्ज़ है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नमाज़ हर आकिल व बालिग मर्द औरत मुसलमान पर उसके मुकर्ररा वक्त पर फर्ज है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 3 -* दिन रात में कुल कितनी नमाजे फर्ज हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* दिन और रात में कुल पांच वक्त की नमाजे फर्ज हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 4 -* पांच वक्तों की नमाजों के नाम क्या हैं सुबह से रात तक ?
*🍀👉🏻 जवाब :* 1 ) फज्र, 2 ) जोहर, 3 ) असर, 4) मगरिब, 5 ) इशा ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 5 -* नमाज में कितनी चीजे फर्ज है और कौन कौनसी ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नमाज में सात चीजे फर्ज़ हैं 1 ) तकबीरे तहरीमा, 2 ) कयाम, 3 ) किरअत, 4 ) रूकूअ, 5) सजदा, 6 ) कअदा आखीरा, 7 ) खुरुजे बिसुन इही ( यानी अपने इरादे से नमाज खत्म करना )
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 6 -* कयाम का क्या मतलब है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* कयाम का मतलब खड़े होकर नमाज अदा करना ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 7 -* क्या हर रकअत में किरअत फर्ज़ है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* फर्ज की दो रकअतों में और वित्र व सुन्नत और नफ्ल की हर रकअतों में कुरआन शरीफ पढ़ना फर्ज है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 8 -* कुरआन शरीफ पढ़ने का अदना दर्जा क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* इतनी आवाज़ से पढ़े की खूद सुन लें ।
*🌹👉🏻सवाल नम्बर 9 -* रूकूअ किसे कहते हैं और उसका अदना दर्जा क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* रूकूअ का अदना दर्जा यह है कि हाथ घुटनों तक पहुँच जायें और पूरा रूकू यह है कि पीठ सीधी बिछा दें ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 10 -* सज्दे की हकीकत क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* पेशानी जमीन पर जमना सजदा की हकीकत है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 11 -* सज्दे में कितनी हड्डियों का ज़मीन पर लगना फर्ज है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* सात हैं 1 ) पेशानी, 2 ) दोनों घुटने, 3 ) दोनों हथेलियाँ और 4 ) दोनों पांव ज़मीन पर लगना फर्ज है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 12* - शराईते नमाज किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* जिनके बगैर नमाज़ शरू नहीं हो सकती उन्हें शराइते नमाज कहते है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 13 -* शराईते नमाज़ कितने है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* शराईते नमाज़ छः हैं 1 ) तहारत, 2 ) सतरे औरत, 3 ) वक्त, 4 ) इस्तकबाले किब्ला, 5 ) नीयत, 6 ) तकबीरे तहरीमा ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 10,11)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ILCRmm9NUO2ICOEyxEcGRA
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪06 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*💦 नमाज़ के मसाइल व फज़ाइल (1) 💦*
︵‿︵‿︵‿︵‿︵‿︵︵‿︵‿︵‿
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 1 -* मज़हबे इस्लाम में नमाज़ की क्या एहमियत है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* ईमान व सही अकाइद मुताबिक अहले सुन्नत व जमाअत के बाद नमाज़ तमाम फराइज मे अहम व अज़ीम फर्ज हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 2 -* नमाज़ किन लोगों पर फर्ज़ है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नमाज़ हर आकिल व बालिग मर्द औरत मुसलमान पर उसके मुकर्ररा वक्त पर फर्ज है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 3 -* दिन रात में कुल कितनी नमाजे फर्ज हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* दिन और रात में कुल पांच वक्त की नमाजे फर्ज हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 4 -* पांच वक्तों की नमाजों के नाम क्या हैं सुबह से रात तक ?
*🍀👉🏻 जवाब :* 1 ) फज्र, 2 ) जोहर, 3 ) असर, 4) मगरिब, 5 ) इशा ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 5 -* नमाज में कितनी चीजे फर्ज है और कौन कौनसी ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नमाज में सात चीजे फर्ज़ हैं 1 ) तकबीरे तहरीमा, 2 ) कयाम, 3 ) किरअत, 4 ) रूकूअ, 5) सजदा, 6 ) कअदा आखीरा, 7 ) खुरुजे बिसुन इही ( यानी अपने इरादे से नमाज खत्म करना )
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 6 -* कयाम का क्या मतलब है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* कयाम का मतलब खड़े होकर नमाज अदा करना ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 7 -* क्या हर रकअत में किरअत फर्ज़ है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* फर्ज की दो रकअतों में और वित्र व सुन्नत और नफ्ल की हर रकअतों में कुरआन शरीफ पढ़ना फर्ज है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 8 -* कुरआन शरीफ पढ़ने का अदना दर्जा क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* इतनी आवाज़ से पढ़े की खूद सुन लें ।
*🌹👉🏻सवाल नम्बर 9 -* रूकूअ किसे कहते हैं और उसका अदना दर्जा क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* रूकूअ का अदना दर्जा यह है कि हाथ घुटनों तक पहुँच जायें और पूरा रूकू यह है कि पीठ सीधी बिछा दें ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 10 -* सज्दे की हकीकत क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* पेशानी जमीन पर जमना सजदा की हकीकत है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 11 -* सज्दे में कितनी हड्डियों का ज़मीन पर लगना फर्ज है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* सात हैं 1 ) पेशानी, 2 ) दोनों घुटने, 3 ) दोनों हथेलियाँ और 4 ) दोनों पांव ज़मीन पर लगना फर्ज है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 12* - शराईते नमाज किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* जिनके बगैर नमाज़ शरू नहीं हो सकती उन्हें शराइते नमाज कहते है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 13 -* शराईते नमाज़ कितने है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* शराईते नमाज़ छः हैं 1 ) तहारत, 2 ) सतरे औरत, 3 ) वक्त, 4 ) इस्तकबाले किब्ला, 5 ) नीयत, 6 ) तकबीरे तहरीमा ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 10,11)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ILCRmm9NUO2ICOEyxEcGRA
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*🌹🌀🌹🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🌹🌀🌹*
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪07 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*💦 नमाज़ के मसाइल व फज़ाइल (2) 💦*
︵‿︵‿︵‿︵‿︵‿︵︵‿︵‿︵‿
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 14 -* तहारत का क्या मतलब है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* तहारत का मतलब यह है कि नमाज़ी का बदन , कपड़े और नमाज़ की जगह पर कोई नजासत जैसे - पखाना , पेशाब , खून वगैराह न लगी हो और नमाज़ी बेगुस्ल और बेवुजू भी न हो ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 15 -* सतरे औरत से क्या मुराद है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* सतरे औरत से मुराद यह है कि मर्द का बदन नाफ से लेकर घुटनों तक ढका हो और औरत का तमाम बदन ढका हो , सिवाये मुंह और हथेलियों के और टखने भीढ के रहें ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 16 -* वक्त और इस्तकबाले किब्ला क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* वक्त का मतलब यह है कि जिस नमाज़ के लिए जो वक्त मुकर्रर हो वो नमाज़ उसी वक्त में पढ़ी जायें और इस्तकबाल किब्ला यानी काबा शरीफ की तरफ मुंह करना ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 17 -* निय्यत किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* निय्यत यह है कि जिस वक्त की जो नमाज़ फर्ज या वाजिब या | सुन्नत या नफ्ल या कज़ा पढ़ना हो दिल में उस का पक्का इरादा करना की यह नमाज़ पढ़ रहा हूं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 18 -* नमाज़ मे अत्तहिय्यात पढ़ना क्या है और अत्तहिय्यात न पढ़ने पर नमाज होगी या नहीं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नमाज़ में अत्तहिय्यात पढ़ना वाजिब है और न पढ़ने पर नमाज़ ना होगी ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 19 -* सजदए सहव किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* सहव के मायने है भूलने के कभी नमाज़ में भूल से कोई खास खराबी पैदा हो जाती है उस खराबी को दूर करने के लिए कअदा - ए - आखीरा मैं दो सजदे किये जाते हैं उन को सजदए सहव कहते हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 20 -* अदा और कजा किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* किसी इबादत को उसके वक्त मुकर्ररा पर पढ़ने को अदा कहते हैं और वक्त गुज़र जाने के बाद अमल करने को कज़ा कहते हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 21 -* किन नमाज़ो की कज़ा ज़रूरी है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* फर्ज नमाज़ो की कज़ा ज़रूरी है वित्र की कज़ा वाजिब है और फज्र की सुन्नत उस के फर्ज़ के साथ कज़ा हो और ज़वाल से पहले पढ़े तो फर्ज़ के साथ सुन्नत भी पढ़े और ज़वाल के बाद पढ़े तो सुन्नत की कज़ा नही ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 22 -* नमाज मुसलमानों पर कब फर्ज होती है और न पढ़ने वालों पर क्या हुक्म है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हर मुसलमान मुकल्लफ यानी आकिल हो बालिग हो उस पर नमाज़ फर्ज ऐन है नमाज़ की फर्जीयत का इंकार करने वाला काफिर है और जो जान बूझकर नमाज़ छोडे अगरचे एक ही वक्त की क्यो ना छोड़े वो फासिक है बहुत से उलेमा के नज़दीक बे नमाज़ी को कत्ल कर देने का हुक्म है ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 11,12)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/JJdZ8aakK6hIoYN7W68XDK
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪07 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*💦 नमाज़ के मसाइल व फज़ाइल (2) 💦*
︵‿︵‿︵‿︵‿︵‿︵︵‿︵‿︵‿
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 14 -* तहारत का क्या मतलब है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* तहारत का मतलब यह है कि नमाज़ी का बदन , कपड़े और नमाज़ की जगह पर कोई नजासत जैसे - पखाना , पेशाब , खून वगैराह न लगी हो और नमाज़ी बेगुस्ल और बेवुजू भी न हो ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 15 -* सतरे औरत से क्या मुराद है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* सतरे औरत से मुराद यह है कि मर्द का बदन नाफ से लेकर घुटनों तक ढका हो और औरत का तमाम बदन ढका हो , सिवाये मुंह और हथेलियों के और टखने भीढ के रहें ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 16 -* वक्त और इस्तकबाले किब्ला क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* वक्त का मतलब यह है कि जिस नमाज़ के लिए जो वक्त मुकर्रर हो वो नमाज़ उसी वक्त में पढ़ी जायें और इस्तकबाल किब्ला यानी काबा शरीफ की तरफ मुंह करना ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 17 -* निय्यत किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* निय्यत यह है कि जिस वक्त की जो नमाज़ फर्ज या वाजिब या | सुन्नत या नफ्ल या कज़ा पढ़ना हो दिल में उस का पक्का इरादा करना की यह नमाज़ पढ़ रहा हूं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 18 -* नमाज़ मे अत्तहिय्यात पढ़ना क्या है और अत्तहिय्यात न पढ़ने पर नमाज होगी या नहीं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नमाज़ में अत्तहिय्यात पढ़ना वाजिब है और न पढ़ने पर नमाज़ ना होगी ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 19 -* सजदए सहव किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* सहव के मायने है भूलने के कभी नमाज़ में भूल से कोई खास खराबी पैदा हो जाती है उस खराबी को दूर करने के लिए कअदा - ए - आखीरा मैं दो सजदे किये जाते हैं उन को सजदए सहव कहते हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 20 -* अदा और कजा किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* किसी इबादत को उसके वक्त मुकर्ररा पर पढ़ने को अदा कहते हैं और वक्त गुज़र जाने के बाद अमल करने को कज़ा कहते हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 21 -* किन नमाज़ो की कज़ा ज़रूरी है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* फर्ज नमाज़ो की कज़ा ज़रूरी है वित्र की कज़ा वाजिब है और फज्र की सुन्नत उस के फर्ज़ के साथ कज़ा हो और ज़वाल से पहले पढ़े तो फर्ज़ के साथ सुन्नत भी पढ़े और ज़वाल के बाद पढ़े तो सुन्नत की कज़ा नही ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 22 -* नमाज मुसलमानों पर कब फर्ज होती है और न पढ़ने वालों पर क्या हुक्म है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हर मुसलमान मुकल्लफ यानी आकिल हो बालिग हो उस पर नमाज़ फर्ज ऐन है नमाज़ की फर्जीयत का इंकार करने वाला काफिर है और जो जान बूझकर नमाज़ छोडे अगरचे एक ही वक्त की क्यो ना छोड़े वो फासिक है बहुत से उलेमा के नज़दीक बे नमाज़ी को कत्ल कर देने का हुक्म है ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 11,12)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/JJdZ8aakK6hIoYN7W68XDK
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
WhatsApp.com
WhatsApp Group Invite
*🌹🌀🌹🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🌹🌀🌹*
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪08 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🌟 रोजे के मसाइल 🌟*
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 1 -* रोज़ा किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* मुसलमान का इबादत की नियत से सुबह सादिक के वक्त से लेकर गुरूब आफताब तक कस्दन खाने पीने और जिमाअ ( हमबिस्तरी ) से रूक जाने को रोज़ा कहा जाता है।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 2 -* रोज़ा किस पर फर्ज है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* जिस शख्स में भी पांच बाते पायी जाये उस पर रमजान के रोजे फर्ज हैं ।
*☞1 )* मुसलमान हो
*☞2 )* मुकल्लफ हो यानी आकिल और बालिग हो
*☞3 )* रोज़ा रखने पर कादिर हो
*☞4 )* मुकीम हो
*☞5 )* उसमें कोई माने न पाया जायें । यानि उसमें ऐसी कोई चीज़ न पाई जाये जिसकी वजह से वो रोज़ा न रख सके जैसे औरत का हेज़ व निफास वाली हालत ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 3 -* रोजे की नियत कब और किस तरह करनी चाहिए ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नियत दिल के इरादे का नाम है अगर दिल में इरादा है तो नियत मान ली जायेगी अलबत्ता जुबान से कह लेना मुस्तहब है रात में नियत इस तरह करें
*نَوَيۡتُ اَنۡ اَصُوۡمَ غَدًا للّٰهِ تَعَا لٰي مِنۡ فَرْضِ رَمَضَانَ هٰزَا*
☞ और दिन में नियत करें तो इस तरह करें
*نَوَیْتُ اَنْ اَصُوْمَ مَعَ الْیَوْمِ لِلّٰہ ِ تَعَالٰی*
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 4 -* क्या फज्र की अज़ान तक सहरी कर सकते है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नहीं अज़ाने फज्र की नमाज का ऐलान है और सहरी का वक्त उस से पहले खत्म हो चुका होता है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 5 -* रोज़ा किन चीजों से टूट जाता है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* जान बूझकर खाने पीने से जिमाअ करने से , हुक्का सिगरेट और बीड़ी वगैरह पीने से , तम्बाकू या पान वगैराह खाने से कस्दन मुंह भर कर उल्टी करने से रोज़ा टूट जाता है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 6 -* वो कौन सा रोजेदार है कि खाने पीने के बावजूद उस का रोज़ा नहीं टूटता ?
*🍀👉🏻 जवाब :* भूल कर खाने पीने वाले का रोज़ा नहीं टूटता ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 7 -* क्या रोजे की हालत में सुर्मा लगाने सर में तेल रखने नाखून तर्शवाने और इंजेक्शन वगैराह लगवाने से रोजा टूट जाता है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नहीं इन चीजो से रोज़ा नहीं टूटता ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 8 -* क्या आंख नाक में दवा डालने से या कान में तेल डालने से रोज़ा टूट जाता है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* आंखों में दवा वगैराह डालने से रोज़ा नहीं टूटता है अलबत्ता दवा का असर अगर हलक में महसूस हो तो उसे फौरन थूक दे लेकिन कान में तेल या बहने वाली दवा वगैराह डालने से रोज़ा टूट जाता है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 9 -* रोज़ा तोड़ने का कफ्फारा क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* रोज़ा तोड़ने का कफ्फारा यह है कि एक गुलाम आज़ाद करें अगर यह ना हो सके तो लगातार बगैर छोड़े साठ ( 60 ) रोजे रखें एक भी रोज़ा छूटा तो फिर से 60 रोजें रखना होगा यह भी न हो सके तो साठ मिस्कीनों को दोनों वक़्त पेट भर खाना खिलायें या एक मिस्कीन को साठ दिन तक दोनों वक्त का खाना खिलायें ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 10 -* क्या एहतलाम ( नाइट फॉल ) से रोज़ा टूट जाता है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नहीं नाइट फॉल से रोज़ा नहीं टूटता ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 11 -* क्या झूट , चुगली, बेहूदगी और गाली - गलौच से रोजा टूट जाता है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* इन चीजों से रोजा नहीं टूटता अलबत्ता यह चीजे हराम है और रोजे की हालत में और सख्त हराम होती है और इन की वजह से रोज़ा मकरूह हो जाता है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 12 -* वक़्त इफ्तार क्या अमल करना चाहिए और क्या पढ़ कर रोज़ा इफ्तार करना चाहिए ?
*🍀👉🏻 जवाब :* इफ्तार का वक्त दुआ की कुबूलियत का वक्त है रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलेह वसल्लम ने फरमाया तीन लोगों की दुआ रद्द नहीं होती माँ बाप की दुआ , मज़लूम की दुआ और इफ्तार के वक्त रोजेदार की दुआ बिस्मिल्लाह पढ़ कर कुछ खायें फिर यह दुआ पढ़े ।
*🌼اللَّهُمَّ اِنِّى لَكَ صُمْتُ وَبِكَ امنْتوَعَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ اَفْطَرْت*
*↘️ हिदायत*
↪️ हर मुसलमान पर ज़रूरी है कि वो माहे रमज़ान का एहतराम करें नाच , गाने टी . वी . , वीडियो गेम और फहश कलाम से बचे । अपने बच्चों को रोज़ा रखने की आदत डलवायें ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 13,14,15)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ED52YbgeX7o31NpaztmJUt
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪08 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🌟 रोजे के मसाइल 🌟*
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 1 -* रोज़ा किसे कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* मुसलमान का इबादत की नियत से सुबह सादिक के वक्त से लेकर गुरूब आफताब तक कस्दन खाने पीने और जिमाअ ( हमबिस्तरी ) से रूक जाने को रोज़ा कहा जाता है।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 2 -* रोज़ा किस पर फर्ज है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* जिस शख्स में भी पांच बाते पायी जाये उस पर रमजान के रोजे फर्ज हैं ।
*☞1 )* मुसलमान हो
*☞2 )* मुकल्लफ हो यानी आकिल और बालिग हो
*☞3 )* रोज़ा रखने पर कादिर हो
*☞4 )* मुकीम हो
*☞5 )* उसमें कोई माने न पाया जायें । यानि उसमें ऐसी कोई चीज़ न पाई जाये जिसकी वजह से वो रोज़ा न रख सके जैसे औरत का हेज़ व निफास वाली हालत ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 3 -* रोजे की नियत कब और किस तरह करनी चाहिए ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नियत दिल के इरादे का नाम है अगर दिल में इरादा है तो नियत मान ली जायेगी अलबत्ता जुबान से कह लेना मुस्तहब है रात में नियत इस तरह करें
*نَوَيۡتُ اَنۡ اَصُوۡمَ غَدًا للّٰهِ تَعَا لٰي مِنۡ فَرْضِ رَمَضَانَ هٰزَا*
☞ और दिन में नियत करें तो इस तरह करें
*نَوَیْتُ اَنْ اَصُوْمَ مَعَ الْیَوْمِ لِلّٰہ ِ تَعَالٰی*
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 4 -* क्या फज्र की अज़ान तक सहरी कर सकते है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नहीं अज़ाने फज्र की नमाज का ऐलान है और सहरी का वक्त उस से पहले खत्म हो चुका होता है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 5 -* रोज़ा किन चीजों से टूट जाता है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* जान बूझकर खाने पीने से जिमाअ करने से , हुक्का सिगरेट और बीड़ी वगैरह पीने से , तम्बाकू या पान वगैराह खाने से कस्दन मुंह भर कर उल्टी करने से रोज़ा टूट जाता है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 6 -* वो कौन सा रोजेदार है कि खाने पीने के बावजूद उस का रोज़ा नहीं टूटता ?
*🍀👉🏻 जवाब :* भूल कर खाने पीने वाले का रोज़ा नहीं टूटता ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 7 -* क्या रोजे की हालत में सुर्मा लगाने सर में तेल रखने नाखून तर्शवाने और इंजेक्शन वगैराह लगवाने से रोजा टूट जाता है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नहीं इन चीजो से रोज़ा नहीं टूटता ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 8 -* क्या आंख नाक में दवा डालने से या कान में तेल डालने से रोज़ा टूट जाता है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* आंखों में दवा वगैराह डालने से रोज़ा नहीं टूटता है अलबत्ता दवा का असर अगर हलक में महसूस हो तो उसे फौरन थूक दे लेकिन कान में तेल या बहने वाली दवा वगैराह डालने से रोज़ा टूट जाता है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 9 -* रोज़ा तोड़ने का कफ्फारा क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* रोज़ा तोड़ने का कफ्फारा यह है कि एक गुलाम आज़ाद करें अगर यह ना हो सके तो लगातार बगैर छोड़े साठ ( 60 ) रोजे रखें एक भी रोज़ा छूटा तो फिर से 60 रोजें रखना होगा यह भी न हो सके तो साठ मिस्कीनों को दोनों वक़्त पेट भर खाना खिलायें या एक मिस्कीन को साठ दिन तक दोनों वक्त का खाना खिलायें ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 10 -* क्या एहतलाम ( नाइट फॉल ) से रोज़ा टूट जाता है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नहीं नाइट फॉल से रोज़ा नहीं टूटता ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 11 -* क्या झूट , चुगली, बेहूदगी और गाली - गलौच से रोजा टूट जाता है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* इन चीजों से रोजा नहीं टूटता अलबत्ता यह चीजे हराम है और रोजे की हालत में और सख्त हराम होती है और इन की वजह से रोज़ा मकरूह हो जाता है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 12 -* वक़्त इफ्तार क्या अमल करना चाहिए और क्या पढ़ कर रोज़ा इफ्तार करना चाहिए ?
*🍀👉🏻 जवाब :* इफ्तार का वक्त दुआ की कुबूलियत का वक्त है रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलेह वसल्लम ने फरमाया तीन लोगों की दुआ रद्द नहीं होती माँ बाप की दुआ , मज़लूम की दुआ और इफ्तार के वक्त रोजेदार की दुआ बिस्मिल्लाह पढ़ कर कुछ खायें फिर यह दुआ पढ़े ।
*🌼اللَّهُمَّ اِنِّى لَكَ صُمْتُ وَبِكَ امنْتوَعَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ اَفْطَرْت*
*↘️ हिदायत*
↪️ हर मुसलमान पर ज़रूरी है कि वो माहे रमज़ान का एहतराम करें नाच , गाने टी . वी . , वीडियो गेम और फहश कलाम से बचे । अपने बच्चों को रोज़ा रखने की आदत डलवायें ।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 13,14,15)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ED52YbgeX7o31NpaztmJUt
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*🌹🌀🌹🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🌹🌀🌹*
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪ 09 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🔵 सीरत तैबा (1) 🔵*
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 1 -* रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की विलादते बा सआदत ( पैदाइश ) कब हुई और कहां हुई ?
*🍀👉🏻 जवाब :* 12 रबीउल अव्वल शरीफ मुताबिक 20 अप्रैल 571 हिजरी पीर के दिन सुबह सादिक के वक्त मक्का शरीफ में हुई ।
*🌹👉🏻 सवाब नम्बर 2 -* हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के वालदैन ( माँ - बाप ) का नाम क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हमारे हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के वालिद का नाम हज़रत अब्दुल्लाह रदियल्लाहु अन्हु और वालिदा माजिदा का नाम हज़रते आमना रदियल्लाहु अन्हा है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 3 -* रसूलल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के दादा और दादी का नाम क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हमारे हुजुर के दादा का नाम अब्दुल मुत्तलिब और दादी का नाम फातिमा बिन्ते उमर है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 4 -* हुजूर नबी - ए - करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के नाना और नानी का क्या नाम है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* रसूले पाक सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के नाना का नाम वहब और नानी का नाम बर्राह है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 5 -* हुजूर पुरनूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के सीना ए अकदस को फरिश्तों ने चाक करके दिल मुबारक को आबे जमजम से गुस्ल दिया था उसे क्या कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* उसे शक्के सद्र कहते हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 6 -* सरकारे दो आलम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का शक्के सद्र कितनी बार हुआ और किन मौके पर हुआ ?
*🍀👉🏻 जवाब :* शक्के सद्र चार बार हुआ
*☞1 )* पहली बार हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम हज़रत हलीमा सादिया के यहाँ थे ,
*☞2 )* दूसरी बार दस बरस की उम्र में हुआ ,
*☞3 )* तीसरी बार गारे हिरा में हुआ ,
*☞4 )* चौथी बार शबे मेअराज में हुआ ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 7 -* हुजूर सरकारे दो आलम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम कब नबी हुए ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हमारे हुजूर हज़रत आदम अलैहस्सलाम से पहले ही नबी हो चुके थे जब दुनिया में तशरीफ लायें और आपकी उम्र शरीफ चालीस बरस की हुई तब आपने अपनी नुबूवत का एलान फरमाया ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 8 -* रसूलल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का पहला निकाह किस खातून के साथ हुआ ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हज़रत खदीजतुल कुबरा रदीयल्लाहु अन्हा के साथ ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 9 -* पहले निकाह के वक्त हुजूर की उम्र शरीफ और हज़रत खदीजा रदीयल्लाहु अन्हुमा की उम्र कितनी थी ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हमारे हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की उम्र शरीफ पच्चीस ( 25 ) बरस थी और हज़रत खदीजतुल कुबरा रदीयल्लाहु अन्हा की उम्र चालीस ( 40 ) बरस ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 10 -* हुजूर अकदस सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब मक्के शरीफ से हिजरत करके मदीना मुनव्वरा पहुंचे तो एहले मदीना कौन सी नअत पढ़ते हुए हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का इस्तकबाल कर रहे थे ?
*🍀👉🏻जवाब :* तलअल बदरुअलयना मिनथनियातलवदा , वजबशुक्रुअलयना मदलिल्लाहीदाअ
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 15,16)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ED52YbgeX7o31NpaztmJUt
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪ 09 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🔵 सीरत तैबा (1) 🔵*
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 1 -* रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की विलादते बा सआदत ( पैदाइश ) कब हुई और कहां हुई ?
*🍀👉🏻 जवाब :* 12 रबीउल अव्वल शरीफ मुताबिक 20 अप्रैल 571 हिजरी पीर के दिन सुबह सादिक के वक्त मक्का शरीफ में हुई ।
*🌹👉🏻 सवाब नम्बर 2 -* हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के वालदैन ( माँ - बाप ) का नाम क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हमारे हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के वालिद का नाम हज़रत अब्दुल्लाह रदियल्लाहु अन्हु और वालिदा माजिदा का नाम हज़रते आमना रदियल्लाहु अन्हा है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 3 -* रसूलल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के दादा और दादी का नाम क्या है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हमारे हुजुर के दादा का नाम अब्दुल मुत्तलिब और दादी का नाम फातिमा बिन्ते उमर है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 4 -* हुजूर नबी - ए - करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के नाना और नानी का क्या नाम है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* रसूले पाक सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के नाना का नाम वहब और नानी का नाम बर्राह है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 5 -* हुजूर पुरनूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के सीना ए अकदस को फरिश्तों ने चाक करके दिल मुबारक को आबे जमजम से गुस्ल दिया था उसे क्या कहते हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* उसे शक्के सद्र कहते हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 6 -* सरकारे दो आलम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का शक्के सद्र कितनी बार हुआ और किन मौके पर हुआ ?
*🍀👉🏻 जवाब :* शक्के सद्र चार बार हुआ
*☞1 )* पहली बार हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम हज़रत हलीमा सादिया के यहाँ थे ,
*☞2 )* दूसरी बार दस बरस की उम्र में हुआ ,
*☞3 )* तीसरी बार गारे हिरा में हुआ ,
*☞4 )* चौथी बार शबे मेअराज में हुआ ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 7 -* हुजूर सरकारे दो आलम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम कब नबी हुए ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हमारे हुजूर हज़रत आदम अलैहस्सलाम से पहले ही नबी हो चुके थे जब दुनिया में तशरीफ लायें और आपकी उम्र शरीफ चालीस बरस की हुई तब आपने अपनी नुबूवत का एलान फरमाया ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 8 -* रसूलल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का पहला निकाह किस खातून के साथ हुआ ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हज़रत खदीजतुल कुबरा रदीयल्लाहु अन्हा के साथ ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 9 -* पहले निकाह के वक्त हुजूर की उम्र शरीफ और हज़रत खदीजा रदीयल्लाहु अन्हुमा की उम्र कितनी थी ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हमारे हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की उम्र शरीफ पच्चीस ( 25 ) बरस थी और हज़रत खदीजतुल कुबरा रदीयल्लाहु अन्हा की उम्र चालीस ( 40 ) बरस ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 10 -* हुजूर अकदस सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब मक्के शरीफ से हिजरत करके मदीना मुनव्वरा पहुंचे तो एहले मदीना कौन सी नअत पढ़ते हुए हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का इस्तकबाल कर रहे थे ?
*🍀👉🏻जवाब :* तलअल बदरुअलयना मिनथनियातलवदा , वजबशुक्रुअलयना मदलिल्लाहीदाअ
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 15,16)*
*📮पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/ED52YbgeX7o31NpaztmJUt
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमारी दावत एक सच्चे दीन की तरफ*_
────────────────⎆
*_✏ आओ इल्म -ए-दीन सीखें....✍🏻_*
☆▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬☆
🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹🌀🌹
*🌹🌀🌹🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋🌹🌀🌹*
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪10 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🔵 सीरत तैबा (2) 🔵*
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 11 -* अज़ान की शुरूआत कब हुई और कहां हुई ?
*🍀👉🏻 जवाब :* 1 सन हिजरी में मदीना मुनव्वरा में हुई ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 12 -* फतेह मक्का कब और किस सन से हुई ?
*🍀👉🏻 जवाब :* 8 हिजरी में फतहे मक्का हुई दस हज़ार का लश्कर इस्लाम हुजूर के साथ मक्का शरीफ में दाखिल हुआ खाना ए काबा से सारे बुत निकाल कर फेंक दिये गये अल्लाह तआला का घर अल्लाह के हबीब के वसीले से साफ सुथरा हुआ ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 13 -* पंज वक्ता नमाज़ कब फर्ज़ हुई ? माहे रमजान के रोजे कब फर्ज़ हुऐ ? हज कब फर्ज हुआ ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नमाज़ ऐलाने नुबूवत के बारह साल फर्ज हुई जब हमारे हुजूर मेअराज से नवाजे गये । माहे रमज़ान के रोजे 6 हिजरी में फर्ज हुए और हज 9 हिजरी में फर्ज हुआ ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 14 -* हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम को मेअराज हकीकत में हुई थी या ख्वाब में हुई थी ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हमारे हुजूर को मेअराज जिस्मानी हुई थी ख्वाब की बात नहीं थी ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 15 -* रसूलल्लाह सल्ललाहो तआला अलैह वसल्लम की मेराज कौन से महीने में किस तारीख में हुई थी ?
*🍀👉🏻 जवाब :* रजब के महीने में सताइस्वीं ( 27 ) शब को हुई थी ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 16 -* सरकारे दो आलम सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम ने आखरी हज कब अदा फरमाया ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हमारे हुजूर ने आखरी हज 10 सन हिजरी में अदा फरमाया ।
*🌹👉🏻सवाल नम्बर 17 -* हुजूर नबी - ए - करीम सल्ललाहु तआला अलैह वसल्लम की वफात अकदस कब और कहां हुई ?
*🍀👉🏻 जवाब :* 12 रबीउल अव्वल सन 11 हिजरी पीर के दिन तीसरे पहर हजूर की वफात अकदस मदीने मुनव्वरा में हुई ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 18 -* हुजूर अनवर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के जिस्म अकदस को किसने गुस्ल दिया और कफनाया ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हज़रत अली , हज़रत अब्बास रिदवानुल्लाही तआला अलैहीम अजमईन वगैराह एहले बैत ने गुस्ल दिया और कफन पहनाया ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 19 -* हुजूर सरवरे आलम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की नमाज़े जनाज़ा किस शान से पढ़ी गयी ?
*🍀👉🏻 जवाब :* पहले फरिशतों ने पढ़ा फिर मर्दो ने पढ़ा फिर औरतों ने पढ़ा फिर बच्चों ने पढ़ा जनाज़ा मुबारक हुजरे अनवर के अन्दर ही था बारी बारी थोड़े थोड़े लोग अन्दर जाते थे नमाज़ पढ़कर चले आते थे लेकिन कोई इमाम न था ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 20 -* हुजूरे अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के जिस्म अतहर को कब्र अनवर में किन सहाबी ने उतारा ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हज़रत अली , हज़रत अब्बास , हज़रत फज़ल व हज़रत कुसुम रदिअल्लाहु तआला अन्हुम ने उतारा ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 21 -* हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की कितनी औलाद है और उनके नाम क्या हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के कुल सात औलाद हैं चार साहबज़ादियां हज़रत ज़ैनब , हज़रत रूकय्या , हज़रत उम्मे कुलसूम और हज़रत फातिमा रदियल्लाहु तआला अन्हुमा और तीन साहबजादे हज़रत कासिम , हज़रत अब्दुल्लाह और हज़रत इब्राहीम रदिअल्लाहु तआला अन्हुमा अजमईन ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 22 -* नबीए अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने कितने साल की उम्र में ऐलान - ए - नुबूवत फरमाया ?
*🍀👉🏻जवाब :* हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने चालीस साल की उम्र में ऐलाने नुबूवत फरमाया ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 23 -* गज़वा किसको कहते है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* गज़वा उस जंग को कहते है जिस में हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने बनफ्से नफीस शिरकत फरमायी ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 24 -* हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने जिन्दगी में कितने गजवात फरमाये ? कुछ मशहूर गज़वात का नाम बतायें ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने अपनी जिन्दगी में कुल 23 गज़वात में शिरकत फरमायी जिन में से मशहूर गजवए बदर , गजवए उहुद , गजवए खन्दक , गजवए हुनैन व गजवए खैबर वगैराह हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 25 -* हिजरत करते वक़्त आप किस गार में ठहरे हुए थे वो गार कहा वाकेअ है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हिजरत करते वक्त हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने गारे सोर में तीन दिन तक कयाम फरमाया यह गार मक्का मुकर्रमा से तकरीबन 5 किलोमीटर के फासले पर वाकेअ है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 26 -* पहले वही कहा नाज़िल हुई थी ?
*🍀👉🏻 जवाब :* पहली वही गार - ए - हिरा में नाज़िल हुई थी।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 18,19)*
*📮पोस्ट मुकम्मल...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/IC5GTqkaP9VAU14EB07wvm
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमा
*📖 दीन की बुनियादी बातें, पोस्ट ➪10 📖*
*▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬*
*🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ*
*🔵 सीरत तैबा (2) 🔵*
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 11 -* अज़ान की शुरूआत कब हुई और कहां हुई ?
*🍀👉🏻 जवाब :* 1 सन हिजरी में मदीना मुनव्वरा में हुई ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 12 -* फतेह मक्का कब और किस सन से हुई ?
*🍀👉🏻 जवाब :* 8 हिजरी में फतहे मक्का हुई दस हज़ार का लश्कर इस्लाम हुजूर के साथ मक्का शरीफ में दाखिल हुआ खाना ए काबा से सारे बुत निकाल कर फेंक दिये गये अल्लाह तआला का घर अल्लाह के हबीब के वसीले से साफ सुथरा हुआ ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 13 -* पंज वक्ता नमाज़ कब फर्ज़ हुई ? माहे रमजान के रोजे कब फर्ज़ हुऐ ? हज कब फर्ज हुआ ?
*🍀👉🏻 जवाब :* नमाज़ ऐलाने नुबूवत के बारह साल फर्ज हुई जब हमारे हुजूर मेअराज से नवाजे गये । माहे रमज़ान के रोजे 6 हिजरी में फर्ज हुए और हज 9 हिजरी में फर्ज हुआ ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 14 -* हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम को मेअराज हकीकत में हुई थी या ख्वाब में हुई थी ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हमारे हुजूर को मेअराज जिस्मानी हुई थी ख्वाब की बात नहीं थी ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 15 -* रसूलल्लाह सल्ललाहो तआला अलैह वसल्लम की मेराज कौन से महीने में किस तारीख में हुई थी ?
*🍀👉🏻 जवाब :* रजब के महीने में सताइस्वीं ( 27 ) शब को हुई थी ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 16 -* सरकारे दो आलम सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम ने आखरी हज कब अदा फरमाया ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हमारे हुजूर ने आखरी हज 10 सन हिजरी में अदा फरमाया ।
*🌹👉🏻सवाल नम्बर 17 -* हुजूर नबी - ए - करीम सल्ललाहु तआला अलैह वसल्लम की वफात अकदस कब और कहां हुई ?
*🍀👉🏻 जवाब :* 12 रबीउल अव्वल सन 11 हिजरी पीर के दिन तीसरे पहर हजूर की वफात अकदस मदीने मुनव्वरा में हुई ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 18 -* हुजूर अनवर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के जिस्म अकदस को किसने गुस्ल दिया और कफनाया ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हज़रत अली , हज़रत अब्बास रिदवानुल्लाही तआला अलैहीम अजमईन वगैराह एहले बैत ने गुस्ल दिया और कफन पहनाया ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 19 -* हुजूर सरवरे आलम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की नमाज़े जनाज़ा किस शान से पढ़ी गयी ?
*🍀👉🏻 जवाब :* पहले फरिशतों ने पढ़ा फिर मर्दो ने पढ़ा फिर औरतों ने पढ़ा फिर बच्चों ने पढ़ा जनाज़ा मुबारक हुजरे अनवर के अन्दर ही था बारी बारी थोड़े थोड़े लोग अन्दर जाते थे नमाज़ पढ़कर चले आते थे लेकिन कोई इमाम न था ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 20 -* हुजूरे अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के जिस्म अतहर को कब्र अनवर में किन सहाबी ने उतारा ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हज़रत अली , हज़रत अब्बास , हज़रत फज़ल व हज़रत कुसुम रदिअल्लाहु तआला अन्हुम ने उतारा ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 21 -* हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की कितनी औलाद है और उनके नाम क्या हैं ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के कुल सात औलाद हैं चार साहबज़ादियां हज़रत ज़ैनब , हज़रत रूकय्या , हज़रत उम्मे कुलसूम और हज़रत फातिमा रदियल्लाहु तआला अन्हुमा और तीन साहबजादे हज़रत कासिम , हज़रत अब्दुल्लाह और हज़रत इब्राहीम रदिअल्लाहु तआला अन्हुमा अजमईन ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 22 -* नबीए अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने कितने साल की उम्र में ऐलान - ए - नुबूवत फरमाया ?
*🍀👉🏻जवाब :* हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने चालीस साल की उम्र में ऐलाने नुबूवत फरमाया ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 23 -* गज़वा किसको कहते है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* गज़वा उस जंग को कहते है जिस में हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने बनफ्से नफीस शिरकत फरमायी ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 24 -* हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने जिन्दगी में कितने गजवात फरमाये ? कुछ मशहूर गज़वात का नाम बतायें ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने अपनी जिन्दगी में कुल 23 गज़वात में शिरकत फरमायी जिन में से मशहूर गजवए बदर , गजवए उहुद , गजवए खन्दक , गजवए हुनैन व गजवए खैबर वगैराह हैं ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 25 -* हिजरत करते वक़्त आप किस गार में ठहरे हुए थे वो गार कहा वाकेअ है ?
*🍀👉🏻 जवाब :* हिजरत करते वक्त हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने गारे सोर में तीन दिन तक कयाम फरमाया यह गार मक्का मुकर्रमा से तकरीबन 5 किलोमीटर के फासले पर वाकेअ है ।
*🌹👉🏻 सवाल नम्बर 26 -* पहले वही कहा नाज़िल हुई थी ?
*🍀👉🏻 जवाब :* पहली वही गार - ए - हिरा में नाज़िल हुई थी।
*📙 (दीन की बुनियादी बातें, सफ्हा 18,19)*
*📮पोस्ट मुकम्मल...✍🏻*
*◐┄┅════❁🌺❁════┅┄◐*
*👥 ज्वाॅइन व्हाट्सप्प ग्रुप ⬇*
https://chat.whatsapp.com/IC5GTqkaP9VAU14EB07wvm
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
*🌹💖 दिनी तालीम ग्रुप 💖🌹*
*❖┈┉═══════════┉┈❖*
_*☝हमा