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💫" जयपुर में हुए उत्कर्ष के पशु परिचर सेमिनार एवं टेस्ट की प्रमुख झलकियाँ”

पशु परिचर परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए आयोजित इस सेमिनार में विद्यार्थियों की सफलता हासिल करने से जुड़ी तमाम जिज्ञासाओं का पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मण सिंह राजपुरोहित तथा कृषि अधिकारी ग्यारसी लाल सर ने समाधान किया और महत्त्वपूर्ण गुरुमंत्र प्रदान किए।
♦️Note - जोधपुर एवं जयपुर सेंटर से 19 जनवरी से पशु परिचर के नए ऑफलाइन/ ऑनलाइन बैचेज प्रारंभ ।
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हाल ही में बीसीसीआई ने कर्नल सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से किसे सम्मानित किया है?
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15%
रवि शास्त्री
22%
फारुख इंजीनियर
9%
लाला अमरनाथ
54%
a व b दोनो
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हाल ही में एंटीबायोटिक के अति प्रयोग को रोकने के लिये ‘ऑपरेशन अमृत’ किसने प्रारंभ किया है?
Anonymous Quiz
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केरल
27%
गोवा
35%
महाराष्ट्र
7%
कर्नाटक
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💫मजबूत तैयारी का अद्वितीय ब्रह्मास्त्र🎖

उत्कर्ष आपके लिए लेकर आया है ‘निर्मल बैच’ (Live From Studio) के रूप में RAS - 2025 की तैयारी हेतु एक अद्वितीय ब्रह्मास्त्र और वो भी अकल्पनीय शुल्क (मात्र ₹4,499) में।

नोट:- ‘निर्मल बैच’ के लॉन्चिंग ऑफर के तहत 31 जनवरी तक यह बैच मात्र ₹4,499 में उपलब्ध है।

BATCH STARTING FROM:- 5 FEB 2024

‘निर्मल बैच’ की अतुलनीय विशेषताएँ :

1,500+ घंटों की लाइव कक्षाएँ
वर्तमान घटनाओं के अनुसार नवीनतम कंटेंट
मासिक + वार्षिक करेंट अफेयर्स पत्रिका
साप्ताहिक करेंट अफेयर्स कक्षाएँ
प्रारंभिक परीक्षा पर आधारित 50+ टेस्ट
रीजनिंग/ मैथ्स भी शामिल
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के लिए नोट्स का पूरा सेट
साक्षात्कार की तैयारी हेतु पुस्तिका और मार्गदर्शन सत्र।💫

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सिलेक्शन की ओर बढ़ाएँ कदम उत्कर्ष के
साथ


आपके प्रयासों को एक नया आयाम देने के लिए उत्कर्ष ने शुरू किए है शिक्षक (ग्रेड II), सब इन्स्पेक्टर (SI) और पटवार भर्ती परीक्षा के ऑफलाइन बैचेस; जहाँ अनुभवी एवं स्थायी विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आपको मिलेगी आपकी मंजिल की सीधी व सटीक दिशा।

उत्कर्ष के ऑफलाइन बैच क्यों हैं कामयाबी के सूत्रधार ?
विख्यात विषय विशेषज्ञों द्वारा अध्यापन व मार्गदर्शन।
श्रेष्ठ मैनेजमेंट एवं सपोर्ट टीम।
4K इंटरेक्टिव पैनल के माध्यम से अध्यापन।
प्रत्येक विषय के अपडेटेड व अपग्रेडेड नोट्स।
समय-समय पर टॉपिक/विषय और सम्पूर्ण कोर्स पर आधारित
टेस्ट।
4K पैनल पर शिक्षकों द्वारा हस्तलिखित पीडीएफ की
उपलब्धता।
विगत वर्षों के हल सहित प्रश्न–पत्रों से अभ्यास।
परीक्षा से पूर्व ऑनलाइन रिवीजन कोर्स।


तो, उत्कर्ष के साथ कामयाबी की ओर कदम बढ़ाने के लिए अभी
हमारे सेंटर पर विजिट करें।

पता :- जालोरी गेट चौराहा, जोधपुर
Helpline -9773366869
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29_01_2024_current_affair_by_narendra_sir_28_January_2024_02_11.pdf
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Rajasthan Current Affairs 2024 (1103) | Current Affairs Today | Narendra Sir | Utkarsh Classes
https://www.youtube.com/live/yfCvqqPcuhE?si=Tpj263SnVU0yuiww
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महात्मा गाँधी

🔸 राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गाँधी की पुण्यतिथि की स्मृति में प्रतिवर्ष 30 जनवरी को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
🔸 02 अक्टूबर, 1869 को पोरबंदर, गुजरात में जन्में गाँधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था।
🔸 वर्ष 1893 में गाँधी जी एक मुकदमे के सिलसिले में दक्षिण अफ्रीका चले गए और वहाँ उन्होंने अश्वेतों तथा भारतीयों के विरुद्ध गहरा भेदभाव महसूस किया।
🔸 उन्हें अंग्रेज़ों से स्वतंत्रता के लिए भारत के संघर्ष और सत्य एवं अहिंसा की उनकी नीति के लिए याद किया जाता है।
🔸 गाँधी जी एक महान शिक्षाविद् भी थे, उनका मानना था कि किसी देश की सामाजिक, नैतिक और आर्थिक प्रगति अंततः शिक्षा पर निर्भर करती है।
🔸 30 जनवरी, 1948 को नाथूराम गोडसे ने राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गाँधी की गोली मारकर हत्‍या कर दी थी।
🔸 अपनी हत्या के समय गाँधी जी 78 वर्ष के थे, नाथूराम गोडसे ने दिल्ली स्थित बिड़ला हाउस में प्रार्थना सभा के लिये जाते हुए गाँधी जी को गोली मार दी थी।
🔸 गाँधी विरोधी गाँधी जी को भारत के बँटवारे और पाकिस्तान के निर्माण के लिए उत्तरदायी मानते हैं और नाथूराम गोडसे ने भी गाँधी जी की हत्या करने के लिये यही तर्क दिया था। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की हत्या के लिए नाथूराम गोडसे और सह-साजिशकर्ता नारायण आप्टे को 15 नवंबर, 1949 को फाँसी दी गई थी।
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इनका नाम बताइए
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30_January_2024_Current_Affairs_Current_Affairs_Today_1371_Kumar.pdf
2.8 MB
30 January 2024 Current Affairs | Current Affairs Today (1371) | Kumar Gaurav Sir
https://www.youtube.com/live/V_p3ShWteuY?si=wdcYYg18NphB8FGs
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उत्कर्ष बुलेटिन©
❖ 30 जनवरी. 2024
❖ दैनिक समसामयिकी (All Exams)
❖ महत्वपूर्ण खबरें एवं उन पर आधारित प्रश्न
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30 January 2024 । Current Affairs । English.pdf
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Utkarsh Bulletin©
❖ 30 January, 2024
❖ Daily Current Affairs (All Exams)
❖ Important news and questions based on them
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महाराणा सांगा (संग्रामसिंह)

♦️पिता :- इनके पिता का नाम महाराणा रायमल था जो कि महाराणा कुम्भा के पुत्र व मेवाड़ के राजपूत शासक थे।
♦️माता :- इनकी माता का नाम महारानी रतन कंवर था।
♦️जन्म :- महाराणा सांगा का जन्म वैशाख बदी नवमी विक्रम संवत् 1539 (22 अप्रैल, 1482) में हुआ था।
♦️जन्म स्थान :- महाराणा सांगा का जन्म मालवा, राजस्थान में हुआ था।
♦️विवाह :- महाराणा सांगा का विवाह अजमेर के करमचंद पँवार की पुत्री करणावती के साथ हुआ था।
♦️निर्वाण :- महाराणा सांगा का निर्वाण वि.सं. 1584 (30 जनवरी, 1528) को उत्तर प्रदेश में कालपी के पास एरिच में हुआ।
♦️निर्वाण स्थल :- महाराणा सांगा का दाह संस्कार वीर विनोद के अनुसार बसवा स्थान बताया गया है और अमरकाव्य के अनुसार माण्डलगढ़ स्थान बताया गया है।
♦️वंशज :-
महाराणा सांगा सिसोदिया राजपूत वंश के महाप्रतापी महाराणा कुम्भा के पौत्र थे तथा महाराणा रायमल के छोटे पुत्र थे।
♦️चारित्रिक विषेशताएँ :- महाराणा सांगा ने 1508 से 1528 ई. के बीच शासन किया। महाराणा सांगा उन मेवाड़ी महाराणाओं में से एक थे, जिनका नाम मेवाड़ के ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण भारत के इतिहास में गौरव के साथ लिया जाता है।

♦️इनके राज्यकाल में मेवाड़ अपने गौरव और वैभव के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचा था। तत्कालीन भारत के समस्त राज्यों में से ऐसा कोई भी शासक नहीं था, जो महाराणा सांगा से लोहा ले सके।
♦️महाराणा सांगा मेवाड़ के राणाओं में सबसे प्रतापी शासक थे और उस समय के सबसे प्रबल क्षत्रिय राजा थे, जिनकी सेवा में अनेक राजा रहते थे।
♦️महाराणा सांगा एक साम्राज्यवादी व महत्त्वाकांक्षी शासक थे, जो संपूर्ण भारत पर अपना अधिकार करना चाहते थे। इनके समय में मेवाड़ की सीमा का दूर-दूर तक विस्तार हुआ।
♦️महाराणा सांगा ने अपने बाहुबल पर विशाल साम्राज्य स्थापित किया। इन्होंने कई युद्ध लड़े।
♦️इनको युद्धों में शरीर पर 80 घाव लगे तथा इनकी एक आँख, एक हाथ व एक पैर युद्ध में खराब हो चुके थे, फिर भी इनका साहस अटूट था।
♦️महाराणा सांगा हिन्दु रक्षक, भारतीय संस्कृति के रखवाले, अद्वितीय योद्धा, कर्मठ, राजनीतिज्ञ, कुशल शासक, शरणागत रक्षक, मातृभूमि के प्रति समर्पित, शूरवीर, दूरदर्शी थे। इनका इतिहास स्वर्णिम है, जिसके कारण आज मेवाड़ के शिरोमणि शासकों में इन्हें जाना जाता है।
♦️महाराणा सांगा का पूरा जीवन, बचपन से लेकर मृत्युपर्यन्त युद्धों में बीता, नाम के अनुरूप ये जीवनभर संघर्षरत रहे।

जीवन की प्रमुख घटनाएँ :-

1. हारे हुए सुल्तान महमूद को मांडू उपहार में दिया- मालवा के सुल्तान महमूद द्वितीय को परास्त कर उसे बंदी बनाकर चित्तौड़ लाया गया। महमूद युद्ध में घायल हो गया था, घायल सुल्तान का ईलाज करवाने के बाद महाराणा सांगा ने उसे ससम्मान मालवा भिजवा दिया और मांडू उपहार स्वरूप भेंट किया। महाराणा सांगा के इस उदार व्यवहार की मुस्लिम लेखकों ने भी प्रशंसा की है।

2. महमूद खिलजी पर विजय पाने पर केसरिया चारण हरिदास को चित्तौड़ उपहार में दिया-

‘‘मांडव गढ़ गर्जर ग्रह मुके,
रैणवां दीघ चत्रगढ़ राण।’’


3. निज़ाम खाँ को बयाना जागीर में देना - महाराणा सांगा ने बयाना को अपने अधीन कर निज़ाम खाँ को बयाना का जागीरदार नियुक्त किया परन्तु जब बाबर ने इष्क आका के नेतृत्व में बयाना पर आक्रमण किया तो निज़ाम खाँ का भाई आलम खाँ बाबर से मिल गया व किला बाबर को सुपुर्द कर दिया। महाराणा सांगा ने किले को घेर लिया एवं 16 फरवरी, 1527 को मुगल सेना को परास्त कर बयाना पर पुनः अधिकार कर लिया।

4. महाराणा सांगा का खानवा में युद्ध के लिए आ डटना- महाराणा सांगा 13 मार्च, 1527 को बाबर से युद्ध के लिए खानवा पहुँचे। महाराणा सांगा की सेना में रावत रतनसिंह चूण्डावत (सलूम्बर), वीर सिंह व नर्बद हाड़ा (बूँदी), राजा हसन खाँ मेवाती (अलवर), भारमल (ईडर), वीरमदेव, रतनसिंह (मेड़ता), मेदिनीराय (चंदेरी), राव गांगा (मारवाड़), रावल उदयसिंह (डूँगरपुर), रावत जोगा (कानोड़), पृथ्वीराज (आमेर), चन्द्रभान चौहान (मैनपुरी), मानिक चन्द्र चौहान (राजौर-एटा), झाला अज्जा और सज्जा (बड़ी सादड़ी), गोकुलदास परमार (बिजौलिया), रायमल राठौड़ (जोधपुर), रावत बाघसिंह (देवलिया), कुँवर कल्याणमल (बीकानेर), शत्रुदेव (गागरोण), महमूद लोदी, राजा ब्रह्मदेव, राय दिलीप, रामदास सोनगरा आदि अपनी सेना सहित सम्मिलित थे।
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