"इन्सानी इतिहास में कश्तियों ने कई बार हिचकोले खाये है;मगर संभल कर किनारे भी लगी है"
एक बहुत छोटा सा देश 'रिपब्लिक ऑफ पनामा' जो चारों तरफ कोस्टारिका, कोलंबिया, कॅरीबीयन सागर एवं प्रशान्त महासागर से घिरा है। इसमें से गुजरने वाली 'पनामा नहर' को दुनियां के सात अजूबों में से एक कह दिया जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। अटलांटिक एवं प्रशान्त महासागर को जोड़ने वाली 82 किलोमीटर की यह नहर हजारों किलोमीटर का अनावश्यक समुंद्री चक्कर बचाने के लिहाज से बनाई गई थी।
उदाहरण के लिए अगर अमेरिका के पूर्व स्थित न्यूयार्क शहर से यदि किसी को समुद्री मार्ग से अमेरिका के पश्चिम में स्थित सैनफ्रांसिस्को जाना होता था तो उसे सम्पूर्ण दक्षिणी अमेरिका का केपहॉर्न तक चक्कर लगाना पड़ता था। जिसमें उस रास्ते के उफनते समुद्रों का भयानक खतरा एवं लगभग 21000 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था। पनामा नहर के बनने के बाद यह दूरी लगभग 8500 किलोमीटर ही रह गयी है।
इस नहर को बनाने का सपना तो कई शताब्दियों पहले कई लोगों ने देखा लेकिन फ्रांस ने अपने द्वारा स्वेज नहर निर्माण की सफलता एवं आर्थिक फायदे से प्रोत्साहित होकर इसे बनाने का बीड़ा हाथ में लिया था लेकिन भयानक जंगलों, 12 महीनों में 8 महीने की भयंकर बारिशों, कठिन भौगोलिक संरचना और 24000 मजदूरों की 'येलो फीवर' एवं 'मलेरिया' से मौत ने फ्रांस के हौसले पस्त कर दिये।
फिर अमेरिका ने 1904 में इसका बीड़ा अपने हाथ में लिया और हजारों मौतों एवं चुनोतियों के बावजूद भी 15 अगस्त 1914 को इसे जहाजों के आवागमन के लिए खोल दिया। आज साल में औसतन 15000 जहाज इस नहर से एवं गतून झील से होकर गुजरते हैं।
इंजीनियरिंग के अद्भुत चमत्कार
इस नहर में कई जगह हज़ारों टन वजनी जहाजों को पानी से तीन मंजिला मकानों जितना ऊपर लिफ्ट भी करना पड़ता है ताकि उनको रास्ते में आने वाली 'गतून झील' के उच्च समुंद्री तल से मिलाया जा सकता है।
इंसान के हज़ारों साल के इतिहास में उसे लड़ाई लड़ने में वक्त जरूर लगा है, वो गिरा है, डरा भी है, घायल भी हुआ है, लेकिन हारा नहीं है।
बस सकारात्मक विचार पालो कि इन्सान के लिए असम्भव कुछ भी नहीं।
लेखक
अर्जुन सिंह साँखला
प्राचार्य,
लक्की इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, जोधपुर।
एक बहुत छोटा सा देश 'रिपब्लिक ऑफ पनामा' जो चारों तरफ कोस्टारिका, कोलंबिया, कॅरीबीयन सागर एवं प्रशान्त महासागर से घिरा है। इसमें से गुजरने वाली 'पनामा नहर' को दुनियां के सात अजूबों में से एक कह दिया जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। अटलांटिक एवं प्रशान्त महासागर को जोड़ने वाली 82 किलोमीटर की यह नहर हजारों किलोमीटर का अनावश्यक समुंद्री चक्कर बचाने के लिहाज से बनाई गई थी।
उदाहरण के लिए अगर अमेरिका के पूर्व स्थित न्यूयार्क शहर से यदि किसी को समुद्री मार्ग से अमेरिका के पश्चिम में स्थित सैनफ्रांसिस्को जाना होता था तो उसे सम्पूर्ण दक्षिणी अमेरिका का केपहॉर्न तक चक्कर लगाना पड़ता था। जिसमें उस रास्ते के उफनते समुद्रों का भयानक खतरा एवं लगभग 21000 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था। पनामा नहर के बनने के बाद यह दूरी लगभग 8500 किलोमीटर ही रह गयी है।
इस नहर को बनाने का सपना तो कई शताब्दियों पहले कई लोगों ने देखा लेकिन फ्रांस ने अपने द्वारा स्वेज नहर निर्माण की सफलता एवं आर्थिक फायदे से प्रोत्साहित होकर इसे बनाने का बीड़ा हाथ में लिया था लेकिन भयानक जंगलों, 12 महीनों में 8 महीने की भयंकर बारिशों, कठिन भौगोलिक संरचना और 24000 मजदूरों की 'येलो फीवर' एवं 'मलेरिया' से मौत ने फ्रांस के हौसले पस्त कर दिये।
फिर अमेरिका ने 1904 में इसका बीड़ा अपने हाथ में लिया और हजारों मौतों एवं चुनोतियों के बावजूद भी 15 अगस्त 1914 को इसे जहाजों के आवागमन के लिए खोल दिया। आज साल में औसतन 15000 जहाज इस नहर से एवं गतून झील से होकर गुजरते हैं।
इंजीनियरिंग के अद्भुत चमत्कार
इस नहर में कई जगह हज़ारों टन वजनी जहाजों को पानी से तीन मंजिला मकानों जितना ऊपर लिफ्ट भी करना पड़ता है ताकि उनको रास्ते में आने वाली 'गतून झील' के उच्च समुंद्री तल से मिलाया जा सकता है।
इंसान के हज़ारों साल के इतिहास में उसे लड़ाई लड़ने में वक्त जरूर लगा है, वो गिरा है, डरा भी है, घायल भी हुआ है, लेकिन हारा नहीं है।
बस सकारात्मक विचार पालो कि इन्सान के लिए असम्भव कुछ भी नहीं।
लेखक
अर्जुन सिंह साँखला
प्राचार्य,
लक्की इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, जोधपुर।
भारत को जानो - All India Test Series
में भाग लेने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक कीजिए
https://utkarshapp.page.link/Mmrs4tRi...
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2 साल बाद फिर से वापसी और आपके स्नेह और सहयोग से सुपरहिट, यूट्यूब पर 16 नंबर पर ट्रेंडिंग आपका स्नेह और सहयोग हमेशा बना रहे।
लिंक:- https://youtu.be/lM7DJL9rJlw
लिंक:- https://youtu.be/lM7DJL9rJlw
HAPPY DOCTORS DAY...
उत्कर्ष परिवार की तरफ़ से उन सभी डॉक्टर्स को तहे दिल से धन्यवाद जो इस संकट की घड़ी में हमारे साथ हैं❤️
#HappyDoctorsDay #Thankyou #Utkrash
उत्कर्ष परिवार की तरफ़ से उन सभी डॉक्टर्स को तहे दिल से धन्यवाद जो इस संकट की घड़ी में हमारे साथ हैं❤️
#HappyDoctorsDay #Thankyou #Utkrash
Daily Current Affairs #209/30 March 2020/Current Affairs In Hindi and English/GK Today by Umesh Sir : https://utkarshapp.page.link/6bhc
E-Utkarsh
Utkarsh - Daily YouTube Live Classes (March Month)
Next-gen learning platform which offers Smart eBooks and Online courses(with printed notes,class notes,offline class videos) for competitive exams such as IAS | RAS | SCHOOL LECTURER | TEACHER GRADE 2 | REET LEVEL 1 & 2 | SI | PATWAR | GRAMSEVAK | CONSTABLE…
भारत जानो प्रतियोगिता का टेस्ट- 2 आज शाम 7.30 बजे तक ही उपलब्ध हैं तो क्या आपने उत्कर्ष एप में ये टेस्ट दे दिया?
तथा टेस्ट-1 के लक्की ड़्रा व टेस्ट-2 के हल के लिए रात 8 बजे निर्मल सर की क्लास लेने के लिए तैयार है?
तथा टेस्ट-1 के लक्की ड़्रा व टेस्ट-2 के हल के लिए रात 8 बजे निर्मल सर की क्लास लेने के लिए तैयार है?
Anonymous Poll
83%
हाँ सर, दे दिया और रात 8 बजे का इंतज़ार कर रहा हूँ।
17%
नहीं सर, अभी देता हूँ और रात 8बजे लाइव आता हूँ।
*#6 Trending*
*UtkarshAPP*
'लॉकडाउन' में समय का सबसे अच्छा उपयोग करते हुए देशभर में विद्यार्थियों एवं परिवारजनों के द्वारा 'भारत को जानो' 'प्राइज क्विज' देखा जा रहा है। उत्कर्ष एप इन दिनों घर घर की पसन्द बन गया है। एप पर खेलो! सीखो! और जीतो! की इस मुहिम को देशभर से जबरदस्त स्नेह मिला है जिसके लिए मैं अभिभूत हूँ।
लाखों लोगों द्वारा देखा गया 'भारत को जानो' की प्रतियोगिता का यह वीडियो आज #6 नंबर पर ट्रेंड कर रहा है।
😄😄😄
बिना किसी स्टूडियो के घर से ही टीम के साथ जबरदस्त तालमेल रखते हुए इस प्रतियोगिता के लिए दिन रात मेहनत की सारी थकान दूर हो गयी जब आप लोगों का यह असीम प्रेम देखा।इस रोचक और ज्ञानवर्धक क्विज का आनंद ले रहे लाखों विद्यार्थियों, परिवारजनों एवं ज्ञाननिष्ठ जनों का दिल की गहराईयों से बहुत-बहुत-बहुत आभार।
🙏🙏🙏
- *निर्मल गहलोत ‘उत्कर्ष’*
*UtkarshAPP*
'लॉकडाउन' में समय का सबसे अच्छा उपयोग करते हुए देशभर में विद्यार्थियों एवं परिवारजनों के द्वारा 'भारत को जानो' 'प्राइज क्विज' देखा जा रहा है। उत्कर्ष एप इन दिनों घर घर की पसन्द बन गया है। एप पर खेलो! सीखो! और जीतो! की इस मुहिम को देशभर से जबरदस्त स्नेह मिला है जिसके लिए मैं अभिभूत हूँ।
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🙏🙏🙏
- *निर्मल गहलोत ‘उत्कर्ष’*
NIRMAL SIR IS LIVE NOW...🎥
टेस्ट-1 के लक्की ड़्रा व टेस्ट-2 के हल लेकर निर्मल सर आ गए हैं।
अपने परिवार वालों के साथ और साथी मित्रों के साथ ये लिंक ज़रूर शेयर करें।
https://youtu.be/iCj0-LUA9qA
टेस्ट-1 के लक्की ड़्रा व टेस्ट-2 के हल लेकर निर्मल सर आ गए हैं।
अपने परिवार वालों के साथ और साथी मित्रों के साथ ये लिंक ज़रूर शेयर करें।
https://youtu.be/iCj0-LUA9qA
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BHARAT KO JAANO | TEST #2 | Detailed Solution And Online Live Lottery By Nirmal Sir
प्रिय मित्रों ,
आज के इस लाइव सेशन में निर्मल सर Test-2 के सभी 50 प्रश्नों का विस्तृत हल बताएंगे और साथ ही ऑनलाइन test 1 Live लॉटरी के माध्यम से 100 लकी विजेताओं की घोषणा भी करेंगे।
आप सभी प्रतिभागियों को उत्कर्ष परिवार की ओर से शुभकामनाएं 💐
…
आज के इस लाइव सेशन में निर्मल सर Test-2 के सभी 50 प्रश्नों का विस्तृत हल बताएंगे और साथ ही ऑनलाइन test 1 Live लॉटरी के माध्यम से 100 लकी विजेताओं की घोषणा भी करेंगे।
आप सभी प्रतिभागियों को उत्कर्ष परिवार की ओर से शुभकामनाएं 💐
…
उत्कर्ष द्वारा UTKARSH App पर आयोजित 𝗕𝗛𝗔𝗥𝗔𝗧 𝗞𝗢 𝗝𝗔𝗔𝗡𝗢 प्रतियोगिता के Test-1 ( 28.03.2020 ) के सभी भाग्यशाली विजेताओं को उत्कर्ष परिवार की ओर से बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं💐
Test-1 के 100 lucky Winners की सूची 👇🏻
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UMESH SIR IS LIVE NOW...🎥
https://youtu.be/7qn3QZFCu88
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Daily Current Affairs #210/31 March 2020/Current Affairs In Hindi & English/GK Today by Umesh Sir
प्रिय मित्रों‚
प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्र में समसामयिकी यानि करेंट अफेयर्स का विशेष महत्त्व होता है । इसी को ध्यान में रखते हुए दैनिक समसामयिकी का विस्तृत कवरेज करने वाली डेली करंट अफेयर्स (#Daily_Current_GK_by_Utkarsh ) की यह शृंखला शुरू…
प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्र में समसामयिकी यानि करेंट अफेयर्स का विशेष महत्त्व होता है । इसी को ध्यान में रखते हुए दैनिक समसामयिकी का विस्तृत कवरेज करने वाली डेली करंट अफेयर्स (#Daily_Current_GK_by_Utkarsh ) की यह शृंखला शुरू…
𝗕𝗛𝗔𝗥𝗔𝗧 𝗞𝗢 𝗝𝗔𝗔𝗡𝗢 प्रतियोगिता के दोनों वीडियो यूट्यूब पर #Trending में
आप सभी का आभार ! धन्यवाद ! शुक्रिया !
👉🏻 आज का दिन ऐतिहासिक दिन क्यों है ?
जाने निर्मल सर से 👇🏻
https://youtu.be/D7JfFNoTOg8
समसामयिक ज्ञान- विज्ञान व धर्म-संस्कृति से भरपूर 𝗕𝗛𝗔𝗥𝗔𝗧 𝗞𝗢 𝗝𝗔𝗔𝗡𝗢 प्रतियोगिता के test-1 के सभी प्रश्नों का हल स्वयं निर्मल सर द्वारा 29 मार्च को कराया गया था, वो वीडियो परसों से top 10 में #5 पर ट्रेंडिंग था ही और कल इसी 𝗕𝗛𝗔𝗥𝗔𝗧 𝗞𝗢 𝗝𝗔𝗔𝗡𝗢 प्रतियोगिता के Test-2 के सभी प्रश्नों का हल स्वयं निर्मल सर द्वारा रात 8 बजे करवाया गया था , वीडियो लाइव खत्म होने के बाद से ही सीधे #4_ON_TRENDING पर प्रवेश किये हुए हैं।
इस तरह से दोनों वीडियोज का ट्रेंडिंग में जाना 𝗕𝗛𝗔𝗥𝗔𝗧 𝗞𝗢 𝗝𝗔𝗔𝗡𝗢 प्रतियोगिता के प्रति आप सभी का स्नेह दर्शाता है कि आप अपने परिवार सहित कितना बढ़ चढ़कर इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं।
आपका स्नेह, सहयोग और विश्वास ऐसे ही सदैव बना रहे और इससे हम और बेहतरीन करने के लिए प्रेरित होते हैं।
✅ Test-2 के सभी 50 प्रश्नों का विस्तृत व्याख्यात्मक वीडियो हल देखने के लिए यहां क्लिक करें 👇🏻https://youtu.be/iCj0-LUA9qA
✅ भारत को जानो प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए यहां क्लिक करें 👇🏻 https://utkarshapp.page.link/Uhtgha1QbPtWZ5B8A
( ऐप जाने के पश्चात ebook को Refresh अवश्य करें। )
✅ इस प्रतियोगिता से सम्बंधित अपने सुझाव हमें prizequiz@utkarsh.com पर भेजें।
✅ आप कितने उत्साह के साथ परिवार सहित इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं , हमें अपना वीडियो 9509936601 पर व्हाट्सएप्प करें।
आप सभी का आभार ! धन्यवाद ! शुक्रिया !
👉🏻 आज का दिन ऐतिहासिक दिन क्यों है ?
जाने निर्मल सर से 👇🏻
https://youtu.be/D7JfFNoTOg8
समसामयिक ज्ञान- विज्ञान व धर्म-संस्कृति से भरपूर 𝗕𝗛𝗔𝗥𝗔𝗧 𝗞𝗢 𝗝𝗔𝗔𝗡𝗢 प्रतियोगिता के test-1 के सभी प्रश्नों का हल स्वयं निर्मल सर द्वारा 29 मार्च को कराया गया था, वो वीडियो परसों से top 10 में #5 पर ट्रेंडिंग था ही और कल इसी 𝗕𝗛𝗔𝗥𝗔𝗧 𝗞𝗢 𝗝𝗔𝗔𝗡𝗢 प्रतियोगिता के Test-2 के सभी प्रश्नों का हल स्वयं निर्मल सर द्वारा रात 8 बजे करवाया गया था , वीडियो लाइव खत्म होने के बाद से ही सीधे #4_ON_TRENDING पर प्रवेश किये हुए हैं।
इस तरह से दोनों वीडियोज का ट्रेंडिंग में जाना 𝗕𝗛𝗔𝗥𝗔𝗧 𝗞𝗢 𝗝𝗔𝗔𝗡𝗢 प्रतियोगिता के प्रति आप सभी का स्नेह दर्शाता है कि आप अपने परिवार सहित कितना बढ़ चढ़कर इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं।
आपका स्नेह, सहयोग और विश्वास ऐसे ही सदैव बना रहे और इससे हम और बेहतरीन करने के लिए प्रेरित होते हैं।
✅ Test-2 के सभी 50 प्रश्नों का विस्तृत व्याख्यात्मक वीडियो हल देखने के लिए यहां क्लिक करें 👇🏻https://youtu.be/iCj0-LUA9qA
✅ भारत को जानो प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए यहां क्लिक करें 👇🏻 https://utkarshapp.page.link/Uhtgha1QbPtWZ5B8A
( ऐप जाने के पश्चात ebook को Refresh अवश्य करें। )
✅ इस प्रतियोगिता से सम्बंधित अपने सुझाव हमें prizequiz@utkarsh.com पर भेजें।
✅ आप कितने उत्साह के साथ परिवार सहित इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं , हमें अपना वीडियो 9509936601 पर व्हाट्सएप्प करें।
YouTube
Historical Day | ऐतिहासिक दिन | हार्दिक आभार 🙏 - निर्मल गहलोत
सवा मिनिट का विडियो है,जरूर देखें व देखकर कमेंट करें 🙏
Daily Current Affairs #210/31 March 2020/Current Affairs In Hindi and English/GK Today by Umesh Sir : https://utkarshapp.page.link/3U1B
E-Utkarsh
Utkarsh - Daily YouTube Live Classes (March Month)
Next-gen learning platform which offers Smart eBooks and Online courses(with printed notes,class notes,offline class videos) for competitive exams such as IAS | RAS | SCHOOL LECTURER | TEACHER GRADE 2 | REET LEVEL 1 & 2 | SI | PATWAR | GRAMSEVAK | CONSTABLE…
"अल्फ्रेड नोबेल ने इस तरह निजात पाई लाइलाज संक्रमण से"
स्वीडन के स्टॉकहॉम शहर में 21 Oct, 1833 को जन्मे तथा 10 Dec 1896 को मृत्यु को प्राप्त अल्फ्रेड नोबेल को कौन नहीं जानता।
अल्फ्रेड के उस जीवन काल के दौरान औद्योगिकरणकरण के उस युग में पुल, इमारतें कारखाने तेजी से बन रहे थे।उनके निर्माण एवं खदानों से सोना, डायमंड निकालने के लिए 'गनपाउडर' दमदार नहीं था।
उस समय तक 'नाइट्रोग्लिसिरिन' नामक तरल विस्फोटक के बारे में दुनियां को पता चल गया लेकिन वह लैब में प्रयोग करने के लिए भी बहुत घातक था। अल्फ्रेड नोबेल ने एक उससे हुए विस्फोटक में अपने सगे भाई एमिल को भी खो दिया था।
अल्फ्रेड ने निरन्तर अनुसंधान करते हुए 'डायनामाइट' का अविष्कार कर अन्य 355 अन्य पेटेंट्स करवाये। डायनामाइट दुनियां का सबसे शक्तिशाली विस्फोटक था।
इसी बीच अल्फ्रेड के भाई लुडविग की मृत्यु हो गई और उस पर एक फ्रेंच समाचार पत्र ने गलती से अल्फ्रेड नोबेल की निधन का समाचार "मौत के सौदागर की मृत्यु" के टाइटल से छाप दिया। जब अल्फ्रेड ने उसे पढ़ा तो उसे धक्का लगा कि लोग उसके कार्यों को क्या मृत्यु के बाद इस रूप में जानेंगे।
अल्फ्रेड ने तय किया वे अपनी करोड़ों की सम्पत्ति का 94% भाग पांच क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार देने के लिए 'नोबेल फाउंडेशन' बना कर दान करेंगे। तब से 1901 से इन पांच क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार दिया जाता है।
1. भौतिकी
2. रसायन
3. चिकित्सा विज्ञान
4. साहित्य
5. मानव सेवा
बाद में स्वीडन के सेंट्रल बैंक ने अपनी स्थापना के 300 वें दिवस को यादगार बनाने के लिए 'अर्थशास्त्र' के क्षेत्र में भी इस पुरस्कार को देने के लिए 1969 से फॉउंडेशन को राजी किया।
अल्फ्रेड कहते थे। "यदि मेरे पास एक हज़ार विचार है और यदि एक भी अच्छा साबित हो जाता है तो मैं संतुष्ट हूँ"
मैंने बैठकर आज अनुमानित हिसाब लगाया कि किसी मानव के मस्तिष्क में कुविचारों के संक्रमण से जितनी मौतें हुई है,मानव इतिहास में शरीर में संक्रमण की मौतों का आंकड़ा बहुत छोटा है।
शरीर के संक्रमण से भी खतरनाक है किसी के मस्तिष्क में कुविचारों का संक्रमण। शरीर का संक्रमण किसी एक शरीर को नष्ट कर सकता है; हालांकि वो भी आसानी से नहीं। लेकिन मस्तिष्क के गलत विचारों का संक्रमण पूरी दुनियां को नष्ट कर सकता है।
मस्तिष्क का 'सेनीटाईजर' किसी दुकान पर नहीं मिलता। खुद बनाना पड़ता है।
लेखक
अर्जुन सिंह साँखला
प्राचार्य,
लक्की इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, जोधपुर।
स्वीडन के स्टॉकहॉम शहर में 21 Oct, 1833 को जन्मे तथा 10 Dec 1896 को मृत्यु को प्राप्त अल्फ्रेड नोबेल को कौन नहीं जानता।
अल्फ्रेड के उस जीवन काल के दौरान औद्योगिकरणकरण के उस युग में पुल, इमारतें कारखाने तेजी से बन रहे थे।उनके निर्माण एवं खदानों से सोना, डायमंड निकालने के लिए 'गनपाउडर' दमदार नहीं था।
उस समय तक 'नाइट्रोग्लिसिरिन' नामक तरल विस्फोटक के बारे में दुनियां को पता चल गया लेकिन वह लैब में प्रयोग करने के लिए भी बहुत घातक था। अल्फ्रेड नोबेल ने एक उससे हुए विस्फोटक में अपने सगे भाई एमिल को भी खो दिया था।
अल्फ्रेड ने निरन्तर अनुसंधान करते हुए 'डायनामाइट' का अविष्कार कर अन्य 355 अन्य पेटेंट्स करवाये। डायनामाइट दुनियां का सबसे शक्तिशाली विस्फोटक था।
इसी बीच अल्फ्रेड के भाई लुडविग की मृत्यु हो गई और उस पर एक फ्रेंच समाचार पत्र ने गलती से अल्फ्रेड नोबेल की निधन का समाचार "मौत के सौदागर की मृत्यु" के टाइटल से छाप दिया। जब अल्फ्रेड ने उसे पढ़ा तो उसे धक्का लगा कि लोग उसके कार्यों को क्या मृत्यु के बाद इस रूप में जानेंगे।
अल्फ्रेड ने तय किया वे अपनी करोड़ों की सम्पत्ति का 94% भाग पांच क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार देने के लिए 'नोबेल फाउंडेशन' बना कर दान करेंगे। तब से 1901 से इन पांच क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार दिया जाता है।
1. भौतिकी
2. रसायन
3. चिकित्सा विज्ञान
4. साहित्य
5. मानव सेवा
बाद में स्वीडन के सेंट्रल बैंक ने अपनी स्थापना के 300 वें दिवस को यादगार बनाने के लिए 'अर्थशास्त्र' के क्षेत्र में भी इस पुरस्कार को देने के लिए 1969 से फॉउंडेशन को राजी किया।
अल्फ्रेड कहते थे। "यदि मेरे पास एक हज़ार विचार है और यदि एक भी अच्छा साबित हो जाता है तो मैं संतुष्ट हूँ"
मैंने बैठकर आज अनुमानित हिसाब लगाया कि किसी मानव के मस्तिष्क में कुविचारों के संक्रमण से जितनी मौतें हुई है,मानव इतिहास में शरीर में संक्रमण की मौतों का आंकड़ा बहुत छोटा है।
शरीर के संक्रमण से भी खतरनाक है किसी के मस्तिष्क में कुविचारों का संक्रमण। शरीर का संक्रमण किसी एक शरीर को नष्ट कर सकता है; हालांकि वो भी आसानी से नहीं। लेकिन मस्तिष्क के गलत विचारों का संक्रमण पूरी दुनियां को नष्ट कर सकता है।
मस्तिष्क का 'सेनीटाईजर' किसी दुकान पर नहीं मिलता। खुद बनाना पड़ता है।
लेखक
अर्जुन सिंह साँखला
प्राचार्य,
लक्की इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, जोधपुर।