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फूल पत्ती वाली क्लास
❖ 18 November, 2020
❖ Daily Current Affairs #398
❖ TIME: 06:00 AM
❖ By Kumar Gaurav Sir
https://youtu.be/MPPoiXcWPPE
फूल पत्ती वाली क्लास
❖ 18 November, 2020
❖ Daily Current Affairs #398
❖ TIME: 06:00 AM
❖ By Kumar Gaurav Sir
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18 Nov | Daily Current Affairs Live Show #398 | India & World | Hindi & English | Kumar Gaurav Sir |
#UtkarshCurrentAffairs #CurrentAffairsNovember #CurrentAffairs2020
18 Nov | Daily Current Affairs Live Show #398 | India & World | Hindi & English | Kumar Gaurav Sir |
प्रिय विद्यार्थियों,
प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दैनिक समसामयिकी (करंट अफेयर्स)…
18 Nov | Daily Current Affairs Live Show #398 | India & World | Hindi & English | Kumar Gaurav Sir |
प्रिय विद्यार्थियों,
प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दैनिक समसामयिकी (करंट अफेयर्स)…
"अभाव_प्रकृति_का_दुर्भाव_नहीं_सद्भाव_है"
चुस्ती फुर्ती और मजबूती के मामले में जंगली चूहे घरेलू चूहों से कही ज्यादा काबिल होते हैं। संसाधनों को optimum और ecomical तरीके से काम में लेने के पाठ बड़े बड़े B-schools में पढ़ाये जाते हैं लेकिन उसका पहला प्रभावी पाठ हम फटे कपडों पर टांके लगाकर, अनावश्यक जलता बल्ब बंद करके, बहता नल बंद करने, खाना झूँठा नहीं छोड़ने जैसे तरीकों से घरों में सिखाते हैं।
प्यार में बहकर बच्चों को अनावश्यक व्यंजनों की आदत न डालें। रोजाना एक रोटी कम खा लेना ज्यादा ठीक है। आराम से बैठकर TV देखने देने के बजाय पार्क की रेत में गिरना, उठना, संभलना, रेत से लतपथ हो जाना, पार्क के तोते, कुत्ते और चिड़िया को बोलते, लोटते और चहचहाते देखना ज्यादा शक्तिवर्धक और उत्साहवर्धक होता है।
बच्चे के शरीर पर कभी पसीना दिख जाय तो खुश हो जाने का मौका है। अंगुलियो को कलम से कष्ट दें। मस्तिष्क को चिन्तन से गति दें। हृदय की क्षमता को बढ़ाने हेतु धड़कनों को बढ़ा देने वाले अवसर मिलना जरूरी है, जो असहज होते है लेकिन जीवन को योग्य वे ही बनाते हैं। चॉकलेट के बजाय गन्ना चूसने के लिए प्रेरित करें। बच्चों को थपथपा कर ना सुलाए उन्हें थक जाने के इतने अवसर दे कि इसकी नौबत ही नहीं आये। रिमोट कंट्रोल कार के बजाय साईकल गिफ़्ट के रूप में ज्यादा अच्छी है।
हर दृष्टिकोण से पंखा AC से ज्यादा अच्छा है। फ्रिज का पानी पिलाने के बजाय मटकी का पिलाये। मार्किट में सजी दुकानों पर बच्चों की जिद को एन्जॉय करें परन्तु हर जिद के सामने नहीं झुकें। प्यास लगने पर ही पानी अमृत लगता है।
कष्ट ही आपकी मांसपेशियों को सक्षम और कुशल बनाता है। मानसिक तनाव केवल दुःख नहीं है, यह जिन्दगी को दिशा देता है, कभी कभी कुछ अद्भुत संकल्पों से भी भर देता है। यह मस्तिष्क को विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता से भरता है।
जैसे जहर की औषधि जहर ही होती है ठीक इसी प्रकार आतप में कष्ट-आपन्न जिन्दगी को घनेरी छाँव में लाना है तो उसे थोड़ा और कष्ट देकर वहाँ तक पहुंचाना पड़ता है। कदम खुद नहीं चलते, उन्हें चलाना पड़ता है।
कोई संकल्प करना और उसको पूर्ण कर देने की सुन्दर घटना सबसे पहले घर में ही घटित होती है। बच्चे की संकल्पनाओं में परिश्रम के भाव भरते समय अपनी भावुकता पर विवेक को हावी रहने दें। 'हे! मैंने आज यह कार्य पूर्ण कर दिया' का वाक्य बोलता बच्चा भविष्य की उम्मीद है।
एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी के लिए धन सम्पदा छोड़ कर जाती है। लेकिन धन का इससे भी समृद्ध रूप है। आचार, विचार, कर्मठता, अनुशासन, कर्तव्यपरायणता, परिश्रम, धैर्य जैसे अनेक गुणों को दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाना ही धरती को सही मायने में 'वसुंधरा' कहने योग्य बनाता है।
नदी पत्थरों को ढाल रही है। सूरज सृष्टि को ढाल रहा है। हवा ऋतुओं को ढाल रही है। मनुष्य के लिए भी ढालने को इतना कुछ है कि....
एक उम्र बहुत छोटी लगती है।
✒️अर्जुन सिंह साँखला, प्राचार्य, लक्की इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, जोधपुर।
चुस्ती फुर्ती और मजबूती के मामले में जंगली चूहे घरेलू चूहों से कही ज्यादा काबिल होते हैं। संसाधनों को optimum और ecomical तरीके से काम में लेने के पाठ बड़े बड़े B-schools में पढ़ाये जाते हैं लेकिन उसका पहला प्रभावी पाठ हम फटे कपडों पर टांके लगाकर, अनावश्यक जलता बल्ब बंद करके, बहता नल बंद करने, खाना झूँठा नहीं छोड़ने जैसे तरीकों से घरों में सिखाते हैं।
प्यार में बहकर बच्चों को अनावश्यक व्यंजनों की आदत न डालें। रोजाना एक रोटी कम खा लेना ज्यादा ठीक है। आराम से बैठकर TV देखने देने के बजाय पार्क की रेत में गिरना, उठना, संभलना, रेत से लतपथ हो जाना, पार्क के तोते, कुत्ते और चिड़िया को बोलते, लोटते और चहचहाते देखना ज्यादा शक्तिवर्धक और उत्साहवर्धक होता है।
बच्चे के शरीर पर कभी पसीना दिख जाय तो खुश हो जाने का मौका है। अंगुलियो को कलम से कष्ट दें। मस्तिष्क को चिन्तन से गति दें। हृदय की क्षमता को बढ़ाने हेतु धड़कनों को बढ़ा देने वाले अवसर मिलना जरूरी है, जो असहज होते है लेकिन जीवन को योग्य वे ही बनाते हैं। चॉकलेट के बजाय गन्ना चूसने के लिए प्रेरित करें। बच्चों को थपथपा कर ना सुलाए उन्हें थक जाने के इतने अवसर दे कि इसकी नौबत ही नहीं आये। रिमोट कंट्रोल कार के बजाय साईकल गिफ़्ट के रूप में ज्यादा अच्छी है।
हर दृष्टिकोण से पंखा AC से ज्यादा अच्छा है। फ्रिज का पानी पिलाने के बजाय मटकी का पिलाये। मार्किट में सजी दुकानों पर बच्चों की जिद को एन्जॉय करें परन्तु हर जिद के सामने नहीं झुकें। प्यास लगने पर ही पानी अमृत लगता है।
कष्ट ही आपकी मांसपेशियों को सक्षम और कुशल बनाता है। मानसिक तनाव केवल दुःख नहीं है, यह जिन्दगी को दिशा देता है, कभी कभी कुछ अद्भुत संकल्पों से भी भर देता है। यह मस्तिष्क को विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता से भरता है।
जैसे जहर की औषधि जहर ही होती है ठीक इसी प्रकार आतप में कष्ट-आपन्न जिन्दगी को घनेरी छाँव में लाना है तो उसे थोड़ा और कष्ट देकर वहाँ तक पहुंचाना पड़ता है। कदम खुद नहीं चलते, उन्हें चलाना पड़ता है।
कोई संकल्प करना और उसको पूर्ण कर देने की सुन्दर घटना सबसे पहले घर में ही घटित होती है। बच्चे की संकल्पनाओं में परिश्रम के भाव भरते समय अपनी भावुकता पर विवेक को हावी रहने दें। 'हे! मैंने आज यह कार्य पूर्ण कर दिया' का वाक्य बोलता बच्चा भविष्य की उम्मीद है।
एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी के लिए धन सम्पदा छोड़ कर जाती है। लेकिन धन का इससे भी समृद्ध रूप है। आचार, विचार, कर्मठता, अनुशासन, कर्तव्यपरायणता, परिश्रम, धैर्य जैसे अनेक गुणों को दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाना ही धरती को सही मायने में 'वसुंधरा' कहने योग्य बनाता है।
नदी पत्थरों को ढाल रही है। सूरज सृष्टि को ढाल रहा है। हवा ऋतुओं को ढाल रही है। मनुष्य के लिए भी ढालने को इतना कुछ है कि....
एक उम्र बहुत छोटी लगती है।
✒️अर्जुन सिंह साँखला, प्राचार्य, लक्की इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, जोधपुर।
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18_नवम्बर,_2020_दैनिक_सामयिकी_All_Exams.pdf
1.5 MB
उत्कर्ष बुलेटिन©
◆18 November, 2020
◆दैनिक समसामयिकी (All Exams)
◆10 महत्वपूर्ण खबरें एवं उन पर आधारित 10 प्रश्न
◆हिन्दी पीडीएफ
👉 @Utkarshjodhpur
◆18 November, 2020
◆दैनिक समसामयिकी (All Exams)
◆10 महत्वपूर्ण खबरें एवं उन पर आधारित 10 प्रश्न
◆हिन्दी पीडीएफ
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निम्न में से किस डिवाइस में CU और Memory स्थित है?
(Computer question)
(Computer question)
Anonymous Quiz
12%
System Board
18%
ALU
66%
CPU
4%
Program
🔥1
Utkarsh Classes
Photo
➡️मेजर शैतान सिंह भाटी का जन्म 1 दिसंबर, 1924 को जोधपुर, राजस्थान में एक सैन्य परिवार में हुआ था।
➡️एक सेना अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल हेम सिंह भाटी के पुत्र, मेजर शैतान सिंह को 01 अगस्त 1949 को कुमाऊं रेजिमेंट में नियुक्त किया गया था।
➡️1962 के भारत-चीन युद्ध ने मेजर शैतान सिंह को लद्दाख के चुशूल सेक्टर में अपनी वीरता दिखाने का मौका दिया था।
➡️चुशूल सेक्टर जो सीमा से 15 मील की दूरी पर था, चीन के साथ अक्साई चीन के सीमा विवाद के संदर्भ में बहुत महत्व रखता था।
➡️युद्ध के दौरान, मेजर शैतान सिंह की इकाई को उस सेक्टर में रेजांग ला पोस्ट पर 17000 फीट की ऊंचाई पर तैनात किया गया था।
➡️चुशूल घाटी में एक हवाई पट्टी थी जो क्षेत्र में जारी भारतीय वायु सेना के संचालन और लद्दाख क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण थी।
➡️लगभग 5000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित पहाड़ी दर्रा 3 प्लाटून द्वारा संरक्षित था जिसमें कुल 123 भारतीय सेना के जवान थे।
➡️एक पर्वत शिखा के बीच में आ जाने के कारण, कंपनी को भारतीय आर्टिलरी का समर्थन नहीं मिल सका।
➡️जब चीनी सेना ने सुबह-सुबह कंपनी पर हमला किया, तो सैनिकों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और अपने दुश्मन सैनिकों को धुल चटाई।
➡️मेजर शैतान सिंह लड़ते रहे और एक दस्ते से दूसरे दस्ते में जा, अपनी जान की परवाह किये बिना सैनिकों का मनोबल बढ़ाते रहे।
➡️चीनी सेना ने अपने खोए हुए जीवन की संख्या की परवाह किए बिना हमलों को जारी रखा। अंतत:, प्लाटून के गोला-बारूद समाप्त हो गए और वे दुश्मन सैनिकों से मुकाबला करने के लिए हाथ से लड़ने चले गए। 123 सैनिकों में से 114 ने आक्रामक तरीके से अपनी जान गंवाई।
➡️मेजर शैतान सिंह इस हमले में गंभी रूप से ज़ख़्मी हो गए, बावजूद उसके उन्होंने जान बचाने के लिए उन्हें ले जाने वाले सैनिकों को पहले खुद की जान बचाने के निर्देश दिए। 1963 में मेजर सिंह का शव जमी हुई दशा में पाया गया था। बाद में इसे जोधपुर ले जाया गया और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
➡️इस बहादुर सैनिक की एक प्रतिमा उनके पैतृक शहर जोधपुर में एक चौक पर रखी गई है।
➡️मेजर को परमवीर चक्र के साथ नवाज़ा गया तथा साथी जवानों को 5 वीर चक्र और 4 सेना पदक भी दिए गए।
➡️उनके सम्मान में उनके पैतृक गांव का नाम बदलकर शैतान सिंह नगर रखा गया।
➡️एक सेना अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल हेम सिंह भाटी के पुत्र, मेजर शैतान सिंह को 01 अगस्त 1949 को कुमाऊं रेजिमेंट में नियुक्त किया गया था।
➡️1962 के भारत-चीन युद्ध ने मेजर शैतान सिंह को लद्दाख के चुशूल सेक्टर में अपनी वीरता दिखाने का मौका दिया था।
➡️चुशूल सेक्टर जो सीमा से 15 मील की दूरी पर था, चीन के साथ अक्साई चीन के सीमा विवाद के संदर्भ में बहुत महत्व रखता था।
➡️युद्ध के दौरान, मेजर शैतान सिंह की इकाई को उस सेक्टर में रेजांग ला पोस्ट पर 17000 फीट की ऊंचाई पर तैनात किया गया था।
➡️चुशूल घाटी में एक हवाई पट्टी थी जो क्षेत्र में जारी भारतीय वायु सेना के संचालन और लद्दाख क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण थी।
➡️लगभग 5000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित पहाड़ी दर्रा 3 प्लाटून द्वारा संरक्षित था जिसमें कुल 123 भारतीय सेना के जवान थे।
➡️एक पर्वत शिखा के बीच में आ जाने के कारण, कंपनी को भारतीय आर्टिलरी का समर्थन नहीं मिल सका।
➡️जब चीनी सेना ने सुबह-सुबह कंपनी पर हमला किया, तो सैनिकों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और अपने दुश्मन सैनिकों को धुल चटाई।
➡️मेजर शैतान सिंह लड़ते रहे और एक दस्ते से दूसरे दस्ते में जा, अपनी जान की परवाह किये बिना सैनिकों का मनोबल बढ़ाते रहे।
➡️चीनी सेना ने अपने खोए हुए जीवन की संख्या की परवाह किए बिना हमलों को जारी रखा। अंतत:, प्लाटून के गोला-बारूद समाप्त हो गए और वे दुश्मन सैनिकों से मुकाबला करने के लिए हाथ से लड़ने चले गए। 123 सैनिकों में से 114 ने आक्रामक तरीके से अपनी जान गंवाई।
➡️मेजर शैतान सिंह इस हमले में गंभी रूप से ज़ख़्मी हो गए, बावजूद उसके उन्होंने जान बचाने के लिए उन्हें ले जाने वाले सैनिकों को पहले खुद की जान बचाने के निर्देश दिए। 1963 में मेजर सिंह का शव जमी हुई दशा में पाया गया था। बाद में इसे जोधपुर ले जाया गया और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
➡️इस बहादुर सैनिक की एक प्रतिमा उनके पैतृक शहर जोधपुर में एक चौक पर रखी गई है।
➡️मेजर को परमवीर चक्र के साथ नवाज़ा गया तथा साथी जवानों को 5 वीर चक्र और 4 सेना पदक भी दिए गए।
➡️उनके सम्मान में उनके पैतृक गांव का नाम बदलकर शैतान सिंह नगर रखा गया।
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हाल ही में किसे "अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार- 2020" से सम्मानित किया गया है ?
Anonymous Quiz
29%
सादत रहमान को
45%
अनुज कुमार भटनागर को
18%
केतन शर्मा को
8%
आर. रामप्रसाद को
To the point-👉
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✅ सुर्ख़ियों में- कोरोना: कितना कारगर सीरो सर्वे या फिर आ सकता है कोरोना का वापस भूचाल?
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जानिए आज विशेष 📋📈
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✅ सुर्ख़ियों में- कोरोना: कितना कारगर सीरो सर्वे या फिर आ सकता है कोरोना का वापस भूचाल?
👇
➡️ क्या विकसित होने लगी प्रतिरोधक क्षमता
👇
✔️ कोरोना विषाणु संक्रमण के खिलाफ पूरी दुनिया की जंग जारी है। भारत में एंटीबॉडी परीक्षण कर 'सीरोप्रीवेलेंस स्टडीज' या 'सीरो सर्वे' कराए जा रहे हैं। सीरो सर्वे में कोरोनासंक्रमण के आंकड़े 'आरटी पीसीआर टेस्ट' से ज्यादा संख्या में आए हैं। यह संख्या एक ही जनसंख्या में अलग-अलग हो सकती है। देश के विभिन्न इलाकों में कराए गए सीरो सर्वे में बहुसंख्यक आबादी के एंटीबॉडी विकसित होने का पता चला है। कई क्षेत्रों में 44 फीसद से ज्यादा लोगों में एंटीबॉडी पाई गई है। जानकार यह उम्मीद जताने लगे हैं कि भारत की आबादी अब कोरोना संक्रमण से प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने लगी है। माना जा रहा है कि इसी वजह से कोरोना संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं। विदेशों की तुलना में भारत अन्य देशों के सीरो सर्वे से यदि भारत की तुलना की जाए, तो बेहतर स्थिति बनी हुई है। सीरो सर्वे दुनिया के 22 देशों में किए गए हैं, जिसका औसत करीब 4.76 फीसद है। स्कॉटलैंड में कोरोना संक्रमण सबसे कम 0.65 फीसद लोगों में पाया गया था, जबकि सबसे ज्यादा ईरान में 26.6 फीसद पाया गया। भारत में 21 राज्यों के 70 जिलों में सर्वे किया गया है, जिनमें 75 फीसद ग्रामीण क्षेत्र थे जबकि 25 फीसद शहरी क्षेत्रों में ये सर्वे किया गया। जून में हुए पहले सर्वे में यह तथ्य सामने आया कि ग्रामीण इलाकों के 70 फीसद लोगों में कोरोना का संक्रमण हो चुका था। यह सर्वे मई और जून महीने में हुआ, इसी दौरान बहुत सारे लोग पूर्णबंदी के कारण शहरों से गांव की तरफ जा रहे थे। इस सर्वे में 18 से 45 वर्ष के 43 फीसद लोगों में कोरोना की एंटीबॉडी पाई गई। 40 से 60 वर्ष के 39 फीसद लोगों में यह एंटीबॉडी मिली और 60 वर्ष से ऊपर के 17 फीसद लोगों में एंटीबॉडी मिली।
➡️ सीरो सर्वे का उद्देश्य
👇
✔️ इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, सीरो सर्वे से पता लगाया जाता है कि जिस बीमारी के लिए सर्वे किया जा रहा है, वह जनसंख्या में कितनी आम हो चकी है। संक्रमणअसल में कितना फैल रहा है और जांच के आंकड़ों के मुकाबले ये आंकड़े कहां हैं। इससे पता चलता है कि बिना लक्षण के यह विषाणु कितने लोगों में फैल रहा है और ऐसे संक्रमण के कितने मामले हैं, जो बिना सामने आए ठीक हो चुके हैं। इसमें सामुदायिक प्रसार या हर्ड इम्युनिटी का भी पता चलता है। इसके साथ ही संक्रमण के फैलाव का सही-सही अनुमान लगने पर इससे बचाव को लेकर उचित कदम उठाने में मदद मिलती है।
➡️ नतीजों से कितनी मदद
👇
✔️ सीरो सर्वे में देखा जाता है कि कितने लोगों के शरीर में एंटीबॉडी बन चुकी हैं। एंटीबॉडी एक तरीके का प्रोटीन होता है, जो विषाणु के प्रति शरीर को प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की परिभाषा के अनुसार, सीरो सर्वे में लिए गए नमूने में पॉजिटिव और नेगेटिव रिपोर्ट आती है। पॉजिटिव आने का मतलब है कि व्यक्ति पहले विषाण के संक्रमण की चपेट में आ चका है और उसके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है। यही प्रवृत्ति जब बड़ी जनसंख्या में दिखने लगती है, तो इसे हर्ड इम्यूनिटी कहते हैं। वहीं, अगर टेस्ट निगेटिव आता है तो इसका मतलब हो सकता है कि या तो वह व्यक्ति चपेट में कभी नहीं आया, या चपेट में आने के बाद अभी इतना वक्त नहीं हुआ है कि उसके शरीर में एंटीबॉडी बनी हों। एक कोरोना मरीज के शरीर में एंटीबॉडी बनने में कम से कम एक से तीन हफ्ते का वक्त लगता है।
➡️ सीरो सर्वे बनाम गणितीय मॉडल
👇
✔️ भारत में मध्य सितंबर के बाद से कोरोना के मामलों में गिरावट देखी जा रही है। कोविड-19 पर गठित केंद्र सरकार के पैनल के सदस्य और आइआइटी-कानपुर के प्रोफेसर मणिंद्र अग्रवाल के मुताबिक, हमारे गणितीय मॉडल के आकलन के अनुसार अब तक भारत की करीब 30 फीसद आबादी कोरोना संक्रमित हो चुकी है और फरवरी तक यह आंकडा 50 फीसद तक पहंच जाएगा। सीरो सर्वे के मुताबिक सितंबर तक भारत की करीब 14 फीसद आबादी संक्रमित हो चुकी थी, लेकिन पैनल के मुताबिक ये आंकड़ा 30 फीसद है। प्रोफेसर मणिंद्र अग्रवाल के मुताबिक, सीरो सर्वे शायद इस बात का नमूना नहीं ले सकते कि जिस आबादी का वे सर्वे कर रहे थे, उसके आकार की वजह से सैंपल बिल्कुल सही नहीं है। दूसरी ओर, गणितीय मॉडल से हर तरह के मामले की सटीक गिनती होती है और उसके अनुसार दो श्रेणियों में वर्गीकरण किया जाता है।
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✅ सुर्ख़ियों में- कोरोना: कितना कारगर सीरो सर्वे या फिर आ सकता है कोरोना का वापस भूचाल?
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➡️ क्या विकसित होने लगी प्रतिरोधक क्षमता
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✔️ कोरोना विषाणु संक्रमण के खिलाफ पूरी दुनिया की जंग जारी है। भारत में एंटीबॉडी परीक्षण कर 'सीरोप्रीवेलेंस स्टडीज' या 'सीरो सर्वे' कराए जा रहे हैं। सीरो सर्वे में कोरोनासंक्रमण के आंकड़े 'आरटी पीसीआर टेस्ट' से ज्यादा संख्या में आए हैं। यह संख्या एक ही जनसंख्या में अलग-अलग हो सकती है। देश के विभिन्न इलाकों में कराए गए सीरो सर्वे में बहुसंख्यक आबादी के एंटीबॉडी विकसित होने का पता चला है। कई क्षेत्रों में 44 फीसद से ज्यादा लोगों में एंटीबॉडी पाई गई है। जानकार यह उम्मीद जताने लगे हैं कि भारत की आबादी अब कोरोना संक्रमण से प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने लगी है। माना जा रहा है कि इसी वजह से कोरोना संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं। विदेशों की तुलना में भारत अन्य देशों के सीरो सर्वे से यदि भारत की तुलना की जाए, तो बेहतर स्थिति बनी हुई है। सीरो सर्वे दुनिया के 22 देशों में किए गए हैं, जिसका औसत करीब 4.76 फीसद है। स्कॉटलैंड में कोरोना संक्रमण सबसे कम 0.65 फीसद लोगों में पाया गया था, जबकि सबसे ज्यादा ईरान में 26.6 फीसद पाया गया। भारत में 21 राज्यों के 70 जिलों में सर्वे किया गया है, जिनमें 75 फीसद ग्रामीण क्षेत्र थे जबकि 25 फीसद शहरी क्षेत्रों में ये सर्वे किया गया। जून में हुए पहले सर्वे में यह तथ्य सामने आया कि ग्रामीण इलाकों के 70 फीसद लोगों में कोरोना का संक्रमण हो चुका था। यह सर्वे मई और जून महीने में हुआ, इसी दौरान बहुत सारे लोग पूर्णबंदी के कारण शहरों से गांव की तरफ जा रहे थे। इस सर्वे में 18 से 45 वर्ष के 43 फीसद लोगों में कोरोना की एंटीबॉडी पाई गई। 40 से 60 वर्ष के 39 फीसद लोगों में यह एंटीबॉडी मिली और 60 वर्ष से ऊपर के 17 फीसद लोगों में एंटीबॉडी मिली।
➡️ सीरो सर्वे का उद्देश्य
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✔️ इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, सीरो सर्वे से पता लगाया जाता है कि जिस बीमारी के लिए सर्वे किया जा रहा है, वह जनसंख्या में कितनी आम हो चकी है। संक्रमणअसल में कितना फैल रहा है और जांच के आंकड़ों के मुकाबले ये आंकड़े कहां हैं। इससे पता चलता है कि बिना लक्षण के यह विषाणु कितने लोगों में फैल रहा है और ऐसे संक्रमण के कितने मामले हैं, जो बिना सामने आए ठीक हो चुके हैं। इसमें सामुदायिक प्रसार या हर्ड इम्युनिटी का भी पता चलता है। इसके साथ ही संक्रमण के फैलाव का सही-सही अनुमान लगने पर इससे बचाव को लेकर उचित कदम उठाने में मदद मिलती है।
➡️ नतीजों से कितनी मदद
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✔️ सीरो सर्वे में देखा जाता है कि कितने लोगों के शरीर में एंटीबॉडी बन चुकी हैं। एंटीबॉडी एक तरीके का प्रोटीन होता है, जो विषाणु के प्रति शरीर को प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की परिभाषा के अनुसार, सीरो सर्वे में लिए गए नमूने में पॉजिटिव और नेगेटिव रिपोर्ट आती है। पॉजिटिव आने का मतलब है कि व्यक्ति पहले विषाण के संक्रमण की चपेट में आ चका है और उसके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है। यही प्रवृत्ति जब बड़ी जनसंख्या में दिखने लगती है, तो इसे हर्ड इम्यूनिटी कहते हैं। वहीं, अगर टेस्ट निगेटिव आता है तो इसका मतलब हो सकता है कि या तो वह व्यक्ति चपेट में कभी नहीं आया, या चपेट में आने के बाद अभी इतना वक्त नहीं हुआ है कि उसके शरीर में एंटीबॉडी बनी हों। एक कोरोना मरीज के शरीर में एंटीबॉडी बनने में कम से कम एक से तीन हफ्ते का वक्त लगता है।
➡️ सीरो सर्वे बनाम गणितीय मॉडल
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✔️ भारत में मध्य सितंबर के बाद से कोरोना के मामलों में गिरावट देखी जा रही है। कोविड-19 पर गठित केंद्र सरकार के पैनल के सदस्य और आइआइटी-कानपुर के प्रोफेसर मणिंद्र अग्रवाल के मुताबिक, हमारे गणितीय मॉडल के आकलन के अनुसार अब तक भारत की करीब 30 फीसद आबादी कोरोना संक्रमित हो चुकी है और फरवरी तक यह आंकडा 50 फीसद तक पहंच जाएगा। सीरो सर्वे के मुताबिक सितंबर तक भारत की करीब 14 फीसद आबादी संक्रमित हो चुकी थी, लेकिन पैनल के मुताबिक ये आंकड़ा 30 फीसद है। प्रोफेसर मणिंद्र अग्रवाल के मुताबिक, सीरो सर्वे शायद इस बात का नमूना नहीं ले सकते कि जिस आबादी का वे सर्वे कर रहे थे, उसके आकार की वजह से सैंपल बिल्कुल सही नहीं है। दूसरी ओर, गणितीय मॉडल से हर तरह के मामले की सटीक गिनती होती है और उसके अनुसार दो श्रेणियों में वर्गीकरण किया जाता है।
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👉🏻18 Nov | Daily Current Affairs Live Show #398 | India and World | Hindi and English | Kumar Gaurav Sir | at 6:00 AM https://utkarshapp.page.link/8bnY
👉🏻Rajasthan Current Affairs #142 | Know Your Rajasthan | By Narendra sir | at 5:00 PM : https://utkarshapp.page.link/1tsp
👉🏻18 Nov | Daily Current Affairs Live Show #398 | India and World | Hindi and English | Kumar Gaurav Sir | at 6:00 AM https://utkarshapp.page.link/8bnY
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महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने 18 नवंबर 1727 को जयपुर शहर की स्थापना की थी। जयपुर की स्थापना शिकारगाह पर की गई थी।
➡️सवाई जयसिंह को नाहरगढ़ के नीचे 100 एकड़ के पानी से भरे जंगल काफी प्रिय थे। इनमें वह शिकार खेलने के लिए अक्सर आया करते थे।
➡️जयसिंह ने एक बार फैसला किया कि राजधानी आमेर के पास सामंजस्यपूर्ण वातावरण तैयार कर एक ऐसा नगर बनाया जाए जिसकी प्रत्येक इमारत और सड़क करीने से बनी हो। हर रास्ता अलग जाना जाए। जनता के रहने के क्षेत्र उनकी गतिविधियों के नाम से पहचाने जाए। यहीं से जयपुर के निर्माण का खाका तैयार होना शुरू हुआ।
➡️शानदार महलों ओर भवनों वाले इस शहर को बनाते समय इसमें आवागमन के लिए 7 प्रवेश द्वार बनाए गए थे। जयपुर शहर जहां बसा हुआ है, वहां कभी 6 गांव हुआ करते थे।
➡️जब जयपुर शहर को बसाया गया था उस समय यह प्रथम नगर था जो योजनाबद्ध ढ़ंग से बसाया गया था। वास्तु शिल्पी विद्याधर भट्टाचार्य ने इसका ख़ाका तैयार किया था ।
➡️गुलाबी रंग मेहमानों के आदर सत्कार का प्रतीक है इसलिये जब 1876 में प्रिंस ऑफ वेल्स के जयपुर आने की सूचना मिली तो उनके स्वागत में महाराजा सवाई रामसिंह ने पूरे शहर को गुलाबी रंग पुतवा दिया था। तभी से इस शहर का नाम Pink City (गुलाबी नगरी) पड़ा।
➡️सवाई जयसिंह को नाहरगढ़ के नीचे 100 एकड़ के पानी से भरे जंगल काफी प्रिय थे। इनमें वह शिकार खेलने के लिए अक्सर आया करते थे।
➡️जयसिंह ने एक बार फैसला किया कि राजधानी आमेर के पास सामंजस्यपूर्ण वातावरण तैयार कर एक ऐसा नगर बनाया जाए जिसकी प्रत्येक इमारत और सड़क करीने से बनी हो। हर रास्ता अलग जाना जाए। जनता के रहने के क्षेत्र उनकी गतिविधियों के नाम से पहचाने जाए। यहीं से जयपुर के निर्माण का खाका तैयार होना शुरू हुआ।
➡️शानदार महलों ओर भवनों वाले इस शहर को बनाते समय इसमें आवागमन के लिए 7 प्रवेश द्वार बनाए गए थे। जयपुर शहर जहां बसा हुआ है, वहां कभी 6 गांव हुआ करते थे।
➡️जब जयपुर शहर को बसाया गया था उस समय यह प्रथम नगर था जो योजनाबद्ध ढ़ंग से बसाया गया था। वास्तु शिल्पी विद्याधर भट्टाचार्य ने इसका ख़ाका तैयार किया था ।
➡️गुलाबी रंग मेहमानों के आदर सत्कार का प्रतीक है इसलिये जब 1876 में प्रिंस ऑफ वेल्स के जयपुर आने की सूचना मिली तो उनके स्वागत में महाराजा सवाई रामसिंह ने पूरे शहर को गुलाबी रंग पुतवा दिया था। तभी से इस शहर का नाम Pink City (गुलाबी नगरी) पड़ा।
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Corrected Answer Key_1.pdf
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कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के आपत्ति वाले प्रश्न और उनके उत्तर भाग-1
Corrected Answer Key_2.pdf
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कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के आपत्ति वाले प्रश्न और उनके उत्तर भाग -2
🎲 Quiz '''दैनिक समसामयिकी'- 12 (10 महत्वपूर्ण प्रश्न) By @UtkarshJodhpur'
उत्कर्ष बुलेटिन
🖊 10 questions · ⏱ 30 sec
उत्कर्ष बुलेटिन
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Utkarsh Classes
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➡️भारत ने एक और सफल_मिसाइल_परीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने सतह से हवा में मार करने वाली क्विक रिएक्शन मिसाइल प्रणाली का सफल परीक्षण किया।
➡️परीक्षण के दौरान मिसाइल ने सटीक निशाना लगाने के साथ टारगेट को तय समय में मार गिराया। इससे पहले 13 नवंबर को भी भारत ने ओडिशा के बालासोर तट पर ऐसा ही एक और सफल परीक्षण किया था।
➡️क्विक_रिएक्शन_सरफेस_एयर_मिसाइल_सिस्टम (QRSAM - Quick Reaction Surface to Air Missile) का विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने किया है। यह प्रणाली वाहन से संचालित होती है और पूरी तरह से स्वचालित कमान तथा नियंत्रण प्रणाली और सक्रिय बैटरी निगरानी राडार से लैस है।
➡️इस परीक्षण की निगरानी ग्राउंड टेलीमेट्री सिस्टम (ground telemetry systems), रेंज रडार सिस्टम (range radar systems) और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम (Electro Optical Tracking System) द्वारा की गई थी। इस मिसाइल सिस्टम की बड़ी खासियत यह है कि इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति कराते हुए फायर किया जा सकता है।
➡️यह मिसाइल जमीन से हवा में सटीक निशाने को भेदने में सक्षम है QRSAM सिस्टम के तहत किसी सैन्य अभियान के तहत मिसाइल भी गतिशील रहती है और वह दुश्मन के विमान या ड्रोन पर निगरानी रखते हुए
उसे तत्काल निशाना बनाती है।
➡️यह मिसाइल सिस्टम पूरी तरह ऑटोमेटेड कमांड पर फायर करता है। यह एक्टिव एयरी बैट्री सर्विलॉन्स रॉडार प्रणाली जैसी कई अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है। राडारों की क्षमता इस हथियार को 360 डिग्री कवरेज के लिए अचूक बना देती है।
➡️ये मिसाइल किसी भी मौसम में लगभग 25-30 किलोमीटर तक की रेंज में दुश्मन को तबाह कर सकती है।
✅पृष्ठभूमि
➡️गौरतलब है कि चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा पर चल रहे विवाद के बीच भारत एक के बाद एक कई परीक्षण कर चुका है। पिछले महीने भी भारत ने डीआरडीओ द्वारा विकसित नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का परीक्षण किया था।
➡️परीक्षण के दौरान मिसाइल ने सटीक निशाना लगाने के साथ टारगेट को तय समय में मार गिराया। इससे पहले 13 नवंबर को भी भारत ने ओडिशा के बालासोर तट पर ऐसा ही एक और सफल परीक्षण किया था।
➡️क्विक_रिएक्शन_सरफेस_एयर_मिसाइल_सिस्टम (QRSAM - Quick Reaction Surface to Air Missile) का विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने किया है। यह प्रणाली वाहन से संचालित होती है और पूरी तरह से स्वचालित कमान तथा नियंत्रण प्रणाली और सक्रिय बैटरी निगरानी राडार से लैस है।
➡️इस परीक्षण की निगरानी ग्राउंड टेलीमेट्री सिस्टम (ground telemetry systems), रेंज रडार सिस्टम (range radar systems) और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम (Electro Optical Tracking System) द्वारा की गई थी। इस मिसाइल सिस्टम की बड़ी खासियत यह है कि इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति कराते हुए फायर किया जा सकता है।
➡️यह मिसाइल जमीन से हवा में सटीक निशाने को भेदने में सक्षम है QRSAM सिस्टम के तहत किसी सैन्य अभियान के तहत मिसाइल भी गतिशील रहती है और वह दुश्मन के विमान या ड्रोन पर निगरानी रखते हुए
उसे तत्काल निशाना बनाती है।
➡️यह मिसाइल सिस्टम पूरी तरह ऑटोमेटेड कमांड पर फायर करता है। यह एक्टिव एयरी बैट्री सर्विलॉन्स रॉडार प्रणाली जैसी कई अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है। राडारों की क्षमता इस हथियार को 360 डिग्री कवरेज के लिए अचूक बना देती है।
➡️ये मिसाइल किसी भी मौसम में लगभग 25-30 किलोमीटर तक की रेंज में दुश्मन को तबाह कर सकती है।
✅पृष्ठभूमि
➡️गौरतलब है कि चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा पर चल रहे विवाद के बीच भारत एक के बाद एक कई परीक्षण कर चुका है। पिछले महीने भी भारत ने डीआरडीओ द्वारा विकसित नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का परीक्षण किया था।
Rajasthan_Current_Affairs_#143_Know_Your_Rajasthan_By_Narendra_Sir.pdf
428.1 KB
PDF
◆ Important Quizzes Based On Rajasthan Current Affairs Show.
◆ इन महत्वपूर्ण प्रश्नों की विस्तृत व्याख्या व अन्य ज्ञानवर्धक जानकारी पर चर्चा आज की क्लास में की गई है
▪️Daily Rajasthan Current Affairs #143, 18 November, 2020 at 5:00 PM By Narendra Sir
https://youtu.be/tT5BzFn1SWg
◆ Important Quizzes Based On Rajasthan Current Affairs Show.
◆ इन महत्वपूर्ण प्रश्नों की विस्तृत व्याख्या व अन्य ज्ञानवर्धक जानकारी पर चर्चा आज की क्लास में की गई है
▪️Daily Rajasthan Current Affairs #143, 18 November, 2020 at 5:00 PM By Narendra Sir
https://youtu.be/tT5BzFn1SWg
Current Affairs । 18 November 2020 । English.pdf
1.6 MB
UTKARSH BULLETIN©
▪️18 November, 2020
▪️DAILY CURRENT AFFAIRS
▪️Top 10 Question based on top 10 News
▪️English PDF
▪️18 November, 2020
▪️DAILY CURRENT AFFAIRS
▪️Top 10 Question based on top 10 News
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Corrected Answer Key_3rd.pdf
1.9 MB
कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के आपत्ति वाले प्रश्न और उनके उत्तर भाग -3