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NIRMAL SIR IS LIVE NOW..🎥
आज के इस लाइव सेशन में निर्मल सर Test-5 के सभी 50 प्रश्नों का विस्तृत हल बताएंगे और साथ ही ऑनलाइन Test-4 Live लॉटरी के माध्यम से 100 लकी विजेताओं की घोषणा भी करेंगे।
Link:- https://youtu.be/0b45QdbRkDI
उत्कर्ष द्वारा UTKARSH App पर आयोजित 𝗕𝗛𝗔𝗥𝗔𝗧 𝗞𝗢 𝗝𝗔𝗔𝗡𝗢 प्रतियोगिता के Test-4( 01.04.2020 ) के सभी भाग्यशाली विजेताओं को उत्कर्ष परिवार की ओर से बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं💐


Test-4 के 100 lucky Winners की सूची 👇🏻
03_अप्रैल,_2020_दैनिक_सामयिकी_All_Exams.pdf
5.5 MB
03 अप्रैल, 2020 दैनिक सामयिकी (All Exams).pdf
📢 #BigNews #SpecialOffer 📢

प्रिय अभ्यर्थियों,

कोरोना का प्रभाव, कभी नहीं ला पायेगा आपकी तैयारी में अभाव
बस यही हमारा प्रयास, कि आप पहुंचे अपनी मंजिल के और पास


विश्व में कोरोना के प्रभाव के चलते एक संकट का दौर चल रहा है। लेकिन हर रात का एक सवेरा होता ही है। दिनांक 8 अप्रैल को हनुमान जयन्ती है। हमारी मान्यताओं में हनुमान जी संकटमोचक के रूप में जाने जाते है और हम उम्मीद करते हैं कि जल्दी ही ये संकट दूर होगा।

लॉकडाउन के इस दौर में प्रतिभागी अभी कई परीक्षाओं की घर बैठे जमकर तैयारी कर रहे हैं। फेसबुक , यूट्यूब व ईमेल के माध्यम लगातार संदेश मिल रहे है कि अभी वे सभी घर बैठे पढ़ना चाह रहे हैं उनके लिए एक दिन का ऑफर लेकर आए हैं क्योंकि आपका उत्कर्ष इन संकट के दिनों में है आपके साथ ।

हनुमान जयंती पर अब सारे संकट दूर होंगे। क्योंकि उत्कर्ष ऐप के सभी ऑनलाइन कोर्सेज पर अविश्वसनीय भारी छूट!
मात्र एक दिन (8 अप्रैल) के लिए 85% तक की #महाछूट!


अधिक जानकारी के लिए जुड़े रहें।
"नया सूरज: नयासवेरा"

बीते हुए कल से अगर कुछ लेना है तो सिर्फ अनुभव लेकर आगे बढ़ चलो। आपको जीवन में मिले सबसे बड़े धोखे, सबसे बड़ी असफलता, सबसे बड़े दुःख और आपकी सबसे बड़ी लापरवाही के लिए किसी को कोसने की इच्छा हो रही है तो खूब सारे नाम मिल जायेंगे। लेकिन आने वाला कल अच्छा बनाना है तो सारे दोष खुद के सिर ही मढ़ लेना।

हम खुद की ही गलती से हारते और जीतते है बाकी सारा भ्रम है। एक बहुत सरल उदाहरण से समझते है।

आप उन्नीन्दा होकर बिस्तर पर लेटे हो। तेज चलते हुए पंखे को रेगुलेटर के पास जाकर कम करना चाहते हो। लेकिन आलस्य के भारी प्रभाव के कारण आप उठकर पंखे तक नहीं जा पाए हो और आधा घंटा तेज हवा को झेलते रहे हो।" आप आधा घंटा हारे हो।"

जिन लोगों ने दुनियां को जिया है उन्होंने आँसुओं को गिराया नहीं पिया है। गजलकार इन्दीवर ने 'सब कुछ' और 'कुछ-कुछ' के भेद को दशकों पहले ऐसे समझाया।

"छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए
ये मुनासिब नहीं आदमी के लिए
प्यार से भी ज़रूरी कई काम हैं
प्यार सब कुछ नहीं ज़िंदगी के लिए"

गीतकार इन्दीवर ने उस जमाने में ऐसा लिखकर युवाओं का दर्शन ही बदल दिया था। लेकिन उन्होंने यह विस्तार से नहीं बताया कि ये "जरूरी कई काम" कौनसे हैं।

जरूरी यह है कि हम भीड़चाल और भेड़चाल के बजाय खुद की चाल की एक अलग पहचान बनायें।

जरूरी यह है कि आप यह जल्दी ही भांप लेते है कि आपके कीमती वक्त को कौन बर्बाद करने पर तुला है?

जरूरी यह समझना है कि आप किसी काम को हाथ में लेते ही नहीं है, और अगर लेते है तो दुनियां आपको उस काम को करते समय 'मिस्टर भरोसेमन्द' की नजर से देखती है।

जरूरी यह है कि आपकी सफलता की कोंपलें उगने तक दुनियां के तानों, उपहासी ठहाकों और उत्साह को ठंडा करने वाली सलाहों के लिए कान बन्द कर दें।

जरूरी यह है आप अपनी पीठ थपथपाने और खुद को डाँटने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहें।

जरूरी यह है कि आपको पता हो कि आप जा कहाँ रहे हो? और उससे भी जरूरी यह है कि आज कितना चले हो?

अन्त में सबसे जरूरी समझना यह है कि जब 'कई काम' करने हो तो यह तय करना कि इनमें से कौन- कौन से मेरे सपनों से वास्ता रखते है और किन-किन को अनाज के दानों पर मौजूद भूसी की मानिंद उड़ा देना है।


@अर्जुन सिंह साँखला
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"हारेगा कोरोना और जीतेगा हर एक भारतीय"

भारत को जानो प्रतियोगिता
में प्रतिदिन 100 अभ्यर्थी जीत रहें हैं #CASH #Prizes और हज़ारों अभ्यर्थी कर रहे हैं ज्ञानात्मक मनोरंजन ।

आप भी आज ही भाग लें
सीखें! खेलें! और जीतें!

👉🏻 आज की प्रतियोगिता के
TEST #6 का विस्तृत हल व TEST #5 के भाग्यशाली विजेताओं की ऑनलाइन लॉटरी 👇🏻
https://youtu.be/CvSdSI5Ohs8
👉🏻 विशेष सूचना 📢

प्रिय अभ्यर्थियों,
आज ( 4 अप्रैल )की समसामयिकी की डेली करंट अफेयर वाली क्लास तकनीकी कारणों के चलते नहीं हो पाई है।

आपको हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। 🙏
- टीम उत्कर्ष
घर पर ही रहना है 🏠
सीखते रहना है 🙋🏻‍♂️
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और जीतना है 🏆


भारत को जानो प्रतियोगिता में भाग लें ✅
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अभी भाग लें👇
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उत्कर्ष द्वारा UTKARSH App पर आयोजित 𝗕𝗛𝗔𝗥𝗔𝗧 𝗞𝗢 𝗝𝗔𝗔𝗡𝗢 प्रतियोगिता के Test-5 ( 02.04.2020 ) के सभी भाग्यशाली विजेताओं को उत्कर्ष परिवार की ओर से बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं💐


Test-5 के 100 lucky Winners की सूची 👇🏻
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"उन किरदारों के लिए ही तालियां परदा गिरने के बाद भी बजती रहती है"

"बन्द घरों में कितना सीखा
कैसे जाऊँ भूल
ना कोई बस्ता और
ना कोई स्कूल"

बालकनी में में कैदी सा बैठा इन दिनों आसमाँ में उड़ते चहचहाते पक्षियों को देखता हूँ तो देखता ही रह जाता हूँ।

प्रकृतिवादी सदियों से सीख दी रहे है, आदमी के मनोरंजन के लिए चिड़ियाघर मत बनाओ। आज चन्द दिनों की कैद से सब समझ आ गया कि वे ऐसा क्यों बोलते थे।

दुनियां के चौधरी बने 'अंकल सैम' के चेहरे पर चिन्ता की लकीरों से स्पष्ट हो गया अंकल ऐसे ही दुनियां को व्यर्थ की चौधराहट से हांक रहे थे।

'पेट भर खाना' और 'भर पेट खाना' वाला मुहावरा अब जाकर समझ आया। इटालियन पिज़्ज़ा और चायनीज मंचूरियन पर दाल रोटी की सत्ता अब जाकर स्थापित हुई है। अब घर की दाल मुर्गी के बराबर नहीं, बहुत बड़ी लगती है।

असली हीरो को ढूँढने कहाँ कहाँ नहीं गया अब तक। अब कुछ नज़र आये हैं। परदा गिरने के बाद भी तालियां किनके लिए बजती हैं अब समझ आया।

जरूरी नहीं है कि देश की सेवा के लिए सारे लोग संसद या विधानसभा में ही हो। बहुत सारे 'हीरोज' तन, मन और धन की थाती लेकर गुमनाम गाँव, गलियों में भी बैठे हैं और कुछ बड़े थे पर हमारे अनुमान से और बड़े निकले।

मन्दिर, मस्जिद गिरजे, गुरुद्वारे के द्वार भी जब आपके लिए बन्द हो जाये तब कौनसे द्वार खटखटाने चाहिए इसका इल्म इंसान को होना चाहिए।

कुछ लोगों ने कीमतें बढ़ा कर खुद की कीमतें गिरा दी। वक्त तो यह भी निकल जायेगा साहब, लेकिन जब हम घरों से निकलेंगे कुछ लोग हमेशा के लिए दिलों में कैद होंगे और हमें उनको दिलों में रखने का फक्र होगा।

प्रकृति कितनी महान है। चन्द दिनों में खुद ने ही नदी, तालाब समन्दर, हवा और वनस्पति सब को कितना संवार दिया। इन्सान बड़े बड़े जतन करके आज तक यह नहीं कर पाया।

जब आधी दुनियां घरों की कोटरों में बैठकर सहमी सी बाहर टुकुर टुकुर झाँकती है ना तब समझ आता है कि हमारी उछलकूद पर भी कोई निगरानी है।

बिना स्कूल गये बहुत सीखा है इन दिनों।इस दौर के कुछ किरदारों का पोस्टर जेहन में हमेशा हमेशा चस्पा रहेगा।

कुछ लोग, बाद अपने,
छोड़ जाते हैं।
चीजें नहीं,
बातें।
बाद के लोग काट देते हैं
जिनके सहारे,
अँधेरी से अँधेरी
रातें।

लेखक:

अर्जुन सिंह साँखला
प्राचार्य,
लक्की इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, जोधपुर।
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https://youtu.be/CvSdSI5Ohs8
कितना जानते हैं आप भारत 🇮🇳 को ?

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जन्मदिवस विशेष : 4 अप्रैल
👉 माखनलाल चतुर्वेदी

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