5 ई०
(D) 1997 ई०
39. भारत में मानव अधिकार सुरक्षा अधिनियम कब पारित हुआ?
(A) 1991 ई०
(B) 1993 ई०
(C) 1995 ई.
(D) 1997 ई.
40. बिहार सम्पन्न है-
(A) खनिजों में
(B) उद्योग में
(C) कृषि में
(D) पशुपालन में
41. तारापुर परमाणु ऊर्जा केन्द्र है.
(A) गुजरात में
(B) मध्य प्रदेश में
(C) छत्तीसगढ़ में
(D) महाराष्ट्र में
42. किस राज्य में वनों का सबसे अधिक विस्तार है?
(A) मध्य प्रदेश में
(B) उत्तर प्रदेश में
(C) कर्नाटक में
(D) केरल में
43. रेल वर्कशॉप स्थित है-
(A) जमालपुर में
(B) मुंगेर में
(C) भगवानपुर में
(D) दरभंगा में
44. मेट्रो रेल सेवा उपलब्ध है
(A) धनबाद में
(B) दिल्ली में
(C) रायपुर में
(D) गुवाहटी में
45. बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कौन थे?
(A) अम्बेडकर
(B) कांशीराम
(C) मायावती
(D) राम विलास पासवान
46.लोकतंत्र की उपलब्धियों में सबसे अधिक सहायक क्या है?
(A) निर्धनता
(B) अशिक्षा
(C) विषमता
(D) विाकस
47. दल-बदल कानून लागू होता है-
(A) सांसदों एवं विधायकों पर
(B) उपराष्ट्रपति पर
(C) राष्ट्रपति पर
(D) इनमें से सभी
48. निम्नांकित में कौन बीमारू (BIMARU) राज्य है?
(A) कर्नाटक
(B) छत्तीसगढ़
(C) आंध्र प्रदेश
(D) बिहार
(D) 1997 ई०
39. भारत में मानव अधिकार सुरक्षा अधिनियम कब पारित हुआ?
(A) 1991 ई०
(B) 1993 ई०
(C) 1995 ई.
(D) 1997 ई.
40. बिहार सम्पन्न है-
(A) खनिजों में
(B) उद्योग में
(C) कृषि में
(D) पशुपालन में
41. तारापुर परमाणु ऊर्जा केन्द्र है.
(A) गुजरात में
(B) मध्य प्रदेश में
(C) छत्तीसगढ़ में
(D) महाराष्ट्र में
42. किस राज्य में वनों का सबसे अधिक विस्तार है?
(A) मध्य प्रदेश में
(B) उत्तर प्रदेश में
(C) कर्नाटक में
(D) केरल में
43. रेल वर्कशॉप स्थित है-
(A) जमालपुर में
(B) मुंगेर में
(C) भगवानपुर में
(D) दरभंगा में
44. मेट्रो रेल सेवा उपलब्ध है
(A) धनबाद में
(B) दिल्ली में
(C) रायपुर में
(D) गुवाहटी में
45. बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कौन थे?
(A) अम्बेडकर
(B) कांशीराम
(C) मायावती
(D) राम विलास पासवान
46.लोकतंत्र की उपलब्धियों में सबसे अधिक सहायक क्या है?
(A) निर्धनता
(B) अशिक्षा
(C) विषमता
(D) विाकस
47. दल-बदल कानून लागू होता है-
(A) सांसदों एवं विधायकों पर
(B) उपराष्ट्रपति पर
(C) राष्ट्रपति पर
(D) इनमें से सभी
48. निम्नांकित में कौन बीमारू (BIMARU) राज्य है?
(A) कर्नाटक
(B) छत्तीसगढ़
(C) आंध्र प्रदेश
(D) बिहार
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(क) मनुष्य बार-बार नाखूनों को क्यों काटता है?
उत्तर - मनुष्य निरंतर सभ्य होने के लिए प्रयासरत रहा है। प्रारंभिक काल में मानव एवं पशु एक समान थे। नाखून अस्त्र थे। लेकिन जैसे-जैसे मानवीय विकास की धारा अग्रसर होती गई मनुष्य पशु से भिन्न होता गया। उसके अस्त्र-शस्त्र, आहार-विहार, सभ्यता-संस्कृति में निरंतर
नवीनता आती गयी । वह पुरानी जीवन-शैली को परिवर्तित करता गया। जो नाखून अस्त्र थे उसे अब सौंदर्य का रूप देने लगा। इसमें नयापन लाने, इसे सँवारने एवं पशु से भिन्न दिखने हेतु नाखूनों को मनुष्य काट देता है
उत्तर - मनुष्य निरंतर सभ्य होने के लिए प्रयासरत रहा है। प्रारंभिक काल में मानव एवं पशु एक समान थे। नाखून अस्त्र थे। लेकिन जैसे-जैसे मानवीय विकास की धारा अग्रसर होती गई मनुष्य पशु से भिन्न होता गया। उसके अस्त्र-शस्त्र, आहार-विहार, सभ्यता-संस्कृति में निरंतर
नवीनता आती गयी । वह पुरानी जीवन-शैली को परिवर्तित करता गया। जो नाखून अस्त्र थे उसे अब सौंदर्य का रूप देने लगा। इसमें नयापन लाने, इसे सँवारने एवं पशु से भिन्न दिखने हेतु नाखूनों को मनुष्य काट देता है
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(ख) लेखक को क्यों लगता है कि नौकर रखना बहुत जरूरी हो गया था?
उत्तर - लेखक की पत्नी निर्मला सबेरे से शाम तक खटती रहती थीं। अपने सभी रिश्तेदारों के यहाँ नौकर. देखकर लेखक को उनसे जलन भी हुई थी। नौकर नहीं होने के कारण लेखक और उसकी पत्नी लगभग अपने को अभागे समझने लगे थे। इन परिस्थितियों में नौकर रखना बहुत जरूरी हो गया था।
उत्तर - लेखक की पत्नी निर्मला सबेरे से शाम तक खटती रहती थीं। अपने सभी रिश्तेदारों के यहाँ नौकर. देखकर लेखक को उनसे जलन भी हुई थी। नौकर नहीं होने के कारण लेखक और उसकी पत्नी लगभग अपने को अभागे समझने लगे थे। इन परिस्थितियों में नौकर रखना बहुत जरूरी हो गया था।
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(ग) बिरजू महाराज के जीवन में सबसे दुखद समय कब आया?
उत्तर - जब महाराज जी के बाबूजी की मृत्यु हुई तब उनके लिए बहुत दुखदायी समय व्यतीत हुआ । घर में इतना भी पैसा नहीं था कि दसवाँ किया जा सके। इन्होंने दस दिन के अन्दर दो प्रोग्राम किए। उन दो प्रोग्राम से 500 रु० इकट्ठे हुए तब दसवाँ और तेरहवीं की गई। ऐसी हालत में नाचना एवं पैसा इकट्ठा करना महाराजजी के जीवन में सबसे दु:खद समय आया।
उत्तर - जब महाराज जी के बाबूजी की मृत्यु हुई तब उनके लिए बहुत दुखदायी समय व्यतीत हुआ । घर में इतना भी पैसा नहीं था कि दसवाँ किया जा सके। इन्होंने दस दिन के अन्दर दो प्रोग्राम किए। उन दो प्रोग्राम से 500 रु० इकट्ठे हुए तब दसवाँ और तेरहवीं की गई। ऐसी हालत में नाचना एवं पैसा इकट्ठा करना महाराजजी के जीवन में सबसे दु:खद समय आया।
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(घ) 'दिनकर' की दृष्टि में आज के देवता कौन हैं और वे कहाँ से मिलेंगे?
उत्तर - कवि ने भारतीय प्रजा, जो खून-पसीना बहाकर देशहित का कार्य करती है, जिसके बल पर देश में सुख-संपदा स्थापित होता है, किसान, मजदूर जो स्वयं आहूत होकर देश को सुखी बनाते हैं, को आज का देवता कहा है।
उत्तर - कवि ने भारतीय प्रजा, जो खून-पसीना बहाकर देशहित का कार्य करती है, जिसके बल पर देश में सुख-संपदा स्थापित होता है, किसान, मजदूर जो स्वयं आहूत होकर देश को सुखी बनाते हैं, को आज का देवता कहा है।
(छ) मंगम्मा ने अपना 'धरम' नहीं छोड़ा, कैसे?
उत्तर - रंगप्पा को घास नहीं डालकर मंगम्मा ने अपने धर्म की रक्षा की। रंगप्पा उसकी इज्जत लूटना चाहता था, पर मंगम्मा ने उससे दूरी बनाए रखी।
उत्तर - रंगप्पा को घास नहीं डालकर मंगम्मा ने अपने धर्म की रक्षा की। रंगप्पा उसकी इज्जत लूटना चाहता था, पर मंगम्मा ने उससे दूरी बनाए रखी।
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(च) कवि जीवनानंद दास अगले जीवन में क्या-क्या बनने की संभावना व्यक्त करते हैं, और क्यों?
उत्तर - कवि को अपनी मातृभूमि प्रेम में विह्वल होकर चिड़ियाँ, कौवा, हंस, उल्लू. सारस बनकर पुनः बंगाल की धरती पर अवतरित होना चाहते हैं।
उत्तर - कवि को अपनी मातृभूमि प्रेम में विह्वल होकर चिड़ियाँ, कौवा, हंस, उल्लू. सारस बनकर पुनः बंगाल की धरती पर अवतरित होना चाहते हैं।
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(ङ) हिरोशिमा में मनुष्य की साखी के रूप में क्या है?
उत्तर - आज भी हिरोशिमा में साक्षी के रूप में, अर्थात् प्रमाण के रूप में जहाँ-तहाँ जले हुए पत्थर, दीवारें पड़ी हुई हैं। यहाँ तक कि पत्थरों पर, टूटी-फूटी सड़कों पर, घर की दीवारों पर लाश के निशान छाया के रूप में साक्षी हैं।
उत्तर - आज भी हिरोशिमा में साक्षी के रूप में, अर्थात् प्रमाण के रूप में जहाँ-तहाँ जले हुए पत्थर, दीवारें पड़ी हुई हैं। यहाँ तक कि पत्थरों पर, टूटी-फूटी सड़कों पर, घर की दीवारों पर लाश के निशान छाया के रूप में साक्षी हैं।