📚वनस्पति एवं वन्यजीवों के संरक्षण संबंधी एक्ट एवं परियोजनाएं :-
➡️ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972
➡️ बाघ संरक्षण परियोजना 1973
➡️ मगरमच्छ संरक्षण परियोजना 1975
➡️ वन संरक्षण अधिनियम 1980
➡️ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986
➡️ हाथी संरक्षण परियोजना 1992
➡️ जैव विविधता संरक्षण एक्ट 2002
➡️ डॉल्फिन संरक्षण अधिनियम 2009
➡️ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972
➡️ बाघ संरक्षण परियोजना 1973
➡️ मगरमच्छ संरक्षण परियोजना 1975
➡️ वन संरक्षण अधिनियम 1980
➡️ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986
➡️ हाथी संरक्षण परियोजना 1992
➡️ जैव विविधता संरक्षण एक्ट 2002
➡️ डॉल्फिन संरक्षण अधिनियम 2009
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✨ महत्वपूर्ण आवेदन फॉर्म भरने की अंतिम तिथियां नजदीक⤵️
■ उत्तरप्रदेश जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती 2021
👉 Last Date 14 दिसंबर
■ KVS & NVS भर्ती 2025
👉 Last Date 04 दिसंबर
■ RRB NTPC इंटर स्तर भर्ती 2025
👉 Last Date 04 दिसंबर
■ BSSC इंटर स्तर भर्ती 2023
👉 Last Date 15 दिसंबर
■ पश्चिम बंगाल Group C & D भर्ती 2025
👉 Last Date 03 दिसंबर
■ IB MTS भर्ती 2025
👉 Last Date 14 दिसंबर
■ केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026
👉 Last Date 18 दिसंबर
■ उत्तरप्रदेश होमगार्ड भर्ती 2025
👉 Last Date 17 दिसंबर
■ राजस्थान REET Mains 2025
👉 Last Date 06 दिसंबर
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2025 के राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों की घोषणा :-
विज्ञान रत्न पुरस्कार : यह पुरस्कार मरणोपरांत जाने-माने खगोल भौतिकीविद् प्रोफेसर जयंत विष्णु नार्लीकर को दिया गया है।
विज्ञान श्री पुरस्कार : आठ वैज्ञानिकों को इस श्रेणी में पुरस्कार मिलेगा, जिनमें शामिल हैं:
1.यूसुफ मोहम्मद शेख (परमाणु ऊर्जा)
2.के. थंगराज (जैविक विज्ञान)
3.प्रदीप थलप्पिल (रसायन विज्ञान)
4.अनिरुद्ध भालचंद्र पंडित (इंजीनियरिंग विज्ञान)
5.एस. वेंकट मोहन (पर्यावरण विज्ञान)
6.माहन एमजे (गणित और कंप्यूटर विज्ञान)
7.जयन एन (अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी)
8. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह( कृषि विज्ञान)
विज्ञान युवा पुरस्कार :- शांति स्वरूप भटनागर: 14 युवा वैज्ञानिकों को विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए चुना गया है।
विज्ञान टीम पुरस्कार :- सीएसआईआर का अरोमा मिशन (लैंकेड) को कृषि विज्ञान में योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा।
विज्ञान रत्न पुरस्कार : यह पुरस्कार मरणोपरांत जाने-माने खगोल भौतिकीविद् प्रोफेसर जयंत विष्णु नार्लीकर को दिया गया है।
विज्ञान श्री पुरस्कार : आठ वैज्ञानिकों को इस श्रेणी में पुरस्कार मिलेगा, जिनमें शामिल हैं:
1.यूसुफ मोहम्मद शेख (परमाणु ऊर्जा)
2.के. थंगराज (जैविक विज्ञान)
3.प्रदीप थलप्पिल (रसायन विज्ञान)
4.अनिरुद्ध भालचंद्र पंडित (इंजीनियरिंग विज्ञान)
5.एस. वेंकट मोहन (पर्यावरण विज्ञान)
6.माहन एमजे (गणित और कंप्यूटर विज्ञान)
7.जयन एन (अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी)
8. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह( कृषि विज्ञान)
विज्ञान युवा पुरस्कार :- शांति स्वरूप भटनागर: 14 युवा वैज्ञानिकों को विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए चुना गया है।
विज्ञान टीम पुरस्कार :- सीएसआईआर का अरोमा मिशन (लैंकेड) को कृषि विज्ञान में योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा।
राजस्थान तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2025 के लिए आवेदन भरने की स्थिति ✅
✴️ कुल पदों की संख्या :
🚸 तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती L-1 : 5636
🚸 तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती L-2 : 2123
🔴 कुल आवेदन संख्या : 9 लाख 67 हजार 467
🔸 L-1 में आवेदन संख्या : 02 लाख 52 हजार 199
🔹 L-2 में आवेदन संख्या : 07 लाख 15 हजार 268
🟥 L-1 व L-2 में विषयवार आवेदन संख्या :
🔺L-1 (सामान्य) : 2 लाख 41 हजार 577
🔻L-1 (संस्कृत) : 10 हजार 622
🔶 L-2 English : 53 हजार 215
🔷 L-2 Hindi : 1 लाख 73 हजार 757
🔶 L-2 Sanskrit : 28 हजार 618
🔷 L-2 Sci-Math : 02 लाख 26 हजार 74
♦️L-2 SST : 02 लाख 33 हजार 604
✴️ कुल पदों की संख्या :
🚸 तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती L-1 : 5636
🚸 तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती L-2 : 2123
🔴 कुल आवेदन संख्या : 9 लाख 67 हजार 467
🔸 L-1 में आवेदन संख्या : 02 लाख 52 हजार 199
🔹 L-2 में आवेदन संख्या : 07 लाख 15 हजार 268
🟥 L-1 व L-2 में विषयवार आवेदन संख्या :
🔺L-1 (सामान्य) : 2 लाख 41 हजार 577
🔻L-1 (संस्कृत) : 10 हजार 622
🔶 L-2 English : 53 हजार 215
🔷 L-2 Hindi : 1 लाख 73 हजार 757
🔶 L-2 Sanskrit : 28 हजार 618
🔷 L-2 Sci-Math : 02 लाख 26 हजार 74
♦️L-2 SST : 02 लाख 33 हजार 604
📚 राजस्थान की प्रमुख शैलियों और उनके चित्रकार:-
▪️उदयपुर शैली- नासिरुद्दीन, साहबदीन, मनोहर
▪️नाथद्वारा शैली- बाबा रामचन्द्र, नारायण, चतुर्भुज, रामलिंग चम्पालाल, घासीराम, तुलसीराम, कमला, ईलायची (महिला चित्रकार)
▪️देवगढ़ शैली- मनोहर, कृपाराम, जगन्नाथ, नुरुद्दीन, गंगाराम शाहीबद्दीन, चोखा कँवला 1, कँवला 2, हरचंद, चोखा, नंगा, बैजनाथ, बगता
▪️जोधपुर शैली- अमरदास भाटी, दाना भाटी, रामदास माटी शंकर दास भाटी, माधोदास भाटी, शिवदास
▪️बीकानेर शैली- अली रजा, हामिद रुकनुद्दीन, हसन, हेसामुद्दीन उस्ता, रामलाल,
▪️किशनगढ़ शैली- नानकराम, सीताराम, सूरध्वज, मूलराज, मोरध्वज- निहालचन्द, बदन सिंह, रामनाथ, सवाईराम, लालडीदास
▪️अजमेर - अल्लाबख्श, शाहीबा, उस्ना (महिला चित्रकार)
▪️आमेर - साहिबराम, लालचन्द, लालचितेरा, रामसेवक गोपाल, हुकमा चिमना, सालिगराम, लक्ष्मण
▪️अलवर - बलदेव, डालूराम, सालगा, सालिगराम, गुलाम अली, रामप्रसाद, रामगोपाल, जगमोहन, उदयराम & मूलचन्द, जमनादास, छोटेलाल, बक्साराम नन्दराम
▪️बून्दी - सुरजन, अहमदअली, रामलाल, श्री किसन, साधुराम
▪️कोटा - रघुनाथ, गोविन्दराम, डालू, लच्छीराम, नूर मोहम्मद
🔷 राजस्थान के प्रमुख शैल चित्र...
1.आलनिया, दर्रा (कोटा)
2. बैराठ (जयपुर)
3. दर (भरतपुर)
4.ओजियाना (भीलवाड़ा)
5.गरदड़ा (बूंदी)
▪️पोथीखाना - जयपुर
▪️पुस्तक प्रकाश/मानप्रकाश - जोधपुर
▪️चित्रशाला - बूंदी
▪️सरस्वती भंडार - उदयपुर
▪️जिनभद्र सूरी भंडार - जैसलमेर
▪️उदयपुर शैली- नासिरुद्दीन, साहबदीन, मनोहर
▪️नाथद्वारा शैली- बाबा रामचन्द्र, नारायण, चतुर्भुज, रामलिंग चम्पालाल, घासीराम, तुलसीराम, कमला, ईलायची (महिला चित्रकार)
▪️देवगढ़ शैली- मनोहर, कृपाराम, जगन्नाथ, नुरुद्दीन, गंगाराम शाहीबद्दीन, चोखा कँवला 1, कँवला 2, हरचंद, चोखा, नंगा, बैजनाथ, बगता
▪️जोधपुर शैली- अमरदास भाटी, दाना भाटी, रामदास माटी शंकर दास भाटी, माधोदास भाटी, शिवदास
▪️बीकानेर शैली- अली रजा, हामिद रुकनुद्दीन, हसन, हेसामुद्दीन उस्ता, रामलाल,
▪️किशनगढ़ शैली- नानकराम, सीताराम, सूरध्वज, मूलराज, मोरध्वज- निहालचन्द, बदन सिंह, रामनाथ, सवाईराम, लालडीदास
▪️अजमेर - अल्लाबख्श, शाहीबा, उस्ना (महिला चित्रकार)
▪️आमेर - साहिबराम, लालचन्द, लालचितेरा, रामसेवक गोपाल, हुकमा चिमना, सालिगराम, लक्ष्मण
▪️अलवर - बलदेव, डालूराम, सालगा, सालिगराम, गुलाम अली, रामप्रसाद, रामगोपाल, जगमोहन, उदयराम & मूलचन्द, जमनादास, छोटेलाल, बक्साराम नन्दराम
▪️बून्दी - सुरजन, अहमदअली, रामलाल, श्री किसन, साधुराम
▪️कोटा - रघुनाथ, गोविन्दराम, डालू, लच्छीराम, नूर मोहम्मद
🔷 राजस्थान के प्रमुख शैल चित्र...
1.आलनिया, दर्रा (कोटा)
2. बैराठ (जयपुर)
3. दर (भरतपुर)
4.ओजियाना (भीलवाड़ा)
5.गरदड़ा (बूंदी)
▪️पोथीखाना - जयपुर
▪️पुस्तक प्रकाश/मानप्रकाश - जोधपुर
▪️चित्रशाला - बूंदी
▪️सरस्वती भंडार - उदयपुर
▪️जिनभद्र सूरी भंडार - जैसलमेर
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राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त
"उसी उदार की सदा, सजीव कीर्ति कूजती;
तथा उसी उदार को, समस्त सृष्टि पूजती।
अखण्ड आत्मभाव जो, असीम विश्व में भरे¸
वही मनुष्य है कि जो, मनुष्य के लिये मरे।"
• राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 3 अगस्त, 1886 को चिरगाँव, झाँसी, उत्तर प्रदेश में एक संभ्रान्त वैश्य कुल के कनकने परिवार में हुआ था।
• मैथिलीशरण गुप्त आधुनिक हिंदी काव्य के निर्माता थे।
• उनकी प्रमुख रचनाओं में रंग में भंग, जयद्रथ वध, पद्य प्रबंध, भारत-भारती, शकुन्तला, किसान, पत्रावली, वैतालिक, पंचवटी, स्वदेश संगीत, हिंदु, त्रिपथगा, शक्ति (मौलिक काव्य रचनाएं), तिलोतमा, चन्द्रहास, अनध, गृहस्थ गीता (गीतिनाट्य), मुंशी अजमेरी (संस्मरण), शब्द चित्र (श्रद्धांजलि संस्मरण), स्वप्नवासवदत्ता, विरहिणी बृजांगना, प्लासी का युद्ध, गीतामृत, वीरांगना (अनुदित कृतियां), गणेशाजी, आचार्यदेव, अनुज, श्रद्धांजलि, हमारा वृन्दावन (संस्मरण एवं आत्मकथा), हिंदी कविता किस ढंग की हो, बृजनन्द सहाय के उपन्यास (निबंध एवं समालोचना) आदि शामिल हैं।
• 12 दिसम्बर, 1964 को हृदयगति रूक जाने के कारण 78 वर्ष की आयु में चिरगाँव में ही उनका देहावसान हो गया।
"उसी उदार की सदा, सजीव कीर्ति कूजती;
तथा उसी उदार को, समस्त सृष्टि पूजती।
अखण्ड आत्मभाव जो, असीम विश्व में भरे¸
वही मनुष्य है कि जो, मनुष्य के लिये मरे।"
• राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 3 अगस्त, 1886 को चिरगाँव, झाँसी, उत्तर प्रदेश में एक संभ्रान्त वैश्य कुल के कनकने परिवार में हुआ था।
• मैथिलीशरण गुप्त आधुनिक हिंदी काव्य के निर्माता थे।
• उनकी प्रमुख रचनाओं में रंग में भंग, जयद्रथ वध, पद्य प्रबंध, भारत-भारती, शकुन्तला, किसान, पत्रावली, वैतालिक, पंचवटी, स्वदेश संगीत, हिंदु, त्रिपथगा, शक्ति (मौलिक काव्य रचनाएं), तिलोतमा, चन्द्रहास, अनध, गृहस्थ गीता (गीतिनाट्य), मुंशी अजमेरी (संस्मरण), शब्द चित्र (श्रद्धांजलि संस्मरण), स्वप्नवासवदत्ता, विरहिणी बृजांगना, प्लासी का युद्ध, गीतामृत, वीरांगना (अनुदित कृतियां), गणेशाजी, आचार्यदेव, अनुज, श्रद्धांजलि, हमारा वृन्दावन (संस्मरण एवं आत्मकथा), हिंदी कविता किस ढंग की हो, बृजनन्द सहाय के उपन्यास (निबंध एवं समालोचना) आदि शामिल हैं।
• 12 दिसम्बर, 1964 को हृदयगति रूक जाने के कारण 78 वर्ष की आयु में चिरगाँव में ही उनका देहावसान हो गया।
RPSC ने पिछले 1 साल में काम किया है, वह किसी भी मायने में UPSC से कम नहीं है
• कोचिंग सेंटर को अपने स्टैंडर्ड बढ़ाने पड़ेंगे।
• सेल्फ स्टडी का कॉन्सेप्ट कोचिंग वालों ने तोड़ दिया है।
• कुछ भी पूछा जा सकता है 😁
कर्नल केसरी सिंह
RPSC सदस्य
• कोचिंग सेंटर को अपने स्टैंडर्ड बढ़ाने पड़ेंगे।
• सेल्फ स्टडी का कॉन्सेप्ट कोचिंग वालों ने तोड़ दिया है।
• कुछ भी पूछा जा सकता है 😁
कर्नल केसरी सिंह
RPSC सदस्य
♣️ राजस्थानी चित्रकला का स्वर्ण काल
[Special Patwar ,VDO,Second grade, Reet,First grade Exam]
▪️बीकानेर चित्रशैली - अनूप सिंह का काल
▪️मेवाड़ चित्रशैली - जगतसिंह प्रथम
▪️किशनगढ़ चित्रशैली - सावंत सिंह
▪️मारवाड़ चित्रशैली - जसवंत सिंह
▪️चावड चित्रशैली - अमरसिंह प्रथम
▪️अलवर चित्रशैली - विनय सिंह
▪️कोटा बूंदी चित्रशैली - उम्मेदसिंह प्रथम
▪️जैसलमेर चित्रशैली - मूलराज द्वितीय
▪️आमेर चित्रशैली - मिर्जा राजा जयसिंह
▪️जयपुर चित्रशैली - सवाई प्रताप सिंह
[Special Patwar ,VDO,Second grade, Reet,First grade Exam]
▪️बीकानेर चित्रशैली - अनूप सिंह का काल
▪️मेवाड़ चित्रशैली - जगतसिंह प्रथम
▪️किशनगढ़ चित्रशैली - सावंत सिंह
▪️मारवाड़ चित्रशैली - जसवंत सिंह
▪️चावड चित्रशैली - अमरसिंह प्रथम
▪️अलवर चित्रशैली - विनय सिंह
▪️कोटा बूंदी चित्रशैली - उम्मेदसिंह प्रथम
▪️जैसलमेर चित्रशैली - मूलराज द्वितीय
▪️आमेर चित्रशैली - मिर्जा राजा जयसिंह
▪️जयपुर चित्रशैली - सवाई प्रताप सिंह
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प्रमुख कृषि बोर्ड👇👇👇
• कॉफी बोर्ड - बंगलुरू (कर्नाटक)
• रबर बोर्ड - कोट्टायम (केरल)
• चाय बोर्ड - कोलकाता (प. बंगाल)
• तम्बाकू बोर्ड - गुंटूर (आन्ध्र प्रदेश)
• मसाला बोर्ड - कोच्चि (केरल)
• राष्ट्रीय मांस व पोल्ट्री बोर्ड - दिल्ली
• भारतीय अंगूर प्रसंस्करण बोर्ड - पुणे (महाराष्ट्र)
• राष्ट्रीय मांस एवं कुक्कुट प्रसंस्करण - दिल्ली
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• कॉफी बोर्ड - बंगलुरू (कर्नाटक)
• रबर बोर्ड - कोट्टायम (केरल)
• चाय बोर्ड - कोलकाता (प. बंगाल)
• तम्बाकू बोर्ड - गुंटूर (आन्ध्र प्रदेश)
• मसाला बोर्ड - कोच्चि (केरल)
• राष्ट्रीय मांस व पोल्ट्री बोर्ड - दिल्ली
• भारतीय अंगूर प्रसंस्करण बोर्ड - पुणे (महाराष्ट्र)
• राष्ट्रीय मांस एवं कुक्कुट प्रसंस्करण - दिल्ली
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🚨 बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम
👉शुभारंभ :13 दिसंबर 2025
👉स्थान:बारां जिले से
👉 पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी द्वारा।
👉 बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत’ कार्यक्रम एवं 100 दिवसीय जन जागरूकता अभियान के तहत बाल विवाह मुक्त भारत एवं ग्राम पंचायत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखा रवाना किया गया।
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👉शुभारंभ :13 दिसंबर 2025
👉स्थान:बारां जिले से
👉 पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी द्वारा।
👉 बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत’ कार्यक्रम एवं 100 दिवसीय जन जागरूकता अभियान के तहत बाल विवाह मुक्त भारत एवं ग्राम पंचायत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखा रवाना किया गया।
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*📜 15 दिसम्बर 📜*
*🌹 सरदार वल्लभ भाई पटेल // पुण्यतिथि 🌹*
जन्म : 31 अक्टूबर 1875
मृत्यु : 15 दिसंबर 1950
पटेल को लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। आजादी के बाद जब वह देश के गृहमंत्री बने तो उस वक्त उन्होंने सभी छोटी और बड़ी रियासतों का भारत में विलय कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इतिहास में उन्हें इस उपलब्धि के लिए विशेष तौर पर याद किया जाता है। हालांकि सरदार पटेल निजी जीवन में भी काफी मजबूत शख्सियत थे। आज आपको उनकी जिंदगी के जुड़ा ऐसा ही किस्सा हम आपको बताने जा रहे हैं।
सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर को 1875 में हुआ था। पटेल गुजरात के खेड़ा जिले में पैदा हुए थे। खेड़ा में जब पटेल पैदा हुए तो शायद ही किसी को पता था कि एक दिन वह आजाद भारत को एकजुट करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सरदार पटेल ने 22 साल की उम्र में 10वीं की परीक्षा पास की। आर्थिक तंगी ऐसी थी कि स्कूली शिक्षा के बाद पढ़ न सके और किताबें लेकर घर पर ही जिलाधिकारी की परीक्षा की तैयारी में लग गए। मेहनत और लगन का परिणाम हमेशा मीठा होता है और पटेल के साथ भी ऐसा ही हुआ।
*🌹 सरदार वल्लभ भाई पटेल // पुण्यतिथि 🌹*
जन्म : 31 अक्टूबर 1875
मृत्यु : 15 दिसंबर 1950
पटेल को लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। आजादी के बाद जब वह देश के गृहमंत्री बने तो उस वक्त उन्होंने सभी छोटी और बड़ी रियासतों का भारत में विलय कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इतिहास में उन्हें इस उपलब्धि के लिए विशेष तौर पर याद किया जाता है। हालांकि सरदार पटेल निजी जीवन में भी काफी मजबूत शख्सियत थे। आज आपको उनकी जिंदगी के जुड़ा ऐसा ही किस्सा हम आपको बताने जा रहे हैं।
सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर को 1875 में हुआ था। पटेल गुजरात के खेड़ा जिले में पैदा हुए थे। खेड़ा में जब पटेल पैदा हुए तो शायद ही किसी को पता था कि एक दिन वह आजाद भारत को एकजुट करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सरदार पटेल ने 22 साल की उम्र में 10वीं की परीक्षा पास की। आर्थिक तंगी ऐसी थी कि स्कूली शिक्षा के बाद पढ़ न सके और किताबें लेकर घर पर ही जिलाधिकारी की परीक्षा की तैयारी में लग गए। मेहनत और लगन का परिणाम हमेशा मीठा होता है और पटेल के साथ भी ऐसा ही हुआ।
📝 बाबा साहेब अम्बेडकर पंचतीर्थ भ्रमण योजना
•शुभारंभ - 14 अप्रैल, 2025
•लाभ - अनुसूचित जाति (SC) के व्यक्तियों को जीवन में एक बार पंचतीर्थ भ्रमण यात्रा करवाई जाएगी।
•विभाग- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
✔️ प्रथम चरण में एक हजार लोगों को यात्रा
💫इस योजना में बाबा साहेब के जीवन से जुड़े पाँच ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। जो इस प्रकार है-
( 1) जन्म भूमि - महू (MP)
(2) दीक्षा भूमि - नागपुर
(3) महानिर्वाण भूमि - दिल्ली-हलीपुर
(4) चैत्य भूमि - मुंबई- इंदुमिल
(5) लंदन का घर
✔️इस यात्रा का आवास एवं भोजन सहित सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
•शर्त - व्यक्ति आयकर दाता नहीं होना चाहिए
•शुभारंभ - 14 अप्रैल, 2025
•लाभ - अनुसूचित जाति (SC) के व्यक्तियों को जीवन में एक बार पंचतीर्थ भ्रमण यात्रा करवाई जाएगी।
•विभाग- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
✔️ प्रथम चरण में एक हजार लोगों को यात्रा
💫इस योजना में बाबा साहेब के जीवन से जुड़े पाँच ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। जो इस प्रकार है-
( 1) जन्म भूमि - महू (MP)
(2) दीक्षा भूमि - नागपुर
(3) महानिर्वाण भूमि - दिल्ली-हलीपुर
(4) चैत्य भूमि - मुंबई- इंदुमिल
(5) लंदन का घर
✔️इस यात्रा का आवास एवं भोजन सहित सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
•शर्त - व्यक्ति आयकर दाता नहीं होना चाहिए