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*👇👇 आज का प्रेरक प्रसंग 👇👇*
*!! दया पर संदेह !!*
०००००००००००००००००००००००००००००००००
एक बार एक अमीर सेठ के यहाँ एक नौकर काम करता था। अमीर सेठ अपने नौकर से तो बहुत खुश था, लेकिन जब भी कोई कटु अनुभव होता तो वह ईश्वर को अनाप शनाप कहता और बहुत कोसता था।
एक दिन वह अमीर सेठ ककड़ी खा रहा था। संयोग से वह ककड़ी कच्ची और कड़वी थी। सेठ ने वह ककड़ी अपने नौकर को दे दी। नौकर ने उसे बड़े चाव से खाया जैसे वह बहुत स्वादिष्ट हो।
अमीर सेठ ने पूछा– “ककड़ी तो बहुत कड़वी थी। भला तुम ऐसे कैसे खा गये ?”
नौकर बोला– “आप मेरे मालिक हैं। रोज ही स्वादिष्ट भोजन देते हैं। अगर एक दिन कुछ बेस्वाद या कड़वा भी दे दिया तो उसे स्वीकार करने में भला क्या हर्ज है ?
अमीर सेठ अपनी भूल समझ गया। अगर ईश्वर ने इतनी सुख – सम्पदाएँ दी है और कभी कोई कटु अनुदान या सामान्य मुसीबत दे भी दे तो उसकी सद्भावना पर संदेह करना ठीक नहीं।
वह नौकर और कोई नहीं, प्रसिद्ध चिकित्सक हकीम लुकमान थे।
*शिक्षा:-*
असल में यदि हम समझ सकें तो जीवन में जो कुछ भी होता है, सब ईश्वर की दया ही है। ईश्वर जो करता है अच्छे के लिए ही करता है।
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।*
✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
*👇👇 आज का प्रेरक प्रसंग 👇👇*
*!! दया पर संदेह !!*
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एक बार एक अमीर सेठ के यहाँ एक नौकर काम करता था। अमीर सेठ अपने नौकर से तो बहुत खुश था, लेकिन जब भी कोई कटु अनुभव होता तो वह ईश्वर को अनाप शनाप कहता और बहुत कोसता था।
एक दिन वह अमीर सेठ ककड़ी खा रहा था। संयोग से वह ककड़ी कच्ची और कड़वी थी। सेठ ने वह ककड़ी अपने नौकर को दे दी। नौकर ने उसे बड़े चाव से खाया जैसे वह बहुत स्वादिष्ट हो।
अमीर सेठ ने पूछा– “ककड़ी तो बहुत कड़वी थी। भला तुम ऐसे कैसे खा गये ?”
नौकर बोला– “आप मेरे मालिक हैं। रोज ही स्वादिष्ट भोजन देते हैं। अगर एक दिन कुछ बेस्वाद या कड़वा भी दे दिया तो उसे स्वीकार करने में भला क्या हर्ज है ?
अमीर सेठ अपनी भूल समझ गया। अगर ईश्वर ने इतनी सुख – सम्पदाएँ दी है और कभी कोई कटु अनुदान या सामान्य मुसीबत दे भी दे तो उसकी सद्भावना पर संदेह करना ठीक नहीं।
वह नौकर और कोई नहीं, प्रसिद्ध चिकित्सक हकीम लुकमान थे।
*शिक्षा:-*
असल में यदि हम समझ सकें तो जीवन में जो कुछ भी होता है, सब ईश्वर की दया ही है। ईश्वर जो करता है अच्छे के लिए ही करता है।
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।*
✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
❤️*🇮🇳यन्त्र और उनके उपयोग*❤️
1) अल्टीमीटर → उंचाई सूचित करने हेतु वैज्ञानिक यंत्र
2) अमीटर → विद्युत् धारा मापन
3) अनेमोमीटर → वायुवेग का मापन
4) ऑडियोफोन → श्रवणशक्ति सुधारना
5) बाइनाक्युलर → दूरस्थ वस्तुओं को देखना
6) बैरोग्राफ → वायुमंडलीय दाब का मापन
7) क्रेस्कोग्राफ → पौधों की वृद्धि का अभिलेखन
8) क्रोनोमीटर → ठीक ठीक समय जान्ने हेतु जहाज में लगायी जाने वाली घड़ी
9) कार्डियोग्राफ → ह्रदयगति का मापन
10) कार्डियोग्राम → कार्डियोग्राफ का कार्य में सहयोगी
11) कैपिलर्स → कम्पास
12) डीपसर्किल → नतिकोण का मापन
13) डायनमो→ यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत उर्जा में बदलना
14) इपिडियास्कोप → फिल्मों का पर्दे पर प्रक्षेपण
15) फैदोमीटर → समुद्र की गहराई मापना
16) गल्वनोमीटर → अति अल्प विद्युत् धारा का मापन
17) गाड्गरमुलर → परमाणु कण की उपस्थिति व् जानकारी लेने हेतु
18) मैनोमीटर → गैस का घनत्व नापना
19) माइक्रोटोम्स → किसी वस्तु का अनुवीक्षनीय परिक्षण हेतु छोटे भागों में विभाजित करता है।
20) ओडोमीटर → कार द्वारा तय की गयी दूरी बताता है।
21) पेरिस्कोप → जल के भीतर से बाहरी वस्तुएं देखि जाती हैं।
22) फोटोमीटर → प्रकाश दीप्ति का मापन
23) पाइरोमीटर → अत्यंत उच्च ताप का मापन
24) रेडियोमीटर → विकिरण द्वारा विकरित उर्जा का मापन
25) सीज्मोमीटर → भूकंप की तीव्रता का मापन
1) अल्टीमीटर → उंचाई सूचित करने हेतु वैज्ञानिक यंत्र
2) अमीटर → विद्युत् धारा मापन
3) अनेमोमीटर → वायुवेग का मापन
4) ऑडियोफोन → श्रवणशक्ति सुधारना
5) बाइनाक्युलर → दूरस्थ वस्तुओं को देखना
6) बैरोग्राफ → वायुमंडलीय दाब का मापन
7) क्रेस्कोग्राफ → पौधों की वृद्धि का अभिलेखन
8) क्रोनोमीटर → ठीक ठीक समय जान्ने हेतु जहाज में लगायी जाने वाली घड़ी
9) कार्डियोग्राफ → ह्रदयगति का मापन
10) कार्डियोग्राम → कार्डियोग्राफ का कार्य में सहयोगी
11) कैपिलर्स → कम्पास
12) डीपसर्किल → नतिकोण का मापन
13) डायनमो→ यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत उर्जा में बदलना
14) इपिडियास्कोप → फिल्मों का पर्दे पर प्रक्षेपण
15) फैदोमीटर → समुद्र की गहराई मापना
16) गल्वनोमीटर → अति अल्प विद्युत् धारा का मापन
17) गाड्गरमुलर → परमाणु कण की उपस्थिति व् जानकारी लेने हेतु
18) मैनोमीटर → गैस का घनत्व नापना
19) माइक्रोटोम्स → किसी वस्तु का अनुवीक्षनीय परिक्षण हेतु छोटे भागों में विभाजित करता है।
20) ओडोमीटर → कार द्वारा तय की गयी दूरी बताता है।
21) पेरिस्कोप → जल के भीतर से बाहरी वस्तुएं देखि जाती हैं।
22) फोटोमीटर → प्रकाश दीप्ति का मापन
23) पाइरोमीटर → अत्यंत उच्च ताप का मापन
24) रेडियोमीटर → विकिरण द्वारा विकरित उर्जा का मापन
25) सीज्मोमीटर → भूकंप की तीव्रता का मापन
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❤️❤️🇮🇳 रसायन विज्ञान के प्रश्न❤️❤️
✍️1.तरंग चलती हैं, तो वे अपने साथ ले जाती हैं
Ans : - -ऊर्जा
2.: - सूर्य ग्रहण के समय सूर्य का कौन-सा भाग दिखाई देता है?
Ans : - किरीट
3.: - कपड़ों से जंग के धब्बे हटाने के लिये प्रयोग किया
Ans : - -ऑक्ज़ैलिक अम्ल
4.: - गन्ने में ‘लाल सड़न रोग’ किसके कारण उत्पन्न होता है?
Ans : - कवकों द्वारा
5.: - टेलीविजन का आविष्कार किसने किया था?
Ans : - जे. एल. बेयर्ड
6.: - किस प्रकार के ऊतक शरीर के सुरक्षा कवच का कार्य करते हैं?
Ans : - एपिथीलियम ऊतक
7.: - मनुष्य ने सर्वप्रथम किस जन्तु को अपना पालतू बनाया?
Ans : - कुत्ता
8.: - किस वैज्ञानिक ने सर्वप्रथम बर्फ़ के दो टुकड़ों को आपस में घिसकर पिघला दिया?
Ans : - डेवी
9: - हीरा चमकदार क्यों दिखाई देता है?
Ans : - सामूहिक आंतरिक परावर्तन के कारण
10.: - ‘गोबर गैस’ में मुख्य रूप से क्या पाया जाता है।
Ans : - मिथेन
11.: - निम्न में से कौन-सा आहार मानव शरीर में नये ऊतकों की वृद्धि के लिए पोषक तत्व प्रदान करता है?
Ans : - पनीर
12.: - निम्न में से कौन एक उड़ने वाली छिपकली है?
Ans : - ड्रेको
13.: - अंगूर में कौन-सा अम्ल पाया जाता है?
Ans : - टार्टरिक अम्ल
14.: - कैंसर सम्बन्धी रोगों का अध्ययन कहलाता है
Ans : - oncology
15.: - घोंसला बनाने वाला एकमात्र साँप कौन-सा है?
Ans : - किंग कोबरा
16.: - भारत में पायी जाने वाली सबसे बड़ी मछली कौन-सी है?
Ans : - ह्वेल शार्क
17.: - दालें किसका एक अच्छा स्रोत होती हैं?
Ans : - प्रोटीन
18.: - देशी घी में से सुगन्ध क्यों आती है?
Ans : - डाइएसिटिल के कारण
19.: - इन्द्रधनुष में किस रंग का विक्षेपण अधिक होता है?
Ans : - लाल रंग
20.: - सूर्य की किरण में कितने रंग होते हैं?
Ans : - 7
21.: - ‘टाइपराइटर’ (टंकण मशीन) के आविष्कारक कौन हैं?
Ans : - शोल्स
22.: - सिरका को लैटिन भाषा में क्या कहा जाता है।
Ans : - ऐसीटम
23.: - दूध की शुद्धता का मापन किस यन्त्र से किया जाता है?
Ans : - लैक्टोमीटर
24.: - पृथ्वी पर सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला धातु तत्त्व कौन-सा है?
Ans : - ऐलुमिनियम
25.: - मोती मुख्य रूप से किस पदार्थ का बना होता है?
Ans : - कैल्सियम कार्बोनेट
26.: - मानव शरीर में सबसे अधिक मात्रा में कौन-सा तत्व पाया जाता है?
Ans : - ऑक्सीजन
27.: - आम का वानस्पतिक नाम क्या है?
Ans : - मेंगीफ़ेरा इण्डिका
28.: - कॉफी पाउडर के साथ मिलाया जाने वाला ‘चिकोरी चूर्ण’ प्राप्त होता है
Ans : - -जड़ों से
29.: - ‘विटामिन-सी’ का सबसे अच्छा स्त्रोत क्या है?
Ans : - आंवला
30.: - सबसे अधिक तीव्रता की ध्वनि कौन उत्पन्न करता है?
Ans : - बाघ
31.: - मानव शरीर में सबसे लम्बी कोशिका कौन-सी होती है?
Ans : - तंत्रिका कोशिका
32.: - दाँत मुख्य रूप से किस पदार्थ के बने होते हैं?
Ans : - डेंटाइन के
33.: - किस जंतु की आकृति पैर की चप्पल के समान होती है?
Ans : - पैरामीशियम
34.: - निम्न में से किस पदार्थ में प्रोटीन नहीं पाया जाता है?
Ans : - चावल
35.: - मानव का मस्तिष्क लगभग कितने ग्राम का होता है?
Ans : - 1350
36.: - रक्त में पायी जाने वाली धातु है
Ans : - -लोहा
37.: - मांसपेशियों में किस अम्ल के एकत्रित होने से थकावट आती है?
Ans : - लैक्टिक अम्ल
38.: - किण्वन का उदाहरण है
Ans : - -दूध का खट्टा होना,खाने की ब्रेड का बनना,गीले आटे का खट्टा होना
39.: - केंचुए की कितनी आँखें होती हैं?
Ans : - एक भी नहीं
40.: - गाजर किस विटामिन का समृद्ध स्रोत है?
Ans : - विटामिन A
✍️1.तरंग चलती हैं, तो वे अपने साथ ले जाती हैं
Ans : - -ऊर्जा
2.: - सूर्य ग्रहण के समय सूर्य का कौन-सा भाग दिखाई देता है?
Ans : - किरीट
3.: - कपड़ों से जंग के धब्बे हटाने के लिये प्रयोग किया
Ans : - -ऑक्ज़ैलिक अम्ल
4.: - गन्ने में ‘लाल सड़न रोग’ किसके कारण उत्पन्न होता है?
Ans : - कवकों द्वारा
5.: - टेलीविजन का आविष्कार किसने किया था?
Ans : - जे. एल. बेयर्ड
6.: - किस प्रकार के ऊतक शरीर के सुरक्षा कवच का कार्य करते हैं?
Ans : - एपिथीलियम ऊतक
7.: - मनुष्य ने सर्वप्रथम किस जन्तु को अपना पालतू बनाया?
Ans : - कुत्ता
8.: - किस वैज्ञानिक ने सर्वप्रथम बर्फ़ के दो टुकड़ों को आपस में घिसकर पिघला दिया?
Ans : - डेवी
9: - हीरा चमकदार क्यों दिखाई देता है?
Ans : - सामूहिक आंतरिक परावर्तन के कारण
10.: - ‘गोबर गैस’ में मुख्य रूप से क्या पाया जाता है।
Ans : - मिथेन
11.: - निम्न में से कौन-सा आहार मानव शरीर में नये ऊतकों की वृद्धि के लिए पोषक तत्व प्रदान करता है?
Ans : - पनीर
12.: - निम्न में से कौन एक उड़ने वाली छिपकली है?
Ans : - ड्रेको
13.: - अंगूर में कौन-सा अम्ल पाया जाता है?
Ans : - टार्टरिक अम्ल
14.: - कैंसर सम्बन्धी रोगों का अध्ययन कहलाता है
Ans : - oncology
15.: - घोंसला बनाने वाला एकमात्र साँप कौन-सा है?
Ans : - किंग कोबरा
16.: - भारत में पायी जाने वाली सबसे बड़ी मछली कौन-सी है?
Ans : - ह्वेल शार्क
17.: - दालें किसका एक अच्छा स्रोत होती हैं?
Ans : - प्रोटीन
18.: - देशी घी में से सुगन्ध क्यों आती है?
Ans : - डाइएसिटिल के कारण
19.: - इन्द्रधनुष में किस रंग का विक्षेपण अधिक होता है?
Ans : - लाल रंग
20.: - सूर्य की किरण में कितने रंग होते हैं?
Ans : - 7
21.: - ‘टाइपराइटर’ (टंकण मशीन) के आविष्कारक कौन हैं?
Ans : - शोल्स
22.: - सिरका को लैटिन भाषा में क्या कहा जाता है।
Ans : - ऐसीटम
23.: - दूध की शुद्धता का मापन किस यन्त्र से किया जाता है?
Ans : - लैक्टोमीटर
24.: - पृथ्वी पर सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला धातु तत्त्व कौन-सा है?
Ans : - ऐलुमिनियम
25.: - मोती मुख्य रूप से किस पदार्थ का बना होता है?
Ans : - कैल्सियम कार्बोनेट
26.: - मानव शरीर में सबसे अधिक मात्रा में कौन-सा तत्व पाया जाता है?
Ans : - ऑक्सीजन
27.: - आम का वानस्पतिक नाम क्या है?
Ans : - मेंगीफ़ेरा इण्डिका
28.: - कॉफी पाउडर के साथ मिलाया जाने वाला ‘चिकोरी चूर्ण’ प्राप्त होता है
Ans : - -जड़ों से
29.: - ‘विटामिन-सी’ का सबसे अच्छा स्त्रोत क्या है?
Ans : - आंवला
30.: - सबसे अधिक तीव्रता की ध्वनि कौन उत्पन्न करता है?
Ans : - बाघ
31.: - मानव शरीर में सबसे लम्बी कोशिका कौन-सी होती है?
Ans : - तंत्रिका कोशिका
32.: - दाँत मुख्य रूप से किस पदार्थ के बने होते हैं?
Ans : - डेंटाइन के
33.: - किस जंतु की आकृति पैर की चप्पल के समान होती है?
Ans : - पैरामीशियम
34.: - निम्न में से किस पदार्थ में प्रोटीन नहीं पाया जाता है?
Ans : - चावल
35.: - मानव का मस्तिष्क लगभग कितने ग्राम का होता है?
Ans : - 1350
36.: - रक्त में पायी जाने वाली धातु है
Ans : - -लोहा
37.: - मांसपेशियों में किस अम्ल के एकत्रित होने से थकावट आती है?
Ans : - लैक्टिक अम्ल
38.: - किण्वन का उदाहरण है
Ans : - -दूध का खट्टा होना,खाने की ब्रेड का बनना,गीले आटे का खट्टा होना
39.: - केंचुए की कितनी आँखें होती हैं?
Ans : - एक भी नहीं
40.: - गाजर किस विटामिन का समृद्ध स्रोत है?
Ans : - विटामिन A
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❤️ Direct and Indirect speech❤️
नियम 2:---
👉 यदि Reporting Verb भूतकाल ( Past Tense) में है तो Reported speech के Verb में Tense निम्नलिखित रुप में बदल जाएगा👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇
नियम 2:---
👉 यदि Reporting Verb भूतकाल ( Past Tense) में है तो Reported speech के Verb में Tense निम्नलिखित रुप में बदल जाएगा👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇
🟢He said, "My mother prays to God daily.". I
🔵He said that his mother prayed to God daily.
🟢He said, "I am learning my lesson."
🔵He said that he was learning his lesson.
🟢The student said, "I have done my work."
🔵The student said that he had done his work.
🟢Sita said, "I have been working for two hours."
🔵Sita said that she had been working for two hours.
🟢He said, "I went to Kolkata last month."
🔵He said that he had gone to Kolkata last month.
🟢She said, "Sohan was doing Ph.D."
🔵 She said that Sohan had been doing Ph.D.
🟢He said, "Sunil had gone to cinema."
🔵He said that Sunil had gone to cinema.
🟢He said, "I shall teach you English."
🔵He said that he would teach me English.
🟢He said, "This child can walk."
🔵He said that that child could walk.
🟢She said, "It may rain today heavily."
🔵She said that it might rain that day heavily.
🔵He said that his mother prayed to God daily.
🟢He said, "I am learning my lesson."
🔵He said that he was learning his lesson.
🟢The student said, "I have done my work."
🔵The student said that he had done his work.
🟢Sita said, "I have been working for two hours."
🔵Sita said that she had been working for two hours.
🟢He said, "I went to Kolkata last month."
🔵He said that he had gone to Kolkata last month.
🟢She said, "Sohan was doing Ph.D."
🔵 She said that Sohan had been doing Ph.D.
🟢He said, "Sunil had gone to cinema."
🔵He said that Sunil had gone to cinema.
🟢He said, "I shall teach you English."
🔵He said that he would teach me English.
🟢He said, "This child can walk."
🔵He said that that child could walk.
🟢She said, "It may rain today heavily."
🔵She said that it might rain that day heavily.
🟢🟢आज का प्रेरक प्रसङ्ग🟢🟢
❤️!! *किसान की घड़ी* !!❤️
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एक बार एक किसान की घड़ी कहीं खो गयी. वैसे तो घडी कीमती नहीं थी पर किसान उससे भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ था और किसी भी तरह उसे वापस पाना चाहता था. उसने खुद भी घडी खोजने का बहुत प्रयास किया, कभी कमरे में खोजता तो कभी बाड़े तो कभी अनाज के ढेर में ….पर तामाम कोशिशों के बाद भी घड़ी नहीं मिली. उसने निश्चय किया की वो इस काम में बच्चों की मदद लेगा और उसने आवाज लगाई , ” सुनो बच्चों , तुममे से जो कोई भी मेरी खोई घडी खोज देगा उसे मैं 100 रुपये इनाम में दूंगा.”
फिर क्या था, सभी बच्चे जोर-शोर से इस काम में लग गए…वे हर जगह की ख़ाक छानने लगे, ऊपर-नीचे, बाहर, आँगन में ..हर जगह…पर घंटो बीत जाने पर भी घडी नहीं मिली. अब लगभग सभी बच्चे हार मान चुके थे और किसान को भी यही लगा की घड़ी नहीं मिलेगी, तभी एक लड़का उसके पास आया और बोला, ” काका मुझे एक मौका और दीजिये, पर इस बार मैं ये काम अकेले ही करना चाहूँगा.” किसान का क्या जा रहा था, उसे तो घडी चाहिए थी, उसने तुरंत हाँ कर दी.
लड़का एक-एक कर के घर के कमरों में जाने लगा…और जब वह किसान के शयन कक्ष से निकला तो घड़ी उसके हाथ में थी. किसान घड़ी देख प्रसन्न हो गया और अचरज से पूछा,” बेटा, कहाँ थी ये घड़ी, और जहाँ हम सभी असफल हो गए तुमने इसे कैसे ढूंढ निकाला ?” लड़का बोला,” काका मैंने कुछ नहीं किया बस मैं कमरे में गया और चुप-चाप बैठ गया, और घड़ी की आवाज़ पर ध्यान केन्द्रित करने लगा, कमरे में शांति होने के कारण मुझे घड़ी की टिक-टिक सुनाई दे गयी , जिससे मैंने उसकी दिशा का अंदाजा लगा लिया और आलमारी के पीछे गिरी ये घड़ी खोज निकाली.”
*शिक्षा* :-
Friends, जिस तरह कमरे की शांति, घड़ी ढूढने में मददगार साबित हुई उसी प्रकार मन की शांति हमें Life की ज़रूरी चीजें समझने में मददगार होती है. हर दिन हमें अपने लिए थोडा वक़्त निकालना चाहिए, जसमे हम बिलकुल अकेले हों, जिसमे हम शांति से बैठ कर खुद से बात कर सकें और अपने भीतर की आवाज़ को सुन सकें, तभी हम Life को और अच्छे ढंग से जी पायेंगे।
❤️!! *किसान की घड़ी* !!❤️
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एक बार एक किसान की घड़ी कहीं खो गयी. वैसे तो घडी कीमती नहीं थी पर किसान उससे भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ था और किसी भी तरह उसे वापस पाना चाहता था. उसने खुद भी घडी खोजने का बहुत प्रयास किया, कभी कमरे में खोजता तो कभी बाड़े तो कभी अनाज के ढेर में ….पर तामाम कोशिशों के बाद भी घड़ी नहीं मिली. उसने निश्चय किया की वो इस काम में बच्चों की मदद लेगा और उसने आवाज लगाई , ” सुनो बच्चों , तुममे से जो कोई भी मेरी खोई घडी खोज देगा उसे मैं 100 रुपये इनाम में दूंगा.”
फिर क्या था, सभी बच्चे जोर-शोर से इस काम में लग गए…वे हर जगह की ख़ाक छानने लगे, ऊपर-नीचे, बाहर, आँगन में ..हर जगह…पर घंटो बीत जाने पर भी घडी नहीं मिली. अब लगभग सभी बच्चे हार मान चुके थे और किसान को भी यही लगा की घड़ी नहीं मिलेगी, तभी एक लड़का उसके पास आया और बोला, ” काका मुझे एक मौका और दीजिये, पर इस बार मैं ये काम अकेले ही करना चाहूँगा.” किसान का क्या जा रहा था, उसे तो घडी चाहिए थी, उसने तुरंत हाँ कर दी.
लड़का एक-एक कर के घर के कमरों में जाने लगा…और जब वह किसान के शयन कक्ष से निकला तो घड़ी उसके हाथ में थी. किसान घड़ी देख प्रसन्न हो गया और अचरज से पूछा,” बेटा, कहाँ थी ये घड़ी, और जहाँ हम सभी असफल हो गए तुमने इसे कैसे ढूंढ निकाला ?” लड़का बोला,” काका मैंने कुछ नहीं किया बस मैं कमरे में गया और चुप-चाप बैठ गया, और घड़ी की आवाज़ पर ध्यान केन्द्रित करने लगा, कमरे में शांति होने के कारण मुझे घड़ी की टिक-टिक सुनाई दे गयी , जिससे मैंने उसकी दिशा का अंदाजा लगा लिया और आलमारी के पीछे गिरी ये घड़ी खोज निकाली.”
*शिक्षा* :-
Friends, जिस तरह कमरे की शांति, घड़ी ढूढने में मददगार साबित हुई उसी प्रकार मन की शांति हमें Life की ज़रूरी चीजें समझने में मददगार होती है. हर दिन हमें अपने लिए थोडा वक़्त निकालना चाहिए, जसमे हम बिलकुल अकेले हों, जिसमे हम शांति से बैठ कर खुद से बात कर सकें और अपने भीतर की आवाज़ को सुन सकें, तभी हम Life को और अच्छे ढंग से जी पायेंगे।
*!! बुद्धी की परीक्षा !!*
++++++++++++++++++++++++++++++++
एक बार एक राजा की कोई संतान नहीं थी, उम्र ढलती जा रही थी... बहुत प्रयास किए, कई हकीमों वैद्यों को दिखाया परन्तु नतीजा सिफर रहा।
राजा को चिन्ता सताने लगी कि मेरे बाद राज पाट कौन संभालेगा!
राजा को उपाय सूझा, महल के भीतर एक नया महल बनवाया, उसके मुख्य द्वार पर बीजगणित का एक सूत्र लिखवाया... और पूरे राज्य में मुनादी पिटवाई कि जो भी व्यक्ति इस सूत्र को हल कर लेगा उसके बाद यह द्वार खुल जायेगा। वही इस महल का स्वामी व राज्य का उत्तराधिकारी होगा।
अब पूरे राज्य के बड़े बड़े गणितज्ञ व विद्वान पहुंचने लगे पर कोई भी उस सूत्र को हल नहीं कर सका। राजा की चिन्ता बढ़ने लगी। कुछ दिन बाद प्रयास करने वाले आने बन्द हो गए।
राजा ने पास के राज्यों में भी ढिंढोरा पिटवा दिया, प्रलोभन अच्छा था बहुत से लोग आने लगे पर किसी से भी सूत्र हल नहीं हुआ। धीरे-धीरे लोग आने कम हो गए, एक दिन केवल दो ही लोग पहुंचे जिनमें से एक गणितज्ञ थे और एक साधारण युवक। युवक के जीर्ण शीर्ण वस्त्र देख कर द्वारपाल उसे क्रोधित हो भगाने लगे- "तुम से न हो सकेगा, जाओ"
राजा की दृष्टि पड़ी तो युवक को रुकवाया गया, राजा बोले, "पहले युवक को ही अवसर प्रदान किया जाए।" युवक ने कहा कि पहले विद्वान व्यक्ति को ही अवसर दें, यदि इनसे न हो सका तब प्रयास करूंगा। राजा बोले ठीक है, आप आसन ग्रहण करें।
वह गणितज्ञ शाम ढलने तक प्रयास करता रहा पर कुछ न हुआ। अब युवक को बुलाया गया, युवक ने जाकर द्वार पर हाथ लगा कर धक्का दिया, द्वार खुल गया।
महल करतल ध्वनि से गूंज उठा।
राजा ने पूछा, "आप कैसे कर पाए ?"
युवक ने कहा कि जब विद्वान व्यक्ति पूरे दिन जूझ रहे थे तब मुझे लगा कि यह भी हो सकता है कि ये कोई बीजगणित सूत्र ही न हो। एवम् द्वार पर बुद्धि परखने के लिए लिखा गया हो।
*शिक्षा:-*
जीवन में कई बार हम सभी किसी समस्या से जूझते रहते हैं जबकि वो कोई समस्या होती ही नहीं...!!
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एक बार एक राजा की कोई संतान नहीं थी, उम्र ढलती जा रही थी... बहुत प्रयास किए, कई हकीमों वैद्यों को दिखाया परन्तु नतीजा सिफर रहा।
राजा को चिन्ता सताने लगी कि मेरे बाद राज पाट कौन संभालेगा!
राजा को उपाय सूझा, महल के भीतर एक नया महल बनवाया, उसके मुख्य द्वार पर बीजगणित का एक सूत्र लिखवाया... और पूरे राज्य में मुनादी पिटवाई कि जो भी व्यक्ति इस सूत्र को हल कर लेगा उसके बाद यह द्वार खुल जायेगा। वही इस महल का स्वामी व राज्य का उत्तराधिकारी होगा।
अब पूरे राज्य के बड़े बड़े गणितज्ञ व विद्वान पहुंचने लगे पर कोई भी उस सूत्र को हल नहीं कर सका। राजा की चिन्ता बढ़ने लगी। कुछ दिन बाद प्रयास करने वाले आने बन्द हो गए।
राजा ने पास के राज्यों में भी ढिंढोरा पिटवा दिया, प्रलोभन अच्छा था बहुत से लोग आने लगे पर किसी से भी सूत्र हल नहीं हुआ। धीरे-धीरे लोग आने कम हो गए, एक दिन केवल दो ही लोग पहुंचे जिनमें से एक गणितज्ञ थे और एक साधारण युवक। युवक के जीर्ण शीर्ण वस्त्र देख कर द्वारपाल उसे क्रोधित हो भगाने लगे- "तुम से न हो सकेगा, जाओ"
राजा की दृष्टि पड़ी तो युवक को रुकवाया गया, राजा बोले, "पहले युवक को ही अवसर प्रदान किया जाए।" युवक ने कहा कि पहले विद्वान व्यक्ति को ही अवसर दें, यदि इनसे न हो सका तब प्रयास करूंगा। राजा बोले ठीक है, आप आसन ग्रहण करें।
वह गणितज्ञ शाम ढलने तक प्रयास करता रहा पर कुछ न हुआ। अब युवक को बुलाया गया, युवक ने जाकर द्वार पर हाथ लगा कर धक्का दिया, द्वार खुल गया।
महल करतल ध्वनि से गूंज उठा।
राजा ने पूछा, "आप कैसे कर पाए ?"
युवक ने कहा कि जब विद्वान व्यक्ति पूरे दिन जूझ रहे थे तब मुझे लगा कि यह भी हो सकता है कि ये कोई बीजगणित सूत्र ही न हो। एवम् द्वार पर बुद्धि परखने के लिए लिखा गया हो।
*शिक्षा:-*
जीवन में कई बार हम सभी किसी समस्या से जूझते रहते हैं जबकि वो कोई समस्या होती ही नहीं...!!
❤️ Direct and indirect speech❤️
👉नियम 3 : यदि spoken sentence में कोई वैज्ञानिक तथ्य प्रकट किया गया है जो कि सार्वभौमिक सत्य अर्थात् सदा सत्य रहने वाली बात (universal truth) है या भूतकाल से सम्बन्धित ऐतिहासिक तथ्य प्रकट किया गया है तो ऐसी स्थिति में करते समय Verb के Tense में कोई परिवर्तन नहीं किया जाता है; जैसे
🟢The teacher said, "The stars shine in the night."
🔵The teacher said that the stars shine in the night.
(सार्वभौमिक सत्य)
🟢He said, "India became free in 1947."
🔵He said that India became free in 1947.
(ऐतिहासिक तथ्य)
🟢They said, ''Dogs bark at strangers."
🔵They said that dogs bark at strangers.(आदत)
👉नियम 4 : यदि Past Tense में एक ही समय पर दो कार्यों के होने का प्रसंग है तो ऐसी स्थिति में भी Verb के Tense में कोई परिवर्तन नहीं होता है; जैसे
🟢He said, "When the game began, it started raining."
🔵He said that when the game began, it started raining. ॥
👉नियम 3 : यदि spoken sentence में कोई वैज्ञानिक तथ्य प्रकट किया गया है जो कि सार्वभौमिक सत्य अर्थात् सदा सत्य रहने वाली बात (universal truth) है या भूतकाल से सम्बन्धित ऐतिहासिक तथ्य प्रकट किया गया है तो ऐसी स्थिति में करते समय Verb के Tense में कोई परिवर्तन नहीं किया जाता है; जैसे
🟢The teacher said, "The stars shine in the night."
🔵The teacher said that the stars shine in the night.
(सार्वभौमिक सत्य)
🟢He said, "India became free in 1947."
🔵He said that India became free in 1947.
(ऐतिहासिक तथ्य)
🟢They said, ''Dogs bark at strangers."
🔵They said that dogs bark at strangers.(आदत)
👉नियम 4 : यदि Past Tense में एक ही समय पर दो कार्यों के होने का प्रसंग है तो ऐसी स्थिति में भी Verb के Tense में कोई परिवर्तन नहीं होता है; जैसे
🟢He said, "When the game began, it started raining."
🔵He said that when the game began, it started raining. ॥
❤️मनुष्य का उत्सर्जन तन्त्र❤️
(Excretory System of Human)
👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇
मनुष्य में एक जोड़ी वृक्क उत्सर्जी अंग होते हैं। ये उदरगुहा में कशेरुक दण्ड के दोनों ओर स्थित होते हैं। बायाँ वृक्क दाहिने वृक्क से कुछ आगे स्थित होता है। प्रत्येक वृक्क के अगले सिरे से एक गोल अधिवृक्क ग्रन्थि जुड़ी होती है। प्रत्येक वृक्क रीनल धमनी द्वारा रुधिर प्राप्त करता है और रीनल शिरा वृक्क से रुधिर एकत्रित करके पश्च महाशिरा में पहुँचाती है। प्रत्येक वृक्क के भीतरी किनारे से एक मूत्रवाहिनी (यूरेटर) निकलकर मूत्राशय में खुलती है। मूत्राशय मूत्रमार्ग द्वारा शरीर के निचले भाग में खुलताहै।
(Excretory System of Human)
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मनुष्य में एक जोड़ी वृक्क उत्सर्जी अंग होते हैं। ये उदरगुहा में कशेरुक दण्ड के दोनों ओर स्थित होते हैं। बायाँ वृक्क दाहिने वृक्क से कुछ आगे स्थित होता है। प्रत्येक वृक्क के अगले सिरे से एक गोल अधिवृक्क ग्रन्थि जुड़ी होती है। प्रत्येक वृक्क रीनल धमनी द्वारा रुधिर प्राप्त करता है और रीनल शिरा वृक्क से रुधिर एकत्रित करके पश्च महाशिरा में पहुँचाती है। प्रत्येक वृक्क के भीतरी किनारे से एक मूत्रवाहिनी (यूरेटर) निकलकर मूत्राशय में खुलती है। मूत्राशय मूत्रमार्ग द्वारा शरीर के निचले भाग में खुलताहै।
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*👇👇 आज का प्रेरक प्रसंग 👇👇*
*!! सकारात्मक सोच !!*
=================================
एक राजा के पास कई हाथी थे लेकिन एक हाथी बहुत शक्तिशाली था, बहुत आज्ञाकारी, समझदार व युद्ध-कौशल में निपुण था, बहुत से युद्धों में वह भेजा गया था और वह राजा को विजय दिलाकर वापस लौटा था। इसलिए वह महाराज का सबसे प्रिय हाथी था। समय गुजरता गया... और एक समय ऐसा भी आया, जब वह वृद्ध दिखने लगा। अब वह पहले की तरह कार्य नहीं कर पाता था।
इसलिए अब राजा उसे युद्ध क्षेत्र में भी नहीं भेजते थे।
एक दिन वह सरोवर में जल पीने के लिए गया, लेकिन वहीं कीचड़ में उसका पैर धँस गया और फिर धँसता ही चला गया। उस हाथी ने बहुत कोशिश की, लेकिन वह उस कीचड़ से स्वयं को नहीं निकाल पाया। उसकी चिंघाड़ने की आवाज से लोगों को यह पता चल गया कि वह हाथी संकट में है। हाथी के फँसने का समाचार राजा तक भी पहुँचा।
राजा समेत सभी लोग हाथी के आसपास इक्कठा हो गए और विभिन्न प्रकार के शारीरिक प्रयत्न उसे निकालने के लिए करने लगे। लेकिन बहुत देर तक प्रयास करने के उपरांत कोई मार्ग नहीं निकला।
तभी गौतम बुद्ध मार्गभ्रमण कर रहे थे। राजा और सारा मंत्रीमंडल तथागत गौतम बुद्ध के पास गये और अनुरोध किया कि आप हमें इस बिकट परिस्थिति में मार्गदर्शन करें।
गौतम बुद्ध ने सबके घटनास्थल का निरीक्षण किया और फिर राजा को सुझाव दिया कि सरोवर के चारों और युद्ध के नगाड़े बजाए जाएँ। सुनने वालो को विचित्र लगा कि भला नगाड़े बजाने से वह फँसा हुआ हाथी बाहर कैसे निकलेगा। जैसे ही युद्ध के नगाड़े बजने प्रारंभ हुए, वैसे ही उस मृतप्राय हाथी के हाव-भाव में परिवर्तन आने लगा। पहले तो वह धीरे-धीरे करके खड़ा हुआ और फिर सबको हतप्रभ करते हुए स्वयं ही कीचड़ से बाहर निकल आया।
गौतम बुद्ध ने सबको स्पष्ट किया कि हाथी की शारीरिक क्षमता में कमी नहीं थी, आवश्यकता मात्र उसके अंदर उत्साह के संचार करने की थी।
*शिक्षा:-*
"जीवन में उत्साह बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि मनुष्य सकारात्मक चिंतन बनाए रखे और निराशा को हावी न होने दें।
कभी-कभी निरंतर मिलने वाली असफलताओं से व्यक्ति यह मान लेता है कि अब वह पहले की तरह कार्य नहीं कर सकता, लेकिन यह पूर्ण सच नहीं है।
"सकारात्मक सोच ही आदमी को "आदमी" बनाती है...
और उसे अपनी मंजिल तक ले जाती है...।।"
*👇👇 आज का प्रेरक प्रसंग 👇👇*
*!! सकारात्मक सोच !!*
=================================
एक राजा के पास कई हाथी थे लेकिन एक हाथी बहुत शक्तिशाली था, बहुत आज्ञाकारी, समझदार व युद्ध-कौशल में निपुण था, बहुत से युद्धों में वह भेजा गया था और वह राजा को विजय दिलाकर वापस लौटा था। इसलिए वह महाराज का सबसे प्रिय हाथी था। समय गुजरता गया... और एक समय ऐसा भी आया, जब वह वृद्ध दिखने लगा। अब वह पहले की तरह कार्य नहीं कर पाता था।
इसलिए अब राजा उसे युद्ध क्षेत्र में भी नहीं भेजते थे।
एक दिन वह सरोवर में जल पीने के लिए गया, लेकिन वहीं कीचड़ में उसका पैर धँस गया और फिर धँसता ही चला गया। उस हाथी ने बहुत कोशिश की, लेकिन वह उस कीचड़ से स्वयं को नहीं निकाल पाया। उसकी चिंघाड़ने की आवाज से लोगों को यह पता चल गया कि वह हाथी संकट में है। हाथी के फँसने का समाचार राजा तक भी पहुँचा।
राजा समेत सभी लोग हाथी के आसपास इक्कठा हो गए और विभिन्न प्रकार के शारीरिक प्रयत्न उसे निकालने के लिए करने लगे। लेकिन बहुत देर तक प्रयास करने के उपरांत कोई मार्ग नहीं निकला।
तभी गौतम बुद्ध मार्गभ्रमण कर रहे थे। राजा और सारा मंत्रीमंडल तथागत गौतम बुद्ध के पास गये और अनुरोध किया कि आप हमें इस बिकट परिस्थिति में मार्गदर्शन करें।
गौतम बुद्ध ने सबके घटनास्थल का निरीक्षण किया और फिर राजा को सुझाव दिया कि सरोवर के चारों और युद्ध के नगाड़े बजाए जाएँ। सुनने वालो को विचित्र लगा कि भला नगाड़े बजाने से वह फँसा हुआ हाथी बाहर कैसे निकलेगा। जैसे ही युद्ध के नगाड़े बजने प्रारंभ हुए, वैसे ही उस मृतप्राय हाथी के हाव-भाव में परिवर्तन आने लगा। पहले तो वह धीरे-धीरे करके खड़ा हुआ और फिर सबको हतप्रभ करते हुए स्वयं ही कीचड़ से बाहर निकल आया।
गौतम बुद्ध ने सबको स्पष्ट किया कि हाथी की शारीरिक क्षमता में कमी नहीं थी, आवश्यकता मात्र उसके अंदर उत्साह के संचार करने की थी।
*शिक्षा:-*
"जीवन में उत्साह बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि मनुष्य सकारात्मक चिंतन बनाए रखे और निराशा को हावी न होने दें।
कभी-कभी निरंतर मिलने वाली असफलताओं से व्यक्ति यह मान लेता है कि अब वह पहले की तरह कार्य नहीं कर सकता, लेकिन यह पूर्ण सच नहीं है।
"सकारात्मक सोच ही आदमी को "आदमी" बनाती है...
और उसे अपनी मंजिल तक ले जाती है...।।"
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👉सर्वनाम (Pronouns) में परिवर्तन👇
👉नियम 1: Reported Speech के First Person के Pronouns (I, me, my, we, us, our) में Reporting Speech केSubject के Person, Number और Gender के अनुसार परिवर्तन होता है; जैसे--
🟢Ram said to me, "'I am your servant."
🔵Ram told me that he was my servant.
🟢You said to Ramesh, "I cannot help you."
🔵You told Ramesh that you could not help him.
🟢We said to him, "We have played a game."
🔵We told him that we had played a game.
👉 नियम 2 : Reported Speech के Second Person (you, your, yours) में Reporting Speech के Object (अर्थात् सुनने वाले) के Person, Number और Gender के अनुसार परिवर्तन होता है। Reporting Speech में Object न दिये होने पर अर्थ के अनुसार him, her, them, me, you आदि मान लेते हैं; जैसे
🟢Mohan said to me, ''You are a good girl."
🔵Mohan told me that I was a good girl.
🟢My brother said, "I shall teach you English."
🔵My brother said that he would teach me English.
🟢The principal said to you, ''You are a good player."
🔵 The principal toldyou that you were a good player.
यदि Reporting Speech का Object लुप्त हों तो Third Person के Noun/Pronoun को Object बनाकर Indirect Speech में रखा जाता है! इसके अतिरिक्त अर्थ के अनुसार me, you या कोई अन्य Pronoun भी आ सकता है जैस
🟢The teacher said, "You should work hard."
🔵The teacher told the students that they should work hard.
👉 नियम 3 : Reported Speech. के Third Person के Pronouns (he, she, it, they, him, her, his, hers, its them, their, theirs) में कोई परिवर्तन नहीं होता है
🟢I said, "She is singing a song."
🔵I said that she was singing a song.
🟢The employer said, "He is an obedient servant."
🔵The employer said that he was an obedient servant.
❤️❤️ @upbordnotes ❤️❤️
👉सर्वनाम (Pronouns) में परिवर्तन👇
👉नियम 1: Reported Speech के First Person के Pronouns (I, me, my, we, us, our) में Reporting Speech केSubject के Person, Number और Gender के अनुसार परिवर्तन होता है; जैसे--
🟢Ram said to me, "'I am your servant."
🔵Ram told me that he was my servant.
🟢You said to Ramesh, "I cannot help you."
🔵You told Ramesh that you could not help him.
🟢We said to him, "We have played a game."
🔵We told him that we had played a game.
👉 नियम 2 : Reported Speech के Second Person (you, your, yours) में Reporting Speech के Object (अर्थात् सुनने वाले) के Person, Number और Gender के अनुसार परिवर्तन होता है। Reporting Speech में Object न दिये होने पर अर्थ के अनुसार him, her, them, me, you आदि मान लेते हैं; जैसे
🟢Mohan said to me, ''You are a good girl."
🔵Mohan told me that I was a good girl.
🟢My brother said, "I shall teach you English."
🔵My brother said that he would teach me English.
🟢The principal said to you, ''You are a good player."
🔵 The principal toldyou that you were a good player.
यदि Reporting Speech का Object लुप्त हों तो Third Person के Noun/Pronoun को Object बनाकर Indirect Speech में रखा जाता है! इसके अतिरिक्त अर्थ के अनुसार me, you या कोई अन्य Pronoun भी आ सकता है जैस
🟢The teacher said, "You should work hard."
🔵The teacher told the students that they should work hard.
👉 नियम 3 : Reported Speech. के Third Person के Pronouns (he, she, it, they, him, her, his, hers, its them, their, theirs) में कोई परिवर्तन नहीं होता है
🟢I said, "She is singing a song."
🔵I said that she was singing a song.
🟢The employer said, "He is an obedient servant."
🔵The employer said that he was an obedient servant.
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❤️ Direct and indirect speech❤️
👉समय (Time) या स्थानसूचक (Place) शब्दों में परिवर्तन वक्ता द्वारा कहे गये वाक्य (spoken part) में प्रयुक्त समीपतासूचक Demonstratives तथा समय या स्थानसूचक शब (adverbials of time and place) उन रूपों में बदल दिये जाते हैं जो दूरी प्रकट करते हैं।
निम्नलिखित वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़िए
🟢He said, "I like this song."
🔵He said that he like that song.
🟢He said, “I shall give you this book tomorrow."
🔵He said that he would give me that book the next day.
🟢He said, "I shall leave these papers here."
🔵He said that he would leave those papers there.
प्रथम वाक्य में Indirect Speech में बात कहते समय Direct Speech में प्रयुक्त Demonstrative this को that में परिवर्तित कर दिया गया है। वाक्य 2 में Direct Speech में प्रयुक्त Adverbial (time) tomorrow को the next day में परिवर्तित किया गया है। वाक्य 3 में Direct Speech में प्रयुक्त Adverbial (place) here को Indirect Speech में there में परिवर्तित कर दिया गया है।
@upbordnotes
👉समय (Time) या स्थानसूचक (Place) शब्दों में परिवर्तन वक्ता द्वारा कहे गये वाक्य (spoken part) में प्रयुक्त समीपतासूचक Demonstratives तथा समय या स्थानसूचक शब (adverbials of time and place) उन रूपों में बदल दिये जाते हैं जो दूरी प्रकट करते हैं।
निम्नलिखित वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़िए
🟢He said, "I like this song."
🔵He said that he like that song.
🟢He said, “I shall give you this book tomorrow."
🔵He said that he would give me that book the next day.
🟢He said, "I shall leave these papers here."
🔵He said that he would leave those papers there.
प्रथम वाक्य में Indirect Speech में बात कहते समय Direct Speech में प्रयुक्त Demonstrative this को that में परिवर्तित कर दिया गया है। वाक्य 2 में Direct Speech में प्रयुक्त Adverbial (time) tomorrow को the next day में परिवर्तित किया गया है। वाक्य 3 में Direct Speech में प्रयुक्त Adverbial (place) here को Indirect Speech में there में परिवर्तित कर दिया गया है।
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जो भी नियम अभी तक बताए गए है उनके अनुसार इस exercise को करिए
EXERCISE 👇👇
🟢 Meera says, "I am dancing."
🟢 The teacher said, "It is holiday today."
🟢The mother will say, "You are a foolish girl."
🟢You said to me, "I shall play with you."
🟢The station master said, "The train is late by two hours."
🟢The shopkeeper said, "I shall show you a good shirt.".
🟢The clerks said, “We are on strike today."
🟢I said, "She is reading a novel."
🟢My brother said, "I shall not go to school today."
🟢My mother said, "Your father has gone to his office."
🟢The ministers say, "We will fulfil our promise."
🟢The milkman says, "I always bring pure milk."
EXERCISE 👇👇
🟢 Meera says, "I am dancing."
🟢 The teacher said, "It is holiday today."
🟢The mother will say, "You are a foolish girl."
🟢You said to me, "I shall play with you."
🟢The station master said, "The train is late by two hours."
🟢The shopkeeper said, "I shall show you a good shirt.".
🟢The clerks said, “We are on strike today."
🟢I said, "She is reading a novel."
🟢My brother said, "I shall not go to school today."
🟢My mother said, "Your father has gone to his office."
🟢The ministers say, "We will fulfil our promise."
🟢The milkman says, "I always bring pure milk."
❤️ वृक्क की संरचना (Structure of kidney)👇👇
मनुष्य में वृक्क सेम के बीज के आकार का होता है। यह लगभग 10 सेमी लम्बा, 5-6 सेमी चौड़ा तथा 2-5 सेमी मोटा होता है। वयस्क पुरुषों में वृक्क का भार 125-170 ग्राम तथा स्त्रियों में 115-155 ग्राम होता है। वृक्क का भीतरी किनारा धंसा हुआ या अवतल तथा बाहरी किनारा उभरा हुआ या उत्तल होता है। इस धंसे हुए स्थान को हाइलम (hilum) कहते हैं। इससे मूत्र नलिका निकलती है तथा रीनल धमनी व रीनल शिरा भी जुड़ी होती हैं।
वृक्क की खड़ी काट में इसकी आन्तरिक संरचना देखी जा सकती है। वृक्क
के भीतरी धंसे हुए किनारे के मध्य में कीप के आकार की खोखली संरचना होती है। इसे पेल्विस कहते हैं। वृक्क का भाग ठोस होता है और दो भागों में बँटा होता है।
1. बाहरी, हल्का बैंगनी रंग का परिधीय भाग : कॉर्टेक्स।
2. भीतरी, गहरे रंग का केन्द्रीय नलिका भाग : मेड्यूला।
प्रत्येक वृक्क में लाखों की संख्या में (लगभग दस लाख) सूक्ष्म व लम्बी कुण्डलित वृक्क नलिकाएँ (नेफ्रॉन) होती हैं। प्रत्येक वृक्क नलिका के दो सिरे होते हैं।
एक सिरा तो संग्रह नलिका में खुलता है और दूसरा सिरा एक प्याले जैसी रचना बनाता है। इसे बोमेन सम्पुट (Bowman's capsule) कहते हैं। इसके अन्दर केशिकाओं की एक गाँठ होती है जिसे केशिकागुच्छ या ग्लोमेरुलस कहते हैं। यह रीनल धमनी की अभिवाही धमनिका (afferent arteriole) की केशिकाओं से बनता है। इन केशिकाओं के दूसरे सिरे मिलकर अभिवाही धमनिका (efferent arteriole) बनाते हैं। अभिवाही धमनिका बोमेन सम्पुट से बाहर निकलकर वृक्क नलिका के चारों ओर केशिका जाल बनाती है। ये केशिकाएँ अन्त में रीनल शिरा से जुड़ती हैं।
प्रत्येक वृक्क नलिका में निम्नलिखित भाग होते हैं :
1. प्यालेनुमा बोमेन सम्पुट (Bowman's capsule)
2. समीपस्थ कुण्डलित नलिका
3. हेनले लूप तथा
4. दूरस्थ कुण्डलित नलिका
बोमेन सम्पुट में परानिस्यंदन द्वारा रुधिर से उत्सर्जी पदार्थ व जल को अलग करते हैं। इस प्रकार बने फिल्ट्रेट में यूरिया, अमोनिया, लवण, ग्लूकोज, विटामिन आदि भी होते हैं वृक्क नलिका के शेष भाग फिल्ट्रेट से लाभदायक यौगिकों व जल का पुन: अवशोषण करते हैं।
@upbordnotes
मनुष्य में वृक्क सेम के बीज के आकार का होता है। यह लगभग 10 सेमी लम्बा, 5-6 सेमी चौड़ा तथा 2-5 सेमी मोटा होता है। वयस्क पुरुषों में वृक्क का भार 125-170 ग्राम तथा स्त्रियों में 115-155 ग्राम होता है। वृक्क का भीतरी किनारा धंसा हुआ या अवतल तथा बाहरी किनारा उभरा हुआ या उत्तल होता है। इस धंसे हुए स्थान को हाइलम (hilum) कहते हैं। इससे मूत्र नलिका निकलती है तथा रीनल धमनी व रीनल शिरा भी जुड़ी होती हैं।
वृक्क की खड़ी काट में इसकी आन्तरिक संरचना देखी जा सकती है। वृक्क
के भीतरी धंसे हुए किनारे के मध्य में कीप के आकार की खोखली संरचना होती है। इसे पेल्विस कहते हैं। वृक्क का भाग ठोस होता है और दो भागों में बँटा होता है।
1. बाहरी, हल्का बैंगनी रंग का परिधीय भाग : कॉर्टेक्स।
2. भीतरी, गहरे रंग का केन्द्रीय नलिका भाग : मेड्यूला।
प्रत्येक वृक्क में लाखों की संख्या में (लगभग दस लाख) सूक्ष्म व लम्बी कुण्डलित वृक्क नलिकाएँ (नेफ्रॉन) होती हैं। प्रत्येक वृक्क नलिका के दो सिरे होते हैं।
एक सिरा तो संग्रह नलिका में खुलता है और दूसरा सिरा एक प्याले जैसी रचना बनाता है। इसे बोमेन सम्पुट (Bowman's capsule) कहते हैं। इसके अन्दर केशिकाओं की एक गाँठ होती है जिसे केशिकागुच्छ या ग्लोमेरुलस कहते हैं। यह रीनल धमनी की अभिवाही धमनिका (afferent arteriole) की केशिकाओं से बनता है। इन केशिकाओं के दूसरे सिरे मिलकर अभिवाही धमनिका (efferent arteriole) बनाते हैं। अभिवाही धमनिका बोमेन सम्पुट से बाहर निकलकर वृक्क नलिका के चारों ओर केशिका जाल बनाती है। ये केशिकाएँ अन्त में रीनल शिरा से जुड़ती हैं।
प्रत्येक वृक्क नलिका में निम्नलिखित भाग होते हैं :
1. प्यालेनुमा बोमेन सम्पुट (Bowman's capsule)
2. समीपस्थ कुण्डलित नलिका
3. हेनले लूप तथा
4. दूरस्थ कुण्डलित नलिका
बोमेन सम्पुट में परानिस्यंदन द्वारा रुधिर से उत्सर्जी पदार्थ व जल को अलग करते हैं। इस प्रकार बने फिल्ट्रेट में यूरिया, अमोनिया, लवण, ग्लूकोज, विटामिन आदि भी होते हैं वृक्क नलिका के शेष भाग फिल्ट्रेट से लाभदायक यौगिकों व जल का पुन: अवशोषण करते हैं।
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