प्रश्न 48:
राजस्थान की प्रथम कार्यवाहक (अतिरिक्त प्रभार) महिला राज्यपाल थी:
(A) प्रतिभा पाटिल
(B) प्रभा राव
(C) मार्गरेट अल्वा
(D) निर्मला पाण्डे
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (B) प्रभा राव
व्याख्या:
प्रभा राव राजस्थान की प्रथम महिला राज्यपाल थीं जिन्होंने अतिरिक्त प्रभार के रूप में कार्य किया। उन्हें 2 दिसंबर 2009 को राजस्थान का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था, जब तक कि उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति नहीं हो गई।
अन्य विकल्प:
प्रतिभा पाटिल: राजस्थान की पहली महिला राज्यपाल थीं, लेकिन वह पूर्णकालिक राज्यपाल थीं, न कि कार्यवाहक या अतिरिक्त प्रभार वाली। बाद में वे भारत की राष्ट्रपति बनीं।
मार्गरेट अल्वा: वे भी राजस्थान की राज्यपाल रह चुकी हैं, लेकिन प्रभा राव के बाद।
निर्मला पाण्डे: यह नाम दिए गए संदर्भ में प्रसिद्ध नहीं है।
राजस्थान की प्रथम कार्यवाहक (अतिरिक्त प्रभार) महिला राज्यपाल थी:
(A) प्रतिभा पाटिल
(B) प्रभा राव
(C) मार्गरेट अल्वा
(D) निर्मला पाण्डे
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (B) प्रभा राव
व्याख्या:
प्रभा राव राजस्थान की प्रथम महिला राज्यपाल थीं जिन्होंने अतिरिक्त प्रभार के रूप में कार्य किया। उन्हें 2 दिसंबर 2009 को राजस्थान का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था, जब तक कि उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति नहीं हो गई।
अन्य विकल्प:
प्रतिभा पाटिल: राजस्थान की पहली महिला राज्यपाल थीं, लेकिन वह पूर्णकालिक राज्यपाल थीं, न कि कार्यवाहक या अतिरिक्त प्रभार वाली। बाद में वे भारत की राष्ट्रपति बनीं।
मार्गरेट अल्वा: वे भी राजस्थान की राज्यपाल रह चुकी हैं, लेकिन प्रभा राव के बाद।
निर्मला पाण्डे: यह नाम दिए गए संदर्भ में प्रसिद्ध नहीं है।
प्रश्न 49:
भारत में "प्रोजेक्ट टाइगर" कौन-से वर्ष में शुरू हुआ?
(A) 2001
(B) 1973
(C) 1983
(D) 1955
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (B) 1973
व्याख्या:
भारत में "प्रोजेक्ट टाइगर" की शुरुआत 1 अप्रैल 1973 को हुई थी। यह भारत सरकार द्वारा बाघों की घटती आबादी को बचाने और उनके आवासों को संरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक प्रमुख वन्यजीव संरक्षण पहल है।
भारत में "प्रोजेक्ट टाइगर" कौन-से वर्ष में शुरू हुआ?
(A) 2001
(B) 1973
(C) 1983
(D) 1955
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (B) 1973
व्याख्या:
भारत में "प्रोजेक्ट टाइगर" की शुरुआत 1 अप्रैल 1973 को हुई थी। यह भारत सरकार द्वारा बाघों की घटती आबादी को बचाने और उनके आवासों को संरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक प्रमुख वन्यजीव संरक्षण पहल है।
प्रश्न 50:
निम्न में से कौन सा कारण जैव विविधता हानि के "दि ईविल क्वार्टेट" का कारण नहीं है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
(A) आवास का नुकसान और खंडन
(B) प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन
(C) भूमंडलीय उच्चीकरण (ग्लोबल वार्मिंग)
(D) विदेशी प्रजातियों का आक्रमण
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (C) भूमंडलीय उच्चीकरण (ग्लोबल वार्मिंग)
व्याख्या:
"दि ईविल क्वार्टेट" (The Evil Quartet) उन चार मुख्य कारणों को संदर्भित करता है जो जैव विविधता के नुकसान के लिए सबसे बड़े खतरे माने जाते हैं। ये चार कारण हैं:
आवास का नुकसान और खंडन (Habitat loss and fragmentation): जैव विविधता हानि का सबसे महत्वपूर्ण कारण। (विकल्प A)
प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन (Over-exploitation of natural resources): जैसे अत्यधिक मछली पकड़ना, शिकार करना, लकड़ी काटना। (विकल्प B)
विदेशी प्रजातियों का आक्रमण (Alien species invasions): बाहरी प्रजातियों का स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव। (विकल्प D)
सह-विलुप्ति (Co-extinctions): जब एक प्रजाति के विलुप्त होने से उस पर निर्भर रहने वाली अन्य प्रजातियाँ भी विलुप्त हो जाती हैं।
भूमंडलीय उच्चीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) यद्यपि जैव विविधता हानि का एक बहुत बड़ा और बढ़ता हुआ कारण है, इसे पारंपरिक रूप से "दि ईविल क्वार्टेट" में शामिल नहीं किया जाता है। "दि ईविल क्वार्टेट" एक पुरानी अवधारणा है, जबकि ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव बाद में अधिक स्पष्ट रूप से सामने आया। इसलिए, दिए गए विकल्पों में से, ग्लोबल वार्मिंग "दि ईविल क्वार्टेट" का हिस्सा नहीं है।
निम्न में से कौन सा कारण जैव विविधता हानि के "दि ईविल क्वार्टेट" का कारण नहीं है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
(A) आवास का नुकसान और खंडन
(B) प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन
(C) भूमंडलीय उच्चीकरण (ग्लोबल वार्मिंग)
(D) विदेशी प्रजातियों का आक्रमण
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (C) भूमंडलीय उच्चीकरण (ग्लोबल वार्मिंग)
व्याख्या:
"दि ईविल क्वार्टेट" (The Evil Quartet) उन चार मुख्य कारणों को संदर्भित करता है जो जैव विविधता के नुकसान के लिए सबसे बड़े खतरे माने जाते हैं। ये चार कारण हैं:
आवास का नुकसान और खंडन (Habitat loss and fragmentation): जैव विविधता हानि का सबसे महत्वपूर्ण कारण। (विकल्प A)
प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन (Over-exploitation of natural resources): जैसे अत्यधिक मछली पकड़ना, शिकार करना, लकड़ी काटना। (विकल्प B)
विदेशी प्रजातियों का आक्रमण (Alien species invasions): बाहरी प्रजातियों का स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव। (विकल्प D)
सह-विलुप्ति (Co-extinctions): जब एक प्रजाति के विलुप्त होने से उस पर निर्भर रहने वाली अन्य प्रजातियाँ भी विलुप्त हो जाती हैं।
भूमंडलीय उच्चीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) यद्यपि जैव विविधता हानि का एक बहुत बड़ा और बढ़ता हुआ कारण है, इसे पारंपरिक रूप से "दि ईविल क्वार्टेट" में शामिल नहीं किया जाता है। "दि ईविल क्वार्टेट" एक पुरानी अवधारणा है, जबकि ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव बाद में अधिक स्पष्ट रूप से सामने आया। इसलिए, दिए गए विकल्पों में से, ग्लोबल वार्मिंग "दि ईविल क्वार्टेट" का हिस्सा नहीं है।
❤1
प्रश्न 51:
9 से 19 जनवरी, 2025 के बीच 23वां दिव्य कला मेला कहाँ आयोजित किया जाएगा?
(A) पुणे, महाराष्ट्र
(B) चंडीगढ़, पंजाब
(C) जयपुर, राजस्थान
(D) वडोदरा, गुजरात
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (D) वडोदरा, गुजरात
व्याख्या:
9 से 19 जनवरी, 2025 के बीच 23वां दिव्य कला मेला वडोदरा, गुजरात में आयोजित किया जाएगा। यह मेला दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने और प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया जाता है।
9 से 19 जनवरी, 2025 के बीच 23वां दिव्य कला मेला कहाँ आयोजित किया जाएगा?
(A) पुणे, महाराष्ट्र
(B) चंडीगढ़, पंजाब
(C) जयपुर, राजस्थान
(D) वडोदरा, गुजरात
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (D) वडोदरा, गुजरात
व्याख्या:
9 से 19 जनवरी, 2025 के बीच 23वां दिव्य कला मेला वडोदरा, गुजरात में आयोजित किया जाएगा। यह मेला दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने और प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया जाता है।
❤2
प्रश्न 52:
_______ एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और कोलोजन, एल-कार्निटिन और नॉरएपिनेफ्रीन के संश्लेषण में भाग लेता है।
(A) विटामिन A
(B) विटामिन C
(C) विटामिन D
(D) विटामिन E
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (B) विटामिन C
व्याख्या:
विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल होता है, जिनमें शामिल हैं:
कोलेजन (Collagen) संश्लेषण: यह त्वचा, हड्डियों, कार्टिलेज और रक्त वाहिकाओं के लिए आवश्यक कोलेजन के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एल-कार्निटिन (L-Carnitine) संश्लेषण: यह वसा के चयापचय में महत्वपूर्ण एल-कार्निटिन के उत्पादन के लिए आवश्यक है।
नॉरएपिनेफ्रीन (Norepinephrine) संश्लेषण: यह एक न्यूरोट्रांसमीटर है जो मस्तिष्क कार्य और मूड को प्रभावित करता है।
एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करना: यह कोशिकाओं को मुक्त कणों (free radicals) से होने वाले नुकसान से बचाता है।
_______ एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और कोलोजन, एल-कार्निटिन और नॉरएपिनेफ्रीन के संश्लेषण में भाग लेता है।
(A) विटामिन A
(B) विटामिन C
(C) विटामिन D
(D) विटामिन E
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (B) विटामिन C
व्याख्या:
विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल होता है, जिनमें शामिल हैं:
कोलेजन (Collagen) संश्लेषण: यह त्वचा, हड्डियों, कार्टिलेज और रक्त वाहिकाओं के लिए आवश्यक कोलेजन के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एल-कार्निटिन (L-Carnitine) संश्लेषण: यह वसा के चयापचय में महत्वपूर्ण एल-कार्निटिन के उत्पादन के लिए आवश्यक है।
नॉरएपिनेफ्रीन (Norepinephrine) संश्लेषण: यह एक न्यूरोट्रांसमीटर है जो मस्तिष्क कार्य और मूड को प्रभावित करता है।
एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करना: यह कोशिकाओं को मुक्त कणों (free radicals) से होने वाले नुकसान से बचाता है।
❤1
प्रश्न 53:
निम्न में से किस विटामिन की कमी से नेत्र संबंधी घाव उत्पन्न हो जाते हैं?
(A) विटामिन A
(B) विटामिन K
(C) विटामिन D
(D) विटामिन C
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (A) विटामिन A
व्याख्या:
विटामिन A की कमी से आंखों से संबंधित कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से जेरोपथेलमिया (Xerophthalmia) कहा जाता है। इसमें रतौंधी (night blindness) से लेकर कॉर्नियल जेरोसिस (corneal xerosis) और अंततः कॉर्नियल अल्सर (corneal ulcers) और अंधापन तक शामिल है। आंखों की सतह पर घाव या क्षति विटामिन A की गंभीर कमी का एक विशिष्ट लक्षण है।
निम्न में से किस विटामिन की कमी से नेत्र संबंधी घाव उत्पन्न हो जाते हैं?
(A) विटामिन A
(B) विटामिन K
(C) विटामिन D
(D) विटामिन C
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (A) विटामिन A
व्याख्या:
विटामिन A की कमी से आंखों से संबंधित कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से जेरोपथेलमिया (Xerophthalmia) कहा जाता है। इसमें रतौंधी (night blindness) से लेकर कॉर्नियल जेरोसिस (corneal xerosis) और अंततः कॉर्नियल अल्सर (corneal ulcers) और अंधापन तक शामिल है। आंखों की सतह पर घाव या क्षति विटामिन A की गंभीर कमी का एक विशिष्ट लक्षण है।
❤1
प्रश्न 54:
खाद्य असुरक्षा से जुड़े कारक हैं -
(A) भोजन की उपलब्धता, भोजन की पहुँच, भोजन का उपयोग
(B) भोजन की उपलब्धता, भोजन का उत्पादन, भोजन का सेवन
(C) भोजन का सेवन, भोजन (खाद्य) शिक्षा, खाद्य भेद्यता (जोखिम)
(D) भोजन का उत्पादन, खाद्य उपलब्धता, भोजन की पहचान
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (A) भोजन की उपलब्धता, भोजन की पहुँच, भोजन का उपयोग
व्याख्या:
खाद्य सुरक्षा (Food Security) एक ऐसी स्थिति को संदर्भित करती है जहाँ सभी लोगों के पास हर समय सक्रिय और स्वस्थ जीवन के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन तक भौतिक, सामाजिक और आर्थिक पहुँच होती है। खाद्य सुरक्षा के चार मुख्य आयाम (pillar) हैं:
उपलब्धता (Availability): क्या पर्याप्त भोजन है? यह भोजन के उत्पादन, वितरण और स्टॉक से संबंधित है।
पहुँच (Access): क्या लोगों के पास भोजन खरीदने या प्राप्त करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं? यह आय, कीमतों और परिवहन जैसे कारकों से प्रभावित होता है।
उपयोग (Utilization): क्या लोग भोजन का सही तरीके से उपयोग कर रहे हैं ताकि उन्हें पोषण मिल सके? इसमें पोषण संबंधी ज्ञान, स्वच्छता, पानी और स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच शामिल है।
स्थिरता (Stability): क्या लोग हर समय, सूखे या आर्थिक संकट जैसे झटकों के बावजूद भोजन तक पहुँच बनाए रख सकते हैं?
खाद्य असुरक्षा से जुड़े कारक हैं -
(A) भोजन की उपलब्धता, भोजन की पहुँच, भोजन का उपयोग
(B) भोजन की उपलब्धता, भोजन का उत्पादन, भोजन का सेवन
(C) भोजन का सेवन, भोजन (खाद्य) शिक्षा, खाद्य भेद्यता (जोखिम)
(D) भोजन का उत्पादन, खाद्य उपलब्धता, भोजन की पहचान
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (A) भोजन की उपलब्धता, भोजन की पहुँच, भोजन का उपयोग
व्याख्या:
खाद्य सुरक्षा (Food Security) एक ऐसी स्थिति को संदर्भित करती है जहाँ सभी लोगों के पास हर समय सक्रिय और स्वस्थ जीवन के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन तक भौतिक, सामाजिक और आर्थिक पहुँच होती है। खाद्य सुरक्षा के चार मुख्य आयाम (pillar) हैं:
उपलब्धता (Availability): क्या पर्याप्त भोजन है? यह भोजन के उत्पादन, वितरण और स्टॉक से संबंधित है।
पहुँच (Access): क्या लोगों के पास भोजन खरीदने या प्राप्त करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं? यह आय, कीमतों और परिवहन जैसे कारकों से प्रभावित होता है।
उपयोग (Utilization): क्या लोग भोजन का सही तरीके से उपयोग कर रहे हैं ताकि उन्हें पोषण मिल सके? इसमें पोषण संबंधी ज्ञान, स्वच्छता, पानी और स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच शामिल है।
स्थिरता (Stability): क्या लोग हर समय, सूखे या आर्थिक संकट जैसे झटकों के बावजूद भोजन तक पहुँच बनाए रख सकते हैं?
❤2
प्रश्न 55:एंजाइम जो कैसीनोजेन को कैसीन में परिवर्तित करके दूध को फाड़ देता है:
(A) पेप्सिन
(B) गैस्ट्रिन
(C) रेनिन
(D) लाइपेज
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (C) रेनिन
व्याख्या:रेनिन (Renin), जिसे काइमोसिन (Chymosin) भी कहा जाता है, एक प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम है जो नवजात शिशुओं के पेट में पाया जाता है। इसका मुख्य कार्य दूध में मौजूद प्रोटीन कैसीनोजेन (caseinogen) को कैसीन (casein) में परिवर्तित करना है। यह दूध को दही जैसा बनाने में मदद करता है, जिससे दूध का पाचन आसान हो जाता है। वयस्कों में, दूध के पाचन में पेप्सिन जैसे अन्य एंजाइम प्रमुख भूमिका निभाते हैं,
(A) पेप्सिन
(B) गैस्ट्रिन
(C) रेनिन
(D) लाइपेज
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (C) रेनिन
व्याख्या:रेनिन (Renin), जिसे काइमोसिन (Chymosin) भी कहा जाता है, एक प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम है जो नवजात शिशुओं के पेट में पाया जाता है। इसका मुख्य कार्य दूध में मौजूद प्रोटीन कैसीनोजेन (caseinogen) को कैसीन (casein) में परिवर्तित करना है। यह दूध को दही जैसा बनाने में मदद करता है, जिससे दूध का पाचन आसान हो जाता है। वयस्कों में, दूध के पाचन में पेप्सिन जैसे अन्य एंजाइम प्रमुख भूमिका निभाते हैं,
प्रश्न 56:
बुजुर्गों की स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने वाली आहार विज्ञान की शाखा है -
(A) जराचिकित्सा
(B) वृद्धावस्था के रोगों का अध्ययन
(C) उम्र बढ़ना
(D) बुजुर्ग शिक्षा
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (A) जराचिकित्सा
व्याख्या:
जराचिकित्सा (Geriatrics) चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा है जो बुजुर्ग व्यक्तियों की स्वास्थ्य देखभाल, बीमारियों की रोकथाम, निदान और उपचार से संबंधित है। यह विशेष रूप से वृद्ध लोगों की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और कार्यात्मक आवश्यकताओं पर केंद्रित है।
(B) वृद्धावस्था के रोगों का अध्ययन (Gerontology) एक व्यापक क्षेत्र है जिसमें उम्र बढ़ने के सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और जैविक पहलुओं का अध्ययन शामिल है, जबकि जराचिकित्सा चिकित्सा संबंधी है।
(C) उम्र बढ़ना (Aging) एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।
(D) बुजुर्ग शिक्षा (Geriatric education) बुजुर्गों को शिक्षित करने से संबंधित है।
बुजुर्गों की स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने वाली आहार विज्ञान की शाखा है -
(A) जराचिकित्सा
(B) वृद्धावस्था के रोगों का अध्ययन
(C) उम्र बढ़ना
(D) बुजुर्ग शिक्षा
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (A) जराचिकित्सा
व्याख्या:
जराचिकित्सा (Geriatrics) चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा है जो बुजुर्ग व्यक्तियों की स्वास्थ्य देखभाल, बीमारियों की रोकथाम, निदान और उपचार से संबंधित है। यह विशेष रूप से वृद्ध लोगों की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और कार्यात्मक आवश्यकताओं पर केंद्रित है।
(B) वृद्धावस्था के रोगों का अध्ययन (Gerontology) एक व्यापक क्षेत्र है जिसमें उम्र बढ़ने के सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और जैविक पहलुओं का अध्ययन शामिल है, जबकि जराचिकित्सा चिकित्सा संबंधी है।
(C) उम्र बढ़ना (Aging) एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।
(D) बुजुर्ग शिक्षा (Geriatric education) बुजुर्गों को शिक्षित करने से संबंधित है।
प्रश्न 57:
किसी क्षेत्र या देश को खाद्य उपलब्धता बृहत् स्तर पर किस विधि से निर्धारित होती है?
(A) वजन माप विधि
(B) खाद्य संतुलन पत्र विधि
(C) 24 घण्टे आहार पुनःस्मरण विधि
(D) खाद्य आवृत्ति प्रश्नावली
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (B) खाद्य संतुलन पत्र विधि
व्याख्या:
किसी क्षेत्र या देश में बड़े पैमाने पर खाद्य उपलब्धता का आकलन करने के लिए खाद्य संतुलन पत्र विधि (Food Balance Sheet Method) का उपयोग किया जाता है।
एक खाद्य संतुलन पत्र किसी देश में एक निश्चित अवधि (आमतौर पर एक वर्ष) के लिए खाद्य आपूर्ति और उपयोग का व्यापक रिकॉर्ड प्रदान करता है।
यह भोजन के उत्पादन, आयात, निर्यात, स्टॉक में परिवर्तन, और विभिन्न उपयोगों (जैसे पशु चारा, बीज, अपशिष्ट, और मानव उपभोग) का विस्तृत हिसाब रखता है।
इस विधि से प्रति व्यक्ति खाद्य उपलब्धता और ऊर्जा तथा पोषक तत्वों की आपूर्ति का अनुमान लगाया जा सकता है।
अन्य विकल्प व्यक्ति-विशिष्ट आहार सेवन के मूल्यांकन के तरीके हैं:
(A) वजन माप विधि (Weighment method) व्यक्तियों द्वारा खाए गए भोजन को तौलना है।
(C) 24 घण्टे आहार पुनःस्मरण विधि (24-hour dietary recall) पिछले 24 घंटों में व्यक्ति द्वारा खाए गए सभी भोजन और पेय पदार्थों को याद करना है।
(D) खाद्य आवृत्ति प्रश्नावली (Food frequency questionnaire) एक निश्चित अवधि में व्यक्ति द्वारा खाए गए खाद्य पदार्थों की आवृत्ति का आकलन करती है।
किसी क्षेत्र या देश को खाद्य उपलब्धता बृहत् स्तर पर किस विधि से निर्धारित होती है?
(A) वजन माप विधि
(B) खाद्य संतुलन पत्र विधि
(C) 24 घण्टे आहार पुनःस्मरण विधि
(D) खाद्य आवृत्ति प्रश्नावली
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (B) खाद्य संतुलन पत्र विधि
व्याख्या:
किसी क्षेत्र या देश में बड़े पैमाने पर खाद्य उपलब्धता का आकलन करने के लिए खाद्य संतुलन पत्र विधि (Food Balance Sheet Method) का उपयोग किया जाता है।
एक खाद्य संतुलन पत्र किसी देश में एक निश्चित अवधि (आमतौर पर एक वर्ष) के लिए खाद्य आपूर्ति और उपयोग का व्यापक रिकॉर्ड प्रदान करता है।
यह भोजन के उत्पादन, आयात, निर्यात, स्टॉक में परिवर्तन, और विभिन्न उपयोगों (जैसे पशु चारा, बीज, अपशिष्ट, और मानव उपभोग) का विस्तृत हिसाब रखता है।
इस विधि से प्रति व्यक्ति खाद्य उपलब्धता और ऊर्जा तथा पोषक तत्वों की आपूर्ति का अनुमान लगाया जा सकता है।
अन्य विकल्प व्यक्ति-विशिष्ट आहार सेवन के मूल्यांकन के तरीके हैं:
(A) वजन माप विधि (Weighment method) व्यक्तियों द्वारा खाए गए भोजन को तौलना है।
(C) 24 घण्टे आहार पुनःस्मरण विधि (24-hour dietary recall) पिछले 24 घंटों में व्यक्ति द्वारा खाए गए सभी भोजन और पेय पदार्थों को याद करना है।
(D) खाद्य आवृत्ति प्रश्नावली (Food frequency questionnaire) एक निश्चित अवधि में व्यक्ति द्वारा खाए गए खाद्य पदार्थों की आवृत्ति का आकलन करती है।
प्रश्न 58:
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की आर्थिक नीति के प्रमुख साधन हैं?
(A) एकीकृत बाल विकास सेवा
(B) अन्नपूर्णा योजना
(C) सार्वजनिक वितरण प्रणाली
(D) अंत्योदय अन्न योजना
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (C) सार्वजनिक वितरण प्रणाली
व्याख्या:
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार की आर्थिक नीति का सबसे प्रमुख और व्यापक साधन सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System - PDS) है।
PDS का उद्देश्य रियायती दरों पर (या मुफ्त) खाद्यान्न (जैसे गेहूं, चावल) और अन्य आवश्यक वस्तुएं (जैसे चीनी, मिट्टी का तेल) वितरित करके आबादी के कमजोर वर्गों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है।
यह एक विशाल नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है जिसमें उचित मूल्य की दुकानें शामिल हैं।
अन्य विकल्प भी खाद्य सुरक्षा से संबंधित कार्यक्रम हैं, लेकिन PDS सबसे व्यापक और नीतिगत साधन है:
(A) एकीकृत बाल विकास सेवा (Integrated Child Development Services - ICDS) बच्चों और गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य पर केंद्रित है।
(B) अन्नपूर्णा योजना वृद्ध निराश्रित व्यक्तियों को मुफ्त भोजन प्रदान करती है।
(D) अंत्योदय अन्न योजना (Antyodaya Anna Yojana - AAY) PDS के तहत गरीब से गरीब परिवारों को अत्यधिक रियायती दरों पर खाद्यान्न प्रदान करती है, जो PDS का ही एक उप-घटक है।
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की आर्थिक नीति के प्रमुख साधन हैं?
(A) एकीकृत बाल विकास सेवा
(B) अन्नपूर्णा योजना
(C) सार्वजनिक वितरण प्रणाली
(D) अंत्योदय अन्न योजना
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (C) सार्वजनिक वितरण प्रणाली
व्याख्या:
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार की आर्थिक नीति का सबसे प्रमुख और व्यापक साधन सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System - PDS) है।
PDS का उद्देश्य रियायती दरों पर (या मुफ्त) खाद्यान्न (जैसे गेहूं, चावल) और अन्य आवश्यक वस्तुएं (जैसे चीनी, मिट्टी का तेल) वितरित करके आबादी के कमजोर वर्गों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है।
यह एक विशाल नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है जिसमें उचित मूल्य की दुकानें शामिल हैं।
अन्य विकल्प भी खाद्य सुरक्षा से संबंधित कार्यक्रम हैं, लेकिन PDS सबसे व्यापक और नीतिगत साधन है:
(A) एकीकृत बाल विकास सेवा (Integrated Child Development Services - ICDS) बच्चों और गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य पर केंद्रित है।
(B) अन्नपूर्णा योजना वृद्ध निराश्रित व्यक्तियों को मुफ्त भोजन प्रदान करती है।
(D) अंत्योदय अन्न योजना (Antyodaya Anna Yojana - AAY) PDS के तहत गरीब से गरीब परिवारों को अत्यधिक रियायती दरों पर खाद्यान्न प्रदान करती है, जो PDS का ही एक उप-घटक है।
❤1
प्रश्न 59:
नेत्र कंजक्टिवा की सूजन को कहा जाता है:
(A) कंजक्टिवाइटिस
(B) पेल कंजक्टिवा
(C) कंजक्टिवल इन्फेक्शन
(D) कंजक्टिवल जेरोसिस
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (A) कंजक्टिवाइटिस
व्याख्या:
कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis), जिसे आमतौर पर "पिंक आई" (Pink Eye) भी कहा जाता है, नेत्र कंजक्टिवा (Conjunctiva) की सूजन होती है। कंजक्टिवा आँख की सफेद परत (स्क्लेरा) और पलकों की अंदरूनी सतह को ढँकने वाली एक पतली, पारदर्शी झिल्ली होती है। सूजन से आँख लाल हो जाती है, खुजली होती है, पानी आता है, और कभी-कभी चिपचिपा स्राव भी होता है। यह अक्सर बैक्टीरिया, वायरस या एलर्जी के कारण होता है।
(B) पेल कंजक्टिवा (Pale Conjunctiva) एनीमिया (रक्ताल्पता) जैसी स्थिति का संकेत है, जहाँ कंजक्टिवा का रंग पीला पड़ जाता है, सूजन नहीं।
(C) कंजक्टिवल इन्फेक्शन (Conjunctival Infection) सूजन का कारण बन सकता है, लेकिन "कंजक्टिवाइटिस" सूजन के लिए अधिक सटीक और व्यापक चिकित्सा शब्द है।
(D) कंजक्टिवल जेरोसिस (Conjunctival Xerosis) विटामिन A की कमी के कारण कंजक्टिवा में सूखापन आना है, सूजन नहीं।
नेत्र कंजक्टिवा की सूजन को कहा जाता है:
(A) कंजक्टिवाइटिस
(B) पेल कंजक्टिवा
(C) कंजक्टिवल इन्फेक्शन
(D) कंजक्टिवल जेरोसिस
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (A) कंजक्टिवाइटिस
व्याख्या:
कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis), जिसे आमतौर पर "पिंक आई" (Pink Eye) भी कहा जाता है, नेत्र कंजक्टिवा (Conjunctiva) की सूजन होती है। कंजक्टिवा आँख की सफेद परत (स्क्लेरा) और पलकों की अंदरूनी सतह को ढँकने वाली एक पतली, पारदर्शी झिल्ली होती है। सूजन से आँख लाल हो जाती है, खुजली होती है, पानी आता है, और कभी-कभी चिपचिपा स्राव भी होता है। यह अक्सर बैक्टीरिया, वायरस या एलर्जी के कारण होता है।
(B) पेल कंजक्टिवा (Pale Conjunctiva) एनीमिया (रक्ताल्पता) जैसी स्थिति का संकेत है, जहाँ कंजक्टिवा का रंग पीला पड़ जाता है, सूजन नहीं।
(C) कंजक्टिवल इन्फेक्शन (Conjunctival Infection) सूजन का कारण बन सकता है, लेकिन "कंजक्टिवाइटिस" सूजन के लिए अधिक सटीक और व्यापक चिकित्सा शब्द है।
(D) कंजक्टिवल जेरोसिस (Conjunctival Xerosis) विटामिन A की कमी के कारण कंजक्टिवा में सूखापन आना है, सूजन नहीं।
❤1
प्रश्न 60:
जल की स्थायी कठोरता को हटाया जा सकता है:
(A) उबालकर
(B) सोडा मिलाकर
(C) क्लोरीनीकरण से
(D) छानकर
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (B) सोडा मिलाकर
व्याख्या:
जल की कठोरता दो प्रकार की होती है: अस्थायी और स्थायी।
अस्थायी कठोरता (Temporary Hardness): यह कैल्शियम और मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट की उपस्थिति के कारण होती है। इसे पानी को उबालकर या चूना (lime) मिलाकर हटाया जा सकता है, क्योंकि उबालने पर बाइकार्बोनेट अघुलनशील कार्बोनेट में बदल जाते हैं और अवक्षेपित हो जाते हैं।
स्थायी कठोरता (Permanent Hardness): यह कैल्शियम और मैग्नीशियम के सल्फेट्स और क्लोराइड्स की उपस्थिति के कारण होती है। इसे उबालकर नहीं हटाया जा सकता। इसे हटाने के लिए रासायनिक विधियों का उपयोग किया जाता है:
सोडा मिलाकर (Adding washing soda - सोडियम कार्बोनेट, Na
2
CO
3
): जब पानी में वाशिंग सोडा मिलाया जाता है, तो यह कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ प्रतिक्रिया करके अघुलनशील कैल्शियम कार्बोनेट और मैग्नीशियम कार्बोनेट बनाता है, जो अवक्षेपित होकर पानी से अलग हो जाते हैं। यह स्थायी कठोरता को हटाने का एक सामान्य तरीका है।
आयनों के आदान-प्रदान (Ion-exchange) विधि (जैसे परमुटिट या ज़ियोलाइट विधि): यह विधि भी स्थायी कठोरता को हटाती है।
(C) क्लोरीनीकरण (Chlorination) पानी को कीटाणुमुक्त करने के लिए होता है, कठोरता हटाने के लिए नहीं।
(D) छानना (Filtering) पानी में मौजूद निलंबित अशुद्धियों को हटाता है, घुले हुए कठोरता पैदा करने वाले लवणों को नहीं।
जल की स्थायी कठोरता को हटाया जा सकता है:
(A) उबालकर
(B) सोडा मिलाकर
(C) क्लोरीनीकरण से
(D) छानकर
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (B) सोडा मिलाकर
व्याख्या:
जल की कठोरता दो प्रकार की होती है: अस्थायी और स्थायी।
अस्थायी कठोरता (Temporary Hardness): यह कैल्शियम और मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट की उपस्थिति के कारण होती है। इसे पानी को उबालकर या चूना (lime) मिलाकर हटाया जा सकता है, क्योंकि उबालने पर बाइकार्बोनेट अघुलनशील कार्बोनेट में बदल जाते हैं और अवक्षेपित हो जाते हैं।
स्थायी कठोरता (Permanent Hardness): यह कैल्शियम और मैग्नीशियम के सल्फेट्स और क्लोराइड्स की उपस्थिति के कारण होती है। इसे उबालकर नहीं हटाया जा सकता। इसे हटाने के लिए रासायनिक विधियों का उपयोग किया जाता है:
सोडा मिलाकर (Adding washing soda - सोडियम कार्बोनेट, Na
2
CO
3
): जब पानी में वाशिंग सोडा मिलाया जाता है, तो यह कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ प्रतिक्रिया करके अघुलनशील कैल्शियम कार्बोनेट और मैग्नीशियम कार्बोनेट बनाता है, जो अवक्षेपित होकर पानी से अलग हो जाते हैं। यह स्थायी कठोरता को हटाने का एक सामान्य तरीका है।
आयनों के आदान-प्रदान (Ion-exchange) विधि (जैसे परमुटिट या ज़ियोलाइट विधि): यह विधि भी स्थायी कठोरता को हटाती है।
(C) क्लोरीनीकरण (Chlorination) पानी को कीटाणुमुक्त करने के लिए होता है, कठोरता हटाने के लिए नहीं।
(D) छानना (Filtering) पानी में मौजूद निलंबित अशुद्धियों को हटाता है, घुले हुए कठोरता पैदा करने वाले लवणों को नहीं।
❤7
प्रश्न 61:
प्रसव का सही क्रम कौन-सा है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
(A) प्लेसेंटा का गर्भाशय से बाहर निकलना → पानी का टूटना → गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → बच्चा गर्भाशय से बाहर निकलना
(B) गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → प्लेसेंटा का गर्भाशय से बाहर निकलना → बच्चा का गर्भाशय से बाहर निकलना → पानी का टूटना
(C) प्लेसेंटा गर्भाशय से बाहर निकलना → गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → पानी का टूटना → बच्चा गर्भाशय से बाहर निकलना
(D) गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → पानी का टूटना → बच्चा गर्भाशय से बाहर निकलना → प्लेसेंटा का गर्भाशय से बाहर निकलना
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (D) गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → पानी का टूटना → बच्चा गर्भाशय से बाहर निकलना → प्लेसेंटा का गर्भाशय से बाहर निकलना
व्याख्या:
प्रसव (childbirth) की प्रक्रिया को सामान्यतः तीन चरणों में बांटा जाता है:
पहला चरण (Stage 1): इसमें गर्भाशय ग्रीवा (cervix) का पतला होना और फैलना (dilation) शामिल है। यह सबसे लंबा चरण होता है। इस चरण के अंत में या सक्रिय श्रम के दौरान अक्सर पानी का टूटना (rupture of membranes) होता है, यानी एमनियोटिक थैली फट जाती है।
दूसरा चरण (Stage 2): यह गर्भाशय ग्रीवा के पूरी तरह से फैलने से शुरू होता है और बच्चे के गर्भाशय से बाहर निकलने (delivery of the baby) पर समाप्त होता है।
तीसरा चरण (Stage 3): यह बच्चे के जन्म के तुरंत बाद शुरू होता है और प्लेसेंटा (placenta) के गर्भाशय से बाहर निकलने (delivery of the placenta) पर समाप्त होता है।
प्रसव का सही क्रम कौन-सा है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
(A) प्लेसेंटा का गर्भाशय से बाहर निकलना → पानी का टूटना → गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → बच्चा गर्भाशय से बाहर निकलना
(B) गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → प्लेसेंटा का गर्भाशय से बाहर निकलना → बच्चा का गर्भाशय से बाहर निकलना → पानी का टूटना
(C) प्लेसेंटा गर्भाशय से बाहर निकलना → गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → पानी का टूटना → बच्चा गर्भाशय से बाहर निकलना
(D) गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → पानी का टूटना → बच्चा गर्भाशय से बाहर निकलना → प्लेसेंटा का गर्भाशय से बाहर निकलना
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (D) गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → पानी का टूटना → बच्चा गर्भाशय से बाहर निकलना → प्लेसेंटा का गर्भाशय से बाहर निकलना
व्याख्या:
प्रसव (childbirth) की प्रक्रिया को सामान्यतः तीन चरणों में बांटा जाता है:
पहला चरण (Stage 1): इसमें गर्भाशय ग्रीवा (cervix) का पतला होना और फैलना (dilation) शामिल है। यह सबसे लंबा चरण होता है। इस चरण के अंत में या सक्रिय श्रम के दौरान अक्सर पानी का टूटना (rupture of membranes) होता है, यानी एमनियोटिक थैली फट जाती है।
दूसरा चरण (Stage 2): यह गर्भाशय ग्रीवा के पूरी तरह से फैलने से शुरू होता है और बच्चे के गर्भाशय से बाहर निकलने (delivery of the baby) पर समाप्त होता है।
तीसरा चरण (Stage 3): यह बच्चे के जन्म के तुरंत बाद शुरू होता है और प्लेसेंटा (placenta) के गर्भाशय से बाहर निकलने (delivery of the placenta) पर समाप्त होता है।
❤6
प्रश्न 62:
कॉलम I को कॉलम II से मिलाइए:
कॉलम-I कॉलम-II
i. आई सी टी a. समाचार पत्र और पत्रिकाएँ
ii. अभियान b. लोगों की आवाज
iii. रेडियो c. विभिन्न संचार विधियों और सामग्रियों का उपयोग
iv. प्रिंट मीडिया d. कंप्यूटर, दूरसंचार प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रसारण
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
(A) i-a, ii-b, iii-c, iv-d
(B) i-b, ii-c, iii-d, iv-a
(C) i-c, ii-d, iii-b, iv-a
(D) i-d, ii-c, iii-b, iv-a
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (D) i-d, ii-c, iii-b, iv-a
व्याख्या:
आइए कॉलम I और कॉलम II के बीच सही मिलान करें:
i. आई सी टी (ICT - Information and Communication Technology): यह सूचना और संचार के लिए उपयोग की जाने वाली विभिन्न तकनीकों को संदर्भित करता है। इसमें कंप्यूटर, दूरसंचर प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रसारण (d) शामिल हैं।
ii. अभियान (Campaign): एक अभियान एक संगठित प्रयास होता है जिसका उद्देश्य एक विशिष्ट लक्ष्य प्राप्त करना होता है, अक्सर जनता को शिक्षित या प्रभावित करके। इसमें विभिन्न संचार विधियों और सामग्रियों का उपयोग (c) शामिल होता है (जैसे विज्ञापन, सार्वजनिक भाषण, सोशल मीडिया)।
iii. रेडियो (Radio): रेडियो एक श्रव्य माध्यम है। इसका उपयोग लोगों की आवाज (b) को प्रसारित करने और दर्शकों तक संदेश पहुंचाने के लिए किया जाता है, जैसे समाचार, संगीत और भाषण।
iv. प्रिंट मीडिया (Print Media): यह वह माध्यम है जो मुद्रित सामग्री का उपयोग करता है। इसमें मुख्य रूप से समाचार पत्र और पत्रिकाएँ (a) शामिल होती हैं।
इस प्रकार, सही मिलान है:
i - d (आई सी टी - कंप्यूटर, दूरसंचर प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रसारण)
ii - c (अभियान - विभिन्न संचार विधियों और सामग्रियों का उपयोग)
iii - b (रेडियो - लोगों की आवाज)
iv - a (प्रिंट मीडिया - समाचार पत्र और पत्रिकाएँ)
कॉलम I को कॉलम II से मिलाइए:
कॉलम-I कॉलम-II
i. आई सी टी a. समाचार पत्र और पत्रिकाएँ
ii. अभियान b. लोगों की आवाज
iii. रेडियो c. विभिन्न संचार विधियों और सामग्रियों का उपयोग
iv. प्रिंट मीडिया d. कंप्यूटर, दूरसंचार प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रसारण
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
(A) i-a, ii-b, iii-c, iv-d
(B) i-b, ii-c, iii-d, iv-a
(C) i-c, ii-d, iii-b, iv-a
(D) i-d, ii-c, iii-b, iv-a
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (D) i-d, ii-c, iii-b, iv-a
व्याख्या:
आइए कॉलम I और कॉलम II के बीच सही मिलान करें:
i. आई सी टी (ICT - Information and Communication Technology): यह सूचना और संचार के लिए उपयोग की जाने वाली विभिन्न तकनीकों को संदर्भित करता है। इसमें कंप्यूटर, दूरसंचर प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रसारण (d) शामिल हैं।
ii. अभियान (Campaign): एक अभियान एक संगठित प्रयास होता है जिसका उद्देश्य एक विशिष्ट लक्ष्य प्राप्त करना होता है, अक्सर जनता को शिक्षित या प्रभावित करके। इसमें विभिन्न संचार विधियों और सामग्रियों का उपयोग (c) शामिल होता है (जैसे विज्ञापन, सार्वजनिक भाषण, सोशल मीडिया)।
iii. रेडियो (Radio): रेडियो एक श्रव्य माध्यम है। इसका उपयोग लोगों की आवाज (b) को प्रसारित करने और दर्शकों तक संदेश पहुंचाने के लिए किया जाता है, जैसे समाचार, संगीत और भाषण।
iv. प्रिंट मीडिया (Print Media): यह वह माध्यम है जो मुद्रित सामग्री का उपयोग करता है। इसमें मुख्य रूप से समाचार पत्र और पत्रिकाएँ (a) शामिल होती हैं।
इस प्रकार, सही मिलान है:
i - d (आई सी टी - कंप्यूटर, दूरसंचर प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रसारण)
ii - c (अभियान - विभिन्न संचार विधियों और सामग्रियों का उपयोग)
iii - b (रेडियो - लोगों की आवाज)
iv - a (प्रिंट मीडिया - समाचार पत्र और पत्रिकाएँ)
❤3
प्रश्न 63:
कहानी को लिखित में दर्शाने वाले दृश्य सहायक जिसमें कहानी को कागज की पट्टियों से ढक दिया जाता है और सुनाते समय हटाते हैं:
(A) फ्लो चार्ट
(B) स्ट्रिप चार्ट
(C) स्ट्रिप टीज चार्ट
(D) स्ट्रिप ग्राफ
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (C) स्ट्रिप टीज चार्ट
व्याख्या:
"स्ट्रिप टीज चार्ट" (Strip Tease Chart) एक दृश्य सहायक (visual aid) का प्रकार है जिसका उपयोग प्रस्तुतियों या कहानियों में किया जाता है। इसमें जानकारी या कहानी के अलग-अलग हिस्सों को कागज की पट्टियों से ढक दिया जाता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है या प्रस्तुति दी जाती है, इन पट्टियों को एक-एक करके हटाया जाता है, जिससे जानकारी या चित्र धीरे-धीरे उजागर होता है। यह दर्शकों की जिज्ञासा बनाए रखने और जानकारी को चरणबद्ध तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करता है।
(A) फ्लो चार्ट (Flow Chart) एक प्रक्रिया या एल्गोरिदम को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है।
(B) स्ट्रिप चार्ट (Strip Chart) आमतौर पर समय के साथ डेटा को प्लॉट करने के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे कि लगातार रीडिंग रिकॉर्ड करना।
(D) स्ट्रिप ग्राफ (Strip Graph) भी डेटा प्रतिनिधित्व से संबंधित है, न कि कहानी कहने की विधि से।
कहानी को लिखित में दर्शाने वाले दृश्य सहायक जिसमें कहानी को कागज की पट्टियों से ढक दिया जाता है और सुनाते समय हटाते हैं:
(A) फ्लो चार्ट
(B) स्ट्रिप चार्ट
(C) स्ट्रिप टीज चार्ट
(D) स्ट्रिप ग्राफ
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (C) स्ट्रिप टीज चार्ट
व्याख्या:
"स्ट्रिप टीज चार्ट" (Strip Tease Chart) एक दृश्य सहायक (visual aid) का प्रकार है जिसका उपयोग प्रस्तुतियों या कहानियों में किया जाता है। इसमें जानकारी या कहानी के अलग-अलग हिस्सों को कागज की पट्टियों से ढक दिया जाता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है या प्रस्तुति दी जाती है, इन पट्टियों को एक-एक करके हटाया जाता है, जिससे जानकारी या चित्र धीरे-धीरे उजागर होता है। यह दर्शकों की जिज्ञासा बनाए रखने और जानकारी को चरणबद्ध तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करता है।
(A) फ्लो चार्ट (Flow Chart) एक प्रक्रिया या एल्गोरिदम को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है।
(B) स्ट्रिप चार्ट (Strip Chart) आमतौर पर समय के साथ डेटा को प्लॉट करने के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे कि लगातार रीडिंग रिकॉर्ड करना।
(D) स्ट्रिप ग्राफ (Strip Graph) भी डेटा प्रतिनिधित्व से संबंधित है, न कि कहानी कहने की विधि से।
❤5
प्रश्न 64:
अंडाशय चक्र को निम्न में से किन दो भागों में बांटा गया है?
(A) फॉलिक्यूलन चरण; यूटेरिन चरण
(B) फॉलिकुलर चरण; मेन्स्ट्रुअल चरण
(C) ल्यूटियल चरण; यूटेरिन चरण
(D) फॉलिकुलर चरण; ल्यूटियल चरण
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (D) फॉलिकुलर चरण; ल्यूटियल चरण
व्याख्या:
अंडाशय चक्र (Ovarian Cycle) मासिक धर्म चक्र का वह हिस्सा है जो अंडाशय में होने वाले परिवर्तनों से संबंधित है। इसे मुख्य रूप से दो चरणों में बांटा जाता है:
फॉलिकुलर चरण (Follicular Phase): यह चरण मासिक धर्म के पहले दिन से शुरू होकर ओव्यूलेशन (अंडा निकलने) तक चलता है। इस दौरान अंडाशय में फॉलिकल्स (अंडाणु-युक्त पुटिकाएं) विकसित होते हैं और उनमें से एक प्रमुख फॉलिकल बढ़ता है।
ल्यूटियल चरण (Luteal Phase): यह चरण ओव्यूलेशन के बाद शुरू होता है और अगले मासिक धर्म की शुरुआत तक चलता है। इस दौरान, ओव्यूलेशन के बाद शेष फॉलिकल कॉर्पस ल्यूटियम (corpus luteum) में बदल जाता है, जो प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का उत्पादन करता है।
अंडाशय चक्र को निम्न में से किन दो भागों में बांटा गया है?
(A) फॉलिक्यूलन चरण; यूटेरिन चरण
(B) फॉलिकुलर चरण; मेन्स्ट्रुअल चरण
(C) ल्यूटियल चरण; यूटेरिन चरण
(D) फॉलिकुलर चरण; ल्यूटियल चरण
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (D) फॉलिकुलर चरण; ल्यूटियल चरण
व्याख्या:
अंडाशय चक्र (Ovarian Cycle) मासिक धर्म चक्र का वह हिस्सा है जो अंडाशय में होने वाले परिवर्तनों से संबंधित है। इसे मुख्य रूप से दो चरणों में बांटा जाता है:
फॉलिकुलर चरण (Follicular Phase): यह चरण मासिक धर्म के पहले दिन से शुरू होकर ओव्यूलेशन (अंडा निकलने) तक चलता है। इस दौरान अंडाशय में फॉलिकल्स (अंडाणु-युक्त पुटिकाएं) विकसित होते हैं और उनमें से एक प्रमुख फॉलिकल बढ़ता है।
ल्यूटियल चरण (Luteal Phase): यह चरण ओव्यूलेशन के बाद शुरू होता है और अगले मासिक धर्म की शुरुआत तक चलता है। इस दौरान, ओव्यूलेशन के बाद शेष फॉलिकल कॉर्पस ल्यूटियम (corpus luteum) में बदल जाता है, जो प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का उत्पादन करता है।
❤5
प्रश्न 65:
गर्भाशय की झिल्ली को कृत्रिम रूप से फाड़ने को क्या कहते हैं?
(A) गर्भाशय से रक्तस्राव
(B) गर्भाशय की जड़ता और फटना
(C) अम्नियोटॉमी
(D) गर्भाशय की झिल्ली को फाड़ना
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (C) अम्नियोटॉमी
व्याख्या:
गर्भाशय की झिल्ली (एमनियोटिक झिल्ली) को कृत्रिम रूप से फाड़ने की प्रक्रिया को अम्नियोटॉमी (Amniotomy) कहा जाता है। इसे आमतौर पर "पानी की थैली को तोड़ना" या "आर्टिफिशियल रप्चर ऑफ मेम्ब्रेन (AROM)" भी कहते हैं। यह प्रसव को प्रेरित करने (induction of labor) या उसकी गति बढ़ाने के लिए डॉक्टर द्वारा किया जाने वाला एक चिकित्सा हस्तक्षेप है।
(A) गर्भाशय से रक्तस्राव (Uterine bleeding) एक लक्षण है, प्रक्रिया नहीं।
(B) गर्भाशय की जड़ता और फटना (Uterine atony and rupture) गंभीर जटिलताएं हैं।
(D) गर्भाशय की झिल्ली को फाड़ना एक सामान्य विवरण है, जबकि "अम्नियोटॉमी" इसका विशिष्ट चिकित्सा शब्द है।
गर्भाशय की झिल्ली को कृत्रिम रूप से फाड़ने को क्या कहते हैं?
(A) गर्भाशय से रक्तस्राव
(B) गर्भाशय की जड़ता और फटना
(C) अम्नियोटॉमी
(D) गर्भाशय की झिल्ली को फाड़ना
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (C) अम्नियोटॉमी
व्याख्या:
गर्भाशय की झिल्ली (एमनियोटिक झिल्ली) को कृत्रिम रूप से फाड़ने की प्रक्रिया को अम्नियोटॉमी (Amniotomy) कहा जाता है। इसे आमतौर पर "पानी की थैली को तोड़ना" या "आर्टिफिशियल रप्चर ऑफ मेम्ब्रेन (AROM)" भी कहते हैं। यह प्रसव को प्रेरित करने (induction of labor) या उसकी गति बढ़ाने के लिए डॉक्टर द्वारा किया जाने वाला एक चिकित्सा हस्तक्षेप है।
(A) गर्भाशय से रक्तस्राव (Uterine bleeding) एक लक्षण है, प्रक्रिया नहीं।
(B) गर्भाशय की जड़ता और फटना (Uterine atony and rupture) गंभीर जटिलताएं हैं।
(D) गर्भाशय की झिल्ली को फाड़ना एक सामान्य विवरण है, जबकि "अम्नियोटॉमी" इसका विशिष्ट चिकित्सा शब्द है।
❤1
प्रश्न 66:
नवजात शिशु की _______ स्कोरिंग में शिशु की हृदय गति, श्वसन, मांसपेशियों की टोन, प्रतिवर्त प्रतिक्रिया और रंग की रिकॉर्डिंग शामिल होती है।
(A) नवजात शिशु परीक्षण सूचकांक
(B) महत्वपूर्ण आँकड़े
(C) विकासात्मक सूचकांक
(D) अपगार
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (D) अपगार
व्याख्या:
नवजात शिशु के जन्म के तुरंत बाद (आमतौर पर 1 मिनट और 5 मिनट पर) उसके स्वास्थ्य का त्वरित मूल्यांकन करने के लिए अपगार स्कोर (Apgar Score) का उपयोग किया जाता है। अपगार (APGAR) एक संक्षिप्त रूप है जो पाँच महत्वपूर्ण संकेतों को दर्शाता है, जिनमें से प्रत्येक को 0, 1 या 2 अंक दिए जाते हैं:
Activity (मांसपेशियों की टोन)
Pulse (हृदय गति)
Grimace (प्रतिवर्त प्रतिक्रिया)
Appearance (रंग)
Respiration (श्वसन)
इन पाँचों के स्कोर को जोड़कर कुल अपगार स्कोर (0-10) प्राप्त किया जाता है, जो शिशु की जन्म के बाद की स्थिति को इंगित करता है।
नवजात शिशु की _______ स्कोरिंग में शिशु की हृदय गति, श्वसन, मांसपेशियों की टोन, प्रतिवर्त प्रतिक्रिया और रंग की रिकॉर्डिंग शामिल होती है।
(A) नवजात शिशु परीक्षण सूचकांक
(B) महत्वपूर्ण आँकड़े
(C) विकासात्मक सूचकांक
(D) अपगार
(E) अनुत्तरित प्रश्न
सही उत्तर: (D) अपगार
व्याख्या:
नवजात शिशु के जन्म के तुरंत बाद (आमतौर पर 1 मिनट और 5 मिनट पर) उसके स्वास्थ्य का त्वरित मूल्यांकन करने के लिए अपगार स्कोर (Apgar Score) का उपयोग किया जाता है। अपगार (APGAR) एक संक्षिप्त रूप है जो पाँच महत्वपूर्ण संकेतों को दर्शाता है, जिनमें से प्रत्येक को 0, 1 या 2 अंक दिए जाते हैं:
Activity (मांसपेशियों की टोन)
Pulse (हृदय गति)
Grimace (प्रतिवर्त प्रतिक्रिया)
Appearance (रंग)
Respiration (श्वसन)
इन पाँचों के स्कोर को जोड़कर कुल अपगार स्कोर (0-10) प्राप्त किया जाता है, जो शिशु की जन्म के बाद की स्थिति को इंगित करता है।
❤4