📚 राजस्थान की प्रमुख शैलियों और उनके चित्रकार:-
▪️उदयपुर शैली- नासिरुद्दीन, साहबदीन, मनोहर
▪️नाथद्वारा शैली- बाबा रामचन्द्र, नारायण, चतुर्भुज, रामलिंग चम्पालाल, घासीराम, तुलसीराम, कमला, ईलायची (महिला चित्रकार)
▪️देवगढ़ शैली- मनोहर, कृपाराम, जगन्नाथ, नुरुद्दीन, गंगाराम शाहीबद्दीन, चोखा कँवला 1, कँवला 2, हरचंद, चोखा, नंगा, बैजनाथ, बगता
▪️जोधपुर शैली- अमरदास भाटी, दाना भाटी, रामदास माटी शंकर दास भाटी, माधोदास भाटी, शिवदास
▪️बीकानेर शैली- अली रजा, हामिद रुकनुद्दीन, हसन, हेसामुद्दीन उस्ता, रामलाल,
▪️किशनगढ़ शैली- नानकराम, सीताराम, सूरध्वज, मूलराज, मोरध्वज- निहालचन्द, बदन सिंह, रामनाथ, सवाईराम, लालडीदास
▪️अजमेर - अल्लाबख्श, शाहीबा, उस्ना (महिला चित्रकार)
▪️आमेर - साहिबराम, लालचन्द, लालचितेरा, रामसेवक गोपाल, हुकमा चिमना, सालिगराम, लक्ष्मण
▪️अलवर - बलदेव, डालूराम, सालगा, सालिगराम, गुलाम अली, रामप्रसाद, रामगोपाल, जगमोहन, उदयराम & मूलचन्द, जमनादास, छोटेलाल, बक्साराम नन्दराम
▪️बून्दी - सुरजन, अहमदअली, रामलाल, श्री किसन, साधुराम
▪️कोटा - रघुनाथ, गोविन्दराम, डालू, लच्छीराम, नूर मोहम्मद
🔷 राजस्थान के प्रमुख शैल चित्र...
1.आलनिया, दर्रा (कोटा)
2. बैराठ (जयपुर)
3. दर (भरतपुर)
4.ओजियाना (भीलवाड़ा)
5.गरदड़ा (बूंदी)
▪️पोथीखाना - जयपुर
▪️पुस्तक प्रकाश/मानप्रकाश - जोधपुर
▪️चित्रशाला - बूंदी
▪️सरस्वती भंडार - उदयपुर
▪️जिनभद्र सूरी भंडार - जैसलमेर
▪️उदयपुर शैली- नासिरुद्दीन, साहबदीन, मनोहर
▪️नाथद्वारा शैली- बाबा रामचन्द्र, नारायण, चतुर्भुज, रामलिंग चम्पालाल, घासीराम, तुलसीराम, कमला, ईलायची (महिला चित्रकार)
▪️देवगढ़ शैली- मनोहर, कृपाराम, जगन्नाथ, नुरुद्दीन, गंगाराम शाहीबद्दीन, चोखा कँवला 1, कँवला 2, हरचंद, चोखा, नंगा, बैजनाथ, बगता
▪️जोधपुर शैली- अमरदास भाटी, दाना भाटी, रामदास माटी शंकर दास भाटी, माधोदास भाटी, शिवदास
▪️बीकानेर शैली- अली रजा, हामिद रुकनुद्दीन, हसन, हेसामुद्दीन उस्ता, रामलाल,
▪️किशनगढ़ शैली- नानकराम, सीताराम, सूरध्वज, मूलराज, मोरध्वज- निहालचन्द, बदन सिंह, रामनाथ, सवाईराम, लालडीदास
▪️अजमेर - अल्लाबख्श, शाहीबा, उस्ना (महिला चित्रकार)
▪️आमेर - साहिबराम, लालचन्द, लालचितेरा, रामसेवक गोपाल, हुकमा चिमना, सालिगराम, लक्ष्मण
▪️अलवर - बलदेव, डालूराम, सालगा, सालिगराम, गुलाम अली, रामप्रसाद, रामगोपाल, जगमोहन, उदयराम & मूलचन्द, जमनादास, छोटेलाल, बक्साराम नन्दराम
▪️बून्दी - सुरजन, अहमदअली, रामलाल, श्री किसन, साधुराम
▪️कोटा - रघुनाथ, गोविन्दराम, डालू, लच्छीराम, नूर मोहम्मद
🔷 राजस्थान के प्रमुख शैल चित्र...
1.आलनिया, दर्रा (कोटा)
2. बैराठ (जयपुर)
3. दर (भरतपुर)
4.ओजियाना (भीलवाड़ा)
5.गरदड़ा (बूंदी)
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▪️पुस्तक प्रकाश/मानप्रकाश - जोधपुर
▪️चित्रशाला - बूंदी
▪️सरस्वती भंडार - उदयपुर
▪️जिनभद्र सूरी भंडार - जैसलमेर
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राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त
"उसी उदार की सदा, सजीव कीर्ति कूजती;
तथा उसी उदार को, समस्त सृष्टि पूजती।
अखण्ड आत्मभाव जो, असीम विश्व में भरे¸
वही मनुष्य है कि जो, मनुष्य के लिये मरे।"
• राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 3 अगस्त, 1886 को चिरगाँव, झाँसी, उत्तर प्रदेश में एक संभ्रान्त वैश्य कुल के कनकने परिवार में हुआ था।
• मैथिलीशरण गुप्त आधुनिक हिंदी काव्य के निर्माता थे।
• उनकी प्रमुख रचनाओं में रंग में भंग, जयद्रथ वध, पद्य प्रबंध, भारत-भारती, शकुन्तला, किसान, पत्रावली, वैतालिक, पंचवटी, स्वदेश संगीत, हिंदु, त्रिपथगा, शक्ति (मौलिक काव्य रचनाएं), तिलोतमा, चन्द्रहास, अनध, गृहस्थ गीता (गीतिनाट्य), मुंशी अजमेरी (संस्मरण), शब्द चित्र (श्रद्धांजलि संस्मरण), स्वप्नवासवदत्ता, विरहिणी बृजांगना, प्लासी का युद्ध, गीतामृत, वीरांगना (अनुदित कृतियां), गणेशाजी, आचार्यदेव, अनुज, श्रद्धांजलि, हमारा वृन्दावन (संस्मरण एवं आत्मकथा), हिंदी कविता किस ढंग की हो, बृजनन्द सहाय के उपन्यास (निबंध एवं समालोचना) आदि शामिल हैं।
• 12 दिसम्बर, 1964 को हृदयगति रूक जाने के कारण 78 वर्ष की आयु में चिरगाँव में ही उनका देहावसान हो गया।
"उसी उदार की सदा, सजीव कीर्ति कूजती;
तथा उसी उदार को, समस्त सृष्टि पूजती।
अखण्ड आत्मभाव जो, असीम विश्व में भरे¸
वही मनुष्य है कि जो, मनुष्य के लिये मरे।"
• राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 3 अगस्त, 1886 को चिरगाँव, झाँसी, उत्तर प्रदेश में एक संभ्रान्त वैश्य कुल के कनकने परिवार में हुआ था।
• मैथिलीशरण गुप्त आधुनिक हिंदी काव्य के निर्माता थे।
• उनकी प्रमुख रचनाओं में रंग में भंग, जयद्रथ वध, पद्य प्रबंध, भारत-भारती, शकुन्तला, किसान, पत्रावली, वैतालिक, पंचवटी, स्वदेश संगीत, हिंदु, त्रिपथगा, शक्ति (मौलिक काव्य रचनाएं), तिलोतमा, चन्द्रहास, अनध, गृहस्थ गीता (गीतिनाट्य), मुंशी अजमेरी (संस्मरण), शब्द चित्र (श्रद्धांजलि संस्मरण), स्वप्नवासवदत्ता, विरहिणी बृजांगना, प्लासी का युद्ध, गीतामृत, वीरांगना (अनुदित कृतियां), गणेशाजी, आचार्यदेव, अनुज, श्रद्धांजलि, हमारा वृन्दावन (संस्मरण एवं आत्मकथा), हिंदी कविता किस ढंग की हो, बृजनन्द सहाय के उपन्यास (निबंध एवं समालोचना) आदि शामिल हैं।
• 12 दिसम्बर, 1964 को हृदयगति रूक जाने के कारण 78 वर्ष की आयु में चिरगाँव में ही उनका देहावसान हो गया।
RPSC ने पिछले 1 साल में काम किया है, वह किसी भी मायने में UPSC से कम नहीं है
• कोचिंग सेंटर को अपने स्टैंडर्ड बढ़ाने पड़ेंगे।
• सेल्फ स्टडी का कॉन्सेप्ट कोचिंग वालों ने तोड़ दिया है।
• कुछ भी पूछा जा सकता है 😁
कर्नल केसरी सिंह
RPSC सदस्य
• कोचिंग सेंटर को अपने स्टैंडर्ड बढ़ाने पड़ेंगे।
• सेल्फ स्टडी का कॉन्सेप्ट कोचिंग वालों ने तोड़ दिया है।
• कुछ भी पूछा जा सकता है 😁
कर्नल केसरी सिंह
RPSC सदस्य
♣️ राजस्थानी चित्रकला का स्वर्ण काल
[Special Patwar ,VDO,Second grade, Reet,First grade Exam]
▪️बीकानेर चित्रशैली - अनूप सिंह का काल
▪️मेवाड़ चित्रशैली - जगतसिंह प्रथम
▪️किशनगढ़ चित्रशैली - सावंत सिंह
▪️मारवाड़ चित्रशैली - जसवंत सिंह
▪️चावड चित्रशैली - अमरसिंह प्रथम
▪️अलवर चित्रशैली - विनय सिंह
▪️कोटा बूंदी चित्रशैली - उम्मेदसिंह प्रथम
▪️जैसलमेर चित्रशैली - मूलराज द्वितीय
▪️आमेर चित्रशैली - मिर्जा राजा जयसिंह
▪️जयपुर चित्रशैली - सवाई प्रताप सिंह
[Special Patwar ,VDO,Second grade, Reet,First grade Exam]
▪️बीकानेर चित्रशैली - अनूप सिंह का काल
▪️मेवाड़ चित्रशैली - जगतसिंह प्रथम
▪️किशनगढ़ चित्रशैली - सावंत सिंह
▪️मारवाड़ चित्रशैली - जसवंत सिंह
▪️चावड चित्रशैली - अमरसिंह प्रथम
▪️अलवर चित्रशैली - विनय सिंह
▪️कोटा बूंदी चित्रशैली - उम्मेदसिंह प्रथम
▪️जैसलमेर चित्रशैली - मूलराज द्वितीय
▪️आमेर चित्रशैली - मिर्जा राजा जयसिंह
▪️जयपुर चित्रशैली - सवाई प्रताप सिंह
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प्रमुख कृषि बोर्ड👇👇👇
• कॉफी बोर्ड - बंगलुरू (कर्नाटक)
• रबर बोर्ड - कोट्टायम (केरल)
• चाय बोर्ड - कोलकाता (प. बंगाल)
• तम्बाकू बोर्ड - गुंटूर (आन्ध्र प्रदेश)
• मसाला बोर्ड - कोच्चि (केरल)
• राष्ट्रीय मांस व पोल्ट्री बोर्ड - दिल्ली
• भारतीय अंगूर प्रसंस्करण बोर्ड - पुणे (महाराष्ट्र)
• राष्ट्रीय मांस एवं कुक्कुट प्रसंस्करण - दिल्ली
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• तम्बाकू बोर्ड - गुंटूर (आन्ध्र प्रदेश)
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🚨 बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम
👉शुभारंभ :13 दिसंबर 2025
👉स्थान:बारां जिले से
👉 पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी द्वारा।
👉 बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत’ कार्यक्रम एवं 100 दिवसीय जन जागरूकता अभियान के तहत बाल विवाह मुक्त भारत एवं ग्राम पंचायत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखा रवाना किया गया।
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👉शुभारंभ :13 दिसंबर 2025
👉स्थान:बारां जिले से
👉 पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी द्वारा।
👉 बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत’ कार्यक्रम एवं 100 दिवसीय जन जागरूकता अभियान के तहत बाल विवाह मुक्त भारत एवं ग्राम पंचायत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखा रवाना किया गया।
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*📜 15 दिसम्बर 📜*
*🌹 सरदार वल्लभ भाई पटेल // पुण्यतिथि 🌹*
जन्म : 31 अक्टूबर 1875
मृत्यु : 15 दिसंबर 1950
पटेल को लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। आजादी के बाद जब वह देश के गृहमंत्री बने तो उस वक्त उन्होंने सभी छोटी और बड़ी रियासतों का भारत में विलय कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इतिहास में उन्हें इस उपलब्धि के लिए विशेष तौर पर याद किया जाता है। हालांकि सरदार पटेल निजी जीवन में भी काफी मजबूत शख्सियत थे। आज आपको उनकी जिंदगी के जुड़ा ऐसा ही किस्सा हम आपको बताने जा रहे हैं।
सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर को 1875 में हुआ था। पटेल गुजरात के खेड़ा जिले में पैदा हुए थे। खेड़ा में जब पटेल पैदा हुए तो शायद ही किसी को पता था कि एक दिन वह आजाद भारत को एकजुट करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सरदार पटेल ने 22 साल की उम्र में 10वीं की परीक्षा पास की। आर्थिक तंगी ऐसी थी कि स्कूली शिक्षा के बाद पढ़ न सके और किताबें लेकर घर पर ही जिलाधिकारी की परीक्षा की तैयारी में लग गए। मेहनत और लगन का परिणाम हमेशा मीठा होता है और पटेल के साथ भी ऐसा ही हुआ।
*🌹 सरदार वल्लभ भाई पटेल // पुण्यतिथि 🌹*
जन्म : 31 अक्टूबर 1875
मृत्यु : 15 दिसंबर 1950
पटेल को लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। आजादी के बाद जब वह देश के गृहमंत्री बने तो उस वक्त उन्होंने सभी छोटी और बड़ी रियासतों का भारत में विलय कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इतिहास में उन्हें इस उपलब्धि के लिए विशेष तौर पर याद किया जाता है। हालांकि सरदार पटेल निजी जीवन में भी काफी मजबूत शख्सियत थे। आज आपको उनकी जिंदगी के जुड़ा ऐसा ही किस्सा हम आपको बताने जा रहे हैं।
सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर को 1875 में हुआ था। पटेल गुजरात के खेड़ा जिले में पैदा हुए थे। खेड़ा में जब पटेल पैदा हुए तो शायद ही किसी को पता था कि एक दिन वह आजाद भारत को एकजुट करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सरदार पटेल ने 22 साल की उम्र में 10वीं की परीक्षा पास की। आर्थिक तंगी ऐसी थी कि स्कूली शिक्षा के बाद पढ़ न सके और किताबें लेकर घर पर ही जिलाधिकारी की परीक्षा की तैयारी में लग गए। मेहनत और लगन का परिणाम हमेशा मीठा होता है और पटेल के साथ भी ऐसा ही हुआ।
📝 बाबा साहेब अम्बेडकर पंचतीर्थ भ्रमण योजना
•शुभारंभ - 14 अप्रैल, 2025
•लाभ - अनुसूचित जाति (SC) के व्यक्तियों को जीवन में एक बार पंचतीर्थ भ्रमण यात्रा करवाई जाएगी।
•विभाग- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
✔️ प्रथम चरण में एक हजार लोगों को यात्रा
💫इस योजना में बाबा साहेब के जीवन से जुड़े पाँच ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। जो इस प्रकार है-
( 1) जन्म भूमि - महू (MP)
(2) दीक्षा भूमि - नागपुर
(3) महानिर्वाण भूमि - दिल्ली-हलीपुर
(4) चैत्य भूमि - मुंबई- इंदुमिल
(5) लंदन का घर
✔️इस यात्रा का आवास एवं भोजन सहित सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
•शर्त - व्यक्ति आयकर दाता नहीं होना चाहिए
•शुभारंभ - 14 अप्रैल, 2025
•लाभ - अनुसूचित जाति (SC) के व्यक्तियों को जीवन में एक बार पंचतीर्थ भ्रमण यात्रा करवाई जाएगी।
•विभाग- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
✔️ प्रथम चरण में एक हजार लोगों को यात्रा
💫इस योजना में बाबा साहेब के जीवन से जुड़े पाँच ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। जो इस प्रकार है-
( 1) जन्म भूमि - महू (MP)
(2) दीक्षा भूमि - नागपुर
(3) महानिर्वाण भूमि - दिल्ली-हलीपुर
(4) चैत्य भूमि - मुंबई- इंदुमिल
(5) लंदन का घर
✔️इस यात्रा का आवास एवं भोजन सहित सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
•शर्त - व्यक्ति आयकर दाता नहीं होना चाहिए
https://youtu.be/pKWXG2uBU4w
👉🏻CTET कसे पास करे..?
👉🏻 क्या आप हर बार 2/4 नंबर से पास नही होता है
👉🏻110+/नंबर लाने कसे त्यारी करे
🙏🙏
Note इस चैनल को subscribe कर के हमे screenshot send करे ओर आपका level (prt tgt sst science math) बता दे हम आपको नोट्स send कर दे 🙏
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How to Crack CTET in 4 Month | CTET July 2024 Kese Pass Kre | CTET में 130+ अंक कैसे लाये #ctet2024
How to Crack CTET in 4 Month | CTET July 2024 Kese Pass Kre | CTET में 130+ अंक कैसे लाये
#ctetnotification2024 #ctetpaper2 #ctetcdp #ctetjuly2024 #ctetpreparation
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CTET फरवरी, 2026 में आज आवेदन की अंतिम तिथि है।
.
जिन साथियों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है वे कर देवें।
.
अंतिम तिथि के बढ़ने का इंतजार न करते हुए तुरंत आवेदन करें। बाकी अंतिम तिथि में बढ़ोतरी होती है तो अच्छी बात होगी।
.
CTET का एग्जाम 08 फरवरी, 2026 को आयोजित होने जा रहा है। तैयारी करते रहें समय बहुत कम है।
.
शिक्षक बनने की पहली सीढ़ी CTET ही मानिए। अब तो सबके लिए CTET अनिवार्य है सिवाय PGT के पदों के।
.
तो मौका है CTET क्वालिफाई करने का।
.
NCERT बुक्स, प्रीवियस पेपर्स अच्छे से पढ़ते रहें। सबसे कारगर यही सिद्ध होंगे CTET के पेपर में। जितना अधिक अभ्यास करेंगे उतना ही फायदा होगा।
.
सभी साथी 90 अंक लाने का प्रयास करें।
(नोट- जो पहले से ही क्वालिफाइड ये पोस्ट उनके लिए नहीं है।)
.
शुभकामनाओं सहित। 🙏💐
Free pdf join
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जिन साथियों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है वे कर देवें।
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अंतिम तिथि के बढ़ने का इंतजार न करते हुए तुरंत आवेदन करें। बाकी अंतिम तिथि में बढ़ोतरी होती है तो अच्छी बात होगी।
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CTET का एग्जाम 08 फरवरी, 2026 को आयोजित होने जा रहा है। तैयारी करते रहें समय बहुत कम है।
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NCERT बुक्स, प्रीवियस पेपर्स अच्छे से पढ़ते रहें। सबसे कारगर यही सिद्ध होंगे CTET के पेपर में। जितना अधिक अभ्यास करेंगे उतना ही फायदा होगा।
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❤2
🌕पहला गाँव जहाँ सौर ऊर्जा का प्रयोग – नोख (फलौदी, जोधपुर)
🌘 प्रथम सौर ऊर्जा चालित फ्रिज – बालेसर (जोधपुर)
🌒प्रथम सौर ऊर्जा विद्युतीकृत गाँव – नयागाँव (जयपुर)
🌓 राजस्थान का पहला सौर ऊर्जा संयंत्र – मथानिया (जोधपुर)
🌓प्रथम 100 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र – गौरीर गाँव (झुंझुनूं)
🌑 राजस्थान का प्रथम सौर बिजलीघर – खींवसर (नागौर)
𝐉𝐎𝐈𝐍 𝐎𝐔𝐑 𝐓𝐄𝐋 𝐂𝐇𝐄𝐍𝐍𝐀𝐋:➨
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🌘 प्रथम सौर ऊर्जा चालित फ्रिज – बालेसर (जोधपुर)
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⭕ मनरेगा का नया रूप : नया ग्रामीण रोजगार बिल 2025
▪️ केंद्र सरकार 20 साल बाद मनरेगा को नए नाम और कलेवर में लागू करने जा रही है।
नया नाम - विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल 2025
(VB-G RAM G) (जी राम जी)
यह बिल शीतकालीन सत्र 2025 में लोकसभा में पेश किया जाएगा।
नए कानून का उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है।
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▪️ केंद्र सरकार 20 साल बाद मनरेगा को नए नाम और कलेवर में लागू करने जा रही है।
नया नाम - विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल 2025
(VB-G RAM G) (जी राम जी)
यह बिल शीतकालीन सत्र 2025 में लोकसभा में पेश किया जाएगा।
नए कानून का उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है।
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