आर्ट ऑफ लिविंग की महत्ता से रूबरू हुए डीडीए डायमंड्स
विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर दून डिफेंस एकेडमी में विशेष सत्र का आयोजन
कैप्टन रोहित कुमार एस ने छात्रों के साथ साझा की मर्चेंट नेवी करियर के अनुभव
देहरादून। (हमारे संवाददाता अनिल रावत)। संदीप सर दून डिफेंस एकेडमी में विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर आर्ट आफ लिविंग के शिक्षकों ने गुरूदेव के नेतृत्व में ध्यान की शक्ति से डीडीए डायमंड्स को रूबरू कराया। आर्ट आफ लिविंग की उत्तराखंड राज्य समन्वयक श्रीमती नंदिता सिंह व अध्यापक राघव भटनागर ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 दिसम्बर को हर वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व ध्यान दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस दिन लाखों लोग गुरूदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में ध्यान करते हैं। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य के महत्व को बताना तथा तनावमुक्त जीवन की और प्रेरित करना है। ध्यान से मन को शांत और एकाग्र करने का अनुभव होता है, जिससे तनाव कम होता है, रचनात्मकता बढ़ती है, और जीवन में शांति और खुशी का अनुभव होता है ध्यान करने से आपकी आंतरिक उर्जा बढ़ती है, आत्मविश्वास आता है और आप अपने जीवन की चुनौतियों का सामना बेहतर ढंग से कर पाते हैं। ध्यान से आपकी स्वास्थ्य स्थिति भी सुधरती है और आप दूसरों के प्रति संवेदनशील बनते हैं। ध्यान की अवस्था में मन व्याकुलता और दुविधा से मुक्त हो जाता है। और वर्तमान क्षण में रहता है। कार्यक्रम के समापन पर डीडीए के सेंटर हेड उमेश कुनियाल ने सभी अतिथियों को तुलसी का पौधा प्रदान कर उनका आभार जताते हुए धन्यवाद किया।
वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम के दौरान एंग्लो शिप मैनेजमेंट में कैप्टन रोहित कुमार एस ने छात्रों को मर्चेंट नेवी के बारे में विस्तार से जानकारी देने के साथ उनके सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने अपने अनुभव-आधारित करियर गाइडेंस देने की अपनी कमिटमेंट को जारी रखे हुए मर्चेंट नेवी पर एक पूरी करियर काउंसलिंग सेशन आयोजित किया। सेशन के दौरान, कैप्टन रोहित कुमार एस. ने अपने पहले हाथ के सेलिंग अनुभव, प्रोफेशनल सफर और समुद्र में जीवन के बारे में प्रैक्टिकल जानकारी शेयर की। उन्होंने मर्चेंट नेवी में करियर के रास्तों के बारे में विस्तार से बताया, IMU–CET के ज़रिए डेक ऑफिसर या मरीन इंजीनियर के तौर पर शामिल होने के अवसरों को साफ तौर पर समझाया, जिसमें एलिजिबिलिटी, ट्रेनिंग स्ट्रक्चर, करियर ग्रोथ और ग्लोबल एक्सपोजर शामिल थे।
इस अवसर पर श्रीमति नंदिता सिंह (राज्य समन्वयक), कैप्टेन रोहित सिंह, संजीव कुमार, राघव भटनागर व डीडीए के सेंटर हेड उमेश कुनियाल मुख्यरूप से उपस्थित रहे।
विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर दून डिफेंस एकेडमी में विशेष सत्र का आयोजन
कैप्टन रोहित कुमार एस ने छात्रों के साथ साझा की मर्चेंट नेवी करियर के अनुभव
देहरादून। (हमारे संवाददाता अनिल रावत)। संदीप सर दून डिफेंस एकेडमी में विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर आर्ट आफ लिविंग के शिक्षकों ने गुरूदेव के नेतृत्व में ध्यान की शक्ति से डीडीए डायमंड्स को रूबरू कराया। आर्ट आफ लिविंग की उत्तराखंड राज्य समन्वयक श्रीमती नंदिता सिंह व अध्यापक राघव भटनागर ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 दिसम्बर को हर वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व ध्यान दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस दिन लाखों लोग गुरूदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में ध्यान करते हैं। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य के महत्व को बताना तथा तनावमुक्त जीवन की और प्रेरित करना है। ध्यान से मन को शांत और एकाग्र करने का अनुभव होता है, जिससे तनाव कम होता है, रचनात्मकता बढ़ती है, और जीवन में शांति और खुशी का अनुभव होता है ध्यान करने से आपकी आंतरिक उर्जा बढ़ती है, आत्मविश्वास आता है और आप अपने जीवन की चुनौतियों का सामना बेहतर ढंग से कर पाते हैं। ध्यान से आपकी स्वास्थ्य स्थिति भी सुधरती है और आप दूसरों के प्रति संवेदनशील बनते हैं। ध्यान की अवस्था में मन व्याकुलता और दुविधा से मुक्त हो जाता है। और वर्तमान क्षण में रहता है। कार्यक्रम के समापन पर डीडीए के सेंटर हेड उमेश कुनियाल ने सभी अतिथियों को तुलसी का पौधा प्रदान कर उनका आभार जताते हुए धन्यवाद किया।
वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम के दौरान एंग्लो शिप मैनेजमेंट में कैप्टन रोहित कुमार एस ने छात्रों को मर्चेंट नेवी के बारे में विस्तार से जानकारी देने के साथ उनके सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने अपने अनुभव-आधारित करियर गाइडेंस देने की अपनी कमिटमेंट को जारी रखे हुए मर्चेंट नेवी पर एक पूरी करियर काउंसलिंग सेशन आयोजित किया। सेशन के दौरान, कैप्टन रोहित कुमार एस. ने अपने पहले हाथ के सेलिंग अनुभव, प्रोफेशनल सफर और समुद्र में जीवन के बारे में प्रैक्टिकल जानकारी शेयर की। उन्होंने मर्चेंट नेवी में करियर के रास्तों के बारे में विस्तार से बताया, IMU–CET के ज़रिए डेक ऑफिसर या मरीन इंजीनियर के तौर पर शामिल होने के अवसरों को साफ तौर पर समझाया, जिसमें एलिजिबिलिटी, ट्रेनिंग स्ट्रक्चर, करियर ग्रोथ और ग्लोबल एक्सपोजर शामिल थे।
इस अवसर पर श्रीमति नंदिता सिंह (राज्य समन्वयक), कैप्टेन रोहित सिंह, संजीव कुमार, राघव भटनागर व डीडीए के सेंटर हेड उमेश कुनियाल मुख्यरूप से उपस्थित रहे।