यह मेरा केवल एक संघर्ष नहीं यह जीवन की बहुत बड़ी संघर्ष भरी कहानी है जिसमें मैंने खुद को अकेला पाया, कभी-कभी तो पढ़ने के लिए लाइट भी नहीं होती थी। केरोसिन तेल के दीपक जलाकर के पढ़ाई करनी पड़ती थी लेकिन कभी मेरे माता-पिता का विश्वास और मेरे गुरु चरणों का विश्वास कम नहीं हुआ और आ गई वह घड़ी जिसका वर्षों से इंतजार था।
2016 से लेकर 2026 तक धीरे-धीरे कोशिश करने के बाद यह सफलता हासिल हुई है। मेरा वह बचपन से ही सपना था कि मैं अपने दादा पापा की तरह टीचर बनूं आज वह सपना साकार हो गया😢 मैंने बहुत कड़ी मेहनत की ससुराल में घर का सारा काम देखना और फिर सुबह 3:00 बजे उठ करके पढ़ाई करना। बच्चों को संभालना और अपनी पढ़ाई करना और भी कई सारे संघर्ष रहे पर हौसले बुलंद थे। इतना कमजोर होने के बावजूद भी मैंने कभी हार नहीं मानी । बहुत सारी उम्मीदें टूटी पर हार नहीं मानी । मेरी सफलता में मेरे गुरु और मेरे माता-पिता का बहुत सहयोग है।🥰🙏
2016 से लेकर 2026 तक धीरे-धीरे कोशिश करने के बाद यह सफलता हासिल हुई है। मेरा वह बचपन से ही सपना था कि मैं अपने दादा पापा की तरह टीचर बनूं आज वह सपना साकार हो गया😢 मैंने बहुत कड़ी मेहनत की ससुराल में घर का सारा काम देखना और फिर सुबह 3:00 बजे उठ करके पढ़ाई करना। बच्चों को संभालना और अपनी पढ़ाई करना और भी कई सारे संघर्ष रहे पर हौसले बुलंद थे। इतना कमजोर होने के बावजूद भी मैंने कभी हार नहीं मानी । बहुत सारी उम्मीदें टूटी पर हार नहीं मानी । मेरी सफलता में मेरे गुरु और मेरे माता-पिता का बहुत सहयोग है।🥰🙏
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"MP में TET कराने से ESB ने किया इनकार: ऑफलाइन परीक्षा के फैसले के बाद फैसला"
ESB का इनकार: 6 साल से सिर्फ ऑनलाइन परीक्षा कराने का हवाला देकर ESB ने ऑफलाइन TET कराने से मना किया।
वजह: 1.5 लाख पुराने शिक्षकों (1998-2009 बैच) के लिए सरकार ने ऑफलाइन परीक्षा का फैसला लिया था।
नई एजेंसी: सरकार अब MPPSC या किसी अन्य एजेंसी से परीक्षा कराने पर विचार कर रही है।
तारीख बढ़ेगी: 12 अक्टूबर की परीक्षा आगे टल सकती है; आवेदन की अंतिम तारीख 18 सितंबर है।
ESB का इनकार: 6 साल से सिर्फ ऑनलाइन परीक्षा कराने का हवाला देकर ESB ने ऑफलाइन TET कराने से मना किया।
वजह: 1.5 लाख पुराने शिक्षकों (1998-2009 बैच) के लिए सरकार ने ऑफलाइन परीक्षा का फैसला लिया था।
नई एजेंसी: सरकार अब MPPSC या किसी अन्य एजेंसी से परीक्षा कराने पर विचार कर रही है।
तारीख बढ़ेगी: 12 अक्टूबर की परीक्षा आगे टल सकती है; आवेदन की अंतिम तारीख 18 सितंबर है।
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*MP में प्रोबेशन में 70-80-90% वेतन व्यवस्था निरस्त:* हाईकोर्ट का फैसला; 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को मिलेगी पूरी सैलरी
https://dainik.bhaskar.com/n49KAgtCg6b?ref=MjA4NjE1MTYyMzYxNDM0NTIxNg%3D%3D
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Bhaskar
MP में प्रोबेशन में 70-80-90% वेतन व्यवस्था...
हाईकोर्ट का फैसला; 2019 के बाद नियुक्त...
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मुद्दा: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सीधी भर्ती वाले तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि (Probation) के दौरान न्यूनतम वेतनमान का क्रमशः 70%, 80% और 90% स्टाइपेंड देने का नियम बनाया गया था।
अदालत की टिप्पणी: हाई कोर्ट ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन और भेदभावपूर्ण माना। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब कर्मचारियों से 100% काम लिया जा रहा है, तो उन्हें पूरा वेतन मिलना चाहिए।
फैसला: अदालत ने 70%, 80% और 90% वेतन देने वाले सभी सर्कुलर और नियमों को रद्द (quashed/struck down) कर दिया और 25 नवंबर 2019 के बाद नियुक्त सभी कर्मचारियों को परिवीक्षा अवधि का 100% पूरा वेतन देने का आदेश दिया।
अदालत की टिप्पणी: हाई कोर्ट ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन और भेदभावपूर्ण माना। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब कर्मचारियों से 100% काम लिया जा रहा है, तो उन्हें पूरा वेतन मिलना चाहिए।
फैसला: अदालत ने 70%, 80% और 90% वेतन देने वाले सभी सर्कुलर और नियमों को रद्द (quashed/struck down) कर दिया और 25 नवंबर 2019 के बाद नियुक्त सभी कर्मचारियों को परिवीक्षा अवधि का 100% पूरा वेतन देने का आदेश दिया।
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जिंदगी का सफर संघर्षों से भरा रहा है, लेकिन हौसलों ने कभी हार मानना नहीं सीखा।
मैं देवास जिले की टोंक खुर्द तहसील के एक छोटे से गांव लसूडिया कुल्मी का रहने वाला हूँ। गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा है—कच्ची सड़कें, जिन पर बारिश के दिनों में चलना भी मुहाल हो जाता था, उन्हीं रास्तों से चलकर मैंने स्कूल की पढ़ाई पूरी की। 12वीं तक की शिक्षा पास के गांव जमुनिया से हुई और फिर देवास से कॉलेज की डिग्री हासिल की।
कॉलेज पूरा करने के बाद लगभग 5 से 6 साल एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाया। अध्यापन के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी जारी रखी। कोरोना काल के दौरान मैंने पुलिस भर्ती परीक्षा दी और वर्ष 2022 में पुलिस सेवा में चयन हुआ। पुलिस की कठिन ड्यूटी और व्यस्त दिनचर्या के बीच पढ़ाई के लिए समय निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मन में एक सपना था जिसे टूटने नहीं दिया। ड्यूटी के बाद जो भी वक्त मिलता, उसे किताबों को समर्पित कर दिया।
कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास का ही नतीजा रहा कि आखिरकार शिक्षक भर्ती (वर्ग-3) में चयन हुआ और आज मैं अपने पसंदीदा क्षेत्र—शिक्षा जगत में सेवा दे रहा हूँ।
मैं देवास जिले की टोंक खुर्द तहसील के एक छोटे से गांव लसूडिया कुल्मी का रहने वाला हूँ। गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा है—कच्ची सड़कें, जिन पर बारिश के दिनों में चलना भी मुहाल हो जाता था, उन्हीं रास्तों से चलकर मैंने स्कूल की पढ़ाई पूरी की। 12वीं तक की शिक्षा पास के गांव जमुनिया से हुई और फिर देवास से कॉलेज की डिग्री हासिल की।
कॉलेज पूरा करने के बाद लगभग 5 से 6 साल एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाया। अध्यापन के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी जारी रखी। कोरोना काल के दौरान मैंने पुलिस भर्ती परीक्षा दी और वर्ष 2022 में पुलिस सेवा में चयन हुआ। पुलिस की कठिन ड्यूटी और व्यस्त दिनचर्या के बीच पढ़ाई के लिए समय निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मन में एक सपना था जिसे टूटने नहीं दिया। ड्यूटी के बाद जो भी वक्त मिलता, उसे किताबों को समर्पित कर दिया।
कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास का ही नतीजा रहा कि आखिरकार शिक्षक भर्ती (वर्ग-3) में चयन हुआ और आज मैं अपने पसंदीदा क्षेत्र—शिक्षा जगत में सेवा दे रहा हूँ।
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परिवीक्षा में 70-80-90 प्रतिशत वेतन व्यवस्था रद्द।
25 नवंबर 2019 के बाद नियुक्त सभी कर्मचारियों को मिलेगा पूरा वेतन।
Success Classes Pro ऐप
https://play.google.com/store/apps/details?id=co.jones.agcfny
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MP शिक्षक पात्रता परीक्षा: 31 दिसंबर से पहले होगी केवल एक ही परीक्षा।
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Thank you so much, Amit Sir
आपकी हर वीडियो से हमेशा एक नई प्रेरणा और सही मार्गदर्शन मिला।
मेरा यह सफर 2019 में शुरू हुआ था, और उसी साल मेरी शादी भी हो गई। शादी के बाद घर-परिवार की पूरी जिम्मेदारी, साथ ही अतिथि शिक्षक के रूप में स्कूल की जॉब। स्कूल में पूरी ईमानदारी से पढ़ाना, घर आकर कामकाज संभालना और फिर बचे हुए समय में पढ़ाई करना आसान नहीं था। समय बहुत कम मिलता था, इसलिए अक्सर घर के काम निपटाते हुए भी पढ़ाई जारी रखनी पड़ती थी।
इस दौरान MPTET वर्ग 3 और वर्ग 2 की परीक्षाएं दीं। कई बार असफलताएं मिलीं, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी और आगे बढ़ती रही। आखिरकार, 2026 में वह सुखद दिन आ ही गया जब वर्षों की मेहनत, धैर्य, संघर्ष और सबकी दुआओं का सबसे खूबसूरत परिणाम मिला।
Finally, I joined as a Government Teacher
आज जब पीछे मुड़कर उन पुराने संघर्षों को देखती हूँ, तो समझ आता है कि हर परीक्षा और हर असफलता मुझे इस मुकाम तक पहुँचाने के लिए ज़रूरी थी।
आपकी हर वीडियो से हमेशा एक नई प्रेरणा और सही मार्गदर्शन मिला।
मेरा यह सफर 2019 में शुरू हुआ था, और उसी साल मेरी शादी भी हो गई। शादी के बाद घर-परिवार की पूरी जिम्मेदारी, साथ ही अतिथि शिक्षक के रूप में स्कूल की जॉब। स्कूल में पूरी ईमानदारी से पढ़ाना, घर आकर कामकाज संभालना और फिर बचे हुए समय में पढ़ाई करना आसान नहीं था। समय बहुत कम मिलता था, इसलिए अक्सर घर के काम निपटाते हुए भी पढ़ाई जारी रखनी पड़ती थी।
इस दौरान MPTET वर्ग 3 और वर्ग 2 की परीक्षाएं दीं। कई बार असफलताएं मिलीं, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी और आगे बढ़ती रही। आखिरकार, 2026 में वह सुखद दिन आ ही गया जब वर्षों की मेहनत, धैर्य, संघर्ष और सबकी दुआओं का सबसे खूबसूरत परिणाम मिला।
Finally, I joined as a Government Teacher
आज जब पीछे मुड़कर उन पुराने संघर्षों को देखती हूँ, तो समझ आता है कि हर परीक्षा और हर असफलता मुझे इस मुकाम तक पहुँचाने के लिए ज़रूरी थी।
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मेरा नाम शिवम गुप्ता है। मैं शिवपुरी जिले की करैरा तहसील के दिनारा कस्बे का निवासी हूँ। प्राथमिक शिक्षक भर्ती में मुझे 79.12 अंक प्राप्त हुए हैं और मेरी कंसोलिडेटेड रैंक 100 रही है। जिले स्तर पर मेरी 4th रैंक और करैरा-नरवर क्षेत्र में 1st रैंक आई है। मेरा चयन शासकीय प्राथमिक विद्यालय, अंबारी में हुआ है, जो मेरे घर से मात्र 5 किमी की दूरी पर है।
मेरी शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की यात्रा काफी लंबी और चुनौतीपूर्ण रही:
2013: 12वीं उत्तीर्ण
2016: साइंस कॉलेज, ग्वालियर से B.Sc. पूर्ण
प्रतियोगी परीक्षाएं: इसके बाद SSC (CHSL, MTS, CGL) के कई प्रयास किए, जहाँ कुछ अंकों के अंतर से चयन रुकता रहा।
अन्य प्रयास: MP पटवारी भर्ती में 138 अंक हासिल किए और शिक्षक वर्ग-2 मुख्य परीक्षा भी दी, लेकिन अंतिम सफलता नहीं मिल सकी।
बार-बार असफलता मिलने के बावजूद मैंने हिम्मत नहीं हारी। मन में हमेशा यही सकारात्मक सोच रही कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और ईश्वर ने हमारे लिए भी कुछ बेहतर तय कर रखा होगा। निरंतर धैर्य और प्रयास का ही परिणाम है कि आज एक लंबे संघर्ष के बाद मुझे यह शासकीय सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।
मेरी शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की यात्रा काफी लंबी और चुनौतीपूर्ण रही:
2013: 12वीं उत्तीर्ण
2016: साइंस कॉलेज, ग्वालियर से B.Sc. पूर्ण
प्रतियोगी परीक्षाएं: इसके बाद SSC (CHSL, MTS, CGL) के कई प्रयास किए, जहाँ कुछ अंकों के अंतर से चयन रुकता रहा।
अन्य प्रयास: MP पटवारी भर्ती में 138 अंक हासिल किए और शिक्षक वर्ग-2 मुख्य परीक्षा भी दी, लेकिन अंतिम सफलता नहीं मिल सकी।
बार-बार असफलता मिलने के बावजूद मैंने हिम्मत नहीं हारी। मन में हमेशा यही सकारात्मक सोच रही कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और ईश्वर ने हमारे लिए भी कुछ बेहतर तय कर रखा होगा। निरंतर धैर्य और प्रयास का ही परिणाम है कि आज एक लंबे संघर्ष के बाद मुझे यह शासकीय सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।
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