👉आशियाई क्रीडा स्पर्धेत या खेळाचा प्रथमच समावेश झाला आणि आम्ही येथे खेळायला येणार या निर्णयाने आमचा सर्वांचा आनंद गगनात मावेनासा झाला होता. येथे खेळताना पहिल्याच वर्षी आम्ही कांस्यपद जिंकले त्यामुळे तो आनंद अजून द्विगुणीत झाला; पण या सर्वांचे श्रेय मी माझे पती स्वर्गीय मुरली देवरा यांना देते आणि हे पदक त्यांना समर्पित करते. कारण, त्यांनीच हा खेळ मला शिकविला. ते जर आता असते तर त्यांनासुद्धा खूप आनंद झाला असता, असे ब्रिजमध्ये मिश्र गटात कांस्यपदक जिंकलेल्या भारतीय संघांच्या खेळाडू मुंबईच्या हेमा देवरा यांनी ‘लोकमत’ला सांगितले.
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👉दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में पानी की किल्लत दूर करने तथा पड़ोसी राज्यों में सिंचाई की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार यमुना नदी पर लखवाड़ बहुउद्देश्यीय परियोजना बनाने जा रही है। इसी दिशा में कदम उठाते हुए मंगलवार को छह राज्यों के मुख्मंत्रियों ने इस परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना से सभी छह राज्यों को पेयजल, सिंचाई और बिजली का फायदा मिलेगा।
छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
वैसे तो लखवाड़ परियोजना को 42 साल साल पहले मंजूरी दी जा चुकी थी, लेकिन अब तक इस पर काम शुरु नहीं हो सका। अब पहली बार संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनने पर इस योजना के पूरे होने की उम्मीद जगी है।
देहरादून के निकट यमुना नदी पर बनने वाली लखवाड़ बहुउद्देश्यीय परियोजना के निर्माण के लिए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
👉लखवाड़ परियोजना को 1976 में मंजूरी दी गई थी, लेकिन इस परियोजना पर कार्य 1992 में रोक दिया गया। लखवाड़ परियोजना के तहत उत्तराखंड में देहरादून जिले के लोहारी गांव के निकट यमुना नदी पर 204 मीटर ऊंचा कंक्रीट का बांध बनाया जाएगा।
बांध की जल भंडारण क्षमता 330.66 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) होगी। इससे 33,780 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी तथा घरेलू व औद्योगिक इस्तेमाल और पीने के लिए 78.83 एमसीएम पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। परियोजना से 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा।
छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
वैसे तो लखवाड़ परियोजना को 42 साल साल पहले मंजूरी दी जा चुकी थी, लेकिन अब तक इस पर काम शुरु नहीं हो सका। अब पहली बार संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनने पर इस योजना के पूरे होने की उम्मीद जगी है।
देहरादून के निकट यमुना नदी पर बनने वाली लखवाड़ बहुउद्देश्यीय परियोजना के निर्माण के लिए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
👉लखवाड़ परियोजना को 1976 में मंजूरी दी गई थी, लेकिन इस परियोजना पर कार्य 1992 में रोक दिया गया। लखवाड़ परियोजना के तहत उत्तराखंड में देहरादून जिले के लोहारी गांव के निकट यमुना नदी पर 204 मीटर ऊंचा कंक्रीट का बांध बनाया जाएगा।
बांध की जल भंडारण क्षमता 330.66 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) होगी। इससे 33,780 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी तथा घरेलू व औद्योगिक इस्तेमाल और पीने के लिए 78.83 एमसीएम पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। परियोजना से 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा।