The MPSC Update ©
2.06K subscribers
10.7K photos
78 videos
1.54K files
4.52K links
Empowering Youth for Social Change..!!!

Send ur Queries👉 @madhusudanrp { only fr d members..! }
Download Telegram
Forwarded from History by M.M.
सविनय कायदेभंग & दांडी यात्रा..👆

t.me/historymm
Forwarded from History by M.M.
धारासना सत्याग्रह..👆

t.me/historymm
Forwarded from History by M.M.
भारत छोडो-चलेजाव आंदोलन...👆

t.me/historymm
Forwarded from History by M.M.
भारताच्या फाळणीचा इतिहास..👇

1. 1857 चा उठाव , मुस्लिम व अलिगढ चळवळ..

अधिक माहितीसाठी Join करा..👇

t.me/historymm
Forwarded from History by M.M.
2. सिमला प्रतिनिधीमंडळ, मुस्लिम लीग & स्वतंत्र मतदारसंघ

t.me/historymm
Forwarded from History by M.M.
3. लखनौ करार, खिलाफत चळवळ & जिनांची वाटचाल...

t.me/historymm
Forwarded from History by M.M.
4. पीरपूर अहवाल, पाकिस्तान उत्पत्ती & प्रस्ताव..

t.me/historymm
Forwarded from History by M.M.
5. डॉ. लतीफ योजना, कॅबिनेट मिशन & पाकिस्तान निर्मिती..👆

t.me/historymm
Forwarded from History by M.M.
#Hindu Mahasabha : अखिल भारतीय हिन्दू महासभा


अखिल भारत हिन्दू महासभा भारत का एक राजनीतिक दल है। यह एक भारतीय हिन्दू राष्ट्रवादी संगठन है। इसकी स्थापना सन १९१५ में हुई थी। विनायक दामोदर सावरकर इसके अध्यक्ष रहे। केशव बलराम हेडगेवार इसके उपसभापति रहे। 
बालकृष्ण शिवराम मुंजे हिन्दू महासभा के सदस्य थे। वे सन १९२७-२८ में अखिल भारत हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को बनवाने में इनका बहुत योगदान था। संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के वे राजनितिक गुरु थे। भारत के स्वतन्त्रता के उपरान्त जब महात्मा गांधी की हत्या हुई तब इसके बहुत से कार्यकर्ता इसे छोड़कर भारतीय जनसंघ में भर्ती हो गये।


स्थापना

सन् 1915 में मदनमोहन मालवीय के नेतृत्व में प्रयाग में हिंदू महासभा की स्थापना की गई। सन् 1916 में अंबिका चरण मजूमदार की अध्यक्षता में लखनऊ में कांग्रेस अधिवेशन हुआ। लखनऊ कांग्रेस ने मुस्लिम लीग से समझौता किया जिसके कारण सभी प्रांतों में मुसलमानों को विशेष अधिकार और संरक्षण प्राप्त हुए। हिंदू महासभा ने सन् 1917 में हरिद्वार में महाराजा नंदी कासिम बाजार की अध्यक्षता में अपना अधिवेशन करके कांग्रेस-मुस्लिम लीग समझौते तथा चेम्सफोर्ड योजना का तीव्र विरोध किया।

अंग्रेजों ने स्वाधीनता आंदोलन का दमन करने के लिए रौलट ऐक्ट बनाकर क्रांतिकारियों को कुचलने के लिए पुलिस और फौजी अदालतों को व्यापक अधिकार दिए। कांग्रेस की तरह हिंदू महासभा ने भी इसके विरुद्ध आंदोलन चलाया। उसी समय गांधी ने तुर्की के खलीफा को अंग्रेजों द्वारा हटाए जाने के विरुद्ध तुर्की के खिलाफत आंदोलन के समर्थन में भारत में भी खिलाफत आंदोलन चलाया।

सन् 1925 में कलकत्ता नगरी में लाला लाजपत राय की अध्यक्षता में हिंदू महासभा का अधिवेशन हुआ जिसमें प्रसिद्ध कांग्रेसी नेता मुकुंदराव आनंदराव जयकर भी सम्मिलित हुए। सन् 1926 में देश में प्रथम निर्वाचन होने जा रहा था। अंग्रेजों ने असंबलियों में मुसलमानों के लिए स्थान सुरक्षित कर दिए। हिंदूमहासभा ने पृथक् निर्वाचन के सिद्धांत और मुसलमानों के लिए सीटें सुरक्षित करने की विरोध किया।

जब अंग्रेजों का साइमन कमीशन, रिफार्म ऐक्ट में सुधार के लिए भारत आया, तो हिंदू महासभा ने भी कांग्रेस के कहने पर इसका बहिष्कार किया। लाहौर में हिंदू महासभा के अध्यक्ष लाला लाजपत राय स्वयंसेवकों के साथ कमीशन के बहिष्कार के लिए एकत्र हुए। पुलिस ने लाठी प्रहार किया, जिसमें लाला को चोट आई और उनकी मृत्यु हो गई। ब्रिटिश सरकार ने लंदन में गोलमेज सम्मेलन आयोजित करके हिंदू, मुसलमान, सिक्ख आदि सभी के प्रतिनिधियों को बुलाया। हिंदू महासभा की ओर से डॉ॰ धर्मवीर, मुंजे, बैरिस्टर जयकर आदि सम्मिलित हुए। हिंदू महासभा ने सिंध प्रांत को बंबई से अलग करने का भी विरोध किया।

सावरकर का आगमन

१९३०-४० के दशक का अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के नेता शंकर किस्तैया, गोपाल गोडसे, मदनलाल पाहवा, दिगम्बर बाडगे , नारायण आप्टे, विनायक दामोदर सावरकर, नाथूराम गोडसे, विष्णु करकरे

सन् 1937 में जब हिन्दू महासभा काफी शिथिल पड़ गई थी और गांधी लोकप्रिय हो रहे थे, तब वीर सावरकर रत्नागिरि की नजरबंदी से मुक्त होकर आए। वीर सावरकर ने सन् 1937 में अपने प्रथम अध्यक्षीय भाषण में कहा कि हिंदू ही इस देश के राष्ट्रीय हैं और आज भी अंग्रेजों को भगाकर अपने देश की स्वतंत्रता उसी प्रकार प्राप्त कर सकते हैं, जिस प्रकार भूतकाल में उनके पूर्वजों ने शकों, ग्रीकों, हूणों, मुगलों, तुर्कों और पठानों को परास्त करके की थी। उन्होंने घोषणा की कि हिमालय से कन्याकुमारी और अटक से क़टक तक रहनेवाले वह सभी धर्म, संप्रदाय, प्रांत एवं क्षेत्र के लोग जो भारत भूमि को पुण्यभूमि तथा पितृभूमि मानते हैं, खानपान, मतमतांतर, रीतिरिवाज और भाषाओं की भिन्नता के बाद भी एक ही राष्ट्र के अंग हैं क्योंकि उनकी संस्कृति, परंपरा, इतिहास और मित्र और शत्रु भी एक हैं - उनमें कोई विदेशीयता की भावना नहीं है।

हैदराबाद का सत्याग्रह

पाकिस्तान की स्थापना

हिंदू महासभा ने पाकिस्तान बनने का समर्थन किया। हिंदू महासभा के नेता रामचन्द्र वीर और वीर सावरकर ने विभाजन का समर्थन किया। वर्तमान समय में देश की परिस्थितियों को देखते हुए हिंदू महासभा इसपर बल देती है कि देश की जनता को, प्रत्येक देशवासी को अनुभव करना चाहिए कि जब तक संसार के सभी छोटे मोटे राष्ट्र अपने स्वार्थ और हितों को लेकर दूसरों पर आक्रमण करने की घात में लगे हैं, उस समय तक भारत की उन्नति और विकास के लिए प्रखर हिंदू राष्ट्रवादी भावना का प्रसार तथा राष्ट्र को आधुनिकतम अस्त्रशस्त्रों से सुसज्जित होना नितांत आवश्यक है।

१९५१/५२ के प्रथम लोकसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने अखिल भारतीय हिन्दू महासभा को 'राष्ट्रीय दल' के रूप में मान्यता दी थी। इसे 'घोडा और घुड़सवार' चुनाव-चिह्न प्रदान किया गया था।

t.me/historymm
Forwarded from History by M.M.
# हिंदू महासभा के अध्यक्ष ..👇👇👇

राजा मणीन्द्र चन्द्र नाथ -- हरीद्वार, १९१५

मदन मोहन मालवीय -- हरीद्वार, १९१६

जगत्गुरु शंकराचार्य भारती तीर्थ पुरी -- प्रयाग, १९१८

राजा रामपाल सिंह -- दिल्ली , १९१९

पण्डित दीनदयाल शर्मा -- हरीद्वार, १९२१

स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती -- गया, १९२२

लाला लाजपत राय -- कोलकाता, १९२५

राजा नरेन्द्र नाथ -- दिल्ली, १९२६

डॉ बाळकृष्ण शिवराम मुंजे -- पटना, १९२७

नरसिंह चिंतामन केलकर -- जबलपुर, १९२८

रामानन्द चटर्जी -- सूरत, १९२९

विजयराघवाचार्य -- अकोला, १९३१

भाई परमानन्द -- अजमेर, १९३३

भिक्षु उत्तम -- कानपुर, १९३५

जगद्गुरु शंकराचार्य डॉ कुर्तकोटी -- लाहौर, १९३६

#Imp विनायक दामोदर सावरकर -- कर्णावती (१९३७) , नागपुर (१९३८), कोलकाता(१९३९), मथुरा (१९४०), भागलपुर (१९४१), कानपुर (१९४२)

श्यामाप्रसाद मुखर्जी -- अमृतसर (१९४३), बिलासपुर (१९४४)

लक्ष्मण बलवन्त भोपतकर -- गोरखपुर (१९४६)

नारायण भास्कर खरे -- कोलकाता (१९४९)

आचार्य बालाराव सावरकर -- कर्णावती (१९८७)

@politymm
Forwarded from History by M.M.
# कृषक प्रजा पार्टी व युनियनिस्ट पार्टी..👇

# भारत सरकारचा कायदा,1935 नुसार झालेल्या 1937 च्या निवडणुकीत ..👇

1. ☑️बंगाल प्रांतात- "ए. के. फझलूल हक" ह्यांच्या "कृषक प्रजा पार्टी" ने प्रांतीय सरकार बनवले.

2.☑️ सिंध प्रांतात- "सिकंदर हयात खान" ह्यांच्या नेतृत्वाखाली "युनियनिस्ट पार्टी" ने मुस्लिम लीगला हरवून प्रांतीय सरकार बनवले.

अधिक माहितीसाठी Join व Share करा..👇


t.me/historymm
English Notes-Ganesh Kad.pdf
75.2 MB
🚨English Notes-Ganesh Kad

Credits - Venkat Mukhedkar
Forwarded from History by M.M.
क्रिप्स योजना..👆

t.me/historymm
Forwarded from History by M.M.
वेव्हेल योजना + त्रिमंत्री योजना / कॅबिनेट मिशन👆

भारताची स्वातंत्र्याकडे वाटचाल..

अधिक माहितीसाठी Join व Share करा 👇👇@historymm टेलिग्राम चॅनेल..

t.me/historymm
Forwarded from History by M.M.
अंतरिम शासन & भारताचे स्वातंत्र्य कायदा,१९४७..👆👆👆

t.me/historymm
Forwarded from History by M.M.
#Samajsudharak : गोपाळ कृष्ण गोखले 👆

अधिक माहितीसाठी खालील ब्लू लिंक क्लीक करा Join करा..👇

t.me/historymm