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Public Health Nursing Officer (Level-8)
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प्रश्न 72:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) को किस वर्ष में स्वीकृत किया गया था?

(A) 2000
(B) 2005
(C) 2010
(D) 2013
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (B) 2005

व्याख्या:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission - NHM) को भारत सरकार द्वारा 2005 में अनुमोदित किया गया था। यह मूल रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के रूप में शुरू किया गया था। बाद में, 2013 में, शहरी स्वास्थ्य को शामिल करने के लिए इसका विस्तार किया गया और इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का नाम दिया गया, जिसमें NRHM और राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) दोनों शामिल हैं। लेकिन इसकी स्वीकृति (शुरुआत) 2005 में हुई थी।
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प्रश्न 73:
निम्न में से कौन-सा उपकेंद्र का कार्य नहीं होता है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

(A) मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल
(B) राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाना
(C) प्रशिक्षण
(D) रेफरल
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (C) प्रशिक्षण

व्याख्या:
उप-केंद्र (Sub-Centre) ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने वाली सबसे बुनियादी स्वास्थ्य इकाई होती है। इसके मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल (Maternal and Child Health Care): इसमें गर्भावस्था की देखभाल, प्रसवोत्तर देखभाल, टीकाकरण, पोषण संबंधी सलाह और परिवार नियोजन सेवाएं शामिल हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाना (Implementing National Health Programs): उप-केंद्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों (जैसे टीबी, मलेरिया, कुष्ठ रोग, आदि के नियंत्रण और रोकथाम) को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रेफरल (Referral): उप-केंद्र गंभीर मामलों या जटिलताओं वाले मरीजों को उच्च स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों (जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में रेफर करते हैं।
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प्रश्न 74:कॉलम-I को कॉलम-II से मिलाइए:

कॉलम-I कॉलम-II
a. पी एम एस एम ए 1. प्रसव में गुणवत्ता सुधार
b. सुमन 2. हर महीने की 9 तारीख को प्रसवपूर्व देखभाल
c. लक्ष्य 3. निःशुल्क परिवहन और प्रसव देखभाल
d. जे एस एस के 4. शून्य मातृ और नवजात मृत्यु

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
(A) a-2, b-4, c-1, d-3
(B) a-1, b-2, c-3, d-4
(C) a-3, b-1, c-4, d-2
(D) a-4, b-3, c-2, d-1
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (A) a-2, b-4, c-1, d-3

व्याख्या:
आइए प्रत्येक योजना और उसके उद्देश्य का मिलान करें:

a. पीएमएसएमए (PMSMA - Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyan): इसका उद्देश्य हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं को सुनिश्चित, व्यापक और गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल (2) प्रदान करना है।
b. सुमन (SUMAN - Surakshit Matritva Aashwasan): इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए निवारक और प्रोत्साहक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करके शून्य रोके जा सकने वाली मातृ और नवजात मृत्यु (4) सुनिश्चित करना है। यह निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा का आश्वासन देता है।
c. लक्ष्य (LaQshya - Labour Room Quality Improvement Initiative): इसका उद्देश्य प्रसव कक्षों (लेबर रूम) में और मैटरनिटी ऑपरेशन थिएटर (MOT) में देखभाल की गुणवत्ता में सुधार (1) करना है ताकि मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम किया जा सके।
d. जेएसएसके (JSSK - Janani Shishu Suraksha Karyakram): इस कार्यक्रम का लक्ष्य गर्भवती महिलाओं और बीमार नवजात शिशुओं को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में निःशुल्क परिवहन और प्रसव देखभाल (3) सहित विभिन्न सेवाएं प्रदान करना है, ताकि वित्तीय बाधाओं के कारण कोई भी घर पर प्रसव न करे या देरी से इलाज न करवाए।
इस प्रकार, सही मिलान है:

a - 2 (पीएमएसएमए - हर महीने की 9 तारीख को प्रसवपूर्व देखभाल)
b - 4 (सुमन - शून्य मातृ और नवजात मृत्यु)
c - 1 (लक्ष्य - प्रसव में गुणवत्ता सुधार)
d - 3 (जेएसएसके - निःशुल्क परिवहन और प्रसव देखभाल)
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प्रश्न 75:सुमन (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

(A) निःशुल्क शिक्षा
(B) शून्य रोके जा सकने वाली मातृ और नवजात मृत्यु
(C) परिवारों के लिए वित्तीय सहायता
(D) महिलाओं के लिए निःशुल्क परिवहन
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (B) शून्य रोके जा सकने वाली मातृ और नवजात मृत्यु

व्याख्या:
जैसा कि ऊपर प्रश्न 74 में बताया गया है, सुमन (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) पहल का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी माँ या नवजात शिशु गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण मृत्यु का शिकार न हो। इसका लक्ष्य शून्य रोके जा सकने वाली मातृ और नवजात मृत्यु दर प्राप्त करना है। इसमें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ, पहचान, प्रबंधन और रेफरल जैसी सेवाएं शामिल हैं।
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प्रश्न 76:RCH चरण-1 में कौन-से दो अतिरिक्त घटक शामिल किए गए थे?

(A) बाल उत्तरजीविता और मातृ मृत्यु दर
(B) यौन संचारित और प्रजनन तंत्र संक्रमण
(C) नवजात देखभाल और बाल कुपोषण
(D) प्रजनन स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (B) यौन संचारित और प्रजनन तंत्र संक्रमण

व्याख्या:
RCH (प्रजनन और बाल स्वास्थ्य - Reproductive and Child Health) कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया था।

RCH चरण-I (1997-2005): इस चरण में मौजूदा परिवार कल्याण कार्यक्रम को एक व्यापक प्रजनन और बाल स्वास्थ्य दृष्टिकोण में एकीकृत किया गया था। इसमें पारंपरिक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं (जैसे सुरक्षित मातृत्व, बाल उत्तरजीविता) के साथ-साथ यौन संचारित संक्रमणों (STI) और प्रजनन तंत्र संक्रमणों (RTI) की रोकथाम और प्रबंधन को भी एक अतिरिक्त घटक के रूप में शामिल किया गया था।
RCH चरण-II (2005-2010): इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार और गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दिया गया।
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प्रश्न 77:M.T.P. एक्ट कब लागू हुआ?

(A) 1970
(B) 1971
(C) 1871
(D) 1981
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (B) 1971

व्याख्या:
भारत में चिकित्सा समापन गर्भावस्था (M.T.P. - Medical Termination of Pregnancy) एक्ट को 1971 में कानून बनाया गया था। यह एक्ट कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में पंजीकृत चिकित्सकों द्वारा गर्भपात की अनुमति देता है। इस एक्ट में 2021 में संशोधन भी किए गए हैं ताकि कुछ परिस्थितियों में गर्भपात की अधिकतम अवधि को बढ़ाया जा सके।
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प्रश्न 78:सामान्य क्षेत्र में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कितनी जनसंख्या पर स्थापित होता है?

(A) 1,00,000
(B) 20,000
(C) 80,000
(D) 1,20,000
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (A) 1,00,000

व्याख्या:
भारत में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली के तहत, विभिन्न स्तरों पर स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थापना की जाती है, जिनकी जनसंख्या कवरेज भिन्न होती है:

उप-केंद्र (Sub-Centre): सामान्य क्षेत्रों में 3,000-5,000 की जनसंख्या पर।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Primary Health Centre - PHC): सामान्य क्षेत्रों में 20,000-30,000 की जनसंख्या पर।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Centre - CHC): सामान्य क्षेत्रों में 80,000 से 1,20,000 की जनसंख्या पर स्थापित होते हैं।
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प्रश्न 79:
B.C.G. टीके का पूर्ण रूप क्या है?

(A) बेसिलस कालमेट ग्यूरिन
(B) बेसिलस क्लाईमेट ग्यूरिन
(C) बेसिलस कालमेट गोइटर
(D) बैक्टीरियल कालमेट ग्यूरिन
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (A) बेसिलस कालमेट ग्यूरिन

व्याख्या:
B.C.G. का पूर्ण रूप बेसिलस कालमेट ग्यूरिन (Bacillus Calmette-Guérin) है। यह एक टीका है जिसका उपयोग मुख्य रूप से तपेदिक (Tuberculosis - TB) रोग के खिलाफ किया जाता है। इसका नाम इसे विकसित करने वाले दो फ्रांसीसी वैज्ञानिकों - अल्बर्ट कालमेट (Albert Calmette) और कैमिल्स ग्यूरिन (Camille Guérin) के नाम पर रखा गया है।
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प्रश्न 80:
कैश में डेटा को संग्रहीत करने का उद्देश्य:
(निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

(A) स्टोरेज स्थान बचाने के लिए
(B) औसत एक्सेस समय कम करने के लिए
(C) अप्रासंगिक डेटा को डुप्लीकेट करने के लिए
(D) डेटा को स्थायी रूप से संग्रहीत करने के लिए
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (B) औसत एक्सेस समय कम करने के लिए

व्याख्या:
कैश मेमोरी (Cache Memory) एक बहुत छोटी, तीव्र गति वाली मेमोरी होती है जो सीपीयू (CPU) और मुख्य मेमोरी (RAM) के बीच स्थित होती है। इसका मुख्य उद्देश्य औसत एक्सेस समय (average access time) को कम करना है।

सीपीयू को अक्सर उसी डेटा और निर्देशों की आवश्यकता होती है जिनका उसने हाल ही में उपयोग किया है।
कैश मेमोरी उन डेटा और निर्देशों को अस्थायी रूप से संग्रहीत करती है जिनकी सीपीयू को बार-बार आवश्यकता होने की संभावना होती है।
जब सीपीयू को किसी डेटा की आवश्यकता होती है, तो वह पहले कैश में देखता है। यदि डेटा कैश में मिल जाता है (जिसे "कैश हिट" कहते हैं), तो उसे बहुत तेज़ी से एक्सेस किया जा सकता है, क्योंकि कैश रैम की तुलना में बहुत तेज़ होती है।
यदि डेटा कैश में नहीं मिलता है (जिसे "कैश मिस" कहते हैं), तो सीपीयू को रैम से डेटा प्राप्त करना पड़ता है, जिसमें अधिक समय लगता है।
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प्रश्न 81:
कौन-सा सर्च ऑपरेटर उन सभी निर्दिष्ट कीवर्ड्स को शामिल करने वाले परिणाम लौटाएगा?

(A) OR
(B) ""
(C) AND
(D) ...
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (C) AND

व्याख्या:
सर्च इंजन और डेटाबेस में, बूलियन ऑपरेटर (Boolean Operators) का उपयोग खोज परिणामों को परिष्कृत करने के लिए किया जाता है।

AND: जब आप दो या दो से अधिक कीवर्ड के बीच "AND" ऑपरेटर का उपयोग करते हैं, तो खोज इंजन ऐसे परिणाम लौटाएगा जिनमें सभी निर्दिष्ट कीवर्ड मौजूद हों। उदाहरण के लिए, "apple AND orange" उन सभी दस्तावेजों को खोजेगा जिनमें "apple" और "orange" दोनों शब्द हों।
OR: "OR" ऑपरेटर का उपयोग करने पर, खोज इंजन ऐसे परिणाम लौटाएगा जिनमें कोई भी निर्दिष्ट कीवर्ड मौजूद हो। उदाहरण के लिए, "apple OR orange" उन सभी दस्तावेजों को खोजेगा जिनमें "apple" या "orange" या दोनों शब्द हों।
"" (कोटेशन मार्क्स): कोटेशन मार्क्स का उपयोग सटीक वाक्यांश खोजने के लिए किया जाता है। खोज इंजन केवल वही परिणाम लौटाएगा जिनमें कीवर्ड ठीक उसी क्रम में और एक साथ हों जैसा कि कोटेशन मार्क्स के अंदर लिखा गया है। उदाहरण के लिए, "red apple" केवल उन दस्तावेजों को खोजेगा जिनमें यह सटीक वाक्यांश हो।
... (एलिप्सिस): यह सामान्य रूप से एक सर्च ऑपरेटर के रूप में उपयोग नहीं होता है, बल्कि एक रेंज को इंगित करने के लिए हो सकता है (जैसे "2000...2010" वर्षों के लिए), लेकिन यह विशिष्ट कीवर्ड को शामिल करने वाले परिणामों को लौटाने के लिए नहीं है।
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प्रश्न 82:
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
(A) a-4, b-1, c-2, d-5, e-3
(B) a-1, b-4, c-2, d-3, e-5
(C) a-3, b-1, c-5, d-2, e-4
(D) a-5, b-3, c-1, d-4, e-2
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (C) a-3, b-1, c-5, d-2, e-4
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व्याख्या:
आइए प्रत्येक मालवेयर पहचान पद्धति और उसके सही विवरण का मिलान करें:

a. सिग्नेचर-आधारित पहचान (Signature-based detection): यह ज्ञात मालवेयर का पता लगाने के लिए एक डेटाबेस (जिसे Virus Definition File - VDF कहते हैं) का उपयोग करता है जो नियमित रूप से अपडेट होता है। यह विशिष्ट "सिग्नेचर" (पेटर्न) की तलाश करता है जो पहले से ज्ञात वायरस से मेल खाते हों। (a-3)

b. सैंडबॉक्स पहचान (Sandbox detection): इसमें एक संदेहपूर्ण फाइल को एक अलग, सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण (वर्चुअल वातावरण) में चलाया जाता है। इस वातावरण में फाइल के व्यवहार को देखा जाता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह संभावित खतरा है या नहीं, बिना मुख्य सिस्टम को जोखिम में डाले। (b-1)

c. डेटा माइनिंग तकनीकें (Data mining techniques): ये तकनीकें विशाल डेटासेट से पैटर्न, रुझान और उपयोगी जानकारी निकालने पर ध्यान केंद्रित करती हैं। मालवेयर पहचान के संदर्भ में, डेटा माइनिंग का उपयोग बड़ी मात्रा में फाइल डेटा का विश्लेषण करके मालवेयर के पैटर्न को समझने और उन्हें benign (हानिरहित) या malicious (दुर्भावनापूर्ण) के रूप में वर्गीकृत करने के लिए किया जा सकता है। (c-5)

d. ह्यूरिस्टिक्स (Heuristics): यह एक ऐसी तकनीक है जो किसी फाइल के व्यवहार या संरचना का विश्लेषण करके यह अनुमान लगाती है कि क्या वह दुर्भावनापूर्ण हो सकती है, भले ही उसका कोई ज्ञात सिग्नेचर न हो। यह फाइलों के व्यवहार को समझने के लिए तकनीकों का उपयोग करता है और उसे benign या malicious के रूप में वर्गीकृत करता है। (d-2) हालाँकि, विवरण 2 सोर्स कोड की तुलना की बात करता है, जो ह्यूरिस्टिक्स का एक विशिष्ट पहलू नहीं है (यह अधिक जेनेरिक है)। e. रियल-टाइम सुरक्षा (Real-time protection): यह लगातार सिस्टम पर चल रही गतिविधियों और प्रक्रियाओं की निगरानी करता है। इसका उद्देश्य एप्लिकेशन के एक्जीक्यूशन के दौरान उसके व्यवहार की निगरानी करना है ताकि dormant (निष्क्रिय) या activated (सक्रिय) मालवेयर का पता लगाया जा सके और उसे रोका जा सके। (e-4)
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प्रश्न 83:
GPS के यूज़र सेगमेंट (उपयोगकर्ता खंड) में क्या होता है?

(A) पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करते हुए उपग्रह
(B) ग्राउंड कंट्रोल (नियंत्रण) स्टेशन
(C) GPS संकेतों को प्रोसेस करने वाले डेटा सेंटर्स
(D) रिसीवर जो हाथ में पकड़े जा सकते हैं या कारों में माउंट किए जा सकते हैं
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (D) रिसीवर जो हाथ में पकड़े जा सकते हैं या कारों में माउंट किए जा सकते हैं

व्याख्या:
GPS (Global Positioning System) तीन मुख्य सेगमेंट से बना है:

स्पेस सेगमेंट (Space Segment): इसमें पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करने वाले उपग्रह शामिल हैं जो GPS सिग्नल भेजते हैं।
कंट्रोल सेगमेंट (Control Segment): इसमें ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन शामिल हैं जो उपग्रहों की निगरानी और नियंत्रण करते हैं।
यूज़र सेगमेंट (User Segment): इसमें GPS रिसीवर शामिल हैं जो उपग्रहों से सिग्नल प्राप्त करते हैं और उन्हें स्थिति, गति और समय की गणना करने के लिए उपयोग करते हैं। ये रिसीवर हाथ में पकड़े जा सकते हैं (जैसे स्मार्टफोन, हैंडहेल्ड GPS डिवाइस) या कारों, जहाजों, विमानों आदि में माउंट किए जा सकते हैं।
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प्रश्न 84:
बूटस्ट्रैप प्रोग्राम कहाँ संग्रहित होता है?

(A) रैम (RAM)
(B) रोम (ROM)
(C) हार्ड डिस्क
(D) पेन ड्राइव
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (B) रोम (ROM)

व्याख्या:
बूटस्ट्रैप प्रोग्राम, जिसे आमतौर पर BIOS (Basic Input/Output System) या आधुनिक सिस्टम में UEFI (Unified Extensible Firmware Interface) के रूप में जाना जाता है, एक कंप्यूटर को बूट करने के लिए आवश्यक प्रारंभिक निर्देश होते हैं। ये निर्देश ROM (Read-Only Memory) में संग्रहित होते हैं। ROM एक गैर-वाष्पशील मेमोरी है, जिसका अर्थ है कि कंप्यूटर बंद होने पर भी इसमें संग्रहित डेटा बना रहता है। जब कंप्यूटर चालू होता है, तो सीपीयू सबसे पहले ROM में मौजूद बूटस्ट्रैप प्रोग्राम को निष्पादित करता है, जो फिर ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड करने की प्रक्रिया शुरू करता है।
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प्रश्न 85:
अभिकथन (A): सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) उपयोगकर्ताओं को सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन को इंस्टॉल और कॉन्फ़िगर करने की आवश्यकता होती है।
कारण (R): सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) उपयोगकर्ताओं को सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन तक ऑन-डिमांड एक्सेस प्रदान करता है, बिना इंस्टॉलेशन या कॉन्फ़िगरेशन की आवश्यकता के।

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
(A) (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
(B) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(C) (A) सत्य है, लेकिन (R) गलत है।
(D) (A) गलत है, लेकिन (R) सत्य है।
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (D) (A) गलत है, लेकिन (R) सत्य है।

व्याख्या:
आइए अभिकथन और कारण का विश्लेषण करें:

अभिकथन (A): "सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) उपयोगकर्ताओं को सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन को इंस्टॉल और कॉन्फ़िगर करने की आवश्यकता होती है।"

यह कथन गलत है। SaaS का मुख्य लाभ यह है कि उपयोगकर्ता को सॉफ्टवेयर को स्थानीय रूप से (अपने कंप्यूटर पर) इंस्टॉल या कॉन्फ़िगर करने की आवश्यकता नहीं होती है। यह सीधे वेब ब्राउज़र के माध्यम से एक्सेस किया जाता है और सेवा प्रदाता द्वारा होस्ट और प्रबंधित किया जाता है।
कारण (R): "सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) उपयोगकर्ताओं को सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन तक ऑन-डिमांड एक्सेस प्रदान करता है, बिना इंस्टॉलेशन या कॉन्फ़िगरेशन की आवश्यकता के।"

यह कथन सत्य है। SaaS एक क्लाउड-आधारित सेवा मॉडल है जहाँ सॉफ्टवेयर को केंद्रीय रूप से होस्ट किया जाता है और उपयोगकर्ता इंटरनेट के माध्यम से "ऑन-डिमांड" एक्सेस करते हैं। इसका मतलब है कि इंस्टॉलेशन, रखरखाव और कॉन्फ़िगरेशन की जिम्मेदारी सेवा प्रदाता की होती है, न कि उपयोगकर्ता की।
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प्रश्न 86:
आईटी अधिनियम की धारा 57 के तहत साइबर अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील कौन कर सकता है?

(A) केवल सरकार
(B) कोई भी व्यक्ति जिसे नियंत्रक या निर्णय अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश से नुकसान हुआ हो
(C) केवल साइबर अपीलीय न्यायाधिकरण
(D) केवल मामले में शामिल पक्ष
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (B) कोई भी व्यक्ति जिसे नियंत्रक या निर्णय अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश से नुकसान हुआ हो

व्याख्या:
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000) की धारा 57 के तहत, कोई भी व्यक्ति (जो एक नियंत्रक या निर्णय अधिकारी द्वारा पारित किसी आदेश या निर्णय से व्यथित है) साइबर अपीलीय न्यायाधिकरण (Cyber Appellate Tribunal - CAT) के समक्ष अपील दायर कर सकता है। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि जिन व्यक्तियों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है या जो किसी निर्णय से असहमत हैं, उनके पास न्याय प्राप्त करने का एक मंच हो।
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प्रश्न 87:
प्लाज्मा सोडियम का सामान्य स्तर _____ mmol/L और पोटेशियम का _____ mmol/L होता है।

(A) 116 - 125 ; 1.5 - 3.0
(B) 126 - 135 ; 2.5 - 4.0
(C) 136 - 145 ; 3.5 - 5.0
(D) 146 - 155 ; 4.5 - 6.0
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (C) 136 - 145 ; 3.5 - 5.0

व्याख्या:
मानव शरीर में प्लाज्मा में सोडियम और पोटेशियम दोनों महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो विभिन्न शारीरिक कार्यों के लिए आवश्यक होते हैं, जैसे कि द्रव संतुलन, तंत्रिका आवेग संचरण और मांसपेशियों का संकुचन।

प्लाज्मा सोडियम का सामान्य स्तर: आमतौर पर 135 से 145 mmol/L होता है। विकल्प (C) में 136 - 145 mmol/L दिया गया है, जो इस सीमा के भीतर है।
प्लाज्मा पोटेशियम का सामान्य स्तर: आमतौर पर 3.5 से 5.0 mmol/L होता है। विकल्प (C) में 3.5 - 5.0 mmol/L दिया गया है, जो बिल्कुल सही है।
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Response खत्म हो गया यार
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प्रश्न 88:
पोषक तत्व को उसकी कमी से होने वाले रोग से मिलान करें:

कॉलम-I (पोषक तत्व) कॉलम-II (कमी से होने वाला रोग)
i. विटामिन A a. पेलाग्रा
ii. राइबोफ्लेविन b. सांधाक्षिक रक्तहीनता
iii. साइनोकोबालमिन c. रतौंधी
iv. नियासिन d. ग्लोससाइटिस

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
(A) i-a, ii-b, iii-c, iv-d
(B) i-b, ii-c, iii-d, iv-a
(C) i-c, ii-d, iii-b, iv-a
(D) i-c, ii-d, iii-a, iv-b
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (C) i-c, ii-d, iii-b, iv-a

व्याख्या:
आइए प्रत्येक पोषक तत्व को उसकी कमी से होने वाले रोग से मिलाएं:

i. विटामिन A: विटामिन A की कमी से रतौंधी (c) होती है, जो अंधेरे में देखने की क्षमता में कमी है।
ii. राइबोफ्लेविन (विटामिन B2): राइबोफ्लेविन की कमी से ग्लोससाइटिस (d) (जीभ की सूजन), कीलोसिस (मुंह के कोनों में दरारें) और अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
iii. साइनोकोबालमिन (विटामिन B12): साइनोकोबालमिन की कमी से सांधाक्षिक रक्तहीनता (b) (पर्निशियस एनीमिया) होती है, जो एक प्रकार का मेगालोब्लास्टिक एनीमिया है।
iv. नियासिन (विटामिन B3): नियासिन की कमी से पेलाग्रा (a) रोग होता है, जिसके लक्षणों में डर्मेटाइटिस (त्वचा की सूजन), डायरिया और डिमेंशिया शामिल हैं।
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प्रश्न 89:
मस्तिष्क के स्वरूप का उसका नियंत्रण केंद्रों से मिलान करें:

कॉलम-I (मस्तिष्क का स्वरूप) कॉलम-II (नियंत्रण केंद्र)
i. अग्रमस्तिष्क a. श्वसन, परिसंचरण, पाचन जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए।
ii. मध्य मस्तिष्क b. तंत्रिका तंत्र की गतिविधियों को एकीकृत करने के लिए।
iii. पश्च मस्तिष्क c. दृश्य और श्रवण प्रतिवर्त के लिए।

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
(A) i-b, ii-c, iii-a
(B) i-e, ii-b, iii-a
(C) i-c, ii-a, iii-b
(D) i-a, ii-c, iii-b
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (A) i-b, ii-c, iii-a

व्याख्या:
मस्तिष्क के विभिन्न भाग अलग-अलग कार्यों को नियंत्रित करते हैं:

i. अग्रमस्तिष्क (Forebrain): यह मस्तिष्क का सबसे बड़ा और सबसे विकसित हिस्सा है। यह विचार, भावनाएं, स्मृति, संवेदी प्रसंस्करण, स्वैच्छिक आंदोलन और तंत्रिका तंत्र की गतिविधियों को एकीकृत करने (b) के लिए जिम्मेदार होता है।
ii. मध्य मस्तिष्क (Midbrain): यह अग्रमस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क के बीच स्थित होता है। यह दृश्य और श्रवण प्रतिवर्त (c), नींद-जागने के चक्र और सतर्कता को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है।
iii. पश्च मस्तिष्क (Hindbrain): इसमें मेडुला ऑबलोंगेटा (medulla oblongata), पोंस (pons) और सेरिबेलम (cerebellum) शामिल हैं। मेडुला ऑबलोंगेटा जैसी संरचनाएं श्वसन, परिसंचरण (हृदय गति और रक्तचाप), पाचन (a) जैसी महत्वपूर्ण अनैच्छिक गतिविधियों को नियंत्रित करती हैं।
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प्रश्न 90:
पीने के पानी के लिए, अवशिष्ट क्लोरीन का न्यूनतम स्तर अनुशंसित है।

(A) 0.1 पीपीएम से 0.4 पीपीएम
(B) 0.2 पीपीएम से 0.5 पीपीएम
(C) 0.3 पीपीएम से 0.6 पीपीएम
(D) 0.4 पीपीएम से 0.7 पीपीएम
(E) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (B) 0.2 पीपीएम से 0.5 पीपीएम

व्याख्या:
पेयजल को कीटाणुमुक्त करने के लिए क्लोरीन का उपयोग व्यापक रूप से किया जाता है। पानी में एक निश्चित मात्रा में अवशिष्ट क्लोरीन (residual chlorine) बनाए रखना महत्वपूर्ण है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पानी वितरण प्रणाली में भी कीटाणुमुक्त रहे। विभिन्न स्वास्थ्य संगठन और मानक निकायों द्वारा अनुशंसित पीने के पानी में अवशिष्ट क्लोरीन का न्यूनतम स्तर आमतौर पर 0.2 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) से 0.5 पीपीएम की सीमा में होता है। यह सीमा यह सुनिश्चित करती है कि पानी वितरण के दौरान भी सुरक्षित रहे और उसमें कोई नया संदूषण न हो।
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